जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छ्ग के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। बैज ने खड़गे को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण दिया।लोकसभा के मानसून सत्र के सिलसिले में बैज इन दिनों नई दिल्ली में हैं। कल संसद में उनकी एक बड़ी पहल तब फलीभूत हुई, जब लोकसभा में माहरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का विधेयक पारित हुआ। इसके अलावा बैज मणिपुर की हिंसा के मुद्दे को लेकर भी सदन के भीतर मुखर रहे। मंगलवार को पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कांग्रेस मुख्यालय जाकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात भी की। पीसीसी चीफ व सांसद दीपक बैज ने खड़गे को छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया। उन्होंने खड़गे को जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों बाद भरोसे का सम्मेलन आयोजित होने वाला है। इस सम्मेलन में आपकी उपस्थिति से आयोजन का गौरव बढ़ जाएगा।
हरियाली से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा
जनपद पंचायत डौंडीलोहारा के जनपद पंचायत परिसर में यहां के अध्यक्ष उपाध्यक्ष जनपद सदस्यों के मार्गदर्शन में एवं यहां कार्यरत कर्मचारियों की लगन से प्रत्येक मंगलवार को वृक्षारोपण किया जाता है। जिसके कारण जनपद परिसर की हरियाली उसकी शोभा बढ़ा रही है। कार्यकाल की शुरूआत में यहां पर्याप्त पानी का अभाव था जिसके कारण यहां पेड़ पौधे सूख जाते थे।जिस परेशानी को समझते हुए जनपद अध्यक्ष जागृत सोनकर के द्वारा पंद्रहवें वित्त की राशि स्वीकृत कर कार्य बोर की व्यवस्था करवाई गई।

पत्रकार हसन की माताजी को कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
जगदलपुर पत्रकार हसन रजा की माताजी का गत दिवस देहांत हो गया। आज शोक संवेदना व्यक्त करने इंद्रावती विकास प्राधिकरण के सदस्य मलकीत सिंह गैदू, सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य, तोकापाल ब्लाक अध्यक्ष सहदेव नाग, बस्तर जिला कांग्रेस सचिव रोजविन दास, जिला सचिव महेंद्र महापात्र, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष संदीप दास, सांसद प्रतिनिधि सोशल मीडिया लोकसभा क्षेत्र अनुराग महतो, समर्पित कांग्रेसी नेता राकेश चौधरी ने इस दुख की घड़ी में संवेदना व्यक्त की व परिवार को ढांढस बंधाया।
विधायक जैन के प्रयासों से प्रभावितों को मिला मुआवजा
- एनएमडीसी स्लरी पाइप लाइन प्रोजेक्ट के प्रभावितों को मिली बड़ी राहत
जगदलपुर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के प्रयासों से ग्राम पंचायत नियानार एवं पंडरीपानी के 10 प्रभावितों को 34 लाख रुपए की मुआवजा राशि मिली।पंडरीपानी के तीन तथा नियानार के सात प्रभावितों को भूमि मुआवजा राशि के चेक विधायक कार्यालय में विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग रेखचंद जैन ने प्रदान किए।ग्राम पंचायत पंडरीपानी के गुडडीराम को 2 लाख 18 हजार 448 रुपए, कोसा को 7 लाख 5,981 रुपए, लच्छिन को 3 लाख 58,588 रुपए एवं ग्राम पंचायत नियानार के फगनू को 1 लाख 82 हजार 40 रुपए, प्रदीप मलिक को 1 लाख 45 हजार 632 रुपए, हीरामनी बघेल को 1 लाख 21 हजार 360 रुपए, जयमन बघेल को 4 लाख 85,440 रुपए, नीलकंठ पटेल को 2 लाख 91हजार 264 रुपए, रामेश्वर पटेल को 6 लाख 732 रुपए एवं मोहन चालकी को 2 लाख 91 हजार 264 रुपए के चेक विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रदान किए। इस अवसर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशीलता से आज भूमि प्रभावित किसानों को चेक प्रदान किया जा रहा है। हमारी यूपीए सरकार के समय जो भूमि अधिग्रहण बिल लाया गया था, उसके कारण आज छत्तीसगढ़ में किसानों को उनके भूमि के अधिग्रहण का मुआवजा इतना ज्यादा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद एक किसान पुत्र हैं। इसलिए वे किसानों का दुख दर्द समझते हैं। उन्होंनेे प्रभावितों से प्राप्त राशि का उपयोग सही ढंग से करने की अपील भी की। इस दौरान विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ जनपद सदस्य एवं ब्लाक अध्यक्ष नीलूराम बघेल, जनपद सदस्य धनसिंग बघेल, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमू उपाध्याय, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, ग्राम पंचायत सिडमूड़ के सरपंच हरिबंधु नाग एवं पंचायत पंडरीपानी की सरपंच जयती मौर्य समेत पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विधायक बघेल ने बकावंड ब्लॉक को दी करोड़ों की सौगात
- विधायक लखेश्वर बघेल ने किया 446.46 लाख की नल जल योजना का भूमिपूजन
बकावंड बस्तर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने मंगलवार को बकावंड ब्लॉक के अनेक गांवों को करोड़ों रु. के विकास कार्यों की सौगात दी। इन गांवों में नलजल योजना के कार्यों का विधायक ने भूमिपूजन किया।विधायक बघेल ने बकावंड ब्लॉक की ग्राम पंचायत चितालुर, गुमडेल, कोहकापाल, इरिकपाल, ढोढरेपाल, मसगांव में 446.46 करोड़ की लागत से जल जीवन मिशन के तहत नलजल योजना का भूमिपूजन किया। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में जल जीवन मिशन के तहत राज्य के ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल जीवन मिशन के कार्यों का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। जहां लोग पानी की एक-एक बूंद-बूंद के लिए तरस रहे थे, गंदे पानी पीकर गुजर-बसर कर रहे थे। इन सबके बीच भूपेश सरकार ने बदहाल और बेबस लोगों की जिंदगी में अमृत घोल दिया है। गांवों में घर-घर नल जल कनेक्शन देकर खुशियों की धारा बहाई है। विधायक लखेश्वर बघेल ने सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चितालूर एवं ढोढरेपाल की छात्रााओं को 76 सायकलें वितरित की। इस दौरान श्री बघेल कहा कि छत्तीसगढ़ में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा छात्राओं के लिए सरस्वती साइकिल योजना की शुरूआत की गई है। सरस्वती साइकिल योजना के तहत 9 वीं कक्षा में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य वर्ग के बीपीएल परिवारों की बालिकाओं को साइकिल दी जाती है। ये एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना है, जो न सिर्फ बेटियों को स्कूल आने-जाने में मदद करती है, बल्कि बेटियों की शिक्षा की राह आसान भी बनाती है।लखेश्वर बघेल ने कहा है कि हमारी सरकार गांवों, किसानों, आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। राज्य सरकार हर वंचित तबके तक उनके सामाजिक और आर्थिक अधिकार पहुंचाने का काम कर रही है। आज इसी तारतम्य में ढोढरेपाल में 16 हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टे दिए गए।कार्यक्रम में रामानुज आचार्य, भोलानाथ नाग, अनंत राम, तुलाराम सेठिया, नीलम कश्यप, वीरेंद्र सेठिया, घसुराम बघेल, नवीना भारती, दयाराम भारती, हरीश कश्यप, भूपेंद्र पांडे, अंतुराम बघेल, अंबाली बघेल, राजूराम निषाद, बेनुराम कश्यप, चंपा मौर्य, पवन पानीग्राही, जयमनी कश्यप, लोकनाथ निषाद, राजेश कुमार, जितेंद्र तिवारी, तुलसीराम ठाकुर, नंदू बिसाई एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामवासी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंततः माहरा समाज को मिल गया एससी का दर्जा
- माहरा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने का बिल लोकसभा में पारित
जगदलपुर प्रदेश में निवासरत माहरा समुदाय के लाखों लोगों की वर्षों पुरानी आस और बस्तर सांसद दीपक बैज की मेहनत आज फलीभूत हो गई। इस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने संबंधी विधेयक मंगलवार 1 अगस्त को अंततः लोकसभा में पारित हो गया। सांसद दीपक बैज ने फोन से इस संवाददाता को यह जानकारी दी।आज लोकसभा में बस्तर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में निवासरत माहरा जाति को बड़ी राहत सांसद दीपक बैज की पहल पर मिल गई है। इस जाति को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने हेतु लोकसभा में विधेयक पास हो गया। विधेयक अब राजयसभा में जाएगा, जहां से पारित होने के बाद अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में होगा। इसके बाद माहरा जाति को अनुसूचित जाति की मान्यता कानूनी रूप से मिल जाएगी। सांसद बैज ने इस बड़ी सफलता के लिए माहरा समाज के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग में माहरा समुदाय के लाखों सदस्य हैं। ये लोग वर्षों से अपनी जाति को अनुसूचित जाति अथवा जनजाति में शामिल करने की मांग करते आ रहे थे। इस मसले पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी विशेष पहल करते हुए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार के पास भेजा था। इसके साथ ही सांसद दीपक बैज ने अपने साथ माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष सामू कश्यप, महासचिव बुधराम कश्यप, संरक्षक श्रीराम नाग, कर्मचारी अधिकारी प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष रविंद्र नागवंशी आदि को नई दिल्ली ले जाकर सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष व अधिकारियों, संसदीय कार्य मंत्री से उनकी मुलाकात कराई थी। इस तरह संबंधित फाइल को एक मंत्रालय से दूसरे मंत्रालय में आगे बढ़वाते हुए बैज ने इसे बिल के रूप में पास कराने में कामयाबी हासिल कर ही ली। इस आशय की खबर मिलते ही बस्तर संभाग में रह रहे माहरा समुदाय के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। समुदाय के लोगों ने आतिशबाजी कर और एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी मनाई।
रंग लाई मुख्यमंत्री बघेल व सांसद बैज की पहल
इस बड़ी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद दीपक बैज के जिला प्रतिनिधि सुशील मौर्य ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में निवासरत माहरा जाति के लोगों को इंसाफ दिलाने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। अंततः इन दोनों नेताओं की मेहनत रंग ले ही आई। उन्होंने इस जाति को अनुसूचित जाति जनजाति की सूची में शामिल कराकर उसे आरक्षण और दूसरी सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। सुशील मौर्य ने कहा है कि बस्तर संभाग में माहरा, जाति के लोग हजारों की तादाद में निवासरत हैं। इस जाति के लोग आर्थिक, शैक्षणिक और राजनैतिक रूप से बहुत ज्यादा पिछड़े हुए हैं। वे माहरा जाति को अनुसूचित जाति जनजाति का दर्जा देने की मांग वर्षों से कर रहे हैं। बस्तर के सांसद दीपक बैज इसके लिए लंबे समय से ठोस पहल करते आ रहे हैं। बैज के साथ माहरा जाति के बड़े प्रतिनिधि कई बार केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों और विभागों के उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। बैज की पहल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मुद्दे पर विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर बहुत पहले ही केंद्र सरकार के पास भेज चुके थे। सांसद बैज के नेतृत्व में दिल्ली गए माहरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात कर उनसे लगभग बीस मिनट तक चर्चा की थी। श्री बैज ने मंत्री को समाज के साथ होती आई नाइंसाफी से अवगत कराते हुए माहरा समुदाय को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी हेतु केबिनेट में पेश करने का आग्रह किया था। मंत्री सिंह ने इसे गंभीरता से लिया था।सुशील मौर्य ने कहा है कि सांसद बैज इस मुद्दे को लोकसभा में भी मुखरता के साथ उठा चुके हैं। बैज की सतत सक्रियता के कारण ही अब माहरा जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो सका है। सुशील मौर्य ने कहा है कि अब माहरा जाति के लोगों को भी सरकारी नौकरियों और राजनीति में आरक्षण तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य ने बताया कि सांसद बैज के प्रयासों से अब तक छत्तीसगढ़ की बारह जातियों को अनुसूचित जाति जनजाति का दर्जा मिल चुका है। इसके लिए मौर्य ने इस समुदाय के लोगों को बधाई देते हुए समाज को इंसाफ दिलाने के लिए सांसद बैज के प्रति आभार व्यक्त किया है।सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य ने कहा है कि सांसद दीपक बैज शुरू से बस्तर के हक के लिए लड़ते आ रहे हैं। संसद के सत्रों के दौरान लोकसभा में बैज की सक्रियता हमेशा परिलक्षित होती है। वे जगदलपुर रेलवे स्टेशन में सुविधाओं के विस्तार, वाशिंग लाइन का मुद्दा उठा चुके हैं और इसमें उन्हें बड़ी कामयाबी भी मिली है।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने चलाया गया विशेष मोटर वाहन चेकिंग अभियान
- 46 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व कार्यवाही कर 14,700 रू.वसूला गया जुर्माना।
- विशेष मोटर चेकिंग अभियान के दौरान 14 यात्री बसो पर किया गया कार्यवाही।
- माईन्स कार्य में लगे ट्रक वाहन चालक द्वारा शराब सेवन कर वाहन चलाते पाएं जाने पर किया गया कार्यवाही।
- बालोद पुलिस की आम नागरिको से अपील यातायात नियमों का करे सम्मान, हेलमेट सीट बेल्ट का लगाकर ही वाहन चलावें।
दिनांक 01.08.2023 पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक के मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक यातायात बालोद बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में यातायात प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में यातायात विभाग बालोद की टीम द्वारा दिनांक 01.08.2023 को लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व विशेष मोटरयान चेकिंग अभियान चलाया गया। इस मोटर वाहन चेकिंग का उद्देश्य शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों एवं यात्री बस संचालकों पर प्रभावी कार्यवाही करना एवं जिले में यातायात व्यवस्था के सुगम सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालन हेतु यातायात नियमों के उल्लघंन करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती से कार्यवाही करना व आम जनों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाना है। इस विशेष मोटर वाहन चेकिंग अभियान के दौरान 14 यात्री बसों को रोककर क्षमता से अधिक यात्री परिवहन नहीं करने की समझाईश दिया गया एवं नियमों के उल्लंघन करते पाएं जाने पर 4200 रू. का समन शुल्क वसूल किया गया। माईन्स कार्य में लगे ट्रक वाहन चालक द्वारा शराब सेवन कर वाहन चलाते पाएं जाने पर कार्यवाही कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।


इस संपुर्ण कार्यवाही के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन करते पाएं जाने वाले 46 लापरवाह चालकों के विरूद्व कार्यवाही कर 14,700 रू. जुर्माना वसूल किया गया साथ ही साथ आम जनो को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से समझाईश दिया गया है।
बालोद पुलिस आम नागरिकों से अपील करता है कि यातायात नियमों का पालन करे, नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवे, शराब सेवन कर वाहन न चलाएं, मालवाहक वाहन में सवारी भरकर परिवहन न करे, संयमित गति से वाहन चलाएं एवं वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट अवश्य लगावें। यातायात पुलिस आपकी सहायता के लिए वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस का सहयोग करें।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
https://36bestonlinesale.com/home

पीडीएस राशन दुकानदार और विक्रेता हड़ताल पर
- कमीशन, मार्जिन राशि में वृद्धि और मानदेय की मांग
- पहले ही दिन से दिखने लगा है हड़ताल का व्यापक असर
जगदलपुर कमीशन व मार्जिन राशि में वृद्धि, मानदेय देने, सर्वर की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा कुछ अन्य मांगों को लेकर बस्तर संभाग समेत समूचे छत्तीसगढ़ के पीडीएस राशन दुकानदार एवं विक्रेता 1 अगस्त से राशन वितरण बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। पहले ही दिन से उपभोक्ताओं को राशन के लिए भटकते देखा गया।छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली की पूरे देश में सराहना होती है। यहां का पीडीएस सिस्टम अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन गया है, लेकिन इस सिस्टम से जुड़े दुकानदार, वितरक, तौलईया आदि शोषण का शिकार हैं। उन्हें मेहनत के अनुरूप कमीशन नहीं मिलता और न ही पर्याप्त मार्जिन राशि मिलती है। ट्रांसपोर्टिंग, लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण के दौरान चावल, गेहूं, शक्कर, मिट्टीतेल आदि का बड़ी मात्रा में नुकसान होता है, जिसकी भरपाई भी राशन दुकानदारों को ही करनी पड़ती है। कमीशन के नाम पर दुकानदारों को चावल में महज 30 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाता है। वहीं पोषण आहार, मध्यान्ह भोजन, निशक्तजन आदि के राशन वितरण में कोई कमीशन नहीं है। शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों का कहना है कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा आदि राज्यों में मार्जिन और कमीशन राशि बहुत ज्यादा दी जाती है। लोडिंग अनलोडिंग, ट्रांसपोर्टिंग और वितरण के दौरान शक्कर, चावल, गेहूं व मिट्टीतेल के क्षरण की भरपाई हेतु केंद्र सरकार पर्याप्त राशि राज्य सरकार को देती है, लेकिन यह राशि राज्य के दुकानदारों को नहीं मिल पाती। ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का संचालन दुकानदारों और विक्रेताओं के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। दुकानदारों और विक्रेताओं ने कमीशन व मार्जिन राशि बढ़ाने, मानदेय देने, सर्वर को सुचारु बनाए रखने आदि मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। इसके तहत 1 से 5 अगस्त तक दुकानें बंद रखी जा रही हैं। इसके बाद 6 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
स्वास्थ विभाग द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन का प्रशिक्षण दिया गया
दल्लीराजहरा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन गोंडवाना भवन दल्ली राजहरा में किया गया. स्वास्थ्य सुपरवाइजर रेखू राम साहू ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया. 10 अगस्त को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सभी आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल, कालेज, एवं सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में उम्र के अनुसार डी.ई. सी.दवाई खिलाया जायेगा. 2 से 5 वर्ष के बच्चों को 100 mg का एक गोली, 5 से 15 वर्ष को 100 mg का दो गोली, 15 वर्ष से बडो़ को 100 mg का तीन गोली खिलाना है. साथ में एक गोली अल्बेन्डाजोल की खिलाना है.याद रखें दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों , गर्भवती माताओं, गंभीर रोग से पिड़ित व्यक्तियों को, धात्री माता ( एक सप्ताह की) को दवाई नहीं खिलाना है,. 11 अगस्त से छूटे हुए हितग्राहियों को दलों के द्वारा गृह भेट करके दवाई खिलाया जायेगा. इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मचारियों, शिक्षकगण,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनगण सेवा देगें।

कार्यक्रम के नोडल बी.आर. बरेठिया ने फाइलेरिया के रोकथाम एवं नियंत्रण के विषय में बताया फाइलेरिया मादा क्यू लेक्स मच्छर के काटने से होता है. यह संक्रामक रोग है. हाथ पैर में सूजन दिखाई देता है. पैर हाथी के पैर जैसा हो जाता है, इस लिए इसे हांथीपाव कहते हैं. बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें. अपने आस -पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दे. डी.ई.सी. की दवा फाइलेरिया के परजीवी को मारता है. हम सबको 10 अगस्त को सामूहिक दवा सेवन करना है. प्रशिक्षण में स्वास्थ्य विभाग से सुपरवाइजर लता यादव, पी. नरेटी, महिला बाल विकास विभाग से सुपरवाइजर संध्या दत्ता, रेणु मैम, एवं समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्तागण उपस्थित थे।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
https://36bestonlinesale.com/home


दीपक बैज के पीसीसी चीफ बनने से फायदे में कांग्रेस
- आदिवासी समुदाय और युवा वर्ग का बढ़ रहा है कांग्रेस से जुड़ाव
- पुराने लोगों के पद छोड़ने से नए कार्यकर्त्ताओं को पार्टी में मिलेगी अहमियत
(अर्जुन झा)
जगदलपुर बस्तर के युवा आदिवासी सांसद दीपक बैज के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने से कांग्रेस फायदे में ही रहने वाली है। बैज को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद आदिवासी समुदाय और युवा वर्ग का झुकाव कांग्रेस की ओर तेजी से बढ़ रहा है। भाजपाई खेमे से एकमात्र नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी बड़ा क्रेज रहा है, जिसे ध्वस्त करने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक की जोड़ी कामयाब होती दिख रही है। जबसे दीपक बैज को प्रदेश कांग्रेस संगठन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मिली है, कांग्रेस में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। अब तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजनीति के महाभारत में कांग्रेसी सेना के अकेले योद्धा लड़ाई लड़ते आ रहे थे। श्री बघेल को सत्ता के कुशल संचालन के साथ ही भाजपा के अनेक योद्धाओं के आरोपों तथा ईडी, आईटी, सीबीआई आदि भाजपाई हथियारों का भी अकेले ही मुकाबला करना पड़ रहा था, अब कांग्रेस के अर्जुन भूपेश बघेल को दीपक बैज के रूप में एक कृष्ण मिल गया है। यह जोड़ी निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई गाथा लिखेगी। भूपेश बघेल जहां राज्य में विकास का नया उजियारा बिखेर रहे हैं, वहीं एक सांसद के नाते दीपक बैज संसद में केंद्र सरकार के खिलाफ निरंतर हमलावर रहते हैं। यह इन दोनों की अच्छी जुगलबंदी का ही नतीजा है कि राज्य की दर्जन भर वंचित जातियों को अनुसूचित जाति जनजाति का दर्जा मिलने जा रहा है। इसके लिए भूपेश बघेल और दीपक बैज ने जो परिश्रम किया है, वह किसी से छुपा नहीं है। अब जबकि इन सभी बारह जातियों के लाखों लोगों को सरकारी नौकरियों, उच्च शिक्षा में आरक्षण और दीगर सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा, तब जरूर इन लाखों लोगों का स्नेह कांग्रेस को जरूर मिलेगा। दीपक बैज युवा, उच्च शिक्षित, अनुभवी हैं और सबसे अहम बात यह है कि वे आदिवासी समुदाय से आते हैं। वे कांग्रेस के आदिवासी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। वे शुरू से आदिवासियों के हक में आवाज बुलंद करते आए हैं। एक सक्रिय सांसद के रूप में उन्होंने बस्तर संभाग में अच्छी लोकप्रियता हासिल कर रखी है। अब उनके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद समूचे छत्तीसगढ़ में निवासरत हर जाति के आदिवासियों के बीच कांग्रेस की साख और भी मजबूत होगी। युवा शक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार्म से विमुख होकर कांग्रेस की ओर उन्मुख होने लगी है। बैज के पीसीसी चीफ बनते ही प्रदेश भर के युवाओं में जो जोश ओ जुनून देखने को मिला, वह इसकी बानगी है। युवाओं के कका भूपेश बघेल का दीवाना युवा वर्ग पहले से ही रहा है, लेकिन जो थोड़ी बहुत कमी रह गई थी, उसे बैज को अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने दूर कर दी है।
मोदी के चार्म से विमुख होंगे युवा
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि कश्मीर से धारा 370 हटाकर व पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राईक कराकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को भाजपा के पाले में करने में अच्छी कामयाबी हासिल की है। भाजपा के इस मिथक को तोड़ने में भूपेश बघेल और दीपक बैज की जोड़ी बड़ी कारगर साबित हो रही है। भाजपा लाख जतन करने के बाद भी प्रदेश के आदिवासियों का भरोसा आशातीत रूप से नहीं जीत पाई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी पहली ही पारी में आदिवासियों के हितार्थ अनेक योजनाएं शुरू की। आदिवासी परब सम्मान निधि और आदिवासियों की पूजा पद्धति व लोक परंपराओं के पुनरोत्थान के लिए मुख्यमंत्री ने जो कदम उठाए हैं, उन कदमों ने आदिवासियों का दिल जीत लिया है। दीपक बैज का पीसीसी चीफ बनना सोने पे सुहागा साबित हो रहा है। आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को आदिवासियों और युवाओं के वोट थोक में मिलेंगे, यह अभी से तय हो गया है।
नए चेहरों को दायित्व भी लाभकारी
कांग्रेस संगठन में विभिन्न पदों पर वर्षों से काबिज पुराने चेहरे स्वतः पद छोड़ने लगे हैं। इससे कांग्रेस को नुकसान नहीं, बल्कि लाभ ही होगा। उनकी जगह आम कार्यकर्त्ताओं को संगठन में सक्रिय रूप से काम करने का मौका मिलेगा। एक ही व्यक्ति के सालों साल तक पद पर काबिज रहने से जो कार्यकर्त्ता प्रमोशन की लाईन में खड़े रहे हैं, उनमें निराशा घर कर गई थी। वे बेमन से चुनावों और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में हाथ बंटाते थे। अब पुराने लोगों के पद छोड़ने से ऐसे कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा और वे दोगुने उत्साह के साथ काम करेंगे। वहीं जो पुराने लोग इस्तीफे दे रहे हैं, उनकी निष्ठा कांग्रेस के प्रति जरा भी कम नहीं हुई है। वे पूर्ववत पार्टी हित में काम करते रहने के लिए संकल्पित हैं। इस लिहाज से देखा जाए, तो पुराने लोगों का यह कदम कांग्रेस के लिए लाभकारी ही है। संगठन में पद सम्हालने वाले नए चेहरे इन वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में काम करेंगे।












