City Media - Page 1596 of 1845 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1596

ग्राम पंचायत चिपरा सरपंच की मनमानी, गौठान बनाने की आड़ में ग्रामीणों के विरोध बावजूद मुक्तिधाम व् आम रास्ता गेट लगाकर बंद किया

0

छत्तीसगढ़ शासन की महती योजना नरवा गरवा और घुरवा बाड़ी के अंतर्गत ग्राम पंचायत चिपरा में गौठान का निर्माण कराया जा रहा है किन्तु उक्त निर्माण को लेकर ग्रामीण एवं सरपंच एक मत नहीं है | ग्रामीणों द्वारा सरपंच पर आरोप लगाया जा रहा है कि उनके द्वारा मनमानी की जा रही है | सरपंच द्वारा गौठान के लिए चयनित भूमि के मध्य से वर्षों पुराना मार्ग है जो कि किल्लेकोड़ा, झरणटोला एवं अगरियापारा की ओर जाता है उक्त मार्ग में कृषकों द्वारा अपने खेत पर पहुँच मार्ग के लिए भी करते है उसी मार्ग में पंचायत का मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय तथा पिछले कार्यकाल के लाखों की लागत से बना तालाब है जिसका प्रयोग ग्रामीणों द्वारा निस्तारी के लिए किया जाता है

जिसे सरपंच एवं अधिकारियों द्वारा वर्षों पुराने मार्ग को लोहे का बड़ा गेट लगा मार्ग को ही गौठान के नाम से बंद कराया जा रहा है एवं बौंड्रीवाल बनाने से किसानों को खेत जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है | सरपंच द्वारा मनमानी करते हुए गौठान के दोनों ओर लोहे का बड़ा सा गेट लगाकर इस मार्ग को अवरुद्ध किया जा रहा है जिसका विरोध ग्रामीण जनों द्वारा निर्माण के पूर्व से किया जा रहा है जो कि अनुचित है | किसानों का कहना है कि भविष्य में हमारे द्वारा आगे कृषि भूमि पर शासन की किसी योजना का क्रियान्वयन करने के लिए जैसे पशुपालन, मत्स्य उत्पादन व पोल्ट्री जैसे व्यवसाय करना चाहेंगे तो उन्हें आवागमन की समस्या होगी एवं योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे |

यही पूर्व सरपंच राणा ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा में भूमि चयन को लेकर आपत्ति की गई थी ग्राम के दूसरी ओर राजा पठार क्षेत्र में गौठान बनाने की बात की गई थी किन्तु सरपंच एवं अधिकारी अपनी मनमानी करते हुए उक्त भूमि का चयन किया गया है जो कि उचित नहीं है | सार्वजनिक मुक्तिधाम एवं तालाब पर गेट लगाकर बंद किये जाने से वर्षों पुराना मार्ग भी बंद हो जायेगा ऐसा कर सरपंच द्वारा जमीन पर कब्ज़ा करना उचित नहीं है |

वहीँ दूसरा पक्ष जो कि सरपंच के समर्धन में है उनका कहना है कि जिन ग्रामीणों द्वारा भूमि का अतिक्रमण किया जा रहा था वही विरोध कर रहे है |

सरपंच ग्राम पंचायत चिपरा कुमारी बाई भुआर्य

का इस सम्बन्ध में कहना है कि गौठान निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जा चूका है और आने जाने के मार्ग कि बात है तो उसके लिए ग्रामीणों के आवागमन के लिए अन्य मार्ग का निर्माण किया जायेगा और साथ ही यदि वे इसी मार्ग का उपयोग करना चाहे तो कर सकते है और ग्रामीणों के विरोध कि बात पर कहा कि उनका विरोध करना गलत है कि उक्त गौठान का निर्माण अधिकारियों के निर्देशानुसार ही किया जा रहा है और ग्रामीण इसके निर्माण में अवरोध पैदा करेंगे तो गौठान का निर्माण नहीं किया जायेगा |

ग्रामवासी उदेलाल सिन्हा

के कहे अनुसार गौशाला का निर्माण होना चाहिए किन्तु उनका वर्षों पुराना रोड भी बचना चाहिए जो कि एकमात्र किल्लेकोड़ा व् झरण जाने का एक मात्र जरिया है उसके साथ ही मुक्तिधाम और लाखों की लागत से बना तालाब को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए उसके बाद बचे हुए भूमि पर गौठान का निर्माण किया जाये |

ग्रामवासी चन्द्र कुमार बारसागढ़े

ने बताया वर्तमान गौठान का निर्माण वर्षों पुरानी रोड पर किया जा रहा है | पहले जब ग्राम सभा की बैठक हुई थी तब कहा गया था कि इसका निर्माण रोड को छोड़कर बनाया जायेगा किन्तु जब निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया तो इस बात का ध्यान नहीं रखा गया इस रोड का प्रयोग ग्रामवासी 30-40 वर्षों से अपने मुलभुत उपयोग के लिए करते आ रहे है | इन्होने बताया कि इनकी भी जमीन गौशाला निर्माण के अंतर्गत आ रही है | गौशाला के लिए एक बड़ा 30 फीट लोहे का दरवाजा भी लगा दिया गया है जब ग्रामवासी द्वारा आपत्ति कि गई तो सरपंच का कहना है कि यह दरवाजा ग्रामीणों के आने जाने के लिए खुला रहेगा | जब दरवाजा को खुला ही रखना था तो लगाने का क्या तात्पर्य है |

ग्रामीण द्वारा कलेक्टर, एसडीएम् व् तहसीलदार मैडम से अनुरोध किया है कि उक्त विवादास्पद मामले का निराकरण करें |

जांच अधिकारी डौंडी एन के सुपेत के अनुसार

गौठान निर्माण की शिकायत ग्राम चिपरा के ग्रामवासी उदेराम सिन्हा, शिव राम, चन्द्र कुमार द्वारा कलेक्टर महोदय से की गई जिसके फलस्वरूप मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डौंडी के द्वारा जांच इन्हें अधिकारी नियुक्त किया गया जिनके साथ तकनीकी अधिकारी गणेश्वर कँवर है | जांचकर्ता अधिकारी का कहना है कि ग्रामवासी द्वारा एक बार फिर से आपस में सलाह कर उचित निर्णय ले जिसमे पटवारी को भी बुलाया जाना चाहिए उसके पश्चात् ही कार्य का संपादन किया जाना चाहिए | गौशाला का निर्माण नरवा घुरवा बाड़ी के अंतर्गत किया जाना है |

उक्त विवाद के बाद भी निर्माण कार्य जारी है जिससे शासन के पैसों का दुरूपयोग किया जा रहा है | ग्रामीणों ने मांग की है कि इसका उचित निराकरण किया जाये | वहीँ मुक्तिधाम को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया बिना ही निर्माण कार्य करने से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार जैसे कार्यक्रम करने में बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है |

गांव में फैक्ट्री लगाकर हमारे संसाधनों को बर्बाद करने की साजिश बन्द करे, राज्यपाल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, प्रस्तावित फैक्ट्री रिहायशी इलाके से हटाए सरकार – संघर्ष समिति

0

जगदलपुर – मेंसर्स गोपाल आइरन एंड स्पंज लिमिटेड कंपनी के द्वारा ग्राम चपका में प्रस्तावित भूमि के विरोध में अब विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं ,पहले चरण में सभी आसपास के 11 गांवों के लोगों के द्वारा इस लड़ाई को आगे ले जाने के लिये अधिकृत संघर्ष समिति बनाकर आमजनो का समर्थन जुटाया गया अब मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन देकर उक्त स्थल पर फेक्ट्री न लगाने की मांग की है।
संघर्ष समिति के पिलीबाई कश्यप, चंद्रु राम बघेल सुशील पानीग्राही, कैलाश मौर्य ने बताया कि फेक्ट्री के बनने से आसपास के लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा रिहायशी इलाका होने के कारण उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा कारखाने के चिमनियों से निकला जहरीला धुंआ वातावरण को प्रभावित करेगा जिससे पेड़ पौधे पर असर पड़ेगा।साथ ही मानव समाज पर भी स्वास्थ्य को नुकसान होगा । इसलिए इस फेक्ट्री का निर्माण यँहा न हो।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg

नदी किनारे बाढ़ प्रभावित इलाका है फैक्ट्री लगने से गांव होगा प्रभावित- संघर्ष समिति के द्वारा सौंपे ज्ञापन में यह कहा है कि जिस स्थान पर प्लांट प्रस्तावित है वह काकड़ीघाट पुल के समीप है यँहा बारिश के दिनों में हर साल बाढ़ आने से नेशनल हाइवे जाम होता है और जलस्तर गांव तक आता है अब इस जगह पर निर्माण होने से बाढ़ का पानी चपका में डुबायेगा ऐसे में यँहा फेक्ट्री निर्माण नही किया जाना चाहिए।

विधायक,पूर्व मंत्री समेत जनप्रतिनिधियों को कराया अवगत-
संघर्ष समिति के द्वारा क्षेत्रीय पूर्व मंत्री केदार कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप को मामले से अवगत कराकर जनप्रतिनिधियों को दखल देने की मांग की है।

This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg

संघर्ष समिति के सदस्यों ने विधायक चंदन कश्यप से मिलकर शासन प्रशासन को दखल देने की माँग की।

राज्यपाल से जल्द मिलेगा प्रतिनिधिमंडल- इस मामले को लेकर जल्द ही राजभवन से शिकायत की जाएगी और पूरा विवरण राज्यपाल के समक्ष रखा जाएगा।

नाइट कर्फ्यू का हो कड़ाई से पालन इस लिए पुलिस अधिकारी उतरे सड़को पर

0

जगदलपुर। शहर में नाइट कर्फ्यू लगा है इसका सख्ती से पालन करवाने पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक झा के निर्देशन में पुलिस अधिकारीयो ने शहर में मुख्य चौक चौराहों का निरीक्षण किया एडिश्नल एसपी ओपी शर्मा सीएसपी हेमसागर सिदार, कोतवाली टीआई एमन साहू, बोधघाट टीआई धनंजय सिन्हा, परपा टीआई बी आर नाग, ट्रैफिक टीआई कौशलेश देवांगन समेत अन्य थानों और चौकियों के प्रभारी शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों ने शहर के चांदनी चौक, संजय मार्केट चौक, गोलबाजार चौक, महावीर चौक समेत अन्य जगहों पर निरीक्षण किया आपको बता दे कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से नाइट क‌र्फ्यू लागू किया गया है। इसके तहत रात आठ बजे से सुबह छः बजे तक अत्यावश्यक सेवा एवं मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य गतिविधियों पर रोक है पुलिस जे द्वारा शहरों में चौकसी बढ़ाने के साथ साथ रात आठ बजे से पहले ही सभी दुकान बाजार बंद कराये जा रहे हैं एवं लोगों को समय से पहले ही घर जाने को कहा जा रहा है। रात के समय आने जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg

भ्रष्टाचार: आसना पंचायत सरपंच की दास्तान… बिना अनुमति के ही गांव के तालाब की मिट्टी को बेच डाला…

0

जगदलपुर… पंचायतों में भ्रष्टाचार की बात कोई नई बात नहीं है शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए शासकीय राशि के दुरुपयोग की बातें तो अक्सर चर्चा में होती ही हैं साथ ही पंचायत की संपत्तियों को भी पंचायत के जनप्रतिनिधि और पंचायत सचिव सेंधमारी कर जेब गर्म करने में लगे रहते हैं ऐसा ही एक मामला इन दिनों जगदलपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत आसना में देखने को मिल रहा है दरअसल बस्तर जिला प्रशासन के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे बकावंड मार्ग में स्थित आसना मोटल में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसके अंतर्गत पूर्व से निर्मित बिल्डिंग का मरम्मत कार्य के अलावा पार्क का भी निर्माण किया जाना है इन निर्माण कार्यों के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत आसना को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया है जिसका भरपूर फायदा इन दिनों पंचायत के सरपंच और पंचायत सचिव उठा रहे हैं मोटल में निर्माण कार्य के लिए मिट्टी की आवश्यकता को देखते हुए जिला कलेक्टर महोदय द्वारा पंचायत के जनप्रतिनिधियों से चर्चा उपरांत आसना पार्क से लगे बाघमुंडा तालाब की मिट्टी लाने की सहमति बनी थी इस तालाब का उपयोग ग्रामीण विगत कई वर्षों से समूह के माध्यम से मछली पालन कर आजीविका चलाने के लिए भी कर रहे हैं जिससे पंचायत की संपत्ति बाघमुंडा तालाब का गहरीकरण भी हो जाता और मिट्टी की आपूर्ति भी आसना मोटल को आसानी से हो जाती… गहरीकरण होने से तालाब में मछली पालन करने वाले समूह के सदस्य भी खुश नजर आ रहे थे लेकिन ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और पंचायत सचिव ने मिलकर तालाब की मिट्टी को आसना पेट्रोल पंप के बाजू में बन रहे एक बड़े होटल के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी से सांठगांठ कर लाखों की मिट्टी बेच डाली…

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत ने तालाब की मिट्टी को बिना जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए तथा बिना अनुमति के ही लाखों रुपए की मिट्टी व्यवसायिक उपयोग के लिए बेच डाली जिसमें टिप्पर के माध्यम से कई ट्रक मिट्टी का परिवहन एनएच किनारे बन रहे एक बड़े होटल निर्माण के लिए दिया गया… इस मामले को लेकर जब पंचायत सचिव से चर्चा की गई तो उन्होंने कलेक्टर साहब से अनुमति उपरांत ही तालाब से मिट्टी खोदने की बात कही लेकिन सवाल यह उठता है कि बगैर पंचायत के जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए ही पंचायत ने कैसे पंचायत के एक बड़े तालाब की मिट्टी को व्यावसायिक उपयोग के लिए बेच डाला… पंचायत प्रतिनिधियों की इस प्रकार

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg

की मनमानी से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है साथ ही साथ ऐसी हरकतों से जिला प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है अब देखना यह है कि किसके संरक्षण में पंचायत ने तालाब की मिट्टी बेचने का खेल खेला है और कितनी मिट्टी को व्यवसायिक उपयोग के लिए बेच डाला है खैर यह सब तो जांच का विषय है लेकिन सवाल यह उठता है कि जिला प्रशासन के नाक के नीचे शहर सीमा से लगे पंचायत के एक बड़े तालाब की मिट्टी को बेच डालना और प्रशासनिक अधिकारियों को खबर तक ना होना यह दुर्भाग्यजनक है आसना में निर्माणाधीन मोटल बस्तर जिला प्रशासन का ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसमें समय-समय पर बस्तर कलेक्टर द्वारा लगातार दौरा कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जाता रहा है इसके बाद भी बिना किसी अनुमति के इतने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार को अंजाम देना एक साथ कई सवालों को जन्म दे रहा है |

This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg

Breaking कोरोना के दुसरे चरण में लगातार तीसरे दिन दल्लीराजहरा में हुआ कोरोना ब्लास्ट

0

कोरोना की दूसरी लहर में कम्युनिटी स्प्रेड एवं लोगों की लापरवाही से संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है बालोद जिले के कुछ क्षेत्र कंटेंटमेंट जोन की श्रेणी में आ चुके है जहाँ जल्दी ही जागरूकता का परिचय नहीं दिया अथवा प्रशासनिक कड़ाई नहीं की गई तो जल्द ही दुर्ग व रायपुर के जैसे बालोद के कई क्षेत्र भी कंटेंटमेंट जोन को घोषित करना पड़ सकता है | कोरोना की दूसरी लहर बालोद जिले के लिए भयावह साबित हो रहा है |

आज डौंडी ब्लाक से कोरोना संक्रमितों की संख्या 87 रही जिसमे दल्ली से 65,  चिखलकसा से 6 और डोंडी ग्रामीण साल्हे कामता खेरवाही से 16

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg

एंटीजन – 84, आरटीपीसीआर – 03  = 87

दल्ली राजहरा में मिले 65 में से 45 संक्रमितों की वार्डवार जानकारी इस प्रकार है –

वर्तमान कोविड 19 की स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सम्बन्ध में नया आदेश जारी किया गया है जिसमे समस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रातः 06 बजे से संध्या 06 बजे तक ही खुलेंगे |

This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg

दल्लीराजहरा में इस प्रकार कोरोना संक्रमण को देखते हुए कोविड केयर सेंटर का पुनः संचालन किया गया है और साथ ही 45 वर्ष या उससे अधिक लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है |

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png

|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||

This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

जिला कलेक्टर द्वारा आदेशित कोविड 19 के नियंत्रण हेतु धारा 144 के मद्देनजर प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करवाया गया

0

दल्लीराजहरा – जिला कलेक्टर द्वारा कोविड-19 नियंत्रण हेतु व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कार्य अवधि संबंध में आदेश जारी किया गया था | उक्त आदेश के पालन हेतु एसडीएम ऋषिकेश तिवारी तहसीलदार अभिषेक प्रतिमा झा नायब तहसीलदार विनय देवांगन नगरपालिका टीम पुलिस प्रशासन सउनि धरम भुआर्य एवम टीम के द्वारा फ्लैग मार्च कर दुकानों को बंद करवाया गया | संपूर्ण बालोद जिला अंतर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 प्रभावशील की गई है।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

हिड़मा तर्रेम से फरार, सुरक्षा बलों ने डाला डेरा, अपहृत जवान को छोड़ने के बहाने लगाये जा सकतें हैं एंबुश, शासन-प्रशासन की सहमति बगैर कई बने बिचौलिया

0

बीजापुर जिले के बियाबान जंगलों से एक बड़ी खबर आ रही है कि हिड़मा तर्रेम से फरार हो गया है जबकि उसको पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने अभी भी तर्रेम में डेरा डाले हुए हैं। दूसरी तरफ यह बात भी सामने आ रही है कि सुरक्षा बलों को फंसाने के लिए अपहृत जवान को मोहरा बनाया जा रहा है जिसको लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।एक बात यह भी सामने आई है कि कुछ लोग राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए पत्रकारों के साथ अपहृत जवान की तलाशी में निकलें हैं जिसमें दंतेवाड़ा जिले की महिला व दंतेवाड़ा तथा बीजापुर जिले के कुछ पत्रकार भी शामिल हैं।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg

जिले में पूर्ण लाकडॉउन लगाने के लिए युवा कांग्रेस ने कलेक्टर महोदय को लिखा पत्र

0

प्रशासन द्वारा सम्पूर्ण बालोद जिला में 7 अप्रेल से 14 अप्रेल 2021 तक लोकडॉउन घोषित किया गया है किंतु सुबह 6 से 6 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी गयी है जिससे बाजार एवम अन्य स्थानों पर काफी भीड़ उमड़ रहा है जो की चिंता का विषय है सोसल डिस्टेंस का भी पालन नही हो रहा है इसलिए हम मांग करते है कि जिले में पूर्ण लोकडॉउन किया जाए या उसे शाम तक कि बजाय 2 बजे तक छूट देकर कड़े रूप से लोकडॉउन लगाया जाए – प्रशांत बोकड़े( यूका सचिव )

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

22 जवानों की शहादत के बाद वीरान हुआ जीरा गांव फिर आबाद, ग्रामीणों ने कहा- पहाड़ियों पर गोलियां चलने की आवाज सुन गांव छोड़ पूवर्ती में रहें दो दिन

0

मुठभेड़ से पहले जीरा गांव से ही आगे बढ़े थे जवान

अब हालात: इधर कुंआ, उधर खाई जैसे

बीजापुर/जगदलपुर। शनिवार 3 अप्रैल को तर्रेम इलाके के जौनागुड़ा और जीरा गांव में पुलिस और नक्सलियों के मध्य बड़ी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 22 जवानों की शहादत हुई। घटना के तीन दिन बाद संवाददाता ने घटना स्थल पहुंचकर हालात का जायजा लिया तो देखा मुठभेड़ के बाद जो जीरा गांव वीराना पड़ा हुआ था। जहां इंसान तो दूर जानवर भी नजर नहीं आ रहे थे, साल के सबसे बड़े नक्सली हमले के गवाह उसी जीरा गांव में लोग नजर आए।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg

गांव में हालात सामान्य दिखे मानो यहां कुछ हुआ ही नहीं। ग्रामीण अपनी दिनचर्या में व्यस्त दिखे तो दर्जनों ग्रामीण तेलंगाना से मजदूरी कर टैक्टरों में लदकर लौटते दिखे। गांव में मुर्गों की बाग सुनाई पड़ रही थी, खेतों में मवेशियों को चरा रहे चरवाहे और महुआ बिनते लोग मानो घटना से बेखबर हो।

संवाददाता ने यहां ग्रामीणों से चर्चा का प्रयास किया तो , कईयों ने बात करने से इंकार कर दिया मगर एक शख्स ने किसी तरह हिम्मत जुटाते बात की। उसका कहना था कि शनिवार की सुबह गांव के लोग गांव में ही थे। फोर्स जीरा गांव से ही आगे बढ़ी थी। जवान जौनागुड़ा की तरफ बढ़े थे। कुछ देर बाद जौनागुड़ा के आगे पहाड़ियों से गोलियां चलने की आवाज सुनाई पड़ी। यह सुन गांव वाले डर गए। डर के चलते गांव वाले अपने साथ खाने पीने के सामान की गठरियां बांध 20 किमी दूर पूवर्ती गांव भाग गए। उसका कहना था कि डर के चलते दो दिनों तक वे पूवर्ती गांव में ही डेरा डाले हुए थे। तीसरे दिन किसी तरह हिम्मत जुटाते सभी ग्रामीण गांव को लौटे।

This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg

यह जरूर पता चला कि गांव में गोलियां चली थी। जवान-नक्सली मारे गए थे। हालांकि अब भी उन्हें दोनों तरफ से डर है। दबी जुबां से कुछ ग्रामीणों का कहना था कि घटना के बाद उनके हालात इधर कुंआ-उधर खाई जैस हो गई हैं।

बीजापुर का जीरा गांव सुकमा की सरहद से लगा हुआ है, यह गांव शनिवार को हुए मुठभेड़ के बाद सुर्खियों में आया। गांव में वैसे तो बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। तर्रेम को जगरगुंडा से जोड़ रही सड़क से महज 10 किमी के दायरे में जीरा गांव समेत तमाम बसे गांवों पर नक्सलियों का दबदबा है। यही वजह रही कि इलाके में नक्सलियों की पुख्ता सूचना पर शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी फोर्स को उतारा गया था। जिसकी सूचना नक्सलियों को मिल गई थी। जिसके बाद नक्सलियों ने बड़ा एम्बुश प्लान करते टीसीओसी के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम देकर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश को दहला दिया।

लापता जवान नक्सलियों के कब्जे में, फोटो जारी कर नक्सलियों ने कहा- जल्द किया जाएगा रिहा

0

बीजापुर। शनिवार 3 अप्रैल को तर्रेम थाना इलाके के जौनागुड़ा में नक्सलियों से मुठभेड़ में लापता कोबरा जवान राकेश्वर सिंह मन्हास के जीवित होने और उसके अपने कब्जे में होने का दावा नक्सलियों ने किया है। बुधवार को नक्सलियों ने लापता जवान राकेश्वर सिंह की फोटो मीडिया को जारी की। जिसके बाद परेशान राकेश्वर के परिजनों ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है। नक्सलियों की तरफ से जवान को रिहा करने की बात कही गई है। हालांकि जवान को कब छोड़ा जाएगा नक्सलियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur.jpg

जवान की रिहाई के लिए नक्सलियों की तरफ से प्रतिनिधि मंडल भेजने को कहा गया है। जिसके बाद पुलिस महकमा और सरकार की ओर से इस पर मंथन भी शुरू हो गया है। बहरहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रतिनिधि मंडल में कौन-कौन शामिल रहेंगे। पुलिस व सरकार किसे अपने प्रतिनिधि के रूप में नक्सलियों से संवाद और जवान की रिहाई में योगदान देने किसे भेजेगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।

This image has an empty alt attribute; its file name is DPS-3-3.jpg

बहरहाल उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर जवान की रिहाई हो सकती है। अब इस पर उच्च स्तर पर बैठक का दौर भी जारी है।

MOST POPULAR

HOT NEWS