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एसडीएम ने संयुक्त कलेक्टर के आदेश को उलझाया दांवपेंच में

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  • सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी देने में हिलहवाला
  • संयुक्त कलेक्टर ने कार्रवाई से अवगत कराने भी कहा था


बकावंड प्रशासन के चंद नुमाइंदों ने फर्जीवाड़ा कर एक आदिवासी युवक के हक की नौकरी दूसरे राज्य के मूल निवासी युवक को दिला दी, अब वही अधिकारी सूचना के अधिकार अधिनियम का मखौल उड़ाते हुए आदिवासी युवक को परेशान करने पर आमादा हो गए हैं। वहीं ये अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश को भी दांवपेंच में उलझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस मामले में एसडीएम ने संयुक्त कलेक्टर के आदेश को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
मामला बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा का है। इस गांव के भतरा आदिवासी युवक मानसिंह को इंसाफ पाने के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। मानसिंह का आरोप है कि ओड़िशा से आकर छोटे देवड़ा में कुछ सालों से रह रहे कथित गैर आदिवासी युवक कमलोचन पिता पाकलू ने मानसिंह के नाना पक्ष की फर्जी वंशावली पेश कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया और इसी जाति प्रमाण पत्र के जरिए बस्तर फाइटर की नौकरी भी हथिया ली। मानसिंह अपने आरोप के पक्ष में अनेक सबूत सामने ला चुका है। ग्राम पंचायत ने भी कमलोचन द्वारा पेश वंशावली को फर्जी करार दे दिया है, बावजूद मानसिंह को इंसाफ दिलाने के बजाय उसकी राह में लगातार कांटे ही बिछाए जा रहे हैं। कमलोचन को एक बार नहीं, बल्कि दो बार जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। दूसरी बार जाति प्रमाण पत्र तब जारी किया गया, जब इस प्रकरण की जांच चल रही थी। जाति प्रमाण पत्र बकावंड के उसी एसडीएम ने जारी किया, जो मामले के जांच अधिकारी रहे हैं और सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में हिलाहवाला करने वाले अधिकारी भी वही एसडीएम ही हैं।
ओड़िशा के मूल निवासी युवक कमलोचन को भतरा आदिवासी जाति प्रमाण पत्र जारी करने और उसी जाति प्रमाण पत्र के जरिए बस्तर फाइटर में नौकरी पाने के मामले में न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे असली भतरा आदिवासी मानसिंह ने संयुक्त कलेक्टर बस्तर को आवेदन देकर सूचना के अधिकार के तहत कमलोचन के नाम पर जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र और इस हेतु कमलोचन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रतियां उसे उपलब्ध कराई जाएं। संयुक्त कलेक्टर ने मानसिंह का आवेदन एसडीएम बकावंड ओपी वर्मा के पास प्रेषित कर एसडीएम को निर्देशित किया था कि मानसिंह को वांछित जानकारियां तय समय सीमा में उपलब्ध कराई जाएं और की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाए।

इस तरह किया गया है फर्जीवाड़ा
बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा निवासी भतरा अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवक मानसिंह भतरा ने शिकायत की थी कि उसके गांव में आकर कुछ सालों से रह रहे ओड़िशा के युवक कमलोचन ने अपने पिता पाकलू और दादा दिशा को छोटे देवड़ा निवासी भतरा आदिवासी और खुद को सोमारु भतरा का पुत्र बताते हुए फर्जी वंशावली के जरिए पटवारी से मिसल रिपोर्ट एवं उसके आधार पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर बस्तर फाइटर में नौकरी हथिया ली है। मानसिंह, सोमारु भतरा की बेटी घासनी का पुत्र है। सोमारु का एकमात्र पुत्र था, जिसका नाम सुखराम था। कमलोचन नाम का कोई बेटा सोमारु का नहीं है। मानसिंह की शिकायत पर जिला प्रशासन ने जांच शुरू कराई। जांच की जिम्मेदारी बस्तर के अनुविभागीय दंडाधिकारी ओपी वर्मा को सौंपी गई। श्री वर्मा ने गांव जाकर मामले की जांच की। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी पुष्टि की है कि मानसिंह सोमारु का बेटा नहीं है तथा वह भतरा आदिवासी समुदाय से भी नहीं है। मामले की जांच जारी रहने के दौरान जांच अधिकारी और बस्तर के एसडीएम ओपी वर्मा ने बीते अक्टूबर माह में कमलोचन को छोटे देवड़ा निवासी बताते हुए उसके नाम पर भतरा आदिवासी का जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। अब सवाल उठने लगा है कि जब ग्राम पंचायत ने भी कमलोचन के भतरा आदिवासी ना होने तथा सोमारु भतरा के परिवार से उसका कोई ताल्लुक ना रहने की पुष्टि कर दी है, तब किस आधार पर कमलोचन को जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया ?
फिर से पैदा कर दी नई पेंच
मानसिंह ने पूर्व में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर मांग की थी कि कमलोचन द्वारा बस्तर फाइटर की नौकरी पाने के लिए जो जाति प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज पेश किए हैं, उनकी प्रतियां उसे उपलब्ध कराई जाएं। मगर मानसिंह को दस्तावेज दिए ही नहीं गए। इसके लिए वह कई दिनों तक भटकता रहा। आखिरकार मानसिंह ने जिला प्रशासन के समक्ष फिर से आवेदन प्रस्तुत कर कमलोचन से जुड़े सारे दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की। उसके आवेदन पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, बस्तर को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि मानसिंह को चाही गई जानकारी तय समय सीमा में उपलब्ध कराई जाए। मगर फिर वही ढाक के तीन पात कहावत को चरितार्थ करते हुए एसडीएम ने मानसिंह के आवेदन में एक नई पेंच फंसा दी है। इस बार एसडीएम ने मानसिंह के आवेदन में प्रकरण क्रमांक और किस व्यक्ति से जुड़े दस्तावेज चाहिए, इसका उल्लेख न होने का हवाला देते हुए मानसिंह को किसी तरह की जानकारी देने में असमर्थता जता दी है। जब इस संवाददाता ने एसडीएम श्री वर्मा से उनका पक्ष जानना चाहा, तो उनका जवाब गोलमोल रहा। उनका कहना था कि मानसिंह ने आवेदन में प्रकरण क्रमांक नहीं लिखा है और न ही किससे संबंधित दस्तावेज चाहिए इसका उल्लेख ही किया है।
छानबीन समिति के पास हैं दस्तावेज
प्रकरण से जुड़े सारे मूल दस्तावेज राज्य स्तरीय छानबीन समिति रायपुर को प्रेषित की जा चुकी हैं, मेरे पास सिर्फ छायाप्रतियां हैं। आवेदक चाहे, तो उसे छायाप्रतियां उपलब्ध करा दी जाएंगी।
ओपी वर्मा
अनुविभागीय दंडाधिकारी, बकावंड.

मुख्यमंत्री ने केक काटकर बस्तर के प्रभारी मंत्री को दी बधाई

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  • कवासी लखमा को शुभकामना देने जुटे मंत्री- विधायक

रायपुर प्रदेश सरकार के उद्योग, वाणिज्य व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जन्म दिवस पर आयोजित पार्टी में बधाई देने यहां के एक होटल में छत्तीसगढ़ के मंत्री और विधायक पंहुचे थे। अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पंहुचे। बघेल ने केक काटकर कवासी लखमा का मुंह मीठा कराया और उन्हें जन्म दिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री बघेल ने वहां मौजूद लोगों से उनका कुशल क्षेम भी पूंछा।

इस दौरान मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम, अनिला भेड़िया, अमरजीत भगत, विधानसभा के नव निर्वाचित उपाध्यक्ष संतराम नेताम, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, कुंवर सिंह निषाद, यूडी मिंज, विधायक देवती कर्मा, अनूप नाग, सावित्री मंडावी, विक्रम मंडावी, रामकुमार यादव, केके ध्रुव, उत्तरी जांगड़े, अवधेश गौतम, राम भुवन कुशवाहा, सुशील ओझा, संतोष सिंह, बलराम यादव, राजीव बाजपेयी, रफीक खान, इमरान खान समेत अनेक विशिष्ट जन तथा कांग्रेस कार्यकर्ता- पदाधिकारी उपस्थित थे।

बिकने से बच पाएगा नगरनार स्टील प्लांट ?

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  • केंद्र ने नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का फैसला कर लिया
  • टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2023 निर्धारित

अर्जुन झा

नगरनार तमाम विरोधों को दरकिनार करते हुए केंद्र सरकार ने एनएमडीसी के आधिपत्य वाले बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट को खुली बोली लगाकर बेचने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। केंद्र सरकार के निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख 27 जनवरी 2023 तय की है। विघटन के बाद एनएसएल (नगरनार स्टील) के शेयर बीएसई, एनएसई और कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हो जाएंगे। इधर स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ मजदूरों का आंदोलन लगातार चल रहा है। उनका कहना है कि प्रभावितों ने केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खनिज विकास निगम को प्लांट लगाने के लिए अपनी जमीन दी थी, मगर अब इसे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। निजीकरण के बाद उनकी नौकरी पर भी खतरा पैदा हो जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार, बस्तर के सांसद दीपक बैज, आदिवासी समाज तथा अन्य संगठन संयंत्र के निजीकरण का शुरू से विरोध करते आ रहे हैं। सांसद बैज तो निजीकरण की आड़ में आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करने का आरोप केंद्र सरकार पर संसद के भीतर लगा चुके हैं।


यह बस्तर के साथ विश्वासघात: बैज
दो साल पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक शासकीय संकल्प पारित किया गया था। इसमें विपक्ष के सुझाए गए संशोधनों के बाद सर्वसम्मति से कहा गया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र का यदि निजीकरण किया गया, तो राज्य सरकार इसे खुद खरीद लेगी और संचालित करेगी। बस्तर के लोगों की भावनाएं भी लगभग 24 हजार करोड़ रुपए के विशाल संयंत्र से जुड़ी हुई हैं। बस्तर सांसद दीपक बैज यह मामला लोकसभा में उठा चुके हैं। उन्होंने कहा है कि क्षेत्र में पेसा कानून 1996 लागू है। नियमों की अनदेखी कर नगरनार प्लांट का निजीकरण व्यवहारिक नहीं है। केंद्र के फैसले से बस्तर की जनता आंदोलित है और प्लांट में नौकरी का सपना टूटते देख नौजवान गुस्से में हैं। यह बस्तर के साथ विश्वासघात है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आज बंद का आह्वान
इधर कल 6 जनवरी को सर्व आदिवासी समाज ने इस मसले पर और इससे जुड़े कुछ अन्य मुद्दों पर बंद का आह्वान किया है। चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित तमाम संगठनों का इस बंद को समर्थन मिल रहा है। बस्तर संभाग आदिवासी बाहुल्य है और सर्व आदिवासी समाज के बंद के आह्वान का व्यापक असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
केंद्र ने बांधे छ्ग सरकार के हाथ -पैर
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित प्रस्ताव और लोकसभा में सांसद दीपक बैज द्वारा उठाए गए सवालों को दरकिनार करते हुए नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के फैसले में कोई बदलाव नहीं किया है। इधर अभी अभी यह जानकारी भी आ गई है कि नगरनार स्टील प्लांट की नीलामी के लिए जो शर्त केंद्र सरकार ने तय कर रखी है, उसके अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार को टेंडर में भाग लेने का मौका ही नहीं मिल पाएगा। यानि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के हाथ पैर ही बांध दिए हैं। ऐसी बंदिश क्यों लगाई गई है, यह अभी साफ नहीं है। पर इसे खरीदने की क्षमता कौन रखता है इसका अनुमान जरूर लगाया जा सकता है। इसी महीने स्थिति साफ भी हो जाएगी।

कोशर एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के इमली प्रोसेसिंग यूनिट बस्तर फार्म्स प्रसंस्करण केंद्र

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2 टन उत्पादित ईमली प्रोडक्ट की पहला खेप को साँसद दीपक बैज व कलेक्टर चंदन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर महाराष्ट्र किया रवाना.

कलेक्टर बस्तर चंदन कुमार ने कहा कि इमली प्रोसेसिंग फैक्ट्री से आस पास के युवाओं को रोजगार मिलेगा जो की एक सराहनीय पहल होगा

जगदलपुर कार्यक्रम में बस्तर सांसद दीपक बैज सहित जगदलपुर कलेक्टर चंदन कुमार,लोहोंडीगुडा जनपद अध्यक्ष महेश कश्यप,ब्लॉक कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष लक्ष्मण पटेल,इंडस्ट्री डिपार्टमेंट GM BR निकुंज,एसडीएम मायानंद चंद्रा नायब तहसीलदार लोहोंडीगुड़ा,लोहोंडोगुडा सीईओ प्रवण दीवान,केदार ढेक एवं सांसद सोशल मीडिया प्रतिनिधि जगदलपुर जॉर्ज टोप्पो,इमली एग्रो प्रोसेसिंग केंद्र के मैनेजर, संचालक, एवम् समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति रही ।

मौसम कैसा भी हो खिलाड़ी को खेल खेलने से नहीं रोक सकते:–विक्रम धुर्वे

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  • हर हार से सीखना जीतने का सबसे बड़ा कारण है:–विक्रम धुर्वे
  • शिक्षा के अलावा, आपको अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता है, और इसके लिए, आपको खेल खेलना आवश्यक है:–विक्रम धुर्वे
  • खेल व्यक्ति को जीतने की प्रेरणा देता हैं, और हार में लड़ने की हिम्मत:–मनीष झा
  • हमें किसी भी खेल को जीतने के लिए ही नहीं बल्कि पिछड़े हार से सबक लेने और कामिओ को दूर करने के लिए भी खेलना चाहिए:–मुख्य अतिथि विक्रम धुर्वे

दल्लीराजहरा/डौंडी स्टार इलेवन चिखली द्वारा महेन्द्र रावटे, योगेन्द्र मरकाम एवं ज्ञानेश्वर गौर की स्मृति में टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्टार इलेवन चिखली के तत्वाधान में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस क्रिकेट प्रतियोगिता में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया। जिसमे प्रथम, दृतीय व तृतीय स्थान प्राप्त क्रमशः गुदुम,कच्चे, नर्राटोला की टीमें रहीफाइनल मैच बूस्टर बॉर्डर कच्चे और छोटू इलेवन गुदुम के मध्य खेला गया जिसमें छोटू इलेवन गुदुम टीम ने लगातार दृतिय वर्ष खिताब पर कब्जा किया।इस दौरान भाजपा डौंडी मंडल अध्यक्ष मनीष झा, मंडल महामंत्री अजय चौहान, डौंडी युवा मोर्चा अध्यक्ष संजीव मानकर,उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता, पवन साहू अहिल्या बाई (सरपंच चिखली), लेखराम साहू (अध्य्क्ष), विकास, मोहनीश,बिजेंद्र,कमल, अशोक, मेवा, कुलेश,सोना, आयोजन समिति के सभी सदस्य व चिखली के ग्रामीण उपस्थित रहे।

विक्रम धुर्वे ने सभी खिलाड़ियों को संबोधित कर जीवन में कभी भी किसी भी परिस्थिति में हार नही मानते हुए निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। विक्रम धुर्वे ने आगे कहा हम सभी लोगो को कोई न कोई खेल बेहत पसंद होता है, खेल हमारे जीवन को तो यादगार और सुखद बनाते ही हैं, साथ ही बड़प्पन में भी बचपन की याद दिलाने का काम करते हैं। इसके साथ ही खेल प्रतियोगिताओं द्वारा मनुष्य की अद्भुत शारिरीक क्षमता का उच्च प्रदर्शन देखने को मिलता है। मनीष झा ने कहा टीम तभी विजेता बनती है जब टीम का प्रत्येक खिलाड़ी अपनी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिभा का खेल दिखाता है। अजय चौहान ने कहा किसी भी खेल में हमें हार जीत की परवाह ना करते हुए खेल को खेल भावना और शांति तरीके से खेलना चाहिए। युवा मोर्चा डौंडी अध्यक्ष संजीव मानकर ने सभी टीमों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी एवं आयोजन समिति को इतने अच्छे तरीके से बरसात में भी प्रतियोगिता के आयोजन के लिए धन्यवाद भी दिया।

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कबड्डी प्रतियोगिता में चित्रकोट विजेता, बड़े धाराऊर उप विजेता

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  • प्रो कबड्डी स्पर्धा के समापन में मुख्य अतिथि थे सांसद दीपक बैज
  • ताकत का नहीं, अनुशासन और व तकनीक का खेल है कबड्डी : बैज

लोहंडीगुडा विकास खंड लोहंडीगुड़ा के ग्राम बड़े धाराऊर में आयोजित प्रो कबड्डी प्रतियोगिता का समापन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि बस्तर के सांसद दीपक बैज थे। प्रतियोगिता में कुल 32 टीमों ने भाग लिया था। फाइनल मैच चित्रकोट और बड़ेधाराऊर के मध्य खेला गया, जिसमें विजेता चित्रकोट और उप विजेता बड़ेधाराऊर टीम रही। विजेता टीम को प्रथम ईनाम बीस हजार रुपए मुख्य अतिथि सांसद दीपक बैज के हाथों दिया गया।

वहीं दूसरा इनाम बड़ेधाराऊर को दस हजार रुपए से सम्मानित किया गया।फाइनल मैच के दौरान महिलाओं के लिए रस्साखींच प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। रस्साखींच की विजेता टीम को सांसद दीपक बैज द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर सांसद दीपक बैज ने खिलाड़ियों को प्रेरक उद्बोधन देते हुए कहा कि कबड्डी का खेल ताकत का नहीं, बल्कि अनुशासन और तकनीक आधारित खेल है। इस खेल में अनुशासन के साथ खेलने वाला खिलाड़ी ही अपनी टीम को आगे बढ़ा पाता है। कबड्डी गांवों का सबसे लोकप्रिय खेल है।

ग्रामीण इस खेल को न सिर्फ अच्छे से समझते हैं, बल्कि बड़ी दिलचस्पी व उत्सुकता के साथ इस खेल का लुत्फ भी उठाते हैं।कबड्डी प्रतियोगिता के विजेता व उप विजेता टीमों तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को बैज ने बधाई व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सांसद बस्तर दीपक बैज के साथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मण कश्यप, बलराम मांझी, विजय उइके, राकेश मेश्राम, धरम कोटवार, बीनू पटेल, सूदन, पीलाराम सेठिया, तुलाराम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण व खेलप्रेमी मौजूद थे।

प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी मरार समाज की आराध्य देवी मां शाकंभरी देवी की जयंती मनाई जायेगी

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अत्यंत हर्ष का अवसर है की प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी मरार समाज की आराध्य देवी मां शाकंभरी देवी की जयंती समारोह मनाने हेतु दिनांक 6 जनवरी 2023 दिन शुक्रवार को आयोजित किया जा रहा है इस अवसर पर समाज के सदस्य अधिक से अधिक उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं जिसमें शोभा यात्रा एवं पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया है दिनांक 6 जनवरी 2023 दिन शुक्रवार प्रातः काल 10:00 पूजन एवं 12:00 बजे से शोभा यात्रा गोपाल बाड़ा हिकमी पारा से 12,बजे प्रारंभ होगी जिसमें संजय बाजार मां दंतेश्वरी चौक पावर हाउस चौक समुंद्र चौक पारा पारा मां शाकंभरी मंदिर खड़क घाट शोभा यात्रा का समापन होगा दोपहर 3:30 बजे मां शाकंभरी मंदिर खड़क घाट में मां शाकंभरी देवी का पूजा अर्चना कर भंडारा एवं प्रसाद वितरण की जावेगी समस्त श्रद्धालु गण निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण करें विनीत बस्तर जिला अध्यक्ष एवं समस्त मरार एवं पटेल माली समाज ।

हमेशा छल का शिकार होते आए हैं बस्तर के भोलेभाले किसान

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  • खरीदी केंद्रों में चलती है प्रबंधकों और प्रभारियों की मनमानी
  • योजनाओं से भला हो रहा है व्यापारियों और अफसरों का


अर्जुन झा
बकावंड बस्तर संभाग के किसानों को छलने की परंपरा सी चल पड़ी है। चाहे आदिवासी कृषि परिपाटी की आड़ में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा अपना उल्लू सीधा करने का मामला हो, या समर्थन मूल्य पर खरीदी में ज्यादा धान तौलने का मामला हो या चाहे स्थानीय किसानों की ऋण पुस्तिका को आधार बनाकर बाहरी धान खपाने का मामला हो, स्थानीय किसानों के हक पर डाका डालने का कोई भी मौका कुछ स्वार्थी तत्व हाथ से नहीं जाने देते।
लेंपस सोसाइटी छोटे देवड़ा में 50 क्विंटल बाहरी धान खरीदी के मामले में जिम्मेदार खरीदी केंद्र प्रभारी को केंद्र के प्रभार से हटाने के अलावा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। खरीदी केंद्र प्रभारी कैलाश कश्यप ने अपने पिताजी शोभाराम की ऋण पुस्तिका के आधार पर ओड़िशा से लाए गए 50 क्विंटल धान की खरीदी फर्जी तरीके से कर ली थी। मामले ने जब तूल पकड़ लिया और शिकायत हुई तब जांच के नाम पर कई दिनों तक प्रशासनिक नौटंकी चली। सहकारी बैंक, कृषि उपज मंडी समिति, खाद्य विभाग और जिला प्रशासन तक जांच रिपोर्ट भेजने तथा कार्रवाई की अनुशंसा करने की बात कही जा रही थी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर वैसा ही हुआ, जिसकी उम्मीद पहले से ही की जाने लगी थी। खरीदी केंद्र प्रभारी कैलाश कश्यप को प्रभार से हटाकर उनकी जगह दूसरे व्यक्ति को छोटे देवड़ा धान खरीदी केंद्र का प्रभारी बना दिया गया। पूरे पचास क्विंटल बाहरी धान जालसाजी कर खरीदने वाले प्रभारी पर मामूली कार्रवाई कर बरी कर दिया गया, जबकि नियमानुसार उनके खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई जानी थी। शिकायतकर्ता द्वारा शोभाराम कश्यप के खेत व खलिहान में कटी पड़ी धान फसल की वीडियो फुटेज पेश किए जाने तथा जांच अधिकारी द्वारा बिना मिंजाई के रखी फसल को प्रत्यक्ष देखे जाने के बाद भी खरीदी केंद्र प्रभारी पर इस कदर मेहरबानी क्यों की गई, इसे लेकर अब भी चर्चा चल रही है।

बीज किट आपूर्ति में भी हुआ था फरेब
इसी तरह आदिवासी किसानों को बीज किट आपूर्ति की आड़ में की गई घपलेबाजी पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बकावंड ब्लॉक के ग्राम कोसमी, बजावंड, कोरटा, दाबगुड़ा, दशापाल, भेजरीपदर, तोंग, कवड़ावंड, उड़ियापाल, पीठापुर, नलपावंड, बेड़ा उमरगांव, कचनार, मीरलिंगा, मोंगरापाल, नेगानार, पंडानार, सरगीपाल, छोटे देवड़ा, चोलनार आदि गांवों के आदिवासी किसानों की बाड़ियों में मक्का, कोदो कुटकी, कुलथी आदि की परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम चलाया गया था। इन कृषि उपजों के बीज किट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मेडिकल स्टोर्स, कॉपी पुस्तक दुकानों और हार्डवेयर दुकान संचालकों को सौंपी गई थी। इन दुकान संचालकों ने अधिकारियों के साथ मिलकर न सिर्फ शासन को बड़े पैमाने पर चूना लगाया था, बल्कि आदिवासी किसानों के हक पर डाका भी डाला था। इस बड़े घोटाले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि आदिवासी कृषि परंपरा को नया जीवन देने की पहल स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विशेष रूचि लेकर की थी।
धान तौलाई में खुलेआम डंडीमारी
समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी में भी किसानों से लूट मचाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी जा रही है। अधिकतर खरीदी केंद्रों में प्रति तौलते समय ऐसा कारनामा दिखाया जाता है कि हर क्विंटल के पीछे 5 से 7 किलोग्राम अतिरिक्त धान तौल लिया जाता है और किसानों को इसकी भनक भी नहीं लग पाती। वहीं सूखत के नाम पर किसानों से प्रति 40 किलोग्राम की बोरी में तीन किलोग्राम ज्यादा धान किसानों से लिया जा रहा है। ऐसी शिकायतें धान खरीदी केंद्र मूली में बड़े पैमाने पर आई हैं। किसानों ने बताया है कि खरीदी केंद्र प्रभारी और सोसाइटी प्रबंधक ने खुलेआम ऐसी लूट मचा रखी है। एक क्विंटल धान के पीछे साढ़े तीन किलो अतिरिक्त धान किसानों से लिया जा रहा है। खरीदी केंद्र प्रभारी दलील दे रहे हैं कि सूखत आने की वजह से अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। किसान विरोध करते हैं, तो उन्हें खरीखोटी सुनाई जाती है, धान वापस ले जाने कहा जाता है।

चिपरा में सेवानिवृत्त शिक्षक बिदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन

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आज दिनांक 30-12-2022 दिन शुक्रवार को संकुल चिपरा, विकासखंड डोंडी में सेवनिवृत्त शिक्षक विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया। जिसमें मुख्य अतिथि कामता प्रसाद ठाकुर पूर्व प्रधानपाठक शासकीय प्राथमिक शाला चिपरा रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एम. धटियारा संकुल प्राचार्य ने किया। उक्त कार्यक्रम में संकुल चिपरा के समन्वयक महेश बंसोड़े व प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक एवं सभी शिक्षक उपस्थित रहे । कार्यक्रम में श्री घटियारा सर ने उद्बोधन में श्री कामता प्रसाद ठाकुर की 40 वर्ष की सेवाकाल में सहयोग की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य और दीर्घायु होने की कामना करते हुए बधाई प्रेषित किये साथ में सभी शिक्षकों द्वारा उनके सहयोग की प्रसंशा की गयी । उनके द्वारा दी गयी सेवा निश्चित ही एक अमिट धरोहर है जिन्हे वर्षों तक याद किया जाता रहेगा । उनके द्वारा शिक्षा प्राप्त कर कई विद्यार्थी आज भी उच्च पदों पर आसीन है यही एक शिक्षक की वास्तविक पूंजी है |बड़े सम्मान के साथ उनको शाला से बिदाई दी गयी और सभी शिक्षकों द्वारा बधाई प्रेषित किया गया ।

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होनहार खिलाड़ी को जनपद सदस्य संजय बैंस ने दी जीत का आशीर्वाद

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आज कुसुमकसा के होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल खेलने के लिए महाराष्ट्र के नांदेड़ के लिए जाते समय रेल्वे स्टेशन पर जनपद सदस्य संजय बैंस ने तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ भेंट कर खेलने के लिए रवाना किए और जीत का विजय का आशीर्वाद दिए संजय बैंस ने बताया की हमारे ग्रामीण अंचल के प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर खेलने जा रहे है ये हमारे लिए गौरव की बात है ये बच्चे यहां से विजय होते है तो भारत की तरफ से विदेश बेल्जियम खेलने जाएंगे हम सभी ग्रामवासी इनके विजय होने का शुभक्मानाएं देते है इन खिलाड़ियों को ग्रामीण जन ट्रेन में रवाना करते समय बहुत ही प्रफुलित थे और उनके परिवार जन भी सभी विजय तिलक लगाकर आशीर्वाद दिए उनको प्रस्थान के समय श्रीमती शांति जैन,डाक्टर नसीम खान मोनू गुप्तादिनेश जैन,मनीषा जैन,मोती जैन, कीर्ति जैन, रानी गोसाई, निखिल गोसाई, विजय धनेंद्र, जितेंद्र राजभोज, नसीम खान उपस्थित रहे।

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