बालोद ।जगन्नाथ साहू
कलेक्टर रानू साहू ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों में भोजन, पानी, बिजली आदि मूलभूत व्यवस्था सुनिश्चित करें। उप संचालक पंचायत हेमंत ठाकुर ने बताया कि जिले में 1500 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें कमरों की संख्या 5,630 और क्षमता 28,101 लोगों को रखने की है। उन्होंने बताया कि विकासखण्ड बालोद में 123, विकासखण्ड डौण्डीलोहारा में 381, विकासखण्ड गुण्डरदेही में 614, विकासखण्ड गुरूर में 148 और विकासखण्ड डौण्डी में 211 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। इसी प्रकार नगर पंचायत गुण्डरदेही में सात, नगर पंचायत अर्जुन्दा में एक, नगर पंचायत चिखलाकसा में दो, नगर पालिका बालोद में एक, नगर पालिका दल्लीराजहरा में आठ, नगर पंचायत डौण्डी में एक, नगर पंचायत गुरूर में दो और नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में एक क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। उप संचालक पंचायत श्री ठाकुर ने बताया कि सभी क्वारेंटाइन सेंटर की आॅनलाईन एण्ट्री की गई है। क्वारेंटाइन सेंटर में जोनल अधिकारी, केन्द्र प्रभारी और उप केन्द्र प्रभारी की नियुक्ति की गई है।
जानिए जिले में 28000 लोगों के लिए कहां कहां बनाये गये क्वारेंटाइन सेंटर
नमक कमी अफवाह का नमक हराम कौन ? “लाख जतन बावजूद अधिक कीमत में बेचा जा चुका प्रतिबंधित सामग्री “।
डौंडी । गोरेलाल सोनी
सब्जी की स्वाद में सबसे अहम वस्तु की अचानक साल्टेज होने की अफवाह खबर ने कल जिले सहित राज्य राजधानी को भी बेमतलब सकते में डालने की कोशिश की गई। जिससे अफवाह फैलाने वालों की नापाक मंसूबे स्पष्ट समझा जा सकता है, लेकिन फेक अफवाह फैलाने वालों पर इंटिलेज की पैनी नजर रखने की बात कही जाने पर सोचनीय विचार रखना निहायत जरूरी होता जा रहा है।
गौरतलब है कि सोमवार को बालोद, दुर्ग व अन्य जिलों सहित राजधानी रायपुर में भी नमक साल्टेज की अफवाह जंगल की आग की तरह तेजी से फैल गयी।
जिसके कारण इस अफवाह से बेखबर कुछ लोग तेजी के साथ नमक पैकेट खरीदने भी दुकानों में पहुंचने लग गए। हालांकि प्रशासन द्वारा नमक की जरा भी किल्लत इस लाकडाउन में नही होने की सूचना देने की बात राहत की खबर रही। लेकिन इस अफवाह ने कई सवाल भी खड़े किये वह यह कि जब राज्य सरकार प्रत्येक बीपीएल राशन कार्ड धारियों को मुफ्त दो किलो नमक पैकेट उपलब्ध करा रहा और प्रत्येक किराना दुकानों में नमक की उपलब्धता इफरात है। तो फिर ये अफवाह के पीछे किसका और क्या मकसद पैदा हुआ। जबकि शासन प्रशासन अफवाह फैलाने वाले फेक न्यूज पर निगाह रखने की बात कहती आ रही ।
इससे पूर्व भी लाकडाउन से सालों पहले इंसानों में धीमा जहर का कारण जर्दायुक्त पान मशालों व पर्यावरण का घातक प्लास्टिक पेलोथिन पर पूर्ण प्रतिबंध बावजूद क्रय विक्रय होना। तथा लाकडाउन में प्रतिबंध लगाने बाद भी छुपे रुस्तम गुडाखु, तम्बाखू, बीड़ी, सिगरेट, जर्दा गुटका आदि 50व अधिक दामो में विक्रय किया जाना किसकी दूरदर्षिता सोच का परिणाम को दर्शा रहा है। हालांकि प्रशासन को जहां भी इस तरह की विक्रय होने की जानकारी या शिकायत प्राप्त हुई उन्होंने कार्रवाई भी किया है।बात की जाए मंझोले व्यापारीयों की तो उन्होंने ने भी बड़े कालाबाजारियों से मिल रही इन सामाग्रियों को क्रय कर आगे छोटे दुकानदारों को विक्रय कर अपना लाभ चाहा है। किंतु सबसे बड़े मछलियों को किसका शह रहा यह तो प्रश्न का प्रश्न ही है। किन्तु राज्य में बात अब नमक तक आ पहुँची इस अफवाह का दोषी कौन है।
Breaking – Lockdown 4th 18 मई – नए रंग रूप एवं नियम के साथ
PM Modi ने 20 लाख करोड़ के पैकेज का किया ऐलान – प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया कुटीर,गृह,लघु उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने,देश के श्रमिक किसान के लिए,देश के मध्यम वर्ग के लिए,भारत के उद्योग जगत के लिए|
पीएम नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए ये बताए 5 मजबूत स्तंभ.. इन 5 स्तंभों पर खड़ी होगी आत्मनिर्भर भारत की भव्य इमारत
- इकोनॉमी
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- हमारा सिस्टम
- डेमोग्राफी (आबादी)
- मांग (Demand)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में यह साफ किया कि अब लोगों की जिंदगी पहले के मुकाबले बदल गई है और अब उन्हें लंबे समय तक कोरोना के साथ ही जीना होगा। पीएम मोदी ने कहा, ‘लॉकडाउन का चौथा चरण पूरी तरह नए रंग रूप और नए नियमों वाला होगा। राज्यों से मिल रहे सुझावों के आधार पर लॉकडाउन 4 की जानकारी 18 मई से पहले दी जाएगी। नियमों का पालन करते हुए हम कोरोना से लड़ेंगे भी और आगे भी बढ़ेंगे। जो हमारे वश में है जो हमारे नियंत्रण में है वही सुख है। आत्म निर्भरता हमें सुख और संतोष देने के साथ सशक्त करता है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को 130 करोड़ देशवासियों से शक्ति मिलेगी। यह युग हमारे लिए नूतन प्रण और नूतण पर्व होगा। नई संकल्प शक्ति लेकर हमें आगे बढ़ना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना वायरस की महामारी का मुकाबला करते हुए दुनिया को चार महीने बीत गए है. इस दौरान दौरान तमाम देशों को42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं जबकि करीब पौने तीन लाख लोगों की मौत हुई है. उन्होंने इस महामारी से लड़ने की भारत की इच्छाशक्ति का भी खास उल्लेख किया. आज राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि हमें कोरोना वायरस के वैश्विक संकट को विस्तार से देखने का मौका मिला है, इससे जो स्थितियां बन रही है हम इसे देख रहे हैं और सामना भी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दुनियाभर में यह बात आम है कि 21वीं सदी भारत की है. यह सपना ही नहीं. हम सभी की जिम्मेदारी है.
हैदराबाद से पहूचे 44 श्रमिकों को रखा गया कोरेन्टाईन में
बालोद । जगन्नाथ साहू
राज्य शासन की पहल पर बालोद जिले के श्रमिकों को भी आज विषेष ट्रेन से हैदराबाद से दुर्ग तक लाया गया। डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी भूपेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि दुर्ग में श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और लंच पैकेट प्रदान कर दो बसों से बालोद जिले के लिए रवाना किया गया। जिसमें बालोद के 3, गुरूर के 13, गुण्डरदेही के 14 और डौण्डीलोहारा के 16 कोरेन्टाईन में रखा गया हैं।
कलेक्टर रानू साहू के मार्गदर्शन में श्रमिकों को दो बसों से पहुॅचाया गया। एक बस से गुण्डरदेही और गुरूर विकासखण्ड के श्रमिकों को पहुॅचाया गया और दूसरे बस से बालोद और डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के श्रमिकों को पहुॅचाया गया। बालोद और डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के श्रमिकों का सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में हैण्ड सेनेटाईज कराकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। श्रमिकों को निर्धारित अवधि तक क्वारेंटाइन सेंटर में रहने के निर्देश दिए गए।
श्रमिकों ने अपने गृह ग्राम रवानगी के समय राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसडीएम सिल्ली थामस, तहसीलदार रश्मि वर्मा सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
Breaking दल्ली राजहरा में महाराष्ट्र से पहुंचा युवक, मोहल्ले में दहशत
दल्लीराजहरा के वार्ड 2 कच्चे दफाई में एक व्यक्ति महाराष्ट्र में मजदूरी करने गया था और सरकारी मदद के भरोसे इंतजार में था जब कोई पूछ परख न पाकर खुद के बलबूते वह शासन को बिना सूचना दिए अपने घर पहुँच गया जब मोहल्ले में पता चला तो हड़कंप मच गया क्योकि शासन के निर्देशानुसार 14 दिन क्वारेंटाइन में रहने के बाद और मेडिकल चेकअप के उपरांत ही अपने घर जा सकता है अभी मौजूदा परिस्थिति में बालोद जिला ग्रीन जोन में है यदि वह व्यक्ति पॉजिटिव निकलता है तो कितने लोग संक्रमित होंगे इसका अंदाजा लगा सकते है |
जानकारी मिली है कि स्वास्थ्य अमला की टीम अभी तक नहीं पहुंची है कल तक पहुँचने का अंदेशा है |
कलेक्टर द्वारा कालाबाजारी करने पर पकड़ आने वाले को की दुकान सील करने का आदेश एवं दुकानदार को गिरफ्तारी
वैश्विक महामारी कोरोना के संकटकाल में संक्रमण को रोकने हेतु प्रशासन प्रयासरत है जिसके कारण ट्रांसपोर्ट की सुविधा बाधित हो रही है और तय समय पर सामान न पहुँच पाने या देरी हो जाने की वजह से व्यापारी वर्ग ज्यादा कमाने के चक्कर में इसका गलत फायदा उठा कर दोगुने तिगुने दाम में बेच रहे है जैसा कि प्रतिबंधित सामग्री गुटखा, सिगरेट, तम्बाकू आदि |
ऐसी ही खाद्य पदार्थ नमक पर अफवाह आई कि नमक कि कालाबाज़ारी कर उसे अधिकतम कीमत में बेचा जा रहा है और कलेक्टर द्वारा जांच के आदेश दिए गए कि कालाबाजारी करने पर पकड़ आने वाले को की दुकान सील करने का आदेश एवं दुकानदार की गिरफ्तारी, आनन् फानन में जहा से शिकायत आई वहा जाकर इसकी जांच की गई तो पता चला कोरी अफवाह साबित हुई |
इस अफवाह से लोगो को फायदा जरूर होगा अब कोई भी व्यापारी खाद्य पदार्थ की कालाबाजारी या अधिक कीमत पर बेचने की कोशिश नाकाम अवश्य होगी |

खदान मुख्य महाप्रबंधक द्वारा राजहरा क्वारी में डस्ट सप्रेशन के लिए नए टेंकर फिलिंग पॉइंट का उद्घाटन
दल्लीराजहरा: शुक्रवार को खदान मुख्य महाप्रबंधक तपन सूत्रधार द्वारा राजहरा क्वारी में डस्ट सप्रेशन के लिए नए टेंकर फिलिंग पॉइंट का उद्घाटन किया गया । इस समारोह में मुख्य रूप से जीसी वर्मा, पीएम सिरपुरकर उपस्थित थे ।
खदान क्षेत्र में डस्ट से बचाव के लिए टेंकर द्वारा निरंतर पानी का छिड़काव किया जाता है, जिसके लिए राजहरा डेम साईट पम्प हाउस से पम्पिंग द्वारा लगभग 800 क्यू मीटर पानी लगता था जिसके लिए प्रतिदिन 24 -25 घंटे पम्पिंग की आवश्यकता पड़ती थी, जिसे टेंकर द्वारा बंकर के पास से भरा जाता था जो की राजहरा क्वारी से 2 किलोमीटर की दूरी पर है । एक ही फिलिंग पॉइंट होने की वजह से टेंकरों की लाइन लग जाती थी, तथा उन्हें टेंकर भरने के लिए काफी समय इंतजार करना पड़ता था । इस समस्या को देखते हुए, राजहरा महा-प्रबंधक पीएम सिरपुरकर के मार्ग दर्शन में सिविल विभाग द्वारा क्वारी से डीवाटरिंग किये जा रहे पानी का उपयोग करते हुए एक नए फिलिंग पॉइंट का निर्माण किया गया, इसमें क्वारी से निकलने वाले डीवाटरिंग पानी लगभग 400 क्यू मी का उपयोग डस्ट सप्रेशन कार्य में किया गया । इस कार्य से डेम साईट पम्प हाउस के पम्पिंग में 5 – 6 घंटे की कमी आई साथ ही प्रतिदिन 5685 रूपये की बचत हुई ।

इस उद्घाटन समारोह में खदान प्रबन्धक राकेश सिंह ,उत्पादन प्रबंधक प्रवीण राय ,सहायक महा प्रबंधक आरके गर्ग , उपमहा प्रबंधक एस आर बास्के ,सिनियर मैनेजर आरके शर्मा, व्हीके पटले, डीके देवांगन, व्ही के सिन्हा, टेमन सिंह ठाकुर, शिव चरण ठाकुर, अवध राम, दीपक, टोमन, हरीश देवांगन, रतन लाल, राजेश भुआर्य, महेंद्र लौतरे, धीरज, एवं महेश्वर उपास्थित थे ।
Breaking – दल्ली राजहरा में शराब की ऑनलाइन बिक्री शुरू
दल्ली राजहरा में सी एस एम सी एल की वेबसाइट से ऑनलाइन शराब ऑडर करने पर आपको घर पहुंचा कर मिलेगी छत्तीसगढ़ में शराब की होम डिलीवरी शुरू हो गयी है। ग्रीन जोन में होम डिलीवरी की शुरुआत के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार ने रेड जोन और आरेंज जोन में भी शराब आनलाइन मंगा सकेंगे। csmcl.in की वेबसाइट में इसकी सूचना लगातार प्रसारित हो रही है कि 8 मई से सुबह 8 बजे से आनलाइन आर्डर लोग भी शराब की कर सकते हैं।हालांकि होम डिलीवरी की शर्त ये है कि बिना आधार कार्ड के शराब की होम डिलीवरी सेवा उपलब्ध नहीं होगी। घर शराब लेकर पहुंचने वाला डिलीवरी ब्वाय पहले आपका आधार देखेगा और फिर सही पाये जाने पर ही आपको शराब की बोतल थमायेगा। दरअसल छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड की तरफ से जो होम डिलीवरी पोर्टल बनाया है, उसमें भी ग्राहक रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी गयी है।आधार कार्ड को दर्ज करने के बाद ही होम डिलीवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आधार कार्ड में दर्ज नाम के अनुरूप ही नाम दर्ज करना होगा, आधार कार्ड नंबर और जन्मतिथि को पूरा अंकित कर ही प्रोसेस आगे बढ़ेगा और होम डिलीवरी के वक्त डिलीवरी ब्वॉय के द्वारा आपसे ओटीपी प्राप्त कर डिलीवरी करेगा |

इस मोबाइल अप्प को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है इसके लिए प्ले स्टोर में CSMCL टाइप करना पड़ेगा फिर डाउनलोड करने के बाद अपना मोबाइल और पासवर्ड डालना है उसके बाद रजिस्टर पर क्लिक करना है उसके बाद जैसा की आधार कार्ड में डिटेल है उसके अनुसार नाम , संख्या , जन्म तारीख, मोबाइल न , डिलीवरी का पूरा पता , जिला , पिन कोड डालने के बाद रजिस्टर करे फिर आपको कौन सी शराब चाहिए उसका ब्यौरा दे |
आपके एड्रेस के आधार पर जब डिलीवरी बॉय आएगा तो आपके मोबाइल में एक OTP आएगा जिसे उस बॉय को बताना है और शराब की कीमत + 120 रुपये उसका डिलीवरी चार्ज आपको देना होगा |
आर्डर के लिए इस लिंक को क्लिक करें
http://csmcl.in/register/
क्वारेंटीन सेंटर स्कूलों में, मजदूरों की देखरेख शिक्षक करेंगे
रायपुर । दूसरे राज्यों में कमाने खाने के लिए गए मजदूरों की वापसी शुरू हो गई है। ट्रेन बस और पैदल से काफी मात्रा में श्रमिक दूसरे राज्यों से अपने दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों को उनके गांव के स्कूलों में ठहराया जाएगा। पहले हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों को उनके लिए तैयार किया गया था लेकिन मजदूरों की संख्या को देखते हुए स्कूल कम पड़ने लगी इसलिए प्राइमरी और मिडिल को भी क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
क्वारेंटीन सेंटरों में मजदूरों की देखरेख को लेकर शिक्षकों की ड्यूटी लगने लगी है। दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों को 14 दिन तक रखने के लिए सरकारी स्कूलों को क्वारेंटीन सेंटर बनाया गया है।जहां दो 2 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जो मजदूरों की देखरेख करेंगे।कोरोना संक्रमण रोकने के लिए स्कूलों को 13 मार्च से बंद कर दिया गया है इसके बाद शिक्षकों की छुट्टी लग गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने कंटेनमेंट जोन में बुखार खांसी और सांस लेने में तकलीफ के लक्ष्यों वाले व्यक्तियों का पता लगाने के लिए सर्वे का काम शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
File Photo
Breaking News छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रदेश सरकार ने जारी किया मोबाइल एप्प
रायपुर।अब मजदूरों को एंड्राइड मोबाइल चलाना सीखना पड़ेगा यदि उन्हें अपने प्रदेश वापस लौटना है तो | एक तरफ गरीब व असहाय मजदूर वैश्विक महामारी कोरोना के चक्रव्यूह में फंसे हुए है वही दूसरी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों अथवा चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी एप्प में एप्लाई करना होगा तभी वे वापस आ सकते है, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस एप्प का लिंक जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 4 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को कन्फर्म कर दिया है। इन ट्रेनों में आने इन लोगों को इन ट्रेनों में अन्य राज्यों में फंसे में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों अथवा चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों को ही सफर की अनुमति होगी।
राज्य सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए ऑनलाइन लिंक जारी किया है
http:cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx
इस लिंक में एप्लाई कर लोग इन ट्रेनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आ सकेंगे।
इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 9109849992,7587821800,7587822800,9685850444,9109283986 तथा 8827773986 पर संपर्क किया जा सकता है।



