रायपुर। प्रदेश के पूर्व मंत्री स्व. डी पी घृतलहरे की बहू और की पोती की हत्या हो गई। शनिवार की देर रात दोनों लाशें पूर्व मंत्री के खम्हारडीह के सतनाम चौक में उनके आवास में मिलीं। खमहारडीह पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
महिला का नाम नेहा और उसकी 9 साल की बेटी का नाम अनन्या था। मृतिका के परिवारवालों ने जब नेहा को फ़ोन करने की कोशिश की लेकिन जब नहीं लगा तो मृतिका की बहन को घर जाकर पता करने के लिए कहा गया और जब उसकी बहन मृतिका के घर पहुंची दरवाजा बाहर से बंद था लेकिन उसकी बहन की स्कूटी और की बहन मेघा जब घर जूते बाहर ही पड़े थे तो मेघा को संदेह हुआ और अपने भाई आकाश को फ़ोन किया तो आकाश ने पुलिस को सूचित किया और मेघा ने कुछ लोगों के साथ मिलकर कुण्डी तोड़ दिए और जैसे ही घर के अन्दर दाखिल हुए चारों तरफ अँधेरा था | मेघा जब मृतिका के कमरे की ओर गई तो वहां मृतिका का नंदोई डॉ आनंद राय और उसका दोस्त दीपक छुपे मिले तब तक पुलिस भी पहुँच चुकी थी | बेड का कबर्ड हटाने पर अंदर नेहा और उसकी बेटी अनन्या की लाश मिली। दोनों के गले में स्पोर्ट्स शू के नीले रंग के लेस बंधे मिले और मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस ने डॉ आनंद और दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
देर रात शवों की जांच करने आई फॉरेंसिक टीम के एक्सपर्ट ने बताया कि हत्या जूते के लेस से की गई है। दोनों एक ही जूते की लेस हैं। जिससे बच्ची और महिला का गला घोंटा गया है। महिला के बाएं हाथ पर कुछ निशान मिले हैं।
नेहा के रिश्तेदार ने बताया कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। घटना की जानकारी देकर पुलिस ने पति तरुण को बुलवाया। आते ही उसने हत्या से किसी भी तरह की जानकारी से इंकार किया। उसने बताया कि वो पिछले तीन दिनों से 80 किलोमीटर दूर चक्रवाय गांव में था।
एडिशनल एसपी ने बताया कि अब तक घटना के कारण साफ नहीं हो सके हैं। संदेहियों से पूछताछ की जा रही हैं।
रायपुर –ब्रांडेड कम्पनी का मार्का लगाकर नकली तेल बेचने वालों का पर्दाफाश करने में रायपुर पुलिस को सफलता मिली है | लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस द्वारा खमतराई के 03 फैक्ट्री एवं 04 ऑटोपार्ट्स में छापा मारने पर भारी मात्रा में ब्रांडेड कंपनियों के टैग मिले है और वहीँ 10 ड्रम आयल और मशीने जब्ती के साथ लगभग डेढ़ लाख के सामान जो कि नकली आयल को पैक करने के लिए उपयोग में लाया जाता है, जब्त किया गया है | फैक्ट्री को सील करने के साथ ही उनके मालिकों नवीन होतवानी, राकेश पिन्ज्वानी और प्रियांशु जैन को गिरफ्तार किया गया है और वहीँ ऑटो पार्ट्स की दुकानों को भी सील कर राजेश राजपूत, संतोष देवांगन, ताहिल कुरैशी एवं असरफ अंसारी को गिरफ्तार किया गया है |
दल्लीराजहरा – पुराना बाजार वार्ड क्र 18 नन्द कुमार ठाकुर (नन्दू) बैंक कर्मचारी द्वारा दबाव बनाने से क्षुब्ध होकर युवक ने की आत्महत्या कर ली है | मृतक पेशे से ड्राईवर का कार्य करता था | आर्थिक तंगी के कारण कुछ समय पूर्व बैंक से कर्ज लिया था | सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह युवक के घर पर बैंक कर्मचारी पहुँचकर कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाया गया और कहा गया पेमेंट कर दो या फिर जाकर कहीं मर जाओं जिसके बाद
युवक पैसे की तलाश में घर से निकला एवं जब पैसे की व्यवस्था नहीं हो पाया तो तनाव में आकर युवक ने डड़सेना पुलिया में जाकर जीवन की हलीला समाप्त कर ली | मृतक के परिवार में पत्नी दो बच्चे 13 वर्ष और डेढ़ वर्ष का छोटा सा परिवार था | पूर्व पत्नी का इलाज न करवा पाने के कारण पहली पत्नी का कुछ वर्ष पूर्व देहांत हो गया था एवं बच्चों की देखभाल हेतु दूसरा विवाह किया था | मृतक तीन भाई व दो बहने थी |
जगदलपुर।छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला बस्तर में शांति के लिए 5 किलोमीटर ” बस्तर शांति दौड़ ” का आयोजन 31 जनवरी को सुरक्षा बलो के शहीदो की स्मृति और समाज में शांति एवं स्वस्थ जीवन शैली के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए किया गया । विश्व के सबसे विशाल केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल ” केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ” द्वारा धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में न केवल नक्सल उन्मूलन अभियानों द्वारा नक्सलियों से लोहा लिया जा रहा है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की सामाजिक स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु भी निरतर प्रयास केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा किया जा रहा है । इसी क्रम में जिला बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों एवं अंदरूनी ग्रामों से आए हुए ग्रामीणों को नक्सल विचारधारा से दूर रहने एवं मुख्य धारा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया ।
इस सामाजिक जागरूकता अभियान में कोविड -19 से बचाव हेतु इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने हेतु जागरूक किया गया एवं मेडिकल चेकअप कैम्प की भी व्यवस्था की गई । यह शाति दौड़ एक गैर – प्रतिस्पर्धा आयोजन था, जिसमें सीआरपीएफ , कोबरा , छत्तीसगढ़ पुलिस के सभी रैक और उनके परिवार नागरिक प्रशासन , वन विभाग , एनएमडीसी, एसबीआई और स्थानीय बस्तर के ग्रामीण शामिल हुए । जगदलपुर में ” बस्तर शांति दौड ‘ का आयोजन एपी सिंह , पुलिस उप – महानिरीक्षक , रेज जगदलपुर द्वारा प्रकाश डी . पुलिस महानिरीक्षक , छत्तीसगढ़ सेक्टर , केन्द्रीय रिजर्व पुलिस के मार्गदर्शन में एनएमडीसी नगरनार एवं स्टेट बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय जगदलपुर के सहयोग से किया गया । इस शांति दौड़ का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रशांत दास , एक्जिक्युटिव डायरेक्टर एनएमडीसी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया ।
इस शांति दौड़ में विशिष्ठ अतिथि बिनय कुमार सिंह, एसबी आई क्षेत्राधिकारी भी शामिल हुए । इनके अतिरिक्त जिला बस्तर के अन्य शासकीय संस्थाओं से आये अतिथियों ने भी इस शांति दौड में भाग लिया एवं समस्त अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किये गये , जिनमें सुन्दर राज पी . पुलिस महानिरीक्षक बस्तर , मोहम्मद शाहिद , सी.सी.एफ. , इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल , सीईओ जिला पचायत बस्तर , डॉक्टर आरके चतुर्वेदी, सीएमएचओ जिला बस्तर एवं शासकीय व्यक्तियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आये हुए 300 धावकों ने भाग लिया । दौड़ के अंत में सभी प्रतिभागियों को ” सर्टिफिकेट ‘ तथा स्वल्पाहार का वितरण किया गया । छत्तीसगढ़ सेक्टर , केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल बस्तर में शांति एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है ।
अर्जुन झा छत्तीसगढ़ की माटी में राजनीति की ऊंची नीची राहों पर राज्य की समृद्ध संस्कृति और परम्पराओं की सौंधी खुशबू बिखेरने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छैरछेरा की धूम में प्रतिपक्ष भाजपा के सियासी अरमानों पर पानी फेर दिया। देश की भाजपा सरकार दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसानों के आंदोलन को लेकर बीते दो माह से परेशान है और इधर कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए धान खरीदी के मुद्दे पर ताकत झोंक रही है। भाजपा यहां भूपेश बघेल सरकार पर धान खरीदी में अनियमितता का आरोप लगा रही है। उसका आरोप है कि कांग्रेस की सरकार किसान विरोधी है। वह किसान की पूरी धान न खरीदने के लिए तरह तरह की बहानेबाजी कर रही है। भाजपा किसानों की बाकी रकम के भुगतान पर भी सरकार को घेर रही है तो धान की सुरक्षा पर भी सरकार पर निशाना साधते हुए पिछले साल धान सड़ने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए इस बार भी खुले मे धान भीगने की आशंका जता रही है। ऐसे समय में भाजपा को सांस्कृतिक तरीक़े से जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छेरछेरा त्यौहार पर किसानों के उत्साह में प्रत्यक्ष भागीदारी करके यह जाहिर कर दिया कि भाजपा किसानों को नाहक ही बरगलाने की कोशिश कर रही है। किसान ख़ुश हैं। उन्हें कांग्रेस के राज में उनकी समस्याओं का समाधान मिल रहा है और उनकी खुशहाली के रास्ते खुले हैं। छत्तीसगढ़ का किसान तो भाजपा के राज में पंद्रह साल तक परेशान रहा और अब उसके केंद्रीय राज में देश का किसान हालाकान है, तभी तो दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन हो रहा है। भूपेश बघेल ने राज्य के किसानों के महापर्व पर एक किसान के रूप में भी जनता के बीच भागीदारी निभाते हुए राज्य की सांस्कृतिक विरासत को पुष्ट किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांकेर के पुराना बस स्टैण्ड से मस्जिद तक दुकानों और घरों में छेरछेरा का दान मांगा। इस मौके पर जनता से उनका सीधा और आत्मीय संवाद स्थापित हुआ।
दान में मिले अन्न को मुख्यमंत्री सुपोषण और प्राप्त धन राशि को अस्पताल में खर्च करने दे दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत कर सूपा, टोकरी और बोरियों से भर-भरकर किया अन्न दान किया गया। ‘‘छेरछेरा, छेर बरकदिन छेरछेरा, माई कोठी के धान ला हेरहेरा’’ के उद्घोष के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व छेरछेरा-पुन्नी के अवसर पर विपक्षी राजनीति का जवाब लोक परम्परा नीति से दे दिया। छेरछेरा मांगकर हर्षोल्लास के साथ छेरछेरा पर्व मनाया। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री बघेल को टोकरी, सूपा और बोरी में भर-भरकर अन्न दान किया। कांकेरवासियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को तुला में तौलकर उनके वजन के बराकर अन्नदान किया। कांकेर के मुख्य मार्ग पर छेरछेरा मांग रहे मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत करते हुए खुले मन से अन्न दान किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छेरछेरा-पुन्नी त्यौहार के मौके पर महिलाओं, पुरूषों और बच्चों का दल घर-घर जाकर छेरछेरा मांगते हैं। उत्साह और खुशीपूर्वक पारंपरिक छेरछेरा-पुन्नी का त्यौहार मनाते हैं। उन्होंने कहा कि छेरछेरा से प्राप्त अन्न को सार्वजनिक हित में भी खर्च किया जाता है। लोगों के घरों में कटाई-मिंजाई के बाद अन्न का भंडार भरा रहता है, लोगों द्वारा भी इस त्यौहार के अवसर पर खुले मन से अन्न व पैसे दान किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भी समझते हैं कि अन्न पर पशु-पक्षी, गरीब-अमीर सहित सबका अधिकार है। अतः किसान खुले मन से दान करते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इस वर्ष किसानों की फसल अच्छी हुई है। राज्य सरकार किसानों से समर्थन मूल्य में अब तक 86 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद चुके हैं। धान खरीदी में कुछ दिन शेष है, इन कुछ दिनों में किसानों से और भी धान खरीदा जाएगा, जिससे प्रदेश में धान खरीदी के क्षेत्र में एक नया रिकार्ड बनेगा। इस तरह उन्होंने राजनीति का रुख लोक संस्कृति की ओर मोड़ दिया।
केन्द्र सरकार द्वारा, पारित श्रम कानूनों मे मजदूर विरोधी संसोधनो, तीन कृषि कानूनों ,तथा अंधाधुंध निजीकरण के खिलाफ सीटू के केन्द्रीय आहवान पर प्रदेश की राजधानी रायपुर मे 31 जनवरी को विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।इस धरना प्रदर्शन मे पूरे छत्तीसगढ़ से हजारों की संख्या मजदूर, किसान शिरकत करेंगे । धरना प्रदर्शन के व्यापक प्रचार, प्रसार के लिए छत्तीसगढ़ के चार स्थानों से 30 जनवरी को ही जत्थे रायपुर के लिए रवाना हो गये है ।
इसी के अंतर्गत दल्लीराजहरा से भी स्थानीय सीटू कार्यकर्ताओं का एक जत्था आज रवाना हुआ ।इस जत्थे में एक प्रचार वाहन के साथ सैकड़ो लोग मोटरसाइकिल मे रवाना हुए हैं।यह जत्था बालोद, गुरूर, पुरूर, धमतरी, मे सरकार के जनविरोधी नीतियों का प्रचार प्रसार करते हुए कल रायपुर पहुँचेगा । इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश का मजदूर वर्ग, जहाँ एक ओर श्रम कानूनों मे संसोधनो का विरोध करेगा वहीं दूसरी ओर तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर आन्दोलनरत किसानो के समर्थन मे अपनी आवाज बुलंद करेगा।
इसी के साथ बिजली संसोधन बिल 2020 का विरोध ,व अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाने की,भी मांग की जायेगी । राजहरा से रवाना जत्थे का नेतृत्व कर रहे, सीटू नेतागण प्रकाश क्षत्रिय, पुरषोत्तम सिमैया,चार्ली वर्गिस, सुजीत मुखर्जी व विनोद मिश्रा ने कहा कि देश की आमजनता , किसान व मजदूर वर्ग के प्रति केंद्र सरकार के शोषणकारी व दमनकारी रवैये से देश के लोकतंत्र को बचाने की चुनौती हमारे सामने आ खडी हुई है। देश की आमजनता ,मजदूर, व किसान वर्ग पूरी एकजुटता के साथ इस चुनौती का मुकाबला करेगा और हम अपने लोकतंत्र को बचाने में जरूर कामयाब होंगे ।
आज दिनांक 30 जनवरी 2021 भानुप्रतापपुर में छत्तीसगढ़ अभिकर्ता उपभोक्ता सेवा संघ के बैनर तले निवेशकों की पैसा वापसी को ले कर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। आज के कार्यक्रम में संघ के जिलाध्यक्ष राकेश मंडावी ,संरक्षक घना राम साहू , अध्यक्ष दीनदयाल नरेटी , प्रभारी कृष्णा निषाद , सचिव कमलेश कुमार साहू , उपाध्यक्ष बजरू राम गावड़े . कोषाध्यक्ष नंदकुमार साहू, सलाहकार श्रीराम ठाकुर, , सीता राम मंडावी , शंकर लाल साहू मीडिया प्रभारी सतीश यादव , कार्यकारिणी सदस्य बिशेसर सिन्हा , करबारी गावड़े , संतू राम ध्रुव, श्यामलाल नाग, टोमेश सहारे, प्रदीप अधिकारी, विष्णू राम साहू , रामसिंह राजपूत , सुक्रेंन गोटा , सुक्कु राम उइके , पांडे राम सलाम , प्यारे लाल भोयर तथा स्थानीय लोगों के साथ साथ अंतागढ़,भानुप्रतापपुर, नारायणपुर एवम राजनांदगांव जिले के सैकड़ों अभिकर्ता एवम् निवेशक साथी धरना प्रदर्शन में उपस्थित हुए ,संघ के प्रमुख राकेश मंडावी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के भोले भाले जनता की गाढ़ी कमाई को निवेश करने भाजपा सरकार ने चिटफंड कम्पनियो को रोजगार मेलो में आमंत्रित किया तथा कई कंपनियों के उद्घाटन समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता लोग अपनी उपस्थिति देकर यहाँ के जनता को अपने विश्वास में लिया ।
उन्होंने कहा कि कई प्रशानिक अधिकारियों के द्वारा कंपनियों को छान बीन के नाम से एक दो दिन के लिए बंद किया जाता था उसके बाद कंपनी की कार्यप्रणाली को विधिसंगत बताकर वापस खोल दिया जाता था जिसका इश्तेहार समाचार पत्रों में भी दिया गया। छतीसगढ़ राज्य के लगभग बीस लाख परिवार के दस हजार करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि 110 भिन्न चिटफंड कम्पनियो में फंसे हुए है, जिस पैसा वापसी के लिए संघ ने सन 2015 से लगातार शासन प्रशासन को आवेदन, ज्ञापन, आंदोनल, के माध्यम से शासन प्रशासन तक समस्या को पहुचाने का कार्य करते रहे है, कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव में अपने जन घोषणा पत्र क्रमांक 34 में कहा था कि छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो कम्पनियो पर कड़ी कार्यवाही करते हुए निवेशकों का पैसा वापस किया जाएगा, जिस पर विश्वास कर के कम्पनियो में फंसे निवेशक अभिकर्ता ने कांग्रेस को वोट दे कर छतीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने में सहयोग किये है,कांग्रेस की सरकार बने दो वर्ष बीत गए है, अब भूपेश सरकार भी आम जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ कर रही है ।
संघ के संरक्षक घना राम साहू ने कहा कि चुनावी सभा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने कहा था कि सभी निवेशकों को ब्याज सहित उनकी पैसा वापस किया जाएगा चाहे इसके लिए हमें कोई भी अतिरिक्त कोष बनाना पड़े , हम बनायेंगे , लेकिन अभी तक ऐसा कुछ भी नही किया गया । हम किसी भी प्रकार से भुपेश बघेल सरकार का विरोध नहीं कर रहे हैं , कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए वादा को याद दिलाने हेतु एकदिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपा जाएगा ।उन्होंने कहा कि अब तो ऐसा प्रतीत होता है कि छत्तीसगढ़ की राजनीतिक पार्टी केवल हमारा इस्तेमाल करने में ही लगा है । सरकार द्वारा चुनाव में हर निवेशकों की पैसा वापस देने की बात कही थी।
संघ के प्रभारी कृष्णा निषाद ने बताया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में संगठन की ओर की गई सभी आंदोलन धरना में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी जो पिसिसी अध्यक्ष थे, संघ की बैनर तले की गई रायपुर, जगदलपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, डोंडी, बालोद, बलोदाबजार व अन्य सभी आंदोलनों रैली में श्री भूपेश बघेल जी व कांग्रेस दल के सभी विधायकों ने संघ की आंदोलनों में शामिल हुए और कांग्रेस को सरकार बनने पर हर निवेशकों की पैसा वापसी की बात कही गई थी । उन्होंने कहा कि सरकार की ऐसे ही उदासीन रवैया रहा तो आने वाले समय में सभी जिलों से पैदल मार्च करते मुख्यमंत्री निवास रायपुर में जा कर पूरे प्रदेश भर के निवेशक एवं अभिकर्ता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को ज्ञापन दे कर निवेशकों की पैसा वापसी की मांग की जाएगी । आज के धरना प्रदर्शन में अलग अलग चिटफण्ड कम्पनी के सैकड़ों निवेशक उपस्थित रहे।
इसके बाद अभिकर्ता एवं निवेशकों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया ।
चिटफण्ड पीड़ित अभिकर्ता एवं निवेशकों के समर्थन में आम आदमी पार्टी एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आए
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री कोमल हुपेंडी जी ने कहा कि भुपेश सरकार छत्तीसगढ़ के जनता के भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है , सत्ता के लालच में छत्तीसगढ़ के जनता को लोक लुभावनी वादा किया और सत्ता मिल जाने के बाद अपना रंग दिखा दिया । उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा लोगों के हित के लड़ाई लड़ा है और आने वाले समय में भी पार्टी का सहयोग छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता सेवा संघ के साथ रहेगा ।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी कांकेर के जिलाध्यक्ष ति. घनश्याम जुर्री ने कहा कि चुनावी सभा एवं जन घोषणा पत्र में साफ साफ उल्लेख किया था कि अगर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनती है तो छः महीने के भीतर सभी निवेशकों का पैसा वापस मिलना चालू हो जाएगा , लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी अपना वादा पूरा नहीं किया । इससे स्पष्ट होता है कि ये सरकार केवल चुनाव जीतने के उद्देश्य से ही लोगों के सामने राजनीतिक दिखावा किया था । अगर भुपेश सरकार अपना वादा पूरा नहीं किया तो आगामी समय में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा ।
28 जनवरी मुख्यमंत्री के कांकेर आगमन पर छ.ग. मध्यान्ह भोजन रसाईया संघ द्वारा मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रसोईया संघ की दिये जा रहे मानदेय राशि में बढ़ोतरी करने संबंधी ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में रसोईया संघ की समस्याओं को से अवगत कराते हुए रसोईया संघ द्वारा कहा गया कि मध्यान्ह भोजन रसोईया को केन्द्र सरकार द्वारा 1000 रूपयें तथा पूर्व में राज्य शासन द्वारा 200 रूपयें प्रतिमाह दिया जा रहा है । प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने ढाई वर्ष पूर्ण हो चुका है इसके बाद भी राज्य सरकार द्वारा रसोईयां की मानदेय राशि में कोई भी बढोतरी नही किया गया है ।
2018 विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में किये गये घोषणा से अवगत कराते हुए कहा गया कि सरकार बनने के बाद रसोइयाओं को कलेक्टर दर लागू करने तथा नियमितीकरण की घोषणा की गयी थी जिसे आज तक लागू नही किया गया साथ ही वर्ष 2019 में राज्य सरकार द्वारा अपने 08 फरवरी 2019 में पेश किये गये बजट में मात्र 300 रूपयें बढ़ाये जाने की घोषणा की गई थी परन्तु अभी तक बढ़ाई गयी राशि रसोईयाओं को प्राप्त नही हो पा रहा है तथा 10 माह के जगह 12 माह मानदेय राशि दिये जाने की मांग की गयी है रसोईयां संघ के समस्याओं पर मुख्यमंत्री के द्वारा शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया गया ।
रसोईयां संघ की ओर से ज्ञापन जीवन लाल साहू तथा टी.आर. बघेल द्वारा सौंपा गया ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्य तिथि को आज शहीद दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में कलेक्टर चन्दन कुमार, अपर कलेक्टर एम.आर. चेलक, एसडीएम उमाशंकर बंदे, डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार एवं जिला कोषालय अधिकारी सुश्री श्रद्धासुमन एक्का सहित अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा देश की आजादी में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को स्मरण करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
खरीफ वर्ष 2020-21 में कांकेर जिले को 29 लाख 32 हजार क्विंटल धान की खरीदी का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके विरूद्ध जिले के 74 हजार 996 किसानों से 557 करोड़ 72 लाख 15 हजार 297 रूपये का 29 लाख 65 हजार क्विंटल धान की खरीदी किया गया, जो लक्ष्य का 101 प्रतिशत होता है। धान खरीदी में जिले के किसानों द्वारा 20 लाख जूट बारदाने का सहयोग धान खरीदी में किया गया, जिससे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से संपन्न की गई। किसानों द्वारा प्रदाय किये बारदाने की राशि समर्थन मूल्य के साथ उनके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जा रही है।
जिले में 01 दिसम्बर 2020 से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी प्रारंभ किया गया था तथा धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संपादित करने के लिए सभी खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए छाया, पानी इत्यादि की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, साथ ही खरीदी केन्द्रांे के दूरस्थ ग्रामों में किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जिले में 12 नवीन धान खरीदी केन्द्रों की स्थापना की गई, जिनमें ईच्छापुर, मरकाटोला, ठेमा, कुम्हानखार, शाहवाड़ा, कांटागांव, कोदापाखा, सरण्डी, भैंसासुर, पोण्डगांव, चारगांव, परतापुर इत्यादि नवीन धान खरीदी केन्द्र शामिल हैं। इन गांवों में धान खरीदी केन्द्र शुरू होने से वहां के ग्रामीणों में नये उत्साह का माहौल बना है, पूर्व में इन गांवों के किसानों को अधिक दूरी पर स्थित धान खरीदी केन्द्रों में जाकर अपने धान को बेचना पड़ता था, जिससे उन्हें अधिक समय लगता था, साथ ही परिवहन में अतिरिक्त व्यय भी होता था, गांव में धान खरीदी केन्द्र खुलने से उन्हें सुविधा मिली है।
धान खरीदी केन्द्रों में जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था से प्रसन्न कांकेर तहसील के ग्राम मरकाटोला के किसान सगुनराम साहू ने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में शासन-प्रशासन द्वारा सभी प्रकार के सुविधाओं का ख्याल रखा गया था, किसानों के लिए छाया-पानी की व्यवस्था की गई थी। टोकन जारी करने में भी कोई परेशानी नहीं हुई, अनावश्यक लाईन लगाना नहीं पड़ा। मरकाटोला के खरीदी केन्द्र में मेरे द्वारा 96 कट्टा धान का विक्रय किया है, जो लगभग 96 हजार रूपये का होता है। उन्होंने बताया कि पहले हमारे गांव के लोग धान बेचने के लिए 10 किलोमीटर दूर धान खरीदी केन्द्र पोटगांव जाते थे, जहां पर किसानों की संख्या अधिक होने के कारण ज्यादा समय लगता था तथा आने-जाने में परेशानी होती थी। हमारी परेशानी को शासन ने समझा और हमारे गांव मरकाटोला में नवीन धान खरीदी केन्द्र खोलकर हमें धान बेचने की सुविधा प्रदान किया गया है। अब हमारे गांव के सहकारी समिति से खेती किसानी के लिए खाद-बीज और कृषि ऋण की सुविधा भी मिलने लगेगी। उन्होंने बताया कि हमारे गांव के खरीदी केन्द्र में 05 नग नवीन पक्के चबूतरे का निर्माण भी किया गया है।
इसी प्रकार के विचार ग्राम कापसी के किसान फत्तेसिंह चिराम और सुखराम नरेटी ने भी व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि इस साल धान बेचने में कोई कठिनाई नहीं हुई, बीच में बोरे की थोड़ी समस्या जरूर हुई थी, किन्तु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों के जूट बारदाने से खरीदी की सुविधा उपलब्ध कराकर समस्या का तत्काल समाधान कर लिया गया। फत्तेसिंह चिराम ने बताया कि उनके द्वारा 63 कट्टा धान बेचा गया, जो लगभग 62 हजार 500 रूपये का होता है। सुखराम नरेटी द्वारा 55 हजार रूपये के 22 क्विंटल धान का विक्रय करने की जानकारी दिया गया। ग्राम तेलावट के किसान श्याम साहू, संतोष भुआर्य, रामचन्द नेताम, मनबहल सलाम, विनोद सलाम तथा आलबेड़ा के किसान विष्णु साहू ने कहा कि समर्थन मूल्य में धान बेचने में कोई दिक्कत नहीं हुई। मनबहल सलाम ने बताया कि उनके द्वारा 750 बोरा धान बेचा गया है, जो लगभग 7 लाख 50 हजार रूपये का होता है। श्यामलाल साहू द्वारा 1 लाख 51 हजार रूपये के 151 कट्टा धान बेचने की जानकारी दी गई। विनोद सलाम ने बताया कि उनके द्वारा 1 लाख 30 हजार रूपये के 130 बोरा धान बेचा गया है। संतोष भुआर्य ने 1 लाख 12 हजार 500 रूपये के 112 बोरा धान बेचने की जानकारी दी। ग्राम धनतुलसी के किसान सुखीराम नरेटी ने भी धान खरीदी के लिए की गई व्यवस्था से संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा 200 बोरा धान बेचा गया है, जो लगभग 2 लाख रूपये का होता है। पीढ़ापाल किसान हलाल राम पटोडी द्वारा 3 लाख 50 हजार रूपये के 350 बोरा धान बेचने की जानकारी दी गई |