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10वी इंटर स्कूल जूडो प्रतियोगिता का हुआ आगाज आत्मरक्षा खेलों में बालिकाओं की सहभागिता देखना अच्छा लगता है : सफिरा साहू

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जगदलपुर जिला जूडो संघ ऑफ बस्तर द्वारा 5 व 6 नवम्बर 2022 तक स्थानीय वीर सावरकर भवन में सम्भाग स्तरीय इंटर स्कूल जूडो प्रतियोगिता का किया जा रहा है । जिसका उदघाटन समारोह आज किया गया । उद्घाटन समारोह मुख्य अतिथि श्रीमती सफीरा साहू महापौर नगर निगम जगदलपुर, विशिष्ट अतिथि किरण देव अध्यक्ष जिला जूडो संघ, यशवर्धन राव सभापति नगर निगम जगदलपुर, अतिथि डीएन पांडे गिन्नी कांट्रेक्टर किरंदुल, अभिषेक अवस्थी डायरेक्टर सी वी रमन यूनिवर्सिटी, राणा घोष अध्यक्ष बस्तर जिला फुटबॉल संघ की गरिमामय उपस्थिति में हुआ । उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती सफिरा साहू ने सभी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा जैसे खेलों में बालिकाओं की सहभागिता देखना अच्छा लगता है । इससे यह साबित होता है, कि अब बालिकाएं भी किसी से कम नहीं है । वह भी किसी से भी अपनी रक्षा कर सकती है ।


विशिष्ट अतिथि किरण देव ने भी नन्हे मुन्ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहां कि जिला जुड़े संघ विगत 10 वर्षों से निरंतर यहां खेल प्रतियोगिता का आयोजन करते आ रही है । इस संघ का मुखिया होने पर मुझे गर्व है ।कि मैं इस टीम के साथ जुड़ा हुआ हूं ।साथ ही इस आयोजन के लिए मैं अब्दुल मोइन एवं उनकी टीम को बधाई देता हूं ।
यशवर्धन राव ने भी सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हम नगर निगम के माध्यम से शहर में खेलों का एक सकारात्मक माहौल बनाने में सदैव प्रयासरत हैं । और इस तरह के आयोजनों को देखकर हमें संतुष्टि मिलती है कि हम अपने प्रयास में सफल हो रहे हैं । सभी खिलाड़ियों को मैं अग्रिम शुभकामनाएं देना चाहता हूं कि वह इस प्रतियोगिता में पदक प्राप्त करने के साथ-साथ राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले ।
जूडो संघ ऑफ बस्तर, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से सम्बन्ध व खेल युवा कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन से मान्यता प्राप्त है । उक्त प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय जूडो माहसंघ के नियमों व उपनियमों के अनुरुप के अनुसार किया जा रहा है । प्रतियोगिता में बस्तर संभाग के समस्त जिलों के जूडो प्रतिभागी भाग ले रहे हैं । उक्त प्रतियोगिता में 250 खिलाड़ी और 15 रेफरी भाग ले रहे है । प्रतियोगिता की कैटिगिरी 10 वर्ष कम व 14 वर्ष कम 17 वर्ष से कम 19 वर्ष कम होनी चाहिए और जूडो खेल का ज्ञान व नियमों का मालूम होना अनिवार्य हो।

भाजपा अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष का अब्दुल इब्राहिम ने किया भव्य स्वागत

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बालोद जिला की पावन भूमि में अल्पसंख्यक के प्रदेश अध्यक्ष शकील अहमद का भव्य स्वागत कर अब्दुल इब्राहिम सैयद चिखलाकसा पंचायत के उपाध्यक्ष ने सैकड़ों लोगों के साथ मिलकर अल्पसंख्या के प्रदेश अध्यक्ष शकील अहमद का भव्य स्वागत कर समस्त क्षेत्र व जिला वासियों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ चिखलाकसा पंचायत अध्यक्ष भीखी मर्सिया व चिखलाकसा पार्षद कुंती देवांगन संगीता साहू लीला डरसेना विजय डरसेना मतितुली व अन्य कई लोगों ने अल्प संख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शकील अहमद का भव्य स्वागत कर वर्तमान कांग्रेस सरकार आने वाले विधान सभा चुनाव उखाड़ फेंकने की बात कही वही प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा के शकील अहमद ने कहा कि पूरे जोश और होश के साथ निकम्मी एवं भ्रष्ट सरकार को हटाने के लिये हर मोर्चा पर जी तोड़ कोशिश की जायेगी और जनता के सामने भाजपा की विकास करने वाली सरकार को लाया जायेगा |

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पुलिया – नाली निर्माण में चल रहा है सरकारी धन हड़पने का खेल

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  • सरपंच, सचिव एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से शासन को चूना

बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत कोलावल राताखंडी में पंचायत के माध्यम से चल रहे पुलिया निर्माण में स्तरहीन कार्य कराकर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है। काम को देखकर साफ झलकता है कि सरपंच, सचिव और ठेकेदार मिलकर खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं। पुलिया निर्माण में अमानक स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। गारे में सीमेंट, रेत, गिट्टी की मात्रा बहुत ही कम रखी जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि सीमेंट का उपयोग तो महज दिखावे के लिए किया जा रहा है। गारे में सीमेंट नाममात्र की डाली जा रही है।

निहायत ही घटिया स्तर का कार्य कराया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़ा किया जा रहा यह पुलिया चंद दिनों में ही ध्वस्त हो जाएगा। नाली निर्माण कार्य में भी इसी तरह की घटिया स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। स्तरहीन निर्माण कार्यों की जानकारी अधिकारियों को देने के बाद भी ना तो ऐसे कृत्य पर रोक लगाई जा रही है और ना ही घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों पर किसी तरह की कार्रवाई ही की जा रही है। बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार कई दफे कह चुके हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए, लेकिन इसका भी असर पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अमले पर होता नहीं दिख रहा है। जबकि गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर कई बार अनेक अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार भी लगा चुके हैं। जानकारी देने के बावजूद यहां यह बताना भी जरूरी है कि पंचायतों की ऑडिट और विभिन्न कार्यों की जांच के लिए जो भी अधिकारी गांवों में पहुंचते हैं, वे सरपंच पंचों के साथ मुर्गा दारू की पार्टी मनाकर बिना ऑडिट व जांच किए लौट जाते हैं।

नगरनार में आखिर वो घड़ी आ गयी जल्द ही स्वामित्व परिवर्तन के आसार

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  • बस्तर सांसद बैज और विधायक रेखचंद कर्मचारी हित के लिए कमर कसकर तैयार

अर्जुन झा

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के वनप्रांतर बस्तर की रत्नगर्भा धरती पर बनकर तैयार बेहद महत्वपूर्ण नगरनार इस्पात संयंत्र का स्वामित्व जल्द ही राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के हाथों से फिसलकर निजी हाथों में जाने के स्पष्ट आसार नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि तमाम तैयारी अंतिम चरण में हैं। नगरनार प्लांट के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और अब कभी भी इसके लिए निविदा जारी हो सकती है। बस्तर की जन चर्चाओं से लेकर छत्तीसगढ़ के कारोबारी गलियारे में यह आम तौर पर संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस सौदे में विख्यात उद्योगपति अडानी का समूह बाजी मार सकता है। निविदा प्रक्रिया सम्पन्न होने पर ही यह सामने आयेगा कि किसकी लॉटरी लगी, लेकिन जिस बस्तर की यह लोकसंस्था सार्वजनिक क्षेत्र से निजी क्षेत्र में जाने वाली है, उस बस्तर को यह पूर्वाभास हो रहा है कि क्या होने वाला है!

तब से अब तक

जब राज्य गठन के बाद कांग्रेस की अजीत जोगी सरकार के समय एनएमडीसी के नगरनार प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई तो छत्तीसगढ़ ने इसे बस्तर विकास की एक बेहतरीन पहल समझकर स्वागत किया। नगरनार विकसित होता गया और जब उत्पादन के लिए तैयार हो गया तो नजर लग गई। केंद्र सरकार ने इसके विनिवेश की दिशा में कदम बढ़ा दिए। नगरनार प्लांट निजीकरण के विरोध में कांग्रेस ने तब बड़ा आंदोलन किया, जब वह विपक्ष में थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की हैसियत से उस आंदोलन का नेतृत्व करते हुए नगरनार से पदयात्रा निकाली थी। यह भी कहा जा सकता है कि केंद्र सरकार के इस निजीकरण की सोच की कीमत बस्तर में भाजपा को चुकानी पड़ी। बस्तर की सभी बारह विधानसभा सीट के साथ बस्तर लोकसभा में कांग्रेस का परचम लहरा रहा है और भाजपा मुरझा गई है तो इसकी एक बड़ी वजह बस्तर के मन में यह भावना समा जाना है कि भाजपा कुछ देने के बजाय बस्तर की जनता से कुछ छीन रही है। माना कि प्लांट जहां है, वहीं रहेगा। लेकिन सार्वजनिक उपक्रम के रूप में विकसित संस्थान का स्वामित्व बदल जाने से स्थानीय लोगों के हित प्रभावित होंगे, यह आशंका तो बरकरार है। कांग्रेस इस निजीकरण के विरोध में है। उसने विधानसभा में संकल्प पारित कराया कि इसे निजी हाथों में न दिया जाए। भाजपा ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन विधानसभा में किया। छत्तीसगढ़ चाहता है कि नगरनार का संचालन छत्तीसगढ़ को दिया जाए। किंतु बात नहीं बनी। बस्तर सांसद दीपक बैज ने भी अपने स्तर पर भरपूर प्रयास किया।किंतु यह सब केंद्र सरकार पर निर्भर है और वह नगरनार स्टील प्लांट निजी क्षेत्र के सुपुर्द करना चाहती है तो बस्तर सांसद बैज और जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन के सामने यही विकल्प शेष रह गया है कि ऐसी स्थिति में नगरनार के कर्मचारियों के हितों को बलि चढ़ने से बचाया जाए। ये इसके लिए प्रतिबद्ध भी हैं।

आगे की सोच…

जिस तरह हाल ही नगरनार संयंत्र के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के नाम पर मजदूर संगठनों ने बेमुद्दत हड़ताल शुरू की और वह हड़ताल रंग लाने के पहले ही विधायक रेखचंद जैन के प्रयास से समाप्त हो गई, मौजूदा प्रबंधन ने डीमर्जर के बाद भी कर्मचारियों के हित प्रभावित न होने का आश्वासन दे दिया, उससे स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि मामला अब किस मोड़ पर है। यहां एक बात लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि जब निजीकरण की स्थिति में मौजूदा प्रबंधन ही मूल स्वरूप में नहीं रह जायेगा, तब वह स्थानीय हितों की रक्षा का भरोसा किस आधार पर दे रहा है? अभी हाल ही ट्वीटर का स्वामित्व परिवर्तन होने के बाद क्या हुआ, वह सबको पता है। धंधा आखिर धंधा होता है। कारोबारी अपने हित के लिए कारोबार करता है। कोई सौदागर नगरनार प्लांट का सौदा कोई भंडारा आयोजित करने के लिए नहीं कर रहा। ऐसे में इस तरह के आंदोलन, समर्थन, आश्वासन कोई अहमियत नहीं रखते।

पेटी कांट्रेक्टरों की रकम…

नगरनार प्लांट के निजीकरण की प्रक्रिया जिस दौर में है, उससे परिचित एनएमडीसी के नगरनार के विभिन्न सेक्शन से जुड़े ठेकेदारों ने पेटी कांट्रेक्टरों की रकम दबाना शुरू कर दिया। बस्तर के निवासी पेटी कांट्रेक्टरों की बड़ी रकम ठेकेदार कंपनियों के पास फंसने के कारण ये कांट्रेक्टर एनएमडीसी और उसके ठेकेदारों के बीच पेंडुलम बन गए हैं। इनकी शिकायत है कि एनएमडीसी प्रबंधन भुगतान के लिए ठेकेदार कम्पनी की तरफ भेज देता है और ठेकेदार कम्पनी का प्रबंधन इन पेटी कांट्रेक्टरों से बातचीत करने की बजाय एनएमडीसी का रास्ता दिखा देता है। इन पेटी कांट्रेक्टरों ने अपना सारा पैसा दांव पर लगाकर नगरनार में काम कराया है और मजदूरों को भुगतान किया है लेकिन एनएमडीसी प्रबंधन और ठेकेदारों के बीच रस्सी पर ये पेटी कांट्रेक्टर इधर से उधर रास्ता नापने विवश हैं। हाल ही ऐसी ही पेटी कांट्रेक्टर महिलाओं ने भिलाई में एक ठेकेदार कंपनी के द्वार पर धरना दिया। लेकिन उनसे बात तक नहीं की गई।

शालेय शिक्षक संघ ने नये विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का स्वागत किया

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शालेय शिक्षक संघ डौण्डी के समस्त पदाधिकारियों ने डौण्डी के नवनियुक्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जयसिंह भारद्वाज का उनके कार्यालय में पहुँचकर गुलदस्ता से स्वागत कर मिठाई खिलाकर मुँह मीठा किया स्वागत के पश्चात शालेय शिक्षक संघ के प्रमुख पदाधिकारियों में विकासखण्ड के विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता और विस्तार से चर्चा की गई। पुरानी पेंशन बहाली के पश्चात जी.पी.एफ. पुस्तिका संधारण 2. सेवा पुस्तिका का संधारण एवं सेवा पुस्तिका का संधारण एवं सेवा पुस्तिका में समस्त अवकाशों की प्रविष्ट ।

4. पदोन्नत शिक्षकों के सेवा पुस्तिका का स्थानीय संपरीक्षा निधि कार्यालय से सत्यापन कराने की व्यवस्था करना अधिकारी या । 5. संविलियन पूर्व शेष एरियर्स की राशि की भुगतान हेतु प्रयास करने का निवेदन निम्न से उच्च पद संबंधी शेष एरियर्स राशि भुगतान विकासखण्ड स्रोत केन्द्र प्रभारी सच्चिदानंद शर्मा भी उपस्थित रहे। उक्त विषयों पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा सकारात्मक पहल का विश्वास दिलाया। स्वागत में शालेय शिक्षक संघ के अध्यक्ष- राजकुमार भोयर, कार्यकारी अध्यक्ष सत्येन्द्र ताम्रकार, उपाध्यक्ष- देवेन्द्र साहू, सचिव- दिनेश साहू, सहसचिव- राजकुमार साहू, सुरेन्द्र थूल संयोजक जी.आर. सोरी, प्रवक्ता पंकज वैष्णव सलाहकार – सीमांचल मुनि, चंद्रशेखर सोनवानी, सुरेन्द्र साहू, महेश बंसोड़े, योगेन्द्र मण्डावी सहित समस्त कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।

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दुर्गम पहाड़ी बस्तियों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं सांसद बैज

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  • हिमाचल के सूदूरवर्ती इलाकों भी नजर आ रही है सांसद बस्तर एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक बैज की लोकप्रियता

जगदलपुर. बस्तर के सांसद एवं अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक बैज हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी गांवों में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. उनके साथ गए बस्तर के कांग्रेस नेताओं की टीम भी शिद्दत के साथ जुटी हुई है. कांग्रेस नेतृत्व ने सांसद बैज को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है. दीपक बैज ने मंडी जिले के सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार सोहनलाल ठाकुर एवं दरंग सीट के उम्मीदवार ठाकुर कौलसिंह के पक्ष में सभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की.

बैज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार से ऊब चुकी है. यहां की जयराम ठाकुर सरकार एवं केंद्र की मोदी सरकार ने महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता को बेहाल कर रखा है. जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में बंद की जा चुकी पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करना कांग्रेस की प्राथमिकता में है. कांग्रेस शासित राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में इसे लागू किया जा चुका है. इसलिए जनता का विश्वास हमारे साथ है. हमारी नेता प्रियंका गांधी जिस तरह से जनता के बीच जा रही हैं, उससे लोगों का विश्वास कांग्रेस के पक्ष में और भी मजबूत हो रहा है और लोगों ने कांग्रेस की सरकार बनाने का मन बना लिया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो हिमाचल प्रदेश चुनावों के मुख्य पर्यवेक्षक भी हैं, उनके कार्यों एवं जनहितैषी नीतियों से हिमाचल प्रदेश की जनता का विश्वास कांग्रेस के प्रति मजबूत हुआ है. इस अवसर पर सांसद बस्तर दीपक बैज के साथ पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू, सुशील शर्मा, दिनेश यदु, केदार ढेँक, प्रवीण राणा, अनुराग महतो, गणेश दुग्गा, शेख वसीम सहित अन्य कार्यकर्ता एवम प्रधान मौजूद थे।

मां’ की भूमिका में मुख्यमंत्री के सपने को साकार कर रही हैं डीईओ

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  • कोरोना के चलते बेसहारा हुए बच्चों के लिए मसीहा बन गईं जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप किया है बच्चों की शिक्षा दीक्षा का प्रबंध

अर्जुन झा

जगदलपुर. बस्तर की जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान उन दर्जनों अभागे बच्चों के लिए वात्सल्यमयी मां की भूमिका निभा रही हैं, जिनके सिर से कोरोना महामारी ने मां या बाप का साया उठा लिया है। ऐसे हतभागी बच्चों पर भारती प्रधान ममत्व उंडेलने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही हैं. श्रीमती प्रधान इन बच्चों की शिक्षा दीक्षा व अन्य जरूरतों की पूर्ति के समुचित प्रबंध कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपने को धरातल पर साकार करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं. दुर्भाग्य की बात है कि बेसहारा बच्चों की निस्वार्थ सेवा जतन में जुटी यह ममतामयी मां आज भाजपा व कांग्रेस के कुछ स्वार्थी नेताओं की क्षुद्र राजनीति का शिकार बन गई हैं। यह घटिया राजनीति अब बेसहारा बच्चों की जिंदगी और भविष्य से खिलवाड़ करने पर आमादा हो गई है।
डेढ़ – दो साल पहले कोरोना महामारी ने समूची दुनिया में कहर बरपा रखी थी। लोग इस संकट से तेजी के साथ उबरने लगे हैं। बस्तर में पचासों लोग कोरोना से प्रभावित होकर जान गंवा चुके हैं। इस महामारी ने दर्जनों बच्चों के सिर से माता – पिता का साया उठा लिया। किसी मासूम को मां के प्यार से वंचित होना पड़ा, तो किसी मासूम को पिता के दुलार से सदा सदा के लिए मोहताज होना पड़ गया है। कई बच्चे तो माता – पिता दोनों को खो चुके हैं। ऐसे बदनसीब बच्चों के लिए बस्तर की जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान मसीहा बनकर सामने आईं। श्रीमती प्रधान ने इन बच्चों के लिए मां की भूमिका निभाने के संकल्प के साथ अपने कदम आगे बढ़ाए। उनके नेक कदमों को गति प्रदान की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा ऐसे अभागे बच्चों के हितार्थ शुरू की गई महतारी दुलार योजना ने। इस योजना के तहत माता या पिता अथवा दोनों को खो चुके बच्चों की पढ़ाई लिखाई, खानपान की व्यवस्था शासन द्वारा की जाती है। जिला शिक्षा अधिकारी के मिशन को आगे बढ़ाने में महतारी दुलार योजना बड़ी ही सहायक बन रही है। जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रधान ने महतारी दुलार योजना को मूर्तरूप देते हुए शिक्षकों, मातहत अधिकारियों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की मदद से कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों को ढूंढ – ढूंढ कर उनकी पढ़ाई लिखाई व खानपान की व्यवस्था सुनिश्चित की। श्रीमती प्रधान अब तक करीब पचास बच्चों के लिए शिक्षा व उनकी अन्य जरूरतों की पूर्ति की व्यवस्था कर चुकी हैं। वे इन बच्चों का पूरा ध्यान रखती हैं, समय समय पर उनसे मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाती रहती हैं। श्रीमती प्रधान इस बात का पूरा ख्याल रखती हैं कि इन बच्चों को उस बुरे दिन की याद किसी भी सूरत में ना आने पाए, जिस दिन उनके माता – पिता उन्हें बेसहारा छोड़कर इस दुनिया से विदा हो गए थे। डीईओ श्रीमती प्रधान के वात्सल्य का ही सुफल है कि आज ये बच्चे सबकुछ भुलाकर अपना भविष्य गढ़ने में पूरी तन्मयता के साथ लगे हुए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपने को धरातल पर सचमुच हकीकत में तब्दील कर दिखाया है। लेकिन यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि लगभग पचास बेसहारा बच्चों की मां की भूमिका निस्वार्थ भाव से निभा रहीं जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान को कांग्रेस और भाजपा के कुछ स्वार्थी नेताओं की क्षुद्र राजनीति की भेंट चढ़ा दिया गया है। शिक्षकों की पदोन्नति और पदस्थापना व तबादले के नाम पर इन नेताओं ने शिक्षकों से जमकर वसूली की और जिला शिक्षा अधिकारी पर दबाव डालकर अपने चहेते शिक्षकों को उपकृत करवा लिया। अब जिला शिक्षा अधिकारी के सारे अधिकार छीनकर जिला पंचायत के सीईओ को दे दिए। आज श्रीमती पूरी तरह से अधिकार विहीन कर दी गई हैं। अब वे चाहकर भी कोरोना की त्रासदी से धीरे -धीरे उबर रहे बच्चों की वैसी मदद नहीं कर पा रही हैं, जैसी पहले करती रही हैं।
बच्चों को अब संसदीय सचिव जैन से उम्मीद
जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ की गई एकतरफा कार्रवाई ने बच्चों को फिर से निराशा और हताशा के गर्त में धकेल दिया है। जन्म देने वाली मां तो इन बच्चों को बिलखता छोड़ दुनिया छोड़ चली गई है। उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के रूप में मिली दूसरी मां के वात्सल्य से भी वंचित कर दिया गया है। अब इन बच्चों की उम्मीदें जगदलपुर के विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन पर टिकी हुई हैं. उल्लेखनीय है कि श्री जैन ने इस साल इन बच्चों के साथ दिवाली मनाकर उनकी झोली खुशियों से भर दी थी। तब श्री जैन ने इन बच्चों को भरोसा दिलाया था कि आज से मैं आप सभी का अभिभावक हूं, आपकी हर तकलीफ में आपके साथ खड़ा मिलूंगा। बच्चे चाहते हैं कि उन्हें उनकी भारती मां का प्यार दुलार फिर से उसी तरह मिले, जैसे पहले मिला करता था।

हिमाचल में कांग्रेस की जीत के लिए जुट गई है टीम बस्तर

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  • सांसद दीपक बैज और कांग्रेस नेता दिनेश यदु की टीम हुई सक्रिय
  • बैज को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की पांच सीटों का दायित्व
  • सह पर्यवेक्षक यदु को सौंपा गया है नाचन विधानसभा सीट का जिम्मा


जगदलपुर बस्तर के सांसद एवं हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनावों के लिए मंडी जिले हेतु नियुक्त कांग्रेस पर्यवेक्षक दीपक बैज मंडी के पांच विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जुट गए हैं. उन्होंने सह पर्यवेक्षक दिनेश यदु को मंडी के नाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी दी है. यदु बस्तर से गई टीम के साथ इस सीट के पार्टी प्रत्याशी नरेश कुमार के लिए बैक टू बैक प्रचार करते हुए लोगों से मिलकर समस्याओ को सुनते हुए कांग्रेस के लिए वोट करने की अपील कर रहे हैं.
नाचन क्षेत्र में दिनेश यदु ने नुक्कड़ सभाएं ली. सभाओं में श्री यदु ने कहा कि जिस तरह हमारे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वकांक्षी योजनाओं को विधायको और सांसदों ने ग्रामीण स्तर से लेकर सभी वर्गों तक पहुंचाकर निश्चित रुप से लोगों को लाभान्वित किया है. आप लोगों के सहयोग से हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार बनेगी और यहां भी विकास का छत्तीसगढ़ मॉडल देखने को मिलेगा और यह राज्य विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा. इस दौरान बस्तरिहा टीम के सदस्य अनुराग महतो, गणेश दुग्गा एवं अन्य कार्यकर्त्ता उपस्थित थे.

FLN आधारित जिला स्तरीय TLM मेला में बस्तर विकासखंड का अव्वल प्रदर्शन

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बस्तर – जिला स्तरीय TLM मेला में विकासखंड बस्तर का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। इस जिला स्तरीय मेला में बस्तर विकासखंड से गणित में प्रथम और तृतीय में भी स्थान बनाते हुए भाषा में भी तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इस मेले में बस्तर विकासखंड से खंड स्रोत समन्वयक राजेंद्र सिंह ठाकुर व शैक्षिक समन्वयक ,डमरु पंत, कुपचंद नाग, परमेश्वर ठाकुर, पुरुषोत्तम धुर्वे, हेमंत ध्रुव,अजम्बर कोर्राम, भोला राम मरकाम, श्रीधर पांडे के नेतृत्व में शिक्षक धनेश्वर ध्रुव,गणेश आंधिया,उमाशंकर साहू,दीपिका साहू,अनुराधा सिंह,संतोषी बघेल,गिरधारी विश्वकर्मा और श्रद्धा वर्मा ने भाग लिया।
बीआरसीसी लेखापाल सत्यप्रकाश साहू और सीख कार्यक्रम के एपीसी देवेंद्र सिंह राजपूत ने भी शिक्षकों का मनोबल को बढ़ाया।

अकादमिक समन्वयकों का क्षमता संवर्धन दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

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बस्तर – बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम बस्तर ब्लॉक स्तरीय संकुल अकादमिक समन्वयकों का क्षमता संवर्धन दो दिवसीय प्रशिक्षण बीआरसी कार्यालय बस्तर किया गया इस प्रशिक्षण में विकास खंड बस्तर और दरभा ब्लॉक के सभी सीएसी उपस्थित रहे। प्रशिक्षक मधुलिका झा ने प्रशिक्षण में बहुत ही रोचक तरीके से बहुभाषी अथवा स्थानीय बोली को अध्यापन कार्य में शामिल करने के फायदे बताए। प्रशिक्षण में उपस्थित सीएसी ने भी अपने अनुभव को बताए बस्तर ब्लॉक के 175 प्राथमिक शाला में स्थानीय हल्बी बोली में छात्र छात्राओं को पढ़ाया जाएगा ताकि बच्चों की समझ अच्छ से विकसित हो सके
इस प्रशिक्षण मे बस्तर बीआरसी राजेंद्र सिंह ठाकुर,प्रशिक्षक मधुलिका झा, सुरेन्द्र विश्वकर्मा,सनत बघेल,लिलेश सेठिया , पुरुषोत्तम दिवान , कृष्णा सिंह ठाकुर, डमरू दास पंत ,गंगा प्रसाद सोरी,कुपचंद नाग,श्रीधर पांडे, कृष्णा बघेल तुलाराम ठाकुर और दोनों ब्लॉक के समस्त सीएसी उपस्थित थे

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