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फ्लोराईड का जहर और प्रशासन की उपेक्षा का कहर ग्रामीणों पर

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  • नदी की रेत में झरिया खोदकर ग्रामीण कर रहे पानी की व्यवस्था
  • बाकेल गांव के कोंगालगुड़ा पारा के निवासियों की नहीं ली गई सुध

अर्जुन झा

बस्तर इंसान के कदम चांद और मंगल ग्रह पर भले ही पड़ गए हैं, लेकिन बस्तर संभाग में आज भी ऐसे दर्जनों गांव हैं, जहां प्रशासनिक अधिकारियों के कदम नहीं पड़ पाए हैं। अफसरों को अपने एसी चेंबर से निकलकर जमीनी हकीकत जानने के लिए शायद फुरसत नहीं है। ऐसा ही एक अभागा गांव है बाकेल।

इस गांव के कोंगालगुड़ा पारा की पूरी आबादी को फ्लोराईड के जहर का दंश और प्रशासनिक उपेक्षा का कहर झेलना पड़ रहा है।बस्तर विकासखंड के ग्राम बाकेल के कोंगालगुड़ा की धरती की कोख में फ्लोराईड का जहर घुला हुआ है। नतीजतन इस बस्ती के भूगर्भ जलस्रोत का उपयोग करना खतरे से खाली नहीं है। फ्लोराईड इंसान और पशुओं के शरीर पर घातक प्रभाव डालता है। छत्तीसगढ़ शासन ने दूर दराज के गांवों के भी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा फ्लोराईड प्रभावित इलाकों में पानी आपूर्ति के लिए विशेष व्यवस्था कर रखी है। बशर्ते ऐसे संकटग्रस्त इलाकों की जानकारी शासन तक पहुंचनी चाहिए। शासन तक जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों पर है, लेकिन बाकेल कोंगालगुड़ा पारा के ग्रामीणों के संदर्भ में प्रशासनिक और लोक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। इस बस्ती के दर्जनों परिवारों को बूंद – बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।गांव में पीने भोजन बनाने के लिए शुद्ध पानी का इंतजाम प्रशासन आज तक नहीं कर पाया है। गांव की महिलाएं कई किलोमीटर का सफर कर नारंगी नदी से अपने परिवारों की जरूरत के लिए पानी का इंतजाम करती हैं। महिलाएं नदी की रेत पर झरिया ( गड्ढा ) खोदकर वहां से स्वच्छ पानी निकलती हैं। एकसाथ दो – तीन गुंडियों या बाल्टियों में पानी लाना पड़ता है, अन्यथा उन्हें नदी तक का सफर बार बार करना पड़ता है। नदी में अभी पानी का मामूली बाहव चल रहा है, लेकिन उसकी शुद्धता – आशुद्धता को लेकर ग्रामीण सशंकित हैं, इसलिए सीधे नदी से पानी न लेकर झरिया खोदना पड़ता है। झिरिया में अच्छी तरह से छना हुआ पानी आता है, जो सभी तरह के उपयोग के लिए बेहतर रहता है।*बॉक्स**इसके लिए जिम्मेदार आखिर कौन?* बाकेल का कोगालगुड़ा पारा बस्तर विकासखंड और नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। इस लिहाज से बाकेल, कोंगालगुड़ा पारा के लोगों को पानी, बिजली, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा आदि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बस्तर और नारायणपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की है। नारायणपुर के विधायक भी इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकते, क्योंकि उन्हें विधानसभा तक पहुंचाने में बाकेल कोंगालगुड़ा के भी मतदाताओं का उतना ही योगदान है, जितना कि अन्य गांवों के मतदाताओं का है।

माहरा समाज को जल्द मिलेगा आरक्षण का लाभ

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  • सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में माहरा समाज का प्रतिनिधि मंडल मिला केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री से

जगदलपुर बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में माहरा समाज का प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री से मिला। मुलाकात के दौरान लगभग 20 मिनट गंभीरता के साथ विस्तृत रूप से चर्चा हुई। इस दौरान माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया और प्रस्ताव को जल्द ही केबिनेट में लाने का निवेदन किया। इस पर विभागीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि प्रस्ताव को जल्द ही केबिनेट में लाकर विधेयक के रूप में लोकसभा में प्रस्तुत करेंगे । बस्तर सांसद दीपक बैज ने माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल की चौथी बार दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कराई है और कई बार लोकसभा में भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। सांसद श्री बैज माहरा समाज को आरक्षण दिलाने हेतु लगातार प्रयासरत हैं। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा का भी विशेष योगदान मिल रहा है।मुलाकात के दौरान माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष शामू कश्यप, संभागीय महासचिव बुधराम कश्यप, संभागीय संरक्षक श्रीराम नाग, संभागीय अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ बस्तर रविन्द्र नागवंशी मौजूद रहे।विदित है कि सांसद दीपक बैज जनजातीय समाज के हितलाभ से वंचित आदिवासियों को आदिवासी वर्ग में शामिल कराने हमेशा प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने 12 जनजातियों को आदिवासी वर्ग में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई है और भूपेश बघेल सरकार के प्रस्ताव के समर्थन में आवाज उठाई है।

बस्तर की बेटी आशिफा खान ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

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  • फॉरेन मेडिकल ग्रेजुशन एग्जाम क्लीयर कर बनी डॉक्टर
  • चीन की यूनिवर्सिटी में किया एमबीबीएस का कोर्स
  • मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया का एफएमजीई भी क्लीयर किया

जगदलपुर बस्तर की बेटी ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत के दम पर अथक बस्तर के साथ ही पूरे छत्तीसगढ़ का नाम मान बढ़ाया है। इस बेटी ने चीन में एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएशन एग्जाम भी आसानी से क्लीयर कर लिया और भारत में कहीं भी मेडिकल प्रेक्टिस करने की पात्रता हासिल कर ली। बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही जगदलपुर निवासी आशिफा खान एफएमजीई पास कर डॉक्टर बन गई है। जगदलपुर निवासी मिरंजा खान की दूसरी बेटी आशिफा खान की प्राथमिक शिक्षा बाल विहार विद्यालय में हुई थी। तीन बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की आशिफा बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है, आशिफा खान ने चीन की हार्बिन मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। विदेशी मेडिकल डिग्री की मान्यता प्राप्त करने के लिए आशिफा को मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली द्वारा आयोजित फॉरेन ग्रेजुएशन एग्जाम का सामना करना पड़ा। इस कठिन परीक्षा में भी आसानी से सफलता प्राप्त कर आशिफा भारत के किसी भी हिस्से में प्रेक्टिस करने की क्षमता रखने वाली डॉ. आशिफा खान बन गई। आशिफा खान के विदेशी डिग्रीधारी और मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त डॉक्टर बनने से जहां एक ओर परिजनों में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम बिरादरी के साथ ही शहर में भी उल्लास है। डॉ. आशिफा खान ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। शहर की इस बेटी ने जगदलपुर शहर, बस्तर संभाग और समूचे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। बस्तर के सांसद दीपक बैज और जगदलपुर के विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने डॉ. आशिफा खान को शुभकामनाएं व बधाई दी है।

अब माहरा समाज के लोगों को जल्द मिलेगा आरक्षण का लाभ

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  • सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में माहरा समाज का प्रतिनिधि मंडल मिला केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री से

बस्तर माहरा समाज के लोगों को भी अब सरकारी नौकरियों, योजनाओं तथा दीगर मामलों में आरक्षण का लाभ जल्द मिलने लगेगा। बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात की। लगभग 20 मिनट तक केंद्रीय मंत्री के साथ गंभीरता पूर्वक विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय मंत्री का आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया और प्रस्ताव को जल्द ही केबिनेट में लाने का निवेदन किया। मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आश्वासन दिया है कि प्रस्ताव को जल्द ही केबिनेट में लाकर विधेयक के रूप में लोकसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।ज्ञात हो कि बस्तर के सांसद दीपक बैज ने माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल की चौथी बार दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कराई है और कई बार लोकसभा में भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। सांसद बैज माहरा समाज को आरक्षण दिलाने हेतु लगातार प्रयासरत हैं। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा का भी विशेष योगदान रहा। मुलाकात के दौरान माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष शामू कश्यप, संभागीय महासचिव बुधराम कश्यप, संभागीय संरक्षक श्रीराम नाग, संभागीय अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ बस्तर रविंद्र नागवंशी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री बघेल की नीतियों से लोगों का पुलिस पर बढ़ा भरोसा : रेखचंद

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  • सीआरपीएफ बस्तरिहा बटालियन के सिविक एक्शन प्रोग्राम में संसदीय सचिव जैन ने ग्रामीणों को किया सामग्री वितरण

जगदलपुर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 241 बस्तरिहा बटालियन के सिविक एक्शन प्रोग्राम में शामिल हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन। उन्होंने ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की सामाग्रियों का वितरण किया।समारोह को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नीतियों के कारण आज बस्तर के आम लोगों का भरोसा सुरक्षा बलों पर लगातार बढ़ रहा है। पूर्व की सरकार में जहां लोग पुलिस बल से डरकर दूर भागते थे,

आज हमारी सरकार की नीतियों के चलते लोग पुलिस और सुरक्षा बलों के करीब आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण सुरक्षा बलों द्वारा लोगों के मध्य विश्वास बहाली के लिए किए जा रहे प्रयास है। सुरक्षा बल आज ग्रामीणों को चिकित्सा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे आमजन और पुलिस बल करीब आ रहे हैं। विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूलमंत्र के साथ हमारी सरकार काम कर रही है।इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के जिलाध्यक्ष बलराम मौर्य, जनपद सदस्य तुलाराम कश्यप, महामंत्री हेमू उपाध्याय, कमांडेंट ए. पदम कुमार, डॉ. आरके मिश्रा, सरपंच हरचंद, पूनम सलाम, विधु शेखर झा, सविता सिंह, वर्षा ए. रोज, संतोष सिंह, चंचल सिंह, अभिषेक सिंह, मुन्नाराम बघेल, लक्ष्मण बघेल, फूलसिंह मौर्य, सोनमत मौर्य, वेदव्यास, पूनम जलाम व बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे।

आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी के प्रयासों का परिणाम दिखने लगा है – रेखचंद जैन

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ग्राम पंचायत मांझीगुडा में दुलारदेई माता के वार्षिक मेले में शामिल हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन

मां दुलारदेई की विधि विधान से पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के सुख शांति समृद्धि, कुशल मंगल की कामना की इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों का परिणाम अब दिखाई देने लगा है ।

माता गुड़ियों एवं देव गुड़ियों के जीर्णोद्धार के लिए किए जा रहे प्रयासों के फलस्वरूप आज हर गांव में पक्की माता गुड़ी तैयार हो गई है एवं सौंदर्यीकरण का कार्य आरंभ है उन्होंने कहा की मेला मंडई हमारी आस्था और संस्कृति है इसे सहेजना हम सब का कर्त्तव्य है आज की पीढ़ी शहरीकरण एवं आधुनिकता में अपनी संस्कृति से दूर हो रही है उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का सार्थक प्रयास हम सभी लोगों को करना चाहिए**विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ जनपद सदस्य एवं ब्लाक अध्यक्ष नीलू राम बघेल, जनपद सदस्य धनसिंग बघेल, सरपंच धरम बघेल वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह, महामंत्री हेमु उपाध्याय विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, वरिष्ठ नेता चैतुराम मराई ,मानसिंग नाग,लेम्पस अध्यक्ष सामनाथ नाग, लोकेश सेठिया विनोद सेठिया, हरिहर सेठिया, धनर मांझी, गणेश सेठिया, राधामोहन दास,सोमारू मांझी, जगबन्धू मांझी समेत बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

सीआरपीएफ 85 के जवान ने खुद को मारी गोली, हुई मौके पर मौत

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एएसपी द्वारा घटना की पुष्टि

बीजापुर:– बीजापुर मुख्यालय के गंगालूर मार्ग पर स्थित सीआरपीएफ 85 कैंप के जवान ने खुद को अपनी बंदूक से गोली मार ली है, जिससे जवान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना 9 बजे की बताई जा रही हैं जब कैंप के अंदर बंदूक की आवाज से साथी जवान एकाएक सकते में आ गये थे जब कैप के अंदर पता लगाया तो एक जवान खुद को गोली मार ली थी। सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ के जिला मुख्यालय के 85 बटालियन में जवान पदस्थ था। केरल निवासी जवान का नाम विनय उर्फ़ बीनू बताया गया है। केरल से 3 दिन पहले जवान अवकाश से अपनी ड्यूटी पर लौटा है। जवान के द्वारा आत्महत्या का कारण अज्ञात है‌। इस घटना के संबंध में सीआरपीएफ 85 के अधिकारी किसी तरह से जानकारी नही दी गई है। बीजापुर के एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी जांच चल रही है।

जिला बालोद से 746 लापरवाह वाहन चालकों से वसूला गया 256300 रू. जुर्माना

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दिनांक 07.02.2023 174 प्रकरण किया गया माननीय न्यायालय में पेष। माह जनवरी 2023 में चालाया गया 31 जागरूकता अभियान में 5424 व्यक्ति लाभान्वित हुए। यातायात नियमों के पालन करने नियंत्रित गति से वाहन चलाने बालोद पुलिस की अपील।पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, श्रीमान् अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश राठौर के मार्गदर्षन में एवं समस्त राजपत्रित अधिकारी पुलिस जिला बालोद के पर्यवेक्षण में जिले के समस्त थाना/चौंकी प्रभारी एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व बालोद जिले में जनवरी 2023 में लगातार यातायात नियमों के उल्लघंन करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती से कार्यवाही किया गया माह जनवरी 2023 में 746 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व समय-समय पर अभियान चलाकर कार्यवाही करते हुए 256300 रू. शमन शुल्क जमा किया गया है। साथ ही 174 प्रकरण माननीय न्यायालय के समक्ष कार्यवाही हेतु पेश किया गया।

कार्यवाही के साथ-साथ आम जनों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने यातायात संकेतो की जानकारी के लिए भी प्रयास किया गया जिसके फलस्वरूप इस माह जनवरी 2023 में कुल 31 जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें लगभग 5424 व्यक्ति लाभान्वित हुए है। सड़क दुर्घटनाएं में कमी लाने जिला स्तर पर लगातार मोटरयान अधिनियम् के तहत् कार्यवाही कर 55 बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने में कार्यवाही कर 16500 रू, 70 तीन सवारी में 21000 रू., 32 सीट बेल्ट नहीं लगाने वालो पर 16000 रू. व 254 मौके पर वाहन के कागजात पेष नहीं करने पर 76200 रू. एवं शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले शराबियों पर 01 कार्यवाही कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेष करने पर 16000 रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। इस प्रकार की सघन वाहन चेकिंग से आम जनों का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा आम जनता एवं राहगीरों की सुरक्षा के लिए बालोद पुलिस सदैव तत्पर है। बालोद पुलिस आम नागरिको से अपील करता है कि वाहन चालाते समय हमेशाहेलमेट/सीट बेल्ट का प्रयोग करे नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने नहीं देवे , नियंत्रित गति से वाहन चलाएं और शराब पीकर गाड़ी ना चलाएं । यातायत नियम का पालन करें। बालोद पुलिस का यह चेकिंग अभियान लगातर जारी रहेगा।

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क्या छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव कर रही है केंद्र सरकार

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  • अनेक परियोजनाओं को लटकाए रखने से अब उठने लगे हैं सवाल
  • जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाईन का काम 4 साल से अटका
  • बस्तर सांसद दीपक बैज ने प्रोजेक्ट रोकने को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

अर्जुन झा

बस्तर क्या केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रही है? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है, क्या इसीलिए केंद्र सरकार इस राज्य में पहले से स्वीकृत केंद्रीय परियोजनाओं को रोक रही है ? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लंबा समय गुजर जाने के बाद भी या तो शुरू नहीं कराया गया है, या फिर बीच में ही रोक दिया गया है। बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने इस मसले को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार के रवैए को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।छत्तीसगढ़ में जबसे कांग्रेस की सत्ता आई है, तबसे केंद्र की भाजपा सरकार ने इस राज्य की ओर से अपना मुंह फेर लिया है। लगता तो ऐसा ही है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में काफी पहले से स्वीकृत केंद्र सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का काम अब तक शुरू नहीं कराया गया है। वहीं जिन केंद्रीय परियोजनाओं पर काम आरंभ हो चुका था, उनका निर्माण भी बीच में ही रोक दिया गया है। छत्तीसगढ़ में रेल कॉरिडोर, नदियों को जोड़ने की परियोजना, चतुर्भुज सड़क निर्माण परियोजना, जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन निर्माण जैसे अनेक महत्वपूर्ण केंद्रीय प्रोजेक्ट हैं, जो केंद्र सरकार के पक्षपात भरे व्यवहार के शिकार बन गए हैं। बिलासपुर से मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़ होते हुए रेल कॉरिडोर की स्वीकृति दुर्ग की तात्कालीन लोकसभा सांसद एवं मौजूदा राजयसभा सदस्य सरोज पाण्डेय की पहल पर केंद्र सरकार ने दी थी। रेल कॉरिडोर के लिए सर्वे का काम भी पूरा हो चुका है, लेकिन मैदानी स्तर पर रेल लाईनें बिछाने का काम लगभग साढ़े छह साल बीतने के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इसी तरह सड़क चतुर्भुज परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ को चारों दिशाओं में स्थित अनेक पड़ोसी राज्यों से तथा राज्य के विविध हिस्सों में बसे गांवों और शहरों को आपस में व्यवस्थित सड़क मार्ग से जोड़ने के मकसद से स्वीकृत की गई है, लेकिन इस परियोजना का भी काम अब तक केंद्र सरकार की फाईलों में ही कैद होकर रह गया है। राज्य की महानदी, इंद्रावती, अरपा, खारून, शिवनाथ समेत अन्य बड़ी नदियों को जोड़कर इन नदियों में जल प्रवाह को अविरल बनाए रखने तथा वर्षा जल के अधिकाधिक उपयोग की परियोजना भी अधर में लटकी नजर आ रही है।

  • चार साल से अटका है वाशिंग लाईन निर्माण का काम

जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाईन निर्माण के काम को केंद्र सरकार ने चार साल से अटका रखा है। बस्तर के सांसद दीपक बैज की पहल पर केंद्र सरकार ने वाशिंग लाईन निर्माण की स्वीकृति दी थी। यहां सन 2018 में वाशिंग लाईन का निर्माण रेलवे ने प्रारंभ किया था, पर उसे आधा अधूरा छोड़ दिया गया है।वाशिंग लाईन का काम चार साल से बंद पड़ा है। सोमवार को लोकसभा में सांसद बैज ने इस मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाया था। सदन में उन्होंने कहा कि जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन का निर्माण हो जाने से यहां से चलने वाली और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की सफाई धुलाई करने का प्रस्ताव पूर्व तट रेलवे का था। इससे स्थानीय लोगो को रोजगार का अवसर मिलता, लेकिन यह कार्य अधर में लटकाकर रख दिया गया है। सांसद दीपक बैज ने सदन में इस बात पर चिंता जताई कि केंद्र सरकार के 2023 -34 के आम बजट में भी छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्टेशन पर वाशिंग लाईन के अधूरे निर्माण को पूर्ण कराने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बैज ने केंद्र सरकार से मांग की कि जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाईन का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए।

छग के सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण

एक तरफ तो केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के लिए खुद के द्वारा स्वीकृत महति परियोजनाओं को लंबित करती जा रही है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में स्थापित अपने नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निजी क्षेत्र के हवाले करने पर आमादा है। भारतीय इस्पात प्राधिकरण ( सेल ) के भिलाई इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में दिए जाने की चर्चा आम रही है। इस संयंत्र की कई यूनिटों के काम को निजी हाथों में सौंपा भी जा चुका है। अब बस्तर में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम ( एनएमडीसी ) द्वारा बस्तर संभाग के नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र के भी निजीकरण की तैयारी पूरी कर ली गई है। खबर है कि नगरनार इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में देने की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं, केवल विधिवत घोषणा बाकी है। नगरनार इस्पात संयंत्र बस्तर में स्थापित इकलौता बड़ा उद्योग है, जिससे बस्तर के पढ़े लिखे आदिवासी युवाओं, मजदूरों, छोटे उद्यमियों और नगरनार संयंत्र के निर्माण में अपनी कृषि भूमि गंवा बैठे किसानों की संतानों को रोजगार की उम्मीद थी। लोगों की इस उम्मीद को भी तोड़ने पर केंद्र सरकार तुल गई। नगरनार संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ बस्तर सांसद दीपक बैज लोकसभा में आवाज उठा चुके हैं। श्री बैज ने कहा है कि यह संयंत्र बस्तर और छत्तीसगढ़ की संपत्ति है, इससे बस्तरवासियों की भावनाएं और आकांक्षाएं जुड़ी हुई हैं। बैज ने कहा कि बस्तर के लोगों की भावनाओं और आकांक्षाओं के साथ केंद्र सरकार खिलवाड़ न करे।

नहीं बिकने देंगे नगरनार इस्पात संयंत्र को : जैन

नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ शुरू से मुखर रहे जगदलपुर के विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन इस संयंत्र को बेचे जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सीधी चुनौती दी है। जैन ने कहा है कि यह न सिर्फ जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र का मामला है, बल्कि इससे समूचे बस्तर की जनभावना जुड़ी हुई है। नगरनार समेत नौ ग्राम पंचायतों के आदिवासी किसानों ने संयंत्र स्थापना के लिए अपनी उपजाऊ जमीन सिर्फ मुआवजा पाने के लिए नहीं दी है, बल्कि उन्होंने संयंत्र में अपनी संतानों और अंचल के मजदूरों को रोजगार मिलने का सपना भी संजो रखा है। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि संयंत्र के निजीकरण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर घट जाएंगे और बाहरी लोगों की घुसपैठ बस्तर में बढ़ जाएगी। इससे बस्तर की आदिम संस्कृति भी खतरे में पड़ जाएगी। जैन ने साफ शब्दों में कहा है कि नगरनार इस्पात संयंत्र की नीलामी में भाग लेने वाले किसी भी बोलीदार को बस्तर की जमीन पर पैर भी रखने नहीं दिया जाएगा। बस्तर की अस्मिता से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

छ्ग के साथ भेदभाव न करे केंद्र सरकार : बैज

बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने कहा है कि केंद्र सरकार को दलगत राजनीति और बदले की भावना से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। केंद्र सरकार ने जिस तरह से छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत परियोजनाओं का काम रोक रखा है, उससे तो यही लगता है कि केंद्र की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों से बदला ले रही है। सांसद बैज ने कहा कि पंद्रह सालों तक छत्तीसगढ़ की सत्ता में रही भाजपा को राज्य की जनता ने उखाड़ फेंका है, जिसकी बौखलाहट में केंद्र की भाजपा सरकार ऐसा कर रही है। बैज ने कहा जिन राज्यों में चुनाव के दिन करीब रहते हैं, उन राज्यों पर केंद्र सरकार कुछ ज्यादा मेहरबान हो जाती है। छत्तीसगढ़ में भी जैसे ही चुनाव के दिन नजदीक आएंगे, यहां की तमाम रुकी हुई परियोजनाओं पर काम शुरू करा दिया जाएगा। बैज ने कहा कि लगता है चुनाव की प्रतीक्षा में बैठी भाजपा शासित केंद्र सरकार ने इसी मकसद से परियोजनाओं को रोक रखा है। सांसद दीपक बैज ने रेल कॉरिडोर, चतुर्भुज सड़क परियोजना, नदियों को जोड़ने की परियोजना, जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाईन निर्माण के कार्यों को जल्द अंजाम तक पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का विरोध भी किया है।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने समर्थकों के साथ शंकराचार्य का किया पुरजोर स्वागत

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  • बस्तर सीमा पर धनपूंजी में लिया आशीर्वाद
  • विधायक कार्यालय के सामने वाहनों पर की पुष्प वर्षा
  • शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थक

जगदलपुर संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों लोगों ने पुरी के गोवर्धन के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी का बस्तर प्रवास पर पुरजोर तरीके से स्वागत किया। देर शाम ओडिसा से बस्तर आगमन पर सरहदी गांव धनपूंजी पहुंचने पर विधायक जैन ने शंकराचार्य जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। जगदलपुर पहुंचने तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसे गांवों मारकेल, सेमरा, खूंटपदर व आडावल में विधायक जैन के समर्थकों ने ग्रामीणों के साथ शंकराचार्य जी के वाहन पर पुष्प वर्षा की।

कुछ ऐसा ही पुरजोर स्वागत जगदलपुर स्थित विधायक कार्यालय के समक्ष किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचे कार्यकर्ता भी थे। विधायक कार्यालय के समक्ष शाम साढ़े सात बजे हर्षित- प्रफुल्लित कांग्रेसजनों ने शंकराचार्य जी के साथ आदित्यवाहिनी व आनंदवाहिनी के पदाधिकारियों व सदस्यों के वाहनों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान रेखचंद जैन के साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता व आनन्दवाहिनी के बस्तर संभाग अध्यक्ष पं उमाशंकर शुक्ल, पुलक भट्टाचार्य, रामशंकर राव, मिन्टू कर, होरी मंडल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरला तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, श्रीमती संगीता जैन, रमेश जैन, नीलम कश्यप, राजेश राय, कल्पना मेश्राम, शहनाज बेगम, कनकदेई नाग, सुनीता सिंह, सायमा अफरोज, कोमल सेना, पापिया गाईन, कौशल नागवंशी, सुरेन्द्र झा, हरिश साहू, गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, सूर्या पानी, यशवंत ध्रुव, सुशीला बघेल, लता निषाद, विजय सिंह, कुलदीप भदौरिया, विनोद कुकड़े, संदीप, अवधेश झा, बबली, धीरज पटेल समेत शहर व गांव के अनेक गणमान्य जन, पार्टी कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद थे।

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