दल्ली राजहरा–गत दिनों बालोद में आयोजित राज्य स्तरीय स्ट्रेन्थ लिफ्टिंग में शामिल होने वाले राजहरा नगर के शहीद वीर नारायण सिंह व्यायाम शाला के खिलाडी दल्ली राजहरा जामा मस्जिद के पूर्व सदर मरहुम नईमुद्दीन खान के छोटे बेटे नजीम खान (सोनू) ने 625 किलोग्राम वजन उठा कर गोल्ड मेडल अर्जित किया। नजीम खान (सोनू) के गोल्ड मेडल हासिल करने पर दल्ली राजहरा नगर के मुस्लिम समाज की ओर से सदर शेख नय्युम ने नजीम खान (सोनू) और उनके परिवार को बधाई दी है। नजीम खान (सोनू) मुम्बई के कई टीवी सीरियल, वेब सीरिज व मॉडल के रूप में कार्य कर चुके हैं व नजीम खान के द्वारा समाजसेवी कार्यों में भी शुरू से बढ़ावा रहा है |
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ देवेंद्र माहला ने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा चुनाव में पुरा पुरा धान लेने के अपने वादे के विपरित जा रही है कांग्रेस सरकार अपने वादे के अनुसार किसानों के एक एक दाने को खरीदी के वादे करने वाली सरकार आज किसानों का रकबा कम कर रहा है वही आज किसानों के धान को खरीदने में एक माह का लेट लतीफी किया और अब जाकर धान खरीदी शुरू भी किया तो आधे अधूरे व्यवस्था के साथ किसानों को अपने मेहनत की कमाई फसल को भी बेचने के लिए भी काफी मस्कत करना पड़ रहा है धान बेचने से पहले टोकन कटाने को लेकर मस्कत उसके बाद बोरा कट्टा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है सरकार जिस कट्टे को पच्चिस रुपये मे खरीद रही है उसी कट्टे को किसान मजबूरी में बाजार से चालीस से पैतालिश रुपये में खरीदने को मजबूर हो गये हैं आज सरकार का रवैया देखकर लगता हैं की किसानों का फसल को सरकार मजबूरी में ले रही हैं इसी लिए तो आज किसानों को परेशान होना पड़ रहा हैं यही रवैया पहले कांग्रेस की जोगी सरकार ने अपनाया था जो किसानों के धान को भिगो भिगो कर खरीदी करते थे जिसे चुनाव में किसानों ने सबक सिखा दिया यही हालत भूपेश सरकार का भी होने वाला हैं |
घटना जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कन्हार गांव धौड़ाई थाना परिक्षेत्र की है जहाँ बारसूर मुख्य मार्ग में कन्हार गांव के 17 वर्षिय युवक रिंकू यादव/मृत अवस्था मे पाया गया। मृतक के गले पर रस्सी के निशान पाये जाने के चलते कोतवाली पुलिस मौत का कारण गला घोंटकर मारने को मान जांच में जुट गई है ।
परिजनों ने बताया कि मृतक रिंकू यादव बीती रात 09 बजे रात के खाने के बाद बिना बोले घर से चला गया था फिर सुबह उसकी मृतक पाये जाने की खबर गांव के एक व्यक्ति ने घर आकर दी जिसके बाद घटना की जानकारी पास के पुलिस थाना में दी गई।
आपसी रंजिश का मामला समंझ पुलिस कर रही जांच जल्द धरे जाएंगे गुनहगार:- अभिषेक पैकरा (अनुमंडल पुलिस अधिकारी धौड़ाई)- मीडिया को जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस अधिकारी अभिषेक पैकरा ने बताया कि मामले की जानकारी परिवार जनों के माध्यम से संबंधित थाने को हुई जिसके पश्चात पुलिस कर्मी घटनास्थल में पहुंचकर शव को अपने अधीन लिया और रिपोर्ट बना पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल नारायणपुर भेजा गया है। मृतक का नाम रिंकू यादव/ पिता सुधरु राम है। जानकारी देते हुए एसडीओपी पैकरा जी ने बताया की मृतक के गले मे रस्सी के निशान स्पस्ट दिख रहे हैं जिस वजह से दम घुटने से मृत्यु हुई होगी प्रथम दृष्टया आपसी रंजिश को कारण मान अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जा रही। गुनहगारो को जल्द से जल्द पकड़ने पुलिस प्रतिबद्ध है ।
भारतीय जनता पार्टी अनु. जनजाति मोर्चा बालोद जिलाध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे ने कहा है कि तमाम प्रयोगों के बावज़ूद प्रदेश में अपराधों का लगातार बढ़ना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार के तमाम फ़रमान और प्रयोग पूरी तरह तुग़लक़ी साबित हो रहे हैं और प्रदेश सरकार आपराधिक तत्वों को छत्तीसगढ़ में ज़ंगलराज चलाने की खुली छूट देकर चुनावी नौटंकियों और सियासी लफ़्फ़ाजियों में मशगूल है।
ध्रुवे ने कहा कि जो सरकार अपने क़ानून के रखवाले पुलिस जवानों की हिफ़ाजत तक नहीं कर पा रही है, वह प्रदेश के क़ानून-पसंद और शांतिप्रिय नागरिकों की सुरक्षा क्या ख़ाक करेगी?
ध्रुवे ने कहा कि प्रदेशभर में आपराधिक तत्वों को सत्तावादी राजनीतिक संरक्षण में अपना आतंकराज चलाने की दे दी गई छूट का ही यह दुषपरिणाम है कि अब आम आदमी के साथ-साथ क़ानून के रखवालों की जान भी साँसत में पड़ी हुई है।
कोरबा में शराबियों ने पुलिस टीम पर हमला और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के गौरेला थाने में पदस्थ एसआई पर तलवार से किए गए हमले की वारदातों का ज़िक्र करके ध्रुवे ने कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था के बिगड़े हालात का इससे अधिक शर्मनाक मामला और क्या हो सकता है?
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पुलिस अफ़सरों के सामने ही दहाड़ मार रहे हैं और गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू स्मार्ट पुलिसिंग के जुमले का शोर मचा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी तौर पर क़ानून-व्यवस्था को अंगूठा दिखाकर अपराधी प्रदेश सरकार के सामने रोज चुनौती पेश कर रहे हैं और अपनी वारदातों को खुलेआम अंजाम देकर ‘नए डीजीपी का स्वागत’ कर रहे हैं।
हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती, अपहरण, मानव तस्करी, चाकूबाजी लजैसे अपराध तो अब प्रदेश में अब इस तरह से अंजाम दिए जा रहे हैं, मानो प्रदेश सरकार ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के बजाय ‘गढ़बो नवा अपराधगढ़’ के लिए प्रतिबद्ध हो चली है।
ध्रुवे ने कहा कि प्रदेश में पुलिस पर हमलों की यह कोई पहली वारदात नहीं है। राजधानी समेत प्रदेश के कई स्थानों पर पुलिस के लोगों को अपनी जान बचाकर भागने के लिए विवश होना पड़ा है। यह स्थिति प्रदेश सरकार के लिए कलंकपूर्ण है।
नई दिल्ली। लोकसभा में बीती लगभग आधी रात बस्तर सांसद दीपक बैज ने नियम 193 के तहत देश में बढ़ते कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से बचाव हेतु अपनी बात दमदारी से रखते हुए केंद्र सरकार को जमकर घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश को संकट में डालने का काम किया है। बस्तर सांसद बैज ने वैश्विक महामारी कोविड-19 से उत्पन्न गम्भीर स्थिति का जिम्मेदार केंद्र सरकार को बताया। सांसद बैज ने सभापति के माध्यम से केंद्र सरकार को घेरते हुवे कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया क्योंकि यह बीमारी बाहरी देश से आई हुई बीमारी है। जब कोविड -19 हमारे देश में आया भी नहीं था, तब हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा था कि इस बीमारी को केंद्र सरकार गम्भीरता से लेकर उचित पहल करे। देश इस बीमारी से संकट में आएगा परन्तु यह सरकार गम्भीर नहीं हुई और पूरे देश को संकट में डालने का काम किया। वही जब कोविड-19 की पहली लहर आई तब सरकार ने आनन फानन में असफल लॉकडॉउन लगाया। सरकार द्वारा लॉकडॉउन लगाना सही है किंतु इस सरकार ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से, न ही जनप्रतिनिधियों से सलाह ली और न ही विपक्षी पार्टियों से कोई सलाह मशवरा किया। इस सरकार को यह भी नहीं मालूम था कि इस देश के कितने मज़दूर अपने प्रदेश से आकर अन्य प्रदेश में फंसे हुए हैं। जब लॉकडॉउन लगाया गया था तब यह मज़दूर 8-10 दिन तक इंतजार में बैठे रहे, परन्तु बढ़ते लॉकडॉउन में मजबूर यह मज़दूर असहनशीलता व सुविधाओं के अभाव में पैदल चलने को मजबूर हो गए, न ही इन मज़दूरों के पास खाने को खाना था न पीने को पानी था। न पैर में जूते, न ही चप्पल। बेघर मज़दूरों के पैरों में छाले पड़ गए जो कि केंद्र सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। जब देश की जनता इस वैश्विक महामारी कोविड-19 से जूझ रही थी, तब सरकार ने जनता को सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया। सांसद बैज ने आगे कहा कि इस सरकार ने देश की जनता से ताली, थाली बजवाई, अगरबत्ती, टॉर्च जलवाया, न जाने क्या क्या करवाया। इससे न ही कोरोना भागा न ही कोरोना खत्म हुआ, जो कि सिर्फ इस सरकार की जुमलेबाजी साबित हुई है और इस तरह केंद्र सरकार पूरी तरह नाकाम रही।
सांसद बैज ने कहा कि जब कोविड-19 की दूसरी लहर आई तो देश को तहस नहस करके रख दिया। सरकार को पहले से ही दूसरी लहर की आशंका थी, तब भी यह सरकार गम्भीर नही थी, क्योंकि सरकार चुनाव की तैयारी कर रही थी। जब देश की जनता कोविड-19 से लड़ रही थी तब पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इनका मंत्रिमंडल चुनाव की तैयारियों पर लगे हुवे थे। देश के अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं थी, मरीजों के लिए न ही वेंटिलेटर थे और न ही आक्सीजन की उपलब्धता थी। लोग सड़कों पर मरीज बनकर पड़े हुए थे किंतु सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा था और इस सरकार को जनता की बिल्कुल चिंता नहीं थी। सांसद बैज ने कहा कि इस देश में ऐसी तस्वीर भी सामने आई जब एक महिला अपने पति को बचाने के लिए अपने मुंह से सांस देती रही फिर भी वह अपने पति को नहीं बचा पाई और हमारे प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में भाषण देते रहे।उत्तरप्रदेश में लाशों का ढेर लग गया, उन्हें दफनाने, जलाने के लिए जगह नहीं थी। कुत्ते लाश को नोचते रहे और इस स्थिति को पूरे देश ने देखा है। जिसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।जब केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीनेशन का कार्य राज्य सरकारों के ऊपर छोड़ दिया गया और न ही वैक्सीन दिया गया। मैं धन्यवाद देता हूँ हमारे छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को, जिसने सबसे पहले प्रदेश की जनता को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया और केंद्र सरकार से वैक्सीन खरीदकर छत्तीसगढ़ में वैक्सीनेशन का कार्य करवाया और पूरे प्रदेशो के दबाव में आकर आपने वैक्सीन देने का काम किया। सांसद बैज ने सभापति से आगे कहा कि कोविड-19 से गम्भीर स्थिति का एक उदाहरण मेरे लोकसभा क्षेत्र का भी है। मेरे लोकसभा क्षेत्र में एक टीचर जब कोविड पॉजिटिव हुआ तब उसकी पत्नी को भी घर पर क्वारेंटाइन किया गया था, जब टीचर पति की मौत हुई तब पति की मौत के सदमे से पत्नी की भी मौत हो गई,और इंनकी दो बच्चियां भी थी, जिनको यह भी नहीं पता कि अब इस दुनिया में हमारे माता पिता नहीं रहे। सबेरे तक बच्चियां रोती रही। ऐसी हालत को हमने अपने क्षेत्र व छत्तीसगढ़ में भी देखा है और इस स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महतारी दुलार योजना के तहत उन दोनों बच्चियों का खर्च उठाने का निर्णय लिया। सरकार के अनुसार तीसरी लहर आने वाली है। बच्चों के लिए सरकार ने क्या तैयारी की है? इस सरकार को यह बताना चाहिए। सांसद बैज ने कहा कि सामने उत्तरप्रदेश का चुनाव है। सरकार का मिशन यूपी चुनाव में भाषण देने का तो नहीं है? देश दूसरी लहर से पहले ही डरा हुआ है। ओमिक्रोन की दस्तक व तीसरी लहर को अनदेखा न कर केंद्र सरकार को गम्भीरता से लेना चाहिए। अपनी नाकामी छुपाने देश के टीवी पर आकर रोने औऱ बोलने से कुछ नहीं होगा, इससे देश नही चलता। इसकी पूरी जिम्मेदारी आपको उठानी पड़ेगी।
संसदीय सचिव रेखचंद जैन गुजरात के वरिष्ठ विधायक अश्विन कोतवाल जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा एवं महापौर सफीरा साहू ने बस्तर हाई स्कूल में किया सायकिल वितरण एवं ऊर्जा कक्ष का लोकार्पण
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, गुजरात के वरिष्ठ विधायक अश्विन भाई कोतवाल महापौर सफीरा साहू नगर निगम की सभापति कविता साहू शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा एवं शाला विकास समिति के अध्यक्ष अनवर खान ने आज शहर के सबसे पुराने शासकीय बहुदेशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सरस्वती साइकिल वितरण एवं उर्जा कक्ष के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की यह मेरा सौभाग्य है की मैं इसी स्कूल से पढ़ाई कर आज इस मुकाम तक पहुंचा हूं उन्होंने अपने स्कूल के दिनों के शिक्षकों को याद करते हुए कहा की शिक्षकों की सीख एवं अनुसाशन का परिणाम है की आज तक उनकी सिखाई बात याद है उन्होंने कहा की बालिकाओं की शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है और यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की मंशा अनुरूप बालिकाओं के शिक्षा में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी |
इस अवसर पर उपस्थित गुजरात के वरिष्ठ विधायक अश्विन भाई कोतवाल ने संबोधित करते हुए कहा की छत्तिसगढ बस्तर और जगदलपुर में मुझे भरपूर प्यार और सम्मान आप लोगों के द्वारा मिला है आपके लोकप्रिय विधायक रेखचंद जैन जी के द्वारा मुझे बताया गया की मैं जिस स्कूल में पढ़ा हूं वहीं आज मुख्य अतिथि बनकर जाना है अतः आप सभी के मध्य उपस्थित होकर मुझे अपार हर्ष हो रहा है मैं सभी बच्चियों के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं |
इस अवसर पर उपस्थित शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा की हमारी सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है और बच्चियों को स्कूल आने में परेशानी ना हो इसलिए उन्हें सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल प्रदान की जा रही है |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने के साथ गुजरात के खेड ब्रम्हा के वरिष्ठ विधायक अश्विन भाई कोतवाल,शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर सफीरा साहू नगर निगम की सभापति कविता साहू,शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवं शहर जिला महामंत्री अनवर खान,शाला विकास समिति के सदस्य मोइन अख्तर, अपर्णा बाजपेई, अफरोज बेगम, कौशल नागवंशी, अवधेश झा,प्रवीण जैन, अमित जैन, चंद्र भान झाड़ी समेत जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान,खंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज,उप खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन शाला प्राचार्य राम कुमार राव समेत शाला के शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे |
दिव्यांगजनों के कल्याण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार
राष्ट्रपति के हाथों छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेेंड़िया ने ग्रहण किया अवार्ड
मुख्यमंत्री बघेल ने दी बधाई
रायपुर – दिव्यांगजनों के कल्याण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाज़ा गया है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को यह अवार्ड प्रदान किए। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने राष्ट्रपति के हाथों ये पुरस्कार ग्रहण किए। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक पी. दयानन्द, उप सचिव राजेश तिवारी, संयुक्त संचालक पंकज वर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए सभी श्रेणियों के विजेताओं को बधाई देते हुए आगे भी दिव्यांगजनों के हित में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
बेस्ट ब्रेल प्रेस की श्रेणी में बिलासपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित ब्रेल प्रेस को उत्कृष्ट कार्यों के लिए, स्थानीय निकाय की श्रेणी में नया रायपुर, अटल नगर विकास प्राधिकरण को विकलांग व्यक्तियों के लिए अवरोध मुक्त वातावरण के निर्माण के उत्कृष्ट कार्य के लिए और दिव्यांगजन को स्वरोजगार के लिए सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता और प्लेसमेंट अधिकारी/एजेंसी की श्रेणी में निजी या गैर-सरकारी संगठन या कार्यालय के लिए समता कॉलोनी रायपुर के नुक्कड़ टी कैफे वेंचर्स एलएलपी को सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को ब्रेल लिपि में पाठ्य पुस्तक, साहित्य एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकों के साथ ही सुगम्य पुस्तकालय अंतर्गत ई-पुस्तकालय में ऑनलाइन शिक्षण में उल्लेखनीय कार्य के लिए ब्रेल प्रेस बिलासपुर को नेशनल अवार्ड मिला है। बिलासपुर स्थित ब्रेल प्रेस ने दृष्टिबाधितों के लिए पाठ्य सामग्री, साहित्य तैयार करने के साथ निर्वाचन हेतु मतपत्र तैयार किया हैं। इसके साथ ही ब्रेल प्रेस की दृष्टिहीनों के लिए ऑनलाइन पुस्तकालय की सुविधा से विद्यार्थियों को कोरोना काल में बहुत मदद मिली है। इसके अलावा नवा रायपुर अटल नगर में दिव्यांगजनों के लिए सड़क, भवन, सार्वजनिक स्थल तथा अन्य स्थानों पर बाधारहित वातावरण निर्माण करने, दिव्यांगजनों के लिए शौचालय निर्माण आदि कार्यों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। साथ ही समता कॉलोनी रायपुर में नुक्कड़ टी कैफे वेंचर्स, एल.एल.पी. द्वारा श्रवण बाधित दिव्यांग व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नुक्कड़ टी कैफे का संचालन कुशलतापूर्वक किया जा रहा है। इसमें श्रवण बाधित व्यक्तियों द्वारा जनसामान्य को अपनी सेवाएं दी जा रही है। समाज में दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक वातावरण के दिशा में उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें भी राष्ट्रीय पुरस्कार पुरस्कार प्रदान किया गया।
पूरे देश को संकट में डालने का काम केन्द्र सरकार ने किया-साँसद बैज
बस्तर साँसद दीपक बैज ने लोकसभा में नियम 193 के अंतर्गत वैश्विक महामारी कोविड-19 से उत्पन्न गम्भीर स्थिति का मुद्दा उठाया है,साँसद बैज ने वैश्विक महामारी कोविड-19 से उत्पन्न गम्भीर स्थिति का जिम्मेदार केंद्र सरकार को बताया,साँसद बैज ने सभापति के माध्यम से केंद्र सरकार को घेरते हुवे कहा..वैश्विक महामारी कोविड-19 ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया क्योंकि यह बीमारी बाहरी देश से आई हुई बीमारी है,जब कोविड-19 हमारे देश में आया भी नहीं था तब हमारे नेता राहुल ने कहा था कि इस बीमारी को केंद्र सरकार गम्भीरता से ले उचित पहल करे देश इस बीमारी से संकट में आएगा परन्तु यह सरकार गम्भीर नही हुई और पूरे देश को संकट में डालने का काम किया..वही जब कोविड-19 की पहली लहर आई तब सरकार ने आनन फानन में असफल लॉकडॉउन लगाया,सरकार द्वारा लॉकडॉउन लगाना सही है किंतु इस सरकार ने किसी भी राज्यो के मुख्यमंत्रीयो से न ही किसी जनप्रतिनिधियों से सलाह नही लिया और न ही विपक्षी पार्टियों से कोई सलाह मशवरा किया,इस सरकार को यह भी नहीं मालूम था कि इस देश के कितने मज़दूर अपने प्रदेश से आकर अन्य प्रदेश में फंसे हुए हैं,जब लॉकडॉउन लगाया गया था तब यह मज़दूर 8-10 दिन तक इंतजार में बैठे रहे,परन्तु बढ़ते लॉकडॉउन में मजबूर यह मज़दूर असहनशीलता व सुविधाओं के अभाव में पैदल चलने को मजबूर हो गए,न ही इन मज़दूरों के पास खाने को खाना था पीने को पानी नही था पैरो में जुते न ही चप्पल,बेघर मज़दूरों के पैरों में छाले पड़ गए जो कि केंद्र सरकार की सबसे बड़ी विफलता है.जब देश की जनता इस वैश्विक महामारी कोविड-19 से झूझ रहा था,तब सरकार ने जनता को सड़को पर मरने के लिए छोड़ दिया,साँसद बैज ने आगे कहा..इस सरकार ने देश की जनता से ताली,थाली बजवाया अगरबत्ती, टॉर्च जलवाया न जाने क्या क्या करवाया इससे न ही कोरोना भागा न ही कोरोना खत्म हुआ जो कि सिर्फ इस सरकार की जुमलेबाजी साबित हुई है और इस तरह केंद्र सरकार की पूरी तरह नाकाम रही.साँसद बैज ने आगे कहा..जब कोविड-19 की दूसरी लहर आई तो देश को तहस नहस करके रख दिया,सरकार को पहले से ही दूसरे लहर की आशंका थी तब भी यह सरकार गम्भीर नही थी,क्योंकि सरकार को चुनाव की तैयारी कर रही थीजब देश की जनता कोविड-19 से लड़ रहा था तब पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इनके मंत्रिमंडल चुनाव की तैयारियों पर लगे हुवे थे,देश के अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं थी मरीजो के लिए न ही वेंटिलेटर थे और न ही आक्सीजन की उपलब्धता थी लोग सड़कों पर मरीज बनकर पड़े हुए थे किंतु यह सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा था और इस सरकार को जनता की बिल्कुल चिंता नहीं थी..
साँसद बैज ने आगे कहा-इस देश में ऐसी तसवीर भी सामने आई जब एक महिला अपने पति को बचाने के लिए अपने मुंह सांस देती रही फिर भी वह अपने पति को नही बचा पाई और हमारे प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में भाषण देते रहे, उत्तरप्रदेश में लाशों की ढेर लग गई उन्हें दफनाने, जलाने के लिए जगह नहीं थी कुत्ते लाश को नोचते रहे,और इस स्थिति को पूरे देश ने देखा है जिसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है,जब केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीनेशन का कार्य राज्य सरकारो के ऊपर छोड़ दिया गया और न ही वैक्सीन दिया गया,मैं धन्यवाद देता हूँ हमारे छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार का जिसने सबसे पहले प्रदेश की जनता को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया और केंद्र सरकार से वैक्सीन खरीदकर छत्तीसगढ़ में वैक्सीनेशन का कार्य करवाया।और पूरे प्रदेशो के दबाव में आकर आपने वैक्सीन देने का काम किया |
साँसद बैज ने सभापति से आगे कहा-कोविड-19 से गम्भीर स्थिति का एक उदाहरण मेरे लोकसभा छेत्र का भी है मेरे लोकसभा छेत्र में एक टीचर जब कोविड पॉजिटिव हुआ तब उसकी पत्नी को भी घर पर क़वारेंटाइन किया गया था,जब टीचर पति की मौत हुई तब पति के मौत के सदमे से पत्नी की भी मौत हो गई,और इंनके दो बच्चियां भी थी जिनको यह भी नहीं पता अब इस दुनिया में हमारे माता पिता नही रहे सबेरे तक बच्चियां रोती रही ऐसी हालत को हमने अपने छेत्र व छत्तीसगढ़ में भी देखा है और इस स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महातारी दुलार योजना के तहत पूरा उन दोनों बच्चियों का खर्च उठाने का निर्णय लिया,सरकार के अनुसार तीसरी लहर आने वाली है.बच्चो के लिए सरकार ने क्या तैयारी किया है इस सरकार को यह बताना चाहिए,साँसद बैज ने कहा,सामने उत्तरप्रदेश का चुनाव है सरकार का मिशन यूपी चुनाव में भाषण देने का तो नही है देश दूसरी लहर से पहले ही डरा हुआ है,ओमिक्रोन की दस्तक व तीसरी लहर को अनदेखा न कर केंद्र सरकार को गम्भीरता से लेना चाहिए,अपनी नाकामी छुपाने देश के टीवी पर आकर रोने औऱ बोलने से कुछ नहीं,इससे देश नही चलता आपको इसकी पूरी जिम्मेदारी आपको उठानी पड़ेगी।
पंचायत राज अधिनियम में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि- उस ग्राम पंचायत क्षेत्र का मतदाता न रहने पर या उसके राज्य विधानसभा के सदस्य या संसद के किसी सदन के सदस्य चुने जाने पर तत्काल अपने पद पर नहीं रह जायेगा ” । परंतु पंचायत राज अधिनियम के नियम कानून को दरकिनार रखते कोंडागांव जिले के बडेराजपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत बिश्रामपुरी ब में दूसरे ग्राम पंचायत क्षेत्र के निवासी को सरपंच बनाकर रखा गया है। ग्राम पंचायत बिश्रामपुरी ब क्षेत्र के लोगों का कहना है की हमारी सरपंच शुरु से ही ग्राम पंचायत बिश्रामपुरी अ में उसका नाम बाजार पारा बिश्रामपुरी के मतदाता सूची सरल क्र.176पर अंकित है । वह रहती है ग्राम पंचायत बिश्रामपुरी अ में और सरपंच बनी हुई है ग्राम पंचायत बिश्रामपुरी ब में । उल्लेखनीय है की किसी भी पंचायत का पंच और सरपंच होने के लिए प्रथम नियम एवं शर्त होती है की वह उस ग्राम पंचायत क्षेत्र का निवासी हो पर छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत राज अधिनियम यंहा पर औचित्यहीन सिद्ध हो रहा है।
गंभीर आर्थिक अनियमितता का भी है आरोप
नगरपंचायत बिश्रामपुरी का विघटन करके नगरपंचायत के अंतर्गत 5 नवीन ग्राम पंचायत का गठन किया गया था। नगरपंचायत विघटन के पूर्व नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से नगर पंचायत बिश्रामपुरी को स्वीकृत विकास कार्यों को करवाने हेतु प्राप्त हुए लाखों लाखों रूपये का आबंटन उपहार बतौर मिल गया। जिसकी बदौलत जो निर्माण कार्य केवल नगरीय क्षेत्र में होता है वह भी ग्राम पंचायत क्षेत्र में करवा पाना संभव हो गया। नगर पंचायत बिश्रामपुरी को 2013-14में प्रदत्त धनराशि से करवाये गये कार्यों में और ग्राम पंचायत बनने के बाद विभिन्न मदों से प्रदत्त धनराशि में खुलकर गंभीर आर्थिक अनियमितता करते गुंणवत्ता विहिन निर्मांण कार्य करवाया गया। करवाये गये कार्यों का भौतिक सत्यापन करते उसके एम बी बुक की जांच करने बहुत बड़े आर्थिक अनियमितता का मामला उजागर हो सकता है।ग्राम पंचायत में बनाये गये पुष्प वाटिका , मुक्ति धाम, स्टेडियम पवेलियन उन्नयन सहित अधिकतर कामों में काम की गुणवत्ता की बजाय अधिक से अधिक लाभांश अर्जित कर लेना उद्देश्य रहा यह कामों को देखकर स्पष्ट जाहिर हो जाता है।
शौचालयों का नहीं हुआ पूरा निर्मांण
ग्रामपंचायत बिश्रामपुरी ब में ग्रामवासियों के घरों में बनवाये जाने वाले शौचालयों का निर्माण कार्य भी भ्रष्टाचार और भर्राशाही के भेंट चढ़ गया। बनवाये जा रहे शौचालय आधे अधूरे अधर में पड़े रह गये जिसके चलते आज भी लोगों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है ।जिसके चलते इसकों लेकर कलेक्टर को ग्रामवासियों ने लिखीत शिकायत प्रेषित किया है पर इन पंक्तियों के लिखे जाने तक इसकी भी जांच आरंभ नहीं हो पाई है।
राज्य में शराबबंदी का घोषणा पत्र जारी कर सत्ता में आई कांग्रेस की सरकार शराब बेचने पर आमदा है ही, अब साथ ही साथ शासकीय खर्च पर चखने दुकान भी प्रारंभ हो गए हैं। ग्राम पंचायत सिकोसा के सीमा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय देशी विदेशी शराब दुकान की बाउंड्रीवाल से लगा हुआ चखना दुकान चल रहा है ,जो अबकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। शराब दुकान में प्रतिदिन आबकारी विभाग के अधिकारियों का आना जाना रहता है, उनके आंख के सामने अवैध कारोबार चल रहा है, यह इस बात को प्रमाणित करता है कि विभाग के के संरक्षण में ही शासकीय नियम नियम कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। चखना दुकान चलाने के लिए बकायदा शराब दुकान से बिजली लिया जा रहा जिसका बिजली का भुगतान शासकीय तौर पर किया जाता है।