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होटलों में घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल, गंदगी के बीच बनते हैं खाद्य पदार्थ

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  •  खाद्य विभाग के अधिकारी कैसे बने हुए हैं बेखबर
  • खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, गंदगी पर कार्रवाई नहीं

अमरेश झा

कोंडागांव जिला मुख्यालय कोंडागांव में संचालित होटलो में घरेलू गैस सिलेंडर का खुलेआम बेधड़क उपयोग किया जा रहा है। होटलों में गंदगी पसरी है, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं रहती। लोगों की सेहत के साथ खुलकर खिलवाड़ होने के बावजूद खाद्य विभाग के अधिकारी आंख बंद किए बैठे हैं।

घरों में उपयोग होने वाली रसोई गैस से होटलों में खाद्य सामग्री बनाई जा रही है। वहीं गरीबों को वितरित किया जाने वाला पीडीएस का चावल भी बेखौफ़ होकर होटल संचालक अपने होटल में खपा रहे हैं। इस चावल से इडली डोसा, सांभर बड़ा, भात बनाकर ग्राहकों को परोसा जा रहा है। फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों की नजर होटल में पसरी गंदगी व होटलों में परोसी जा रही अमानक खाद्य सामग्रियों पर कभी नहीं पड़ती है। अधिकारियों का सारा ध्यान केवल वसूली पर रहता है।

शहर के होटलो में घरेलू गैस का दुरुपयोग व होटल में खप रहे पीडीएस का चावल सम्बंधित विभाग नहीं रोक पा रहा है। मिली शिकायत अनुसार शहर के रायपुर नाके पर मेन रोड पर स्थित चौधरी स्वीट्स में घरेलू गैस सिलिंडर उपयोग किया जा रहा है जिसकी जानकारी होने के बावजूद भी घरेलू गैस का दुरुपयोग रोकने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वही सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि इन होटलो में घरेलू गैस सिलिंडरों से खाली कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग कर उनका उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। भले ही खाद्य विभाग की ओर से कार्रवाई के नाम पर अपनी पीठ थपथपाई जा रही हो, लेकिन स्थिति यह है कि छह माह में खाद्य विभाग ने किसी होटल और ढाबे पर कार्रवाई नहीं कीे। ऐसे में होटल संचालक खुलेआम घरेलू गैस का स्तेमाल कर रहे हैं। आपको बता दें कि इन होटलों में घरेलू सिलेंडर का उपयोग तो हो ही रहा है साथ ही होटल में पसरी गंदगी और अमानक खाद्य सामग्रियों पर भी जिम्मेदार अधिकारियों की नजर नही पड़ रही है। शिकायत मिलने पर जब इस संवाददाता संबंधित होटल का जायजा लिया। होटल में गंदगी पसरी थी, वहां न हाथ धोने की व्यवस्था थी और ना ही खाद्य सामग्री बनाने के बर्तनों की सफाई की। होटल में रखी खाद्य सामग्री व मिठाइयों की निर्माण तिथि एवं उपयोग की मान्य समय सीमा तक लिखना होटल संचालक ने जरूरी नहीं समझा था। होटल स्वामी से बात करने पर उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी ने उन्हें ऐसा करने से मना कर रखा है। अब इसे क्या विभाग की संलिप्तता कहें या उनकी अनदेखी का आलम।

खेल दिवस पर मैदान छीनने आमादा हुआ नगर निगम

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  •  शहर की शान को बचाना छोड़ मिटाने की कोशिश
  • अस्तित्व के लिए लड़ रहा है विवेकानंद स्कूल

अर्जुन झा

जगदलपुर आज खेल दिवस है और चारों और खिलाड़ियों की जय जयकार हो रही है। वहीं नगर निगम जगदलपुर शहर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित स्कूल में विवेकानंद स्कूल के बच्चों से उनका खेल मैदान छीनने पर आमादा हो गया है। विद्या के इस पवित्र मंदिर के मैदान पर टॉयलेट बनवाकर नगर निगम न जाने क्या संदेश देना चाहता है?

विवेकानंद स्कूल ने देश और राज्य को कई प्रतिभाएं दी है। यह स्कूल पर वैसे भी अतिक्रमणकारियों की नजर पहले से लगी हुई है। स्कूल की जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हो गए हैं। स्कूल के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। स्कूल को संकट से उबारना छोड़कर नगर निगम ने स्कूल के मैदान पर सार्वजनिक शौचालय बनवाने का फैसला ले लिया है। इससे पालकों और विद्यार्थियों की भावना आहत हो रही है। स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा खत्री ने नगर निगम के इस फैसले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि इससे पहले स्कूल के पार्क पर अतिक्रमण हो गया था और बच्चों को अपने मनोरंजन की जगह से वंचित होना पड़ा है। अब नगर निगम खेल मैदान को भी छीनने जा रहा है। प्राचार्य ने कहा है कि टॉयलेट निर्माण से खेल मैदान का एक बड़ा हिस्सा छिन जाएगा। वहीं अभिभावक एवं जागरूक नागरिक आनंद झा ने भी स्कूल के मैदान पर टॉयलेट निर्माण का कड़ा विरोध किया है।

आनंद झा ने कहा कि टॉयलेट निर्माण से कैंपस में बाहरी लोगों की आमदरफ्त बढ़ेगी। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और उनके खेलने का मैदान भी छिन जाएगा। आनंद झा ने कहा है कि पहले से ही विवेकानंद स्कूल अस्तित्व के लिए संघर्षरत है। उसे संरक्षित करना छोड़ नगर निगम उसे पूरी तरह नष्ट करने जा रहा है। यह चिंतनीय है। वर्तमान में इस स्कूल में स्वामी आत्मानंद विद्यालय के तहत हिंदी व अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इस स्कूल के मैदान पर अब सार्वजनिक मूत्रालय का निर्माण उचित नहीं होगा।

मिट्ठू मियां को मिल गई फिलहाल राहत, आदेश को स्थगित किया वन विभाग ने

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  •  पालतू पक्षियों को लेकर जारी निर्देश स्थगित
  • जगदलपुर में कांग्रेस ने किया था तोता सत्याग्रह
  • वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली से लिया जाएगा तकनीकी मार्गदर्शन

अर्जुन झा

जगदलपुर तोतों और अन्य घरेलू पक्षियों को आजाद करने संबंधी अपने निर्देश को लेकर वन विभाग उलझन में पड़ गया है। इसे लेकर छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग ने अब केंद्र सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से तकनीकी मार्गदर्शन मांगा है।तब तक के लिए वन विभाग ने अपने पुराने आदेश को स्थगित कर दिया है। इससे फिलहाल मिट्ठू मियां को राहत मिल गई है। ज्ञात हो कि जगदलपुर में शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तोता सत्याग्रह भी किया था।

उल्लेखनीय है कि वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में एक फरमान जारी किया था। राज्य के सभी वन मंडल अधिकारियों को जारी इस फरमान में निर्देशित किया गया था कि पक्षियों के बाजारों में विक्रय पर पाबंदी लगाई जाए और घरों में पालकर रखे गए तोतों एवं अन्य पक्षियों को आजाद कराया जाए। इसके परिपालन में बस्तर के डीएफओ ने भी तोतों को आजाद कर लामनी पार्क पक्षी विहार जगदलपुर के हवाले करने का निर्देश जारी किया था। वन विभाग के इस फरमान ने यहां खासा कोहराम मचा दिया था। इसे लेकर कांग्रेसियों ने जमकर बयानबाजी और आंदोलन का सिलसिला शुरू कर दिया था। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने इस मसले पर सीधे विष्णु देव साय सरकार पर कटाक्ष करते हुए इसे तुगलकी फरमान करार दिया था। जावेद खान ने लामनी पार्क की बदहाली पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उधर जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने तो तोता सत्याग्रह का ही शंखनाद कर दिया था। सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए बस्तर के वन संरक्षक को ज्ञापन सौंपकर आदेश रद्द करने की मांग की थी। बता दें कि सनातन धर्म में तोते को शुभ पक्षी माना जाता है। यह वाचाल पक्षी बहुत जल्दी मनुष्य की भाषा सीख जाता है और मनुष्य की भाषा में ही बोलने लगता है। मानव और तोते के बीच आत्मीय रिश्ता पुरातन काल से चला आ रहा है। मनुष्य शुरू से तोते पालने का शौकीन रहा है। वन विभाग के आदेश से आम नागरिक आहत हो उठे थे। चौतरफा विरोध के बाद अब वन विभाग इस आदेश को लेकर उलझन में पड़ गया है।अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्व में 23 अगस्त को प्रदेश में कानूनन संरक्षण प्राप्त तोतों एवं अन्य पक्षियों की बिक्री और पालन के संबंध में कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए थे। जिसमें संशोधन करते हुए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) छत्तीसगढ़ अटल नगर, रायपुर द्वारा सभी मुख्य वन संरक्षक एवं वन मंडल अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर कहा गया है कि तोतों एवं अन्य पक्षी जो घरों में पाले गए हैं उनके संबंध में 23 अगस्त के जारी निर्देशों पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली एवं वन्यप्राणी प्रभाग से आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन मांगा गया है। तब तक कार्रवाई स्थगित कर दी गई है।

वासुदेव श्री कृष्ण की श्रीमद् भागवत गीता उपदेश को अपने जीवन में उतार ले तो हम हर क्षेत्र में सफल होंगे

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  • गगन पंड्या ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बंग समाज के द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी में कालीबाड़ी में कहा
  • कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कालीबाड़ी दल्ली राजहरा में बंगाली समाज (बंग समाज ) के द्वारा सह परिवार एकत्र होकर कृष्ण जन्माष्टमी मनाया गया l कृष्ण जन्माष्टमी की आयोजन जी,एस मदन माइती पूजा सेक्रेटरी सजल राय की देखरेख में हुआ lजहां भगवान श्रीकृष्ण की आरती , तिलक चंदन के बाद फूल आदि से उनका अभिनंदन किया गया और समाज के लोगों साथ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया l

इस अवसर पर बंगाली समाज के वरिष्ठ गगन पंड्या ने अपना विचार रखते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान कृष्ण जग के पालनहार विष्णु के एक ऐसे अवतार के रूप में धरती पर अवतरित हुए जिन्होंने अपने पद और कर्तव्य परायणता का अद्भुत उदाहरण दिया है l उन्होंने जिस रूप में अवतरित हुए उसके साथ पूरा विश्वास और जिम्मेदारी के साथ निभाया l बालकपन में मां यशोदा के साथ हरि का अवतार होते हुए वात्सल्य से ओतप्रोत अपना कर्तव्य निभाया l नटखट बालक बनकर गोपियों के साथ छेड़छाड़ तो सखा सहेलियों के साथ बाल्यापन के साथ भी पूरी तरह से न्याय किया l पशु प्रेम होने के कारण उन्होंने ग्वाल बनकर गाय चराने जंगल भी गए l पशुओं की रक्षा देखभाल सेवा में भी अपना कर्तव्य निभाया l कंस के साथ युद्ध करने गोकुल भी गए जहां अपने पुत्र धर्म का पालन करते हुए जन्म देने वाले माता-पिता को कंस को मार कर उनके कैद से मुक्त कराया l महाभारत युद्ध के समय अपने वचन के अनुसार हमेशा सत्य का साथ देते हुए हर परिस्थिति में पांडव का साथ देकर उन्हें विजय दिलवाया l वह शांति के भी पुजारी थे इसलिए शिशुपाल को 100 अपराध माफ करने का वचन दिया था l महाभारत युद्ध को रोकने के लिए उन्होंने भी पांडव की ओर से शांतिदूत बनकर कौरव के साथ युद्ध को रोकने का प्रयास किया l भाई धर्म का पालन करते हुए द्रोपदी की रक्षा की तो वहीं युद्ध के समय जीवन में अनमोल मानव जीवन को सार्थक करने वाली सर्व उपयोगी श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान दिया l जो आज भी पूरे विश्व में मानव जीवन के लिए सबसे बेहतरीन मोटिवेशन का पुस्तक बनकर रह गया है l चाहे कोई भी धर्म संस्कृति के ज्ञाता हो सबका यही कहना है कि श्रीमद् भागवत गीता से बेहतर आज तक ना कोई पुस्तक है ना होगा l

अपनी मानव जीवन को सार्थक करना है तो भगवान श्री कृष्णा के लीला को अपने जीवन में उतारना होगा l कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर गौतम बेरा , गगन पंड्या, मदन माइती टुलु साहा,पुरोबी वर्मा नीता साहा, मुनमुन सिन्हा, रीता बैनर्जी ,ज्योति बैनर्जी, जयन्ती बोस, रुना दास, अदिति आईच, दीपिका मायती , सुशांतो मण्डल अशोक शाहा , सजल राय , बापी आईज , रिंकू सिन्हा , पारस, गौतम बोस, बबलू दास गौतम मायती अभिजीत मण्डल बादल तिवारी रविन्द्र , रेड्डी मण्डल , बंग समाज के श्रद्धालुओं की उपस्थिति थीं l

भानपुरी वन परिक्षेत्र की जंगल भूमि पर अतिक्रमण, 11 आदिवासी भेजे गए जेल

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  • वन अधिकार पत्र के लिए हो रहा है कुठाराघात

जगदलपुर बस्तर सामान्य वन मंडल के बस्तर व भानपुरी वन परिक्षेत्र के मध्य पिपलावंड के कोमा गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

वन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार ग्राम कोटेकामा डोंगरी गुड़ापारा के 11 अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 (1) के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल जगदलपुर भेजा गया।वन परिक्षेत्र भानपुरी के अंतर्गत उप परिक्षेत्र बनियागांव के पिपलावंड बीट क्रमांक आरएफ 1107 में ग्राम कोटेकामा के ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण के उद्देश्य से लगभग 6 हेक्टेयर वनक्षेत्र में कटाई व सफाई की जा रही थी। परिसर रक्षक पिपलावंड देवेश मौर्य वनपाल एवं बुधरूराम कश्यप उप वन क्षेत्रपाल द्वारा वन प्रबंधन समिति पिपलावंड के सहयोग से सभी को पकड़कर उनके विरूद्ध वन अपराध दर्ज किया गया। भागीरथी पिता बोजा जाति माड़िया ग्राम कोटेकामा डोंगरी गुड़ापारा एवं अन्य 2 व्यक्ति, पदम पिता छेंडी जाति माड़िया ग्राम कोटेकामा डोंगरी गुड़ापारा एवं अन्य 2 व्यक्ति, नंदलाल पिता लच्छू ग्राम कोटेकामा डोंगरी गुड़ापारा एवं अन्य 4 व्यक्ति के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण कायम कर समस्त वनोपज को जप्त कर निस्तार डिपो परिवहन कराया गया। इन सभी को 27अगस्त को बजे गिरफ्तार कर महारानी अस्पताल जगदलपुर में चिकित्सीय परीक्षण उपरान्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगदलपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने आरोपियों को 9 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल जगदलपुर भेजा गया।यह कार्रवाई आरसी दुग्गा मुख्य वनसंरक्षक जगदलपुर वृत्त जगदलपुर के मार्गदर्शन एवं उत्तम कुमार गुप्ता वन मंडलाधिकारी बस्तर के निर्देशन में की गई। जिसमें सभी अधिकारी, कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। कार्रवाई में आईपी बंजारे उप वन मंडलाधिकारी बस्तर, योगेश कुमार रात्रे उप वन मंडलाधिकारी चित्रकोट, पदम लाल पांडे वन परिक्षेत्र अधिकारी भानपुरी, बीडी मानिकपुरी वन परिक्षेत्र अधिकारी बकावंड, बीएल सुरोजिया वन परिक्षेत्र अधिकारी बस्तर, सौरभ रजक वन परिक्षेत्र अधिकारी करपावंड, सूर्यप्रकाश ध्रुव वन परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर (उत्पादन), लाल नेताम वन क्षेत्रपाल, पावेल पी. कार्फ उप वन क्षेत्रपाल, डोमूराम नेताम वनपाल, बुधरूराम कश्यप उप वन क्षेत्रपाल, जयदेव मौर्य वनपाल, हिरामन मंडावी वनपाल के साथ वन रक्षकगण देवेश मौर्य, अरूण कुमार नाग, हेमंत मौर्य वनरक्षक, नृपेंद्र गौतम, सोनाघर बघेल, कमलोचन बघेल, तोलेश बघेल एवं वाहन चालकों का योगदान रहा।

युक्तियुक्तकरण में स्कूलों का चिन्हांकन शासन के मापदंड के आधार पर करें: कलेक्टर विजय

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  •  विकासखंड स्तरीय समिति द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने युक्तियुक्तकरण के लिए विकासखंड स्तरीय समिति द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कहा कि स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के लिए शासन द्वारा निर्धारित मापदंड के आधार पर सर्वे करें। विशेष कर मेरिट, सेटअप और दूरी के आधार पर स्कूलों का चिन्हांकन करें।

कलेक्टर ने मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले के सभी अनुभाग द्वारा स्कूलों के युक्तियुक्तकरण की गई तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अनुविभागीय दंडाधिकारियों ने अपने अनुभाग के स्कूलों की जानकारी देते हुए स्कूल की आवश्यकता और सेटअप के आधार पर, एक ही परिसर में संचालित विद्यालयों की दस से कम दर्ज की संख्या वाले विद्यालयों शहरी क्षेत्र हेतु 30 से कम दर्ज संख्या एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु 10 से कम दर्ज संख्या के चिन्हाकन की गतिविधि की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ शप्रकाश सर्वे, समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, डीएमसी, बीआरसी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

तोते को बने रहने दें आदमी का हमसफर, कांग्रेस ने मुख्य वन संरक्षक को सौंपा ज्ञापन

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  • परिवारों का हिस्सा बन चुके पालतू पक्षियों को दूर न करने की रखी मांग

जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने घरेलू पक्षियों को जप्त करने व नागरिकों पर दंडात्मक कार्रवाई के आदेश पर संशोधन करने मुख्य वन संरक्षक को ज्ञापन सौंपा।

कुछ दिनों पहले बस्तर सहित पूरे प्रदेश में वन विभाग द्वारा पालतू पक्षियों तोता आदि को वन विभाग के अधीन करने एवं ऐसा नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है, जिसे लेकर प्रदेश एवं बस्तर की जनता में भय तथा रोष व्याप्त है। आम जनता की भावना इस आदेश से आहत हो रही है एवं वर्षों से परिवार का हिस्सा बन चुके पक्षियों से बिछड़ने का डर उन्हें सता रहा है। कांग्रेस पार्टी ने जनता की भावनाओं को देखते हुए शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए वन विभाग द्वारा जारी आदेश के खिलाफ मुख्य वन संरक्षक को ज्ञापन सौंपा तथा इसमें संशोधन करते हुए इसे शिथिल बनाने की मांग की। कांग्रेस ने ज्ञापन में मुख्य रूप से विभिन्न मांगों को रखा है जिसमें जो पक्षी वर्षों से किसी परिवार में पल रहे हैं उन्हें इस आदेश से पृथक रखा जाए। आदेश में दंडात्मक कार्रवाई का भय दिखाया गया है, उसे विलोपित किया जाए। आदेश में संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया जाए, जिसमें केवल माननीय न्यायालय द्वारा जारी निर्देश के अंतर्गत आने वाले पशु पक्षियों की खरीदी ब्रिक्री पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाया जाए। ऐसे पशु पक्षियों की बिक्री करने वालों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए। कांग्रेस पार्टी ने उम्मीद जताई है कि विभाग जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपने द्वारा जारी आदेश को संशोधित कर पक्षी प्रेमियों एवं आम नागरिकों को राहत देने वाला आदेश जारी करेगा। कांग्रेस ने कहा यदि विभाग द्वारा जारी आदेश में संशोधन नहीं किया जाता है और किसी भी आम नागरिक के साथ ज्यादती होती है तो बस्तर जिला कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान, वरिष्ठ कांग्रेसी रविशंकर तिवारी, शहर कांग्रेस कोषाध्यक्ष असीम सुता, महामंत्री महेश द्विवेदी, मीडिया प्रभारी शहर कांग्रेस शादाब अहमद, उस्मान रज़ा पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एनएसयूआई, जिलाध्यक्ष शहर एनएसयूआई विशाल खम्बारी,नीलम कुमार कश्यप जिलाध्यक्ष ग्रामीण एनएसयूआई, सुलो कश्यप खेल प्रकोष्ठ अध्यक्ष, हरदास बघेल, राजू कश्यप, खिरेंद्र यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

ग्वालों के भेष में छात्राओं ने लूटी दही हांडी

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बकावंड कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे जिलेभर मे धूमधाम से मनाया गया।ब्लॉक मुख्यालय बकावंड के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय परिसर में छात्राओं ने राधा, कृष्ण और ग्वालों के भेष धारण कर में दही हांडी लूटी। यहां पूरे उल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया गया। छात्राओं ने श्रीकृष्ण के जीवन का सुंदर चित्रण किया एवं साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुंदर नृत्य भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर दही मटकी फोड़ का आयोजन किया गया। छात्राएं ही कृष्ण, छात्राएं ही राधा और छात्राएं ही गवाल बाल व बालाएं बनकर सामने आईं। कार्यक्रम में हॉस्टल अधीक्षिका के साथ- साथ समस्त स्टाफ मौजूद रहे।

यात्रियों से भरा बस और ट्रक में जोरदार टक्कर , यात्री घायल

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ब्रेकिंग न्यूज बालोद जिले के पुरूर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे 30 धमतरी से जगदलपुर मार्ग मरकाटोला घाट पर यात्रियों से भरी बस और ट्रक की टक्कर । प्राप्त जानकारी के अनुसार यात्रियों से भरा बस ओवरटैक करने के चक्कर में  ट्रक को बगल से टक्कर मारी । जिससे बस का आगे का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया । बस में सवार 4 यात्री बुरी तरह से घायल है । जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की कार्यवाही में  जुटी हैं ।

नक्सलियों के खात्मे की राह में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ पिपरी बने रोड़ा

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  •  सड़क ही नहीं बन पा रही तो फोर्स कैसे पहुंचेगी नक्सलियों के गढ़ में
  • ईएनसी की लापरवाही ने सीज करा दिया अकाउंट

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान रायपुर में ताल ठोंक गए हैं कि राज्य से नक्सलियों का खात्मा जल्द कर दिया जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह को शायद यह मालूम नहीं होगा कि लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के इंजीनियर इन चीफ केंद्र और राज्य सरकार के इस मिशन की राह में रोड़ा बन गए हैं।

ईएनसी की लापरवाही के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण थम सा गया है। जब सड़क ही नहीं बन पाएगी, तो अमित शाह की फोर्स नक्सल गढ़ तक कैसे पहुंच पाएगी और कैसे वह छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बना पाएगी।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के खात्मे के लिए सड़क निर्माण को प्राथमिकता से संपादित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ पिपरी की घोर लापरवाही के चलते लोक निर्माण विभाग का खाता सीज हो गया है।अगर इंजीनियर इन चीफ श्री पीपरी समय पर ईपीएफ के भुगतान का प्रस्ताव भेज देते तो यह समस्या नहीं आती। लोक निर्माण विभाग का खाता सीज होने से ठेकेदारों के अरबों रुपयों का भुगतान अटक गया है। बस्तर संभाग में विभाग द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से कराए जा रहे सड़कों के निर्माण थम से गए हैं। ठेकेदार मजदूरी भुगतान भी नहीं कर पा रहे हैं। शासन को चाहिए कि अपनी व केंद्र सरकार की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए ऐसे अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसे कोई और कृत्य न हो इसके उपाय किए जाए।

24 करोड़ रुपए बकाया

लोक निर्माण विभाग के 58 डिवीजन में करीब 5 हजार 939 कर्मचारी हैं, जिनके ईपीएफ की राशि 19 करोड़ 50 लाख की राशि जमा करना शेष है। इसमें ब्याज और पेनाल्टी जोड़ने पर यह बढ़कर रकम 23 करोड़ 84 लाख रुपए होती है। 2023 में इसे लोक निर्माण विभाग ने वित्त विभाग को भेजा। शासन ने 14 करोड़ की राशि विभाग को भेजी, लेकिन इसके बाद भी विभाग ने यह राशि ईपीएफ ट्रस्ट को नहीं दी, क्योंकि उसके पास ईपीएफ का कोड नहीं था। मामला अब भी अधर में है। मामला यह है कि 2015 से लोक निर्माण विभाग में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के ईपीएफ़ कटौती का निर्देश दिया गया है। इस निर्देश का पालन नहीं होने से केवल ईपीएफ में हर वर्ष 12 करोड़ से अधिक दैनिक श्रमिकों का 12 प्रतिशत अंशदान लोक निर्माण विभाग को स्वयं जमा करना पड़ रहा है। उसमें लगने वाला ब्याज और दंड राशि की गणना करें तो यह घाटा बढ़कर कई करोड़ तक पहुंच जाता है। इस राजस्व क्षति को नियंत्रित करना, बचाना विभाग के अधिकारियों एवं वित्त नियंत्रकों के हाथ में है।

260 किमी सड़कें स्वीकृत

छत्तीसगढ़ के बस्तर में सड़कों का निर्माण करना किसी चुनौती से कम नहीं है। बस्तर में नक्सली सड़कों का निर्माण नहीं चाहते हैं, इस वजह से इसका विरोध कर बड़ी घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। केंद्र सरकार की आरआरपी योजना के तहत इन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास पहुंचाने के लिए सड़कें बनाई जा रही हैं। आरआरपी योजना के तहत 85 सड़कों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 259. 90 किलोमीटर की 40 सड़कों का निर्माण प्रगति पर है। यह सभी सड़कें दुर्गम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हैं। यह विकास की रफ्तार गांव तक पहुंचाने का एक अभिनव प्रयास है।

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