भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी द्वारा भारतीय गणराज्य के नवनिर्वाचित महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपति मुर्मू जी को अपमानित करने वाले शब्दों के प्रयोग करने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के द्वारा अधीर रंजन का पुतला दहन किया गया।
युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष श्रीकांत वर्मा ने कहा कि एक आदिवासी महिला के राष्ट्रपति पद पर नियुक्त होने से कांग्रेस पार्टी पूर्ण रूप से आहत नजर आ रही है, राष्ट्रपति के चुनाव में खुले तौर पर कांग्रेस द्वारा अपना प्रत्याशी खड़ा कर विरोध जताया जिसमें उसे करारी हार का सामना करना पड़ा ।अब जबकि श्रीमती द्रोपति मुर्मू राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हो चुकी है कांग्रेस को अब भी उनसे इतनी तकलीफ है कि उनके नेता उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपशब्द का प्रयोग कर रहे हैं। अवसर पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं के साथ जिला भाजपा के नेता गण पूर्वविधायक गण,गुंडरदेही भाजपा मंडल के पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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बीएमओ ने जिला प्रशासन को पूर्व में भी कराया था अवगत
जिला एवं जनपद स्तर की स्वास्थ्य टीम करेगी कैम्प, होगी जांच
उच्च स्तरीय स्वास्थ्य दल भेजकर जांच की दरकार
जगदलपुर कोटा – सुकमा जिले के कटा विकसखंड के अंतर्गत रेगड़गट्टा पंचायत में ढाई वर्ष में बीमारी से 61 ग्रामीणों की मौत हुई है जिसमें अधिकांश 20 से 40 वर्ष के ग्रामीण है। इन ग्रामीणों की मौत का जिम्मेदार कौन? स्वास्थ्य विभाग ने आशंका जाहिर की है कि यूरिक एसीड की मात्रा बढ़ने एवं यूरीन इंफेक्शन के कारण मौत हो हुई है। पूर्व में बीएमओ कोंटा के द्वार शिविर लगाकर जांच में यूरिक एसिड बढ़ने का खुलासा हुआ था जिसकी जानकारी सकमा में स्वास्थ्य विभागके सीएमओ और प्रशासन को भी अवगत कराते हुए मेडिकल कॉलेज से टीम भेजकर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी। बीएमओ के जांच रिपोर्ट पर गंभीरता बरती जाती तो कुछ ग्रामीणों को जिंदगी बचाई जा सकती थी। सुकमा जिला पंचायत सदस्य एवं सीपीआई नेता राम सोढ़ी ग्रामीणों की मौत पर चिंता जताते हुए प्रशासन को जगाने का काम किया है। खबर है कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन जागा है और सुकमा एवं कोटा से स्वास्थ्य विभाग का दल रेगड़गट्टा में कैम्प कर मामले की जांच करेंगी।
ज्ञातव्य हो कि आजादी के 74 वर्षों बाद भी बस्तर अंचल के कई इलाकों में बुनियादी सुविधा नहीं पहुंच पाई है, लोग बेहतर बुनियादी सुविधा के अभाव में मौत का शिकार हो रहे है। सत्ता में बैठे राजनीतिक दल के नेता हमेशा यह कहा करते है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जा रही है और शिक्षा स्वस्थ्य हमारी प्राथकिता होगी। स्वास्थ्य और शिक्षा पर बेहतर ध्यान केन्द्रीत किया जाता तो शायद यूरिक एसिड़ की समस्याओं से ग्रामीणों की मौत नहीं होती।
30 माह में 61 ग्रामीणों की मौत:
प्रदेश के अंतिम छोर पर बसा सुकमा जिले के कटा विकासखंड के एक दर्जन से अधिक ऐसे पंचायत है जहां निवासरत परिवार बनियादी सुविधओं से जूझ रहा है। कोंटा से लगभग 25 किमी दूर रेगड़गट्टा पंचायत में जहां एक सामान्य सी बीमारी अपना पांव पसार चुकी है जिसके चलते 61 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2020 में 18,2021 में 19 एवं 2022 में अब तक 24 प्रामीणों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में अधिकांश 20 से 40 वर्ष के युवा शामिल है।
शिकायत के बाद जागा प्रशासनः
सीपीआई नेता एवं जिपं सदस्य रामा सोढ़ी ने जनता की सेवा का दायित्व उठते हुए उन ग्रामीणों की मैत पर चिंता जाहिर करते हुए जिला प्रशासन को मौत को लेकर अवगत कराया। सुकमा डिप्टो कलेक्टर को पत्र सौंप यह मांग की गई है कि स्वास्थ्य टीम भेजकर मामले की जांच करते हुए ग्रामीणों को बेहतर उपचार दिया जाये।
यूरिक एसिड बढ़ने से मौत की आशंका:
कोंटा के बीएमओ ने बताया कि ग्रामीणों की मौत की जानकारी मिलने के बाद रेगड़गट्टा में फरवरी एवं मई में कैम्प कर ग्रामीणों के ब्लड एवं यूरिन की जांच कराई गई थी जिसमें अधिकांश की रिपोर्ट में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ना पाया गया। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि उक्त कारणों से ग्रामीणों की मौत हुई होगी। बीएमओ ने बताया कि इसकी जानकारी सीएमओ सुकमा एवं जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए मेडिकल से टीम भेजकर उच्च स्तरीय जांच का आग्रह किया गया था।
मौत का जिम्मेदार कौन?:
प्रारभिक स्तर की जच में आई कमियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन एलर्ट हो जाता तो शायद कई ग्रामीणों की जान बचाई जा सकती थी। जिला प्रशासन ने उन ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सविधा की व्यवस्थ न करये जाने का आरोप जिपं सदस्य ने लगाया है। खबर है कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने जिला स्तर की स्वस्थ्य टीम भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है और गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज भेज जायेगा।
दल्लीराजहरा- नगर के वार्ड क्रमांक 15 में बिजली करंट से हुए मौत के मामले में अंततः मकान मालिक और ठेकेदार पर कानून की गाज गिरी। नवभारत संवाददाता एवम सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे के द्वारा लगातार मामले को सज्ञान में लेकर पीड़ित पक्ष के लिए आवाज उठाया जा रहा था। स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से नगर पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की एवम एएसआई नंद किशोर सिन्हा और बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुनील ठाकुर ने अपनी कागजी कार्यवाही व जांच पर अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करते हुए मकान मालिक राजेन्द जायसवाल व ठेकेदार को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उनपर थाना राजहरा में अपराध दर्ज किया गया। थाना राजहरा में दर्ज एफआईआर क्रमांक 251/22 के अनुसार सउनि के पद पर पदस्थ एएसआई नंद किशोर सिन्हा ने अपनी प्रथम सूचना रिपोर्ट में बताया कि थाना राजहरा के मर्ग क्रमांक 26/22 धारा 174 जाफौ के मृतक अनिल बघेल पिता चैतोराम बघेल उम्र 32 वर्ष ग्राम नर्राटोला थाना डौण्डी का मर्ग जांच दौरान घटना स्थल निरीक्षण शव पंचनामा कार्यवाही पीएम रिपोर्ट तथा गवाहों के कथन पर पाया कि मृतक घटना दिनांक 15.07.2022 को मकान मालिक राजेन्द्र जायसवाल के मकान निर्माण कार्य ठेकेदार के संरक्षण में मजदूरी काम अन्य मजदूरों के साथ कर रहा था, मकान के उपरी हिस्सा में 11 केवी बिजली लाईन गुजरा है,
जिससे निर्माण कार्य के दौरान मजदूरी करते समय चालू बिजली लाईन के संपर्क में आने से बिजली की शक लगने से मृत्यू हुआ है जांच के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी से पूछताछ कर मकान मालिक को मकान निर्माण कार्य नही करने हेतू लिखित नोटिस दिया गया था इसके बाद भी मकान मालिक राजेन्द्र जायसवाल एवं ठेकेदार द्वारा मृतक से उपेक्षा पूर्वक कार्य कराया गया जिस कारण मृतक बिजली करंट के संपर्क में आने से मृत्यू हुआ है जो जांच के प्रथम दृष्टया में मकान मालिक राजेन्द्र जायसवाल सा0 वार्ड क्र0 15 नियोगी नगर राजहरा एवं ठेकेदार का कृत्य धारा 304 ए, 34 भादवि का घटित करना पाया गया है अपराध पंजीबंद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
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बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुनील ठाकुर एवम नगर पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की ने नगरवासियों से अपील की है कि जब भी मकान निर्माण का कार्य किया जाए तो हाई वोल्टेज बिजली के तारो को देखते हुए ही कार्य करें। मकान के नज़दीक बिजली के तार होने पर मकान निर्माण कार्य को रोक देवे और बिजली विभाग को सूचित करें। ताकि किसी प्रकार के भी जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।
मृतक अनिल बघेल के घर पहुँचे सांसद प्रतिनिधि*
ग्राम नारराटोला निवासी मृतक अनिल बघेल के निवास स्थल पर सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे, भाजपा डौन्डी मंडल अध्यक्ष मनीष झा, नगर पंचायत चिखलाकसा अध्यक्ष भिखी मसिया, राधिका भारद्वाज एवम रजनी जायसवाल ने मृतक अनिल बघेल के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें धैर्यपूर्वक कार्य करने एवम बिजली करंट से होने वाली मृत्यु उपरांत शासन प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि की जानकारी देते हुए राजहरा थाना में तत्काल एफआईआर करने के बाद कही थी। मृतक अनिल बघेल के परिजनों की हालात से रूबरू होकर पहुँचे सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे आक्रामक तेवर में नज़र आये। जिसके बाद उन्होने स्थानीय बिजली विभाग एवम थाना प्रभारी से लगातार संपर्क रख जांच की कार्यवाही की पल पल खबर ली और अंत मे एफआईआर सफलतापूर्वक किया गया। सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे ने कहा कि डौन्डी-लोहारा विधानसभा क्षेत्र के रहवासियों के लिए वह हमेसा साथ खड़े है। शासन प्रशासन से मिलने वाली सारी सुविधाओ को वह धीरे धीरे जनता के समक्ष ला रहे है ताकि क्षेत्र की जनता को जानकारी और उसका लाभ मिल सके।
दल्लीराजहरा- नगर के वार्ड क्रमांक 21 में सोमवार को श्रद्घालुओं की भीड़ शिवालयों में उमड़ पड़ी। दोपहर 2 बजे से ही श्रद्घालु रुद्राभिषेक करने के लिए शिवालयों में पहुंचने लगे। जिसमे मुख्य यजमान भूपेंद्र डहरवाल, ममता डहरवाल, काजल डहरवाल, शोभा किरण डहरवाल, राजकुमारी श्रीनिवासन, कविता श्रीनिवासन, विष्णु श्रीनिवासन, दयाराम, संगीता श्रीनिवासन, बिमला साहू, अंजना साहू, पुनिया बाई, रागनी जोगदंड, बनवा राव, तनु कनक सेजल परिवार मौजूद रहे। शहर के पंच पिपलेश्वर मंदिर सहित अन्य शिवालयों में श्रद्घालुओं ने जलाभिषेक किया। सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर प्रांगण स्थित पंच पिपलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का महामाया रुप में श्रृंगार किया। वहीं सावन सोमवार को नाथ के दरबार में जलाभिषेक के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
भगवान त्रिलोकी नाथ के दरबार में भक्तों ने ओम नमः शिवाय महामंत्र के साथ जलाभिषेक के बाद आस्थापूर्वक भगवान को बेलपत्र, धतूरा, मंदार का फूल आबिर ,गुलाल आदि चढ़ाकर निष्ठापूर्वक पूजा आरती किया। भगवान शंकर के सवारी नंदी भगवान का भी आरती पूजा कर मन्नाते मांगी। काफी संख्या में शिव भक्तों ने उपवास भी रखा। भारी बारिश के बाद भी भक्तों का उत्साह चरम पर था। हर हर महादेव के जय घोष से पुरा माहौल भक्ति मय बन गया। वहीं सुबह से ही मंदिरों में शिव भक्तों की लंबी लाइन लग गई थी।
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जगदलपुर। बस्तर सांसद दीपक बैज ने अपने शहर प्रतिनिधि कमलजीत झज्ज को पार्टी से हटा दिया गया है जिसके पिछे शहर महिला कांग्रेस से माही श्रीवास्तव और नानगुर ब्लाक अध्यक्ष लक्ष्मी कश्यप को हटाने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार शहर महिला अध्यक्ष झज्ज सांसद दीपक बैज की कैम्प की मानी जाती थी और सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य, वरिष्ठ कांग्रेसी मलकीत सिंह गैदु के कहने पर ही उनकी नियुक्ति हुई थी वहीं झज्ज को पार्षद का टिकट भी सांसद दीपक बैज की अनुशंसा पर दिया गया था और संसाधन भी उपलब्ध कराई गई थी। कमलजीत झज्ज के हारने के बाद भी उन्हें शहर प्रतिनिधि सांसद दीपक बैज ने बनाया किंतु विगत कुछ दिनों से अपनी मनमानी झज्ज कर रही थी। जनपद पंचायत अध्यक्ष अनिता पोयाम के विश्वसतों उपाध्यक्ष माही श्रीवास्तव व नानगुर ब्लाक अध्यक्ष लक्ष्मी कश्यप को हटाया गया जिसकी जानकारी पोयाम ने सांसद बैज को दिया गया जिसके बाद ऐसा प्रतीत होता है कि अपनी मनमानी करने पर उन्हें सांसद प्रतिनिधि पद से हटाया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगातार 74वर्षो से छात्रहित, समाजहित एवं राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रसर है, इसी तारतम्य में अभाविप ने कुलपति से मिलकर ज्ञापन सौंपा |
जिला संयोजक वरूण साहनी ने बताया कि कालीपुर में नवनिर्मित विश्वविद्यालय के बी.ऐड. भवन में मेन रोड से भवन तक पहुँच मार्ग की दयनीय स्थिति बताते हुये कहा कि सड़क के अभाव में कीचड़ के रास्ते भवन तक पहुंचा जा रहा है जो कि अत्यंत निराशाजनक है जहाँ शीघ्र ही पक्की सड़क निर्माण किया जायें, साथ ही एल. एल.एम. की शिक्षा भी शीघ्र प्रारम्भ करने की मांग की | जगदलपुर नगर मंत्री यश ध्रुव ने बताया कि छात्रों की परेशानी को देखते हुये एम.एस की सीटे बढ़ाने एवं स्नातक कक्षाओं के परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित करने की मांग की |
इस दौरान भरत कश्यप, उमेश, राम एवं अन्य उपस्थित थे |
बस्तर के कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है -डॉ. अरुण पाण्डेय्
छत्तीसगढ़ । प्रशासन ध्यान नही देती तब कर्मचारियों के हक़ के लिए करेंगे भूंख हड़ताल -कामगार सभा
छत्तीसगढ़ । मेडिकल कॉलेज / हॉस्पिटल डिमरापाल जगदलपुर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए शासन ने 2014 में एक बार टेंडर जारी करके सीडीओ सेक्युरिटिस एन्ड पब्लिक हेल्पलाइन एजेंसी को काम दिया था। जोकि अब तक प्रतिवर्ष वर्क आर्डर को बिना किसी नए टेंडर के आगे बढ़ाया जा रहा है। आरंभ से ही इस कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को प्रबंधन द्वारा न्यूनतम वेतनमान के तहत मासिक वेतन और श्रम विभाग के नियमानुसार अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश नही दिया जाता था। जनसभा संगठन के द्वारा ज़िला श्रम अधिकारी से लिखित शिक़ायत व कई धरना, प्रदर्शन आंदोलन के बाद पिछले 2 माह से कर्मचारियों को प्रबंधन द्वारा न्यूनतम वेतन और साप्ताहिक अवकाश देना आरंभ किया गया है। वर्तमान में उक्त कंपनी के सैकड़ो कर्मचारी विगत एक सप्ताह से प्रत्येक माह काम कण्व के 20 से 25 दिन बाद भुगतान होने की समस्या के निराकरण हेतु सामूहिक हड़ताल पर हैं जिसकी पुष्टि नियोक्ता कंपनी के उपस्थिती पंजी की जांच से स्वतः हो जाएगी। कंपनी प्रबंधन को मेडिकल कॉलेज के डीन के कार्यालय से इन दिनों में सुरक्षा व्यवस्था के सम्बंध में नोटिस भी जारी किया गया है, ऐसा मेडिकल कॉलेज के डीन ने कर्मचारियों को स्वयं बताया है।
2014 से 2021 तक शासन द्वारा जोकि न्यूनतम वेतनमान लागू किया गया हो उस अनुसार नियोक्ता कंपनी ने कर्मचारियों को भुगतान नही किया है। प्रतिमाह आरंभ से ही लगभग तीन हजार रुपयों का अंतर प्रत्येक कर्मचारी को दिए गए वेतन और शासन द्वारा तय वेतनमान के बीच रहा है। इस प्रकार प्रत्येक कर्मचारी का लगभग एल वर्ष में 40 से 50 हज़ार रुपयों का अंतरराशी होगा। कंपनी 2014 से 2021 तक कुल 8 वर्षो से कार्य कर रही है और विभिन संघर्षो के बाद विगत 2 माह से ही न्यूनतम वेतनमान और साप्ताहिक अवकाश कर्मचारियों को मिलने लगा है इस प्रकार प्रत्येक कर्मचारी को से कम 5 लाख रुपयों का चपत प्रबंधन द्वारा लगाया गया है। कर्मचारियों द्वारा हड़ताल अपने इसी अंतरराशी और साप्ताहिक अवकाश के दिनों के एकमुश्त वेतन के लिए किया जा रहा है।
जनसभा संगठन के सदस्य कर्मचारियों के हक़ अधिकार के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। उक्त हड़ताल के बाद जनसभा संगठन द्वारा मेडिकल कॉलेज के डीन व अस्पताल के अधीक्षक, एसडीएम, कलेक्टर से मिलकर मामले की जानकारी दी है। उपरांत कोई निराकरण नही हुआ है, जिसके बाद जनसभा संगठन के नेतृत्व में सैकड़ो कर्मचारियों ने आज संभाग आयुक्त कार्यालय का घेराव करते हुए आयुक्त के अनुपस्थिति में जनसभा के अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल का पुलिस अधिकारियों के मध्यस्थता में संभाग उपायुक्त बीएस सिदार से मुलाकात हुई। प्रतिनिधि मंडल ने संभाग आयुक्त के नाम उन्हें ज्ञापन देते हुए कामगारों के मांगों पर ध्यानाकर्षण करने और समस्याओं के स्थाई निराकरण की मांग की गई। मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. पाण्डेय् ने बताया कि इसके बावजूद भी अब कोई रास्ता नही निकलता है तब न्याय की लड़ाई महात्मा गांधी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए भूंख हड़ताल की तरफ़ लेकर जा सकती है। जानकारी होकि मेडिकल कॉलेज के डीन ने कंपनी को नोटिस देकर सुरक्षा कार्य में हो रहे लापरवाही के लिए कंपनी को व्यवस्था दुरुस्त करने निर्देशित किया है।
धरना कर्मचारी दे रहे हैं वेतन मंत्री विधायक का बढ़ रहा है
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर महंगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा भत्ता की प्रमुख मांग को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है ।विकासखंड बस्तर के नगर पंचायत बस्तर में स्थित मंडी प्रांगण बाजार पारा में कर्मचारियों ने तीसरे दिन भी धरने में बड़ी संख्या में बैठकर शासन की अड़ियल रवैया पर जमकर आक्रोश व्यक्त किया । कर्मचारियों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए नगर पंचायत में रैली भी निकाली व सरकार के अड़ियल रवैये पर नाराजगी जाहिर की। कर्मचारी नेता प्रदीप मिस्त्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि शासन को अपने कर्मचारियों को अपनी जायज मांग महंगाई भत्ता गृह भाड़ा भत्ता के लिए भी आंदोलन करने को विवश होना पड़ रहा है । देश के अधिकांश राज्यों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता दिया जा रहा है । किंतु संपन्न राज्य छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ता को लेकर शासन ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। जिसके कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि शासन को हमारी बात माननी ही पड़ेगी क्योंकि महंगाई भत्ता हम कर्मचारियों का अधिकार है ना कि कोई उपकार। धरना को संबोधित करते हुए।संभागीय प्रभारी कैलाश चौहान ने फेडरेशन के आंदोलन को विफल करने हेतु कुछ तथाकथित लोग बदनाम करने में लगे हुए हैं जिसका अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन निंदा करता है। ये वही कर्मचारी हैं जो स्वयं हड़ताल में नहीं हैं।
आंदोलन के दौरान सभा को कर्मचारी नेता गजेंद्र श्रीवास्तव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ जो आंदोलन को विफल करने में लगे हुए हैं उनपर सख्त कार्यवाही की मांग की है। आंदोलन के दौरान गजेंद्र श्रीवास्तव,कैलाश चौहान,शैलेंद्र तिवारी राम प्रभाकर मिश्रा,मंगलू राम कश्यप, प्रदीप कुमार मिस्त्री कन्हैया लाल मंडावी भागचंद कश्यप,श्रीमती अनिता कश्यप, श्रीमती शारदा कश्यप, लोकेश्वर यदु मनोज मिश्रा श्रीमती रमा ग्वाले मंगलू राम कश्यप मनीष वर्मा मनोज साव,फूलसिंग बघेल, जगदेव नाग, देवेंद्र ठाकुर गोवर्धन बघेल, अजय पांडेय, चन्द्रभान मिश्रा, नरसिंह कश्यप,लखन कश्यप,पदम कश्यप,चेतेंद्र प्रसाद पाणिग्रही, मनोज पांडेय, एम प्रमोद कुमार,श्रीधर पांडेय रविंद्र ठाकुर मनोज पांडेय,नरेश चन्द्र नेताम, नेहरू सिंह ठाकुर,शिव परिहार अरुण मिश्रा, चरण कश्यप,,कृष्ना साहू, लखे राम बिसाई, जीवेंद्र मगर, श्रीमती कमल जोशी, श्रीमती रश्मि नेताम,श्रीमती धनशिला अग्रवाणी, श्रीमती अंजू कश्यप, श्रीमती झरना अग्रवानी, हेमलता नाग, कविता कश्यप, दुर्गा नेताम, भावना परिहार, श्रीमती शारदा कश्यप, पीला सिंह ठाकुर रूप सिंह बघेल ,नीरज कुंजाम,श्रीमती गुरमीत श्रीमती चंद्रमणी दास,ठाकुर,श्रीमती सुनीता रामटेके, श्रीमती विनिता नान्हे,विस्नु यादव,ललित बघेल खत्तु सिंह ठाकुर, पीला राम नेताम,भगत कश्यप, जोगेंद्र पांडेय, लक्ष्मी निषाद जुम्मन नाग हाजरा खान रीता ओझा श्रीमती सरिता ओझा कुमारी राम प्रसाद नागेश, चंद्र प्रसाद पानी ग्राही परमेश्वर जोशी फ़ोरवेल जोशी मनीराम बघेल जनक राम बघेल देवेंद्र सोनी,गिरधारी, विश्वकर्मा, विजय ध्रुव, कुमारी, सुकांति पैकरा श्रीमती राजेश्वरी ध्रुव लोकनाथ यादव, रूप सिंह बघेल डमरु कश्यप आर आर मौर्य,मन्नुराम नेताम,रूपधर मौर्य, श्रीमती कुंती बघेल, सहित सैकड़ों की संख्या मे कर्मचारी उपस्थित थे।
डीएवी स्कूल के जूनियर एवम् सीनियर विंग में पढ़ने वाले बच्चों के पालकों द्वारा संयुक्त खदान मजदूर संघ के पदाधिकारियों से शिकायत की गई थी कि स्कूल प्रबंधन स्कूल परिसर में स्वच्छता प्रबंध को लेकर निष्क्रिय है। इस संबंध में संयुक्त खदान मजदूर संघ का प्रतिनिधि मंडल आज दिनांक 26 जुलाई को डी ए व्ही स्कूल में पालकों के साथ निरीक्षण में गया, जिसमें पाया गया कि स्कूल में लड़कियों के टॉयलेट व वॉशरूम में बहुत ज्यादा गंदगी है एवं नल में पानी भी नहीं आ रहा है। साफ सफाई नहीं होने से बच्चे बीमार हो रहे हैं।
इसी प्रकार लड़कों का भी टॉयलेट भी बहुत गंदा है तथा WC शीट भी टूटी हुई है, वॉशरूम के दरवाजे भी टूटे हुए हैं। टॉयलेट के दीवार में दरार भी है, जिसके कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है तथा स्कूल के गॉर्डन एवम् ग्राउंड में चारों ओर गाजर घास तथा अन्य जंगली पेड़ पौधे तथा खरपतवार उग आए हैं, जिसके कारण परिसर में जहरीले कीड़े-मकोड़े, सांप-बिच्छू आदि हो सकते हैं जो कि किसी भी अनहोनी का कारण बन सकता है। स्कूल में बच्चों के लिए पीने का पानी भी सीधे सिंटेक्स से आ रहा है। स्वच्छ पेयजल के लिए आर.ओ. फिल्टर नहीं लगाया गया है जिसके कारण पानी विशेष तौर पर बारिश के मौसम में बीमारियों को निमंत्रण दे सकता है। इस प्रकार स्कूल की व्यवस्था को देखने के बाद प्रतिनिधियों एवं पालकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। यूनियन प्रतिनिधियों ने स्कूल स्टाफ से प्रिंसिपल के बारे में पूछा तो बताया गया कि आज प्रिंसिपल अलका शर्मा छुट्टी पर हैं। कार्यकारी प्रिंसिपल आर.पी. वर्मा से मुलाकात कर स्कूल का निरीक्षण किया गया और देखा गया कि स्कूल में जो प्राथमिक स्तर पर साफ सफाई होनी चाहिए वह स्कूल प्रबंधन के द्वारा नहीं की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने कुव्यवस्था पर अपना रोष व्यक्त किया और कहा कि स्कूल प्रबंधन को साफ सफाई की ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए। डी ए वी सीनियर एवं जूनियर विंग स्कूल निरीक्षण के बाद यूनियन प्रतिनिधि उप महाप्रबंधक कार्मिक श्री विकास चंद्रा तथा मुख्य महाप्रबंधक श्री समीर स्वरूप से मिला तथा स्कूल प्रबंधन की लापरवाही एवं रखरखाव संबंधी कमियों से अवगत कराया।
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मुख्य महाप्रबंधक श्री समीर स्वरूप ने तत्काल दोनों जूनियर एवं सीनियर विंग स्कूलों में पीने के पानी के लिए आर.ओ. फिल्टर सिस्टम लगाने के लिए सहमति दी तथा स्कूल की साफ सफाई के लिए प्रिंसिपल को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। चर्चा में यह बात सामने आई कि डीएवी स्कूल प्रबंधन के पास रिपेयर एवं मेंटेनेंस के लिए दो लाख रु. एवं मिसलेनियस फंड में लगभग एक लाख रु. रहता है। स्कूल प्रबंधन इस पैसे का उपयोग स्कूल के रखरखाव एवं साफ सफाई के लिए कर सकता है।
निरीक्षण के दौरान यूनियन प्रतिनिधि मंडल में कमलजीत सिंह मान सचिव, तोरण लाल साहू संगठन सचिव, दान सिंह चंद्राकर कार्यकारी अध्यक्ष, राजेश कुमार साहू कार्यालय सचिव, मोतीलाल जॉर्ज, उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह, श्रीनिवासलु, दीपक पटनायक, राज किशोर मोहंती, विष्णु साहू, गुरमीत सिंह, वेंकट रमन, डीएन सोनवानी, विजय देशमुख तथा अनेक पालक गण उपस्थित थे।
जगदलपुर-रावघाट रेल लाईन मुआवजा वितरण में 100 करोड़ से अधिक का घोटाला
जगदलपुर – रावघाटजगदलपुर रेललाईन से जुड़े मुआवजा घोटाले में बिलासपुर हाईकोट की एकल पीठ द्वारा आरोपियों के विरुद्ध निर्णय सुनाएं जाने और अपील पर युगल पीठ द्वारा एकल पीठ के निर्णय को सही ठहराने के बाद बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। हाईकोर्ट से मिले आदेशों के बाद पूर्व में मुआवजा राशि निर्धारण करने की गणना पत्रक तैयार करने वाले शासकीय सेवको पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार। घोटालेबाजों की अपील खारिज होने से रेलवे को मुआवजा राशि का 100 करोड़ वापस करना होगा। चर्चा है कि शासकीय सेवको के कार्य में उदासिनता के कारण करोड़ों के मुआवजा घोटला किया गया है।
ज्ञातव्य हो कि रेलवे लाईन के लिए भूअर्जन से जुड़े मुआवजा घोटाला को लेकर आरोपित भू-स्वामियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करने के साथ-साथ एसडीएम राजस्व को नये सिरे से मुआवजा राशि का निर्धारण करने गणना पत्रक तैयार करने के निर्देश बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार ने दिए है जिसकी समय सीमा 30 जुलाई निर्धारित करते हुए गणना पत्रक तैयार करने कहा गया है। पत्र के अनुसार ग्राम पल्ली, अघनपुर, कंगोली और घाटपदमुर स्थित प्रभावित खातेदारों की अधिग्रहित निजी भूमि के मुआवजा पत्रक की गणना का कार्य शुरू कर दिया गया है। रेल लाईन के मुआवजा घोटाल के जांच में दो खातेदारों को अधिक राशि देने की बातें सामने आई है। उक्त निर्देशानुसार कलेक्टर के द्वारा इनकी संपत्तियों की बिक्री पर भी रोक लगा दी है।
एफआईआर रद्द करने की अपील खारीजः
तत्कालिन अपर कलेक्टर हीरालाल नायक जो सेवानिवृत्त हो चुके है,एसडीएम सहित 10 लोगों के विरूद्ध दर्ज एफआईआर रद्द करने की अपील भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। दोनों भूमि स्वामियों बली नागवंशी और नीलिमा टीव्ही रवि के मुआवजा वापस लेने को गलत बताते हुए अपील की। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरूण कुमार गोस्वामी, जस्टिस आरसीएच सामंत की डिवीजन बैंच ने सिंगल बैंच के आदेश को सही ठहराते हुए भू-स्वामियों की अपील खारिज कर दी। एफआईआर की अपील खारिज होने के बाद से शासकीय कार्यों में उदासिनता बरते जाने के कारण मुआवजा राशि निर्धारण करने वाले शासकीय सेवको पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। खबर है कि पुलिस कभी भी उन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर सकती है। रीट अपील नं.119/2022 के एफआईआर दिनांक 4 अगस्त 2019 में अपराध क्रमांक 409/ 2019 में दर्ज एफआईआर में आईआरसीओएन के दो अधिकारियों को राहत मिली है। जिसमें सुरेश बी मिताली एवं एआर मूर्ति के खिलाफ दर्ज एफआईआर खरिज कर दी गई जिससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
किसको कितना मिला मुआवजाः
जानकारी के अनुसार कंगोली,घाटपदमुर, अघनपुर एवं पल्लीगांव में 108 खातेदार की 28.102 एकड़ जमीन के लिए 152.58 करोड़ रूपए की राशि मुआवजा के रूप में तय की गई थी। इसमें 99.07 करोड़ रूपए केवल पल्ली के सत खातेदारों को बांटा गया है। इन सात खातेदारों के 99.7 करोड़ में से दो खातेदार को 95.82 करोड़ की राशि मुआवजा के रूप में दी गई थी जबकि 101 खातेदारों को 53.51 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। हाईकोर्ट से जारी आदेशों के बाद मुआवजाधारियों की परेशानिया बढ़ गई है इसके साथ-साथ उन शासकीय सेवको की जो मुआवजा राशि निर्धारण में अनियमितता बरती है ऐसे शासकीय सेवक भी अपना बचाव करने के जोड़ तोड़ में जुट गये
जानकारी के अनुसार मुआवजा राशि निर्धारण करने में बरती गई अनियमिता को लेकर तत्कालिन कलेक्टर के आदेशानुसार कोतवाली पुलिस ने 4 अगस्त 2019 को पटवारी से लेकर अपर कलीक्टर तक एफआईआर दर्ज की गई थी। .
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीण ने बताया कि अपराध क्रमांक 409/2019 जो विचाराधीन था जिसकी विवेचना शुरू कर दी गई है। क्षिचना पूर्ण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।