बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मांदलापाल में वनवासी समिति के तात्वाधन में नवाखानी जोहार भेंट कार्यक्रम रखा गया था। बस्तर राजपरिवार पूर्व से ही बस्तर के जनता के साथ नवाखानी के बाद ग्राम पुजारी, पटेल, मांझी, गांयता,कोटवार एवं सभी समाज के लोगों के साथ मिलकर जोहार भेंट करते रहे हैं। इस वर्ष वनवासी समिति के पहल पर परगन क्षेत्र में आकर जोहार भेंट का आयोजन हुआ, इस अवसर पर महाराजा कमलचंद भंजदेव के आगमन पर क्षेत्र की ग्राम वासियों का का उत्साह देखते ही बन रहा था। जगह जगह ग्रामीणों एवं समाज प्रमुखों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। महाराजा कमलचंद्र भंजदेव भी जनता के इस प्रेम स्नेह पर काफी खुश हुये और सभी को जोहार भेंट किया। इस अवसर पर महाराजा कमलचंद्र भंजदेव ने सभी समाज प्रमुखों, मांझी, पुजारी, पटेल, सरपंचों से बस्तर की संस्कृति पर चर्चा की और सबको मिलजुल रहने के लिए आग्रह किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी ग्राम प्रमुखों एवं समाज प्रमुखों से कहा कि आप गांव के सभी समस्या को गांव में मिलजुल कर सुलझाने का प्रयास करें।
महाराजा कमलचंद भंजदेव ने मांदलापाल सरपंच फकीर कश्यप सहित सभी ग्रामीणों,आयोजक समिति एवं क्षेत्र से आये सभी ग्रामीणों का स्वागत और प्रेम के लिए आभार व्यक्त किया।
जगदलपुर। प्रदेश के उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अपने पंजाब प्रवास के दौरान अमृतसर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने दरबार साहब में मत्था टेक छत्तीसगढ़ और बस्तरवासियों की खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरूओं का आशिर्वाद लिया। इस दौरान स्वर्ण मंदिर प्रबंध कमेटी के लोगों ने उद्योग मंत्री का परंपरागत तरीके से सम्मान करते स्वर्ण मंदिर के विषय में पूरी जानकारी दी।
जगदलपुर। प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने पंजाब प्रवास के दौरान अमृतसर के जलियांवाला बाग तथा वाघा बार्डर पहुंचकर दोनों स्थलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की और वहां की स्थिति से वाकिफ हुए। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित वाघा बार्डर में किस तरह भारतीय सेना ड्यूटी कर रही है और वहां होने वाले सेरेमनी के विषय में जानकारी प्राप्त की। जलियांवाला बाग में अंग्रेज जनरल डायर ने इकट्ठा हुए लोगों पर अंधाधुन गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी यह सुनकर दिवारों में मौजूद गोलियों के निशानों को भी मंत्री ने देखा। गुलाम भारत में किस तरह अंग्रेजों ने अत्याचार किया और निहत्थे लोगों का कत्लेआम किया यह सुनकर मंत्री ने उन देश भक्तों को नमन किया जिनके कारण आज हम आजाद भारत में चैन की सांस ले रहे हैं। इस दौरान उद्योग मंत्री के साथ छत्तीसगढ़ से गए विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
जगदलपुर। बस्तर के नारायणपुर जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक उदय किरण के नाम पर महासमुंद जिले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज किया जाएगा। इन पर महासमुंद जिले के तत्कालीन विधायक को कथित तौर पर मारने पीटने का आरोप है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार महासमुंद के तत्कालीन विधायक डॉ. विमल चोपड़ा पर हुए लाठीचार्ज के मामले में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी उदय किरण के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज होगी। दो अन्य के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज होगी। पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने इस बात की पुष्टि करते हुए पत्रकारों से चर्चा में कहा। डॉ. चोपड़ा के अनुसार 19 जून 2018 को हुए लाठीचार्ज मामले में वे हाईकोर्ट गए थे। अदालत ने आई.पी.एस. अफसर उदय किरण के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के विरुद्ध उदय किरण सु्प्रीम कोर्ट गए थे, जहां से उन्हें स्टे मिल गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने स्टे हटा दिया है। उदय किरण जब महासमुंद में पदस्थ थे, तब लाठीचार्ज हुआ था, जिसमें तत्कालीन विधायक डॉ. विमल चोपड़ा पर उदय किरण ने कथित तौर पर सबके सामने लाठियां बरसाई थीं तथा उनके समर्थकों को मारा गया था।
आज छत्तीसगढ़ के सभी पटवारियों को व्यवस्था के चलते और राष्ट्रीय विज्ञान (NIC) के त्रटिपूर्ण साप्टवेयर के चलते अपने अधिकारियों और अपने क्षेत्र के लोगों से बगैर कसूर के भी जलील होना पड़ रहा है। सभी काम आनलाईन भुंईया से होने की व्यवस्था लागू कर दिया गया पर आनलाईन व्यवस्था के पूर्व साप्टवेयर को ठिक ठाक करते चुस्त दुरुस्त रखने की तरफ आवश्यक ध्यान नहीं रखा गया।आनलाईन व्यवस्था को नियंत्रित निर्देशित करने वाले राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र तो व्यवस्था को प्रयोगशाला और काम करने वाले को जंबूरा बनाकर रख दिया है। आनलाईन व्यवस्था में ब्याप्त खामियों और बार बार परिवर्तन के चलते लॉगआउट हो जाता है तथा डिजीटल हस्ताक्षर भी ठिक से नहीं हो पाता।इसके सांथ बहुत बड़ी समस्या तो यह भी है की अधिकांश समय सर्वर बंद हो जाता है जब सर्वर ही बंद हो जाता है तो कोई काम भी नहीं हो पाता और काम ठप्प पड़ जाता है।
साफ्टवेयर त्रुटी के चलते फसल क्षेत्राच्छदन रिपोर्ट व ग्रामवार फसल रिपोर्ट अक्सर त्रुटिपूर्ण आता है, इसके अलावा नक्शा में एक कृषक धारित भूमी का एक साथ हाई लाइट होता था जिसे बंद कर दिया गया अब एक एक कर दिखता है।जिससे भी अनावश्यक परेशानी होने लगी है।
त्रुटीपूर्ण साफ्टवेयर के चलते नामांतरण अपडेशन ठिक ढंग से नहीं हो रहा तथा सॉफ्टवेयर में फस रहा है और फसल का रकबा भी बदल बदल जा रहा है।सिंचित असिचित फसल का एंट्री भी ठिकठाक न होकर एक साथ एक ही खसरे में हो रहा है स्वमेव एक खसरा में दो दो बार फसल एंट्री हो जा रहा है ।इसी तरह से पूर्व में बटांकन हो चुके खसरे का मूल नम्बर खुद ब खुद फिर आ जा रहा है। सिंचाई के साधन संशाधन की जानकारी पटवारी बड़ी मशक्कत से कम्प्यूटर पर चढ़ाते हैं जो अचानक गायब हो जा रहा है। राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र NIC के त्रुटीपूर्ण व्यवस्था के चलते फौती नामांतरण में हर खसरा बसरा बन जा रहा है। फसल क्षेत्राछादन रिपोर्ट से अधिकांश भूमि स्वामी का नाम स्वत: गायब हो जा रहा है। जिस प्रविष्ट में शून्य फसल दर्ज किया जाता है वंहा भी फसल और फसल युक्त में शून्य प्रविष्टि हो जा रहा है। सरकार गिरदावरी कराना चाह रही है और अधिकारी खुद अपने क्षेत्र के गिरदावरी के लिए बारम्बार पटवारियों पर दबाव बना रहे हैं और राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र के अजीबोगरीब साफ्टवेयर के हैरतअंगेज हरकत से सही जानकारी चढ़ाना और उसे बचाये रखना दुष्कर हो रहा है।पटवारी जनाब संशोधन पंजी में संशोधन करके कम्प्यूटर पर पिता दर्ज कर रहे हैं तो पिता खुद ब खुद पति हो जा रहा है।अभी हाल में 8सितंबर से 13 तक सुधार के नाम पर एन आई सी द्वारा लिंक बंद रखा गया था पर समयावधि समाप्त होने के बाद भी भुइयां सर्वर कोमा में ही चल रहा है और ठिक ठाक काम नहीं कर रहा है जिसके कारण पटवारी एंट्री का अवलोकन करके उसमें जरूरी सुधार भी नहीं करा पा रहे हैं।सबसे बड़ी समस्या तो यह है की भुइयां सॉफ्टवेयर सही ढंग से चलता ही नहीं है सर्वर ठिक ढंग से काम करता ही नहीं सिर्फ गोल गोल घूमते रहता है और बेचारे पटवारे दम तोड चुके शव के पास शव को हिलाते डूलाते विलाप करते बोलो कुछ बोलो -आंख खोलो का गुहार करते परिजन सिर पीटते हैं ठिक उसी भांति पटवारी भी कंम्प्यूटर के माउस की बोर्ड और की बोर्ड से हरकत करते झल्लाकर सिर ठोंकने को लाचार हो गये हैं।हालात और हालत के चलते पटवारियों के पारिवारिक जीवन एवं शारीरिक मानसिक स्थिति पर बहुत दुष्प्रभाव पड़ रहा है।जिसकी तरफ संवेदना पूर्वक सोचने बिचारने और ध्यान देने की जरूरत भी कोई नहीं समझता फलस्वरूप बस उलाहना अपमान और अपने अधिकारियों के डांट फटकार को मौन साधे झेलते रहना उसकी नियति बन चुका है।
बगैर साधन संशाधन के कार्य बोझ में दबकर कर्तव्य निर्वाह कर रहे हैं पटवारी
राजस्व विभाग का काम समय पर हो जाये और तुरंत आनलाईन संपूर्ण जानकारी भुंईया पर सुलभ हो जाये यह अपेक्षा तो की जा रही है पर अपेक्षा को पूरा कर पाने के लिए न कोई साधन सुलभ कराया जा रहा है और न कोई सुविधा।एक पटवारी को एक पंचायत की बजाय पांच पांच पंचायत क्षेत्र तक का काम सौंप दिया जा रहा है और बगैर कम्प्यूटर बगैर लैपटाप बगैर प्रींटर तथा बगैर कुर्सी टेबल आलमारी के उससे समय पर पूरा काम कर लेने की अपेक्षा की जा रही है । यह तो वही हुआ कि एक बैल से पांच बैल का काम कर लेने और वो भी बगैर हल गाड़ी समान के उससे खेती किसानी का काम कर देने की उम्मीद रख कोई किसान बस उसे त त त बैला कहते फटकारते उसपर बस कोडा बरसाते रहे लगभग वही हाल है प्रदेश के पटवारियों का।
हड़ताल भी रहा बेअसर
पटवारियों ने अपने हक और हित से जुड़े 9सूत्रीय मांगों को लेकर काम बंद करके कुछ दिन हड़ताल भी किया पर उसका कोई लाभ नहीं हुआ। जो देने आश्वासन मिला था वह भी नहीं मिला। वेतन भत्ता पदोन्नति जैसे मांग पर गंभीरता से चिंतन मनन परीक्षंण चलता रहे तो कोई बात नहीं पर एक पटवारी को अपना काम करने और महत्त्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए जो मूलभूत सामग्री कुर्सी टेबल आलमारी तथा कम्प्यूटर प्रींटर लैपटाप चाहिए कम से कम वह तो विभाग को मुहैय्या करा ही देना चाहिए । विडंबना है की जायज आवश्यक जरूरत को भी पूरा करने गंभीरता से गौर नहीं किया जा रहा है।
अनुमान पर कोंडागांव जिले में चल रहा है काम चलाऊ काम
पूरे छत्तीसगढ़ में कोंडागांव जिला ही ऐसा जिला है ज़हां आजादी के बाद बंदोबस्त नहीं हो पाया है। बताया जाता है की अंग्रेजों के जमाने में लगभग 1924-25में यंहा बंदोबस्त हुआ रहा होगा जिसके बाद कभी भी बंदोबस्त कराया ही नहीं गया।इतने लंबे समय बाद भी बंदोबस्त न हो पाने के चलते उस जमाने के राजस्व अभिलेख और जमीनी हकिकित में आमूल चूक परिवर्तन आ चुका है ।जंहा बड़े झाड़ छोटे झाड़ जंगल दर्ज था वंहा बड़े बिल्डिंगों का जंगल खड़ा हो गया है ।गुलामी काल के पुराने अभिलेख एवं नक्शा का हाल इतना खराब हो गया है कि कुछ पल्ले नहीं पड़ता।बस अनुमान अंदाज से ही कामचलाउ काम चल रहा है,परन्तु समय समय पर बहुत गंभीर विवाद भी उपजते रहता है।जिसके लिए भी निशाना पटवारी राजस्व निरीक्षक तहसीलदार को बनना पड़ता है। कोंडागांव जिला का बंदोबस्त कराने की मांग पिजले कयी दशक से उठाया जा रहा है पर बंदोबस्त हो ही नहीं पाया।इस मसले को ही देखते हूए मुख्यमंत्री का 26जनवरी कोंडागांव जिला मुख्यालय और 27जनवरी को केशकाल के कोंगेरा आगमन होने पर सबसे प्रमुख मांग के बतौर पर जिले का बंदोबस्त कराने का मांग किया गया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता से गौर करके जिला का बंदोबस्त करवाने की घोषणा कर दिया था। मुख्यमंत्री की घोषणा का जिलावासियों ने दिल खोलकर स्वागत किया था। और बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं बंदोबस्त आरंभ होने का ताकि बंदोबस्त हो जाये और जमीन से जुड़ी समस्या का स्थाई समाधान हो जावे।
50 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को किया गया सम्मानित बस्तर पुलिस के द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया गया
पुलिस मुख्यालय के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा, डी एस पी ललिता मेहर, डी एस पी अपूर्वा सिंह क्षत्रिय,थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू व थाना प्रभारी बोधघाट धनंजय सिन्हा एवं अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति में पुलिस लाईन में आज 1 अक्टूबर को वरिष्ठ नागरिक दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, इस अवसर पर शहर के 50 से अधिक वरिष्ठ गणमान्य नागरिकों को सम्मानित किया गया, अधिकांश वरिष्ठ नागरिक खेल, शिक्षा व समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अभी भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, पुलिस के द्वारा इन्हें वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के सम्बन्ध में बने विभिन्न कानूनी उपबन्धों के बारे में जानकारी दी गयी, उनका कुशल क्षेम पूछा गया, साथ ही प्रतिमाह वरिष्ठ नागरिको के साथ बैठकर उनके समस्याओं के सम्बंध में चर्चा करने व उनकी सहायता करने की बात कही गयी |
जिले का अनुविभागीय अधिकारी जितेंद्र कुर्रे का दिनांक 29/09/2021 को ब्लॉक मुख्यालय ओरछा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 10:45 सुबह विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया गया। जिसमे खण्ड अधिकारी का लेखापाल एवं लीपिक उपस्थित पाए गए। जिसमे एक लिपिक अनुपस्थित पाए गए। जिसके संबंध में कार्यलिन कर्मचारी को निर्धारित समय में उपस्थित होने का शक्त निर्देश दिए।
कार्यालय के पंजियों का अवलोकन करते हुए संयुक्त आठ आश्रम का निरीक्षण करते बच्चो में भाषाई कॉराल भाषा हिंदी पठन एवं भाषा अंग्रेजी का पठन का परिक्षण कर बच्चो को अध्ययन कराया। सभी आश्रम छात्रावास के अधिक्षको को कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए पढ़ाई तुम्हार दवार 02 एवं जाती प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को जाती प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु प्रगति पत्र दो दिवस के भीतर प्रस्तुत करने हेतु निर्देश किये। तत्पश्चात हायरसेकंड्री स्कूल में जाती प्रमाण पत्र हेतु पटवारी प्रतिवेदन उपस्थित पटवारियों का कार्यशाला में कार्यो का भी अवलोकन किया। एसडीएम जितेंद्र कुर्रे के साथ नयाब तहसीलदार मुकेश ठाकुर एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी दीनबंधु रावटे उपस्थित थे।
वृद्धजनों के जीवन का अनुभव ही हमारी धरोहर-जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामबती नेताम
डॉ एस वली आज़ाद – नारायणपुर 01 अक्टूबर 2021
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आज यहां जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिले के वृद्धजनों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ष्यामबती नेताम, उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवनाथ उसेण्डी, नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता मांझी के अलावा कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्यामबती नेताम ने कहा कि हमारे देश में बुजुर्गों को विशेष सम्मान दिया जाता है। हमें अपने बुजुर्गो का सम्मान हमेशा करना चाहिए, हम सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और बजुर्गों की देखभाल एक छोटे बच्चे की तरह करनी चाहिए। उनके जीवन का अनुभव ही हमारी धरोहर है, जिसका लाभ हमें समय-समय पर लेते रहना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी ने कहा कि बुढ़ापा हम सभी के जीवन में एक न एक दिन आना है। इसलिए हमें अपने बुजुग और वृद्धों की समुचित देखभाल एवं सेवा का प्रयास करना चाहिए। बुजुर्गों की सेवा ही हमारा परम धर्म है। हमें जन्म से लेकर बड़े होने तक की जिम्मेदारी निभाने वाले बुजुर्गों की देेखभाल और सेवा से एक सुखद अनुभूति होती है। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मांझी ने कहा कि वृद्ध समाज एवं परिवार के धरोहर है, इनको संभालकर रखना हमारी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित शिक्षिका संगीता ज्ञानेश्वरी ने बुजुर्गों को भरण पोशण अधिनियम 2007 के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आवेदन और विस्तार से जानकारी उपसंचालक समाजकल्याण से प्राप्त की जा सकती है। भरण पोशण से संबंध्धित आवेदन पत्रों का निराकरण 90 दिनों के भीतर कर दिया जाता है। वहीं डॉ प्रशांत गिरी नेे मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में विस्तार से अवगत कराया और कहा कि मानसिक परेशानी होने पर जिला चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष क्रमांक 10 में सपर्क कर सकते हैं। सुश्री नेहा गिरी ने वर्तमान में चल रही तनाव के कारण एवं उसके निदान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने वृद्धजनों को षॉल, श्रीफल भंेटकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर सहायक संचालक समाज कल्याण श्रीमती वर्शा एवं समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी व जिले के वृद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक देशमुख ने किया।
नारायणपुर जिले के दूरस्थ अंचल अबूझमाड़ के कोहकामेटा स्वास्थ्य केन्द्र में बीते दिन विश्व ह्दय दिवस का आयोजन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। वहीं उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को फल वितरित कर हाईजेनिक आहार लेने के फायदों को भी बताया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों को नशा करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया एवं कभी नशा ना करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम उपस्थित ग्रामीणों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य बीमारियों की जांच की गयी। बाारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए साफ पानी पीने, गरम एवं ताजा भोजन करने, किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर तत्काल अस्पताल जाकर जांच करवाने के साथ ही कोरोना वायरस की गंभीरता से लेते हुए मास्क का उपयोग, हाथों को सेनेटाईज, सोशल डिस्टेसिंग, कोरोना का टीका लगवाने के अलावा कोरोना के लक्षण दिखायी देने पर अपने आप को अन्य लोगों से अलग करने एवं तत्काल जांच करवाने की समझाईश दी गयी। इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ. कमलेश इज़ारदार, एएनएम अंशु नाग, स्टॉफ नर्स, रीना सलाम, सुकमा वड्डे के अलावा जयलाल नूरेटी, जनपद सदस्य, गणमान्य ग्रामीण मसियाराम नूरेटी के अलावा ग्रामीणजन उपस्थित थे।
कल दिनांक ३०-०९-२०२१ को एटक,इंटक,और बी,एम,एस, ने संयुक्त रूप से सेल अध्यक्षा महोदय स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड को महाप्रबंधक खदान, आईओसी राजहरा के द्वारा ज्ञापन सौंपकर महारत्न सेल के विभिन्न इकाईओं में कार्यरत नियमित कर्मियों के लंबित वेतन समझौते को जल्द से जल्द पूर्ण करने एवं परम्परानुसार दुर्गा पूजा के समय दिए जाने वाले बोनस हेतु सम्मानजनक राशि का निर्णय एवं घोषणा करने की मांग की |
(1) महारत्न सेल के विभिन्न इकाईओं में कार्यरत कर्मियों का वेतन समझौता विगत लगभग 05 वर्षों से लंबित है। डीपीई के गाइडलाइन का हवाला देते हुए जिस तरह से सेल प्रबंधन ने कर्मियों के वेतन समझौते को टाल दिया था उसी डीपीई के गाइड लाइन को मानते हुए जल्द से जल्द सम्मानजनक एमजीबी और वेरिएबल पर्क्स हेतु एनजेसीएस कमिटी में समझौता संपन्न करे और यह सुनिश्चित करे कि उक्त समझौते में कर्मियों को मिलने वाला ग्रोथ अधिकारीयों को मिलने वाले ग्रोथ के बराबर हो। महोदया, सेल प्रबंधन की अड़ियल नीति के वजह से कर्मियों का वेतन समझौता लंबित होता आ रहा है जिससे कर्मियों के मन में प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है जो समय समय पर टूल डाउन/हड़ताल के माध्यम से कर्मियों ने उजागर भी की है। महोदया, विगत तीन वित्तीय वर्षों में कर्मियों ने अपने मेहनत से न केवल सेल के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाया बल्कि कोरोना जैसे विषम परिस्थितियों में भी म्हणत और लगन से कार्य करते हुए वित्तीय वर्ष 2020-2021 में अभूतपूर्व लाभ भी पहुँचाया जो कि TABLE-1 में दर्शाया गया है। महोदया, सेल के इस लाभ में कर्मियों और अधिकारीयों का बराबरी का हिस्सेदारी रहा है किन्तु सेल प्रबंधन द्वारा अधिकारीयों को अधिक लाभ देने हेतु एनजेसीएस कमिटी के समक्ष प्रबंधन द्वारा जिस तरह के प्रस्ताव रखे जा रहे है और मामला लटकाया जा रहा है वह खेदजनक है और इससे आने वाले समय में कंपनी को लाभ कम लेकिन नुकसान ज्यादा होने की पूर्ण सम्भवना है। अतएव हम सब अधोहस्ताक्षरकर्ता श्रम संगठन के पदाधिकारीगण आपसे सनम्र अनुरोध करते हैं कि दिनांक 04.10.2021 को प्रस्तावित एनजेसीएस कमिटी की बैठक में कर्मियों का सम्मानजनक वेतन समझौता संपन्न किया जावे। अगर उक्त बैठक में सेल प्रबंधन द्वारा पुनः टाल मटोल किया जाता है तो हम सबको मजबूरन कड़े कदम उठाने पड़ेंगे जिससे होने वाले नुकसान के लिए सिर्फ और सिर्फ सेल प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा।
TABLE -1
S.No Profit (in crore) Financial year 2020-2021 2019-2020 2018-2019 1 Profit Before Tax 6820.60 3942.42 3727.29 2 Profit After Tax 3850.02 2021.54 2178.82
(Note – All the profit figures are in crores)
(2) महोदया, प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी दुर्गा पूजा के समय कर्मियों को बोनस के रूप में एक्स-ग्रेशिया का वितरण किया जाना है। विगत वर्षों में सेल प्रबंधन जिस सूत्र के आधार पर कर्मियों को मिलने वाले एक्स-ग्रेशिया राशि का निर्धारण करता आ रहा है वह सूत्र ना केवल पुराना है बल्कि एनजेसीएस कमिटी और सेल प्रबंधन के बीच हुए समझौते और सहमति के मुताबिक उक्त सूत्र की क्रियान्वयन अवधि समाप्त हो चुकी है। ऐसे में हम सभी अधोहस्ताक्षरकर्ता श्रम संगठन के पदाधिकारी आपसे सनम्र अनुरोध करते हैं कि जिस तरह से पीआरसी के अनुशंसा के आधार पर अधिकारीयों को सकल पीबीटी की 05% राशि पीआरपी के रूप में दी जाती है ठीक उसी तर्ज पर पीबीटी की 05% राशि कर्मियों को भी एक्स-ग्रेशिया राशि के रूप में दिया जावे ताकि महारत्न सेल में कार्यरत कर्मियों का आत्मसम्मान बना रहे और सेल प्रबंधन पर अधिकारीयों एवं कर्मियों के बीच भेद-भाव की दीवार खड़ा करने का जो आरोप लगता रहा है उसका पटाक्षेप हो सके। ईस अवसर पर मुख्य रूप से एटक से कमलजीत सिंह मान, राजेंद्र बेहरा, कांता राव,दानसिंह चन्द्राकार,इंटक से तिलक मानकर,अभय सिंग, तेजेंद्र प्रसाद, दिनेश कांत,बी एम एस से मुश्ताक अहमद,एम पी सिंग, किशोर कुमार मायती, लखन लाल चौधरी, एवं तीनों श्रमिक संगठन से कर्मचारी उपस्थित थे प्रतीम पटेल, दिनेश चौधरी,तोरणलाल साहू,हंसकुमार,पवन गंगबोईर,सुपर भगत,ओ, एचपी खरे,एच पी करें, नरोत्तम,आर वी सिंग, गुरमीत सिंह, विष्णु साहू,आर,पी बरेठ,सुशील लहरें, राजेश जैन,लक्षमण शर्मा,यासिर भाई, अनिल कांत, अवधेश सिंग, रसिया राम,संभू ठाकुर, गुरु प्रसाद, शीतल सिंह, महेंद्र साहू, विनोद कुमार आरडे, ओ पी सोनी,कश्यप,व अन्य श्रमिक साथी उपस्थित थे।