City Media - Page 432 of 1852 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 432

बस्तर संभाग में चल रहा है बड़ा शराब घोटाला, ऊंची कीमतों पर बेची जा रही है अंग्रेजी शराब

0
  • आबकारी अधिकारी के संरक्षण में चल रहा खेल
  • 30 से 100 रु. तक ज्यादा में बेची जा रही है शराब

अर्जुन झा

जगदलपुर जिस आबकारी घोटाले को बड़ा मुद्दा बनाकर भाजपा ने कांग्रेस को प्रदेश की सत्ता से बेदखल किया है, वैसा ही शराब घोटाला बस्तर संभाग में आबकारी अधिकारी के संरक्षण में खुलेआम चल रहा है। अंग्रेजी शराब अनाप शनाप रेट में बेची जा रही है।170 रुपए के पौव्वे की कीमत 200 रुपए और 520 रुपए की बोतल की कीमत 600 रुपए वसूली जा रही है। ग्राहकों को 30 रुपए से लेकर 100 रुपए तक का चूना खुलेआम लगाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में बीजेपी जिन मुद्दों की उंगली पकड़कर सत्ता में काबिज हुई है, उनमें आबकारी घोटाला, पीएससी भर्ती घोटाला और गोठान घोटाला प्रमुख हैं। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा भी उसी राह पर चलती नजर आ रही है। बस्तर संभाग इस रेस में सबसे आगे है। यहां जिला आबकारी अधिकारी के संरंक्षण में जमकर ओवर रेटिंग का खेल चल रहा है।हाल ही में मामला जगदलपुर के चांदनी चौक स्थित विदेशी शराब दुकान का सामने आया है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में 170 रुपये कीमत की फ्रंट लाइन शराब को 200 रुपये में बेचे जाने की बात सबूत के साथ सामने लाई गई है। जगलदपुर में रक्षक कंपनी शराब ठेके चला रही है, जिसकी मनमानी खुलकर सामने आने लगी है। रक्षक कंपनी के इशारे पर यहां सेल्समेन बोतलों के लेबल पर अंकित एमआरपी को स्क्रैच कर ग्राहकों की आंखों में धूल झोक रहे हैं। और मनमानी कीमत वसूलने का काम कर रहे हैं। बस्तर संभाग में मात्र जगदलपुर के चांदनी चौक स्थित मदिरा दुकान में ओवर रेट का खेल नहीं खेला जा रहा है, बल्कि बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, जगदलपुर में भी जमकर ओवर रेट का खेल खेला जा रहा है। यहां से भी इस तरह की खबरें सामने आने लगी है। आपको बता दें कि यहां गोवा व्हीस्की की बोतल की एमआरपी 520 रुपए है जिसे का 600 में बेचा जा रहा है। फ्रंट लाइन क्लासिक बोतल 680 रुपये एमआरपी की और 750 रुपए में बेची जा रही है। वहीं 170 ररुपए वाले क्वाटर को की कीमत 200 रुपए वसूली जा रही है। इतना ही नहीं 340 रुपए एमआरपी वाली पार्टी स्पेशल डिलक्स की अद्धी 400 रुपए में बेची जा रही है। बस्तर संभाग की शराब दुकानों में उपरोक्त ब्रांड की शराब को 30 रुपये से लेकर 100 रुपए तक अधिक वसूल कर बेची जा रही है। कंपनी की मनमानी और अधिकारियों की दबंगई से बस्तर संभाग के मदिरा प्रेमी सरेआम लूटे जा रहे हैं।

जगदलपुर जनपद की सबसे शिक्षित ग्राम पंचायत आसना की सड़कों की हो गई है बुरी गत

0
  • महज चार साल में ही उखड़ गई सीसी रोड 

अर्जुन झा-

जगदलपुर विकासखंड जगदलपुर की ग्राम पंचायत आसना का लगता है कोई आसरा नहीं रह गया है, तभी तो यहां की सारी बुनियादी सुविधाएं चौपट हो गई हैं। भले ही सरपंच चुने हुए नुमाइंदे होते हैं, मगर बस्तर की ग्राम पंचायतों में तो सचिव ही सर्वेसर्वा बनकर काम करते हैं। बेचारे सरपंच तो सिर्फ रबर स्टैम्प बनकर काम करते हैं। ऐसे में जब पंचायत सचिव का गांव ही समस्याग्रस्त हो तो पूरी पंचायत का हाल क्या होगा बताने की जरूरत नहीं है।

ग्राम पंचायत आसना के ग्रामीण पिछले 4 साल से सचिव और सरपंच द्वारा बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा भोगते आ रहे हैं।पंचायत के स्वास्थ्य केंद्र, पंप हाउस, सुलभ शौचालय, सड़कें सभी खस्ताहाल हैं।सीसी रोड निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का परिणाम है की रोड की सीमेंट गायब हो चुकी है, गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। नुकीली गिट्टियों की वजह से जहां ग्रामीणों व बच्चों के पैर जख्मी हो रहे हैं, वहीं साईकिलों और मोटर साईकिलों के टायर पंचर होने की बात आम हो चली है। गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। सीसी रोड का निर्माण चार साल पहले ही लाखों रुपए खर्च कर करवाया गया था। महज चार साल में ही यह रोड नकारा बन गई है। पंचायत के लोग सरकार द्वारा दी जा रही मूलभूत।सुविधाओ का कोई लाभ नही ले पा रहे हैं। ग्राम पंचायत आसना के पंप हाउस की स्थिति काफी दयनीय है। कुछ ग्रामवासियों से बात करने पर पता चला कि सरपंच सचिव को जानकारी देने के बाद भी पंप हाउस की मरम्मत के लिए कार्रवाई नहीं की गई। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक किरण देव से करते हुए उन्हें लिखित आवेदन भी दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। पंप हाउस का भवन कभी भी गिर सकता है और जनहानि हो सकती है। यहां न नाली का ठिकाना है न रोड का और न ही पुल पुलीया का।

पूरा गांव में कीचड़ और गंदगी से भरा है। आसना ग्राम पंचायत को जनपद पंचायत जगदलपुर का सबसे शिक्षित पंचायत माना जाता है। आसना के ताबाकोनी पारा से मुक्तिधाम मार्ग का हाल तो और भी बुरा है। शवयात्रा का इस सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। ग्राम पंचायत के आश्रित पारा छेपड़ागुड़ा रोड की स्थित देखने लायक है। ग्राम पंचायत आसना में दिया तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। सचिव का गांव होते हुए भी यहां बदहली का मंजर है। पारा से हाईस्कूल मार्ग, अस्पताल से खबारी घर तक सुरेश जोशी घर से गुरु घर तक गुरु घर से बागमुड़ा सड़क की बुरी गत हो गई है। आसना के विनोद ठाकुर, प्रवीण चंद यादव तथा अन्य ग्रामीणों ने गांव की बदहाली दूर करने की अपील कलेक्टर विजय दयाराम के. से की है।

72 ट्रेनों को रद्द किया जाना छत्तीसगढ़ के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ : सुशील मौर्य

0
  •  शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने ट्रेनों का परिचालन शुरू कराने सौंपा ज्ञापन 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ता पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 72 ट्रेनों के परिचालन को 4 अगस्त से आगामी 20 अगस्त तक रद्द करने के विरोध में व यात्रियों की परेशानियों के समाधान हेतु रद्द ट्रेनों का परिचालन पुनः शुरू कराने रेलमंत्री के नाम जगदलपुर डीआरएम को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि रेलवे द्वारा छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 72 ट्रेनों को रद्द कर दिए जाने से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है रक्षाबंधन का त्यौहार नजदीक है और रेलवे द्वारा त्यौहार के समय में ट्रेनों का रद्द करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी मांग है कि रेलवे द्वारा रद्द की गई सभी ट्रेनों का तत्काल परिचालन शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिल अध्यक्ष सुशील मौर्य आम जनता से इस मुद्दे पर एकजुट होकर समर्थन करने की अपील की है, ताकि उनकी आवाज को बुलंद किया जा सके व रेलवे प्रशासन को विवश इस निर्णय में पुनर्विचार कर सकें।जिलाध्यक्ष मौर्य ने आगे कहा कि बीजेपी के 10 सांसदों वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश में 72 ट्रेनें रद्द हो गईं। बीजेपी सांसद और नेताओं की तरफ से इस पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया गया है। कोरोना काल से छत्तीसगढ़ में यात्री ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। गुड्स ट्रांसपोर्टिंग और कोयला परिवहन को सरकार ज्यादा महत्व दे रही है। छत्तीसगढ़ के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।गरीब और मिडिल क्लास के लोगों यात्रा के साधन रेल को बाधित किया जा रहा है। 72 ट्रेनें रद्द करना छत्तीसगढ़ की जनता के साथ अन्याय है। छत्तीसगढ़ ने बीजेपी को 10 सांसद दिए हैं। उसके बावजूद सौतेला व्यवहार ठीक नहीं है। प्रदेश के बीजेपी सासंदों को सदन में बात उठानी चाहिए।अगर ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं हुआ तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। इस दौरान राजेश राय, कमलेश पाठक,कोमल सेना, सूर्या पानी, सहदेव नाग, अवधेस झा, सुभाष गुलाटी, ज़ाहिद हुसैन, सेमियल नाथ, महेश द्विवेदी, अभिषेक नायडू, जावेद खान, असीम सुता, लता निषाद, निकेत राज झा, अनुराग महतो, शादाब अहमद, अजय बिसाई, संदीप दास, अंकित सिंह, एस नीला, सलीम जाफर, पंकज केवट, लोकेश चौधरी, उस्मान रज़ा, दुशाल काले, अयाज खान, अनफाज खान एवं अन्य मौजूद रहे।

भाजपा नेता अजय सिंह को भैरमगढ़ से पुलिस ने किया गिरफ्तार

0
  • आदिवासी युवक से जातिगत गाली गलौज के मामले ने पकड़ा था तूल
    बीजापुर भाजपा नेता अजय सिंह को पुलिस ने भैरमगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। मामला आदिवासी युवक के साथ गाली गलौज का है। 1 अगस्त को भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने धरना प्रदर्शन और रैली की थी। सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने कहा था कि कार्रवाई न होने पर पूरे बस्तर संभाग में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी ने भी प्रेसवार्ता कर अजय सिंह की गिरफ्तारी की मांग उठाई थी और भाजपा सरकार पर संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

सांसद महेश कश्यप की पहल पर नगरनार स्टील प्लांट में रोजगार मिलने की बढ़ी उम्मीद

0
  • सांसद कश्यप की पहल पर आंदोलन स्थगित
  •  विभिन्न मांगों को लेकर 59 दिनों तक चला आंदोलन
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर जिले के नगरनार स्टील प्लांट के बाहर चल रही ग्रामीणों की हड़ताल सांसद महेश कश्यप की पहल पर खत्म हो गई है। प्रभावितों का कहना है कि सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय स्तर पर व एनएमडीसी से चर्चा की है, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
    केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एनएमडीसी द्वारा स्टील प्लांट की स्थापना नगरनार में की गई है। क्षेत्र ग्रामीणों से जो वादे प्रबंधन द्वारा किए गए थे उन्हें पूरा करने की मांग को लेकर जय झाड़ेश्वर समिति के बैनर तले जारी धरना 59 दिन बाद खत्म हो गया है। नगरनार स्टील प्लांट में प्रोडक्शन शुरू हो गया है और बाहरी व्यक्तियों द्वारा यहां काम पर रखा गया है। नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना में प्रभावित 10 गांवों के लोगों को किसी भी प्रकार का फायदा नहीं मिल रहा है।नगरनार स्टील प्लांट क्षेत्र की जय झाड़ेश्वर समिति को एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र व बैलाडीला उत्खनन क्षेत्र ले जाया गया। जिसमें यह बातें सामने आई कि कुछ -कुछ काम दिया गया है। एनएमडीसी प्रबंधन इसका मसौदा तैयार कर मुख्यालय भेजेगा, जिससे स्थानीय लोगों को काम मिलने की संभावना बढ़ गई है। चार दिनों पूर्व सांसद महेश कश्यप के कहने पर बैठक हुई थी। सांसद महेश कश्यप दिल्ली में थे और इस मामले को लेकर उन्होंने एनएमडीसी प्रबंधन और नगरनार प्लांट के निदेशक से चर्चा की थी।इसके बाद नगरनार में एक बैठक हुई, जिसमें समिति के प्रमुख सदस्य शरीक हुए। बैठक में कुछ बातों को लेकर सहमति बनी है।

    महेश के आते ही हड़ताल खत्म
    झाड़ेश्वर समिति के सदस्य दिल्ली से सांसद के लौटने के इंतजार में थे। रविवार को सांसद महेश कश्यप के आग्रह पर क्षेत्र की जनता ने फिलहाल इस धरने को स्थगित कर दिया है। भिलाई और बैलाडीला टूर तथा प्रबंधन के साथ बैठक में
    बनमाली नाग, हरि साहू, लखीधर बघेल, अर्जुन सेठिया, लैखन बघेल, जलंधर बघेल, धनश्याम महापात्र, धनुर्जय दास, गीता मिश्रा, कामिनी नागेश व शामिल थे।

    हड़ताल की झलकियां
    दो माह पूर्व नगरनार स्टील प्लांट प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने जय झाड़ेश्वर समिति के बैनर तले आंदोलन शुरू किया था। नगरनार स्टील प्लांट क्षेत्र में स्कूल व अस्पताल निर्माण के साथ- साथ नगरनार स्टील प्लांट से निकलने वाले उत्पादों के परिवहन में प्राथमिकता देने की मांग शामिल थी। नगरनार स्टील प्लांट क्षेत्र के प्रभावितों के साथ जिला कलेक्टर विजय दयाराम के. व एनएमडीसी प्रबंधन के बीच तकरार बढ़ी थी, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव जो कि क्षेत्र के विधायक भी हैं व बस्तर क्षेत्र के मंत्री केदार कश्यप के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी चर्चा हुई थी। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला था जिसके कारण यह आंदोलन चलता ही रहा । दिन रात चली हड़ताल के बाद भी समस्या जस की तस थी। सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय इस्पात मंत्री से भी इस मसले पर चर्चा की तो भी समाधान नहीं निकला।

हमारा छत्तीसगढ़ समृद्ध संस्कृति वाला प्रदेश, अमुस तिहार हरेली पर्व की शुभकामनाएं:केदार कश्यप

0
  • भोलेनाथ के दर से मंत्री कश्यप ने भेजी हरेली की बधाई 
    जगदलपुर छत्तीसगढ़ के वनमंत्री केदार कश्यप ने रामेश्वरम में भगवान शंकर की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने हरेली तिहार की बधाई देते हुए कहा कि हमारे बस्तर में इसे अमुस तिहार कहा जाता है। आज के दिन किसान भाई अपने खेतों में जा कर फसल की पूजा करते हैं। अच्छी फसल की कामना के साथ देव स्थानों में कृषि औजारों की पूजा अर्चना करते हैं।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सभ्यता हमेशा से समृद्ध रही है। हमेशा से छत्तीसगढ़ लोक पर्व, लोक संस्कृति का ध्वजवाहक रहा है। छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है। इस हरेली तिहार से छत्तीसगढ़ में त्योहारों की शुरुआत होती है। सभी त्यौहार किसान को समर्पित तिहार हैं। आज समूचे छत्तीसगढ़ में हरेली का त्यौहार पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। मैं सभी छत्तीसगढ़वासियों को, किसान भाइयों को हरेली पर्व की बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई देता हूं। कल सावन सोमवार भी है भोले बाबा की आराधना में सब लगे हुए हैं। इस पावन सोमवार के लिए भी मैं सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। उल्लेखनीय है कि मंत्री केदार कश्यप इन दिनों सपत्नीक रामेश्वरम की तीर्थयात्रा पर हैं, बावजूद वे राज्य और बस्तर के अपने करीबियों के जरिए यहां के हालचाल की जानकारी ले रहे हैं।

कांग्रेसी ठेकेदार जय कुमार नायर द्वारा बीजापुर जिले में कराए गए सड़क निर्माण की हो जांच: श्रीनिवास रेड्डी

0
  •  हिरोली -कांवड़गांव सड़क का दो माह में ही खराब हो जाना दुखद: रेड्डी
  •  नियद नेल्लानार योजना में किया जा रहा है भ्रष्टाचार
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्रीनिवास रेड्डी ने सरकार से मांग की है कि बीजापुर के ठेकेदार और कांग्रेसी नेता जयकुमार नायर की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा बीजापुर जिले में अब तक निर्माण कराई गई सभी सड़कों की जांच कराई जाए।
    भाजपा नेता श्रीनिवास रेड्डी ने एक बयान में कहा है कि ठेकेदार और कांग्रेस नेता जय कुमार नायर की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बीजापुर ज़िले में सड़कों के निर्माण के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार किया है।
    श्रीनिवास रेड्डी ने विज्ञप्ति में कहा कि जय कुमार नायर की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन के माध्यम से बीजापुर जिले के तेलंगाना राज्य से सटे ग्राम पामेड़ क्षेत्र, कूटरू के बेदरे क्षेत्र और गंगालूर के हिरोली से कांवड़गांव जैसे क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। ठेकेदार जय कुमार नायर द्वारा कराए गए हर सड़क निर्माण के बाद हमेशा विवादों में रहा है। प्रदेश की विष्णु देव साय की सरकार सड़क निर्माण के लिए कड़ी सुरक्षा देती है और सुरक्षा बल के जवान दिन रात सुरक्षा में लगे रहते हैं इसके बाद भी यदि ठेकेदार कांग्रेस नेता जय कुमार नायर की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन द्वारा निर्माण किए गए सड़कें विवादों में आ जाएं तो उन सड़कों की जांच आवश्य ही होनी चाहिए।
    भाजपा नेता श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार अंदुरुनी क्षेत्रों के विकास हेतु विशेष केंद्रीय सहायता से नियाद नेल्लानार योजना के तहत सड़क, पुल, पुलियों का निर्माण कर गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने का हर संभव प्रयास कर रही है। ताकि अंदरूनी क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों को केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय की सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल सके। इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय की सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात सुरक्षा के साये में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछा रही है। इन अंदरूनी सड़कों को बनाने में सुरक्षा बल के कई जवानों की शहादत भी हुई है। इससे सरकार और प्रशासन में बैठे लोग भी वाकिफ हैं। वहीं दूसरी और ठेकेदार और कांग्रेस नेता जय कुमार नायर की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन भ्रष्टाचार करते हुए बिना किसी गुणवत्ता के सड़कों का निर्माण करता आ रहा है फिर वही सड़क दो माह में ही स्वाहा हो जाती है। भाजपा नेता ने आगे कहा कि हिरोली से कांवड़गांव सड़क का दो महीनों में ही ख़राब हो जाना दुःखद है प्रदेश सरकार इसकी जांच कराए।

नून, तेल, मिर्च के लिए जान जोखिम में डालने मजबूर हैं बस्तर संभाग के कई गांवों के आदिवासी

0
  •  इंद्रावती में डोंगी पलटी, तीन ग्रामीण तैरकर निकले, बह गए एक शख्स को होमगार्ड जवानों ने बचाया
  •  तीन किमी दूर झाड़ियों के बीच से निकाला सुरक्षित
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां के ग्रामीणों नमक, मिर्च, तेल, जैसी रोजमर्रा की चीजों के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर उफानती नदियों को डोंगियों के सहारे पार करना पड़ता है। कई दफे ग्रामीणों को जान भी गंवानी पड़ी है। सर्वाधिक त्रासदी अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों को भोगनी पड़ती है। कुछ ऐसा ही हादसा हुआ संभाग के बीजापुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित भैरमगढ़ इलाके में, जहां रोजमर्रा की चीजें खरीदने नदी उस पार गए चार ग्रामीणों की डोंगी उफनती इंद्रावती नदी में पलट गई। तीन ग्रामीण तो तैरकर बाहर निकल आए, मगर एक ग्रामीण बह गया। हालांकि बहे ग्रामीण को समय रहते होमगार्ड के जवानों ने बचा लिया।
    भैरमगढ़ ब्लाक के इंद्रावती नदी के सतवा घाट में बहे एक ग्रामीण को बाढ़ बचाव दल ने रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया है। ग्रामीण बहकर झाड़ियों में फंस गया था। मिली जानकारी अनुसार भैरमगढ़ के इंद्रावती नदी के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित सतवा घाट में डोंगी में शनिवार को दोपहर बाद सवार होकर चार ग्रामीण नदी पार कर रहे थे। इस दौरान अचानक डोंगी अनियंत्रित होकर पलट गई। डोंगी पर सवार चार ग्रामीणों में से तीन ग्रामीण तो तैरकर नदी से बाहर निकल आए, मगर एक ग्रामीण पिलसाय बरसा निवासी बेलनार नदी के बहाव में बहकर दूर झाड़ियों में फंस गया था। वह झाड़ियों को पकड़ कर इंद्रावती नदी के तेज बहाव से जूझता रहा। डोंगी पलटने और एक ग्रामीण के बह जाने की जानकारी मिलते ही भैरमगढ़ के तहसीलदार ने राहत एवं बचाव दल को सूचना दी। इस पर तुरंत बचाव दल को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। बचाव दल रेस्क्यू कर घटना स्थल से 3 किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसे ग्रामीण पिलसाय को सुरक्षित बाहर निकाला लिया। जानकारी अनुसार ये ग्रामीण बेलनार से सतवा सामान लेने आए थे। अबूझमाड़ क्षेत्र में सुविधाओं और संसाधनों की कमी होने के कारण यहां के ग्रामीणों को रोजमर्रा की छोटी छोटी चीजों के लिए इंद्रावती नदी पार करना पड़ती है, तब कहीं जाकर उनके घरों में भोजन बन पाता है। अबूझमाड़ क्षेत्र के पचासों गांव आज भी सुविधा विहीन हैं। वहां सड़कों, पुल पुलियों का अभाव है। जबकि जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण अबूझमाड़ क्षेत्र में नदी नालों की भरमार है। ये नदी नाले बरसात के मौसम में अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित गांवों के ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन जाते हैं। इन गांवों में किराना सामान की दुकानें न रहने के कारण ग्रामीणों को हर छोटी मोटी चीज खरीदने के लिए रोज नदी नालों को पार कर दूरस्थ बड़े गांवों में जाना पड़ता है। नदी नालों को पार करने के लिए ये ग्रामीण पेड़ों के मोटे तनों से बनाई गई डोंगियों का सहारा लेते हैं। ऐसा ही उपक्रम बेलनार गांव के भी बाढ़ग्रस्त इंद्रावती नदी को पार करने के लिए कर रहे थे। इस फेर में वे हादसे का शिकार हो गए। डोंगी पलटने के बाद बाढ़ में बहे ग्रामीण पिलसाय को सुरक्षित बाहर निकालने वाले बचाव दल में कृष्ण देव चालकी, इंदर मांझी, दशरू कुंजाम, सुरेश मोड़ियम, मुन्ना राम उरसा, मनीराम, रामचंद्र पवार व रमेश कुंजाम शामिल थे।

अमृत मिशन में बड़ा झोल, केंद्र सरकार से प्राप्त करोड़ों रुपए फूंकने के बाद भी नहीं हो पाया प्रथम चरण का कार्य

0
  • राज्य स्तर से चयनित पीडीएमसी होने के बाद भी निकाय स्तर पर कर लिया गया पीडीएमसी चयन
  •  फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तकनीकी मूल्यांकन
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर केंद्र सरकार की महति योजना अमृत मिशन में जगदलपुर निगम में बड़ा झोल सामने आया है। केंद्र सरकार से प्राप्त करोड़ों रुपए फूंक डालने के बाद भी इसका लाभ नागरिकों को अब तक नहीं मिल पाया है। क्योंकि मिशन के प्रथम चरण का कार्य भी जगदलपुर नगर निगम में पूरा नहीं हो पाया है।वहीं केंद्र सरकार ने अमृत मिशन के दूसरे फेस को भी लागू कर दिया है।
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (सूडा) द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत मिशन में जल प्रदाय योजना के कार्य जगदलपुर को छोड़कर पूरे राज्य में पूर्ण किए जा चुके है तथा सभी शहरों में जल आपूर्ति भी की जाने लगी है। केंद्र सरकार द्वारा अमृत मिशन के तहत दूसरा फेज भी लागू कर दिया गया है। जबकि जगदलपुर में अभी तक प्रथम चरण की योजना पूर्ण नही हो सकी है।नगर पालिक निगम जगदलपुर के अधिकारियों की उदासीनता और मनमानी के चलते करोड़ों खर्च करने के बाद भी योजना पूर्ण नही हो सकी है। कार्य बंद होने के सबंध में ठेकेदार द्वारा भुगतान लंबित होने की बात कही जा रही है। ठेकेदार द्वारा 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण बताया जा रहा है। वहीं विगत दिनाें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जगदलपुर प्रवास के दाैरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव, महापौर सफीरा साहू के साथ एमआईसी सदस्यों ने अमृत मिशन को जल्द पूरा कराने के लिए अपेक्षित राशि की मांग की। राज्य द्वारा अमृत मिशन 1.0 के शेष बचे हुए एवं अमृत 2.0 के समस्त कार्यों के लिए चयनित पीडीएमसी मेसर्स शाह टेक्नीकल के बाद भी जगदलपुर नगर पालिक निगम द्वारा बिना शासन से aअनुमति लिए अलग पीडीएमसी एजेंसी के रूप में मेसर्स पुराणिक ब्रदर्स का चयन कर लिया गया। एक ही कार्य के लिए दो अलग फर्मो को भुगतान किया जा रहा है। ऐसा करके शासन को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। जबकि केंद्र सरकार के दिशा -निर्देशों के अनुसार अलग पीडीएमसी रखने के लिए अमृत मिशन डायरेक्टर की अनुमति आवश्यक होती है। लेकिन जगदलपुर निगम के अधिकारियों द्वारा बिना किसी अनुमति के स्वयं का स्वार्थ पूरा करने के लिए अलग से पीडीएमसी का चयन कर लिया गया।बिना अनुमति के कार्यादेश
    यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी कार्य के लिए तकनीकी अनुमति जरूरी होती है, तथा 1.50 करोड़ से अधिक के कार्य हेतु अधीक्षण अभियंता द्वारा तकनीकी स्वीकृती प्रदान की जाती है, किन्तु अमृत मिशन हेतु निकाय स्तर पर पीडीएमसी चयन के टेंडर हेतु किसी भी प्रकार से तकनीकी स्वीकृति नही ली गई तथा बिना स्वीकृति के ही टेंडर जारी कर कार्यादेश प्रदान कर दिया गया, जो कि गंभीर भ्रष्टाचार का विषय है। पीडीएमसी कार्य हेतु पुराणिक ब्रदर्स द्वारा जमा किए गए अधिकारियों के बायोडाटा में फर्जी अनुभव दिखाया गया है। 25 साल के व्यति को 22 वर्ष का अनुभव बताया गया है तथा अधिकारियों द्वारा फर्जी बायोडाटा के आधार पर तकनीकी मूल्यांकन कर दिया गया। इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि तकनीकी मूल्यांकन को कार्यपालन अभियंता, नोडल अधिकारी स्तर के अधिकारी का अनुमोदन आवश्यक होता है किन्तु तकनीकी मूल्यांकन का सब इंजीनियर द्वारा अनुमोदन किया गया है। यह शासन के नियमों के विरुद्ध है। पुराणिक ब्रदर्स द्वारा टेंडर प्रक्रिया हेतु प्रदान किए गए बायोडाटा उच्च अनुभव वाले अधिकारियों का दिया गया था, किंतु साईट पर उन अधिकारियों को नियुक्त नहीं की गई। टेंडर के दिशा- निर्देशानुसार टेंडर में दिए गए बायोडाटा वाले ही अधिकारियों को नियुक्त किया जाना था।

    भुगतान में भी फर्जीवाड़ा
    टेंडर के दिशा-निर्देशानुसार अमृत मिशन के कार्य हेतु पुराणिक ब्रदर्स को 7 अधिकारियों की नियुक्ति की जानी थी तथा निगम द्वारा पीडीएमसी के कार्य हेतु भुगतान नियुक्त किए गए अधिकारियों के अनुसार किया जाना था, मगर पुराणिक ब्रदर्स द्वारा 3 अधिकारियों की नियुक्ति करके 7 अधिकारियों की नियुक्ति का बिल प्रस्तुत किया जा रहा है, तथा इस मामले में निगम के अधिकारियों की चुप्पी भ्रष्टाचार की तरफ इशारा कर रही है। पीडीएमसी हेतु जारी किए गए टेंडर में 3 ठेकेदारों ने क्वालीफाई की थी। सबसे कम लागत मेसर्स मार्स इंजीनियरिंग (1.33 करोड़) की थी, मगर भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों द्वारा अधिक लागत (1.71 करोड़) में कार्य पुराणिक ब्रदर्स को दिया गया। इस प्रकार अधिकारियों द्वारा ठेकेदार से मोटी रकम लेकर अधिक लागत में कार्य पुराणिक ब्रदर्स को दिया गया।

    अधिकारी-एजेंसी मालामाल
    निगम के अधिकारियों के भ्रष्टाचार की वजह से 2016 की योजना 8 साल बाद भी पूर्ण नही हो सकी है तथा जनता को अभी तक शुद्ध पेयजल नही मिल रहा है। तथा योजना कब तक पूर्ण होगी ये भी बताने से अधिकारी बच रहे है। लेट-लतीफी के परिणाम स्वरूप 104 कराेड़ की परियाेजना की लागत वर्तमान में 150 कराेड़ तक पंहुच गई है। यह फर्जीवाड़ा काे प्रमाणित करता है। नगर पालिक निगम के एसडीओ एवं अमृत मिशन प्रभारी अमर सिंह ने नगर पालिक निगम जगदलपुर द्वारा बिना किसी अनुमति के अलग पीडीएमसी एजेंसी के रूप में मेसर्स पुराणिक ब्रदर्स का चयन करने के संबंध में कहा कि संचनालय से इसकी अनुमति के बाद नियुक्त किया गया है। वहीं अन्य खामियाें के संबंध में उन्हाेने कहा कि फाईल देखकर ही कुछ कहा जा सकता है।

अनुविभागीय अधिकारी को पट्टा की मांग को लेकर युवा नेता गोपी साहू के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा 

0

विद्या शर्मा उपाध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा पार्षद दशोदा भुआर्य और नगर पंचायत अध्यक्ष लोकेश्वरी साहू ने दिए समर्थन

पूर्व में माननीय अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक और कलेक्टर चंद्रावल सर को भी ज्ञापन दिया जा चुका है।

वार्ड क्रमांक 12 झिटी डोंगरी डौंडीलोहारा के शासकीय भूमि पर 2015 से पूर्व काबिज सभी पीड़ित हितग्राहियों की मालिकाना हक पट्टा देने प्रदान करने लंबित मांगों को लेकर आज अंतिम चरण में माननीय एसडीएम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शिवनाथ बघेल जी को ज्ञापन सौंपते हुए पट्टा की मांग की गई जिसमें नगर वासी शामिल हुए जिसमें राय सिंह देवांगन अनीता सोनी प्रशांत यादव कुनेति सेन झमित मांडवी संतोष कुमार यादव पेमिन उसके संजय श्रीवास तामेश्वरी यादव विमला साहू अन्य सभी साथी उपस्थित रहे।

 

MOST POPULAR

HOT NEWS