थाना कोतवाली को सूचना प्राप्त हुआ था कि सिटी ग्राउण्ड क्षेत्र में अवैध रूप से कुछ व्यक्तियों द्वारा रूपये पैसों का दांव लगाकर हारजीत का जुआ खेल रहे है कि सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, दीपक झा व अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाष शर्मा के मार्गदर्षन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में उपनिरीक्षक गुनेश्वरी नेरटी, हमराह स्टाफ आरक्षक रवि सरदार, रवीन्द्र कुमार ठाकुर व भुपेन्द्र नेताम व दीपक कुमार के टीम को तैयार कर, दर्षित स्थल पर रेड कार्यवाही किया गया। जहाॅ मौके पर जुआरी जुआ खेलते हुये रंगेहाथ पकड़ा गया। जिनसे पुछताछ करने पर अपना नाम 1. नवीन राव पिता नागेश्वर राव नि0 सूर्या कालेज के पास राजेन्द्र जगदलपुर 2. विनय चैहान पिता विरेन्द्र चैहान निवाासी ललन किराना स्टोर्स के पास, राजेन्द्र नगर जगदलपुर से मौके पर जुआ खेलते पकड़े जाने पर कब्जे से नगदी रकम 1160/-रूपये, तास के 52 पत्ते व स्कुटी क्रमांक-CG17KG 5439 को जप्त किया गया तथा आरोपियो के विरूद्ध धारा 13 जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार कर कार्यवाही किया गया है।
आरोपी –
1. नवीन राव पिता नागेश्वर राव नि0 सूर्या कालेज के पास राजेन्द्र जगदलपुर
2. विनय चैहान पिता विरेन्द्र चैहान निवाासी ललन किराना स्टोर्स के पास राजेन्द्र नगर जगदलपुर।
बरामद – नगदी रकम नगदी 1160/-रूपये, तास के 52 पत्ते व एक स्कुटी वाहन।
अनुबंधित महामारी सलाहकार की प्रताडऩा से परेशान स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने स्थानीय विधायक से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा
जगदलपुर। कोरोना महामारी से शासन-प्रशासन के आदेश के मद्देनजर बस्तर जिला छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारीसंघ से संबंधित सभी कर्मचारी अन्य सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ मिलकर बस्तर जिले से कोरोना संक्रमण को समाप्त करने एकजुट होकर कार्यरत हैं। जिसके फलस्वरूप बस्तर जिले के शहरी क्षेत्र के अलावा सभी विकासखंडों में कोरोना संक्रमण की दर नगण्य हो चली है। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के अलावा धरमपुरा कोविड सेंटर से मिली जानकारी के अलावा विकासखंड स्तर के सभी कोविड सेंटरों में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार कमी आती जा रही है। जिला कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोरोना वैरियर्स कहकर उनकों सम्मानित भी किया जा रहा है। राजधानी से लेकर अन्य जगहों के जनप्रतिनिधि अथवा प्रशासनिक अधिकारी बस्तर जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों की एकजुट होकर कोरोना संक्रमण से लडऩे के भावना से काफी प्रभावित हुए हैं। लेकिन इस संक्रमण काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग के एक अनुबंधित कर्मचारी जिसे मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा किसी कारणवश महामारी विशेषज्ञ बनाया गया है। उसके द्वारा अपने निजी स्वार्थ की पुर्ति हेतु चुन-चुन कर इस संक्रमण काल में पूरी लगन से कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ झूठी शिकायत एवं गलत जानकारी देकर उन्हें कलेक्टर के माध्यम से निशाने पर लिया जा रहा है।
पिछले एक माह से जबसे संक्रमण काल में कमी आई है तभी से अपनी शेखी बघारने के उद्देश्य से इस तथाकथित महामारी विशेषज्ञ द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ मिलकर जिला प्रशासन को भ्रमित किया जा रहा है। इसी भ्रमित करने वाले जानकारी के कारण रूपेन्द्र सिंह स्वास्थ्य संयोजक को निलंबित कराने के साथ साथ वरिष्ठ नियमित कर्मचारी टीआर ठाकुर पर्यवेक्षक को काफी प्रताडि़त किया जा रहा है। इसके अलावा धरमपुरा कोविड सेंटर के फार्मासिस्ट के साथ गंदे तरीके से दुव्र्यवहार एवं उसको निलंबित कराने की खुलेआम धमकी महामारी विशेषज्ञ द्वारा दी जा रही है। अपने आप को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बड़े ओहदेदार महामारी विशेषज्ञ सलाहकार बतलाने वाला यह अनुबंधित कर्मचारी छोटे-छोटे कर्मचारियों से अपने आपको डॉ. साहब कहलाना पसंद करता है। महामारी सलाहकार के रूप में पदस्थापना के साथ ही दी गई वाहन का उपयोग वह केवल जिले भर के सभी कर्मचारियों को प्रताडि़त कर उनसे अपने निजी कार्य करवाने में करता है। इन सारे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का एक दल स्थानीय विधायक रेखचंद जैन से मिलकर अनुबंधित कर्मचारी महामारी सलाहकार द्वारा लगातार स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रताडि़त करने के मामले की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार विधायक द्वारा इस मामले की पूरी जांच करा दोषी अधिकारी अथवा कर्मचारी उसपर कार्यवाही करने की बात कही। यहां विदित हो कि पूरे प्रदेश में जहां कोरोना काल के दौरान सभी चिकित्सक अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर एक भावना के साथ लोगों की सेवा करते हुए दिखे कहीं भी किसी प्रकार की विवाद अथवा मरीजों के साथ दुव्र्यवहार करने की घटना सामने नहीं आई लेकिन शांत बस्तर जिले में अचानक ऐसा क्या हो गया कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के साथ मरीजों द्वारा की गई हाथापाई या डॉक्टर द्वारा उनके साथ दुव्र्यवहार करने की घटना सामने आई वहीं जगह-जगह के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में कर्मचारी अपने अधिकारियों के साथ पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर काम करने लगे हो ऐसी घटनाएं सामने आने लगी है।
मेडिकल कॉलेज की घटना के साथ-साथ कोविड सेंटर धरमपुरा में कुछ लोगों द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ झूमाझटकी की घटनाओं के पीछे लगभग सभी लोगों का कहना है कि जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अविवेकपूर्ण निर्णय के कारण विवादस्पद रूप से अनुबंधित किए गए दीपक पाणीग्राही ऐसे लोगों के कारण ही बस्तर जिले के संवेदनशील स्वास्थ्य विभाग में इस प्रकार की घटनाएं अब आम हो चली है कि कर्मचारी ही आपस में किसी व्यक्ति विशेष के उकसाव में अधिकारियों के साथ उलझना प्रारंभ कर दिए हैं। जिसका खामियाजा मरीज एवं आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। इन्हीं सब मामलों को लेकर शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के जिला संयोजक अजय ्रप्रताप ङ्क्षसह परिहार के साथ सतपाल शर्मा, रमाकांत द्विवेदी, मुशीर खान, शकील खान, सतेन्द्र मंडल, विपुल कुमार जग्गी इत्यादि साथियों ने उनसे भेंट कर कर्मचारियों की भावना से अवगत करा कर तत्काल ऐसे अनुबंधित कर्मचारी पर कार्यवाही की मांग की है।
जगदलपुर। बोधघाट थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास राहगीरों को चाकू दिखाकर डराने धमकाने वाले एक गुंडे को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक बस स्टैंड पास स्थित गुरुद्वारे के सामने चाकू लेकर वहां से गुजरने वाले राहगीरों को डरा धमका रहा है। जिसके इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी राहुल मंडावी निवासी बहादुरगुड़ा को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक बटनदार चाकू बरामद किया है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।वहीं सीएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कोतवाली और बोधघाट थाने में पहले से चोरी, शराब तस्करी और आर्म्स एक्ट के जैसे मामले दर्ज है।
जगदलपुर। बोधघाट पुलिस को रविवार को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने शहर के विभिन्न जगहों से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले एक शातिर चोर को पकड़ा है। शातिर चोर के कब्जे से पुलिस ने चोरी के तीन मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा भी बरामद किया है। सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि पुलिस को लगातार शहर से मोटरसाइकिल चोरी की शिकायतें मिल रही थी। मामले को गम्भीरता से लेते हुए बस्तर एसपी दीपक झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा के दिशा निर्देश पर बोधघाट टीआई धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जिसके बाद टीम इस मामले की तफ्तीश में जुट गई। इसी दौरान टीम ने एक संदेही युवक को घेराबंदी करते पकड़ लिया। पकड़ने के बाद पुलिस ने संदेही से कड़ी पूछताछ शुरू की। जिसमें आरोपी ईश्वर कश्यप निवासी बलौदाबाजार ने तीन मोटरसाइकिल और एक्टिवा नयापारा, कोर्ट तिराहा, नयामुण्डा और बस्तर से चोरी करना कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे तीन मोटरसाइकिल सीजी 17 केपी 4618, होंडा एक्टिवा सीजी 17 केएफ 9557, एक हीरो पैशन सीजी 17 केएस 8519 और एक बिना नम्बर की मोटरसाइकिल को बरामद किया है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। सीएसपी ने बताया कि आरोपी वर्ष 2021 में भी धरमपुरा इलाके में लोहे के रॉड, छड़ आदि सामान चुराने के मामले में जेल जा चुका है। अभी हालही में 18 मई को वह अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा होकर बाहर निकला था। इस मामले में टीआई धनंजय सिन्हा, उपनिरीक्षक प्रमोद ठाकुर, प्रधान आरक्षक उमेश चंदेल, आरक्षक चंदन गोयल और भीमसेन मंडावी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रायपुर. सिलेगर हत्याकांड में आंदोलनकारियों और कांग्रेस जांच दल के बीच बातचीत के बाद कुछ मुद्दों पर सहमति बन सकती है। जांच दल अपनी रिपोर्ट एक-दो दिन में सरकार को सौंपेगा। उसके बाद सरकार तय करेगी कि आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने करीब दर्जनभर मांगें रखी हैं। इसमें सबसे अहम मांग आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 15 लोगों की जान की सलामती को लेकर है। ग्रामीणों को आशंका है कि आंदोलन खत्म होने के बाद उनका एनकाउंटर कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से उनकी सुरक्षा का लिखित आश्वासन देने की मांग की है। उसके बाद ही आंदोलन को लेकर कोई फैसला किया जाएगा। सुकमा-बीजापुर जिले के सीमावर्ती गांव सिलगेर में 17 मई को गांव में सुरक्षा बलों के लिए बने शिविर का सिलगेर और अन्य गांव के ग्रामीण विरोध कर रहे थे। विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और शिविर पर पथराव शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश था। घटना के विरोध में करीब 25 गांवों के ढाई से तीन हजार लोगों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इस घटना में शामिल पुलिस के अफसरों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। आंदोलन में भोपालपट्टनम से लेकर ओरक्षा तक के ग्रामीणों के शामिल होने को लेकर सरकार ने गंभीरता से लिया और बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में विधायकों का जांच दल गठित किया। जांच दल ने गुरुवार को आंदोलनकारियों से चर्चा की है और संभवत: सोमवार तक सरकार को रिपोर्ट सौंप देगा।
ग्रामीणों की मांग कि लखमा आएं ग्राम सिलगेर सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के विधायक और सरकार में मंत्री कवासी लखमा यहां घटना के बाद अब तक नहीं पहुंचे। यहां हर घर से ग्रामीण रूटीन में आंदोलन के लिए पहुंच रहे हैं। रोज ढाई से तीन हजार लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि लखमा आंदोलन स्थल पर पहुंचें।
ग्रामीणों ने कहा सरकार लिखित में दे
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने कांग्रेस सांसद के नेतृत्च में पहुंचे दल से कहा कि यहां से सीआरपीएफ का कैंप हटाया जाए। ग्रामीण गोलीबारी में शामिल पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई चाहते थे। वहीं उन्होंने गांव में जिन ग्रामीणों की हत्या हुई, उनका स्मारक बना लिया है उसे न तोड़ने की मांग रखी। ग्रामीणाें ने यह कहा कि जब भी इस क्षेत्र में पुलिस का कैंप लगाया जाए, उसे हमारी ग्रामसभा की समिति से अनुमति लेनी होगी। समिति ही तय करेगी कि कहां कैंप लगेगा। ग्रामीणों ने पूरी घटना की जांच कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने और दाेरनापाल-कोंटा सड़क का निर्माण बंद करने की मांग रखी।
एनकांउटर कर देंगे हम क्या करेंगे जांच दल के एक सदस्य ने कहा कि ग्रामीणों की चिंता है कि आंदोलन समाप्त होने के बाद फोर्स आंदोलनकारियों को फंसा देगी। खासतौर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 15 लोगों की सुरक्षा की मांग रखी है। उनको चिंता है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 15 लड़कों का एनकाउंटर कर दिया जाएगा। या किसी मामले में फंसाकर उनको जेल भेज दिया जाएगा। गांव प्रतिनिधिमंडल से ग्रामीणों ने कहा कि सरकार सभी मांगों को पूरा करने लिखित में दें, तभी आंदोलन समाप्त होगा। हम दो दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे बस्तर सांसद दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीणों से चर्चा कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट मुख्यमंत्री को एक-दो दिनों में रायपुर जाकर सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने जो मांग रखी है, उस पर सरकार को सुझाव दिए जाएंगे। कैंप हटाए जाने की प्रमुख मांग पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकार से तय होता है, इस पर सरकार काे निर्णय लेना है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्कूल, अस्पताल और मूलभूत सुविधाओं की कमी है, इसे भी रिपोर्ट में शामिल कर सरकार को सुझाव दिए जाएंगे। ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर रहे नक्सली बीजापुर और सुकमा जिले के अंदरूनी गांव से ग्रामीणों को सिलगेर की ओर भेजकर नक्सली उनके जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण से बचने की जगह ग्रामीणों को गुमराह और भड़काया जा रहा है। सिलगेर कैंप को लेकर धरना प्रदर्शन को देखते हुए उस इलाके में पर्याप्त फोर्स की तैनाती है और ऑपरेशन भी लगातार जारी है। जान माल की रक्षा के लिए विषम परिस्थिति में भी जवान तैनात हैं। -सुंदरराज पी, आईजी बस्तर
सुकमा. नक्सलियों के कम्युनिकेशन चीफ गद्दाम मधुकर उर्फ़ सोबराय की कोरोना से मौत हो गई है. बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने नक्सली कमांडर सोबराय की कोरोना से hb मौत की पुष्टि की है. सोबराय को हैदराबाद में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. जहाँ इलाज के दौरान सोबराय की मौत हो गई. बता दें कि 4 दिन पहले ही सोबराय को तेलंगाना के वारंगल में अरेस्ट किया गया था. वारंगल जिले के मुलुगू क्रास रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने सोबराय को पकड़ा था. वह नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की कम्युनिकेशन टीम का मुखिया था. उसके ऊपर 8 लाख रुपए का इनाम था. पूछताछ में उसने खुद को पॉजिटिव बताया और इलाज के लिए आने की बात कही थी. इसके बाद पुलिस ने उसका RT-PCR टेस्ट कराया गया था. पूछताछ में सोबराय ने बताया था कई लीडर और नक्सली कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं, लेकिन उन्हें इलाज कराने के लिए बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है. यह भी बताया था कि छत्तीसगढ़ में सुकमा-बीजापुर के सिलगेर में कैंप खुलने के विरोध में जुटे सीमावर्ती गांवों के तममा ग्रामीण संक्रमण की चपेट में हैं.
डौंडी – डौंडी ब्लाक के ग्राम पचेड़ा में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है | प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक शेखर ठाकुर पिता मयाराम ठाकुर उम्र 21 वर्ष घर में लगे पंखे से कल दोपहर 12.30 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है | बताया जा रहा है कि युवक को एक युवती से प्यार हो गया था और जब युवती ने शादी से इंकार कर दिया तो युवक ने मौत को गले लगा लिया | युवक शराबी था इसलिए कोई लड़की उससे शादी के लिए राजी नहीं होती थी | फांसी लगाने से पहले युवक ने एक सुसाइड नोट लिखा है जिसमे उस लड़की का जिक्र किया था | मौके पर पुलिस पहुँच शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है |
जगदलपुर।आज छ.ग.भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पूर्व मंत्री केदार कश्यप भानपुरी मण्डल क्षेत्र के दौरे पर शक्ति केन्द्र रतेंगा, नारायणपाल, घोटिया, मुण्डागांव तथा बडेआमाबाल में पहुंच कर भाजपा कार्यकर्ताओं से भेंट कर पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से कहा कि कोरोना महामारी से अपने आप को सुरक्षित रखते हुए जरुरत मंदो की सेवा करनी है केदार कश्यप ने अपील करते हुए कहा कि हमारे प्रत्येक गांव में वैक्सिनेशन भी शत् प्रतिशत हो इसके लिए हमें लोगों में जागरूककरते हुए अभियान चलाना है साथ हमारा बूथ हमारा गांव कोरोना मुक्त हो यह प्रयास हम सभी को मिल कर करना है ।
इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष संतोष बघेल,जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान,विजय पांडे ,मण्डल महामंत्री प्रवीण सांखला,जनपद सदस्य खुलेश्वर कश्यप,भोला कश्यप,सिंगलू राम,भारती बघेल, घनश्याम पांडे, नकुल भारती,हीरा कश्यप, शेख सिराजुद्दीन, जगबंधु सेठिया,शब्बू खान,प्यारी लाल कुंजाम, रयतु सेठिया, लच्छीन बघेल, मुकेश दिवान,पूरन नेताम , रामप्रसाद मौर्य, महेंद्र पांडे,सम्पत राम, गंभीर,पवन बैध एवं भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जिला अध्य्क्ष किसान मोर्चा ने चौबे के बयान को भ्रामक बताया, यह भी पूछा- प्रदेश सरकार ने गत वर्ष पंजीकृत 27 लाख हेक्टेयर पंजीयन के विरुद्ध केवल 24.5 लाख हेक्टेयर भूमि का ही धान क्यों खरीदा?
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे बताएं वे अपने कितने एकड़ धनहा में वृक्ष लगाने वाले हैं
बालोद
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष तोमन साहू ने कहा है कि चालू खरीफ़ सीज़न में धान, मक्का, दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की बोआई को लेकर प्रदेश के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे द्वारा जारी आँकड़े न केवल भ्रामक हैं वरन् राज्य के किसानों को गुमराह करने वाले हैं। साहू ने कहा कि सरकार की इस कागजी योजना से धान की खेती करने वाले किसानों में एकबार फिर ऊहापोह की स्थिति बन गई है।
भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि कृषि मंत्री के बयान के अनुसार गत वर्ष राज्य में 36.95 लाख हेक्टेयर भूमि में धान बोया गया था। उन्हीं के पूर्व बयान के अनुसार 27.5 लाख हे. भूमि का पंजीयन गत वर्ष किया गया था और 24.5 हेक्टेयर रकबा का धान खरीद गया। 03 लाख हेक्टेयर अर्थात लगभग 7. 5 लाख एकड़ पंजीकृत धनहा भूमि का धान नहीं खरीदा गया। प्रश्न यह भी उठता है कि गत वर्ष किन 9 लाख हेक्टेयर भूमि का पंजीयन नहीं किया गया? और क्यों? श्री शर्मा ने कहा कि हम पहले से ही कहते आ रहे हैं कि किसानों के एक बड़े धान रकबे का पंजीयन नहीं करके किसानों के साथ छल किया गया है। अब भूपेश सरकार 08 लाख एकड़ धान खेती का रकबा घटाने की योजना आगामी सत्र में बना रही है। इसमें प्रश्न यह है कि वह कौन-सी 08 लाख हेक्टेयर भूमि है? क्या वह कपटपूर्वक पंजीकृत नहीं की गई धनहा भूमि है या जिसका पंजीयन किया गया, उसमें से 08 लाख हेक्टेयर (20 लाख एकड़) की कटौती करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है?
भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष साहू ने कृषि मंत्री चौबे के आगामी खरीफ लक्ष्य के आँकड़ों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आगामी सत्र में सरकार ने अरहर में 10,380 हे., उड़द में 30,600 हे., अन्य दलहन (संभवतः सोयाबीन) 12,340 हे., तिलहन में 61,820 हे., अन्य अनाज 71,250 हे., मक्का में 51,600 हे., कुल मिलाकर दलहन ,तिलहन अन्य अनाज के रकबा में 2,37,980 हेक्टेयर रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और धान का 08 लाख हेक्टेयर रकबा घटाने का लक्ष्य है। ऐसी स्थिति में धान के घटाए गए गए शेष रकबा 5.62 लाख हे. ( 13,88,140 एकड़) भूमि में क्या बोया जाएगा? क्या किसानों को इसे खाली छोड़ने बाध्य तो नहीं किया जाएगा? श्री साहू ने कृषि मंत्री से यह भी जानना चाहा है कि क्या शेष 5.32 लाख हेक्टेयर धनहा कृषि भूमि में सरकार की योजना वृक्ष लगवाने की तो नहीं? ऐसी परिस्थिति में स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वृक्ष बयान बहादुर मंत्री मोहम्मद अक़बर को बताना चाहिए कि वे स्वयं अपनी कितनी धनहा भूमि पर वृक्ष लगाने वाले हैं, जिनमें उन्होंने गत वर्ष धान बोया था? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री रविंद्र चौबे बताएं की वह अपने कितने एकड़ धनहा में बबूल बोने वाले हैं¶
देवरी – ग्राम सुरसली स्कूल नदी के पास एक व्यक्ति अंको के सामने रूपये पैसो का दांव लगवाकर सट्टा पट्टी लिख रहा हैं की मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर मौके पर पहुंचकर पुलिस द्वारा रेड कार्यवाही कर आरोपी – ईश्वर लाल देवांगन पिता स्व. सुखदेव राम उम्र 52 साल सा. सुरसुली थाना देवरी जिला – बालोद (छ.ग.), जब्ती – 1. एक नग सट्टा पट्टी पर्ची 2. एक नग डाट पेन 3. नगदी रकम 885/- रूपया एवं संतोष भुआर्य पिता स्व भागीरथी भुआर्य उम्र 37 वर्ष गहिरानावागांव थाना देवरी जप्त 1. एक नग सट्टा पट्टी पर्ची 2. एक नग डाट पेन 3. नगदी रकम 750/- रूपया जब्त कर सट्टा/जुआ एक्ट धारा 59/21 व 60/21 के तहत कार्यवाही की गई |