बैठक में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष विधायक बस्तर लखेश्वर बघेल,संसदीय सचिव विधायक जगदलपुर रेखचन्द जैन,चित्रकोट विधायक राजमन बेंजांम,महापौर सफिरा साहू,कलेक्टर रजत बंसल,सीईओ,एवँ जिला पंचायत अध्यक्ष व जनपद पंचायत अध्यक्षगण उपस्थित रहे।



बैठक में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष विधायक बस्तर लखेश्वर बघेल,संसदीय सचिव विधायक जगदलपुर रेखचन्द जैन,चित्रकोट विधायक राजमन बेंजांम,महापौर सफिरा साहू,कलेक्टर रजत बंसल,सीईओ,एवँ जिला पंचायत अध्यक्ष व जनपद पंचायत अध्यक्षगण उपस्थित रहे।



विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने आज वर्तमान कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए सादे किंतु गरिमामय समारोह में शहर के प्रवीर वार्ड में अधोसंरचना मद से सात लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया
प्रवीर वार्ड क्रमांक एक में बगीचा पारा के मंगली घर से सुनील घर तक सीसी सड़क निर्माण 100 मीटर लागत 3.60 लाख एवं रीता घर के पास बोटका घर से खेम के घर तक सीसी नाली निर्माण 60×60 100 मीटर लागत 3.60 लाख के कार्य का भूमि-पूजन किया
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव ( नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग ) रेखचंद जैन ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के गढ़वो नवा छत्तीसगढ़ की मंशानुरूप गढबो नवा जगदलपुर की अवधारणा को साकार करने के लिए लगातार विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जा रहा है तथा शहर के हर वार्ड में अधोसंरचना विकास के लिए कृत संकल्पित हैं कोरोना वायरस की रफ्तार कम होने के बाद विकास कार्यों की रफ्तार को तेज करने के लिए कार्य आरंभ किया जा रहा है |

इस अवसर पर महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने बताया की पिछले डेढ़ साल से कोरोनावायरस संक्रमण के कारण विकास कार्यों की गति धीमी पड़ी थी जिसे अब तेज किया जा रहा है और गढबो नवा जगदलपुर की अवधारणा को साकार किया जा रहा है |
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ महापौर श्रीमती सफीरा साहू एम आई सी सदस्य यशवर्धन राव वरिष्ठ कांग्रेसी अजय बिसाई, इश्वर बघेल , दुर्योधन कश्यप, राकेश देवनाथ एवं नगर निगम के कार्यपालन अभियंता दत्ता उपस्थित रहे |

जगदलपुर। दो माह पूर्व धरमपूरा कोविड़ सेंटर में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा कोविड वारियर्स के साथ की गई बदसलूकी के मामले में कोतवाली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है किंतु पुलिस द्वारा इस पर एक्शन नहीं ले रही हैं। एक जनप्रतिनिधि द्वारा अपने परिवार के बचाव में सामने आकर कोविड कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। इस मामले में भाजपा नगर मंडल द्वारा पत्रकार वार्ता लेकर जमकर कांग्रेस कमेटी को आड़े हाथों लिया था।इस मामले में कांग्रेस पार्टी की जमकर किरकिरी हुई और एफआईआर दर्ज किया गया किंतु कोतवाली पुलिस इस मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है।
कोतवाली पुलिस के अधिकारी हर प्रकरण को राजनीतिक चश्मे से देख रहें हैं, भाजपाईयों पर कार्रवाई करने घरों में दबीश दे रहे हैं किंतु कांग्रेसियों को अभयदान दे रहें हैं। इस मामले में पुलिस की किरकिरी हो रही है। नये एसपी ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि कानून सबके लिए बराबर है यदि सत्तारुढ़ दल से जुड़े लोगों द्वारा भी कानून तोड़ते हैं तो कार्यवाही करेगी।
कांग्रेस पार्टी के एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा सत्ता के मद में चूर होकर कोविड वारियर्सों के साथ किये गये दुर्व्यवहार को लेकर भाजपाइयों द्वारा सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इति श्री कर लिया और इसके बाद भाजपाइयों ने रहस्यमी चुप्पी साध ली है।


दल्लीराजहरा शहीद अस्पताल के आसपास अवैध रूप से शराब गांजा जुआ सट्टा का व्यापार बढ़ रहा है इससे आसपास के वासियों में रोष व्याप्त है |
इस प्रकार बढ़ रहे अवैध कारोबार को देखते हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंप इस पर रोक लगाने की मांग की है | अवैध कारोबार से अस्पताल एवं आसपास के क्षेत्रों के रहवासियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है |
प्रशासन को इस पर लगाम कसने ठोस नीति अपनानी चाहिए | इस प्रकार अवैध रूप से शराब गांजा जुआ सट्टा की लत लगने से व्यापार नौजवान पीढ़ी पर गंभीर प्रभाव पड़ता नजर आ रहा है |

अर्जुन झा
रायपुर। ढाई – ढाई साल के कार्यकाल की अटकलबाजियों का बाज़ार बंद होने के बाद अब मानसून सत्र के पहले छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के दिल्ली दौरे ने राज्य में सियासी पारा बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई एक घोषणा के बारे में खुलकर प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव का यह दिल्ली दौरा राजनीतिक कारणों से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण क्षेत्र की निजी अस्पतालों को राहत देने का जो ऐलान किया है उससे स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव सहमत नहीं हैं। हालांकि कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री बघेल के फैसले को सही ठहरा रहे हैं और उनका मानना है कि मुख्यमंत्री इस तरह की घोषणा करने का अधिकार रखते हैं और उन्होंने लोक हित में ही यह ऐलान किया है। दूसरी तरफ सिंहदेव के दिल्ली दौरे के मद्देनजर यह समझा जा रहा है कि वह इस दौरे में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करके अपना पक्ष रख सकते हैं। वैसे उन्हें दिल्ली से कोई बुलावा नहीं आया बताया जा रहा है लेकिन वह अपनी ओर से आलाकमान को अपनी भावनाओं से अवगत कराने के मूड में नजर आ रहे हैं। कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व इन दिनों आंतरिक खींचतान से भारी परेशान है। कांग्रेस गिने-चुने राज्यों में सत्ता में है और ऐसे में भी जहां उसकी राज्य सरकारें हैं, उन प्रदेशों में माहौल कोई अच्छा नहीं चल रहा है।
पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच की तनातनी ने पहले ही पार्टी आलाकमान को असमंजस में डाल रखा है। इन दोनों के बीच सुलह के लिए बाकायदा कमेटी बनी है लेकिन इस दौरान जिस तरह से सिद्धू ने दिल्ली दरबार में धूम मचाई और उसके बाद कैप्टन साहब भी दिल्ली में मोर्चा साध रहे हैं उससे पार्टी नेतृत्व के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इसके साथ ही राजस्थान में भी कांग्रेस के भीतर के हालात काफी बेचैन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच जो चल रहा है उससे भी आलाकमान के सामने मुश्किलें बढ़ रही हैं। मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच के टकराव ने क्या गुल खिलाया, वह तो पहले ही सामने आ चुका है । ऐसे में अब छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव का दिल्ली दौरा क्या पार्टी नेतृत्व की मुसीबत बढ़ा पाएगा अथवा वह जिस तरह अब तक शांति के साथ रहते आए हैं उसी तरह आगे भी संयम बरतते रहेंगे, इस पर राजनीतिक पंडितों की निगाह ठहर गई है। अब तक दिल्ली दरबार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का वजन लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका वाड्रा के साथ भूपेश बघेल की बेहतरीन ट्यूनिंग है। राहुल कई मौकों पर लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तारीफ करते रहे हैं और कांग्रेस की ओर से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी ज़िम्मेदारी दी गई। जाहिर है कि कांग्रेस आलाकमान की नजर में भूपेश बघेल का काम न केवल संतोषजनक है बल्कि उसने केंद्रीय नेतृत्व को भरपूर प्रभावित भी कर रखा है। अभी पिछले दिनों जब भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री काल के ढाई साल पूरे हुए तो ढाई ढाई साल के फार्मूले का काफी हल्ला मचा था लेकिन कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने साफ कर दिया की ऐसा कुछ नहीं है और खुद सिंहदेव ने भी कहा था कि वह भूपेश सरकार के मंत्री हैं। ऊपर से भी खुलकर इशारा मिल गया की भूपेश बघेल के कार्यकाल में किसी तरह का कोई बटवारा नहीं होने वाला। राजनीतिक हालात भी ऐसे हैं कि भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव के बीच अगर कुछ मतभेद हैं भी तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। लेकिन इससे राज्य में पार्टी की साख पर असर पड़ने की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर भूपेश बघेल ने बेहद मेहनत की थी। बघेल के संगठन नेतृत्व में कांग्रेस ने एकतरफा जीत हासिल की तो मुख्यमंत्री पद उन्हें हासिल हुआ। कांग्रेस नेतृत्व ने भूपेश बघेल को जिस उम्मीद के साथ चुनाव और उसके बाद सरकार की कमान सौंपी, उस पर बघेल एकदम खरे उतरे हैं। नगरीय निकाय चुनाव से लेकर ग्रामीण सत्ता के चुनाव सहित तमाम उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस का सिर और ऊंचा किया है। भूपेश बघेल सबको साथ लेकर चल रहे हैं संगठन के साथ उनका बेहतर से भी बेहतर तालमेल है जिसकी वजह से राज्य में कांग्रेस को सफलता मिल रही है। अपवाद के तौर पर लोकसभा चुनाव के परिणाम एक अलग मामला है। ऐसे में भूपेश बघेल की कार्यशैली से भी केंद्रीय नेतृत्व संतुष्ट है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में भाजपा से बस्तर सीट छीन कर यह तो साबित किया ही है कि जिस बस्तर में उन्होंने सभी 12 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा कराया, उसी रणनीति के तहत बस्तर लोकसभा सीट भी कांग्रेस के पाले में ले आए। राज्य में कांग्रेस के 70 विधायक हैं। यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है। आरंभिक संघर्ष में भूपेश बघेल ने जो दमखम दिखाया, उसका ही नतीजा है कि कांग्रेस को छप्पर फाड़ कर सफलता मिली। अब अगर ढाई ढाई साल के किसी फार्मूले की चर्चा भी की जाए तो उसका कोई तुक नहीं है। सिंहदेव के दिल्ली दौरे से भूपेश बघेल की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला, यह स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है। लेकिन अगर सिंहदेव ने दिल्ली में राज्य के मुद्दों को लेकर कड़ा संकेत दिया तो इससे राज्य में विपक्ष को कांग्रेस और उसकी सरकार को राजनीतिक रूप से घेरने का मौका जरूर मिल जाएगा।


बालोद – जिला शिक्षा अधिकारी, लेखापाल व् शिक्षक पर अनुकम्पा नियुक्ति के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप के तहत निलंबित किया गया है | तरूणा बेलचंदन की सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आर.एल. ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी बालोद, महेन्द्र कुमार चन्द्राकर लेखापाल कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बालोद एवं जितेन्द्र देशमुख, शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला भरदा (लो) वि.ख. डोंडीलोहरा जिला बालोद द्वारा 35,000/- राशि ली गई थी |

तरूणा बेलचंदन द्वारा रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था जो कि प्रारंभिक जाँच में प्रमाणित पाया गया | उक्त लोक सेवकों का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरित गंभीर कदाचार है। राज्य शासन द्वारा आर.एल. ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी बालोद, महेन्द्र कुमार चन्द्राकर लेखापाल कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बालोद एवं जितेन्द्र देशमुख, शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला भरदा (लो) वि.ख. डोंडीलोहरा जिला बालोद छ0ग0 सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम-1966 के नियम-9(1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है।
बालोद – दिनांक 05/07/2021 को प्रार्थी वेदराम निषाद ग्राम खुटेरी द्वारा अनावेदक यशवंत कोठारी साकिन ढाबाडीह के विरूद्ध नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के संबंध में एक लिखित आवेदन दिया, जिसका अवलोकन करने पर अनावेदक द्वारा अपराध धारा 420 भादवि का कारित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया | प्रार्थी वेदराम पिता स्व. दशरथ निषाद ग्राम खुटेरी का निवासी हूं सन 2015 में मेरी मुलाकात यशवंत कोठारी ढाबाडीह से मेरे मित्र राजेश निषाद के जरिए हुई थी मुझे मंत्रालय में चपरासी की नौकरी लगवा दूंगा कह कर मुझसे कुछ रुपयों की मांग किया था पैसा दोगे तो काम हो जाएगा तब मैं मंत्रालय में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर ढाबाडीह निवासी यशवंत कोठारी को दो किस्तों में अपने किराए के निवास स्थान झलमला में 85,000/- दिए थे और 10,0000/- बालोद बस स्टैंड में दिया जिसका गवाह राजेश निषाद और उसके 2 साथी उपस्थित थे अपना पैसा लेने उसके घर गया न ही पैसा दिया न ही नौकरी लगाया फिर से एक साल बाद बालोद बस स्टैंड में अचानक मुलाकात मेरे द्वारा अपना पैसा वापस मांगने पर स्टाम्प में लिखापढ़ी करके दिया था पांच साल हो गए न ही नगदी दिया न नौकरी लगाया इस प्रकार यशवंत कोठारी ने 1,85,000/- नौकरी लगाने के नाम पर लेकर मेरे साथ धोखाधड़ी किया | प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर यशवंत कोठारी के विरुद्ध शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ अपराध क्र 197/2021 धारा 420 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया |
जगदलपुर/सुकमा। सुकमा जिले के कोन्टा विकासखंड का एलमपानी पंचायत के पूर्व सचिव द्वारा प्रेतआत्मा से भी कराया जा चुका है मनरेगा का कार्य। ऐसे एक दर्जन मजदुर जिनकी मौत होने के बाद भी कार्य दिवस का उल्लेख कर फर्जी मस्टररोल तैयार कर तालाब निर्माण की राशि का किया बंदरबाट। ऐसे सचिव पर प्रशासनिक अधिकारी भी मेहरबान है। सचिव को कार्रवाई से बचाने अधिकारी नेता दे रहे जांच का हवाला। उक्त सचिव से इतनी दहशत की प्रशासनिक अधिकारी भी पंगु बने हुए है और आनन फानन में उक्त सचिव को उसके चहेते नेता के गृहग्राम तबादला कर दिया गया है।
कोटा विकासखंड के धूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र का कोई ऐसा पंचायत नहीं है जहा कागजों में विकास कार्यों को अंजाम दिया गया हो जिसमें एलमपल्ली पंचायत के पूर्व सचिव इन दिनों सुर्खियों में है लेकिन प्रशासनिक संरक्षण के कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं फर्जी मस्टररोल तेयार कर राशि का बंदरबाटःशासन की छवि को बदनाम करने वाला एलमपल्ली के पूर्व सचिव पर प्रशासनिक अधिकारी भी मेहरबान है। जानकारी के अनुसार जून में लॉकडाउन के समय स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 5 तालाब की स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसमें मनरेगा के तहत कार्यों को अंजाम दिया जाना थावहां के पूर्व पंचायत सचिव जो वर्तमान में जिला पंचायत के अध्यक्ष के गृहग्राम गादीरास में तबादला कराकर पदस्थ है। सचिव के द्वारा अधिकांश कार्य मशीनों से कराया गया था। मस्टररोल में ऐसे एक दर्जन से अधिक मजदूरों का नाम उल्लेख कर राशि का आहरण किया गया है जिनकी मौत हो चुकी मृत व्यक्तियों के नाम से राशि का आहरण कर जमकर राशि का बंदरबाट किया है यह आरोप वहां के सरपंच हिमानी मरकाम ने लगाया है। मृत व्यक्तियों के अलावा ऐसे दर्जनों व्यक्तियों के नामों का उल्लेख किया गया है जो वहां काम ही नहीं किये है।

एलमपल्ली के सरपंच के द्वारा मनरेगा कायों में हुई अनियमितता मूलभूत रशि की बंदरबाट सहित जून 2018 से जुलाई 2020 तक के कराये गये कार्यों की आंच की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर पांच सदस्यीय टीम भी गठित की गई थी जिसकी जांच रिपोर्ट छह माह पूर्व ही जिला पंचायत सीईओ के माध्यम से कलेक्टर सुकमा को सौंपा जा चुका है लेकिन आज दिनांक तक न तो कुछ कार्रवाई हो पाई है और न ही सरपंच के जांच को लेकर अवगत कराया जा सका है। कार्रवाई करने के बजाये जांच रिपोर्ट फाईलों में बंद कर दी गई है।
सुकमा जिला पंचायत सीईओ से जब मामले को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट कलेक्टर साहब को सौंप दी गई है। मामला टीएल बैठक में चल रहा है जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद मामला टीएल बैठक में रखना समझ से परे है।
उक्त मामले को लेकर क्या कार्रवाई हुई के संबंध में सुकमा कलेक्टर से संपर्क कर जानने का प्रयास किया गया तो साहब के मोबाईल की घंटी बजती रही लेकिन फान नहीं उठाया जिसके चलते जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। वाट्सअप के माध्यम से भी संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं मिल पाया।

जिला पंचायत अध्यक्ष लखमा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है जांच रिपोर्ट आने के बाद सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
अधिकारियों ने अध्यक्ष को रखा अधेर में कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला सीईओ के माध्यम से जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जा चुकी है लेकिन अध्यक्ष अभी भी जांच जारी है का हवाला दे रहे है। अध्यक्ष को जिला पंचायत के कार्यप्रणाली से या तो अवगत नहीं कराया जाता या फिर भी अध्यक्ष सचिव को बचाने जांच चल रही है का हवाला दे रहे
जगदलपुर शहर में अवैध रूप से एल.पी. जी. गैस एवं सिलेण्डर रखकर अनाधिकृत रूप से विक्रय करने वाले के व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस द्वारा सफलता हासिल की गई है थाना सिटी कोतवाली जगदलपुर को सूचना प्राप्त हुआ था कि जगदलपुर में किसी व्यक्ति के द्वारा अवैध रूप से गैस सिलेंडर एवं एलपीजी गैस एवं गैस सिलेंडर का संग्रहण का विक्रय किया जा रहा है सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा , अति. पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्यवाही हेतु रवाना किया गया था उक्त टीम के द्वारा मोती तालाब पारा में चिन्हित स्थल पर रेड कार्यवाही किया गया रेड कार्यवाही के दौरान एक व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर अपना नाम ओमप्रकाश लोढ़ा निवासी मोतीतालाब पारा होना बताया कि घर की तलाशी लेने कब्जे से 19 नग एल.पी.जी. के गैस सिलेंडर बरामद किया गया जिनमें से 5 कमर्शियल गैस सिलेंडर HP के भरे हुए और 14 नग इंडियन गैस के खाली सिलेंडर बरामद किया गया ! जिससे पूछताछ करने पर अपने पास गैस एवम सिलेंडर रखने के सम्बंध में किसी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया! आरोपी ओमप्रकाश लोढ़ा का उक्त कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम की परिधि में आने से आरोपी ओमप्रकाश लोढ़ा के विरुद्ध थाना कोतवाली में धारा 3 , 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस कंडिका 6 एवं 9 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है मामले में आरोपी ओमप्रकाश लोढ़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजा गया

उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी/ कर्मचारी
निरीक्षक- एमन साहू
सहा उप निरी. – नीलाम्बर नाग
आर. – रवि ठाकुर
महिला आर. -टोमिन कुंजाम


जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश के आह्वान पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस 23 जून से उनकी जयंती 6 जुलाई तक ” एक पौधा राष्ट्र के नाम ” कार्यक्रम चलाया जा रहा है । इसी कड़ी मे उनकी जन्म जयंती के अवसर पर भाजपा व्यवसायी प्रकोष्ठ, विधि प्रकोष्ठ, आर्थिक प्रकोष्ठ एवं व्यापार प्रकोष्ठ बस्तर के द्वारा जगदलपुर शहर के विभिन्न स्थानों पर आँवला, नीम, बेल, मुनगा,आम, बेहड़ा, खम्हार आदि पौधों का वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारणी सदस्य एल. ईश्वर राव, नवीन ठाकुर, व्यवसायी प्रकोष्ठ बस्तर संभाग प्रभारी नरेंद्र पाणिग्राही, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी शशिभूषण रथ, आर्थिक प्रकोष्ठ बस्तर संभाग प्रभारी विपिन मालवीय, विधि प्रकोष्ठ बस्तर जिला संयोजक सपन देवांगन, व्यवसायी प्रकोष्ठ जिला संयोजक श्रीपाल जैन, व्यापार प्रकोष्ठ जिला सहसंयोजक कौशल पांडे, विधि प्रकोष्ठ जिला सह संयोजक राकेश सोनी, जय प्रकाश पाढ़ी,प्रीति वानखेड़े,सरिता सतपति, गणेश दहिया शामिल थे।

