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डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक में 3040 कार्यों को मंजूरी

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  • परिषद ने वर्ष 2023-24 की कार्ययोजना का किया अनुमोदन

जगदलपुर जिला खजिन संस्थान न्यास निधि (डीएमएफटी) शासी परिषद की बैठक जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास के तहत अब तक प्राप्त आवंटन, जारी एवं व्यय राशि के संबंध में चर्चा की गई तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 की वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उद्योग एवं जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, नगर निगम सभापति कविता साहू, इन्द्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, शासी परिषद के अन्य सदस्य, कलेक्टर विजय दयाराम के, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, वन मंडलाधिकारी डीपी साहू, कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान संचालक धम्मशील गणवीर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में स्वीकृत कार्यो की प्रगति का वर्षवार, विभाग व जनपद पंचायतवार समीक्षा की गई। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बताया कि मद से 7072 स्वीकृत कार्यो में से 5704 पूर्ण कर लिए गए हैं। लंबित 1368 कार्यों को आगामी तीन-चार माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। शासी परिषद द्वारा वार्षिक कार्ययोजना वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत 3040 कार्यों की स्वीकृति दी गई। इनमें उच्च प्राथमिकता के तहत पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य एवं देखभाल, शिक्षा, कृषि एवं अन्य संबद्ध गतिविधियां, पोषण, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, आजीविका कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजना, सतत जीविकोपार्जन के लिए 1379 कार्य अनुमोदित किए गए। इसके अलावा अन्य प्राथमिकता में भौतिक अद्योसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा और जल विभाजक विकास, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, युवा गतिविधियों को बढ़ावा देना जैसे 1661 कार्यों का भी अनुमोदन किया गया।

आगजनी में हुई मकान की क्षति का बीमा कंपनी करेगी भुगतान और बैंक भरेगा जुर्माना: जिला उपभोक्ता आयोग

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जगदलपुर जिला उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत एक परिवाद में आयोग ने बीमा कंपनी को आगजनी के फलस्वरूप मकान में हुई क्षति प्रदान करने और भारतीय स्टेट बैंक को जुर्माना भरने का आदेश दिया है।प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि परिवादी अजितेश शुक्ला ने भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा जगदलपुर से ऋण प्राप्त कर रायपुर में एक मकान क्रय किया था।सुरक्षा की दृष्टि से उस मकान का बीमा दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी जगदलपुर के द्वारा बीमा कंपनी के प्रस्ताव पर किया गया था। दिनांक 17/01/2018 को परिवादी का मकान आगजनी से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसकी सूचना तत्काल परिवादी द्वारा बैंक को प्रदान की गई थी किंतु बैंक द्वारा निरंतर पत्राचार किए जाने के बावजूद भी बीमा कंपनी के नाम के संबंध में घटना के लगभग 8 माह पश्चात परिवादी को जानकारी प्रदान की जिस पर बीमा कंपनी द्वारा घटना के 8 माह पश्चात क्षतिग्रस्त मकान का सर्वे करवाकर विलंब का आधार लेते हुए परिवादी को लगभग 70000/-देने का प्रस्ताव रखा था जो बीमा धारक को स्वीकार्य नहीं था । जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादी द्वारा प्रस्तुत मकान में आगजनी के कारण हुई क्षति में मरम्मत के बिल को आधार मानते हुए बीमा कंपनी को परिवादी को ₹164000/-मानसिक क्षति हेतु ₹10000/- एवं परिवाद व्यय के रूप में ₹3000/- प्रदान करने का आदेश किया है ।साथ ही भारतीय स्टेट बैंक द्वारा की गई सेवा में कमी व्यावसायिक कदाचरण के लिए ₹10000/- के अर्थदंड से दंडित किया गया है यह राशि जिला उपभोक्ता कल्याण कोष में की जावेगी।जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की खंडपीठ द्वारा उपरोक्त आदेश जारी किया गया है।

नगर निगम आयुक्त ने लिया सफाई व्यवस्था का जायजा

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  • अधिकारी – कर्मचारियों को दिए लापरवाही न करने के निर्देश

जगदलपुर नगर निगम आयुक्त केएस पैकरा ने स्वचछता विभाग के अघिकारी – कर्मचारियों के साथ शहर की साफ सफाई व्यवस्था व जलभराव वाले वार्डो का सुबह जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। शहर की प्रमुख नालियों, जलभराव वाली बड़ी नालियों में गैंग लगाकर व जेसीबी के माध्यम से पूरी सफाई की जा रही है।ताकि बारिश में उक्त क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो । महापौर सफीरा साहू के निर्देश पर शहर के जलभराव वाले वार्डों में चरणबद्ध तरीके से बारिश के पूर्व सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम अमला लगातार प्रयासरत है। महापौर सफीरा साहू भी लगातार सुबह वार्डो का दौरा कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे रही हैं।

वहीं आयुक्त केएस पैकरा सुबह शहर के विभिन्न वार्डो का लगातार दौरा कर रहे हैं। उन्होंने बारिश के पूर्व शहर के चिन्हाकित बड़ी नालियों व वार्डों की निकासी नालियों की सफाई करने का निर्देश दे रखा है। उन्होंने कहा है कि इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही बदार्शत नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारी अपना कार्य ईमानदारी से करें। बारिश के पूर्व शहर के सभी बड़े नालों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वार्डों के सुपरवाइजरों से कहा गया है कि वे अपने – अपने वार्ड में जारी कार्य पर नजर रखें। सुपरवाइजरों को भी साफ शब्दों मे कहा गया है कि सफाई वयवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता विभाग के हेमंत श्रीवास, अजय बनिक, विनय शर्मा व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

पर्यावरण संरक्षण के लिए भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन

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प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर भारतीय मजदूर संघ जिला बालोद ने पर्यावरण संरक्षण संबंधित समस्याओं के उचित निराकरण की मांग को लेकर जिलाधीश जिला बालोद को अनुविभागीय अधिकारी राजहरा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि बालोद जिला में बढ़ते प्रदूषण एवं इसके रोकथाम करना अतिआवश्यक है गया है।
पर्यावरण प्रदूषण की समस्या भारत ही नहीं वरन पूरे विश्व में एक गम्भीर समस्या बनी हुई है।प्रदूषण के कारण मनुष्य कई प्रकार की गम्भीर समस्याओं से जुझते रहता है, जिसमें उसकी शारीरिक एवं मानसिक बीमारी प्रमुख है, प्रदुषण के कारण जलवायु में भी असमय कई प्रकार के परिवर्तन होते रहता है। असमय वर्षा, बाढ़, तापमान में परिवर्तन इसी का परिणाम है। पर्यावरण प्रदुषण के अलावा विगत 2 वर्ष से पूरा विश्व कोरोना वायरस से होने वाले प्रभावों को जान चुका है। इस बीमारी के फैलाव से आक्सीजन की कमी के कारण काफी संख्या में लोग प्रभावित हुए एवं असमय ही उनकी मृत्यु हो गई। लॉकडाउन होने के कारण उस समय पर्यावरण प्रदुषण में अभूतपूर्व सुधार हुआ, नदी-नालों का पानी स्वच्छ हो गया, वायु एवं ध्वनि प्रदुषण में भी कमी आई। परन्तु लॉकडाउन के हटते ही पर्यावरण प्रदुषण में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी। इस काल ने हम सबकों बता दिया कि प्रदुषण को हम जब चाहे तब कम कर सकते हैं।


अतः भारतीय मजदूर संघ इस ज्ञापन के माध्यम से यह मांग करता है कि जिले में होने वाले सभी प्रकार के प्रदूषणों में विशेष ध्यान देते हुए इसके रोकथाम हेतु तत्काल उपाय किये जाये साथ ही निम्न बिन्दुओं पर विशेष ध्यान दिया जाये।

1.जीवन दायनी वायु को प्रदूषित होने से बचाया जाय या प्रदूषण कम करने के उचित उपाय किये जाये।

2.प्रदूषण के स्तर के दर्शाने वाले इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्ड को जिले के सभी प्रमुख शहरों के सभी0प्रमुख जगहों पर लगवाया जाये।

3.नदी नालों के पानी को प्रदूषित होने से बचाने का उचित उपाय किये जाये।

4.अनावश्यक पेड़ों की कटाई रोकी जाय साथ ही साथ ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण कराई जाये।

5.अमानक एवं प्रतिबंधित प्लास्टिक के कैरी बैग पर पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाये।

6.वाहनों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदुषण को कम करने के लिए उचित उपाय किये जाये।
7.पर्यावरण प्रदूषण एवं संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों एवं सामाजिक संस्थाओं कोपुरस्कृत करते हुए उन्हे प्रोत्साहित किया जाये।

8.बालोद जिला अंतर्गत दल्ली राजहरा के टाउनशिप क्षेत्र के आवासों में वृक्षों की अवैध कटाई की जा रही है। इस पर तत्काल रोक लगायी जाये। जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि संघ जिलाधीश बालोद से अपेक्षा करता है कि उक्त सभी बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देते हुए या प्रदुषण की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाही की जावेगी जिससे पर्यावरण की समस्या से बचा जा सके। ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से विमल यादव, नकुल यादव, काशीनाथ,जीवन साहू, भोलेश्वर, छानू, रमेश साहू,भाईराम,झरीयार, चन्द्र शेखर,सागर साहू स्टील खान,रहीम, राधेश्याम, फूलचंद एवं अन्य संघ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बस्तर के माटीपुत्र झेल रहे हैं बेरोजगारी का दंश, बाहरी कर रहे हैं मौज

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  • स्थानीय पोस्ट ग्रेजुएट युवा भी तरस रहे हैं सरकारी नौकरी के लिए
  • बाहरी लोग यहां नौकरी पाकर करा लेते हैं मैदानी जिलों में तबादला

जगदलपुर बस्तर संभाग के पढ़े लिखे युवाओं के लिए यह त्रासदी ही है कि वे एक अदद सरकारी नौकरी के लिए तरसते रह जाते हैं और बाहरी लोग यहां आसानी से नौकरी पाने में सफल हो जाते हैं। नौकरी लगने के चंद माह बाद ही बाहरी लोग राज्य के मैदानी जिलों में अपना तबादला करा लेते हैं और बस्तर की झोली खाली की खाली ही रह जाती है।

पद रिक्त होने के बाद भी स्थानीय योग्य बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल पाती।बस्तर के बेरोजगार युवाओं के इस दर्द को बस्तर संभाग के अंतिम छोर वाले सुकमा जिले के एक युवा ने कुछ इस अंदाज में बयां किया, कि सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो गए, दिल भर आया। यह सुकमा के इस अकेले युवा की कहानी नहीं, बल्कि संभाग के हजारों बेरोजगार युवाओं की जिंदगी से जुड़ी हकीकत है। बीते दिनों सुकमा में युवाओं और महिलाओं ने सरकारी नौकरियों में सिर्फ बस्तर संभाग के ही बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान लॉ के मास्टर डिग्रीधारी एक युवा ने चीख चीखकर व्यवस्था की पोल खोल दी और पूरे संभाग के शिक्षित उच्च शिक्षित युवाओं की व्यथा को सरेआम कर दिया।

एलएलएम की डिग्री हासिल करने के बाद भी नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा यह युवा अपना दर्द सुनाते सुनाते आंसुओं से लबरेज हो उठा था। उसका कहना था कि ऐसी शिक्षा भी किस काम की, जो नौकरी भी न दिला पाए। इसलिए बस्तर संभाग के सारे स्कूल कॉलेज बंद कर दिए जाएं। सामने खड़ा पुलिस का एक अधिकारी भी उसकी बातें सुन अवाक रह गया। इस अधिकारी से कुछ कहते नहीं बन रहा था। अगर यही स्थिति रही, तो तेजी से शांति की ओर अग्रसर होता जा रहा बस्तर आगे चलकर और भी तीव्र रूप से जल उठेगा। इसमें कोई शक नहीं है। बताया जाता है कि सुकमा का यह बस्तर पुत्र एलएलएम कर चुका है। बस्तर संभाग में जो भी वैकेंसी निकलती है, उसके लिए वह हर बार आवेदन करता है, मगर हर दफे उसे मायूसी ही हाथ लगती है। बस्तर संभाग के रिक्त पदों पर बाहर के लोग नौकरी प्राप्त कर लेते हैं। कुछ माह यहां सेवा देने के बाद ये बाहरी लोग नेताओं और अधिकारियों को भेंट पूजा अर्पित करके अपना स्थानांतरण राज्य के मैदानी जिलों में करा लेते हैं। बस्तर में पद फिर खाली ही रह जाते हैं और उसमें पुनः बाहरी ही काबिज हो जाते हैं। बस्तर पुत्र आखिर तक मुंह ताकते ही रह जाते हैं। बस्तर संभाग का इतिहास इस तरह के उदाहरणों से भरा पड़ा है। समय रहते छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार को इस पर संज्ञान लेना होगा। सिर्फ नक्सली समस्या समाप्त करने के दावे वाला स्टेटमेंट मीडिया में जारी कर देने भर से नक्सली समस्या समाप्त नहीं हो जाएगी। कुछ सालों से बस्तर की आबोहवा में जो बदलाव दिख रहा है, उसे धूल धुसरित होने में समय नहीं लगेगा। बस्तर की युवा पीढ़ी जिस तरीके से आक्रोशित है, उसे देखते हुए तो यही लगता है कि यह चिंगारी शोला बनकर भड़क उठेगी, नक्सली यहां के युवाओं को बरगलाकर अपने रास्ते पर चलने के लिए मजबूर कर देंगे। और फिर करोड़ों अरबों रुपए नक्सल समस्या के उन्मूलन के नाम पर दोनों सरकारों को फूंकने पड़ जाएंगे। इसलिए केंद्र और राज्य की सरकारें बस्तर के युवाओं की भावना को समझें, उन्हें राह भटकने से बचाने के लिए नौकरी के अवसर उपलब्ध कराएं।*नेता बांट रहे हैं नियुक्ति पत्र*एक तरफ राजधानी में भाजपा के नेता बेरोजगार युवाओं को नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र बांटते नजर आते हैं, तो दूसरी ओर बस्तर के माटीपुत्र और वनपुत्र एक अदद सरकारी नौकरी के लिए बीच चौराहे पर बिलखने के लिए मजबूर हैं। बस्तर के नेताओं और राजधानी में एसी की शीतलता के बीच मजे कर रहे जनप्रतिनिधियों तथा हुक्मरानों को बस्तरिहा युवाओं के आंसुओं से कोई वास्ता हो ऐसा बिलकुल भी नहीं लगता। अगर बस्तर के माटीपुत्रों के आंसुओं की उन्हें जरा भी परवाह होती, तो बस्तर संभाग के रिक्त पदों पर यहीं के योग्य युवाओं को नियुक्ति दिलाने वे जरूर पहल करते। अगर सरकार ने समय रहते अपनी भूल नहीं सुधारी तो आगामी चुनाव में उसे खामियाजा भोगना पड़ जाएगा।

डेंगू के खिलाफ जन जागरण अभियान

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जगदलपुर इंद्रावती बचाओ के सदस्यों, बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के गणमान्य नागरिकों द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों में डेंगू अवेयरनेस प्रोग्राम चलाया गया। इस दौरान लोगों के बीच विशेष साफ- सफाई जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस मुहिम में प्रमुख रुप से माता रुक्मणी संस्थान के संस्थापक पद्मश्री धर्मपाल सैनी, इंद्रावती बचाओ समिति के संपत झा, किशोर पारेख, उर्मिला आचार्य, डॉ. सुषमा झा, दशरथ कश्यप, राजकुमार झा, स्वास्थ विभाग के प्रशांत श्रीवास्तव तथा गणमान्य नागरिकों ने योगदान दिया।

भूपेश सरकार के प्रयासों से मेला मड़ई में दिख रहा है उत्साह :जैन

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  • साडगुड़ के वार्षिक मेला में शामिल हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन
  • रूपशिला माता एवं बास्ताखाईन माता की पूजा अर्चना कर बस्तर में सुख शांति समृद्धि की कामना की

जगदलपुर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ग्राम साडगुड़ में आयोजित वार्षिक मेला मड़ई में शामिल हुए। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से विधायक रेखचंद जैन का स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नीतियों के फलस्वरूप आज ग्रामीण क्षेत्र के मेले मड़ई में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हमारी सरकार ने आदिम संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जो प्रयास किए हैं और गांव – गांव में मातागुड़ियों के जीर्णोद्धार कराया है, उसके फलस्वरूप आज लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी को अपनी आस्था एवं संस्कारों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। क्योंकि नई पीढ़ी आधुनिकता की चकाचौंध में अपनी संस्कृति से दूर होती जा रही है। इस अवसर पर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, पार्षद सूर्या पाणी, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव मोईन रज़ा कुरैशी, सांसद प्रतिनिधि कमल सेठिया, सरपंच तरुनाथ नाग, उप सरपंच रामचंद्र सेठिया, माझीगुड़ा सरपंच धरम, अलनार सरपंच राजेंद्र बघेल, उलनार सरपंच बर्मा पुजारी, पुजारी सोनाधर, पटेल बुदरु राम, चालकी केशबो, घनश्याम देवांगन, गोविंद नायक, पितांबर, सुंदरलाल सेठिया, सिरहा महेश नाग, देवीसिंह, सुंदर, धनर मांझी, सुखदास, भगत राम, महादेव नाग, बलराम, सोमारू, साधुराम, श्रीपति नायक, लखमू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

चिलकुटी गांव के मेला मड़ई में गूंज उठा माता का जयकारा

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  • देवगुड़ी में विधायक जैन के साथ ग्रामीणों ने लगाए खूब जयकारे
  • जलनी माता, बावड़ी माता व फेमसाय बाबा के मेला में शामिल हुए विधायक रेखचंद जैन

जगदलपुर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन सोमवार की शाम उलनार पंचायत के आश्रित ग्राम चिलकुटी के मेला मड़ई में शामिल हुए। वहां ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। तत्पश्चात उन्होने गुड़ी में जाकर जलनी माता, बावड़ी माता और फेमसाय बाबा की पूजा की। चिलकुटी के वार्षिक मेला- मड़ई में सैकड़ों लोग पहुंचे थे। विधायक ने देवगुड़ियों में पूजा- अर्चना कर बस्तर अंचल तथा राज्य में सुख, समृद्धि व शांति की कामना की। उनके साथ उपस्थित लोगों व ग्रामवासियों ने जलनी माता, बावड़ी माता व फेमसाय बाबा का जयकारा लगाया।

विधायक रेखचंद जैन ने पूजा पश्चात मेला में आए देवों तथा देवियों की भी पूजा की और रस्म के अनुसार मान- दान किया। मेला के दौरान स्व सहायता समूह के सदस्य, राजीव युवा मितान क्लब के पदाधिकारी समेत जिला पंचायत सदस्य धरमू मंडावी, सरपंच वर्मा पुजारी, उप सरपंच फूलमति कश्यप, पुजारी जीवन कश्यप, बुधराम नाग, सिरधर नाग, रामप्रसाद नाग, लछिंदर नाग, श्याम सुंदर कश्यप, नरसिंग नाग, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नीलूराम बघेल, जनपद सदस्य धनसिंग बघेल, कांग्रेस महामंत्री गौरनाथ नाग, राजू, सामनाथ, शंकर नाग, पूर्व पुजारी रामू कश्यप, सगनू नाग, परगनिया चालकी सोमारु, टिलूराम नाग, नडगू राम नाग, कलंदर कश्यप, गणेश कश्यप, वीरेंद्र नाग, सिरहा, गुनिया, पटेल, कोटवार सुखदास, राधेश्याम सेठिया, चंद्रशेखर यादव, नेगी समेत सैकड़ों ग्रामीण विधायक जैन के साथ मौजूद थे।

नहीं बनेगा बोधघाट बांध : बैज

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  • घाटी के नीचे बसे गांव करेकोट, भेजा, बिंता की सभा में बस्तर सांसद दीपक बैज का ऐलान
  • सांसद बैज और विधायक बेंजाम ने किया करोड़ों के विकास कार्यों का किए लोकार्पण

लोहंडीगुड़ा विकासखंड लोहंडीगुड़ा के अंतर्गत घाटी के नीचे बसे गांव करेकोट, भेजा और बिंता में बस्तर सांसद दीपक बैज एवं चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम का प्रवास हुआ। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस सभा में सांसद दीपक बैज ने ऐलान किया कि बोधघाट परियोजना नहीं बनेगी। किसी भी ग्रामीण को विस्थापित नहीं होना पड़ेगा।मंगलवार को सांसद बैज और विधायक बेंजाम ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात ग्रामीणोंम को दी। ग्राम करेकोट में नवीन पंचायत भवन हेतु 19.95 लाख रुपए, ग्राम पंचायत बिंता में नल जल प्रदाय योजना के तहत 1 करोड़ 35.26 लाख रुपए, ग्राम पंचायत भेजा से मारडूम तक 9 किमी डामरीकृत सड़क हेतु 4 करोड़ 53.49 लाख रुपए, करलाकोंटा से मारडूम मटनार तक 6 किमी डामरीकृत सड़क हेतु 3 करोड़ 12 लाख रुपए की स्वीकृति देते हुए इन कार्यों का भूमिपूजन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हल्ला बोलते हुए कहा कि एक समय में बिंता, भेजा, करलाकोंटा, मारडूम इन चारों गांवों में जाने के लिए सड़क तक नहीं थी। लोग बिजली पानी के आभाव में जीते आ रहे थे। भारतीय जनता पार्टी ने घाटी के नीचे बसे गांवों के ग्रामीणों को सिर्फ अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन हमारी सरकार इन गांवों में सड़क बिजली और पानी पहुंचाने का काम कर रही है। बैज ने आज ही 25 करोड़ की लागत से बनने वाले सतसपुर पुलिया का भी भूमिपूजन किया। बस्तर सांसद दीपक बैज ने भरी सभा में ग्रामीणों के बीच ऐलान किया कि बोधघाट परियोजना आकार नहीं ले सकेगी। छत्तीसगढ़ सरकार और हमारी मंशा है कि ग्रामीणों को डूबान की वजह से विस्थापित होना न पड़े। सांसद श्री बैज ने कहा इसके लिए आपको बिल्कुल भी चिंता करने या घबराने की जरूरत नहीं है। अब बोधघाट परियोजना के विकल्प के रूप में चित्रकोट के नीचे मटनार बैराज बनेगा। इस बैराज से लोहंडीगुड़ा बस्तर एवं अन्य जिलों को पानी मिलेगा।

पहाड़ तोड़कर बनाई थी बैज ने सड़क

स्वफूर्त इकट्ठा हुए ग्रामीणों के साथ सांसद ने पहाड़ तोड़कर गांव वालों के लिए सड़क बनाई थी। साल 2016 में छत्तीसगढ़ में जब भाजपा की सरकार थी, तब विपक्ष में रहते हुए तत्कालीन विधायक दीपक बैज ने भेजा पहाड़ को हजारों ग्रामीणों के साथ मिल तोड़कर सड़क बनाई थी। आज उसी सड़क को स्वीकृति मिली है, जो कि लगभग 9 किमी लंबी है और ग्राम भेजा को मारडूम से जोड़ती है। अब यह सड़क डामरीकृत सड़क से जुड़ जाएगी। ग्रामीणों को 20 किमी कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे वहां के ग्रामीणों का सपना साकार होगा।मारडूम घाटी के नीचे बसे ग्राम करलाकोंटा में लगभग 45 घर मौजूद हैं, जहां पहाड़ों के बीच से पैदल जाने का ही रास्ता है। वहां ना तो बिजली है, न पीने का साफ पानी। आज इस गांव में 6 किमी डामरीकृत सड़क की स्वीकृति मिल जाने से जल्द ही करलाकोंटा में बिजली और पीने का साफ पानी भी पहुंच पाएगा। इस दौरान सांसद दीपक बैज, चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश कश्यप, जिला पंचायत सदस्य मालती बैज, बलराम मांझी, जगदलपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष अनिता पोयाम, जनपद सदस्य चैती बघेल, महिला कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष जयंती यादव, सरपंच करेकोट आंती नाग, मंगलू पुजारी, इंदुनाथ नाग, मंगल नाग, सिरहा जगतूराम, सगराम बघेल, सीईओ लोहंडीगुड़ा, पंचगण सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

भ्रष्टाचार से जन्मी बीजेपी को हर जगह नजर आता है भ्रष्टाचार

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  • म्यूजिकल फाउंडेशन, मिट्टी बिक्री, गंबूसिया मछली पर भी राणा और गुप्ता स्पस्टीकरण दें: योगेश

जगदलपुर कांग्रेस के जिला प्रवक्ता योगेश पाणिग्रही ने कहा है कि पंद्रह वर्षों से दलपत सागर की जलकुंभी हटाने के नाम पर लूट मचाने वाले बीजेपी को दलपत सागर के मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है। खासकर बीजेपी नेता सुरेश गुप्ता और संग्राम सिंह राणा को तो नैतिक अधिकार नहीं है। वे सिर्फ सुर्खियों में बने रहने शिगूफा छोड़ते रहते हैं। बीजेपी के दोनों नेताओं को म्यूजिकल फाउंटेन, दलपत सागर की अवैध मिट्टी बिक्री, गंबूसिया मछली पर भी अपनी प्रतिक्रिया देना चाहिए।जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता योगेश पानीग्राही ने कहा है कि भ्रष्टाचार से जन्मी बीजेपी के नेताओं को हर जगह भ्रष्टाचार ही नजर आता है। दलपत सागर की जमीन भूमाफिया के हाथों बेचने का कुत्सित प्रयास महापौर किरण देव के कार्यकाल में हुआ। संग्राम सिंह राणा और सुरेश गुप्ता तब पार्षद थे। उस समय गंबूसिया मछलियां दलपत सागर में डाली गईं थीं। उस पर भी कुछ बोल दें। पूर्व निगम अध्यक्ष संतोष बाफना ने म्यूजिकल फाउंटेन लगाया, उस बारे मे मुंह तक नहीं खुलता है। हजारों गाड़ी मिट्टी कहां गई उस पर भी कुछ बोलना चाहिए। वॉटर हारवेस्टिंग पर भी बीजेपी बोलने का नैतिकता नहीं रखती। क्योंकि नगर निगम द्वारा जांच कमेटी गठित की गई थी। तब बीजेपी के वरिष्ठ पार्षद नरसिंह राव और योगेंद्र पाण्डेय ने क्लीन चिट दे दी। इ बॉल को दलपत सागर मे डाले एक माह भी नहीं हुआ हैं और उस पर ऊंगली उठा कर छोटी मानसिकता इन्होंने दिखा दी है। ये लोग भ्रष्टाचार से जन्मे हैं, इसलिए हर सही काम को उसी चश्मे से देखने की उनकी आदत हो गई है। उन्होंने कहा है कि डालपत सागर में महापौर ही नहीं बीजेपी की नेत्रियां भी सेल्फी लेती हैं। सेल्फी मुद्दे पर बीजेपी संघटन माफ़ी मांगे। महिला महापौर के सेल्फी लेने का बयान महापौर की निजता का हनन है। ऐसा बयान देकर बीजेपी के नेता अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर कर रहे हैं। इन नेताओं के बयान के लिए पूरी बीजेपी को माफी मांगनी चाहिए। आइलेंड इन दिनों जगदलपुर की शान है, सिर्फ महापौर ही नहीं, पूरे प्रदेश की कई माता बहनें भी इसकी सुंदरता देखने आती हैं और दलपत सागर की खूबसूरती को कैमरे मे कैद करती हैं, उस पर टिप्पणी कर बीजेपी ने अपना चाल चरित्र चेहरा उजागर कर दिया।

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