City Media - Page 1201 of 1860 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1201

भाजपा सरकार के द्वारा बांटे गए टेबलेट पर लखेश्वर बघेल ने घेरा मंत्री को

0

जवाब से असंतुष्ट विधायक ने जांच कराने की माँग की ,जिसपर अध्यक्ष ने कहा विधान सभा समिति करेगी जांच

बस्तर विधानसभा में 643 टेबलेट में 7 टेबलेट ही उपयोगी

बायोमेट्रिक तरीके से प्रदेश की शालाओं में शिक्षकों की उपस्थिति बच्चों की नियमित उपस्थिति को लेकर ऑनलाइन मॉनिटरिंग करने के उद्देश्य से पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा प्रदेश की समस्त शालाओं में बायोमेट्रिक टेबलेट का वितरण किया गया था जिसके तहत बस्तर विधानसभा में भी 643 बायोमेट्रिक टेबलेट का वितरण किया गया था जिसमें से शिक्षा विभाग के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बस्तर विधानसभा में मात्र 7 टेबलेट उपयोगी है। बाकी कुछ तो पूरे खराब हो गए कुछ को मरम्मत की आवश्यकता है शासन की योजना अनुसार बायोमेट्रिक टेबलेट के माध्यम से शालाओं की सघन मानिटरिंग की एक व्यवस्था को आरंभ किया गया था |

मंत्री ने बताया एक टेबलेट 11622 रुपए का

बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व बस्तर विधानसभा के विधायक लखेश्वर बघेल के प्रश्न पर शिक्षा मंत्री जवाब देने में भी असमर्थ साबित हो रहे थे उन्होंने स्वीकार किया कि जिस उद्देश्य के साथ बायोमेट्रिक टेबलेट की खरीदी की गई थी उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही थी जिसका प्रमुख कारण उन्होंने संबंधित फर्म को बताया जिसके माध्यम से टेबलेट खरीदी किया गया था मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जवाब में बताया कि एक टेबलेट की कुल कीमत 11622 रुपए थी बस्तर विधानसभा में कुल एक करोड़ 39 लाख रुपए के टेबलेट की खरीदी की गई |

टेबलेट खरीदी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने जांच कराने की मांग को स्वीकार किया

विधानसभा में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि पूरे प्रदेश में 200 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया गया था जिसकी जांच होनी चाहिए, शालाओं में टेबलेट का वितरण करना पूर्वर्ती सरकार का एक कमीशन का खेल था। जिसे बखूबी अंजाम दिया गया था |

विधानसभा में प्रश्न लगते ही सरकार ने टेबलेट मरम्मत कराने का आदेश किया जारी

बायोमेट्रिक टेबलेट वितरण को लेकर विधानसभा में विधायक लखेश्वर बघेल के द्वारा प्रश्न लगाते ही राज्य परियोजना कार्यालय के द्वारा 7 मार्च को एक आदेश जारी किया जिसके तहत शाला अनुदान निधि से स्थानीय मार्केट से टेबलेट मरम्मत कराने हेतु आदेश जारी किया गया था ज्ञात हो कि जब टेबलेट का वितरण किया गया था तब संबंधित फर्म को 3 वर्ष की वारंटी के रूप में टेबलेट वितरण पश्चात देखरेख करने की पूरी जवाबदारी थी वितरण करने के बाद से ही टेबलेट का खराब होना आरंभ हो गया था |

निविदा में भी हुआ था सेटिंग का खेल

विधानसभा में विधायक लखेश्वर बघेल के प्रश्न के जवाब में मंत्री टेकाम ने जो जानकारी दी उसमें भी भाजपा सरकार की कमीशन का खेल नजर आया निविदा से जुड़ी जब सवाल पूछा गया तो मंत्री ने बताया कि दो प्रमुख फर्म को निविदा मिली थी इसके आधार पर चिप्स ने खरीदी की थी इस पर विधायक ने भी आरोप लगाया कि इस मामले में भंडार क्रय नियम का भी पालन नहीं हुआ जिसके कारण स्तर हीन टेबलेट का वितरण किया गया था |

राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होगी श्रमिक संघ “एटक’ एन.एम.डी सी. प्रबंधन को दिया नोटिस, 28 और 29 मार्च को ट्रेड यूनियन की हड़ताल

0

किरंदुल – लौह नगरी किरंदुल के एनएमडीसी परियोजना के सबसे बड़े श्रमिक संघ संयुक्त खदान मजदूर संघ “एटक” ने संयुक्त राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 28 व 29 मार्च को होने वाले राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का नोटिस प्रबंधन को सौंपा। यह हड़ताल सरकार की मजदूर, कर्मचारी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ की जा रही है। जिसमें देश के इंटक, एटक, एचएमएस सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी जैसे ट्रेड यूनियन शामिल है। इस हड़ताल शामिल होने संयुक्त खदान मजदूर संघ किरंदुल के सभी सदस्य आज संध्या 5:00 बजे भारी संख्या में नारेबाजी करते हुए एनएमडीसी कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक उत्पादन विनय कुमार एवं उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव के हाथों राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का नोटिस सौंपा।

उनकी मुख्य मांगों में सार्वजनिक उपक्रम का विनिवेश एवं निजी करण बंद करने, नगरनार स्टील प्लांट के डीमर्जर विनीवेशीकरण बंद करने, 44 श्रम कानूनों को खत्म करके बनाई गई मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता का निर्णय वापस लेने, न्यूनतम वेतन 21 हजार घोषित करने, सेवारत कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु व 33 वर्ष की नौकरी के बाद जबरन रिटायर करना बंद करें, ठेका प्रणाली की जगह नियमित रोजगार, नई पेंशन नीति की जगह पुरानी पेंशन नीति, इसके साथ ही भारी महंगाई पर रोक लगाने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतें कम करने, पालवांचा प्रोजेक्ट को जल्दी प्रारंभ करने, एनएमडीसी उत्पादन एवं अनुरक्षण कार्य में आउटसोर्सिंग बंद करने, रेलवे, बैंक, बीमा, कोयला और रक्षा क्षेत्र में एफडीआई रोकने, आदि कई मुद्दों पर यह हड़ताल किया जा रहा है। इस दो दिवसीय हड़ताल दो दिवसीय हड़ताल में श्रमिक संघ के शामिल होने से एनएमडीसी का उत्पादन पूरी तरह ठप रहने की पूर्ण संभावना है। स्ट्राइक नोटिस सौंपते समय एटक के सचिव राजेश संधू, अध्यक्ष के.साजी, कार्यकारी अध्यक्ष मधुकर सीतापराव, कार्यालय सचिव नरसिम्हा रेड्डी, संगठन सचिव नोमेश्वर राव, कोषाध्यक्ष देवेंद्र कटारिया, देवरायालु, राजेश सोनी, उपेंद्र त्रिपाठी, सतीश नखाते, गणपत नायडू, वेंकट, प्रीति दूधी, रंजना सपना, आदि सैकड़ों सदस्य उपस्थित थे।

पुरंदेश्वरी का दौरा भाजपा मठाधीशों के लिये सरदर्द कांग्रेस के लिये अनुकूल-शुक्ला

0

रायपुर 14 मार्च । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के दौरे और बस्तर प्रवास का स्वागत करते हुए कहा कि पुरंदेश्वरी अपनी पार्टी के मठाधीशों के लिए सिरदर्द और कांग्रेस के लिए अनुकूल हैं। वे अगले चुनाव तक ऐसे ही प्रदेश भाजपा के मठाधीशों से उलझती रहें और उनकी औकात बताती रहें। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी और प्रदेश भाजपा के नेताओं का यह टकराव छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रभारी पुरंदेश्वरी को यह समझना चाहिए कि मृतप्राय शरीर में प्राण फूंकना उनके बस की बात नहीं है। भाजपा की गुटबाजी उनकी मेहनत पर पानी फेर देने के लिए काफी है। पिछली बार जिस बस्तर में भूल से एक सीट मिल गई थी, वह भी जनता ने उपचुनाव में कांग्रेस को दे दी। उपचुनाव में चित्रकोट सीट कांग्रेस ने सुरक्षित रखी और बस्तर लोकसभा सीट भी भाजपा से छीन ली। आज बस्तर में हर जगह कांग्रेस का हाथ सबके साथ है। नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे भी पुरंदेश्वरी के सामने हैं। अगले चुनाव में भाजपा बस्तर में खाता भी नहीं खोल पायेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के द्वारा लिये गये निर्णयों तथा राज्य के सभी वर्गो की भलाई के लिये बनाई गयी योजनाओं और इन योजनाओं के जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दाविहीन हो चुकी है। पुरंदेश्वरी दिग्भ्रमित है उन्हें कुछ सूझ ही नहीं रहा भूपेश सरकार के खिलाफ किन मुद्दों को उठायें। कांग्रेस की सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की जनता की उम्मीदों को पूरा किया है। अब तक 90 फीसदी वादे पूरे कर दिये हैं और जल्द ही जनघोषणा पत्र के सभी वादे पूरे हो जाएंगे। छत्तीसगढ़ में आया बदलाव देश भर में सबको दिख रहा है। कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार की गांव, गरीब, किसान, मजदूर, जवान, सियान, बेटी, बहिनी, दाई सबकी हितैषी नीतियों ने नवा छत्तीसगढ़ गढ़ दिया है। हमारी संस्कृति विकास और जनता को राहत देने की है। शांति, सुरक्षा और विश्वास के साथ स्वच्छ शासन प्रशासन देने की है। भाजपा का चरित्र छत्तीसगढ़ की जनता पंद्रह साल तक देख चुकी है।

आनंद शुक्ला ने कहा कि डी. पुरंदेश्वरी अगर यह कहती हैं कि सरकार की विफलता पर चर्चा करेंगी तो वे यह चर्चा अवश्य करें। कांग्रेस इस चर्चा में शामिल होने तैयार है। वे मोदी भाजपा की वादा फरामोश केंद्र सरकार की विफलताओं पर और छत्तीसगढ़ की वादा पूरा करने वाली कांग्रेस सरकार की सफलता पर खुली चर्चा की |

पूर्व जिला पंचायत सदस्य के यहां ED की रेड, दल्लीराजहरा के रिश्तेदारों के घरों में मारा छापा, देर रात तक चली कार्रवाई |

0

दुर्ग – दुर्ग जिले के गातापार क्षेत्र स्थित पूर्व जिला पंचायत जयंती साहू और उनके भाई विमल साहू के घर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड पड़ी है। ED की 13 सदस्यीय टीम सोमवार तड़के यहां पहुंची और घर को सील कर दिया है। ED ने यह रेड रायपुर के शराब कारोबारी सुभाष शर्मा के साथ जुड़े तार के चलते मारी है। सुभाष ने कुल 54 करोड़ रुपए का घोटाला किया था।

This image has an empty alt attribute; its file name is kgn.jpg

पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयंती साहू के भाई विमल साहू के ऊपर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनी के नाम से दस्तावेज तैयार करके करोड़ों रुपए का बैंक लोन लेकर गबन किया है। इसके साथ ही दोनों के यहां करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति का पता चला है। इन दोनों के दल्लीराजहरा समेत अन्य जगहों MVT सेंटर एवं फुटबॉल ग्राउंड चौक पर रह रहे इनके रिश्तेदारों के घरों में भी छापा मारा है, देर रात तक चली कार्रवाई |

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

ED ने कुछ दिन पहले ही सुभाष शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। वहीं ED ने जब सुभाष शर्मा को 10 दिनों के लिए रिमांड में लेकर पूछताछ की तो उन्हें गातापार निवासी जयंती साहू और विमल साहू के बारे में पता चला था। इसके बाद यहां रेड डाली गई है।

सुभाष शर्मा शराब कारोबारी होने के साथ इसके कई बड़े होटल व अन्य कारोबार भी हैं। इसके खिलाफ रायपुर के गोल बाजार और सिविल लाइन थाने में कई अपराध दर्ज हैं। सुभाष ने राणा की जमीन को बंधक रखकर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 16.50 करोड़ का कर्ज लिया था। इसके बाद उसने उस लोन की किस्त नहीं अदा की तो बैंक ने राणा को नोटिस भेजा। सुभाष शर्मा के खिलाफ होटल सफायर इन, गुडलक पेट्रोलियम कंपनी और मेसर्स विदित ट्रेडिंग कंपनी के लिए 38.50 करोड़ का कर्ज लेकर किस्त अदा न करने का भी आरोप है। इस तरह करके उसने कुल 54 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला किया है।

अंतागढ़ विधानसभा के बड़गांव में विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए उद्योग एवं आबकारी मंत्री

0

अंतागढ़ विधानसभा के बड़गांव में उद्योग एवं आबकारी मंत्री 11 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए ।

इस दौरान अंतागढ़ विधायक अनूप नाग, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, राज्य योजना आयोग सदस्य कांति नाग, कलेक्टर शामिल रहे ।

छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग टी-20 टूर्नामेंट, जब आम्चो बस्तर के नारे से गूंजा स्टेडियम

0

अबुझमाड़ टाइगर्स ने फिल फाइटर्स बिलासपुर को हराकर खिताब किया अपने नाम

खेलमंत्री उमेश पटेल ने विजेता टीम को 5 व उपविजेता टीम को 2.5 लाख इनामी राशि व ट्रॉफी प्रदान की

उद्योगमंत्री कवासी लखमा सुकमा से हेलीकॉप्टर से मैच देखने पहुँचे

छत्तीसगढ़ खेल कांग्रेस और वीर स्पोर्ट्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अविनाश छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग टी-20 टूर्नामेंट अंतर्गत फिल फाइटर बिलासपुर और अबुझमांड टाइगर्स के बीच फाइनल मैच संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ खेल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने जानकारी देते हुए बतलाया कि फाइनल मैच में अबुझमांड टाइगर्स ने 5 विकेट से जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। अबुझमांड टाइगर्स की टीम ने टॉस जीतने के बाद फील्डिंग करने का फैसला किया। लिहाजा फिल फाइटर बिलासपुर को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। बिलासपुर ने 7 विकेट खोकर 20 ओवर में कुल 141 रन बनाए। स्कोर का पीछा करते हुए अबुझमांड टाइगर्स की टीम ने अंतिम ओवर तक रोमांचकारी क्रिकेट खेला। अंतिम 6 गेंदों में 7 रनों की आवश्यकता थी जिसे अंतिम गेंद पर हासिल कर अबुझमांड ने 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। विजेता टीम के बल्लेबाज केएस. राठौड़ को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया। राठौड़ ने 54 गेंदों का सामना कर पांच चौकों और चार छक्कों की मदद से कुल 69 रनों का योगदान दिया। वहीं राठौड़ ने गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर फेंके और 13 रन देकर 2 विकेट लेने में भी सफलता हासिल की। वहीं यशांक कुमार ने 31 रनों की पारी खेलकर टीम को जिताने में अहम भूमिका अदा की। फिल फाइटर बिलासपुर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शादाब खान ने बल्लेबाजी करते हुए 53 रनों की पारी खेली। वहीं लवयम राजपूत ने 25 रन बनाकर टीम के स्कोर को बढ़ाने में योगदान दिया। वहीं गेंदबाजों की बात करें तो बाबू लाल ने 3 विकेट प्राप्त किए। बिलासपुर की टीम फाइनल हार गई लेकिन खिलाड़ियों ने अबुझमांड टाइगर्स को अंतिम ओवर तक कड़े संघर्ष के लिए बाध्य किया और आसान दिखने वाले मुकाबले को कठिन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

समापन अवसर पर मुख्य अथिति के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के खेल मंत्री उमेश पटेल ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी तथा कहा कि इस तरह के प्लेटफार्म ना सिर्फ क्रिकेट बल्कि सभी खेलों के लिए तैयार किए जा रहे हैं आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए अनेकों योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, अबुझमांड टीम की हौसला अफजाई के लिए उद्योग मंत्री मैच शुरू होते ही स्टेडियम पहुंच गए वे अपना सुकमा दौरा बीच में ही छोड़ हेलीकॉप्टर से रायपुर पहुंचे और बस्तर की टीम का हौसला अफजाई करते हुए पूरे मैच का आनंद लिया। इस अवसर पर विधायक देवेंद्र यादव, राज्यमंत्री नीता लोधी, ओलंपिक संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा, कोषाध्यक्ष साहीराम जाखड़ ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी। टुर्नामेंट में बेस्ट कोच विवेक राय, बेस्ट इमर्जिंग प्लेयर धर्मेंद्र उरांव, बेस्ट विकेट कीपर खितेश मुरारी, बेस्ट फील्डर धनंजय नेताम, सर्वाधिक रन ऑरेंज केप यशान्त एल्मकार, सर्वाधिक विकेट पर्पल केप मोहम्मद अमान, बेस्ट कैच चंद्रहास वर्मा और मैन ऑफ द सीरीज केएस राठौर जिन्होंने 205 रनों के अलावा टुर्नामेंट में 15 विकेट प्राप्त किए को चुना गया। विजेता टीम को ट्रॉफी व 5 लाख हीरा ग्रुप की ओर से तथा उप विजेता टीम को आर आर रियल्टर्स की ओर से ढाई लाख नगद की राशि भी खेल मंत्री उमेश पटेल द्वारा प्रदान की गई।

शिक्षक भर्ती व अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण मुद्दे पर घिरे स्कूल शिक्षा मंत्री

0

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट प्रतिपक्ष भाजपा ने किया वॉकआउट

रायपुर, 13 मार्च । विधानसभा में आज प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती और अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मामला जोर शोर से उठा। इस मुद्दे पर प्रतिपक्ष भाजपा के विधायकों ने अपने तीखे सवालों के घेरे में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को घेरा। प्रतिपक्ष के प्रश्नों के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री लगातार उनके प्रश्नों का उत्तर देते रहे, लेकिन भाजपा विधायकों ने मंत्री द्वारा दिए गए जवाब पर असहमति जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

प्रश्रकाल में आज विधायक अजय चंद्राकर ने अपने मूल प्रश्न करते हुए विभागीय मंत्री से पूछा कि प्रदेश के स्कूलों में 14 हजार 580 व्याख्याता शिक्षक, सहायक शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया में कितने पद पर भर्ती हो चुकी, कितने पर बाकी है और प्रक्रिया में कितने शिक्षकों का सत्यापन हो चुका है के साथ ही अभ्यर्थियों की सूची के वैद्यता को लेकर सवाल उठाएं।

इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि व्याख्याता संवर्ग में 2548 शिक्षक संवर्ग में 2814 एवं सहायक शिक्षक संवर्ग में 2209 पदों पर शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है । व्याख्याता संवर्ग में 629 शिक्षक संवर्ग में 3083 तथा सहायक शिक्षक संवर्ग में 3297 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। स्कूल शिक्षा मंत्री में बताया कि व्याख्याता संवर्ग में 6,130 शिक्षक संवर्ग में 7296 एवं सहायक शिक्षक संवर्ग में 4268 शिक्षकों का सत्यापन प्रक्रियाधिन है। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने विधायक अजय चंद्राकर के प्रश्न के जवाब में जानकारी दी कि प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की संख्या 1735 है उनके नियमितीकरण के लिए सरकार की कोई कार्ययोजना अभी नहीं है। इस पर प्रतिपक्ष भाजपा के अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री से प्रश्नों की झड़ी लगाई अजय चंद्राकर के द्वारा बार-बार यह कुछ जाने पर कि अतिथि शिक्षको के नियमितीकरण के लिए योजना कब तक बनेगी का भी शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि इसकी समय सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। चंद्राकर ने यह भी कहा कि 48 प्रतिशत शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई, कई शिक्षकों ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के प्रति असंवेदनशील है इसलिए मंत्री के उत्तर को असन्तोषजनक बताते हुए भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

नया रायपुर में किसानों के आंदोलन व एक किसान की मौत का मामला सदन में गूंजा

0

प्रतिपक्ष भाजपा सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव लाकर इस मामले में आसंदी से चर्चा कराये जाने की मांग की

विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को किया अग्राह्य

स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य होने पर भाजपा सदस्यों ने किया हंगामा

रायपुर, 14 मार्च । छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सोमवार को प्रतिपक्ष भाजपा सदस्यों ने नया रायपुर में किसानों का आंदोलन एवं इस दौरान एक किसान की मौत का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। भाजपा सदस्यों ने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराये जाने की मांग की। भाजपा सदस्यों ने आंदोलरत किसानों की मांग को पूरा करने के साथ मृत किसान के आश्रितों को 50 लाख रूपये मुआवजा राशि एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया, जिसके बाद भाजपा सदस्यों ने सदन में जमकर हंगामा किया।

शून्यकाल में आज भाजपा सदस्यों ने नया रायपुर में पिछले करीब दो माह से आंदोलन कर रहे किसानों का आंदोलन के साथ इस आंदोलन में एक किसान की मौत के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाया। सबसे पहले भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने स्थगन प्रस्ताव की जानकारी सभापति को देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन काल में आंदोलन कर रहे किसानों को विपक्ष में रहते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लेकर सभी कांग्रेस ने समर्थन किया था और उनसे वादा किया था कि उनकी सरकार आने के बाद किसानों की हर मांग पूरी की जाएगी। लेकिन सरकार में आने के बाद कांग्रेस अपना वादा पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि करीब दो माह से नया रायपुर में किसानों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन के साथ वहां एक किसान की मौत भी होती है, लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ 4 लाख रूपये का मुआवजा की घोषणा करते है।

भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नया रायपुर से महज 2 किमी. दूर पर करीब 70 दिनों से किसानों का आंदोलन सरकार के नाक के नीचे चल रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री उन किसानों से बात तक नहीं करते, बल्कि जहां किसान आंदोलन कर रहे है उसे कांजी हाऊस बना दिया गया है, जैसे किसान आतंकवादी हो। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी बात करने वाली कांग्रेस सरकार सो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली में हुए किसानों के आंदोलन पर बोलते है कि प्रधानमंत्री उनसे बात क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिस जगह पर किसान धरना दे रहे थे वो जगह तो बहुत दूर थी, लेकिन नया रायपुर में मंत्रालय से महज 2 किलोमीटर दूरी पर किसान धरना दे रहे मुख्यमंत्री फिर उनसे मिलने क्यों नहीं जा रहे है। श्री अग्रवाल ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक किसान की मृत्यु हो गई। यह स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है क्योंकि गर्मी के दिनों में पिछले 70 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों में कई बुजुर्ग और कई बीमार लोग भी शामिल है। अगर किसानों को कुछ हुआ तो इस कलंक का टिका कांग्रेस सरकार पर लगेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश राज्य के खीरी लखीमपुर में हुई घटना में मृत किसानों को 50-50 लाख रूपये देते है, जबकि प्रदेश के मृत किसान परिवार को 04 लाख रूपये मुआवजा देते है। उन्होंने मांग की जब दूसरे राज्य के मृत किसान परिवार को 50 लाख रूपये दे सकते है तो प्रदेश के मृत किसान परिवार को 01 करोड़ रूपये देना चाहिए साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार पेपरों में विज्ञापन पर करोड़ों खर्च करते है, लेकिन पिछले तीन साल में प्रदेश में 600 से अधिक किसानों ने प्रताडि़त होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में एक किसान की जमीन का रकबा परिवर्तन करने का काम किया गया। 3.45 एकड़ खेती होती है 3 साल तक धान को बेचने का काम चलता रहा। प्रताडि़त होकर किसान ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले के साथ दोषी अधिकारी पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। डा. रमन सिंह ने कहा कि नया रायपुर में किसान की मौत का जवाबदार कौन है। इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।

नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि 27 गांव के किसान 70 दिनों से आंदोलन कर रहे है। उन पर लाठीचार्ज भी हो रही है। पैदल मार्च किया गया जिसमें एक किसान की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दूसरे राज्यों में हो रहे किसानों के आंदोलन में प्रदेश से चावल भेजने का काम किया है, दूसरे राज्य में मृत किसानों के परिवारों को 50-50 लाख रूपये भेजने का काम किया है, और यहां नया रायपुर में आंदोलन कर रहे किसानों के लिए पानी, भोजन तक का प्रबंध तक नहीं किया गया है।

चार राज्यों की जीत से गदगद पुरंदेश्वरी को छत्तीसगढ़ में उम्मीद…

0

(अर्जुन झा)

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी का आज बस्तर के तीन दिवसीय प्रवास पर आगमन हुआ। भाजपा प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी इस प्रवास में बस्तर के विभिन्न जिलों के संगठनात्मक दौरे पर हैं। बस्तर पहुंचने पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत के दौरान डी. पुरंदेश्वरी ने भरोसा व्यक्त किया कि जिस तरह चार राज्यों के चुनाव में सफलता हासिल की है, उसी तरह अगले चुनाव में छत्तीसगढ़ में भी सफल होंगे।

उन्होंने बताया कि अपने प्रवास के दौरान वह बस्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर आगे की रणनीति बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विफलताओं पर भी चर्चा करेंगी। पुरंदेश्वरी बस्तर पर लगातार फोकस कर रही हैं। वह कोशिश कर रही हैं कि बस्तर में भाजपा की उखड़ चुकी जमीन को फिर से उपजाऊ बना सकें। छत्तीसगढ़ में बस्तर भाजपा के लिए मरुस्थल की तरह हो गया है। यहां बस्तर लोक सभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है तो अंचल की सभी 12 विधानसभा सीटें, नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं पर कांग्रेस का हाथ बहुत मजबूत है। ऐसी स्थिति में पुरंदेश्वरी का सारा जोर इस पर है कि नेताओं द्वारा की गई उपेक्षा के कारण जो जमीनी कार्यकर्ता घर बैठ गए हैं, उन्हें सक्रिय किया जाए। इसीलिए वह छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े नेताओं को दरकिनार कर अकेली ही बस्तर में कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संघर्ष करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि हाल ही हुए पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार राज्यों में जीत हासिल की है और इससे भाजपा के छत्तीसगढ़ और बस्तर के कार्यकर्ताओं में उत्साह उत्पन्न हुआ है। लेकिन छत्तीसगढ़ में स्थिति अलग है। चार राज्यों की जीत की चमक पुरंदेश्वरी के चेहरे पर साफ नजर आ रही है। उनका सपना है कि बस्तर में फिर से कमल खिले।

बस्तर ने तो भाजपा का बहुत साथ दिया लेकिन यहां भाजपा जनता तो दूर अपने कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर भी खरी नहीं उतर सकी। लिहाजा कार्यकर्ता निराश होकर पार्टी के कार्यक्रमों से दूर होते चले गए। जिसके परिणाम स्वरूप बस्तर में भाजपा ने अपनी साख खो दी। बस्तर में भाजपा की जड़ें खोखली करने में उन नेताओं का ही हाथ है जो 15 साल तक सत्ता का सुख तो भोगते रहे लेकिन न तो अपने कार्यकर्ताओं पर ध्यान दिया और न ही जनता की जरूरतों पर। हवा-हवाई विकास के दावे खोखले साबित हुए और आखिरकार बस्तर से भाजपा का सफाया हो गया। अब पुरंदेश्वरी बस्तर में नए सिरे से भाजपा की जमीन तलाश रही हैं तो उनके सामने यही चुनौती है कि वह अपने समर्पित कार्यकर्ताओं में चेतना किस तरह और किस स्तर तक जागृत कर पाती हैं।

मां दंतेश्वरी की धरा पर पुरंदेश्वरी का स्वागत है, करें वही जो बस्तर चाहे …

0

(अर्जुन झा)

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी अगले साल के आखिरी में होने वाले चुनाव के लिए बस्तर में सक्रिय हैं। वे लगातार यहां का दौरा कर रही हैं। वे 14 मार्च से 17 मार्च तक बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और बस्तर जिले में दौरा करेंगी। बस्तर में पुरंदेश्वरी की अकेले अकेले यानि बिना बड़े नामधारी नेताओं के सतत सक्रियता राजनीति में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही है। वे बस्तर दौरे के दौरान प्रदेश भाजपा के स्वनामधन्य नेताओं को दरकिनार कर रही हैं तो इस पर भाजपा को कांग्रेस के व्यंग्य बाण झेलने पड़ते हैं। अब तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इस मामले में कह रहे हैं कि डी. पुरंदेश्वरी छत्तीसगढ़ आती हैं तो अच्छा लगता है। वह यहां आकर बड़े-बड़े भाजपा नेताओं को उनकी औकात दिखा जाती हैं। भाजपा इसका तथ्यात्मक जवाब देने से बचती है और उसकी तरफ से पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का राजनीतिक जवाब है कि भूपेश बघेल हंटर वाली से डर गए हैं। वैसे भूपेश बघेल हंटर वाली से डरते हैं या नहीं डरते हैं अथवा कितना डरते हैं, यह राजनीतिक नोंकझोंक है लेकिन भाजपा के बस्तरिया नेता हंटर वाली के लिए कितने सजग हैं, यह भी बस्तर में देखा जा रहा है।

पुरंदेश्वरी के दौरे की तैयारी चल रही है। कैसी तैयारी है, इसकी बानगी सामने आई है कि बैठक में प्रदेश महामंत्री किरणदेव बौद्धिक देते रहे और प्रदेश मंत्री श्रीनिवास मद्दी अपनी धुन में मस्त रहे। यदि अपनी ही प्रदेश प्रभारी के बस्तर दौरे के मद्देनजर होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी तक का ऐसा व्यवहार सामने आएगा तो आम कार्यकर्ता तक आखिर क्या पैगाम जाएगा? अब यदि भाजपा की मौजूदा स्थिति की बात करें तो ऐसा जान पड़ता है कि प्रदेश प्रभारी ने रणनीति के तहत ही छत्तीसगढ़ भाजपा के बड़े बड़े महारथियों को राजधानी तक सीमित कर रखा है। वे संगठन की रणनीतिक बैठकों में तो सभी नामी नेताओं से चर्चा करती हैं लेकिन बस्तर से उन्हें दूर रखती हैं, जैसे कह रही हों कि भैया लोग यहां आपकी जरूरत नहीं है। कार्यकर्ता ही आप लोगों के नाम से बिदकते हैं तो जनता आपके नाम पर क्या खाक समर्थन देगी। दरअसल पुरंदेश्वरी उन जमीनी कार्यकर्ताओं को जगा रही हैं, काम पर लगा रही हैं, जिसकी मेहनत की दम पर नेताओं ने पंद्रह साल तक सत्ता की भरपूर मलाई खाई लेकिन यही कार्यकर्ता वंचित और उपेक्षित रह गया। जब भाजपा नेताओं ने मैदानी कार्यकर्ताओं से दूरी बना रखी थी तो जनता के काम कैसे होते। यही वजह है कि भाजपा का देवदुर्लभ कार्यकर्ता रूठ गया। नतीजा सामने है कि बस्तर भाजपा के लिए उजड़ा चमन हो गया और कांग्रेस के लिए मखमली बिस्तर सज गया।

This image has an empty alt attribute; its file name is puran1-1024x461.jpg

पुरंदेश्वरी अब रूठे कार्यकर्ता को मना रही हैं, बदरंग चेहरों से परहेज कर रही हैं और कह रही हैं कि नए और युवा चेहरे सामने लाये जायेंगे तो एकदम से भरोसा नहीं होता किंतु भाजपा के शिखर नेतृत्व ने जिस तरह लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ भाजपा के सारे के सारे बल्व बदल डाले थे, उसे देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि अगले विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ता ही आगे लाये जा सकते हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने जो प्रयोग किया, वह उम्मीद से बहुत ज्यादा सफल रहा। अनजान से चेहरों ने धुरंधरों को धूल चटा दी। कदाचित पुरंदेश्वरी की रणनीति यही है लेकिन इसके लिए यह जरूरी है कि भाजपा को नेतावाद से मुक्त किया जाय। मां दंतेश्वरी की धरा में पुरंदेश्वरी का स्वागत है लेकिन चुनाव में होगा वही, जो बस्तर चाहेगा। बस्तर क्या चाहता है, यह पुरंदेश्वरी शोध कर रही हैं, बस्तर की चाहत समझ रही हैं, बस्तर के अनुकूल तैयारी करेंगी तो भाजपा के वीराने में बहार आने की उम्मीद भाजपा कर सकती है।

MOST POPULAR

HOT NEWS