बालोद–आज दिनांक 8/09/2020 थाना-ग़ुरूर और चौकी -कँवर द्वारा ग्राम पलारी में जुआ खेलते 13 जुआड़ियों के खिलाफ अपराध क्रमांक -365/20 धारा-13 जुआ एक्ट की कार्यवाही कर फड़ से 21350 रुपए जप्त किया गया और पृथक से 13 जुआड़ियों के विरुद्ध धारा- 151 /107,116(3) जा.फौ.की कार्यवाही की गई।
छत्तीसगढ़ प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। इसी क्रम में तय कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 9 सितंबर 2020 से नारायणपुर जिला सहित प्रदेश के समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे तथा 10 दिवसों में शासन द्वारा नियमितीकरण नहीं किए जाने पर 19 सितंबर 2020 से काम बंद कर हड़ताल प्रस्थान किया जावेगा | विदित हो कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अपनी सरकार बनने पर 10 दिवस में अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने के लिए अपने वायदे से तकरीबन मुकरती नजर आ रही है| वर्तमान में कोरोना संकट से निपटने 2100 क्लीनिकल पदों पर नवीन भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है जबकि इन्हीं पदों पर 13000 स्वास्थ्य कर्मचारी बरसों से अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं| शासन की पक्षपाती उपेक्षा पूर्ण नीति से अब यह कर्मचारी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं| कल तक प्रदेश के जो मंत्री इस वर्ष किसान का अगला वर्ष आप (अनियमित कर्मचारियों) का हुंकार भरते फिरते थे, अब उनके चेहरे से झूठ का परदा स्वयं बेनकाब कर रहे है। गौरतलब हो कि वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी जान तक कि बाजी लगाकर कार्यालयीन तथा क्षेत्र स्तर पर दिन रात अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं। नारायणपुर जिला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री प्रदीप देवांगन ने सभी संगठन साथियों से अपील की है की आगामी 10 दिवस में शासन द्वारा नियमितीकरण नहीं किए जाने पर 19 सितंबर से हड़ताल प्रस्थान हेतु तैयार रहें।
पूर्व दिनों भाजपा पार्षद जैकी कश्यप के द्वारा जिला हास्पीटल के कोविड सेन्टर में गंदगी फैलने और कूड़े कचरे का फोटो सोसल मीडिया में वायरल कर स्वास्थ विभाग और जिला प्रशासन पर साफ सफाई को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था, जिस पर जिला कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त किया जिला कांग्रेस प्रवक्ता एवं महामंत्री रवि देवांगन ने कहा कि भाजपा पार्षद जैकी कश्यप अपने आप को नगर पालिका परिषद का नेता प्रतिपक्ष बता कर सस्ती लोकप्रियता पाने ओछी राजनीती कर रहे हैं जबकि नगरपालिका में नेता प्रतिपक्ष का कोई पद नहीं है। भाजपाईयों की तो आदत है झूठ बोलने की आधारहीन,मुद्दाविहीन, तथ्यहीन, फरेब की राजनीति करने सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए कोविड सेन्टर के पुराने फोटो को वायरल कर रहे है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के साथ पूरा प्रशासन, स्वास्थकर्मी, सफाईकर्मी कोरोना महामारी रोकने के लिए कोविड सेन्टर में 24 घंटे काम कर रहे हैं और भाजपाई सस्ती लोकप्रियता पाने निरंतर आलोचना कर रहे हैं झूठ फैला रहे हैं इस गंभीर महामारी संकट में सहयोग करने के बजाय झूठा फोटो वायरल कर रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी लगातार कोविड सेन्टर का जानकारी लेते रहते है और मरीजों को भी सभी तरह का स्वास्थ लाभ मिल रहा है राज्य सरकार ने भी कोरोना का मुफ्त में उपचार कर रहीं हैं। वहीं भाजपा नेताओ को महामारी काल में झूठ गुमराह करने की राजनीति से बचना चाहिए और सकारात्मक राजनीति कर जनता की सेवा करना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री रजनू नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थमंत्री टीएस सिंहदेव के सहरानिय पहल से जिला मुख्यालय में कोविड-19 का सेन्टर खुला है जिसे भाजपा पार्षद और भाजपा नेता पचा नहीं पा रहे हैं जिले में कोरोना से ग्रसित मरीजों का सफल उपचार किया जा रहा है जिला मुख्यालय में कोविड-19 सेन्टर खुलने से मरीजों परिजनो सभी को आने वाले परेशानियों से बच रहे है। आगे रजनू नेताम ने कहा की मैंने माईक एम्पलीफायर सिस्टम से मरीजों से बात किया है मरीजों ने बताया कोविड सेन्टर में किसी प्रकार की कोई गंदगी नहीं है और स्वास्थ विभाग से शासन से सभी प्रकार का लाभ मिल रहा है और हमें विश्वास है कि हम सभी मरीज जल्द ठीक हो कर वापस घर लौटेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है भाजपा के पास सरकार को बदनाम करने का कोई मुद्दा नहीं है तो वो झूठा फोटो वायरल कर चर्चित होने में लगे हैं।
रायपुर – गिरदावरी कार्य के दौरान ही राजस्व अधिकारियों एवं शासन स्तर के उच्च अधिकारियों द्वारा गिरदावरी की जांच कर पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है, जो सर्वथा अनुचित है. गिरदावरी उपरांत प्रकाशन व संशोधन उपरांत प्रविष्टियों में गलती पाए जाने पर दोषी आरोपित करें. इसके अलावा प्रकाशन व ऑनलाइन फसल प्रविष्टि बगैर गिरदावरी को पूर्ण न माना जाए, धान पंजीयन के लिए समय को बढ़ाया जावे.
संघ ने कहा कि एक पटवारी के पास 4000-9000 खसरा नंबर होते हैं, सभी खसरा नंबर को भूमि में सभी फसलों का फोटो लेकर रखना संभव नहीं है. इसी तरह एक राजस्व निरीक्षक के प्रभार क्षेत्र में लगभग 40000-80000 खसरा नंबर आते हैं, जिसका 25 प्रतिशत यानि 10000-20000 खसरा प्रविष्टियों की फोटो सहित गिरदावरी जांच पूर्णतः अव्यवहारिक है. यही नहीं इन कार्यों को 50 दिनों में संपादिक किया जाना बहुत मुश्किल है.
पटवारी संघ को ओर से फोटोयुक्त गिरदावरी का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए कहा कि राजस्व निरीक्षक द्वारा गिरदावरी जांच का निर्धारण 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत फोटो रहित किया जावे. इसके अलावा कोरोना काल में पटवारी व राजस्व निरीक्षक राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत 24 घण्टे एवं सातों दिन पदीय कर्तव्यों के साथ–साथ समय पर शासन द्वारा जारी निर्देशों के पालन व क्रियान्यवन किया जा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए बीमा किए जाने की मांग की गई है.
इसके अलावा ऑनलाइन प्रविष्टियों के लिए बनाई गई सॉफ्टवेयर में कई तरह की तकनीकि खामियां है, निराकरण करने वाले सहायक प्रोग्रामर मंत्रालय में रहकर संचालन करते हैं जिसके कारण तहसील व जिला स्तर की समस्याएं यथावत है.
रायपुर। राजधानी के गोलबाजार थाना इलाके में बंजारी मंदिर के पास स्थित मूर्ति दुकान समेत 4 दुकानों में आग लग गई। मौके पर दमकल की वाहन आग बुझाने का प्रयास कर रही है। मार्केट बंद होने के ठीक समय आगजनी की घटना से कुछ देर के लिए अफरा तफरी मच गई और आग का फैलाव देखकर आसपास के दुकानदारों ने खुद ही दुकाने बंद कर दी । लोगों ने अपने बलबूते पर आगे पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत की । आग कैसे लगी इसका पता नहीं चला है लेकिन माना जा रहा है शार्ट सर्किट के कारण आग लगी है ऐेसा दुकानदारों का मानना है।
कांकेर। आज कांकेर जिले में समस्त पत्रकारों द्वारा कलेक्टर के एल चैहान के खिलाफ मौन रैली निकाली। इसके बाद कलेक्टरेट मार्ग पर कलेक्टर का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन के साथ कांकेर कलेक्टर को तत्काल हटाए जाने की मांग की गई है।
पत्रकारों द्वारा क्यों किया गया कलेक्टर का पुतला दहन
प्रदेश के साथ साथ जिले में भी बढ़ रहे कोरोना के कहर को देखते हुए एक पत्रकार ने कोरोना संक्रमण से कैसे निपटा जाये या इसे बढ़ने से कैसे रोका जाये इसी विषय पर कुछ दिन पहले एक समाचार प्रकाशित किया था और साथ ही इस खबर को सोशल मीडिया में डाल दिया गया। खबर को पढ़ते ही कलेक्टर क्रोधित हो गए और पत्रकार के खिलाफ सोशल मीडिया में अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसका विरोध सोशल मीडिया में हुआ और विरोध इतना बढ़ गया कि पत्रकारों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया।
पत्रकारों ने आरोप लागते हुए कहा कि ये कलेक्टर अपने नौकरी के दौरान जहां -जहां पदस्थ थे, वहां – वहां ये भारी विवादित रहे। ये पहला मौका नहीं है कि कांकेर में इनके ही कर्मचारियों ने इनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि तत्काल कलेक्टर को हटाया जाए। कलेक्टर को नहीं हटाए जाने की स्थिति में पत्रकारों ने उग्र आन्दोलन करने की चेतावनी भी दी है।
गुण्डरदेही : जतन करो भुंइया के संगी जतन करव रे, जतन करव भुंइया के संगी जतन करव रे…. वर्ष 1984 दशक के लोकप्रिय गीत जिसे हम सब आकाशवाणी में धुरवाराम मरकाम के कंठप्रिय शब्दों में सुना करते थे,
उसी धुरवाराम से मिलने मंगलवार को गुण्डरदेही विधायक एवं संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद राजनादगाँव के गंडई नगर पहुंचे । पिछले दिनों मीडिया एवं कलाकार साथियों के माध्यम से माननीय संसदीय सचिव को मरकाम के तकलीफों व कठिनाई भरी जीवन यापन की जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत को अवगत कराया तथा तत्काल छत्तीसगढ़ शासन एवं संस्कृति विभाग की योजनाओं का लाभ तत्काल देने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया । गंडई नगर धुरवाराम मरकाम के निवास स्थान पर पहुंच कर ने कलाकार साथियों के साथ मिलकर इकट्ठा किए सहयोग राशि 70,000 रू. का चेक मरकाम को सौंपा । इस धनराशि का उपयोग उनके मकान निर्माण के लिए किया जाएगा । इस अवसर पर कला संगीत से जुड़े कलाकार साथियों के साथ दूध मोंगरा सांस्कृतिक कला मंच से गौतम चंद जैन , प्रसिद्ध गीतकार पीसी लाल यादव, रंग झरोखा के संचालक दुष्यंत हरमुख , राकेश साहू , उद्धव राम साहू , चिमन साहू , महादेव हिरवानी , निज सहायक सुभाष गजेन्द्र , कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता, मीडियाकर्मी, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा वार्डवासी उपस्थित थे ।
राज्य सरकार ने कोविड -19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए जिला मुख्यालय में कोविड-19 अस्पताल प्रारंभ कर दिया गया जहाँ कोरोना मरीजों से ही कक्ष की साफ सफाई कराई जा रही है जिसमें स्वास्थ्य अम्ला व जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है यदि ईस महामारी में बदहवास मरीज ही कमरे की सफाई करे तो उस सेंटर में पदस्थ कर्मचारियों को किस कार्य के लिए रखा गया है व ऐसे में आम नागरिक ईन्हे कोरोना योद्धा क्यों कहे|
कोरोना से पीड़ित महिला के द्वारा भय में विडियो ना बनाने की अपिल किया गया जिससे स्पष्ट होता है कि उन मरीजों के साथ कैसा वयवहार किया जा रहा है साथ ही मरीजों के लिए परोसे भोजन में भी पौष्टिकता व साफ सफाई का अभाव नजर आता है अन्दर चल रहे अव्यवस्था को लेकर मरीजों के परिजन सोशल मीडिया में फ़ोटो के साथ आक्रोश व्यक्त करते हुए साझा किया नारायणपुर जिले के कोविड सेंटर में आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करते स्वच्छता को दरकिनार करते हुए इस हद तक लापरवाही बरती जा रही है कोविड सेंटर इतनी गंदगी बिखरी पड़ी है की 100 मरीज को कोरेन्टीन सेंटर में रखा गया गया है जहां एक ही सफाई कर्मी मौजूद है,टॉयलेट बाथरूम में गंदगी पसरा हुआ है,किसी भी प्रकार से मरीज को स्वास्थ्य लाभ नही मिल रहा है केवल कोविड सेंटर कोरोना संक्रमित मरीज को रख कर दिन काटा जा रहा है,जिससे कोरोना के मरीज कोविड सेंटरों में सुरक्षित महसूस नही कर रहे हैं ऐसी स्थिति में भी जिला प्रशासन मूक दर्शक बन केवल कोरोना पाजिटिव का डाटा दे रही है।
रायपुर – संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन से कहा है वे अपने निजी स्कूलों की स्थिति परिस्थितियों को लेकर जिस तरह चिंतित व गंभीर हैं, ऐसा ही उनको उन पलकों की आर्थिक परिस्थितियों को लेकर भी चिंतन करना चाहिए जिनका पिछले 5 माह से कोई आवक नहीं है. जिसके चलते वे गंभीर आर्थिक अभाव में गुजारा बसर कर रहे हैं. निजी स्कूलों द्वारा लगातार पालकों से उस अंतराल की फीस की मांग करना जिस दौरान शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद थीं, पूरी तरह अनुचित है. बिना कोई सेवा दिए स्कूलों द्वारा फ़ीस और अन्य खर्चों की मांग करना अवैध है. स्कूल के एडमिशन फॉर्म में कोई फोर्स मेजर क्लॉज नहीं है.
एडमिशन फॉर्म में कोई क्लाज नहीं है कि महामारी, प्रतिकूल स्थिति, राष्ट्रीय लॉकडाउन आदि के मामले में स्कूल प्रशासन ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करेगा और उसी के लिए फीस और अन्य खर्च मांगेगा. ऑनलाइन कक्षा तो स्कूली शिक्षा की अवधारणा से पूरी तरह से अलग है. इसके कई दुष्प्रभाव और अवगुण भी सामने आ रहे हैं. ऐसी स्थिति में निजी स्कूलों को भी कुछ नुकसान उठाना पड़ेगा,इसके लिए तैयार रहना चाहिए.
विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन और पलकों के साथ बैठक कर इस समस्या के बीच का रास्ता निकालने मध्यस्थता करने की हामी भरते हुए कहा है कि हमें मिल बैठकर ऐसी परिस्थितियों में कोई उचित रास्ता निकालने की जरूरत है. जिससे कि दोनों पक्षों को संतुष्टि मिल सके.