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दस किलो गांजा के साथ मप्र के दो युवक चढ़े पुलिस के हत्थे

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  • बस्तर पुलिस ने फिर पकड़ा गांजा तस्करी का बड़ा मामला

जगदलपुर बस्तर पुलिस ने फिर गांजा तस्करी का बड़ा मामला पकड़ा है। मध्यप्रदेश के दो युवकों को दस किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा गया है। गांजे की कीमत एक लाख रु. बताई गई है। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के निवासी हैं।मामले का भंडाफोड़ करने वाली जगदलपुर कोतवाली पुलिस के मुताबिक आरोपी आकाश सैन पिता नंदराम सैन 26 साल निवासी रामनगर थाना करेरा तहसील नरवर, जिला शिवपुरी मध्यप्रदेश का तथा दूसरा आरोपी नितिन रावत पिता सरदार सिंह रावत 27 साल ग्राम बामरोल तहसील भितरवार जिला ग्वालियर मध्यप्रदेश का निवासी है।उप महानिरीक्षक एवं बस्तर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के नेतृत्व मेें बस्तर पुलिस द्वारा अवैध धंधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सूचना मिलने पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाॅल के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर उसे आमागुड़ा चौक पर चेकिंग के लिए लगाया गया।

टीम ने संदेह के आधार पर दो युवकों को पकड़कर पूछताछ की और उनकी तलाशी ली। दोनों के पिट्ठू बैग से दस किलो गांजा, 450 रु. व मोबाइल फोन मिला। उन्होंने अपना नाम आकाश सैन और नितिन रावत बताया। आरोपियों के विरूद्ध थाना सिटी कोतवाली में धारा 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्व किया गया है। मामला पकड़ने में टीआई एमन साहू, सहायक उप निरीक्षक लंबोदर कश्यप, नीलाम्बर नाग, प्रधान आरक्षक अनंतराम बघेल, चंदर मंडावी तथा आरक्षक नकुल नुरूटी व संतूराम बंजारे ने अहम भूमिका निभाई।

एबीवीपी द्वारा नव चैतन्य मशाल यात्रा

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जगदलपुर द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की 160 वी जन्म जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत शासकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर कॉलेज जगदलपुर में स्थित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा में माल्यार्पण से हुई एवं संध्या उपरांत नव चैतन्य मशाल रैली का आयोजन किया गया। अभाविप के नगर मंत्री श्री यश ध्रुव जी ने बताया कि विद्यार्थी परिषद जगदलपुर द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के 160वी जन्म जयंती के अवसर पर प्रत्येक कॉलेज एवं महाविद्यालय में संगोष्ठी का कार्यक्रम किया गया एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर अभाविप के कार्यकर्ताओं ने नवचैतन्य मशाल यात्रा निकाली एवं स्वामी जी का संदेश दिया। नवचैतन्य मशाल यात्रा दंतेश्वरी मंदिर चौक से शुरू होकर के शहर के प्रमुख चौक चौराहों से होकर के चौपाटी में समाप्त हुई ।इस दौरान प्रदेश जनजाति कार्य सह प्रमुख एवं जिला संयोजक वरुण साहनी ,नगर मंत्री एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यश ध्रुव, शैलेश ध्रुव, भरत कश्यप, उमेश मरकाम, संजय मुखर्जी ,विवेक दुबे परीवेद दुबे एवं अभाविप के अन्य कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

विधायक चंदन कश्यप ने किया 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज क्रिकेट प्रतियोगिता का किया समापन

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भानपुरी बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत सुधापाल में 8 दिवसीय चलने वाली 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन मुख्य अतिथि नारायणपुर विधायक व छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष चंदन कश्यप के उपस्थित में सम्पन हुआ इस कार्यक्रम में बस्तर संभाग के आरण्यक ब्राह्मण टोटल 10 टीम ने भाग लिए और लगाते जीते हुए गुनपुर की टीम और तितिरगांव की टीम फाइनल मुकाबले में प्रवेश किया और आज दोनो ही टीम के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया इस दौरान गुनपुर की टीम ने टॉस जीत कर पहले बल्ले बाजी करते हुए 12 ओवरों में 108 का लक्षय दिया और तितिरगांव की टीम ने पीछा करते हुए 11 ओवर में 5 विकेट से जीत दर किया और प्रथम पा कर 31000 रुपए प्राप्त किए और गुनपुर की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 21000 रूपए का इनाम प्राप्त किया।इस दौरान विधायक कश्यप ने कहा कि समाज के लोगो को ऐसे खेल समय समय पर करते रहना चाहिए जिसे समाज में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन मिले रहे और अपना खेल को देखा सके और आज के समय में क्रिकेट पूरे विश्व के लोगों की पसंद है आज क्रिकेट के मैदान में जो नौजवान अपनी किस्मत को आजमाने का काम कर रहा है वह आने वाले समय में जरूर क्षेत्र और अपने प्रदेश का नाम रोशन करने का काम करेगा। खेल के मैदान में हर खिलाड़ी के अंदर सिर्फ और सिर्फ खेल की भावना होनी चाहिए क्योंकि हार और जीत तो एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ,आज खेल से ही मनुष्य के शारीरिक और मानसिक विकास का होना संभव है क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।इस दौरान दीनदयाल जोशी,अध्यक्ष गुनपुर क्षेत्र, पिलाबाई सरपंच,जग बंधु पांडे, रोमांचल पांडे, सारंगधर पानीग्राही, त्रिलोचन प्रसाद पानीग्राही, रघुपति पानीग्राही,उमेश जोशी, कैलाश पांडे,नरेंद्र पनिग्राही,प्रमोद जोशी,गोबर पांडे,बबलू बघेल,दुकारू कश्यप,प्रभुनाथ पानीग्राही,गजेंद्र पानीग्राही, श्रीधर पांडे ,सोसल मीडिया विधायक प्रतिनिधि धर्मा पाढ़ी, फगनू कश्यप एंव समस्त समाज लोग एंव ग्रामीण उपस्थित थे

अन्नदाता परेशान, व्यवस्था बेहाल, किसान कंगाल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार मालामाल

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आज डौंडी नगरपंचायत अध्यक्ष सोमेश सोरी जी डौंडी ने धान खरीदी केन्द्र में पहुँच कर, किसानों से धान खरीदी कि व्यवस्थाओ और किसानों को खरीदी केंद्र में होने वाली समस्याओं के बारे में अन्नदाताओं से मिलकर जानकारी लिया..अन्नदाताओं से चर्चा के दौरान राज्य सरकार व धान खरीदी संस्थाओं द्वारा अनियमितता और किसानों को हो रही विभिन्न समस्याओं कि जानकारी मिली, उपज को बेचने के लिए किसानों को महीने भर तक इन्तेजार करना पड़ रहा है..!खरीदी केंद्र में जो मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए उसकी भी अनिभिज्ञता है..! अवगत हो कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद मोदी जी कि सबसे महत्वकाशी योजना जिसमे केंद्र सरकार द्वारा किसानों को पिछले वर्ष धान खरीद का समर्थन मूल्य 1900₹ प्रति क्विंटल से बढ़ा कर इस वर्ष से 2060₹ प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य कि राशि कि गई.! जिससे अन्नदाताओं को उनके फसल का अधिकतम व वास्तविक मूल्य मिल सके..!

किंतु दुर्भाग्यवश राज्य की कांग्रेस सरकार के गलत नीतियों और शासन प्रशासन के लापरवाही के चलते किसानों को अबतक न समर्थन मूल्य मिला है और न ही राज्य की भूपेश सरकार द्वारा घोषित बोनस प्राप्त है.! ऐसे में यदि किसानों को आधी अधूरी बोनस राशि मिलती भी है तो, राशि के लिए महीनों इंतज़ार करना पड़ता हैं..! इस तरह से महीनों इन्तेजार के बाद छोटे छोटे किश्तों में राशि मिलने के बाद अधुरी प्राप्त राशि को अन्नदाताओं द्वारा खेती के लिए लिए गए सहकारी बैंक के कर्ज चुकाने के रूप में निकल जाता है..! छत्तीसगढ़ के घोटालेबाज़ सरकार को देखकर लगता है कि ये सरकार जिन किसानों के मत की बदौलत सत्ता का सुख भोग रही है उन्हें ही अपनी फसल के मूल्यों के लिए ठोकरे खानी पड़ रही है \

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33 वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तृतीय राजहरा शहर में निकाला गया हेलमेट रैली

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दिनांक 14.01.2023 बालोद शहर के मुख्य चौक चौराहों में सामान निकालकर व्यवसाय करने वालों को सामान हटाने दिया गया समझाईश  स्कूली वाहन चालक/यात्री बस चालक/ ऑटो/ टैक्सी / ट्रक चालकों का किया गया स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच परीक्षण  कुसुमकसा साप्ताहिक बाजार में नुक्कड नाटक के माध्यम से आम जनों के बताया गया सड़क सुरक्षा के नियम समझाईश अभियान के साथ-साथ 38 लापरवाह वाहन चालकों पर किया गया 12100 रू. का चालानी कार्यवाही।पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, श्रीमान् अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के मार्गदर्षन में एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बालोद नवनीत कौर व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस प्रतीक चतुर्वेदी एवं उप पुलिस अधीक्षक यातायात बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारी एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में बालोद जिले में 33 वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम यातायात सप्ताह के तृतीय दिवस राजहरा शहर में हेलमेट रैली निकालकर राजहरा शहर वासियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया जिसमे थाना राजहरा, डौण्डी, महामाया, एवं ट्रैफिक स्टॉफ बालोद के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा हेलमेट रैली निकाला गया हैलमेट रैली राजहरा शहर के बस स्टैण्ड से प्रारंभ होकर फौव्वारा चौक-गुप्ता चौक-ज्ञानु पेट्रोल पंप-वीर नारायण चौक-पुराना बाजार-माइंस ऑफिस चौक-जैन भवन-सेक्टर एरिया से होते हुए थाना राजहरा में आकर समाप्त हुई। बालोद शहर में मुख्य चौक जैसे घड़ी चौक, जयस्तंभ चौक, पुराना बस स्टैण्ड एवं सदर बाजार मार्ग में दुकानों के सामने सामान निकालकर व्यवसाय करने, अतिक्रमण कर सड़क किनारे व्यवसाय करने वालों के विरूद्व नगर पलिका परिषद बालोद/तहसीलदार बालोद/थाना बालोद एवं यातायात बालोद द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सड़क किनारे व्यवसाय करने वालो के विरूद्व कार्यवाही किया गया एवं सामान निकालकर व्यवसाय करने वाले व्यवसायियों एवं दुकानदारों को सामान बाहर नहीं निकालने की समझाईष दिया गया।यातायात सप्ताह के तृतीय दिवस यातायात कर्यालय बालोद में स्कूली बस चालको, यात्री बस चालकों, ऑटो, टैक्सी एवं ट्रक वाहन चालकों का नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम चलाया गया

जिसमें 10 स्कूल के बस चालक एवं अन्य 25 वाहन चालक कुल 35 वाहन चालक उपस्थित हुए इनका जिला चिकित्सालय बालोद के डॉक्टरों की टीम द्वारा शुगर/बीपी नेत्र एवं स्वास्थय जांच किया गया सभी वाहन चालक फिट पाएं गए। इस स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय बालोद के डॉक्टर की टीम में डॉ दीपिका पटेल चिकित्सा अधिकारी बालोद, डॉ डॉली. शिवांगी आयुष चिकित्सक, मुकेश कुमार साहू नेत्र सहायक अधिकारी, कमलेश कुमार लैब टैक्नीशियन एवं यातायात बालोद के स्टॉफ उपस्थित रहें।‘‘बालोद के रंग’’ कला जत्था के कलाकारों द्वारा कुसुमकसा के साप्ताहिक बाजार में नुक्कड़ नाटक के माध्यम सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों जैसे बिना हेलमेट वाहन नहीं चलाने, तीन सवारी वाहन नहीं चलाने, सीट बेल्ट का प्रयोग करने एवं शराब सेवन कर वाहन चलाने हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक देखने आएं आम नागरिकांे एवं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा संबंधी पाम्पलेट का वितरण कर शपथ दिलाई गई की सड़क सुरक्षा नियमों का स्वंय तो पालन करेंगे साथ ही दुसरो को भी यातायात नियमों के पालन करने के लिए प्रेरित करेंगें।यातायात सप्ताह के तृतीय दिवस मोटर वाहन चालको को समझाईष कार्यक्रम के साथ-साथ लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व मोटर वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया जिसमें रेड़ सिग्नल जंपिग, बिना हेलमेट, तीन सवारी, ओव्हरलोड़ चलने वाले 38 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व कार्यवाही कर 12100 रू. समन शुल्क वसूल किया गया है।

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डेढ़ लाख तक का वेतन, फिर भी झांकते तक नहीं अस्पतालों में

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  • निजी प्रेक्टिस में व्यस्त रहते हैं बस्तर जिले के सरकारी डॉक्टर
  • आदिवासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया धरती के इन भगवानों ने

अर्जुन झा

बकावंड सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर और बस्तर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ विकासखंड चिकित्सा अधिकारी शासन से हर माह एक से डेढ़ लाख तक की तनख्वाह लेते हैं, फिर भी सरकारी अस्पतालों में सेवा नहीं देते। जिले के अधिकतर सरकारी डॉक्टर्स निजी प्रेक्टिस पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। वे सरकारी अस्पतालों के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों और दवाओं का भी उपयोग अपनी निजी क्लिनिकों में कर रहे हैं। धरती के भगवान कहे जाने वाले इन डॉक्टरों ने बस्तर के आदिवासियों को ऊपर वाले भगवान के भरोसे छोड़ रखा है।

सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबंध लगाने बाबत सरकार चाहे कितना भी दावा करे, लेकिन बस्तर जिले के सरकारी डॉक्टर इस इस दावे की हवा निकाल रहे हैं। जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवा का बड़ा बुरा हाल है। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर के आदिवासियों और वनवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। बस्तर में स्वास्थ्य सुविधा अमूमन हर गांव तक पहुंचाने के मुकम्मल इंतजाम शासन ने किए हैं। कस्बानुमा गांवों में प्राथमिक और विकासखंड मुख्यालयों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शासन द्वारा खोले गए हैं। अधिकांश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मॉडल हॉस्पिटल के रूप में विकसित कर उन्हें हर तरह की सुविधा से लैस किया गया है। सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण, पर्याप्त स्टॉफ, पर्याप्त मात्रा में सभी रोगों की दवाइयां उपलब्ध कराए गए हैं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बस्तर जिले में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मियों को मैदानी तथा सुरक्षित इलाकों में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों की अपेक्षा काफी ज्यादा वेतन दिया जाता है। इसी तरह बस्तर जिले में पदस्थ सरकारी डॉक्टरों को डेढ़ लाख रु. से लेकर लगभग दो लाख रु. तक का वेतन, विशेष भत्ता के साथ ही अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं। इसके बावजूद सरकारी डॉक्टर अपना मूल कर्तव्य नहीं निभा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के दर्शन ही नहीं होते। वे खानापूर्ति करने कुछ देर के लिए सरकारी अस्पतालों में पहुंचते हैं। वे ड्यूटी टाइम में भी अपनी क्लिनिकों में प्राइवेट प्रेक्टिस करते रहते हैं। सरकारी डॉक्टर अपने दायित्व वाले अस्पतालों को मातहत कर्मचारियों के भरोसे छोड़ देते हैं। ये मातहत कर्मचारी स्टॉफ नर्स, नर्स, प्रशिक्षु नर्स, वार्ड बॉय, पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता आदि होते हैं। इनसे ईलाज की उम्मीद करना बेमानी है। नर्सेस सिर्फ बीपी, हार्ट बिट आदि चेक कर सकते हैं और भूले भटके पहुंचे किसी डॉक्टर द्वारा मरीज के लिए लिखी गई दवाइयां मरीजों का समय पर दे भर सकते हैं। इस बीच अस्पताल में कोई दुर्घटनाग्रस्त व गंभीर बीमार व्यक्ति को ईलाज ले लिए तथा किसी गर्भवती महिला को प्रसव के लिए लाया जाता है, तब पीड़ित का तो भगवान ही मालिक रहता है। अगर अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी घायलों, गंभीर बीमारों का ईलाज कर देते हैं और केस बिगड़ जाता है, तब उस कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो जाती है। इस अनावश्यक उत्पीड़न और होम करते हाथ जलाने से बचने के लिए कर्मचारी ओपीडी पेशेंट को बाहर से ही चलता करने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

मेडिकल स्टोर्स में करते हैं प्रेक्टिस

डॉक्टर्स अपने स्वास्थ केंद्रों में समय न देकर उनके पदस्थापना वाले गांव या कस्बे में संचालित मेडिकल स्टोर्स में बैठकर प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं। जानकारी तो यह भी मिली है कि सरकारी अस्पतालों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई गईं मशीनें तथा अन्य उपकरण इन डॉक्टरों की निजी क्लिनिकों की शोभा बढ़ा रहे हैं, जिनकी मदद से वे मरीजों का उपचार करते हैं। सरकारी अस्पतालों की दवाएं भी इनके निजी क्लिनिकों में आने वाले मरीजों को दी जाती हैं। मेडिकल स्टोर्स के संचालक इन डॉक्टरों को निजी प्रेक्टिस के लिए जगह और अन्य सुविधाएं मुहैया कराते हैं। डॉक्टरों की लिखी डिस्क्रिप्शन पर्ची की बदौलत मेडिकल स्टोर्स में दवाओं की अच्छी खासी बिक्री हो जाती है। इसके एवज में मेडिकल स्टोर्स के संचालक इन डॉक्टरों को कमीशन और महंगे तोहफे भी देते हैं।

ओपीडी और भर्ती मरीजों का कोई माई बाप नहीं

जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी कॉउंटर जरूर बनाए गए हैं, मगर ओपीडी में पहुंचे मरीजों, गंभीर बीमारों, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की नब्ज तक देखने के लिए भी कोई नहीं रहता। ऐसे मरीजों को जगदलपुर क बड़े अस्पताल में जाने के लिए कह दिया जाता है। मॉडल हॉस्पिटल कहे जाने वाले बकावंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हाल ही में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई थी। यहां दुर्घटनाग्रस्त ओड़िशा निवासी एक युवक को लाया गया था, तब उसे देखने के लिए भी कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। बाद में उस युवक को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद भी डॉक्टरों ने युवक के शव को अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों के बीच एक बेंच पर पूरी रात रखे रहने दिया। जब यह घटना सार्वजनिक हो गई, तब अस्पताल की एक स्टॉफ नर्स को बिना गलती के सस्पेंड कर दिया गया। जबकि उस वक्त अस्पताल से नदारद रहे खंड चिकित्सा अधिकारी और ड्यूटी डॉक्टर के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया।

सुदूर गांवों में तो और भी बुरा हाल

बकावंड, लोहंडीगुड़ा, बस्तर समेत अन्य विकासखंडों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का तो हाल बेहाल है ही, सुदूर धुर नक्सल प्रभावित इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों का और भी बुरा हाल है। इन इलाकों के सरकारी अस्पतालों में पदस्थ डॉक्टर केवल खानापूर्ति के लिए हफ्ते पंद्रह दिन में भूले भटके एकाध बार जाते हैं। वहां मरीजों का उपचार नहीं हो पाता। डॉक्टर हमेशा इन अस्पतालों से गायब रहते हैं। इन संवेदनशील इलाकों में अपनी ड्यूटी वाले स्थानों पर डॉक्टर निवासरत न रह कर दूर स्थित सुविधा वाले बड़े गांवों या शहरों में निवास और वहीं प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं। सरकारी अस्पतालों में अचानक कोई जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी पहुंच जाएं, तो उन्हें यह कहकर भ्रमित किया जाता है कि डॉक्टर साहब अभी अभी दौरे पर निकले हैं। या फिर कह दिया जाता है कि डॉक्टर पीएचसी विजिट पर गए हुए हैं।

भारतीय जनता पार्टी बस्तर जिला बैठक संपन्न बस्तर जिला प्रभारी जी वेंकट राव ने ली बैठक

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जगदलपुर – भारतीय जनता पार्टी जिला बस्तर की जिला बैठक शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में संपन्न हुई। विशेष रुप से इस बैठक मे बस्तर जिला प्रभारी जी. वेंकट राव, सह प्रभारी सेवकराम नेताम, चित्रकूट विधानसभा प्रभारी नवीन विश्वकर्मा, बस्तर विधानसभा प्रभारी आलोक ठाकुर एवं जगदलपुर विधानसभा प्रभारी ब्रह्मानंद नेताम उपस्थित थे। पिछले कार्यों की समीक्षा व आगामी कार्यक्रमों को लेकर बैठक की गई।इस बैठक में एल संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया मे तुरंत कदम उठाए जाने पर विचार विमर्श किया गया।

कार्यक्रम उपरांत समन्वय समिति की बैठक भी संपन्न की गई। जिला प्रभारी जी. वेंकट राव ने जिले के समस्त मंडलों की कार्यक्रमों की समीक्षा की एवं आगामी कार्यक्रम को लेकर दिशा निर्देश दिए। जिला प्रभारी ने कहा जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति विगत 8 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने लक्ष्य आधारित जो कार्य किए हैं उससे देश आज प्रगति और सम्मान के साथ जीवन समृद्धि के प्रत्येक क्षेत्र में लगातार तीव्र गति से आगे बढ़ा है। जिले में चल रहे समस्त मंडलों के कार्यों को तीव्र गति प्रदान करना है। कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर कार्य करके 2023 मे भाजपा की सरकार बनाना है। जिला अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने आगामी कार्य योजना को बैठक पटल पर रखा। इस बैठक में जिला के समस्त विधानसभा चुनाव क्षेत्र के मंडल स्तर के नेता जिले के समस्त मंडल अध्यक्ष समस्त विधानसभा मंडल प्रभारी बैठक में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रामाश्रय सिंह एवं आभार वेद प्रकाश पांडे ने किया। इस बैठक में मुख्य रूप से बैदु राम कश्यप, मनीराम कश्यप, योगेंद्र पांडे,श्रीधर ओझा, संतोष बघेल,गोदावरी साहू, रजनीश पानीग्राही,नरसिंह राव,ललिता बघेल, बाबुल नाग, संजय पांडे, सुरेश गुप्ता, सुब्रतो विश्वास,सतीश सेठिया, फुल सिंह सेठिया, संतोष बघेल, नरसिंह ठाकुर,उदबो राम नाग,परिस बेसरा, बलदेव मंडावी, चंद्रभान कश्यप, धीरज जारी,महेंद्र सेठिया,राममूर्ति पांडे,रंजीत पांडे,शेख सिद्धकी, श्रीपाल जैन, आशुतोष आचार्य, सतीश बाजपेई सुखदेव मंडावी सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

लूट के आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा रिमांड में पहले भी हत्या के प्रयास में जेल जा गया है आरोपी

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लुट के आरोपी को गिरफ्तार कर लुटे गये नगदी रकम 5,000 रूपये को बरामद करने मे गुण्डरदेही पुलिस को मिली सफलता  आरोपी को भेजा गया ज्युडिशियल रिमाण्ड पर पुर्व मे भी हत्या के प्रयास के प्रकरण मे जेल गया है आरोपी मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी सुखित धीवर पिता स्व0 सामरू धीवर उम्र 30 साल साकिन गाडाडीह थाना उतई जिला दुर्ग हाल सोनकर पारा गुण्डरदेही ने दिनांक 12.01.2023 को थाना हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया की घटना दिनांक 12.01.2023 के रात्रि यह गुटखा लेने के लिए बस स्टैण्ड गुण्डरदेही जा रहा था, कि करीबन 10ः45 बजे शीतला तालाब गुण्डरदेही के पास पहुंचा था उसी समय पूरन उर्फ गोलू कोसरे निवासी गुण्डरदेही के द्वारा प्रार्थी को रोककर अपने पास मे रखे चाकू को निकाल कर मारपीट करने की धमकी देकर चाकू से प्रार्थी के बांये हाथ की अंगुली मे चोट पहंुचाकर पैन्ट के जेब मे रखे 5000 रूपये को लूट लिया है कि रिपोर्ट पर थाना गुण्डरदेही जिला बालोद मे अपराध क्रमांक 19/23 धारा- 394 भादवि पंजीबद्व कर विवेचना मे लिया गया।

मामले के गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय हरीश राठौर के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुण्डरदेही एस.एस. मौर्य के पर्यवेक्षण मे निरीक्षक राकेश ठाकुर थाना प्रभारी गुण्डरदेही के नेतृत्व मे थाना गुण्डरदेही पुलिस के द्वारा संदेही पूरन कोसरे उर्फ गोलु पिता शंकर कोसरे उम्र 20 साल साकिन वार्ड नंबर 11 गुण्डरदेही थाना गुण्डरदेही जिला बालोद को थाना गुण्डरदेही लाकर पुछताछ करने पर अपराध करना स्वीकार किये। लुट की रकम 5000 रूपये एवं सब्जी काटने के चाकु को आरोपी के घर से बरामद किया गया। आरोपी को दिनंाक 13.01.2013 के 13ः00 बजे गिर. कर ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा गया। आरोपी गिर. एवं लुटे गये मशरूका बरामदगी मे सउनि संजीवन साहू, सउनि अरविंद साहू, प्र.आर. 535 विरेन्द्र साहू, आर. सुमित पटेल, आर. चोकेन्द्र साहू, आर. पंकज तारम का विशेष योगदान रहा।नाम आरोपी -01. पूरन कोसरे उर्फ गोलु पिता शंकर कोसरे उम्र 20 साल साकिन वार्ड नंबर 11 गुण्डरदेही थाना गुण्डरदेही जिला बालोद लुटे गये मशरूका – 5,000 रू. नगदीबरामद मशरूका – 5,000 रू. नगदी ।

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बीके इंजीनियरिंग ने अब तक नहीं किया ठेकेदारों को भुगतान

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  • नगरनार स्टील प्लांट के डीमर्जर को देखते हुए रोक रखे हैं करोड़ों रुपए
  • बीके कम्पनी की सम्पत्ति को कुर्क कर राशि दिलाने की उठाई मांग
  • ठेकेदारों के धरना प्रदर्शन के बाद भी नहीं पसीजा बीके ग्रुप प्रबंधन

नगरनार यहां भारत सरकार द्वारा स्थापित किए जा रहे इस्पात संयंत्र के स्ट्रक्चर का काम कराने वाली भिलाई की कम्पनी बीके इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन ने जिन ठेकेदारों की सेवाएं ली हैं, उन्हें बीते दो साल से उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है. चर्चा है कि इस्पात संयंत्र के डी मर्जर की संभावना को देखते हुए बीके ग्रुप अपने ठेकेदारों को भुगतान नहीं कर रहा है. वहीं ठेकेदारों ने राज्य सरकार और प्रशासन से यहां स्थित बीके कम्पनी की सम्पत्ति को कुर्क कर उनकी राशि दिलाने की गुहार लगाई है.
बस्तर की वादियों में प्रचुर मात्रा में लौह अयस्क के भंडार उपलब्ध हैं. भारत सरकार इस लौह अयस्क का स्थानीय स्तर पर उपयोग करते हुए बस्तर में ही इस्पात निर्माण की इकाई संचालित करने कटिबद्ध है. ताकि बस्तर संभाग में अधिक से अधिक सहायक उद्योग स्थापित हों और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें. इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार नगरनार में विशाल इस्पात संयंत्र लगाने जा रही है. इस प्रस्तावित संयंत्र का स्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए भिलाई के एक बड़े औद्योगिक समूह बीके इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन समेत कुछ अन्य कंपनियों को काम सौंपा गया है. बीके कम्पनी ने कुछ ठेकेदारों को संयंत्र स्थापना से जुड़े विभिन्न कार्य ठेके पर दिए थे. बीके कंपनी दो साल तक बिना राशि का भुगतान किए ठेकेदारों से काम लेती रही. ठेकेदार भी इस उम्मीद के साथ कि उनकी राशि बीके कम्पनी आज नहीं तो कल जरूर दे देगी, काम पूरी कराते रहे. ठेकेदार कर्ज लेकर और गहने बेचकर अपने मजदूरों को उनकी पारिश्रमिक राशि का भुगतान करते रहे.
बीके का रवैया श्रमिक विरोधी
स्थानीय मजदूरों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने वाले ये ठेकेदार अपनी बकाया रकम के लिए दो साल से भटक रहे हैं. बीके कम्पनी प्रबंधन के स्थानीय अधिकारी उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर टरकाते आ रहे थे. जब सब्र का बांध टूट गया तब ये ठेकेदार यहां स्थित बीके कंपनी के गेट के सामने धरने पर बैठ गए. उनका धरना कई दिन तक चला, लेकिन बीके कम्पनी प्रबंधन का दिल नहीं पसीजा. बीके कम्पनी के इस अड़ियल रवैए को देखते हुए अब मजदूर और बस्तर के लोग सवाल उठाने लगे हैं कि बीके ग्रुप जब अभी से इस तरह का मजदूर विरोधी रुख अपना रहा है तो भविष्य में वह श्रमिक हितैषी कैसे साबित हो सकता है?
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार बस्तर के नगरनार में इस्पात संयंत्र स्थापना की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने अपने ही एक उपक्रम राष्ट्रीय खनिज विकास निगम ( एनएमडीसी ) को सौंपी है. एनएमडीसी ने प्रस्तावित संयंत्र से जुड़े कार्य उन निजी कंपनियों को दे रखे हैं, जो स्टील प्लांट से संबंधित कार्यों की जानकार हैं. इन्हीं निजी कंपनियों में एक है भिलाई का प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह बीके इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन. बीके ग्रुप स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के अधीन भिलाई इस्पात संयंत्र में भी काम करता है. बीके कंपनी ने नगरनार के प्रस्तावित प्लांट में पाईप लाईन, सेंटरिंग आदि के कार्य कुछस्थानीय ठेकेदारों को दे रखे हैं. ये ठेकेदार लगभग तीन साल से बीके ग्रुप के अधीन वर्क आर्डर के आधार पर काम कराते आ रहे हैं. बीके ग्रुप ने अपने ठेकेदारों को उनके द्वारा कराए गए कार्यों के एवज में राशि का भुगतान बीते दो साल से रोक रखा है. बीके ग्रुप द्वारा रकम भुगतान ना किए जाने से इन ठेकेदारों के मजदूरों का भी पारिश्रमिक लंबित हो रहा था. ये ठेकेदार जब अपनी बकाया रकम भुगतान और मजदूरों की परेशानी को लेकर बीके प्रबंधन से मिलने जाते तो आजकल में भुगतान कर देने की बात कहकर टरका दिया जाता रहा. बार – बार मजदूरों की परेशानी बताने पर एक दफ़े बीके प्रबंधन ने ठेकेदारों से कहा कि आप लोग फिलहाल अपनी तरफ से मजदूरों की पारिश्रमिक राशि दे दें, आप लोगों को हम एकमुश्त भुगतान कर देंगे. प्रबंधन से भरोसा मिलने पर ठेकेदारों ने कर्ज लेकर अपने मजदूरों को उनकी पारिश्रमिक राशि का भुगतान कर दिया. इसके बाद भी बीके ग्रुप ने आज तक ठेकेदारों को उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है. ठेकेदार बताते हैं कि बीके कंपनी द्वारा कभी ये पेपर लाओ, तो कभी वो पेपर लाओ कहकर टाला जा रहा है. ऐसा करते दो साल बीत गए हैं. बीके ग्रुप की इस हरकत के चलते ठेकेदार आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चले हैं. उन्होंने बीके ग्रुप के दफ़्तर के गेट के सामने धरना देना शुरू कर दिया. धरने पर दो महिलाएं भी बैठी थीं. बीके ग्रुप ने ठेकेदारों की एक करोड़ से भी ज्यादा की रकम अटका रखी है.
बीके की सम्पत्ति हो नीलाम
बस्तरिहा मजदूरों और ठेकेदारों का कहना है कि बीके इंजीनियरिंग कारपोरेशन की नगर में स्थित कार्यालय तथा अन्य संपत्तियों को नीलाम कर उनकी बकाया राशि का भुगतान कराया जाए. इस संबंध में ठेकेदार जल्द ही राज्य सरकार और बस्तर के प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं. मजदूरों और ठेकेदारों का यह भी कहना है कि नगरनार इस्पात संयंत्र की स्थापना के कार्य बीके इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन से कराना इस नए संयंत्र के लिए घातक साबित हो सकता है.

आदिवासी विद्यार्थी भी अब हर क्षेत्र में लहराएंगे बस्तर का परचम

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  • विद्यार्थियों को मेरिटोरियस बनाने उनकी मेधा निखारने की पहल
  • उत्कृष्ट विद्यार्थियों के लिए किया गया कार्यशाला का आयोजन


जगदलपुर अंचल के आदिवासी विद्यार्थी अब हर क्षेत्र में बस्तर का परचम लहराने के काबिल बनने जा रहे हैं। वे गणित, अंग्रेजी, विज्ञानं जैसे जटिल विषयों में पारंगत होंगे, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में जगह बना पाएंगे। अपना करियर बनाने में भी ये विद्यार्थी सक्षम होंगे।


इस बाबत बस्तर के कलेक्टर चंदन कुमार के निर्देश पर और जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा विभाग ने शानदार पहल की है। 10 वीं एवं 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं की राज्य स्तरीय मेरिट सूची में बस्तर जिले के विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा संख्या में जगह बना सकें, रक्षा अकादमी में दाखिला पा सकें, गणित, विज्ञान विषयों में दक्षता हासिल कर सकें, उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जगदलपुर विकासखंड के सभी हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों हेतु मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन जगतू महारा शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल जगदलपुर किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को शहर के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों ने अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों के प्रश्नपत्र हल करने करने तथा टाइम मैंनेजमेंट के गुर सिखाए।
आरंभ में विकासखंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज और सहायक खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में 381 विद्यार्थियों की सहभागिता रही। युवोदय के शिक्षक मनीष श्रीवास्तव, श्रीनिवास राव, संजीव विश्वास, विषय विशेषज्ञ व्याख्याता शिवसिंह चंदेल, हेमंत पाणिग्रही, हलधर बिसाई, यमुना सेठिया और अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं और शंकाओं का निराकरण किया। नेवी के रिटायर्ड कमांडर संदीप मुरारका ने विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन दिया। श्री मुरारका ने अग्निवीर भर्ती तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में दाखिले के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी।
कार्यशाला को सफल बनाने में जगतू मरहा शासकिय उच्चतर माध्यमिक शाला के प्राचार्य रामकुमार सर और वरिष्ठ व्याख्याता सूर्य कुमार, ब्लॉक नोडल अधिकारी शरद श्रीवास्तवा का विशेष योगदान रहा।कार्यशाला के संबंध में विद्यार्थियों ने अच्छा फीडबैक दिया और ऐसी कार्यशाला हर साल आयोजित करने की मांग रखी।

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