आज दिनांक 19/04/2021 दिन सोमवार से जिला नारायणपुर में साप्ताहिक लाॅकडाऊन प्रारंभ हुआ है और नक्सलियों ने कायराना हरकत करते हुए अपनी मौजुदगी दर्ज करते हुए ओरछा मार्ग के ग्राम राजनाथ के पास अवरुद्ध किया व बैनर पोस्टर लगाये जहाँ हमारे जवान कोरोना काल में मुस्तैदी से कोरोना से जंग लड़ते हुए शहरी क्षेत्रों में जूझ रहे हैं लाॅकडाऊन को सफल बनाने में अपना जी जान लगा दिए हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्र में नक्सलीयो द्वारा किये जा रहे कायराना करतूतों का मुस्तैदी से जवाब भी दे रहे हैं मिली जानकारी के अनुसार पुलिस पार्टी के द्वारा मार्ग खोल दिया गया है व नक्सलियों द्वारा रचित यह कायराना हरकत उनकी मंशा को दर्शा रहा है कि वो इस महामारी में केवल और केवल देश के अहितकर ही है वर्तमान में उनके द्वारा किये जा रहे हरकतों से ग्रामीण क्षेत्रों में दहसत का माहौल भी देखा जा सकता है
महुए से धीमी हुई कोविड टीकाकरण की रफ्तार, स्वास्थ्य कर्मी घरों में दे रहे दस्तक, ग्रामीण आ रहे जंगल मे नजर
टीकाकरण अभियान में झोंके गए एक हजार से ज्यादा कर्मी, नेशनल पार्क समेत इंद्रावती पार इलाके में जारी है कोरोना से जंग
बीजापुर@ कोरोना की रफ्तार के बीच जिले के अंदरूनी इलाकों में कोविड टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने स्वास्थ्य कर्मियों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पामेड़, पटनम के सेंड्रा, भैरमगढ़ के मंगलनार से लेकर इंद्रावती पार बसे गाँव तक फ्रंटलाइन वर्कर टीके का बक्सा लेकर पहुँच तो रहे है मगर महुआ का सीजन टीकाकरण में खलल डाल रहा है। गाँव मे महुआ संग्रहण से लोंगो से सम्पर्क मुश्किल हो रहा है। सम्पर्क हो भी जाये तो टीका लगवाने घण्टो समझाइश की नौबत आ रही है।

इस जद्दोजहद के बीच फ्रंटलाइन वर्कर(स्वस्थ्य कर्मियों) को भरी गर्मी में दुर्गम इलाकों का सफर कभी नाव तो कभी पैदल ही तय करना पड़ रहा है, हालाँकि परेशानियों से जूझ रहे मैदानी कर्मचारियों की कोशिश से अंदरूनी इलाकों टीकाकरण की शरुआत अवश्य हो चुकी है।
जिला टीकाकरण अधिकारी आदित्य साहू के मुताबिक महुआ का सीजन के चलते ग्रामीण इलाकों में लोग घरों में कम जंगल मे समय ज्यादा बीता रहे है। उनसे संपर्क साधने में दिक्कतें पेश आ रही है, वही तरह तरह की भ्रांतियां है, जिसके चलते कई इलाकों में ग्रामीण टीका लगवाने से संकोच करते दिखे है। समझाइश के बाद भी कई ग्रामीण बुखार इत्यादि कि शिकायत करते टीके से परहेज कर रहे है,

बाबजूद पामेड़, भैरमगढ़ इंद्रावती पार, सेंड्रा जैसे कठिन इलाकों में स्वास्थ्य कर्मी कोविड टीकों के साथ आमद दे रहे है, लोगो को प्रेरित कर रहे है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के सामने यह समस्या भी है कि वर्तमान में महुआ के चलते अंदरूनी गाँव मे टीकाकरण की रफ्तार शरुआती दौर में धीमी है, ऐसे में जल्द ही तेंदूपत्ता की खरीदी शरू होते ही ग्रामीण इलाकों में यह परिस्थिति परेशानी अवश्य बढ़ाएगी।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के आकड़ो के अनुसार जिले में 60000 टीकाकरण का लक्ष्य सुनिश्चित है। जिसमें 26115 वैक्सिनेशन हो चुके है। इसमें भोपालपट्टनम सीएचसी अंतर्गत 62 प्रतिशत,उसूर में 38 प्रतिशत,बीजापुर में 40 प्रतिशत,भैरमगढ़ में 26 प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण है। कोरोना को मात देने टीकाकरण अभियान में 300 स्वास्थ्य कर्मी, 150 शिक्षा विभाग कर्मी,300 मितानिन, 300 आब्जर्वर शामिल है।

कोसारटेड़ा जलाशय के धराशाह होने की कगार पर, मरम्मत नहीं किया गया तो किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की सम्भावना
बस्तर जिले के सालेमेटा 1 मे बनाया गया कोसारटेड़ा जलाशय जो बस्तर ब्लॉक के लगभग दर्जनों से अधिक गांव तक की किसानों के लिए सिंचाई सुविधा साथ ही किसानों की लहलाती खेत खलियान तक मुख्य नहर के माध्यम से पानी मुहैया कराई जाती है , लेकिन अब भी सिंचाई विभाग के द्वारा हर वर्ष मनरेगा के तहत मरम्मत कार्य नहर स्थल में कराया जाता है, टुट फुट जगह को अभी तक सुधार कार्य नही किया गया है। जल संसाधन सिंचाई विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का नजर नहीं आ रहा,जो ग्राम सोरगांव के कुछ

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी गर्मी फसल के लिए खेत तक पानी छोड़ने के लिए मुख्य नहर के माध्यम से छोड़ा जाता है और अत्यधिक बहाव होने से ग्राम सोरगांव के मुख्य केनाल का कुछ हिस्सा पैचिंग प्लास्टर होल बना दरारें आने से केनाल का कुछ जगहों में धराशाह होने की संभावना बनी रहती है। किसानो ने बताया भारी नुकसान होने का डर इस वर्ष भी है । जो पिछले वर्ष भी खेत तक पानी भर गया था। जिस कारण लगभग 10 एकड़ के आसपास का खेत पर भारी फसल का नुकसान हुआ था । अगर जल्दी मरम्मत नहीं किया गया तो आने वाली कुछ दिनों में केनाल का फूटने का संभावना है।


टीकाकरण दर बढ़ाने टीका के बदले टमाटर की सौगात, बीजापुर पालिका की अनुठी पहल, लोग उत्साहित, आ रही जागरूकता
बीजापुर@ आदिवासी बहुल बस्तर के ग्रामांचलों में कोविड टीके को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां ग्रामीणों की जुबा सुनने को मिल रही है, नतीज़तन टीकाकरण दर में अपेक्षाकृत बढ़ोत्तरी नहीं हो पाई है। ऐसे में बीजापुर नगर पालिका की एक खास पहल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।

दरसल नगर पालिका बीजापुर के अध्यक्ष बेनहुर रावतिया, उपाध्यक्ष पुरषोत्तम सल्लुर और सीएमओ पवन मेरिया ने एक अनूठी सोच का प्रदर्शन करते लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया है। यहाँ पालिका के टीकाकरण केंद्र में आने वाले हर शख्स को टीका लगवाने के एवज में 2 किलो टमाटर प्रोत्साहन स्वरूप भेंट किये जा रहे है। जिससे लोगों में टीकाकरण को लेकर जबरदस्त उत्साह भी है।

चूँकि लॉक डाउन के कारण हाट बाजर बन्द है। सब्जियों की किल्लत तो रसोई में है ही ऐसे में टीकाकरण केंद्र में टमाटर की सौगात ने ना सिर्फ टीके से परहेज कर रहे लोगो को आकर्षित कर रही है बल्कि भ्रांतियां दूर कर जागरूक करने का काम भी कर रही है। कुल मिलाकर जहाँ चाह वहाँ राह की तर्ज पर बीजापुर पालिका ने आदिवासी बहुल इलाके में कोविड से जंग में इस पहलबके जरिये लोगो को सचेत और जागरूक किया है।
मजदूरों का हक मारकर जेसीबी मशीनों से कार्य करवा कर, सरपंच ने बेच डाला तालाब की मिटी होटल मालिक को
जगदलपुर आसना पंचायत के सरपंच ने हद कर दी भ्रष्टाचार हमेशा इस तरह की सुर्ख़ियों में बने रहते हैं भ्रष्टाचार की खबरें प्रकाशित होने के बाद भी भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है ऐसा आसना पंचायत के ग्रामीणों के द्वारा जानकारी जानकारी दी गई है कि शासकीय राशि का भी दुरुप्रयोग किया गया है तालाब से मिट्टी निकाली जाएगी तालाब से मिट्टी निकालने पर तालाब गहरी करण हो जाएगा ऐसा ग्रामिणो का सोच था लेकिन सरपंच नेऐसा नही किया जेसीबी से मनरेगा के तहत करवाने का निर्णय लिया गया गरिबों का हक छिनकर जेसीबी मशीन से मनरेगा निर्माण कार्य करवाया गया कोरोना महामारी आपदाओं के घड़ी में भी सरपंच ने ग्रामीण के काम नहीं आया
गरीबो के निवाले छीन ली अधिकारियों को खबर तक ना होना यह दुर्भाग्य जनक है भ्रष्टाचार को अंजाम देना |
जगदलपुर शहर से लगे ग्राम पंचायत आसना इसे कहते हैं दिया तले अधीरा

इस तरह की खबरें बार-बार प्रकाशित होने के बाद भी दोषियों के ऊपर कार्यवाही नहीं होना संदेह को प्रेरित करती ऐसा लगता है अधिकारियों की मिलीभगत एवं नेताओं के सरन में जाने के बाद भ्रष्टाचारयो के आरोपी बच जाते हैं कब तक भ्रष्टाचारियों को नेताओं के छत्रछाया मिलते रहेंगे |


मानसिक विक्षिप्त एव असहाय हेतु भोजन व्यवस्था।
मानसिक विक्षिप्त एव असहाय हेतु भोजन व्यवस्था की मांग अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महेंद्र पिपरे द्वारा की गई। कोविड 19 के बढ़ते प्रकोप को रोकने हेतु प्रशासन द्वारा लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया गया है। इस परिस्थिति में नगर के मानसिक विक्षिप्त एवं असहाय गरीबों के सामने जीवन यापन एवं भोजन व्यवस्था का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पूर्व में इनका गुजारा होटल, घर एवं समाज सेवी संगठनों द्वारा किया जाता रहा है। पर सख्त लॉकडाउन एवं महामारी के प्रकोप से कोई मदद नही हो पा रही है। महेंद्र

पिपरे द्वार अनुविभागीय अधिकारी से ये मांग की गई है कि शाशन द्वारा रेडी टू ईट या पका भोजन जैसी कोई पैकेट व्यवस्था इनके लिए की जाए और नगर में इन्हें खोज इन तक पहुंचाया जाए जिनसे इनकी भोजन की व्यवस्था हो सके। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष नगर के अनेक सेवा संगठनों द्वारा नगर के असहाय लोगो की सेवा पका हुआ भोजन नगर के मानसिक विक्षिप्त एवं गरीबो तक दिया जाता रहा। इस वर्ष सरकार द्वारा ऐसा कोई भी निर्देश सेवा संगठन को नही प्राप्त हुआ है जिस कारण नगर के समाजसेवी संगठन भी मदद हेतु असहाय है। ऐसे में प्रशासन की ये जवाबदेही बनती है कि वो इन कार्यो को पूरे करे।इस दौरान नागेंद्र चौधरी, राकेश द्विवेदी, अमित कुकरेजा क्रांति जैन, राजेश काम्बले, अशोक गोगड़, सुमित, नीलेश, भूपेंद्र उपस्थित थे।




पूर्ण लॉकडाउन मै भी बिना ई पास दिखाए निजी वाहनों को दिया जा रहा है पेट्रोल एवं पूर्ण लॉकडाउन मै बेवजह घूम रहे लोगो के ऊपर गुरूर पुलिस कार्यवाही नही कर रही है जिससे आम पब्लिक के हौसले बुलंद हो रहे है
बालोद–वैश्विक महामारी के चलते जहां पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है वही आज सभी जिलों मै पूर्ण लॉकडाउन है जहां शासन प्रशासन के नियमो का उल्लंघन कर निजी वाहनों को पेट्रोल दिया जा रहा पेट्रोल बिना किसी ई पास दिखाए लोग को भी पेट्रोल दे रहे है आम पब्लिक कई सारे बहाने लेकर पेट्रोल पंप जा के पेट्रोल डलवा रहे जैसे की अस्पताल जाना है एवं और कई कई बहाने से आम पब्लिक सड़को पे बेजह घूम रहे |

पुलिस इस पर भी कड़ी कार्यवाही ना होने कारण बेखौफ हो कर नगर एवं गांव में घूमते नजर आ रहे हैं सरकार कोरोना चैन तोड़ने मै लगी है मनचले जोड़ने मै लगे हैं जिन पर कोई कार्यवाही नही हो रही है आम जनता पर लॉकडाउन थोफने से क्या फायदा लॉकडाउन मै भी बेवजह घूम रहे पुलिस प्रशासन इनपर कड़ी कार्यवाही नही कर रही है पेट्रोल पंप मै भी बिना मास्क लगाए पेट्रोल पंप के कर्मचारी पेट्रोल आम पब्लिक को पेट्रोल देते हैं पूर्ण लॉकडाउन मै भी बेवजह घूम रहे लोगो के ऊपर नही हो रही है कार्यवाही आज कल ग्रामीण क्षेत्रों मै शाम 4 से 5 बजे लोग बिना मास्क लगाए बेवजह घूमते है शासन प्रशासन इन लोगो पर कार्यवाही नही कर रही है।

भीषण गर्मी को देखते हुए जनपद सदस्य ने जल संसाधन विभाग से मांग की बांध से पानी छोड़ने
जनपद सदस्य संजय बैस ने जल संसाधन विभाग से रजहि बांध से पानी छोड़ने की मांग किये है उन्होंने बताया की भीषण गर्मी को देखते हुए शीघ्र ही रजहि बांध का पानी छोड़े जिससे किसानों के साथ क्षेत्र के सभी तलाब एवम नालो में पानी का बहाव होगा गर्मी के कारण नाले एवम तलाब सुख गए है लोगो को नहाने एवम बोर में जल स्तर नीचे हो गया है सबसे ज्यादा जानवरों को दिक्कत पानी पीने के लिये इन तालाबों एवम नालो में पानी नही है जनपद सदस्य संजय बैस ने अनुभागीय अधिकारी से चर्चा कर शीघ्र रजहि बांध के पानी को छोड़ने के लिये मांग किये जिससे लोगो को जो समस्या हो रहा है उसका समाधान हो सके |




नानगुर क्षेत्र में आंधी ने मचाई तबाही, कहीं पेड़ गिरे तो कहीं विधुत व्यवस्था हुई धर्राशाही
जगदलपुर।रविवार की दोपहर जगदलपुर विधानसभा के नानगुर क्षेत्र में पानी-हवा के कारण बड़ी तबाही होने की जानकारी मिली है जिसके कारण लगभग 24घंटों में बिजली व्यवस्था बाधित हुई है जिसके कारण अंधेरों में जनता को रतजगा करना पड़ा वहीं बिजली विभाग व्यवस्था दुरुस्त करने में लगी है।

प्राप्त जानकारी अनुसार नानगुर क्षेत्र अंतर्गत नानगुर, जमावाड़ा, बोदेल में जगह-जगह पेड़ गिरे हैं जिसके कारण मुख्य लाईन के साथ-साथ सहायक लाईन भी पुट गया है। इसके कारण दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा रहा। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक अभियंता अरविंद खोबरागड़े ने बताया कि लाईन मैन व्यवस्था में लगे हैं और इसके साथ ही रिलिफ टीम तैनात किया गया है जोकि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर देंगे।इसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी बिरनपाल में भी आई है किंतु विडंबना यह है कि इस गांव में जगदलपुर क्षेत्र व दरभा क्षेत्र से अलग-अलग सप्लाई होती है जिसके कारण सिर्फ जगदलपुर से पहुंचा दल ही विधुत व्यवस्था सुनिश्चित करने में लगा है जबकि दरभा क्षेत्र के कर्मचारी नदारद हैं।

लॉकडाउन का हाल देखने सड़कों पर निकले कलेक्टर- एसपी, लोगों को घर पर रहने की दी हिदायत,जवानों का बढ़ाया हौसला
जगदलपुर:- कलेक्टर रजत बंसल, पुलिस कप्तान दीपक झा, सहायक कलेक्टर सूरुची सिंह सहित अन्य अधिकारियो की एक टीम अचानक रविवार देर शाम निरीक्षण में निकल पड़ी। सबसे पहले कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी उड़ीसा बॉर्डर के चांदली में पहुंचकर वहां के सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया। कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई कि आने जाने वाले लोगों को बारीकी से जांच कर ही आगे बढ़ने दिया जाए। बेवजह घर से निकलने वालों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए गए। इसके बाद बाईपास रोड होते हुए अधिकारियों का काफिला जगदलपुर पहुंचा। शहर के हर एक चेकप्वाइंट पर कलेक्टर व अन्य अधिकारी ने रुककर पुलिस कर्मचारी व वॉलिंटियर्स से बारीकी से पूछताछ की। वॉलेंटियर्स व पुलिस के जवानों ने अधिकारियों को बताया कि विभिन्न समाजसेवी संगठनों के द्वारा चाय, नाश्ता व भोजन की व्यवस्था प्रतिदिन की जा रही है।

इसके साथ ही पुलिस विभाग द्वारा भी समय-समय पर स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि बेवजह बाहर निकलने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। दरअसल कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखकर प्रशासन के आला अधिकारी भी चिंतित है। यदि लोग घर से बेवजह निकलेंगे तो कोरोना का ग्राफ गिरना मुश्किल सा है। मालूम हो कि बस्तर कलेक्टर रजत बंसल प्रतिदिन दौरे पर निकल कर हर एक चीज का बारीकी से निरीक्षण करते हैं।उन्हीं के नेतृत्व में शहर के युवा वॉलिंटियर्स की एक टीम गठित की गई है, जो कि शहर के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर चाक-चौबंद व्यवस्था में मदद कर रहे हैं। शहर के ऐसे 20 युवाओं की टीम गठित की गई है। सभी युवोदय के वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण बैठक राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक अशोक पांडे ने ली। वहीं प्रतिदिन वॉलिंटियर्स से रूबरू होकर उनकी परेशानियों व समस्याओं से अवगत भी होते हैं। शहर के प्रत्येक चौक चौराहों में युवाओं की जो टीम पुलिस कर्मचारियों के साथ काम कर रही है उनको सुरक्षा की दृष्टि से सैनिटाइजर मास्क व सुरक्षा के सभी इंतजाम मुहैया कराए गए हैं।

मालूम हो कि बस्तर जिले में है 15 तारिक शाम 6 बजे से 22 अप्रैल के रात 12 बजे तक लॉक डाउन लगाया गया है। कलेक्टर बंसल ने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन में लोग अपने घरों पर सुरक्षित रहें। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का उद्देश्य नहीं है कि वह लोगों को बेवजह परेशान करें।कोरोना का प्रकोप बस्तर जिला में भी बढ़ता जा रहा है इसलिए लॉकडाउन की स्थिति पैदा हुई है। सभी वॉलिंटियर्स सुबह व शाम चार-चार घंटा पुलिस कर्मचारियों के साथ अपनी सेवाएं देंगे। शहर के अनुपमा चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक, संजय मार्केट ,धरमपुरा, बस स्टैंड सहित अनेक चौक चौराहों में पुलिस कर्मचारियों की जहां ड्यूटी लगाई गई है यह सभी वॉलिंटियर्स वहां मौजूद रहेंगे। एसपी दीपक झा ने बताया कि बस्तर जिले में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है इसे लेकर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी किया है। प्रमुख चौक चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। बेवजह घर से बाहर निकलने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक लॉकडाउन के दौरान बस्तर पुलिस ने जगदलपुर शहर को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर संवेदनशील चौक चौराहों पर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 6 जगहों पर चिन्हांकित कर फिक्स पॉइंट बनाए हैं। इसके अलावा शहर में 4 पेट्रोलिंग पार्टी की व्यवस्था भी की गई है। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात हैं।



