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नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने खेला गया ‘जमीन’ का खेल

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  • प्लांट बेचने केंद्र ने राज्य सरकार पर दबाव डालकर जमीन बिकवाई
  • 146. 05 हेक्टेयर जमीन 99 वर्ष के लिए पट्टे पर दिलवाकर निजीकरण के लिए बना लिया गया रास्ता

अर्जुन झा

नगरनार नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के लिए ‘जमीन’ का बड़ा खेल खेला गया है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार पर विभिन्न फंड रोक देने, छत्तीसगढ़ का विकास अवरुद्ध कर देने, लोक कल्याण की योजनाओं के लिए धन न देने जैसी धमकियां देकर और दबाव डालकर क्षेत्र के आदिवासियों से अधिग्रहित की गई तथा शासकीय भूमि समेत कुल 146.05 हेक्टेयर जमीन को 99 वर्ष के पट्टे पर एनएमडीसी को दिलवा दिया। ऐसा करके केंद्र सरकार ने इस जमीन पर एनएमडीसी द्वारा नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र को बेचने का रास्ता साफ करा लिया। केंद्र की भाजपा सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के लिए प्रयासरत ही नहीं है, बल्कि उसने निजीकरण की राह में आने वाली सभी तरह की बाधाओं को भी हठकंडे अपनाकर दूर कर दिए हैं। इस स्टील प्लांट के निजीकरण की राह में केंद्र सरकार के लिए सबसे बड़ी बन रही थी वह जमीन, जिस पर नगरनार इस्पात संयंत्र स्थापित है। नगरनार इस्पात संयंत्र की जमीन राज्य सरकार के सीआईडीसी के नाम पर रही है। एनएमडीसी आयरन एंड स्टील कंपनी के एकीकृत इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए केंद्र सरकार की मांग पर राज्य सरकार ने नगरनार, कस्तूरी, आमागुड़ा, मंगनपुर व अन्य गांवों के आदिवासियों की और शासकीय समेत कुल 146.05 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। प्लांट कुल 152.06 हेक्टेयर जमीन पर स्थापित है। यह जमीन जिला उद्योग केंद्र (सीआईडीसी ) जगदलपुर के नाम थी। ऐसे में तकनीकी दिक्कतें आना लाजिमी थीं। इस वजह से केंद्र सरकार इस्पात संयंत्र का निजीकरण नहीं कर पाती। राज्य सरकार के स्वामित्व की जमीन पर स्थापित नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण केंद्र सरकार चाहकर भी नहीं कर सकती थी, क्योंकि बिना राज्य सरकार द्वारा एनएमडीसी को जमीन बेचे, केंद्र सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण नहीं कर सकती थी।

केंद्र ने अपनाए ऐसे हथकंडे

नगरनार इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में देने के लिए केंद्र सरकार ने ऐसे – ऐसे हथकंडे अपनाए कि राज्य सरकार को नगरनार इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित जमीन सरकार एनएमडीसी के हाथों में बेचना पड़ गया। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जरूरी धन राशि न देने, छत्तीसगढ़ का विकास अवरुद्ध कर देने, केंद्रीय अनुदान न देने, राज्य सरकार के अधिकारियों पर छापे डलवाने जैसी धमकियां देकर व दबाव डालकर जमीन एनएमडीसी को 99 वर्षीय पट्टे पर दिलवा दी। एनएमडीसी को जमीन की लीज मिल जाने से नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का रास्ता साफ हो गया है। यह कदम बस्तर की माटी और बस्तरवासियों के विश्वासघात से कम नहीं है।

इस तरह हुआ जमीन का खेल

नगरनार स्टील प्लांट 152.6 हेक्टेयर जमीन पर बना है और यह जमीन महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र जगदलपुर के नाम थी। जिला उद्योग केंद्र (सीएसाआईडीसी) ने गुपचुप तरीके से यह जमीन एनएमडीसी को बेच दी है। 6 दिसंबर 2021 को सीएसआईडीसी ने 32.04 हेक्टेयर का डिमांड नोट एनएमडीसी को भेजा। तब 20 दिसंबर 2021 को एनएमडीसी ने 5 करोड़ 10 लाख 60 हज़ार 228 रुपए का भुगतान सीएसआईडीसी को कर दिया। शेष जमीन की राशि लिए 21 दिसंबर 2021 को सीएसआईडीसी ने फिर डिमांड नोट जारी किया। इस डिमांड पर एनएमडीसी ने 27 दिसंबर 2021 को 28 करोड़ 41 लाख 10 हजार 463 रुपए का भुगतान सीएसआईडीसी को किया। ऐसा इसलिए किया गया, कि एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट का हस्तांतरण किसी दूसरी कंपनी को कर सके और इसके बाद इस स्टील प्लांट में विनिवेशीकरण किया जा सके।

99 वर्ष के पट्टे पर दी गई है जमीन

उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनएमडीसी आयरन एंड स्टील प्लांट को एकीकृत इस्पात प्लांट की स्थापना के लिए ग्राम नगरनार, कस्तूरी, आमागुड़ा, मंगनपुर आदि ग्रामों की कुल 146.05 हेक्टेयर शासकीय भूमि 99 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर आवंटित की गई है। इस भूमि के पट्टाभिलेख का निष्पादन 14 मार्च 2022 को किया गया है। इस भूमि के आवंटन से विभाग को भू-प्रब्याजी एवं सुरक्षा निधि के रूप में कुल रु 31.14 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त हुई है।एनएमडीसी द्वारा नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना में लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जा चुका है।

मैथिल गौरव सुरता कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन सम्पन्न

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रायपुर:- कल 26 जनवरी 2023 को बसंत पंचमी के अवसर पर आचार्य सरयू कान्त झा स्मृति संस्थान , रायपुर एवं जनकवि सुरेन्द्र रघूनाथ मिश्रा छत्तीसगढ़ छवि अन्वेषक संस्थान , रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘मैथिल गौरव सुरता ‘ कार्यक्रम का आयोजन जगन्नाथ मंदिर ,पुरानी बस्ती रायपुर ,के सभागार में गरिमामय सम्पन्न हुआ।जिसमें अपने पुरखों और पुरोधाओं के योगदान का सुरता(स्मरण किया गया . कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मैथिल ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ शिक्षाविद श्री सुरेश कुमार ठाकुर थे।
सर्वप्रथम माँ सरस्वती के मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया और सरस्वती वंदना की गई।तीन मैथिल गौरव आचार्य सरयुकांत झा,पंडित सुरेंद्र नाथ मिश्र,पंडित जिवेंद्रनाथ ठाकुर के फोटो पर पुष्प अर्पित किए गए।
मंचस्थ अतिथियों सुरेश कुमार ठाकुर जी,आचार्य रमेन्द्र नाथ मिश्र, हरीश कुमार झा, संजीव ठाकुर, शारदेन्दु झा,श्रीमती डॉ सुमन मिश्र का स्वागत पुष्पमाला,बुके से किया गया।बीज वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए साहित्यकार प्रसिद्ध शिक्षाविद,आचार्य रमेन्द्र नाथ मिश्र जी ने छत्तीसगढ़ और भगवान राम के समय का आपसी संबंध के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने1402 में रायपुर के स्थापित करने की बात,माता कौशल्या का जन्मस्थान, मिथिला और कोसल राज्य के आपसी संबंध सहित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना होने में मैथिलों की भूमिका आदि पर विस्तार से जानकारी दी।छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रथम पंक्ति के राजनेता, शिक्षाविद,साहित्यकार, आचार्य सरयुकांत झा के व्यक्तित्व, कृतित्व पर साहित्यकार हरीश झा जी ने विस्तार से उनकी प्राम्भिक शिक्षा से लेकर वर्षो प्राचार्य रहने और साहित्य,समाज की सेवा में तत्पर रहते थे संस्मरण किया और बताए कि अनेक लोगो को उन्होंने सरकारी नौकरी में लगाये।अंत समय तक वे जीवंत थे उनके अनेक अनछुए पहलुओ को विस्तार से वर्णन किया गया।इसके बाद प्रसिद्ध अधिवक्ता,समाजसेवी पंडित जिवेंद्रनाथ ठाकुर जी के बारे में बोलने से पहले उनके सुपुत्र ज्योतिन्द्र नाथ ठाकुर ने मैथिल समाज के गड़मान्य जनों के अनेक नाम,इनके व्यक्तित्व,कृतित्व के बारे में बताए।ततपश्चात ज्योतींद्र नाथ ठाकुर जी ने विस्तार से अपने पिता जिवेंद्रनाथ ठाकुर जी के बारे में बताए,महिलाओं की शिक्षा,बेरोजगार युवाओं को नौकरी,सामाजिक संगठन,विभिन्न धार्मिक मठों का संरक्षण आदि के बारे में विस्तार से बताए।इसके बाद पंडित सुरेंद्र नाथ मिश्र जी के व्यक्तित्व, कृतित्व,सामाजिक,सांस्कृतिक,राजनैतिक उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी पंडित विजय कुमार झा जी ने प्रदान किया। इन्होंने बताया की सुरेंद्र मिश्र जी 1945 मे मैथिल ब्राह्मण सभा के युवा सचिव थे।नगर निगम में शिक्षक थे,कर्मचारी संघ के अध्यक्ष थे,कामरेड सुधीर मुखर्जी के साथ प्रसिद्ध वामपंथी विचारधारा के नेता थे,अपनी बात तुकबंदी से बोलते थे,कविता में अपनी बात बोलते थे।इसके बाद सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन,मॉरीशस से लौटे मैथिल ब्राह्मण समाज के शारदेन्दु झा,श्रीमती अनिता झा,श्रीमती नीता झा का शाल,श्रीफल,सम्मान पत्र द्वारा अतिथियों ने सम्मान किया। विजय झा, ज्योतिन्द्र ठाकुर, श्रीमती शुभ्रा ठाकुर, विनोद झा,डॉ बसंतलाल झा का भी संम्मान सम्मान पत्र,शाल, श्रीफल से किया गया।सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन समीर ठाकुर द्वारा किया गया।गरिमामय कार्यक्रम में दिल्ली,राजनांदगांव,दुर्ग,भिलाई, बिलासपुर,रायपुर आदि से मैथिल ब्राह्मण समाज के लोग,इष्ट मित्र,परिचित सम्मिलित हुए।आभार प्रदर्शन मनीष कुमार झा ने किया

सीएम बघेल ने विधायक रेखचंद जैन की सक्रियता पर लगाई मुहर

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  • भरी सभा में संसदीय सचिव जैन के कार्यों को सराहा भूपेश ने
  • बस्तर के लिए सांसद बैज और जैन को अच्छा बताया सीएम ने


जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर सांसद दीपक बैज और संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन पर जमकर स्नेह बरसाया और दोनों को बस्तर के लिए उपयोगी बताया। मुख्यमंत्री ने विधायक रेखचंद जैन द्वारा कराए गए कार्यों को खूब सराहा और कहा कि जैन अच्छा काम कर रहे हैं।
विधायक चुने जाने के बाद से ही रेखचंद जैन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुसार अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास की गंगा बहाते आ रहे हैं। वे गांवों का निरंतर दौरा कर ग्रामीणों के सतत संपर्क में रहते हैं। रेखचंद जैन की सक्रियता और लगन को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने उन्हें नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग का संसदीय सचिव बना दिया। ओहदा तथा वित्तीय अधिकार बढ़ने के साथ ही जैन दोगुने उत्साह के साथ जनसेवा के कार्यों और गांवों के विकास तथा वहां जन सुविधाएं बढ़ाने में जुट गए। बीते लगभग चार साल में संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन ने विकास की रौशनी से ऐसे गांवों को भी जगमग कर दिया, जहां जाने की जरूरत भी पहले के जनप्रतिनिधि नहीं करते थे। ऐसे उपेक्षित पड़े गांवों के लोगों की उम्मीदें बिखर चुकी थीं, उनका विश्वास नेताओं और जनप्रतिनिधियों से लगभग उठ सा चुका था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, राज्य, राज्य शासन के अन्य मंत्रियों तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल के सहयोग से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण व शहरी इलाकों में विकास की नई बयार बहा दी है। जगदलपुर शहर और गांवों में जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री जैन ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत तमाम अन्य बुनियादी जरूरतों के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करवाया है। नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रति उपजी अविश्वास की जन भावना रेखचंद जैन द्वारा कराए गए कार्यों की बदौलत अब विश्वास में बदल चुकी है। लोग अब खुलकर कहने लगे हैं कि भूपेश बघेल की सरकार ने कई मिथक तोड़ कर रख दिए हैं, अब महसूस होता है कि छत्तीसगढ़ में जमीनी तौर पर काम करने वाली ईमानदार सरकार है। रेखचंद जैन ने अपने काम के बूते क्षेत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम का डंका बजवा दिया है। लोग मुख्यमंत्री बघेल और संसदीय सचिव रेखचंद जैन की कार्यशैली के कायल हो गए हैं। दो दिवसीय प्रवास पर जगदलपुर आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सांसद दीपक बैज और विधायक रेखचंद जैन द्वारा कराए गए कार्यों की दिल खोलकर तारीफ की। खासकर जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों से श्री बघेल बेहद प्रभावित नजर आए। क्षेत्र के जनमानस में स्थापित हो चुकी रेखचंद जैन की शानदार छवि ने भी मुख्यमंत्री का दिल जीत लिया। जैन ने उत्कृष्ट कार्यों के जरिए न सिर्फ अपने नाम का परचम लहराया है, बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी सर्वमान्य नेता के रूप में प्रतिष्ठित करा दिया है।

सुखसागर देवी अकैडमी में है मनाया गया वार्षिकोत्सव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राकेश तिवारी

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जगदलपुर विगत 8 वर्षों से सुखसागर देवी शिक्षा सेवा संस्थान के द्वारा संचालित सुखसागर देवी अकैडमी धर्मपुरा में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राकेश तिवारी कार्यक्रम की अध्यक्षता कमल देव झा जी के द्वारा की गई कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती माता की पूजा कर कर प्रारंभ किया गया संस्था के संचालक रोशन झा ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति 26 जनवरी के दिन विद्यालय में छात्र छात्राओं के द्वारा बहुत ही आकर्षक रंगारंग प्रस्तुति दी गई और हर कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़कर सानिया मुख्य अतिथि राकेश तिवारी जी ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है हर एक संस्था को मैं प्रणाम करता हूं और सुखसागर देवी शिक्षा सेवा संस्थान के द्वारा संचालित विद्यालय को जब भी किस प्रकार की आवश्यकता हो मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं यहां के छात्रों का कार्यक्रम देंगे मुझे अपने बचपन के दिन याद आ गए मैं इस विद्यालय के समस्त शिक्षिका एवं शिक्षकों को इन नन्हे बच्चों के द्वारा जो कड़ी मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाया गया है मैं सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को धन्यवाद करता हूं इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्था के प्राचार्य प्रतिभा मिश्रा धीरज कश्यप सूर्य भूषण सिंह मीना ब्रिज देविका कश्यप फरहद नम्रता मेंडम के साथ-साथ छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित थे ।

उद्योगों को संपत्ति कर से मुख्यमंत्री ने दिलाई मुक्ति

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  • गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर के लालबाग मैदान में की घोषणाएं

जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस पर यहां लालबाग मैदान पर आयोजित मुख्य समारोह में अनेक घोषणाएं की। उन्होंने प्रदेश के उद्योगों को संपत्ति कर से मुक्ति दिलाने, ग्रामीण उद्योग नीति बनाने, छ्ग में हर साल राष्ट्रीय रामायण मानस महोत्सव का आयोजन करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्यमंत्री आदिवासी पर्व सम्मान निधि के तहत आगामी वित्तीय वर्ष से बस्तर व सरगुजा संभागों के साथ ही प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के पर्वों के उत्तम आयोजन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को 10 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रदान करने, अगले वित्तीय वर्ष से बेरोजगारों को हर माह बेरोजगारी भत्ता देने, महिला उद्यमिता प्रोत्साहन हेतु नई योजना लागू कर महिला समूहों, महिला उद्यमियों, महिला व्यवसायियों एवं महिला स्टार्ट अप को व्यापार उद्योग स्थापित करने हेतु मदद पहुंचाने, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को सहेजने और संजोने के बाद राज्य को प्रगति पथ पर अनवरत आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग का गठन करने, रायपुर एयरपोर्ट में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास और रोजगार सृजन के लिए स्वामी विवेकानंद विमानतल के पास एयरोसिटी विकसित करने, छत्तीसगढ़ में कुटीर उद्योग आधारित ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, रोजगार और लोगों की आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण उद्योग नीति बनाने, उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाईयों को संपत्ति कर के भार से मुक्त करने, रायपुर और दुर्ग जिले की जीवनदायिनी और जन आस्था का केंद्र खारून नदी व्यापार और मनोरंजन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। खारून नदी पर उत्कृष्ट रिवर फंट विकसित करने, बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक ऑनलाईन शिकायत एवं निराकरण प्रणाली विकसित करने, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना आरंभ कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में लगातार तीन साल पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों को स्वयं का मकान बनाने हेतु 50 हजार रूपए का अनुदान देने, छत्तीसगढ़ की जनता की अगाध आस्था भांचा राम और माता कौशल्या में है। इसे ध्यान में रखते हुए हर वर्ष राष्ट्रीय रामायण – मानस महोत्सव का आयोजन करने, प्रतिवर्ष चंदखुरी में माता कौशल्या महोत्सव का आयोजन करने, अप्रैल माह से सभी जिलों में पीडीएस के राशनकार्डधारियों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण प्रारंभ करने, अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और निशक्तजन राशन कार्डधारियों को जनवरी-2023 से दिसम्बर-2023 तक मासिक पात्रता का चावल निःशुल्क प्रदान करने की घोषणा की।

इंसाफ मांग रहे आदिवासी युवक को पुलिस ने बना दिया आरोपी

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  • जिस युवक की जाति को लेकर उठाए सवाल उसकी रिपोर्ट पर दर्ज कर ली गई एफआईआर
  • फर्जी तरीके से पुलिस में नौकरी पाने वाले दागी बाहरी युवक पर नहीं की गई कोई कार्रवाई

बकावंड आदिवासी जनजाति के फर्जी जाति प्रमाण के जरिए पुलिस की नौकरी पाने वाले युवक के खिलाफ आवाज उठाना एक स्थानीय मूल निवासी आदिवासी युवक को भारी पड़ गया है। कथित फर्जी आदिवासी युवक की शिकायत करने पर असली आदिवासी युवक को इंसाफ तो मिला नहीं, उल्टे उसके खिलाफ ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासियों का उत्थान करने बस्तर में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रहें हैं। आदिवासियों का हक न मारा जाए। उनका किसी भी तरह से अहित न होने पाए। इस बात का मुख्यमंत्री पूरा ध्यान रख रहे हैं, लेकिन आदिवासियों का हक छीनने वाले दीगर राज्य के युवक पर बकावंड पुलिस इस कदर मेहरबान हो गई कि बाहरी युवक के कृत्य के खिलाफ आवाज उठाने वाले आदिवासी युवक को ही पुलिस ने आरोपी बना दिया। मुख्यमंत्री बघेल की मंशा पर पानी फेरते हुए जिला और पुलिस प्रशासन नकली आदिवासी को बचाने असली आदिवासी पर एफआईआर दर्ज करवा रहें हैं। ऐसी ही त्रासदी से बकावंड के छोटे देवड़ा निवासी असली आदिवासी मानसिंह बघेल को गुजरना पड़ रहा है। मानसिंह का आरोप है कि उसके खिलाफ कथित नकली आदिवासी कमलोचन ने झूठी एफआईआर दर्ज करवा दी है। ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसी साज़िश पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ही कुछ कर्मियों द्वारा रची गई है। आदिवासी युवक मानसिंह बघेल ने बस्तर कलेक्टर व जनसूचना अधिकारी तथा बस्तर पुलिस अधीक्षक व जन सूचना अधिकारी के समक्ष सूचना के अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत कर कथित गैर आदिवासी कमलोचन की जाति संबंधी दस्तावेज की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है।जनसूचना अधिकारी कलेक्टर बस्तर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बस्तर वर्मा को दस्तावेज उपलब्ध कराने कहा है। वहीं जनसूचना अधिकारी पुलिस अधीक्षक बस्तर ने व्यक्तिगत मामला होने का हवाला देते हुए दस्तावेज देने से इंकार कर दिया है। यह मामला अभी निपटा भी नहीं है और कथित फर्जी आदिवासी कमलोचन ने मानसिंह बघेल के खिलाफ बकावंड पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। बिना मामले की तह तक गए बकावंड पुलिस ने मानसिंह के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 107-116 जा.फौ के तहत मामला दर्ज कर लिया।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी पाने का है मामला

पूरा मामला फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे पुलिस में बस्तर फाइटर की नौकरी पाने से जुड़ा हुआ है। मानसिंह के मुताबिक ग्राम छोटे देवड़ा में कुछ वर्षो से आकर बसे ओड़िशा के मूल निवासी कमलोचन ने पहले मानसिंह के ननिहाल पक्ष की बोगस वंशावली में अपना नाम लिखवाकर उसके सहारे आदिवासी समुदाय का होने का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया। इस कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर उसने बस्तर फाइटर की नौकरी भी पा ली। इस बात की भनक लगने के बाद मानसिंह ने इस मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया। उसने कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर मामले की जांच कराने व कमलोचन को नौकरी से हटाकर उसके खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराने की मांग की थी। उसके आवेदन के आधार पर एसडीएम ओपी वर्मा ने मामले की जांच की। जांच में दृष्टया मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र बनवाने का पाया गया। ग्राम पंचायत ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कमलोचन द्वारा प्रस्तुत वंशावली फर्जी है। वह मानसिंह के ननिहाल पक्ष का वंशज है ही नहीं। इसके बावजूद कमलोचन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, उल्टे उसकी रिपोर्ट पर मानसिंह को अब कानूनी पचड़े में पुलिस ने फंसा दिया है।

अनेकता में एकता ही इस देश की शान है, इसलिए मेरा भारत महान:–विक्रम धुर्वे

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  • आओ सब मिलके तिरंगा लहराये आज अपना गणतन्त्र दिवस ख़ुशी से मनाये:–विक्रम धुर्वे
  • सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, हम बुलबुले हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा:–विक्रम धुर्वे

दल्लीराजहरा :- 26 जनवरी दिन गुरुवार को छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ भानूप्रतापपुर के द्वारा मनकुंवर चौक डौंडी संस्था के मुख्य कार्यालय में राष्ट्र के संविधान के सम्मान में संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी व भारत माता की पूजा अर्चना कर ध्वजारोहण किया। विक्रम धुर्वे ने कहा की पहली बार गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था।

यह वो दिन था जब से हम कहने लगे कि हम भारतवासियों का अपना संविधान व कानून है और हमें ब्रिटिश राज से पूरी तरह आजादी मिल गई है। साथियों यह संविधान ही है जो भारत के नागरिकों के एक सूत्र में बांधे रखता है इसलिए यह दिन हमारे लिए बेहद खास है। इस दिन देश के लिए मर मिटने वाले भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया जाता है एवं उन्हें सच्चे मन से श्रद्धांजली दी जाती है। इस दौरान ड्राइवर संघ भानूप्रतापपुर अध्यक्ष रोहित कुमार,संचालक रूम लाल गुप्ता,उपाध्यक्ष हीरा सिंह नेताम,भागवत,सुखदेव जगदीश,आजाद,भागीरथी, रामभूलेख, विजय यादव, सोमेश्वर विजय, हेमलाल,लाल सिंह, गजेंद्र कृष्णा शर्मा ,अमर विश्वकर्मा खिलावन साहू ,गुलशन साहू खिलेश्वर, लेखराम, रोशन साहू रमनलाल व मनकुंवर चौक के सभी ग्रामीण उपस्थित रहे।

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विश्व का सबसे पवित्र महाग्रंथ है भारतीय संविधान: सांसद बैज

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  • बस्तर सांसद दीपक बैज ने अनेक स्थानों पर फहराया राष्ट्र ध्वज

लोहंडीगुड़ा गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस्तर सांसद दीपक बैज ने अनेक संस्थानों के कार्यालयों में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संविधान को विश्व का पवित्र महाग्रंथ बताते हुए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहने का आह्वान लोगों से किया। सांसद बैज ने लोहंडीगुड़ा विकासखंड के उसरीबेड़ा स्थित कांग्रेस कार्यालय, खंड शिक्षा कार्यालय, बीआरसी कार्यालय एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला लोहंडीगुड़ा में ध्वजारोहण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामीण, शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। जन समूह को संबोधित करते हुए सांसद बैज ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के रूप में भारत को एक ऐसा पवित्र महाग्रंथ दिया है, जो पूरी दुनिया के लिए पथ प्रदर्शक की भूमिका निभा रहा है। भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने का गौरव हमारे संविधान के दम पर ही मिला है। उन्होंने कहा कि देश को एक सूत्र में पिरोए रखने का काम संविधान ने किया है। समाज की अंतिम पंक्ति के तथा हाशिए पर डाल दिए गए लोगों इज्जत के साथ जीने और बराबरी का दर्जा संविधान ने ही दिलाया है। हम अपना सर्वस्व न्योछावर कर दें, तो भी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा किए गए इस उपकार का कर्ज कभी नहीं चुका पाएंगे। बैज ने कहा कि संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों पर चलकर हम बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

नक्सलियों ने मुखबिरी के शक मे मार डाला आदिवासी छात्र को

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  • बोट्टेतोंग निवासी छात्र की हत्या कर माओवादियों ने जारी किया पर्चा
  • 11 जनवरी के कथित हवाई हमले के लिए बताया युवक को जिम्मेदार


बकावंड :- नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने एक आदिवासी छात्र ताती हिड़मा को पुलिस और सुरक्षा बलों कामुखबिर करार देते हुए मौत के घाट उतार दिया है। ताती हिड़मा दंतेवाड़ा जिले के ग्राम बोट्टेतोंग का निवासी था। इस बात का खुलासा नक्सली नेता गंगा ने एक प्रिंटेड पर्चा जारी करके किया है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी की दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के जिला सचिव गंगा ने जारी पर्चे में कहा है कि इसी माह की 11 तारीख को पुलिस और सुरक्षा बलों ने पामेड़ एवं तेलंगाना के सरहदी इलाकों में ड्रोन व हेलीकाप्टर से भाकपा माओवादी पार्टी नेतृत्व तथा पीएलजीए की टीम व ग्रामीणों पर हवाई हमले किए थे। ये हमले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद किए गए, जिसमें श्री शाह ने 2024 तक नक्सली समस्या का समूल नाश करने की बात कही थी। पर्चे में गंगा ने कहा है ‘हमारे आंदोलन को खत्म करने के लिए सुरक्षा बल अब ड्रोन, सेटेलाइट सिस्टम जैसी तकनीक की मदद ले रहे हैं। इंटेलिजेंट तकनीक के जरिए हमारे ठिकानों, बैठकों व अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाकर हमले किए जा रहे हैं।’ आगे कहा गया है कि पुलिस ने तीन साल पहले दंतेवाड़ा में 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे बोट्टेतोंग निवासी छात्र ताती हिड़मा को पकड़ा था। ताती हिड़मा को डरा धमका कर और पैसों का प्रलोभन देकर पुलिस ने अपना मुखबिर बना लिया था। तबसे ताती हिड़मा शिकार करने, छिंद, सल्फी आदि लेने के बहाने वह माओवादियों के कैंपों, गुरिल्ला बलों के ठिकानों का रेकी करता और पूरी जानकारी पुलिस व सुरक्षा बलों तक पहुंचाने का काम करता आ रहा था। इसके लिए ताती हिड़मा मोबाइल फोन की भी मदद लेता था। पर्चे में यह भी कहा गया है कि पुलिस की मुखबिरी न करने के लिए ताड़ी हिड़मा को पूर्व में समझाईश भी दी गई थी, लेकिन उसने नक्सलियों के खिलाफ मुखबिरी जारी रखी। 11 जनवरी के हवाई हमले भी ताती हिड़मा की मुखबिरी के आधार पर की गई थी।
कब और कहां मारा, पर्चे में उल्लेख नहीं
ताती हिड़मा को कब और कहां मारा गया, इस बात का कोई उल्लेख पर्चे में नहीं किया गया है। यह भी नहीं बताया गया है कि उसकी लाश को कहां ठिकाने लगाया गया ? पर्चे में लोगों को वार्निंग दी गई है कि वे पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रलोभन और बहकावे में आकर मुखबिरी न करें और बस्तर के जल, जंगल व जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे पूंजीपतियों का सहयोगी न बनें। गंगा ने आरोप लगाया है कि पूंजीपतियों की मददगार केंद्र व राज्य की सरकारें स्थानीय ग्रामीणों को हमारे जन आंदोलन और जनयुद्ध के खिलाफ उकसा रही हैं, उन्हें मुखबिरी के लिए मजबूर कर रही हैं। जनता के एक तबके को अपने नेटवर्क और कोवर्ट तंत्र का हिस्सा बना रही हैं।
अवलम सुक्कू को बताया गद्दार
पर्चे में गंगा ने अवलम सुक्कू का उल्लेख करते हुए उसे गद्दार बताया है। कहा गया है कि सुक्कू जून 2022 में संगठन छोड़ भाग निकला और पुलिस से जा मिला था। सुक्कू संगठन के विरुद्ध गतिविधियां चला रहा था। संगठन की बैठकों में उसे कई बार समझाईश और चेतावनी भी दी गई थी। अंततः वह संगठन छोड़ भाग निकला। गंगा ने कहा है कि सुक्कू ताती हिड़मा के साथ मिलकर संगठन के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए मुखबिरी करने लगा। वह सेलफोन से संगठन की हर गतिविधि की जानकारी पुलिस व सुरक्षा बलों को शेयर करने लगा था। सुक्कू के साथ कैसा सलूक किया गया, इस बात की जानकारी पर्चे में नहीं दी गई है।

कोंडागांव डीएफओ ने विज्ञापन के लिए मीडिया को किया बैन

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  • मीडियाकर्मियों में आक्रोश, विरोध में बुलाई गई बैठक, करेंगे प्रदर्शन

कोंडागांव :- स्थानीय वन मंडल अधिकारी ने मीडिया के साथ ऐसा सलूक किया है कि मिडियाकर्मी भड़क उठे हैं। वनमंत्री बेशकीमती पेड़ों के जंगलों से आच्छादित इस जिले का कभी दौरा नहीं करते। नजीतन उनके विभाग के अधिकारी बेलगाम हो चले हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण कोंडागांव वन मंडल में देखने को मिला है। यहां के वन मंडल अधिकारी ने मीडिया के प्रति जो रुख अख्तियार किया है, वह मीडिया जगत का खुला अपमान है।वन मंडल अधिकारी के रवैये के विरोध में कोंडागांव जिले के पत्रकार प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।कोंडागांव वन मंडल के डीएफओ और उनके मातहत अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस पर टीवी चैनलों और अखबारों में बधाई संदेश विज्ञापन न देने एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। यह कदम जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे पत्रकारों का अपमान है। सालभर वन विभाग की योजनाओं का प्रकाशन जिले के पत्रकार अपने अखबारों में करते हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर अखबारों एवं न्यूज चैनलों के मालिक अपने रिपोर्टरों से विज्ञापन की अपेक्षा रखते हैं।कोंडागांव के वन मंडल अधिकारी ने 25 जनवरी को पर्चा अपने कार्यालय तथा मातहत अधिकारियों के दफ्तरों के सामने चस्पा करवा दिया है। इस पर्चे में डीएफओ के आदेश का हवाला देते हुए लिखा गया है कि विज्ञापन हेतु संपर्क न करें। इस आदेश के जरिए डीएफओ जता रहे हैं कि वे विज्ञापन का सहयोग नहीं करेंगे। पत्रकारों ने डीएफओ के इस कृत्य पर सवाल उठाया है कि क्या यह कृत्य उचित है ? ये सच है कि कोई भी विभाग रास्ट्रीय पर्व पर विज्ञापन देने बाध्य नहीं है, मगर इस तरह पर्चा चस्पा करवा कर पत्रकारों की भावनाओं को आहत करने की छूट भी किसी विभाग के अधिकारी को नहीं है। ऐसा करना निंदनीय है। इसके विरोध में कोंडागांव के पत्रकार जल्द विरोध प्रदर्शन करते हुए मामले को लेकर वन मंत्री के नाम कोंडागांव कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वाले हैं।इस मामले को लेकर कोंडागांव प्रेस एंड मीडिया फेडरेशन की बैठक भी आहूत की गई है।

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