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सुकमा के रेगडग़ट्टा में किडनी एवं एनिमिया से 61 ग्रामीणों की हुई मौत : डीन

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जगदलपुर – प्रदेश के आबकारी मंत्री के विधानसभा क्षेत्र कोंटा के रेगडगट्टा में ढाई वर्षो में 61 ग्रामीणों की किडनी, एनिमिया एवं अन्य बीमारी से मौत का खुलासा जांच रिपोर्ट से उजागर हुई है जिसका खुलासा मेडिकल कॉलेज के डीन ने भी किया है। स्वास्थ्य मंत्री के बस्तर प्रवास में इन ग्रामीणों की मौत का मामला भी सुर्खियों में रहेगा। ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिलीे के कोंटा विकासखंड के रेगडगट्टा में ढाई वर्षो में 61 ग्रामीणों की मौत का मामला इन दिनों प्रदेशभर में सुर्खियों में रहा है। सीपीआई नेताओं द्वारा मामले की जानकारी सुकमा जिला प्रशासन को दिए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया था और स्वास्थ्य की टीम मामले की पड़ताल करने गांव पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग के पड़ताल में कई खुलासे भी हुए और राजनीतिक दल सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला था। किडनी एवं खून की कमी से ग्रामीणों की मौत: मेडिकल कॉलेज के डीन पैकरा ने चर्चा के दौरान बताया कि डॉक्टरों का टीम रेगडगट्टा में ग्रामीणों की मौत की पड़ताल करने पहुंचा था। पैकरा ने बताया कि डाक्टरों की जांच रिपोर्ट के अनुसार आधा दर्जन ग्रामीणों की मौत किडनी की बीमारी से होने का खुलासा हुआ है। कुछ ग्रामीणों की मौत खून की कमी के कारण होने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि 4 ग्रामीण ऐसे थे जो आत्महत्या कर अपनी जान गंवा चुके है। श्री पैकरा ने बताया कि खानपान एवं नशीले पदार्थो के सेवन से मौत होने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ग्रामीणों की मौत की लेंगे जानकारी:प्रदेश के स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव आज बस्तर प्रवास पर आ रहे है। खासतौर से वह बस्तर अंचल के स्वास्थ्य सुविधा को लेकर अधिकारियों से चर्चा करेंगे। ऐसी खबर है कि रेगडग़ट्टा में बीमारी से ग्रामीणों की मौत के मामले को लेकर भी जांच टीम से इस मामले में विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।

छत्तीसगढ़ जनर्लिस्ट यूनियन जिला स्तरीय का हुआ गठन

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दल्ली राजहरा – छत्तीसगढ़ जनर्लिस्ट यूनियन जिला बालोद के अय्यक्ष बने हाशिम कुरैशी जिला महासचिव दीपक देवदास, कोषाध्यक्ष ओम गोलछा एवं दल्ली नगर अद्ययक्ष रवि जायसवाल .नियुक्त हुए छत्तीसगढ़ जनर्लिस्ट वेलफेयर यूनियन का जिला स्तरीय बैठक स्थानीय राजहरा सिटीजन क्लब में संगठन के प्रदेश अद्द्यक्ष अमित गौतम के आथित्य में सम्पन्न हुई बैठक में प्रदेशापाधयक्ष अर्जुन झा, प्रदेश संयुक्त सचिव तिलका साहू, रायपुर के जिला उपाध्यक्ष श्रीकांत न्यायकरे भी उपस्थित थे | मंचस्थ अतिथि विजय शर्मा, कमल शर्मा व अजयन पिल्लए थे |

कार्यक्रम का सुभारम्भ अथितियों का स्वागत पूस माला व पुष्प गुच्छ भेट कर किया गया सर्वप्रथम उद्बोधन में प्रदेशउपाध्यक्ष अर्जुन झा ने संगठन के महत्व व पत्रकारों की स्वतंत्रता पर अपना व्याख्यान दिया इसी क्रम में प्रदेह संयुक्त सचिव तिलका साहू ने संगठन की विशेषता पर अपने विचार व्यक्त किये , ततपश्चात प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने कहा की युनियन एक परिवार है और परिवार के नियम को मानकर ही चलना होगा किसी के अनैतिक कार्य क बर्दास्त नहीं किया जायेगा सही कार्यं के लिए हमेशा युनियन साथ खड़ी है,हमारे संगठन की रीती निति साफ़ झलकती है जिससे प्रभावित होकर प्रदेश के पत्रकार जुड़ते जा रहे हैं .संगठन के मुख्य रूप से कार्य इतना है की सभी लोग अपना कार्य कर्त्तव्यनिष्ठा व पूरी ईमानदारी से करें . साथ ही संगठन सदस्यों को मेडिकल सुविद्धाओं से अवगत कराया .इसी क्रम में संगठन के नव नियुक्त बालोद जिला अद्ययक्ष हाशिम कुरैशी ने कहा अद्ध्यक्ष पद की जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है इसकी गरिमा बनाये रखते हुए

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अपना कार्य पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठां से अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करूँगा साथ ही सुदूर अंचल के पत्रकार जो संगठन से वंचित रह जाते है उन्हें जोड़ कर पत्रकारिता को जिले में मजबूती दी जाएगी .सभी नियुक्ति प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन झा की अनुसंसा पर प्रदेश अद्द्यक्ष अमित गौतम ने कीकार्यकम का आभार प्रदर्शन हाशिम कुरैशी .व सफल मंच सचालन भूषण निर्मलकर ने किया .बैठक कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार रवि जायसवाल . स्वाधीन जैन ,राजा डहरवाल, संजय सिंह ओउम गोलछा, मोनू राजपूत, भूपेंद्र यादव मुकुंद मेश्राम, आशीष लालवानी कमल साहू चंद्रकांत मेश्राम दिलीप क्षीर सागर इस्वर रेड्डी राकेश बैहरगए गौरी संकर सिंह रामलाल यादव, मुबीन खान, सुनीता साहू, मोहम्मद इमरान, गोर लाल सोनी अब्दुल लतीफ़, कुशल ठाकुर सुरेश साहू, फ्रांसिस अन्य पत्रकार साथीगण उपस्थित थे

व्यंजनों की चाह खींच लाता है स्वाद प्रेमियों को- लाला तक

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अमरेश झा

कोंडागांव :- यूं तो सभी व्यंजनो का स्वाद अलग अलग होता है एवं व्यंजनों का आकर्षण भी हर व्यक्ति का अलग अलग होता है जब हम घर से बाहर निकलते हैं तो हमारे लिए रेस्टोरेंटे एवं होटल चुनने का विकल्प भी अलग अलग हो सकता है। आज जब इन परिस्थितियों में सबसे आगे निकलने की होड़ में सभी अपने अपने स्वाद में परिवर्तन करने में लगे हैं ताकि खाने वालों को नया नया स्वाद मिल सके, लेकिन जब किसी एक जगह पर कोई व्यंजन अपने पुराने स्वाद एवं परिवेश में मिलता रहे और उनके खाने वाले का तादाद भी कम ना हो तो यह समझने में देर नहीं लगती कि वह व्यंजन काफी प्रभावशाली व स्वादिष्ट ही होगा। जी हां हम बात कर रहे हैं जगदलपुर -रायपुर मार्ग पर जिला कोंडागांव मुख्यालय में बस स्टैंड स्थित लाला होटल की, आपको बता दें कि यह होटल 1939 से आज पर्यंत तक ग्राहकों की सेवा में लगा हुआ है वैसे तो अन्य जगहों की तरह यहां भी नाश्ता एवं खाने की ही व्यवस्था है लेकिन इसे अन्य जगहों से अलग बनाता है यहां की प्रसिद्ध चना चाट एवं दही बड़ा जो बहुत ही प्रचलित एवं स्वादिष्ट है जिसे लोग अपने अपने गंतव्य पहुंचने से पहले एक बार इसका स्वाद का आनंद लेना पसंद करते हैं वैसे तो यह सर्वविदित है कि यहां की व्यंजन एवं मिठाईयां बहुत ही स्वादिष्ट है। और इसको प्रमाणित किया एक यूट्यूबर ने जिसने अपने चैनल ‛‛टॉप इंडियन स्ट्रीट फूड’’ के नाम से प्रचलित हरीश बाली ने जब वे अपनी यात्रा के दौरान उक्त होटल में आकर इन व्यंजनों को खाकर इसकी तारीफ के पुलिंदे बांधे और लोगों से भी आग्रह किया कि इसे खाकर इन व्यंजनों के स्वाद का आनंद लें। होटल के संचालक ने बताया कि यह उनका सबसे पुराना व स्वादिष्ट व्यंजन है जिसे वह आज तक ग्राहकों की सेवा में परोस रहे हैं और ग्राहक भी इनको खाकर स्वाद का आनंद लेते हैं उनका आगे कहना था कि भविष्य में भी इसके स्वाद में कोई परिवर्तन नहीं करेंगे ताकि आने वाले समय में भी लोग इसके स्वाद का मजा लेते रहें।

आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए नगरवासियों ने घेरा नगरपंचायत, दी चेतावनी

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डौंडी- नगर पंचायत डौंडी में ना तो कांजी हाऊस है और ना ही कोई गौठान डौंडी नगर के 75 प्रतिशत खेत खलिहानों को आज दिनांक 15 तारीख को दिन दहाड़े आवारा मवेशियों द्वारा सफाचट कर दिया गया जिससे कृषकों को भारी नुकसान पहुँच गया है। जब नगरपंचायत के रोका छेका अभियान सुस्त पड़ गयी है तब नगर के यही बहुतायत कृषक अपने धान फसलों की रखवाली करने में जुट गए है। आज करीब 35 आवारा पशुओं को नगरपंचायत के सांस्कृतिक भवन में लाकर कैद किया। यही नही नागरिकों का इतना गुस्सा था कि वे नगरपंचायत का ही घेराव कर दिए तथा नगरपंचायत के सीएमओ बंजारे से सवाल करते कहा कि आप राज्य शासन की महत्वपूर्ण रोका छेका योजना का परिपालन करें या फिर अपनी जिम्मेदारी निभावें। नगर के प्रत्येक कृषकों ने यह भी कहा कि आप आवारा पशुओं का रिकार्ड रखें और सम्बंधित मालिको से शुल्क राशि निश्चित करे जिसे नगर पंचायत की आय के तौर पर रखे। जिससे पशुओं के मालिको को अपनी गलती का एहसास हो सके। जिस पर सहमति बनी की ऐसा ही होगा। लेकिन बड़ी बात यह कि जिस जगह नगरपंचायत के सांस्कृतिक भवन में आवारा पशुओं को डाला जा रहा है वहा नगरपंचायत गेट का ताला रातों रात टूटता जा रहा है। नगरवासियों ने यह आरोप लगाया है कि आखिर नगरपंचायत द्वारा रोका छेका तहत जो गाय पशुओं को लाकर रखा जा रहा है। उसका गेट का ताला कैसे और कौन तोड़ रहा है। इसकी रिपोर्ट नगरपंचायत द्वारा थाने में क्यों और किसलिए नही लिखाई जा रही है।

अब नतीजा यह कि दूसरे दिवस डौंडी नगर के प्रत्येक वार्ड के नागरिक अपनी खेती का रखवाली करने पहुँचे और उनके खेतों की धान फसल को सफाचट कर रहे मवेशियों को नगरपंचायत के हवाले कर नगरपंचायत का ही घेराव कर सुरक्षा की मांग किया गया। अब सवाल ये है कि डौंडी नगरपंचायत में गौठान बनाए जाने हेतु वर्ष 2021 में ठेकेदार को जिम्मा सौंपा गया इस बीच पेच यह फस रहा कि जिस स्थल को गौठान हेतु चयन किया गया वह किसी सुखराम के पिता वर्षो से काबिज भूमि पर बैठा हुआ है। जिसका निराकरण तहसील कोर्ट के पास चला गया है। ऐसे में डौंडी नगरपंचायत पर राज्य सरकार की महत्वपूर्ण गौठान बनने की प्रक्रिया अधर में लटक गई है। जानकारी के अनुसार जिस ठेकेदार को गौठान बनाये की जिम्मेदारी मिली है वह स्वयं कार्य ना कर डौंडी नगरपंचायत के पेटी ठेकेदार को उक्त कार्य को सौप दिया गया है। जबकि यह कार्य वर्ष 2021 का है जिसकी सही मायने में कार्य अवधि छह माह की थी। अब वर्ष 2022 चल रहा है। इस बाबत सही जवाब डौंडी नगरपंचायत के पास नही है। क्या नगरपंचायत शासन की योजनाओं को सफल या उनका क्रियान्वयन करने में असफल हो रहा है

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स्नैक्स के साथ जहर खा रहे है लोग

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खाद्य विभाग के अधिकारी अपनी आंखों में पट्टी बांधे बैठे हैं
-अख़बार के पन्नों में छुपा है आपकी मौत का सामान
ठेले, खोमचों और होटलों में ख़तरनाक रसायन वाले कागजों में परोसा जाता है खाद्य पदार्थ

अर्जुन झा
जगदलपुर. अगर आप स्ट्रीट फूड के शौक़ीन हैं और प्रिंटेड कागजों में आपको खाद्य पदार्थ परोसा जाता है, तो सावधान हो जाइये. क्योंकि स्वाद की चाह में आप स्नैक्स के साथ ऐसा जहर भी खा रहे हैं, जो धीरे – धीरे आपको यमलोक के द्वार की ओर ले जा रहा है. खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्राधिकरण ने प्रिटेड कागजों को खाने की चीजें परोसने के लिए इस्तेमाल करने पर प्रतिबन्ध लगा रखा हैं, लेकिन बस्तर संभाग समेत समूचे छत्तीसगढ़ में इस प्रतिबंध का कोई असर नहीं दिख रहा हैं. बस्तर के फूड कंट्रोलर और फूड इंस्पेक्टर तो अपनी आंखों पे पट्टी बांधे बैठे हैं. लगता है, उन्हें आम लोगों की जिंदगी से कोई वास्ता नहीं हैं वो दिन लद गए जब दादी नानी के मार्गदर्शन में हर घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते थे और परिवार के सभी सदस्य मिलजुलकर उन पकवानों का लुत्फ़ उठाया करते थे. अब तो हर किसी को होटलों, रेस्टोरेंट, ठेले खोमचों में नमकीन और मीठे का आनंद उठाते देखा जा सकता हैं. होटलों और ठेले खोमचों में समोसे, बड़े, आलूगुंडे, भजिया. बड़ा पाव तथा मिठाइयाँ आदि खाद्य पदार्थ अख़बार के टुकड़ों तथा अन्य प्रिटेड कागजों में खाने को दिए जते हैं. ऐसे कागजों में दरअसल एक प्रकार का जहर छुपा रहता हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद ख़तरनाक होता है. रसायन शास्त्र के जानकर बताते हैं कि अख़बारों तथा अन्य कागजों पर प्रिंटिंग के लिए जो स्याही इस्तेमाल की जाती हैं, वह घातक रसायनों से बनाई जाती हैं. यही घातक रासायनों वाली स्याही कागजों पर परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थो में घुल जाती हैं और खाद्य पदार्थों के साथ इंसान के पेट में चली जाती है. स्याही में मिले रसायन शरीर के अंदरूनी अंगों को प्रभावित करते हैं. इसकी वजह से फेफड़े, लिवर, दिल किडनी आदि को नुकसान पहुंचता है. मसलन यह कि स्वाद के चक्कर में इंसान स्वयं अपनी जान से खिलवाड़ कर बैठता है. पैसे बचाने जान से खिलवाड़ दरअसल होटल और ठेले खोमचे वाले पैसे बचाने के फेर में लोगों की जान से अनजाने में ही खिलवाड़ कर रहे होते हैं. उन्हें प्रिटेड कागजों के नुकसानदेह होने की कोई जानकारी ही नहीं रहती. वास्तव में सारा दोष तो सिस्टम का है. पहले चीनी मिट्टी या स्टील की प्लेटों में खाद्य पदार्थ होटलों और ठेले खोमचों के संचालक परोसा करते थे. ऐसी प्लेट्स महँगी होती हैं तथा उन्हें बार -बार धोने का लफड़ा अलग. इससे बचने के लिए अब कागजों का उपयोग धड़ल्ले से किया जाने लगा है. सो रहा है खाद्य महकमा ? मौत के इस खेल के लिए सिस्टम को दोषी इसलिए भी माना जा सकता है क्योंकि प्रशासनिक व्यवस्था की बागडोर सम्हाल रहे अफसर प्रिटेड कागजों के खाद्य पदार्थ परोसने के लिए हो रहे इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. इसकी जिम्मेदारी खाद्य विभाग पर है, लेकिन लगता है कि इस विभाग के अफसरों को इस दिशा में ध्यान देने के लिए समय ही नहीं मिल रहा है. एफएसएसए ने लगा रखी है रोक फूड सेफ्टी एंड स्टैंण्डर्ड अथारिटी (एफएसएसए ) ने ख़तरनाक रासायनों से निर्मित स्याही से छपे कागजों और अखबारों के पन्नों पर खाद्य पदार्थ परोसे जाने पर रोक लगा रखी है. अथारिटी कि पहल पर भोपाल में इस रोक का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. वहां नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर दो लाख रूपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है. जुर्माने कि रकम दुकान की स्थिति के अनुसार वसूली जाती है. डाइज का उपयोग पहले अख़बार की छपाई के लिए लेड आकसाइड युक्त स्याही का इस्तेमाल होता था, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है. अब इसकी जगह विभिन्न डाइज का उपयोग किया जाने लगा है, जो थोड़ा महंगा तो है, लेकिन मानव स्वास्थ्य के लिए कम घातक है. |

छत्तीसगढ की 12 जनजातियां अनुसूचित जनजाति में शामिल : जिलाध्यक्ष ध्रुवे ने कहा – वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, अब आदिवासियों को सरकारी सुविधाओं का मिलेगा लाभ

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दल्लीराजहरा/डौंडी अनु जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे जी ने कहा मात्रात्मक त्रुटि की वजह से अब प्रदेश के अनुसूचित जनजाति के लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ के 12 जनजातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की स्वीकृति दी गई है. केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले पर भाजपा अनु जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष ध्रुवे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद दिया है.धुर्वे ने कहा छत्तीसगढ़ के 12 जनजातियों के लिए आज उत्सव और आनंद का दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट बैठक में आज छत्तीसगढ़ के 12 जनजातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का निर्णय लिया.

ध्रुवे ने कहा, पहले ये जातियां मात्रात्मक त्रुटि की वजह से आदिवासी होने का लाभ नहीं ले पा रहे थे. इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे थे. आज केंद्रीय कैबिनेट ने 12 जनजातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है. इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूं. उम्मीद करता हूं कि ये जनजातियां सुविधाओं का लाभ लेकर समाज का विकास करेंगे और भारत को आगे बढाने में योगदान करेंगे धुर्वे ने आगे कहा की छत्तीसगढ़ की ऐसी जातियां, जो मात्रात्मक त्रुटि के कारण अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं हो पा रहे थे. इसके लिए वर्षों से लगे हुए थे. ऐसी जातियों को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की स्वीकृति देकर अनुसूचित जनजाति में शामिल किया. इसमें 12 जनजातियां शामिल हैं. ध्रुवे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. उन्होंने कहा, 12 जनजातियों के लोगों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है. इससे 20 लाख से उपर अनुसूचित जनजाति के लोगों को लाभ मिलेगा. ये लोग मात्रात्मक त्रुटि के चलते अनुसूचित जनजाति का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वर्षाें से की जा रही मांग आज पूरी हुई. कैबिनेट के इस फैसले के बाद लोग योजनाओं का लाभ ले सकेंगे |

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आदिवासियों के कुलदीपक ने वंचितों को दिला दिया हक

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बस्तर सांसद बैज ने लोकसभा में मांगा था 12 समुदाय का अधिकार

(अर्जुन झा)
जगदलपुर छत्तीसगढ़ के 12 जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल किए जाने पर श्रेय की राजनीति शुरू हो गई है लेकिन यह तथ्यात्मक सच्चाई है कि बस्तर सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में इन जाति समूहों को उनका मूलभूत अधिकार देने के लिए पुरजोर आवाज उठाते हुए उनकी पीड़ा को व्यक्त किया था। उन्होंने मांग की थी कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गये प्रस्ताव में जिन जिन जातियों को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाना है, उन्हें शामिल कर तत्काल विधेयक पास किया जाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की आदिवासी हितैशी सोच के अनुसार बस्तर के यंग टाइगर ने दहाड़ते हुए जो न्याय इन वंचितों के लिए मांगा था, वह अब मिल गया है। आदिवासी कुलदीपक की रोशनी से आदिवासी समाज प्रफुल्लित होकर जगमगा रहा है। आदिवासी समाज में उमंग हिलोरें मार रही हैं।

भारत की जनजातीय चेतना के अग्रदूत बस्तर की धरती अतीत से आज तक आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करने वाले ओजस्वी नेतृत्व देती रही है। मौजूदा वक्त में बस्तर सांसद दीपक बैज आदिवासी समाज के हित के लिए दीपक नाम को सार्थक कर रहे हैं। बस्तर के इस लोकनेता ने आदिवासी हितों की रक्षा की दिशा में प्रयास करते हुए लोकसभा में एसटी बिल पर जबरदस्त तरीके से पक्ष रखा था। जनहित, क्षेत्रहित और आदिवासी समाज के हित में सदा प्रखर ओज प्रदर्शित करने वाले सांसद दीपक बैज ने इस मामले में भी छत्तीसगढ़ सरकार की भावना को संसद में स्वर दिया था। उन्होंने सदन में छत्तीसगढ़ व देश के आदिवासी मुद्दों पर सारगर्भित तरीके से अपनी बात रखते हुए कहा था कि आदिवासियों को सुरक्षित व संरक्षित करना बेहद जरूरी है।आदिवासी देश की धरोहर है। उन्होंने कहा था कि आदिवासियों का नारा जल जंगल जमीन हमारा है। गोली चाहे नक्सली की हो या पुलिस की मगर मारा तो आदिवासी जाता है। उन्होंने तीन साल पहले के हालात की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ के वो पंद्रह साल भाजपा सरकार में आदिवासियों पर अनेकों अत्याचार हुए। झीरम कांड में 32 जवान और हमारे कई नेता शहीद हुए, ताड़मेटला कांड में 200 आदिवासियों के घरों को जला दिया गया, सार्केगुड़ा कांड में निर्दोष आदिवासियों की हत्या हुई। 15 साल में आदिवासियों के ऊपर कई फर्जी एनकाउंटर, फर्जी नक्सली केस में हजारों आदिवासी जेल में बंद हुए लेकिन पिछली सरकार मूकदर्शक बनी देखती रही।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सराहना करते हुए सांसद दीपक बैज ने कहा था कि आज छत्तीसगढ में भूपेश बघेल की सरकार में फर्जी एनकाउंटर बंद हुए, फर्जी नक्सली केस में बंद आदिवासियों को रिहा किया जा रहा है। बस्तर के अंदरूनी गांव में कैंप लगाकर लगातार आदिवासियों के आधार कार्ड व राशन कार्ड बन रहे हैं। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की टाटा को दी गई जमीन वापस हुई। हमारी राज्य सरकार ने पिछली सरकार में हुई फर्जी ग्राम सभा को शून्य घोषित कर नंदराज पहाड़ आदिवासियों को लौटाया।बस्तर सांसद ने कहा था कि बस्तर में खनिज संपदा की कमी नहीं है। 60 साल से दोहन हो रहा है। फिर हमारे लोगों को प्रथम प्रथमिकता क्यों नही..? एनएमडीसी में स्थानीय लोगों को आरक्षण व प्राथमिकता और भर्ती मिले। सांसद बैज ने निजीकरण का विरोध करते हुए कहा था कि निजीकरण में आदिवासियों का भविष्य क्या सुरक्षित रहेगा..? हमारा आरक्षण आज भी खतरे में है। महार, मेहरा, मेहर के साथ साथ महरा, माहरा को भी अनुसूचित जाति की सूची क्रमांक 33 में प्रतिस्थापित किया जाए।
छत्तीसगढ़ की इन जातियों को जैसे साैंरा-संवरा, भूईया-भूईयां -भूयां, धनुहार-धनुवार, किसान, धागड़, बिंझीया, कोडाकू, कोंद,भारिया- भरिया, पंडो/पण्डो, गोंड/गोंड, गदबा,नगवंशी/नागबंसी को भी अनुसूचित जनजाति में शामिल कर विधेयक पास किया जाए। बस्तर की जाति अमनीत-अमनित को भी अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए। इसके अलावा बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री से मिलकर माहरा जाति को सूची में शामिल कर आरक्षण प्रदान करने चर्चा की गई थी। सांसद दीपक बैज ने अपने नेता भूपेश बघेल की मंशा के मुताबिक वंचित जनजातीय समुदाय को उनका अधिकार दिला दिया है और अब वे बस्तर में निजीकरण का विरोध करने के साथ ही आदिवासी हितों की रक्षा के लिए प्रयास तेज करेंगे, ऐसा भरोसा बस्तर में व्यक्त किया जा रहा है।

कांग्रेसियों के कब्जे में निगम फिर भी ऐतिहासिक जवाहर मंच उपेक्षित

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स्थल निर्माण में करोड़ों फूंके फिर भी अंधेरा और विर
जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर कांग्रेसियों के कब्जे में है लेकिन सिविल लाईन वार्ड में स्थित ऐतिहासिक जवाहर मंच उपेक्षित पड़ा है जिसके कारण लोगों में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। जब सत्तारुढ़ कांग्रेस पार्टी अपने पार्टी के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल लाल नेहरू के मंच को संवार नहीं पा रही है तो फिर वह अन्य स्मारकों को कैसे संवर्धन करेगा। *ज्ञात हो कि जवाहर मंच को संवारने का ख्याल आया और नगर पालिक निगम और लोक निर्माण विभाग ने मिलकर करोड़ रुपए से अधिक फूंक दिए किंतु जिस उद्देश्य से बनाया गया था वह साकार नहीं हो पाया है।यहां उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका लोकार्पण किया तथा दूसरी बार भेंट मुलाकात कार्यक्रम से इतर जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित किए गए लेकिन उसके बाद विभागीय उदासीनता से यह स्मारक उपेक्षित हो गया है। पौधे सूखे व अंधेरे में डूबे रहने को मजबूर संगमरमर से स्मारक बनाया गया है और पौधे लगाए गए हैं लेकिन वह सुख रहें हैं जिसको देखने वाला कोई नहीं है वहीं शाम को भी यह खुबसूरत लगे लाईट लगाई गई है वह सिर्फ उदघाटन के बंद है जिसको लेकर भी तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। पार्षद से लेकर निगम राज्य सरकार भी कांग्रेसी
यह वार्ड सिविल लाईन वार्ड में आता है और इस वार्ड की पार्षद श्रीमती मोहंती है और निगम की महापौर श्रीमती सफीरा साहू है। विधायक-सांसद सहित बड़े-बड़े नेता भी कांग्रेसी फिर भी जवाहर मंच उपेक्षा का शिकार हो गया हैं। दीपक तले अंधेरा कहावत सटीक पार्षद-महापौर महिला है संभवत: वह शाम को दिखाई नहीं देते हैं लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस स्मारक से कुछ दूरी पर बस्तर संभाग के दो सबसे बड़े अधिकारी आईपीएस पी.सुंदरराज का आवास सह कार्यालय है तो राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग अधिकारी श्याम धावड़े का बंगला है फिर भी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर मंच का उपेक्षित होना अपने आप में दीपक तले अंधेरा वाली कहावत है।

एच डी एफ सी बैंक परिवर्तन एवम वृति संस्था द्वारा शासकीय हाईस्कूल में खेल सामग्री वितरण किया गया

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एच डी एफ सी बैंक परिवर्तन एवं वृत्ति संस्था द्वारा आज दिनांक 14.09.22 दिन बुधवार को डौडी ब्लॉक के ग्राम पंचायत कामता शासकीय हाईस्कूल मे खेल सामग्री का वितरण किया गया जिसमे बच्चों के खेलने के क्रिकेट बैट बाल सेट, फूटबाल, व्हालीवाल, चेस इन सभी सामग्री का वितरण किया गया कामता ग्राम पंचायत के आंगनबाडी मे भी बच्चों के पढ़ने व खेलने की सामग्री का वितरण किया गया गया जिसमे मुख्य रूप से दल्ली राजहारा एच एफ सी बैंक के मैनेजर रंजन पांडे जी ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती रेखा नायक जी वृत्ति संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ज्ञानदास जी एग्रीकल्चर एक्सपर्ट राहुल राजपूत जी, मार्केटिंग मैनेजर स्वाधीन स्वाई जी,MIS पर्सन प्रवीण साहू जी, विलेज़ कोऑर्डिनेटर व समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे।

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माननीय स्वास्थ मंत्री टी. एस. सिंह देव जी का दौरा कार्यक्रम जगदलपुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों का करेंगे भूमि-पूजन एवं शिलान्यास

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स्वास्थ मंत्री श्री टी एस सिंह देव जी का तीन दिवसीय दिनांक 15-16-17 जगदलपुर दौरा..

दिनांक 15 सितंबर….

रायपुर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से जगदलपुर जिला बस्तर के लिए प्रस्थान = समय दोपहर 2.30 बजे…

मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर जिला बस्तर आगमन पश्चात शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर के लिए प्रस्थान= समय दोपहर 3.30 बजे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित= समय 4.15 से 4.30 बजे….शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर का भ्रमण करेंगे = समय 4.30 से 5.30 बजे….शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर के बैठक कक्ष में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ समीक्षा बैठक में सम्मिलित होंगे= समय 6.00 बजे..सर्किट हाउस जगदलपुर में जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं भेंट से मुलाकात व रात्रि विश्राम = 8.30 बजे…

दिनांक 16 सितंबर…

महारानी जिला अस्पताल जगदलपुर का निरीक्षण करेंगे= समय 10.30 से 11.00 बजे…

पत्रकार भवन जगदलपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस= समय 11.30 से 12.30 बजे…

सर्किट हाउस जगदलपुर में जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंट एवं लंच= समय 12.30 से 2.30 बजे

माननीय जनप्रतिनिधियों वरिष्ठ नेताओं के निवास में जाकर उनके परिवार से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे= समय 2.30 से 4.00 बजे..

चेंबर भवन में बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स से बैठक एवं व्यापारियों से जी.एस.टी से संबंधित चर्चा= समय 4.00 से 4.30 बजे..

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री लुनिया जी के निवास में भेंट मुलाकात= समय 4.30 से 5.00 बजे

स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे एवं आरक्षित रात्रि विश्राम सर्किट हाउस जगदलपुर= समय 5.00 बजे…

दिनांक 17 सितंबर…

सर्किट हाउस जगदलपुर में जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंट मुलाकात करेंगे= समय 10.30 से 11.00 बजे..

स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे एवं आरक्षित=समय 11.00 से 11.30 बजे..

मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर जिला बस्तर से स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर के लिए प्रस्थान= समय 01.00 बजे…

आप सभी कांग्रेसजनों एवं गणमान्य नागरिकों से अनुरोध है माननीय मंत्री जी के स्वागत हेतु दोपहर 3.00 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर में उपस्थित होंवें… आपकी उपस्थिति प्रार्थनीय है।

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