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त्योहार से मिलता है रोजगार, बाकी मसले कितने सही, कितने बेकार…मूर्ति पूजा को लेकर आखिर दो धड़ों में क्यों बंटे आदिवासी ?

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। भारत त्योहारों का देश है। छत्तीसगढ़ त्योहारों का प्रदेश है तो राज्य के आदिवासी अंचलों बस्तर और सरगुजा में भी लोक त्योहारों की धूम मची रहती है। छत्तीसगढ़ में सभी त्योहार और लोक पर्व भरपूर उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। खास तौर पर गणेश पूजा और दुर्गा पूजा सार्वजनिक जीवन में व्यापक प्रभाव रखते हैं। बस्तर का दशहरा पर्व तो सारी दुनिया में मशहूर है।। ऐसे मे अब मूर्ति पूजा को लेकर विवाद खड़ा हो रहा है। कहा जा रहा है कि रक्षाबंधन, गणेश-दुर्गा प्रतिमा स्थापना आदिवासी विरोधी उत्सव हैं! इस मसले पर आदिवासी दो खेमों में बंट गए, बताए जा रहे हैं। सवाल यह है कि अगर आदिवासी इन पर्वों को आदिवासी विरोधी मान रहे हैं तो ऐतिहासिक बस्तर दशहरा क्या है? बस्तर का सबसे बड़ा लोक पर्व तो बस्तर का दशहरा ही है। सदियों से तीज त्यौहार न केवल सांस्कृतिक विरासत हैं बल्कि इनसे रोजगार भी जुड़ा हुआ है। अब खबर है कि उत्तर व दक्षिण बस्तर में आदिवासियों के दो समूह मूर्ति पूजा का जमकर विरोध कर रहे हैं जिसके कारण आदिवासी दो खेमों में बंट गए हैं । ऐसे में जिसके फलस्वरूप बस्तर में विवाद बढ़ सकता है। हाल ही रक्षाबंधन पर इसका असर देखा जाना कोई अच्छा संकेत नहीं है।

अब गणेश पूजा शुरु होने के बाद दुर्गा पूजा का पर्व भी निकट आ जायेगा। कभी गणेश पंडालों में भारी रौनक हुआ करती थी। मगर आदिवासी समाज के कुछ लोगों द्वारा सामाजिक बैठकों में इसका विरोध किया जा रहा है। इस मतभेद का असर उत्तर बस्तर कांकेर में पहले से ही देखा जा रहा था। अब मध्य बस्तर के साथ दक्षिण बस्तर में भी मूर्ति पूजा विरोध की दस्तक चिंता का विषय बन रही है। क्योंकि हमेशा से यहां सभी पर्व मिल जुलकर मनाए जाते रहे हैं। आदिवासी सामाजिक सूत्रों के अनुसार आदिवासी पूजा-पाठ के विरोध में नहीं हैं। पत्थर, कडरी व ग्राम गुड़ियों में पूजा-अर्चना करते हैं लेकिन मूर्ति स्थापना आदिवासी परंपराओं के विरुद्ध है। खबर है कि उत्तर बस्तर में सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने फरमान जारी किया है। मध्य बस्तर व दक्षिण बस्तर में कुछ लोग फरमान जारी कर सोशल मीडिया पर धमकी दे रहे हैं और अर्थदंड वसूलने की बात कर रहे हैं। इस तरह आदिवासी वर्ग विभाजित हो रहे हैं और यह उनकी एकता के लिए काफी बड़ा खतरा है।। त्योहारों को लेकर मचे इस धमाल से चिंतित छोटे छोटे कारोबारियों से लेकर समान्य मध्यम व्यवसायियों का कहना है कि दो-तीन साल से ग्रामीण अंचलों में मूर्ति स्थापना के प्रति लोगों की रुचि घटने के कारण मूर्ति लेने वाले कम हो गयें हैं तो साज-सज्जा के सामानों की बिक्री भी ठप है जिसके कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। त्योहारों से जिनका रोजगार जुड़ा है, वे सवाल कर रहे हैं कि सामाजिक सौहार्द को किसकी नजर लग गई है?

थाने के सामने पुलिसकर्मी की दुपहिया वाहन के अनियंत्रित होने से पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल व साथ में बैठे युवक की मौके पर मौत

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देवरी थाना से 100 मी की दुरी पर देवरी में पदस्थ पुलिस कर्मी सुनील ध्रुव अपने परिचित पीताम्बर साहू 45 साल के साथ थाने की ओर पेट्रोलिंग ड्यूटी कर नाहंदा से देवरी की ओर आ रहे थे | मृतक पीताम्बर साहू द्वारा मोटरसाइकिल चलाया जा रहा था एवं आरक्षक पिच्छे बैठा था | गाड़ी अनियंत्रित होने से आरक्षक सुनील ध्रुव एवं पीताम्बर साहू 50 मी दुरी तक घिसटाये | आरक्षक सुनील ध्रुव को गंभीर चोट आई एवं पीछे बैठे पीताम्बर साहू के सर पर चोट लगने से मौके पर ही मृत्यु हो गई | मृतक पीताम्बर साहू के बेटे डेविड साहू की सुचना पर देवरी थाने में मामला दर्ज किया गया | घटना शाम 5 बजे की बताई जा रही है | शव को देवरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भेज दिया गया एवं पुलिस कर्मी सुनील ध्रुव को देवरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उपचार के पश्चात राजनांदगांव हायर सेण्टर भेजा गया है |

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आंगनबाड़ी कर्मीयो को शासकीय कर्मचारी घोषित करने एवं वेतन वृद्धि की मांग को लेकर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया

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दिनांक 7, 8 अगस्त 2021 को भिलाई में अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ कार्यसमिति की बैठक हुई इस बैठक में आंगनबाड़ी कर्मियों के हितार्थं एक प्रस्ताव सर्वानुमति से पारित करते हुए आंगनबाड़ी कर्मीयो को शासकीय कर्मचारी घोषित करने एवं जब तक शासकीय कर्मचारी न हो आंगनबाड़ी कर्मियों को न्यूनतम वेतन 18000/-एवं सहायिका को 9000/- प्रतिमाह लागू करें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने सहित अन्य बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षण करने हेतु राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया | भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा पूरे देश में वर्ष 1975 से आंगनबाड़ी केंद्रों के समेकित महिला एवं बाल विकास योजनाओं का संचालन हो रहा है जिसमें 2500000 से भी ज्यादा की संख्या में आंगनबाड़ी कर्मी कार्यरत है तथा इस योजना को सफलीभूत कर रहे हैं जिसके अंतर्गत 0 माह से 6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के पोषण माह प्रारंभिक स्वास्थ्य की देखभाल पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने शिशु स्तनपान, गर्भवती माताओं को, 0 माह से 6 वर्ष के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी पोषण आहार विटामिन ,प्रोटीन उपलब्ध कराने का कार्य ,बाल संदर्भ सेवाओं का कार्य केंद्र सरकार की इस स्कीम के तहत आंगनबाड़ी कर्मियों के द्वारा किया जा रहा है इसके अलावा राज्य शासन के द्वारा बीएलओ ,आर्थिक जनगणना जनगणना, पल्स पोलियो, फाइलेरिया, राशन कार्ड ओडीएफ,कोविड-19 सर्वे डोर टू डोर, वैक्सीनेशन के प्रचार प्रसार आदि का कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों से संपन्न कराया जाता है 8 घंटे से भी अधिक का कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों को करना पड़ता है इस प्रकार आंगनबाड़ी कर्मियों को सभी प्रकार के शासकीय कार्य करने के बाद भी आज तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है ना ही अब तक न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जा रहा है केवल अल्प मानदेय का भुगतान ही आंगनबाड़ी कर्मियों को प्राप्त हो रहा है एवं न ही किसी प्रकार से सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षण करवाने हेतु 13 सितंबर 2021 एक दिवसीय धरना, प्रदर्शन, एवं ज्ञापन देकर माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार व माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ को अपनी मांगों के समाधान किए जाने की दिशा में सरकार का ध्यानाकर्षण कर ठोस कार्यवाही किए जाने का आग्रह करती है।

13 को देंगे एकदिवसीय धरना और राष्ट्र व्यापी एक दिवसीय धरने पर बालोद जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका शामिल होंगे , जिसमें ईनकी निम्नलिखित मांगे हैं।

मांग पत्र

1.आंगनबाड़ी कर्मियों को शासकीय कर्मचारी घोषित कर सामाजिक सुरक्षा देकर उन्हें उचित श्रेणी में शामिल किया जाये।

2.आंगनबाड़ी कर्मियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 18000/- सहायिका को 9000/-प्रतिमाह भुगतान किया जाये।

3.नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल में बदलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्री प्राइमरी टीचर व सहायिका को प्री प्राईमरी असिस्टेंट टीचर में शिक्षण के अनुभव पर उनकी शैक्षणिक योग्यता को देखते हुए प्रशिक्षण देकर पदोन्नति की जाये।

4.आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत कर्मियों को भविष्यनिधि , जीवन निर्वाह भत्ता सेवानिवृत्त
भत्ता, उनके एवं उन पर आश्रितों को चिकित्सा सुविधा, उनके बच्चों के लिए शिक्षा की सुविधा लागू की जाये।

5.मिनी आंगनबाड़ियों को मेन आंगनबाड़ी में बदला जाये व सहायिका नियुक्त की जाये।

6.आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका की 9 माह की एरियर्स राशि का भुगतान जल्द आंगनबाड़ी कर्मीयो के खाते में किया जाये।

7.पोषण ट्रैकर में कार्य करने हेतु एंड्राइड फोन, सिम, इंटरनेट खर्च की निर्धारित राशि का भुगतान किया जाये।
ये जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साहियका संघ की प्रदेश महामंत्री श्रीमती गुरमीत कौर ने दी और पुरे प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं से ईस धरने में शामिल होने की अपील की है।

भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री ने ईस धरने को सफल बनाने के लिए जिले के सभी यूनियनों के अध्यक्ष और महामंत्रियों के साथ बैठक की और इसमें शामिल होने की अपील की है।साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साहियका संघ के बालोद जिले की श्रीमती आयशा खान और महामंत्री श्रीमती माधुरी रथ ने भी पुरे जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ईस धरने में शामिल होने की अपील की है।

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फसल नष्ट होने की आशंका व आर्थिक परेशानी झेल रहे युवा किसान ने कीटनाशक सेवन कर आत्महत्या की

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गुंडरदेही – गुंडरदेही थाना क्षेत्र के मोगरी गांव के युवा किसान ने फसल नष्ट होने के कारण आर्थिक रूप से त्रस्त होकर कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या कर ली है । प्राप्त जानकारी के अनुसार दुष्यन्त साहू 27 वर्ष सूदखोरों से कर्ज लिया था जिस कर्ज के बोझ एवं आर्थिक परेशानी से त्रस्त होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली | दुष्यंत साहू स्वयं के नाम पर भी कुछ अपनी भूमि एवं कुछ कट्टू लेकर फसल बोया करता था ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि इस वर्ष ठीक से बारिश न होने के कारण भी वह परेशान था एवं फसल नष्ट हो जाने का डर एवं कर्ज की रकम लौटाने की चिंता बर्दाश्त नहीं कर पाया और इस वजह से मौत को गले लगाया | सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक दो भाइयों में सबसे बड़ा था और उसकी पत्नी मायके गई हुई थी और एक छोटा बच्चा भी है जिसका अभी तक छट्ठी भी नहीं हो सका था है | इस प्रकार एक युवा किसान के आत्महत्या कर लेने से गाँव में शोक का माहौल है | घटना की जानकारी गाँव के कोटवार के माध्यम से पुलिस को सूचित कर दिया गया है | शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है |

किसानों के लिए नित नए नए घोषणा पत्र जारी कर उनके आय को बढ़ाने की घोषणा की जाती है वहीँ दूसरी ओर कृषकों के लिए संवेदनशील बताने वाली छत्तीसगढ़ सरकार के एक ऐसे जिले में जहाँ एक कैबिनेट मंत्री एवं संसदीय सचिव निवास करते है ऐसे जिले के संसदीय सचिव के क्षेत्र में आर्थिक तंगी से युवा कृषक का आत्महत्या करना सरकार की योजनाओं की पोल खोलता है |

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मूर्ति पूजा को लेकर दो धड़ों में बटे आदिवासी, रक्षाबंधन, गणेश-दुर्गा प्रतिमा स्थापना आदिवासी विरोधी

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जगदलपुर। उत्तर व दक्षिण बस्तर में आदिवासियों के दो समूहों द्वारा मुर्ति पूजा का जमकर विरोध कर रहे हैं जिसके कारण दो धड़ों में आदिवासी बंट गए हैं जिसके फलस्वरूप बस्तर में अप्रिय घटनाएं होने से कोई इंकार नहीं कर सकता। भाई-बहनों के पवित्र पर्व रक्षाबंधन पर्व पर इसका असर दिखा।

ज्ञात हो कि पूर्व में गणेश पंडालों में रौनक हुआ करती थी किंतु आदिवासी समाज के कुछ पढ़े-लिखे राजनीतिक लोगों तथा ओहदेदारों द्वारा सामाजिक बैठकों में इसकी खिलाफत कर रहें हैं। इसका असर उत्तर बस्तर कांकेर में तो ज्यादा देखा जा रहा है और अब मध्य बस्तर के साथ दक्षिण बस्तर में भी इसके विरोध के स्वर सुनाई दे रहा है।

सामाजिक सूत्रों ने बताया कि हम पूजा-पाठ के विरोध में नहीं है मसलन पत्थर, कडरी(चाकूनुमा हथियार) व ग्राम गुड़ियों में पूजा-अर्चना करते हैं किंतु मूर्ति स्थापना आदिवासी परंपराओं के खिलाफ है। उत्तर बस्तर में सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी गांव-गांव में फरमान जारी किए हैं। इसका असर यह है कि मध्य बस्तर व दक्षिण बस्तर में कुछ समाज के लोग फरमान जारी कर सोशल मीडिया पर धमकी दे रहें हैं और अर्थदंड वसूलने की बात स्वीकार कर रहें हैं। कुल मिलाकर आदिवासी वर्ग दो बांटों में बंट रहा है जिसके कारण कोई दिन भी विस्फोटक स्थिति निर्मित हो सकती है। रक्षाबंधन पर्व के संबंध में आदिवासी वर्ग से जुड़े सरपंचगणों व शासकीय सेवकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आदिवासी समाज में इस प्रकार के फरमान जारी हो रहें हैं जिसके परिणामस्वरूप हम लोगों को इसका पालन करना मजबूरी हो गया है।

मुर्तिकार व साज-सज्जा वालों को नुक़सान का अंदेशा

नगर के मिताली चौक व गोल बाजार के व्यवसायियों का कहना है कि दो-तीन वर्षों से ग्रामीण अंचलों में मूर्ति स्थापना के प्रति लोगों की रुचि घटने के कारण मूर्ति के लेवाल कम हो गयें है तो साज-सज्जा के सामानों की बिक्री भी कम हो रही है जिसके कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जनता युवा मोर्चा नगर मंडल जगदलपुर की कार्यसमिति बैठक जिला भाजपा कार्यालय जगदलपुर में आहूत की गई

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आज दिनांक 9/08/2021 दिन गुरुवार को व जनता युवा मोर्चा नगर मंडल जगदलपुर की कार्यसमिति बैठक जिला भाजपा कार्यालय जगदलपुर में आहूत की गई जिसमें अब तक किए गए संगठनात्मक कार्यक्रमों की वृत रखा गया व, आगामी कार्यक्रमों हेतु वरिष्ठ जनो से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ !

बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री किरण देव ने कार्यकर्ताओं को संबोधन करते हुए संगठनात्मक विषय पर बात रखा जिला अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने संबोधन में मोर्चा के कार्यकारिणीयो को कहा कि युवा मोर्चा भाजपा की रीढ़ है और भाजपा का सारा कार्यक्रम युवाओं के कंधे पर होता है हमारा आचार विचार व्यवहार संस्कार मैं होना चाहिए भाजपा के कार्यकर्ताओं की पहचान यही है कार्यक्रम को श्रीनिवास राव मद्दी, संतोष बाफना, विद्या शरण तिवारी रामाश्रय सिंह, रजनीश पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया कार्यक्रम का संचालन प्रतिक राव ने किया और समापन आभार आलेख राज तिवारी ने किया, कार्यकारिणी की बैठक में योगेंद्र पांडेय , नरसिंह राव युवा मोर्चा जिला के पदाधिकारी रवि कश्यप,मनोज पटेल ,रोहित खत्री,अभिषेक तिवारी, अमित कपूर,नगर मंडल जगदलपुर के पदाधिकारी,पृथ्वी सिंह,विनय राजू, अनिमेष चौहान,मनी विक्रम नायडू, भावेश यदु, रमेश नायडू, आदित्य शर्मा, मोनू सिंह, जसप्रीत सिंह सिद्धू , देवेश चांडक ,पुषान्त रॉय ,शुभेन्द्र भदोरिया, सूरज मिश्रा, राज पांडे, मयंक जैन, योगेश पानीग्रही, निहाल तिवारी, सरबजीत सिंह सोढ़ी,व अन्य मौजूद थे |

नारायणपुर जिला कोरोना मुक्ति की ओर अग्रसर, सिर्फ 1 एक्टिव केस

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आज जिले में कोरोना के एक भी केस नहीं मिले

जिले में अब तक कोविड 19 के 3 हजार 942 मरीज हुए स्वस्थ

कोरोना संक्रमण से निपटने के चार प्रमुख स्तंभ-आईडेंटिफिकेशन, आइसोलेशन, टेस्टिंग एवं ट्रीटमेंट पर जिला प्रशासन द्वारा किया गया विशेष फोकस

डॉ एस वली आज़ाद – नारायणपुर, 09 सितम्बर 2021

नारायणपुर जिले में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वाले व्यक्तियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। नारायणपुर जिले में अब तक कोविड 19 वायरस से प्रभावित हुए 3 हजार 942 मरीज स्वस्थ हुए हैं। आज जिले में कोरोना के एक भी केस नहीं मिले है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीआर पुजारी ने बताया कि जिले में कुल 1 लाख 23 हजार 621 लोगों का सैम्पल जांच किया गया, जिनमें से कुल 3963 धनात्मक मरीजों की पहचान हुई। इनमें से जहां 3 हजार 942 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, वहीं फिलहाल सक्रिय मरीजों की संख्या जिले में एक है। बताया गया है कि कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए जिले में आरटीपीसीआर से 26 हजार 878 ट्रू-नॉट से 42 हजार 102 और रैपिड एंटीजन कीट से 54 हजार 641 लोगों का सैम्पल जांच किया गया। इस तरह कुल एक लाख 23 हजार 621 लोगों का सैम्पल जांच किया गया है। जिले में जम्बो साईज के 200 सिलेण्डर, नार्मल साईज के 497 सिलेण्डर उपलब्ध है, जिसमें से 632 भरे एवं 45 खाली हैं। वहीं 107 आक्सीजन कांट्रेटर उपलब्ध हैं। वैक्सीनेशन के आंकड़ों पर यदि नजर डाले तो जिले में अब तक 37 हजार 88 लोगों को वैक्सीन के डोज लगाए जा चुके हैं। इनमें से वैक्सीन की दूसरी डोज 12 हजार 914 से अधिक लोगों को लग चुकी है। वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा करने के लिये जिला प्रशासन द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण से निपटने के चार प्रमुख स्तंभ आईडेंटिफिकेशन, आइसोलेशन, टेस्टिंग एवं ट्रीटमेंट पर जिला प्रशासन द्वारा विशेष फोकस किया गया है। नये कोरोना संक्रमित मरीजों को शीघ्र कांटेक्ट ट्रेसिंग कर उन्हें संस्थागत क्वारेंटाइन किया जा रहा है। सर्दी, खांसी, बुखार व कोरोना संदिग्ध मरीजों की प्राथमिक स्टेज में ही पहचान की जा रही है तथा उन्हें आइसोलेट कर नियमानुसार टेस्टिंग व ट्रीटमेंट का कार्य गंभीरता से किया जा रहा है।

कोविड केयर सेंटर में किए गए बेहतर इंतजाम-जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए कोविड केयर सेंटर बनाए गए। जिला प्रशासन द्वारा सभी कोविड केयर सेंटरों में समुचित व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं। मरीजों को गुणवत्तायुक्त भोजन एवं समय पर दवाइयाँ का सुबह-शाम सेवन कराया जा रहा है। फलस्वरूप कोरोना संक्रमित मरीज शीघ्र स्वस्थ हो रहे हैं। कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू द्वारा सभी कोविड केयर सेंटर एवं क्वारेंटाइन केंद्रों पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की सतत मानिटरिंग की जा रही है।

वनाधिकार पत्र मिलने से सिंगलु राम ले रहा शासन की योजनाओं का लाभ

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जिले मे अब तक कुल 5767 व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित

जिले के भूमिहीन किसानों को वनाधिकार पत्र प्रदान कर दिया मालिकाना हक

डॉ एस वली आज़ाद – नारायणपुर, 09 सितम्बर 2021

अपनी जमीन का मालिकाना हक पाने का सपना हर व्यक्ति का होता है। जब यह सपना पूरा हो जाता है तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। नारायणपुर जिले के ग्राम झारा निवासी सिंगलु राम को 1.80 हेक्टेयर जमीन लगभग 4.5 एकड़ जमीन का वनाधिकार पत्र दिया गया है। वनाधिकार पत्र मिलने से सिंगलु राम का कहना है कि प्रदेश सरकार गरीब आदिवासियों की जमीन का वनाधिकार पत्र देकर उनका मालिकाना हक प्रदान कर रही है। भूमि अधिकार पत्र पाकर वह बहुत खुश है और प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल का हदय से धन्यवाद दिया है। सिंगलु ने बताया कि उनके पूर्वज बरसो से इसी भूमि में खेती बाड़ी करते आ रहे हैं। पहले हमारा यह क्षेत्र बहुत ही पिछड़ा हुआ था। तब हमारे पास इसके कोई दस्तावेज नही थे, लेकिन हम जमीन पर बरसों से खेती किसानी करते आ रहे हैं। जब नियम-कानून या सरकारी काम के लिए ऋण लेने, खाद-बीज का उठाव करने या अन्य कोई सरकारी मदद के लिए पट्टे या भूमि के दस्तावेजों की बात आती थी हम डर जाते थे, हमारे पास हमारे जमीन का कोई कागज नही था। जिसके कारण भूमि के छिन जाने का डर हमेशा लगा रहता था। लेकिन बहुत ही कम समय में और कम कागजात से हमे अपने जमीन का मालिकाना हक मिल गया। एक सामान्य से आवेदन से हमे अपने जमीन का मालिकाना हक मिला है। अब हम अपने खेतों में खेती किसानी का काम कर रहे हैं और शासन की योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत् 13 दिसम्बर 2005 के पूर्व वन भूमि में काबिज हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सर्वाेच्च प्राथमिकता वनवासियों के अधिकारों की रक्षा एवं वनों का प्रबंधन स्थानीय समुदाय को सौंपने का है। मुख्यमंत्री बघेल की इसी मंशा के अनुरुप जिले में वनाधिकार मान्यता पत्रों के प्रदाय में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। जिले में कुल 4 हजार 920 व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्रों के माध्यम से अधिकार प्रदान किया गया है। व्यक्तिगत वनाधिकार में कृषि भूमि, बाड़ी, आवासीय सुविधा एवं जीवन-यापन को उन्नत करने हेतु अन्य प्रयोजन की भूमि सम्मिलित है।

राज्य सरकार की मंशानुसार जिले में अब तक 847 सामुदायिक वनाधिकार पत्रों का वितरण किया गया है। इसके तहत् गौण वनोत्पाद, जलाशय, चारागाह, जैव विविधता इत्यादि प्रयोजन हेतु भूमि का अधिकार ग्राम सभाओं के माध्यम से वनवासी समुदाय को प्रदान किया गया है। इसके साथ ही वनवासियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों को सुरक्षित एवं संरक्षित करने हेतु अब तक उपेक्षित प्रावधान को प्राथमिकता देने के फलस्वरूप जिले में समुदाय को ग्राम सभाओं के माध्यम से 847 सामुदायिक वन अधिकार पहली बार प्रदान किये गये हैं, जिसके तहत मूल निवासियों को जल, जंगल एवं जमीन के संपूर्ण प्रबंधन उपयोग सहित संरक्षण एवं पुर्नजीवन हेतु संपूर्ण अधिकार पहली बार प्रदान किया गया है।

छ.ग.अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ ने किया कार्यकारिणी समिति का गठन

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डॉ एस वली आज़ाद

जिला मुख्यालय के ओरछा ब्लाक की कार्यकारणी समिति का गठन 10 जुलाई 2021 को करने के पश्चात संगठन के कार्यों को गति देने ब्लॉक इकाई के गठन की आवश्यकता महसूस हुई।इसी सिलसिले में ब्लॉक ओरछा इकाई के तत्वावधान में अजजा संवर्ग के अधिकारी,कर्मचारियों की सामान्य बैठक दिनांक 08/09/2021 दिन – बुधवार को अटल समरसता भवन ओरछा में आयोजित कर कार्यकारिणी का गठन किया गया।

उक्त बैठक में जिला शाखा के उपाध्यक्ष संतुराम नुरेटी, महासचिव भागेश्वर पात्र,कार्याकारिणी सदस्य डी.एस.बघेल, कृष्णा गोटा,सुंदर लाल नाग, धनेश्वरी नाग, सुनिता कुमेटी एवं मीडिया प्रभारी बुधसिंह मंडावी उपस्थित हुये एवं पर्यवेक्षक जी.एस.ठाकुर एवं उत्तम पोर्ते के कुशल मार्गदर्शन में पदाधिकारियों की मनोनयन प्रक्रिया सफलता पूर्वक संपन्न हुई।

सर्वसम्मति से किया गया ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन

सामान्य बैठक में चर्चा के उपरांत सर्वसहमती से ब्लॉक कार्यकारिणी ओरछा के पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया। अजजा शासकीय सेवक विकास संघ के ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में संतोष पात्र,उपाध्यक्ष के रूप में डॉ.सुखराम दोरपा,महासचिव घुड़साराम गोटा,सचिव मानू कोर्राम, कारिया वड्डे, संयुक्त सचिव सोमन उसेंडी, अशोक उसेंडी एवं अनुजा कर्मा,कोषाध्यक्ष मुरा कावड़े,सहकोषाध्यक्ष – धनसिंह नुरेटी ,कार्यकारिणी सदस्य छबिलाल नाग, संतोषी कड़ियाम,नारद गोटा, महेश उसेंडी, डॉ.नेताम,डॉ.जुर्री, रामजी वड्डे, सोमी मण्डावी, सुखचंद वड्डे, जोलोबाई नाग, प्रमेश कुमार भोयर, कमलेश कर्मा, खसरू उसेंडी, आकाश उसेंडी, विष्णु कर्मा, विद्यासागर उसेंडी,धनसूराम नुरेटी एवं राजूराम सलाम का नाम सर्वसहमति से मनोनीत किया गया।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन हित में कार्य करने की निष्ठा जताई। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला उपाध्यक्ष संतुराम नुरेटी के द्वारा किया गया।

दल्लीराजहरा के युवक को शराब के नशे में पुलिस से बहस करना पड़ा भारी

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दल्लीराजहरा के युवक को शराब के नशे में पुलिस से बहस करना भारी पड़ गया | घटना बीती रात्रि की है गस्त प्वांइट डियुटी पर फव्वारा राजहरा में तैनात कर्मचारी आर0/16 एवं आर/250 कुमलाल वर्मा थाना राजहरा जिला बालोद (छ0ग0) द्वारा दीपक कुमार रुपानी पिता जुगेश कुमार रुपानी वार्ड क्र 02 पंडरदल्ली को रोककर गस्त डियुटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा पुछे गये प्रश्नो का जवाब संतोषप्रद न देते हुयें वाद विवाद कर कर्मचारियों को देख लेने की धमकी देने लगा जिसे समझाने का कर्मचारियों द्वारा भरसक प्रयास किया गया किन्तु नही माना और मारने पीटने के लिये आमादा हो गया था ।

युवक उद्दण्ड एवं अपराधिक प्रवृत्ती का व्यक्ति है अक्सर लगभग रात्रि 12.00 बजे के बाद शहर में अनावश्यक रूप से घुमते रहता है जिसे मनाही करने पर विवाद करता है घटना दिनांक से पूर्व युवक को रात्रि 12.00 बजे के बाद अनावश्यक नही घुमने हिदायत दिया गया था किंतु युवक  अपने आदत में सुधार नही ला रहा है। सिरफिरे युवक के कृत्य से शांति भंग होने की आशंका बना हुआ है | शहर में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु अन्य कोई विकल्प नहीं होने से सिरफिरे युवक  को धारा 151 जाoफौ0 में दिनांक 09.09.2021 के 09.20 बजे गिरफतार किया गया परिजन को गिरफ़्तारी  की सूचना दी गई | जिसे भारी से भारी राशि से प्रतिभूत करने हेतु इस्तगाशा न्याय हेतु न्यायालय पेश है।

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