जगदलपुर।भ्रम, भ्रामक और भ्रमवाणी कांग्रेस की पहचान बन चुकी है । सत्ता की पिपासा और लोलुपता में कांग्रेस ऐसा कृत्य करने लगती है जिसे सीधे सीधे राष्ट्रद्रोह कह सकते हैं । इसी प्रयास मे कांग्रेस ने एक गहरी साज़िश के तहत एक टूल किट तैयार करवाया जो अब एक्सपोज़ हो गया है । टूल कीट के रास्ते में चलते हुये इस पार्टी ने कोरोना के दूसरे वेरिएंट को इंडियन वैरिएंट या इंडियन स्ट्रेन कह कर प्रचारित कर रही है, वायरस को मोदी वायरस कहा जा रहा है । विदेशी मीडिया में भारत की छवि अधिकाधिक ख़राब हो , इसका प्रयास भी लगातार किया जा रह है,जिससे अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की छवि ख़राब हो रही है , यह चौंकाने वाला है की ऐसे समय में जब भारत कोरोना से लड़ रहा है ,कांग्रेस पार्टी भारत से लड़ रही है ।
इसी संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने एक ट्वीट किया तो कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार ने इंदिरा गाँधी के मार्ग पर चलते हुए उनके ख़िलाफ़ दमनकारी कदम उठाते हुये एफ़आइआर दर्ज कर लोकतंत्र की हत्या कर रही हैं ।
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है ! हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता डॉ रमन सिंह के साथ हैं, और दमन के ख़िलाफ़ जेल जाने को तैयार हैं !
जगदलपुर– एक प्रयास संस्था के द्वारा होम आइसोलेशन में इलाज ले रहे लोगों को आज सोमवार प्रवीण चंद भजदेव वार्ड में कीट बांटा गया, इस कीट में ऑक्सीमीटर, थर्मोमीटर, भाप लेने वाली मशीन ,सैनिटाइजर एवं मास्क रखा गया है। यह कीट मितानिनो के माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को एक प्रयास ग्रुप के सदस्यों की उपस्थिति पर बांटा जा रहा है। ग्रुप के सदस्यों द्वारा लोगों को इससे क्या फायदे हैं यह भी जाकर बताया जा रहा है और उपयोग करने के तरीके भी बताए जा रहे है। यह भी बताया जा रहा है कि होमआइसोलेशन के दौरान डॉक्टर के निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए एवं समय-समय पर तापमान और पल्स की जांच भी करनी चाहिए।कीट वितरण में सुरेश गुप्ता,वार्ड पार्षद महेंद्र पटेल, संग्राम सिंह राणा उपस्थित थे।
बालोद जिले में विगत अप्रैल माह से जारी लॉक डाउन के चलते गरीब छोटे व्यापारियों का जीना मुश्किल हो गया है। बालोद जिले की कलेक्टर द्वारा छोटे व्यपारियों के लिये अब तक कोई राहत का ऐलान नही किया गया।बड़े व्यापारियों को अलग-अलग दिन अलग-अलग व्यवसाय करने की छूट दे दी गई परंतु छोटे व्यापारी जैसे पसरा लगाने वाले, पान दुकान, होटल ,गुपचुप चाट आदि का धंधा करने वाले गरीबों की सुध अब तक नहीं ली गई है। चावल मात्र दे देने से क्या इनका गुजर बसर हो जाएगा ?बड़े व्यापारियों के पास काफी सेविंग होता है लेकिन उन्हें व्यापार की छूट मिल गई ।रोज कमा कर खाने वाले व्यापारियों कि जिले में सुध लेने वाला कोई नहीं, इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा मंडल अर्जुंदा के महामंत्री पवन सोनवर्षा ने बालोद जिले के कलेक्टर के नाम तहसीलदार अर्जुंदा को ज्ञापन सौंपा और छोटे व्यापारी को व्यापार करने की छूट देने की मांग की साथ ही इनके लिए तत्काल राहत पैकेज का ऐलान किया जाए।
बीजापुर:— ग्रामीण ईलाकों में बारहमासी आवागमन सुविधा सुलभ कराने के छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा अंदरूनी ईलाके के बसाहटों को डामरीकृत सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जिसके फलस्वरूप जिले के दूरस्थ ईलाके के गांवों में विकास को बढ़ावा मिल रहा है। करीब एक साल पहले 44 करोड़ 75 हजार रूपए की लागत से बनी बीजापुर-हिरोली डामरीकृत सड़क इस क्षेत्र के कई गांवों के वाशिंदों को ब्लाक एवं जिला मुख्यालय बीजापुर तक पहुँचने हेतु महत्वपूर्ण सड़क है। सुरक्षा बलों के सक्रिय सहभागिता से कड़ी सुरक्षा के बीच निर्मित यह सड़क क्षेत्र के विकास में अहम योगदान दे रही है। इस बारे में गंगालूर सरपंच राजू कलमू बताते हैं कि इस क्षेत्र में गंगालूर सबसे बड़ी बसाहट होने के साथ ही यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तहसील, थाना और स्कूल-आश्रम स्थित हैं, वहीं साप्ताहिक बाजार भी है। जिससे लोगों को विभिन्न कामकाज के लिए यहां आने में सुविधा हो रही है और जिला मुख्यालय बीजापुर तक आने-जाने के लिए सहूलियत हो रही है। यही नहीं शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को अंदरूनी गांवों तक पहुँचाने के लिए यह सड़क जीवनरेखा साबित हो रही है।
गंगालूर के उपसरपंच लच्छू हेमला सहित महेश हेमला, राज हेमला आदि ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क के बन जाने से कृषि उत्पाद और वनोपज को बाजार तक पहुँचाने के लिए आसानी हो रही है। वहीं बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों को चिकित्सा के लिए सुविधा हो रही है। बीजापुर-हिरोली सड़क से पामलवाया, पोंजेर, भोगामगुड़ा, पदेड़ा-चेरपाल इत्यादि बसाहटें जुड़ गयी हैं। इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित नैमेड़ से कोमला तक डामरीकृत सड़क के जरिये इस क्षेत्र के ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन सुविधा मिल रही है। लगभग 2 करोड़ 60 लाख रूपए की लागत से निर्मित इस 10 किलोमीटर डामरीकृत सड़क से मिनगाचल, धाकड़पारा, कोमला, किसकालपारा एवं कुएनार बसाहटें जुड़ गयी हैं, जिससे इन बसाहटों की एक बड़ी आबादी को ब्लाक-तहसील एवं जिला मुख्यालय सहित हाट-बाजार तक आने-जाने में सहूलियत हो रही है। एरमनार सरपंच पंकज मंडावी तथा कुएनार के किशोर सलाम एवं भरत मंडावी और कोमला निवासी वंगाराम कोरसा, कमलू कोरसा आदि ग्रामीणों ने उक्त सड़क बन जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सरकार को साधुवाद दिया।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रतिराम कोसमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को मिले नोटिस पर भाजपाई प्रदर्शन को उनके अपराध बोध का परिचायक करार दिया है।
महामंत्री रतिराम कोसमा ने कहा कि भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं के सहभागी डॉ रमन सिंह से उनके ट्वीटर अकाउंट की सत्यता जानने के लिए सीएसपी रायपुर के द्वारा धारा 91 की नोटिस जिसमें डॉ साहब का पक्ष जानने स्प्ष्ट लेखबद्ध कर प्रेषित किये हैं ना कि गिरफ्तारी की परन्तु भाजपाइयों द्वारा पूरे प्रदेश में दिखावा प्रदर्शन करना मात्र राष्ट्रीय स्तर पर जनाधार दिखाने का असफल प्रयास है नोटिस में स्पष्ट लेख है कि 24 तारीख को 12:00 बजे अपने निवास पर उपस्थित होने का कष्ट करें जैसे आदर सूचक शब्दों के साथ उन्हें संबोधित किया गया है। यह छ ग में कांग्रेस सरकार की कुशल प्रशासनिक व्यवस्था का परिचायक है भाजपा के नेता अपनी निष्ठा या चाटुकारिता जो भी प्रदर्शित करने के लिए थाने के सामने जाकर सिर्फ फोटो बाजी कराये हैं। जिला के एक नेता ने तो पोस्टर में लिखे शब्दों के साथ खड़ा होना भी मुनासिब नहीं समझा और वे पांपलेट को मोड़ कर अपनी निष्ठा पदर्शित किया है।
छ ग में कांग्रेस सरकार आने के बाद किसी निरापराध या जिसके विरुद्ध कोई शिकायत नहीं है उसे गिरफ्तार करने का सिलसिला बंद हो चुका है इसी विश्वास से भाजपा के लोग थाने में जाकर अपनी गिरफ्तार का दंभ भर रहे हैं हड़बड़ी में की गई गड़बड़ी व्यक्ति को किस परेशानी में डालती है यह इस प्रकरण से स्पष्ट हो गया बिना सच्चाई पता करें या जाने हवाबाजी में सोशल मीडिया में पोस्ट करना आईटी एक्ट की धारा के तहत भी दंडनीय अपराधिक कृत्य है ऐसी दशा में भाजपा के लोग कोरोना काल में गिरफ्तारी देने की नौटंकी ना करें क्योंकि वे नौटंकी करने जा रहे हैं उनके विरुद्ध थाने में ना तो अपराध दर्ज है और ना ही शिकायत प्राप्त हुई है ऐसी दशा में गिरफ्तारी का प्रश्न ही नहीं उठता सिर्फ माहौल खराब करने के उद्देश्य से यह राजनीतिक क्रियाकलाप लोकतंत्र के लिए घातक है मात्र राजनीतिक विवशता के चलते प्रदर्शन है।
जगदलपुर।बस्तर जिले के बकावंड ब्लाक मोकागांव बाली बाजार प्रकरण में बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें कोटवार, पटवारी व तहसीलदार संदेह के घेरे में हैं। मोकागांव में बिना एसडीएम के अनुमति के एक महीने तक बाली बाजार चलता रहा और राजस्व का पूरा अमला सोता रहा। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत, पुलिस व राजस्व विभाग का सूत्रधार कोतवाल होता है उसकी बाली बाजार प्रकरण में क्या भुमिका थी, उसकी जांच होनी चाहिए। संबंधित हल्का पटवारी ने प्रशासन को क्या रिपोर्ट दिया उसकी भी जांच हो? तहसीलदार क्षेत्र में लोगों के चालानी कार्रवाई में व्यवस्त थे कितने दिन मोका गांव का दौरा किया उसकी भी पड़ताल किया जाये। किसी भी गांव में प्रमुख भूमिका सरपंच पर क्या कार्रवाई हुई जबकि सरपंच पति पर प्रकरण दर्ज किया गया। कुल मिलाकर मोका गांव प्रकरण में प्रशासनिक अधिकारी की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में हैं?
जगदलपुर। बस्तर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष और विधायक बस्तर लखेश्वर बघेल ने कहा है कि टूलकिट मामले में भाजपा का षड्यंत्र उजागर होने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह के चेहरे में लगी कालिख़ को धोने के लिए भाजपा गिरफ्तारी की सियासी नौटंकी कर रही है। एक झूठ को सच करने के लिए भाजपाईयों द्वारा हर हथकंडे अपना रही है जिसमें भाजपा के सभी नेताओं का समर्थन भी प्राप्त नहीं हो सका है। कुछ चुनिंदा लोगों ने अपनी गिरफ्तारी देकर भाजपा के पाप को ढकने का काम कर रहें हैं।
प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी का होने का झूठ फैलाया और इसी प्रकार ष़डयंत्रपूर्वक जाली दस्तावेज के माध्यम से देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाली कांग्रेस पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए कूट रचना की थी जिसका पर्दाफाश होने के बाद भाजपा सकते में है। भाजपा की काली करतूत का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्दाफाश हो गया है। देश और दुनिया भाजपा की चाल चरित्र और चेहरा को पहचान चुकी है। झूठे एवं जाली दस्तावेज जारी करने वाले भाजपा नेताओं के पोस्ट में ट्वीटर ने मैनिपुलेटेड मीडिया लिख कर जनता को एलर्ट कर दिया है जिसे हटाने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ट्विटर पर दबाव डाल रही है। इसके अलवा बीबीसी,आल्ट न्यूज़,एनडीटीवी सहित कई स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विश्वसनीय समाचार एजेंसियों ने भी भाजपा नेताओं के झूठ का पर्दाफाश किया है। टूलकिट मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा सहित मोदी सरकार के ज़िम्मेदार कई मंत्री बेनकाब हो गये हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं के खिलाफ टूलकिट मामले में एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है।भाजपा नेताओं ने पेंडमिक एक्ट का भी उल्लंघन किया है।जिस विश्वास के साथ जनता ने भाजपा को चुना, बीते 7 साल में मोदी सरकार देश की जनता के विश्वास पर खरा उतर नही पाई है। आज भी भाजपा, मोदी सरकार की असफलताओं को छुपाने के लिए, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरती मोदी की छवि को बचाने के लिए आदत अनुसार टूलकिट के माध्यम से फर्जी दस्तावेज की कूटरचना कर कांग्रेस पार्टी की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है।
बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा है कि टूलकिट के सहारे ही मोदी प्रधानमंत्री बने थे और 7 साल की सत्ता के बाद एक बार फिर मोदी सरकार की गिरती साख और जनता के बढ़ते आक्रोश से बचने भाजपा टूलकिट का ही सहारा ले रही है। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने टूलकिट बनाकर जनता को गुमराह करने का काम किया। अच्छे दिन आएंगे,15 -15लाख खाते में आएगा, पेट्रोल डीज़ल के दाम सस्ते होंगे, महंगाई खत्म होगी, 2 करोड़ रोज़गार प्रतिवर्ष मिलेगा, किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना धान का समर्थन मूल्य मिलेगा, सस्ते दरों में रासायनिक खाद दिए जाएंगे सहित अनेक लोक लुभावने बातें कही गई जिससे जनता भ्रमित हो गई और भाजपा के झूठ में फंस गई। आज जनता मोदी सरकार के भारी भरकम टैक्स, मुनाफाखोरी, रासायनिक खादों की कीमत में वृद्धि, बढ़ती महंगाई, बिकती राष्ट्र की संपत्ति, बढ़ती बेरोजगारी,महामारी मामले में असफलताओं को लेकर आक्रोशित है और जनता के आक्रोश को दबाने आरएसएस, भाजपा फिर एक बार टूलकिट का सहारा ले रही है लेकिन इस बार भाजपा पूरी तरीके से बेनकाब हो गई है।
बीजापुर। सिलगेर से फोर्स के कैम्प हटाने के मसले पर हालांकि कोई फैसला नहीं हो पाया है लेकिन सुकमा कलेक्टर ने गोलीबारी की जांच के लिए दण्डाधिकारी की नियुक्ति कर दी है। दण्डाधिकारी मौके पर आकर जांच करेंगे और लोगों के बयान दर्ज करेंगे।
बासागुड़ा में रविवार की दोपहर आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बस्तर कमिष्नर जीआर चुरेन्द्र, आईजी पी सुंदरराज, बीजापुर कलेक्टर रितेष अग्रवाल, सुकमा कलेक्टर विनित नंदनवार एवं बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप ने सिलगेर गांव के करीब पचास लोगों से चर्चा की। करीब डेढ़ घंटे चली मैराथन बैठक में कैम्प के बारे में अफसरों ने कहा कि ये शासन स्तर का मसला है और इस बारे में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जहां तक कैम्प के निजी भूमि की बात है, इसका परीक्षण किया जाएगा। नक़्शे और खसरे देखे जाएंगे। सुकमा कलेक्टर ने इस मामले को लेकर दण्डाधिकारी जांच के आदेश दे दिए हेें और जांच के बिंदू तय किए हैं। दण्डाधिकारी खुद आएंगे ओैर मौके पर जांच करेंगे। इसके अलावा यदि कोई बयान दर्ज कराने आना चाहता है, तो उसके आने जाने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाएगी। यह भी कहा गया कि गांव में कुछ लोग घायल हैं और इनके उपचार की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी। लोग घायलों को निःसंकोच ले जा सकते हैं। वाहन की व्यवस्था सरकार करेगी। आदिवासी समाज की ओर से प्रतिनिधियों में ंतेलम बोरैया, नरेन्द्र बुरका, अमित कोरसा,सुकमती हपका एवं अन्य शामिल थे।
कोरोना है, लोग एकत्र ना हों |
बैठक में अफसरों ने ग्रामीणोें को समझाईश दी कि अभी कोरोना काल चल रहा है और ये बेहद नाजुक समय है। ऐसे में हजारों लोगों का एक स्थान पर एकत्र होना उचित नहीं है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अफसरों ने ग्रामीणों का समझाईष दी कि सभी अपने घरों को लौट जाएं। ,
कई मांगों पर प्रशासन की हामी
अफसरों ने गांव के लोगों की कई मांगों पर सहमति दी। मौके पर ही स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, नलकूप, राषन दुकान एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र की मंजूरी दे दी गई। लोगों से कहा गया कि यदि कोई भी समस्या हो तो वे सीधे प्रषासनिक अफसरोें से संपर्क कर सकते है। हर संभव मदद के लिए प्रषासन तैयार है।
कमिश्नर ने ये कहा बस्तर कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र ने कहा कि सरकार इस इलाके में अमन चैन और तरक्की चाहती है। कोई भी समस्या बातचीत से हल हो सकती है। इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है। विकास की दृष्टि से ये इलाका अत्यंत पिछड़ा हुआ है ओैर नागरिक सुविधाओं की यहां बेहद जरूरत है। भूमि समतलीकरण, तालाब निर्माण आदि कार्यों के लिए लोग आवेदन दे सकते हैं। प्रषासन हर कदम पर उनका सहयोग करेगा।
रायपुर – पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर के सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को गिरफ्तारी की चुनौती दी। उनके साथ भारी संख्या में भाजपा नेता एवं पुलिस बल मौजूद थे | बता दें कि टूलकिट मामले में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ गैर जमानती धारा में अपराध दर्ज किया था |
आज सुबह 9.45 बजे के करीब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह थाने जाने के लिए अपने मौलश्री विहार स्थित घर से रवाना हुए। उनके घर से निकलने पर भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, सच्चिदानंद उपासने, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीचंद्र सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव जैसे नेताओं के साथ भाजपा डॉ. रमन सिंह सुबह 10.15 बजे के करीब रायपुर के सिविल लाइंस थाने पहुंचे।
थाने गेट के सामने मंच लगा राज्य सरकार और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। इस धरने के जरिए भाजपा अपने नेताओं के खिलाफ हुए FIR और सरकारी के महामारी कानून दोनों को चुनौती दे रही है।
जगदलपुर… यह सच है कि किसान अन्नदाता होता है और यह भी सच है कि किसान की सुनने वाला कभी-कभी कोई नहीं होता यह हाल सिर्फ बस्तर का नहीं संभवतः पूरे देश में देखने को मिलता है जब किसान शासन प्रशासन से हार जाता है तो कई बार लाचारी और बेबसी के कारण आत्महत्या जैसे बड़े कदम उठाने हटता… शासन किसानों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए कई सारी योजनाएं बनाती हैं शासन की मंशा स्पष्ट होती है कि उनके राज्य अथवा देश के किसान समृद्ध शाली बने आत्मनिर्भर बने लेकिन जब शासन के अधीन प्रशासन के अधिकारी लापरवाही की चरम सीमा पर पहुंच जाएं तो किसान बेबसी की जिंदगी जीने को मजबूर हो जाता है |
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार वैसे तो किसानों की हित के लिए लगातार प्रयासरत दिखती है लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते छत्तीसगढ़ के किसान भी कभी-कभी परेशानी झेलने को मजबूर हो जाते हैं |
ताजा मामला बस्तर जिले के करंजी लैंप्स से जुड़ा हुआ है जहां के सैकड़ों किसान मक्का का उपार्जन कर फंस गए हैं दरअसल बात यह है कि मक्का खरीदी के लिए लैंप्स ने पंजीयन ही नहीं करवाया और किसान लाखों रुपए की मक्का पैदावार कर फंस गए हैं अब किसानों की सुनने वाला कोई नहीं रहा |
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों की समस्या को लेकर निश्चित तौर पर ही गंभीर दिखती है यही वजह है कि इस वर्ष भी वैश्विक महामारी कोविड-19 के भीषण दौर में भी सरकार ने राजीव गांधी ने योजना के माध्यम से किसानों की सुध लेते हुए उनके खातों में करोड़ों रुपए डालकर किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया और आपदा दा काल में भी किसानों को आत्मबल प्रदान किया… बावजूद इसके बस्तर में बड़ी प्रशासनिक लापरवाही के चलते सैकड़ों किसान इस वर्ष मक्का खरीदी से महरूम रह गए हैं इस संबंध में जब जिला स्तर के अधिकारियों से बात की गई तो सभी अधिकारी टालमटोल करते नजर आए और सिर्फ एक दूसरे पर आरोप लगाने के अलावा कुछ नहीं कर पाए |
किसानों की मक्का खरीदी के संबंध में जब जिले के खाद्य नियंत्रक अजय यादव से बात की गई तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए किसी और से जुड़ा हुआ मामला बताया और कहा कि इसमें हमारी कोई गलती नहीं है अगर साहब चाहते तो उक्त मामले में स्वयं संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों तक मामले को पहुंचा सकते थे जिससे किसानों को बड़ी राहत मिल सकती थी लेकिन एसी कमरे के अफसरशाही की लत में मगन अधिकारी को किसानों की सूट लेने के लिए फुर्सत ही कहां अगर यह बात किसी राईस मिलर्स से जुड़ी होती तो साहब निश्चित तौर पर ही बात आगे बढ़ाते क्योंकि मामला किसानों से जुड़ा था इसीलिए साहब ने हाथ पीछे खींचना जरूरी समझा |
हमारी भी सुनो शासन और प्रशासन… हम छत्तीसगढ़ के अन्नदाता तो इतनी बेबसी क्यों…
किसानों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि अगर हम छत्तीसगढ़ के अन्नदाता हैं तो हमारी भी कोई सुनने वाला क्यों नहीं है छत्तीसगढ़ की सरकार तो किसानों के हितों के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही हैं फिर क्यों हमको इतनी यातनाएं झेलनी पड़ रही है उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन और बस्तर जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर रजत बंसल से मांग करते हुए कहा है कि किसानों की सुध लेते हुए कृपया 31 मई से पहले तक मक्का खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और उन्हें अपने मक्का की उपज को बेचने के लिए किसी अन्य जगह पर ना जाना पड़े और करंजी लैंप्स कंपाउंड में ही मक्का खरीदी की व्यवस्था की जाए जिससे कि उन्हें फिर से कर्जदार होने की नौबत ना पड़े |
31 मई मक्का खरीदी की आखिरी तारीख… किसानों को सता रहा कर्जदार होने का डर
इस वर्ष तक छत्तीसगढ़ शासन ने 31 मई मक्का खरीदी की आखरी तारीख तय की गई है और ऐसी परिस्थिति में किसान बेहद परेशान हैं मई का महीना अपने अंतिम पड़ाव की ओर है और कुछ दिनों बाद ही वर्षा काल प्रारंभ होने को है और मक्का की खरीदी नमी मापक यंत्र के जांच उपरांत ही हो पाती है ऐसे में किसानों के पास उचित भंडारण की व्यवस्था ना होने के कारण भी मक्का को संरक्षित रखना बड़ी चुनौती है |
करंजी लैंप्स के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पोटानार के किसान रमेश ठाकुर, अजय जोशी, प्रकाश पानीग्राही ने जानकारी देते हुए बताया कि सिर्फ उनके गांव में ही 1000 क्विंटल से भी ज्यादा मक्का जाम हुआ पड़ा है जिसे बेचने की तैयारी कर बैठे हुए हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं अगर 31 मई के पहले तक उनका मक्का नहीं खरीदा गया तो वह फिर से कर्जदार हो जाएंगे पिछले वर्ष भी मजबूरी वश करंजी लैंप्स के किसानों को 1200 से 13 सौ रुपए में बिचौलियों को मक्का बेचना पड़ा था यही हाल इस वर्ष भी रहा तो बहुत ही तकलीफ में फंस जाने की बात किसानों ने कही |
इस पूरे मामले को लेकर करंजी लैंप्स के प्रबंधक का कहना है कि उन्हें इस वर्ष शासन की तरफ से मक्का खरीदी के लिए कोई भी आदेश नहीं मिला है इसीलिए मक्का खरीदी करना संभव नहीं है |