मावलीपदर के कांग्रेसी नेता उमेश बेसरा जिनका विगत माह मोटर सायकल दुर्घटना में निधन हो गया था उसकी पत्नी शांति बेसरा को संसदीय सचिव ने एक लाख रुपये का चेक प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी के स्वेच्छानुदान मद से स्वीकृत सहायता राशि एक लाख रुपए का चेक प्रदान कर सांत्वना दी।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम मौर्य जनपद सदस्य बनिता कौशिक, तुलाराम कश्यप,दिनमणि बेसरा, जिला महामंत्री अनवर खान, यूँका नेता अजय बिसाई, सरपंच महेश्वरी कश्यप,तिले कश्यप,सविता बघेल,मनबति कश्यप, समदास कोर्राम, कमला कश्यप,समधु राम बघेल,बलराम कश्यप, दुलार सिंह,रामनाथ नाग,मोहन ठाकुर,रामधर, सहादई नाग, बच्चा नाग,रुकधर,कमलू बघेल,दयालु राम,मनसिंग ठाकुर,सोनारू नाग,कमल साय नाग,गागरू राम,लच्छु राम,मोतीराम,राजेश दास,खगपति सेठिया, लखपति नाग,लोकनाथ पटेल,सुन्ति,सन्तु,धरमु, मोहनराम बघेल,बुदरी,गुजू राम नाग,राजकुमारी कश्यप, निर्मय नाग,पीलू राम कश्यप, सुकरू मौर्य,रैमती नाग,मोहन कश्यप, खगुराम सेठिया, बोड़का नाग,गंगा राम कोर्राम,शम्भूनाथ बेसरा, मोहन कश्यप,सुंदर कश्यप,शंकर मौर्य,गिरधर बेलसरिया,कमल बघेल राजेन्द्र त्रिपाठी,गौतम समरथ सहित कांग्रेस के कार्यकर्तागण उपस्थित थे |
ग्रामपंचायत महकापाल के ग्रामवासियों को ₹17.12 लाख रुपये की लागत से सुगम सड़क योजना के अंतर्गत जर्जर सड़क से निजात दिलाई और एक नये सड़क की सौगात दी तथा ₹5 लाख रूपये की लागत से बने बालक आश्रम महकापाल के अतिरिक्त कक्ष का उदघाटन कि संसदीय सचिव/ विधायक रेखचन्द जैन ने ग्रामपंचायत महकापाल में सुगम सड़क योजना के अन्तर्गत सड़क का भूमि पूजन किया औऱ ग्रामवासियों को एक नये सड़क की सौगात दी इस अवसर पर बस्तर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम मौर्य जनपद सदस्य तुलर कश्यप बनिता कौशिक, तुलाराम कश्यप,दिनमणि बेसरा, जिला महामंत्री अनवर खान, यूँका नेता अजय बिसाई, सरपंच महेश्वरी कश्यप,तिले कश्यप,सविता बघेल,मनबति कश्यप, समदास कोर्राम, कमला कश्यप,समधु राम बघेल,बलराम कश्यप, दुलार सिंह,रामनाथ नाग,मोहन ठाकुर,रामधर, सहादई नाग, बच्चा नाग,रुकधर,कमलू बघेल,दयालु राम,मनसिंग ठाकुर,सोनारू नाग,कमल साय नाग,गागरू राम,लच्छु राम,मोतीराम,राजेश दास,खगपति सेठिया, लखपति नाग,लोकनाथ पटेल,सुन्ति,सन्तु,धरमु, मोहनराम बघेल,बुदरी,गुजू राम नाग,राजकुमारी कश्यप, निर्मय नाग,पीलू राम कश्यप, सुकरू मौर्य,रैमती नाग,मोहन कश्यप, खगुराम सेठिया, बोड़का नाग,गंगा राम कोर्राम,शम्भूनाथ बेसरा, मोहन कश्यप,सुंदर कश्यप,शंकर मौर्य,गिरधर बेलसरिया,कमल बघेल राजेन्द्र त्रिपाठी,गौतम समरथ सहित कांग्रेस के कार्यकर्तागण उपस्थित थे |
बस्तर जिले की बहुचर्चित मामले में आदेश्वरी एकेडमी आड़ावाल के प्रबंधन सहित पुलिस विभाग को हाईकोर्ट ने नोटिस दिया है जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि मां की गुहार पर न्यायालय पसीजा और अब बेटे को इंसाफ मिलेगा।
जगदलपुर। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार हल्बा कचोरा स्थित आदेश्वर अकादमी में स्कूली बच्चे की मौत मामले को हाइकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मृतक की मां द्वारा लगाए गए रिट याचिका में सुनवाई करते हुए जज नरेंद्र कुमार व्यास ने गृह सचिव, बस्तर एसपी, टीआई व स्कूल के डायरेक्टर समेत आठ लोगों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने इस नोटिस में छह हफ्ते के अंदर मामले से सबंधित जानकारी मंगी है।मां शांताराव ने हाइकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी इसके पक्षकार को सुनने के बाद हाईकोर्ट के जज ने गृहसचिव, एसपी बस्तर, टीआई, स्कूल के डायरेक्टर मदन पारेख, कैंपस के इंचार्ज जगमोहन सोनी, रीता माने, सुनील कुमार सिंह और गौतम पारेख को नाटिस जारी किया है। जज ने सभी से छह हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है।आदेश्वर अकादमी के छात्र की संदिग्ध मौत हो गई थी जिसके बाद संस्थान से जुड़े लोगों का रसुखदार होने के बाद कथित तौर पर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी जिसके मां शांता राव ने बेटे हत्या का अंदेशा जताया था। पुलिस ने काफी दिन बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था लेकिन इन्हें जल्द जमानत मिलने के बाद वे हाइकोर्ट की शरण में पहुंची थी। इस मामले में नोटिस जारी किए जाने से संबंधित संस्थान व पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी की नेता और केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती रेणुका सिंह का इंतजार करते करते पत्रकारों ने उनकी पत्रवार्ता का बहिष्कार कर दिया। मोदी सरकार में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रही आदिवासी नेता रेणुका सिंह की आज यहां सर्किट हाउस में पत्रवार्ता के लिए मीडिया को न्यौता दिया गया था। निर्धारित समय पर पत्र्कार वहां पहुंच गए लेकिन राज्यमंत्री सर्किट हाउस में मौजूद पार्टी जनों से मिलने में व्यस्त रहीं। पत्रवार्ता के लिए जब वे काफी देर तक नहीं आईं और भाजपा के लोग यह भी नहीं बता पाए कि संवाददाता सम्मेलन में वे कब आएंगी तो नाराज होकर पत्रकाराें ने बहिष्कार कर दिया। इस दौरान वहां पूर्व मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश भाजपा महामंत्री किरण देव, पूर्व विधायक डॉ. सुभाऊ कश्यप सहित कई नेता मौजूद थे। इस घटनाक्रम को लेकर यह कहा जा रहा है कि वनांचल बस्तर क्षेत्र के लिए रेणुका सिंह की क्या कुछ विशेष योजना है, वे यहां की महिलाओं और बच्चों के लिए क्या करना चाहती हैं, अब तक क्या किया है, जैसे सवाल उनके सामने उठ सकते थे लेकिन उन्होंने पूर्व निर्धारित पत्रवार्ता को कोई महत्व नहीं दिया। लिहाजा मीडिया ने बहिष्कार कर दिया। यह भी कहा जा रहा है कि जब भाजपा को बस्तर में संवाद बढ़ाने की जरूरत है तब उसके लोग ऐसी स्थिति उत्पन्न करेंगे तो फिर भाजपा यहां क्या कर रही है और क्या करना चाहती है, यह कैसे सामने आयेगा।
टुमन लाल सिन्हा प्रभारी प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला ककरेल, विकासखंड डौंडी , जिला बालोद , छत्तीसगढ़
कहानी का जन्म कब, कैसे, कहां से हुई शुरुआत, इस पर कोई एक मत तो नहीं । पर कहानी जैसी कोई मनोरंजक , ज्ञानवर्धक , लेखन विधा कोई और नहीं । ऐसा माना जाता है कि 10 वीं शताब्दी से तेरहवीं शताब्दी के मध्य ही इस हिंदी गद्य की शुरुआत हुई थी । मनुष्य के जन्म के साथ ही साथ कहानी का भी जन्म हुआ और कहानी कहना तथा सुनना मानव का आदिम स्वााभाव बन गया । इसी कारण से प्रत्येक सभ्य तथा असभ्य समाज में कहानियां पाई जाती है । इसी परिपेक्ष्यी में शिक्षा विभाग की योजना 100 दिन 100 कहानियां एक तीर से कई निशाने को साधने का कार्य कर रही है ।
लॉकडाउन ने शिक्षा व्यवस्था को बहुत नुकसान पहुचाने का कार्य किया । 18 माह तक बच्चों का लर्निंग लॉस हुआ । बिना परीक्षा के क्रमोन्नत करने का घातक फैसला भी लेना पड़ा । बड़े फैसले नीतियों को ध्यान में रख कर ही लिया जाता है । यह फैसला शत प्रतिशत सही है । हमें बच्चों का साल बर्बाद करने का कोई हक नही । लर्निंगलॉस को कम जरूर किया जा सकता है । इस लर्निंगलॉस को कम करने के लिए शिक्षा विभाग की यहस योजना 100 दिन 100 कहानियां खरी उतर रही है ।
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 100 दिनों तक 100 कहानियों को पढ़ने , सुनने, सीखने का कार्य प्रगति पर है । प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 100 पुस्तकों का सेट , समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ के माध्यम से प्रदान किया गया है । यह पुस्तक दोनों भाषाओं हिंदी और अंग्रेजी में एक ही पृष्ठ पर लिखित है । बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में एक ही कहानी , पढ़ने सुनने का अवसर मिलता है । एक ही जगह होने के कारण बच्चों का शब्द ज्ञान बढ़ता है , अर्थ को समझने में आसानी होती है । दोनों विषय के व्याकरण को समझ पाते हैं । पुस्तक के दूसरे पृष्ठ पर चित्रों का समावेश है । बच्चे कहानीह की पटकथा को आसानी से समझ पाते हैं । चित्रों को देखकर बच्चों को कहानी पढ़ने में और भी दिलचस्पी बढ़ जाती है । कहानी के अंत में अभ्यास कार्य भी दोनों भाषाओं में दिये गए है । जैसे शब्दों का मिलान, रिक्त स्थान, समूह बंधन , प्रश्नोत्तरी , व्याकरण आदि । ये पुस्तके नैतिक गुणों को बढ़ाने पर आधारित है ।
कहानी सुनाने का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ पठन कौशल को बढ़ावा देता है । बच्चे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कहानियों का पठन करते हैं । शिक्षक इनका वीडियो बनाकर ग्रुप में वीडियो शेयर करते हैं । छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों में भी एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रहा है । शिक्षा विभाग बच्चों को अन्या देशों में प्रचलित कहानियां का संग्रह पढ़ने सुनने का मौका देना चाहती है । इसलिए शिक्षकों के माध्यम से कहानियों को स्थािनिय भाषाओं में अनुवाद का कार्य सौंपा गया है । शिक्षकों ने भी अपनी स्थानीय भाषा में अनुवाद कार्य पूर्ण किया गया तथा छात्रों और शिक्षकों को स्वलिखित कहानियों को प्रकाशित करने का मौका मिल पा रहा है । कहानी कथन के माध्यम से बच्चे भाषा के स्वकर के उतार-चढ़ाव, शारीरिक गति, हाव-भाव आदि के उपयोग से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने में सक्षम हो पा रहे है ।
कहानी स्कूलों में शिक्षण शास्त्र का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है । राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा इस बात की अनुशंसा करता है कि स्कूली ज्ञान को समुदाय के ज्ञान से जोड़ा जाए । विभिन्न समुदायों में ज्ञान के संसाधन के रूप में प्रचलित कहानियां , स्कूल को समुदाय से जोड़ने का एक अच्छा साधन है । कहानियां बच्चों की चुप्पी तोड़ने , समुदाय से सीखने , कहानी लिखने , कहानी की घटनाओं पर आधारित रचनात्मक चित्र बनाने और अर्थपूर्ण सीखने के लिए प्रेरित करता है । वास्तव में शिक्षा विभाग ने बच्चों के लर्निंग लॉस को दूर करने व लर्निंग आउटकम को आसानी से प्राप्त करने के लिए 100 दिन 100 कहानियां की शुरुवात ,एक कारगर योजना साबित हुई है ।
➡️ संसदीय सचिव/विधायक रेखचन्द जैन ने अतिसंवेदनशील क्षेत्र के विभिन्न ग्रामपंचायतों में लगभग ₹741.43 लाख रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नलजल प्रदाय योजना के कार्यो का किया भूमि पूजन. ➡️ कांग्रेस की भूपेश सरकार की मंशानुरूप गांव के अंतिम छोर तक ग्रामवासी जलजीवन मिशन की योजना से लाभान्वित होवें. ➡️ मेरा प्रयास अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से कर ग्रामवासियों को सरकार की विभिन्न योजना से लाभान्वित करने का. ➡️ दरभा ब्लॉक के ग्रामपंचायत तीरथगढ़ में लागत लगभग दो करोड़, नेगानार में ₹60.61 लाख, मावलीपदर में ₹171.68 लाख, लेंड्रा में ₹189.14 लाख, छिंदबहार में ₹121.12 लाख की लागत से रेट्रोफिटिंग नलजल प्रदाय योजना के अन्तर्गत ग्रामवासियों के पानी की ज्वलन्त समस्या का किया निदान. ➡️ ग्रामपंचायत महकापाल के ग्रामवासियों को ₹17.12 लाख रुपये की लागत से सुगम सड़क योजना के अंतर्गत जर्जर सड़क से निजात दिलाई और एक नये सड़क की सौगात दी तथा ₹5 लाख रूपये की लागत से बने बालक आश्रम महकापाल के अतिरिक्त कक्ष का उदघाटन किया. ➡️ मावलीपदर के कांग्रेसी नेता उमेश बेसरा जिनका विगत माह मोटर सायकल दुर्घटना में निधन हो गया था उसकी पत्नी शांति बेसरा को संसदीय सचिव ने एक लाख रुपये की मुख्यमंत्री सहायता राशि का चेक प्रदान कर सांत्वना दी। ➡️ ग्रामपंचायत पुसपाल में लक्ष्मी जगार पर्व के पूजा अर्चना में भी शामिल होकर समाज के विकास, उत्थान व उन्नयन की कामना की.
छत्तीसगढ़ सरकार की जलजीवन मिशन योजना के अंतर्गत ग्रामीण अंचलों के सभी ग्रामवासियों को शुद्धपेजल की आपूर्ति हेतु कांग्रेस की भूपेश सरकार कटिबद्ध है संसदीय सचिव विधायक रेखचन्द जैन ने बताया कि राज्य के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप ग्रामीण अंचलों के अंतिम छोर तक शुद्धपेजल कि आपूर्ति के लिए जिस योजना की शुरुआत की है वह ग्रामीण क्षेत्रों व अंचलों में मिल का पत्थर साबित हो रही है श्री जैन ने कहा कि तीरथगढ़ में 7950 मीटर, नेगानार में 3700 मीटर, मावलीपदर में 9023 मीटर, लेंड्रा में 10900 छिंदबहार में 8250 मीटर पाईप लाईन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है इस ज्वलन्त समस्या से ग्रामीणजनों को हमेशा के लिए इससे छुटकारा मिल सकेगा तथा सरकार की योजना का लाभ उन्हें शत प्रतिशत मिले, शुद्धपेजल की आपूर्ति गांव के अंतिम छोर तक हो, ग्रामवासियो को पानी के लिए भटकना ना पढ़े श्री जैन के प्रयास ने ग्रामवासियों के चेहरों में लाई रौनक,ग्रामीण अंचलों के रहवासियों को मिली राहत, संसदीय सचिव/ विधायक रेखचन्द जैन ने ग्रामपंचायत महकापाल में सुगम सड़क योजना के अन्तर्गत सड़क का भूमि पूजन किया और ग्रामवासियो को नए सड़क की सौगात दी।
ग्रामीण अध्यक्ष बलराम मौर्य ने भी सरकार की रेट्रोफिटिंग नलजल प्रदाय योजना का लाभ ग्रामीनवासियों को अंतिम छोर तक शुद्धपेजल मिले तथा ग्रामवासियो को पानी के लिए दर दर भटकना ना पड़े तथा सरकार की यह महति योजना गांववासियों के लिए कारगर साबित हो रही है और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की तर्ज पर पूरे प्रदेश सहित बस्तर में विकास की गंगा बह रही है।
यह रहे मौजूद…
जनपद सदस्य बनिता कौशिक, तुलाराम कश्यप,दिनमणि बेसरा, जिला महामंत्री अनवर खान, यूँका नेता अजय बिसाई, सरपंच महेश्वरी कश्यप,तिले कश्यप,सविता बघेल,मनबति कश्यप, समदास कोर्राम, कमला कश्यप,समधु राम बघेल,बलराम कश्यप, दुलार सिंह,रामनाथ नाग,मोहन ठाकुर,रामधर, सहादई नाग, बच्चा नाग,रुकधर,कमलू बघेल,दयालु राम,मनसिंग ठाकुर,सोनारू नाग,कमल साय नाग,गागरू राम,लच्छु राम,मोतीराम,राजेश दास,खगपति सेठिया, लखपति नाग,लोकनाथ पटेल,सुन्ति,सन्तु,धरमु, मोहनराम बघेल,बुदरी,गुजू राम नाग,राजकुमारी कश्यप, निर्मय नाग,पीलू राम कश्यप, सुकरू मौर्य,रैमती नाग,मोहन कश्यप, खगुराम सेठिया, बोड़का नाग,गंगा राम कोर्राम,शम्भूनाथ बेसरा, मोहन कश्यप,सुंदर कश्यप,शंकर मौर्य,गिरधर बेलसरिया,कमल बघेल राजेन्द्र त्रिपाठी,गौतम समरथ सहित कांग्रेस के कार्यकर्तागण उपस्थित थे
बहन की ईज्जत आबरू लूटने और मां से झगड़ा करने के अपराध में जेल की हवा खाकर जमानत पर छूटने के बाद प्रतिशोध वश बहन और भाई की हत्या करने के फिराक में लगे युवक ने लड़की को अपने प्यार जाल में फांसकर उसके सहयोग से अपने मंसूबे को दिया, अंधे प्यार में हत्या में हिस्सेदार बनी प्रेमिका हुई गिरफ्तार
पुलिस को बताई प्यार प्रतिशोध की मनोहर कहानी अंजाम हत्या के मुख्य सूत्रधार फरार युवक की पूरी सरगर्मी से कर रही पुलिस तलाश
कोंडागांव । कोंडागांव जिला के इरागांव पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उमला जाने वाले मार्ग में मिली लाश का पुलिस ने पूरा सच सामने लाने में कामयाब रही । प्रेम प्यार प्रतिशोध के फिराक में हुते हत्या की सच्ची कहानी सामने आने पर सब हैरत जाहिर करते कहने लगे हैं की अब हमारे यहां भी बड़े महानगर दिल्ली मुंबई के तर्ज पर बड़े प्लानिंग से मर्डर होना शुरू हो गया। उल्लेखनीय है की बीते रविवार को सड़क के किनारे कोनगुड निवासी 19 वर्षीय युवक मनोज मरापी का शव सन्देहास्पद अवस्था मे पड़ा मिला था। जिसे देखते ही स्थानीय लोगों ने इरागांव पुलिस को घटना की सूचना दी थी। हालांकि शव को देखने पर प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना लग रही थी। लेकिन जब मृतक के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई तो पता चला कि युवक की मौत सड़क दुर्घटना से नही बल्कि अज्ञात लोगों के द्वारा गला घोंटने की वजह से हुई थी। ततपश्चात इरागांव पुलिस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की पतासाजी में जुट गई थी। फलस्वरूप मंगलवार दिनांक 5 अक्टूबर को पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए घटना में संलिप्त एक आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं घटना का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है जिसकी पतासाजी जारी है। वहीं हत्या का कारण पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
हत्या कर मौत को दुर्घटना दिखाने लाश के उपर गिरा दिया गया था बाईक
इस सम्बंध में जानकारी देते हुए केशकाल अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भूपत सिंह धनेश्री ने बताया कि दिनांक 3 अक्टूबर को इरागांव थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम उमला में एक अज्ञात युवक का शव सडक किनारे पडे होने कि सूचना प्राप्त होने पर थाना प्रभारी विनोद साहू एवं स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचे। शव संदेहास्पद स्थिति में पडा था अज्ञात शव के बारे में आस-पास के लोगो से पुछ ताछ करने पर युवक का नाम मनोज मरापी पिता रामसाय मरापी निवासी कोनगुड का होना बताया। घटना स्थल एवं शव को बारीकी से निरीक्षण करने वास्ते फाॅरेंसिक टीम को बुलाया गया। घटना स्थल का निरीक्षण एवं शव पंचनामा कार्यवाही करने के बाद शव को पीएम हेतु सीएचसी केशकाल भेजा गया। जहां डाक्टरो की टीम के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया जिसमें डाक्टरो ने शार्ट पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु गला घोंटने के कारण श्वास अवरूध्द होना बताया। जिस पर थाना ईरागांव में धारा 302 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्यार में अंधी प्रेमिका ने बुलाकर हत्या में बन गयी हिस्सेदार
मामले में पुलिस अधीक्षक सिदार्थ तिवारी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुलदेव शर्मा के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी केशकाल भूपत सिंह धनेश्री के पर्यवेक्षण में मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी थाना प्रभारी विनोद कुमार साहू के नेतृत्व में टीम तैयार किया गया। प्रकरण की विवेचना के दौरान मृतक के परिजनो, गवाहों व मुखबीरी के आधार पर हत्या में शामिल आरोपिया कुमारी जानकी मण्डावी को पुलिस हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया। जिसमें उसने बताया कि उसने पुरूष मित्र रतीराम मरापी के साथ षड्यंत्र कर सर्वप्रथम मृतक मनोज मरापी को अपने प्रेम जाल फसा कर उसे धोखा देेकर मिलने के लिए उमला चौक पर बुलाया। वहां आने के पश्चात उसे उमला रोड में ले जाकर बात कर रही थी तभी मौका पाकर आरोपी रतीराम मरापी ने रस्सी को मनोज मरापी के गले में फॅसा कर गिरा दिया, जिससे मनोज की मृत्यु हो गयी। फिर रतीराम मरापी ने मनोज के मोटर सायकल को उसके ऊपर पटककर एक्सीडेन्ट का रूप देना बताया। वैधानिक कार्यवाही पश्चात आरोपिया जानकी मण्डावी निवासी पारा ईरागाॅव को दिनांक 5 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय भेजा गया। प्रकरण के मुख्य आरोपी रतिराम मरापी निवासी कोनगुड थाना धनोरा घटना के बाद से फरार है जिसकी पता तलाश की जा रही है। सम्पूर्ण कार्यवाही में सउनि. पिताम्बर कठार, सउनि. किशोर कुमार प्रजापति, सउनि. देवेन्द्र नागेश प्र.आर. रामदयाल पैकरा आर. संतोष पोयाम आर. रामलाल मण्डावी, मानकू नेताम आर. बेनेदिक्त खलखो आर. जितेन्द्र मरकाम आर. यशोदा नेताम शामिल रहे।
नारायणपुर – दिनांक 06.10.21 को पुलिस अधीक्षक नारायणपुर यू उदय किरण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर के नेतृत्व एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नारायणपुर अनुज कुमार, रक्षित निरीक्षक दीपक साव, थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग की उपस्थिति में नवरात्रि पर्व के दौरान खास नारायणपुर में शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु थाना परिसर नारायणपुर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमे शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए जिन्हें नवरात्रि पर्व के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखते हुए सौहाद्र पूर्वक त्यौहार मनाने तथा कोरोना संक्रमण के मद्देनजर रखते हुए पर्व के दौरान मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने हेतु समझाइश दी गई |
मातृ संघठन के अधीन जल्द होगा वेब पोर्टल संघ का गठन, सर्वसम्मति से लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
सूची तैयार कर अहर्ताओं व सक्रीयता के आधार पर बनेगी सदस्यता सूची
जगदलपुर – आज दिनांक 6 अक्टूबर 2021 को बस्तर जिला पत्रकार संघ के अधीन बस्तर जिला वेब पोर्टल संघ की बैठक आहूत की गई। इस बैठक में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसमें वेब पोर्टल के सभी पत्रकारों को एकजुट वह संगठित करने संबंधित चर्चा की गई।
बहुत ही जल्द सभी मीडिया पोर्टल वह समकक्ष जनों के सहयोग से मातृ संगठन के अधीन इसका विस्तार किया जाना सर्वसम्मति से सुनिश्चित किया गया। यही नहीं, बैठक में मौजूद सभी जनों ने इस बात पर भी हामी भरी कि विगत कई वर्षों से सोशल मीडिया ने कोरोना काल के दौरान भी जनमानस में निरंतर खबरों का प्रचार-प्रसार किया है। हालांकि, सभी सदस्यों ने एकमत होकर यह भी कहा कि मातृ संगठन के बगैर यह सब किया जाना संभव नहीं है।
बैठक में गम्भीरता पूर्वक इस विषय पर भी चर्चा हुई कि उक्त संघ में मातृ संगठन के नियमों का पालन तठस्थ होकर किया जाएगा। साथ ही यहां बनने वाले सदस्यों की वरिष्ठता, सक्रीयता व कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजो के आधार सदस्यता सुनिश्चित की जाएगी।
केशकाल- केशकाल तहसील कार्यालय से महज 9कि.मी.की दूरी पर स्थित ग्राम गारका का एक दलित परिवार इंसाफ की याचना करने राज्यपाल दरवाजे पर दस्तक देने का निर्णंय लेते हुए यह संकल्प लें लिया है कि जब तक हमें न्याय करते हमारे बाप दादा का जमीन नहीं दिला दिया जायेगा तब तक हम अन्न जल त्याग करके वंही पर आमरंण अनशन करेंगे या फिर भूख प्यास में तडफ तडफ कर अपनी जान दे देंगे। तहसील कार्यालय के रिकार्ड रूम अपने बाप दादा के नाम के जमीन का अभिप्रमांणित कापी लेकर दर दर इंसाफ की फरियाद करते फिरने वाले दलित परिवार के रिकार्ड अनुसार 1944-45 में मिजान -5 रकबा-15.36ऐकड और 1954-55 के अधिकार अभिलेख में मिजान-5में 14.75में जिस रतना पिता-जोधा के नाम से गांव में खुद की लगानी जमीन थी उसके वंशज रतना का नाती – महेश लहरे और उस पर आश्रित रहने वाला परिवार राजस्व विभाग के भाग्यविधाताओं के चलते आज बिल्कुल भूमिहीन होकर सरकारी जमीन में घर बनाकर ले देकर जीवन गुजर बसर करने को लाचार हो गया है। महेश लहरे और उसके बेटा बेटी पत्नी अपनी आपबीती बताते रोने लगते हैं।
उनका कहना है कि हमारे बाप दादा की जमीन को लोग उस समय के राजस्व विभाग के पटवारी तहसीलदार से मिलजुल करके कूटरचित फर्जी कागजात बना बनाकर हमारी जमीन हड़प लिए। हमारे लिए पट्टे वाली एक इंच जमीन नहीं छोड़ा।जिसके चलते हमें सरकारी जमीन में छोटी सी झोपडी बनाकर उसमें गुजारा करना पड़ रहा है पर इतने पर भी लोगो मन नहीं भरा तो हमारी बर्बादी तबाही का मंजर देखने को बेसब्र हुए जा रहे लोगों को यह रास नही आ रहा है तो अब वो हमें सरकारी जमीन में एक झोपड़ी बनाकर सिर छिपाकर गुजर बसर कर रहे हैं उससे भी भगा देने के लिए नाना प्रकार का आरोप मढकर तहसीलदार के पास शिकायत करते रहते हैं। हमारे बाप दादा के स्वामित्व की खसरा नं.389/55ख और खसरा नं.389/69की जमीन को तहसील आफिस में नौकरी करते हुए उस समय के पटवारी – नायब तहसीलदार से मिलजुल कर कूटरचित फर्जी कागजात बनाकर हथिया लिया और हमारे बाप दादा के जमीन के अधिकतर रिकार्डों में अफरा तफरी करवा दिया। जिसके चलते हमें अब हमारे ही बाप दादा के जमीन का रिकार्ड निकालने चक्कर दर चक्कर काटना पड़ रहा है। महेश लहरे का कहना है कि मेरे दादा रतना के नाम से 1944-45में 7 टूकडे में अर्थात 7खसरा नम्बर की जमीन थी पर 1954-54में 7खसरा टूकडा घटकर 5हो गया । मेरे दादा अनपढ़ थे और शराब पीकर अपने में मस्त रहते थे तथा वो लंबे समय तक मेरे पिता कार्तिक को छोडकर उड़िसा चले गये थे जिस मौके का फायदा उठाते हुए लोगों ने उनके नाम की जमीन को कब्जा करते गये और तहसील वाले से मिलकर कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार करते मालिक बनते गये। हमरा जमीन छिनते गये और हमारे जान के पीछे पड़कर जीना दूभर करते रहे पर गरीबी और अशिक्षा के चलते न मेरा बाप कुछ कर पाया न मैं कुछ कर पाया। मैं हर मुसीबत को झेलते अपने दो लड़का एक लड़की को मेहनत मजदूरी कर करके पढ़ाया,मेरे बड़ा लड़का बी. एस.सी.एजी फाइनल ईयर में पढ़ रहा है ,मेरी लड़की एम एस सी बाटनी ,तीसरा लड़का एल.एल.बी.प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है ।
बच्चे पढ़ लिखकर समझदार हो गये हैं तो अब वो अर्जित शिक्षा का उपयोग करते यंहा वंहा भाग दौड़ करके अपने हक की जमीन का रिकार्ड निकलवा रहे हैं और इंसाफ पाने के जद्दोजहद में जुटे हुए हैं हम फरियाद करते काट रहें चक्कर और आगे वाले आते ही नहीं-महेश लहरे फरियादी महेश लहरे का कहना है कि -हम लोगों ने तहसील आफिस में आवेदन दिया है जिस पर सुनवाई चालू है पर जिन लोगों ने साजिशपूर्वक हथकंडा अपनाकर जमीन हड़पा है वो तहसील आते नहीं और जो आते ही हैं वो कोई भी अभिलेख कागजात रजिष्ट्री नहीं लाते जिससे यह प्रमाणित हो सके की वो हमारे दादा रतना पिता-कार्तिक की जमीन के मालिक कैसे बन गये-? और जमीन का नामांतरण कैसे हो गया-?? राज्यपाल के दर पर अन्न जल त्याग करेंगे आमरंण अनशन -महेश का और उसके पत्नी एवं पढ़ें लिखे नौनिहाल बच्चों का कहना है कि हमें इंसाफ नहीं मिला तो हम महामहिम राज्यपाल के दरवाजे पर जाकर अन्न जल त्यागकर आमरंण अनशन करेंगे और या तो हमें इंसाफ मिलेगा तब लौटेंगे या फिर वंही भूखे प्यासे अपनी जान दे देंगे ।