आज बस्तर विधायक बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल जी के जगदलपुर स्थित निवास पर बस्तर से नवनिर्वाचित युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रियाज खान को जीत की बधाई एवं शुभकामनायें दी साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना की
बस्तर विधायक जी को युथ कांग्रेस के सदस्यों ने मुलाकात की और विधायक जी ने संगठन की मज़बूती के लिए योगदान हेतु उनका उत्साहवर्धन किया
जिसमें मौजूद रहे दिनेश यदु, राकेश मिश्रा, अयोध्या पांडे,रियाज खान, अंकित पारख, दिनेश यदु,मनीराम, लखेश्वर कश्यप, राजेश कुमार,पिंटू यादव, अनस खान, मनु राम,एवं युथ कांग्रेस के सदस्यगण उपस्थित रहे
आज नगर दल्ली राजहरा के विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति द्वारा नगर अधीक्षक को गुरुर में हुए अपहरण और साधु का वेश बनकर आए मुस्लिम युवकों को सख्त सजा देने की मांग विश्व हिंदू परिषद और मातृशक्ति द्वारा की गई दूसरे राज्य से आए हुए अधर्मी जोकि साधु का वेश धारण कर घूमते हुए पाए गए और उनके द्वारा बच्चा चोरी का प्रयास किया गया
जिसे ग्रामीणों द्वारा पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया जिसके विरोध में दल्ली राजहरा भी अछूता नहीं है और मातृशक्ति द्वारा इसका कड़ा विरोध किया गया और यह चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में कोई भी मुस्लिम साधु संतों का अपमान ना करें नहीं तो उसे कतई ना बर्दाश्त किया जाएगा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने में प्रमुख रूप से नगर अध्यक्ष शंकर साहू जिला उपाध्यक्ष नीलेश श्रीवास्तव नगर उपाध्यक्ष गणेश निषाद रामू भारती नगर मंत्री पंकज धनकर श् मंत्री गोलू जायसवाल मातृशक्ति जिला संयोजिका सत्या साहू नगर संयोजिका जानकी देवी नगर सह संयोजिका नंदा पसीने रूमा राय आदि उपस्थित थे ।,
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पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और मंत्री कवासी लखमा में जुबानी जंग नाना – नाती और गुरु – चेले के रिश्ते में राजनैतिक कड़वाहट
अर्जुन झा.
जगदलपुर बस्तर की राजनीति में हाल के दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच चला वाकयुद्ध चर्चा का विषय बना रहा. जहां देखो वहां लोग चटखारे ले लेकर चंगू- मंगू की ही बातें करते दिख जाया करते थे. सियासी ड्रामे का यह दौर थमा ही था, कि अब नाना – नाती और गुरु – चेले के बीच शुरू हुई नई जुबानी जंग हर आम और खास के लिए किस्सागोई का सबब बन गई है. यह जुबानी जंग बस्तर के पूर्व वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और छत्तीसगढ़ की मौजूदा कांग्रेस सरकार में मंत्री कवासी लखमा के बीच छिड़ी है. रिश्ते में नेताम और लखमा नाना और नाती लगते हैं. वहीं नेताम को लखमा का राजनैतिक गुरु भी माना जाता है.
इन दिनों पूरे अंचल में जहां बस्तर दशहरा की धूम मची हुई है, वहीं दूसरी ओर बस्तर की राजनीति में बयानों की दिवाली जैसी आतिशबाजी भी शुरू हो गई है. सियासी सलाहों और छींटाकशी की फुलझड़ियां जमकर छोड़ी जा रही हैं. बयानों के बम फोड़े जा रहे हैं. इस सियासी बमबाजी की शुरुआत सीपीआई नेता मनीष कुंजाम ने शुरू की थी और अब इसमें नाना अरविंद नेताम तथा नाती कवासी लखमा की एंट्री हो गई. छ्ग के केबिनेट मंत्री कवासी लखमा के निर्वाचन क्षेत्र कोंटा के अंतर्गत सुकमा जिला मुख्यालय में मनीष कुंजाम ने एक बड़ी जनसभा आयोजित की थी. सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद नेताम भी आमंत्रित थे. पहले अपने भाषण में कुंजाम ने कवासी लखमा पर आदिवासियों के हक़ में काम न करने समेत कई आरोप लगाए. इसके बाद माईक थामते ही अरविंद नेताम ने तो कवासी लखमा पर आरोपों की ऐसी बमबारी कर डाली कि दीपावली की आतिशबाजी भी फीकी पड़ जाए. श्री नेताम ने अपने भाषण में कुंजाम द्वारा लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए लखमा को जमीन पर रहने की नसीहत दे डाली. उन्होंने कहा कि कवासी लखमा आदिवासियों के हक़ में काम करें, ना कि बड़े उद्योपतियों के. इसके जवाब में कवासी लखमा ने श्री नेताम को बुढ़ऊ करार देते हुए उन्हें घर में रहकर आराम करने की नसीहत दे डाली. बहरहाल इन दोनों नेताओं के बयानों ने बस्तर की राजनैतिक फ़िज़ा में दीपावली की आतिशबाजी जैसा माहौल बना दिया है और लोग मजे ले रहे हैं.*लखमा आकाश में ना उड़ें : नेताम*पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने सार्वजनिक मंच से कहा कि कवासी लखमा को पद का गरूर नहीं करना चाहिए और ना ही ज्यादा उड़ने की कोशिश करनी चाहिए. पंछी कितनी भी ऊंचाई तक उड़ान भर रहा हो, लेकिन अंततः दाना चुगने के लिए उसे जमीन पर ही आना ही पड़ता है. इसलिए लखमा को भी अपनी जमीन पहचाननी चाहिए. जीवन की यात्रा जब पूरी हो जाती है तो आखिर में सभी को समाज और परिवार के ही लोगों के कंधों की जरूरत पड़ती है. मैं भी केंद्र सरकार में मंत्री रह चुका हूं और मुझे जीवन की सच्चाई का खासा अनुभव है. कवासी लखमा भले ही सबके दादी कहलाते हैं, लेकिन मैं उनका नाना हूं. उन्हें राजनीति में लाने वालों में से एक मैं भी हूं. श्री नेताम ने श्री लखमा को सलाह दी कि वे अपने पद का सदुपयोग करते हुए बस्तर और राज्य के आदिवासियों के हित में काम करें, न कि अडानी जैसे उद्योगपतियों के. *नेताम बुढ़ा गए हैं, अब घर में आराम करें, : लखमा*मंत्री कवासी लखमा ने अरविंद नेताम के आरोपों का सधे हुए शब्दों में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि श्री नेताम से जरूर मैंने राजनीति सीखी है, वे मेरे राजनैतिक गुरु हैं, मगर यह भी सच है कि श्री नेताम को राजनैतक पहचान और बड़े पद कांग्रेस की बदौलत मिली है. वे कांग्रेस में कई बड़े पदों पर रहे केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई थी. बावजूद श्री नेताम ने बस्तर और आदिवासियों के हित में कोई काम नहीं किया. वे बूढ़े हो चुके हैं. इसलिए उल्टी सीधी बातें ना करते हुए घर में रहकर आराम करना चाहिए. अनकी सेवा करने के लिए घर में और भी नाती – पोते हैं. श्री नेताम मेरे राजनैतिक गुरु हैं इसलिए मैं उनका सम्मान करता हूं और उनके खिलाफ इससे ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता. लेकिन यह सच्चाई भी किसी से छुपी नहीं है कि केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी श्री नेताम ने बस्तर और आदिवासियों के हित में कुछ भी नहीं किया.
बस्तर विधायक ने कहा की हम सब प्रदेशवासी आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं एवं श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं पूज्य बापू के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ ग्राम स्वराज की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है हम सब मिलकर बापू के सपने साकार करेंगे और सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जी सिर्फ नाम नहीं बल्कि विचारधारा हैं, उन्हें वही कहा जिसपर खुद अमल किया उनके प्रेरक विचार सदैव प्रासंगिक रहेंगे और हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे आज महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें मैं कोटि-कोटि नमन करता हूँ
बस्तर विधायक ने कहा की सादगी और वैचारिकी के पर्याय, गांधीवादी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर सादर नमन वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया, जिससे सारा देश एकजुट हो गया ऐसे कर्मयोगी देश को सदा प्रेरित करते रहेंगे
बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने किया मंदिर के लिए भूमिपूजन जगदलपुर. बस्तर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने ग्राम बजावंड में कंकालीन माता मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया. बजावंड पहुंचने पर ग्रामवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया. श्री बघेल के ग्राम आगमन को लेकर बच्चों और युवाओं में काफ़ी उत्साह नज़र आया.
विधायक ने बजावंड के मंदिर प्रांगण में पहुंचकर मां हिंगलाजिन एवं कंकालीन माता के दर्शन कर क्षेत्रवासियों तथा प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की. समारोह को संबोधित करते हुए बघेल ने युवकों से अपील की कि वे देवी देवताओं के प्रति श्रद्धा और भक्ति भाव हमेशा रखें तथा धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर सहभागिता दें और पूर्वजों के रास्ते पर चलते रहें. उन्होंने कहा कि देवी देवताओं के प्रति आस्था रखने से आत्मबल बढ़ता है तथा बुरे कर्मों से बचने की शक्ति मिलती है. भक्ति भाव रखने वाला व्यक्ति ना तो स्वयं कभी बुरा कर्म करता है और ना ही दूसरे की बुराई के बारे में सोचता है. भगवान की भक्ति से हमारी सोच सकारात्मक बनी रहती है. इसीलिए हमारे बुजुर्ग गांव गांव में मंदिर और देवालय बनवाया करते थे. उन्होंने कहा कि सभी लोग देवी देवताओं के पूजा स्थल पर अधिक समय देते हुए धार्मिक स्थलों को अधिक बढ़ावा दें और एक नई संस्कृति का सूत्रपात करें. विधायक श्री बघेल ने माता हिंगलाजिन एवं कंकालीन माता मंदिर में पांच लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवाल बनाने, सिरहापारा में सांस्कृतिक मंच हेतु तीन लाख पचास हजार रूपये तथा नवयुवकों लाउड स्पीकर सेट देने की घोषणा की. लोगों में काफ़ी उत्साह देखा गया. ग्रामीणों ने विधायक का आभार प्रकट किया. कार्यक्रम में कृषि उपज मंडी समिति उपाध्यक्ष आयतु राम, विधायक प्रतिनिधि जानकी राम भारती, ब्लॉक अध्यक्षगण गणेश बघेल, शिवराम बिसाई, उत्तम नाइक, जनपद सदस्य नारायण बघेल, मोहन झाली,अर्जुन पांडे, राजेश कुमार एवं समस्त कार्यकर्ता, एवं ग्राम प्रमुख, पुजारी, माता बहनें, मंदिरकमेटी सदस्य उपस्थित थे
समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री मदन चौहान और पद्मश्री शमशाद बेगम सहित 16 वरिष्ठ नागरिक किए गए सम्मानित राजधानी में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में जुटे प्रदेश के वरिष्ठजन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत, समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया और योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा हुए शामिल जगदलपुर. अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग ने रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा सहित विभिन्न जिलों से आए लगभग तीन हजार बुजुर्ग शामिल हुए। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथियों द्वारा सूफी गायक पद्मश्री मदन चौहान और समाज सेविका पद्मश्री शमशाद बेगम सहित 16 वरिष्ठजनों का समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह से सम्मान किया।अतिथियों ने सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम द्वारा प्रकाशित वृद्धजनों से संबंधित पत्रिका संज्ञान का विमोचन भी किया।
विभिन्न जिलों से आए बुजुर्गों का श्रीफल, शॉल और वॉकिंग स्टिक देकर सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिवर्ष एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसी तारतम्य में राजधानी में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। मंत्री अनिला भेड़िया ने बुजुर्गों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सम्मान और सभ्यता बुजुर्गों से जुड़ी है। सामूहिक परिवार में रहने की प्रथा अन्य राज्यों की तुलना में हमारे राज्य में श्रेष्ठ है। उन्होंने बुजुर्गों के लिए सुखमय जीवन की मंगल कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुजुर्गों के लिए एक नवंबर, राज्य निर्माण दिवस से सियान हेल्पलाइन प्रारंभ करने की बड़ी घोषणा की है। यह हेल्पलाइन ऐसे वृद्धजन, जिनकी संतानें देश-विदेश में माता पिता से अलग अन्य स्थानों में कार्यरत हैं, उन्हें आपात स्थितियों में सहायता पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे 31 वृद्धाश्रम संचालित हैं. यहां निराश्रित बुजुर्गों के लिए खाने पीने से लेकर आश्रय, चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। जिले से लेकर राज्य स्तर पर बुजुर्गाे की समस्या निवारण की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। इसके लिए सभी बुजुर्गाे को सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में बुजुर्गाे का भी अहम योगदान है। नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूरी है। अच्छे महौल और सबके सहयोग से ही हम नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार करने में सफल होंगे। डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बुजुर्गाे के प्रति पहली जिम्मेदारी उनके बच्चों के साथ पूरे समाज की है। राज्य सरकार ने पेंशन सहित बुजुर्गाे की जरूरत के लिए कई व्यवस्थाएं की है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए आत्मीयता और मान-सम्मान सबसे बड़ी जरूरत है इस दिशा में नौजवानों को सोचना होगा। ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि एकाकी परिवार की वजह से बुजुर्ग बहुत प्रभावित और उपेक्षित हुए हैं। भौतिकतावाद के कारण सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव का लाभ युवा पीढ़ी को लेना चाहिए। नई पीढ़ी प्रेरणा लेकर सम्मान का वातावरण फिर से लाए। इनका हुआ सम्मान रायपुर से पद्मश्री मदन चौहान का कला साधना के लिए, डॉ. चितरंजन कर का साहित्य साधना के लिए सम्मान किया गया। बालोद जिले से पद्मश्री शमशाद बेगम का साक्षरता अभियान और सामाजिक बुराईयों के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह बिलासपुर के नित्यानंद शर्मा का स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए, बलरामपुर जिले के बिरझु सिंह का स्वच्छता और खैरवार जनजाति के उत्थान के लिए सम्मान किया गया। बस्तर से नवी मोहम्मद का वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और निराश्रितों की सहायता के लिए सम्मान किया गया। कांकेर जिले राजूराम मरकाम को स्वास्थ्य शिविर, निःशुल्क उपचार के लिए और धमतरी की लखमशी भाई भानुशाली को निराश्रित बच्चों और बुजुर्गों के कल्याणार्थ कार्यों के लिए सम्मान किया गया। बलौदाबाजार जिले के मिक्खा सिंह सम्मान से सम्मानित सरजू साहू को उनकी खेलकूद प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया। धमतरी के अश्विनी गजेंद्र का महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, गरियाबंद के नूतन लाल साहू का रचनात्मक लेखन और गतिविधियों के लिए, सरगुजा के मंगाराम का कोविड-19 संक्रमणकाल में सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह नारायणपुर जिले की एनके आजाद को बच्चों की शिक्षा, वरिष्ठ नागरिकों और निराश्रितों की सेवा के लिए सम्मानित किया गया। मुंगेली जिले के अशोक तिवारी को स्काउट शिक्षा और योग प्रशिक्षण के लिए, कोण्डागांव जिले के खेम वैष्णव को उनके लोक चित्रों के लिए, दंतेवाड़ा जिले के अमर सिंह ठाकुर को सामाजिक कार्यों में सहयोग के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया ।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस राजधानी में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में वरिष्ठजन का शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर किया गया सम्मान
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती भेंड़िया और योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा हुए शामिल
वृद्धजनों से संबंधित पत्रिका संज्ञान का हुआ विमोचन
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, छत्तीसगढ़ योग आयोग की अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा सहित विभिन्न जिलों से आए लगभग तीन हजार बुजुर्ग शामिल हुए। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथियों द्वारा सूफी गायक पद्मश्री मदन चौहान और समाज सेविका पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम सहित 16 वरिष्ठजन का समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह से सम्मान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राजगीत के साथ हुआ। समारोह में अतिथियों द्वारा सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम द्वारा प्रकाशित वृद्धजनों से संबंधित पत्रिका संज्ञान का विमोचन भी किया गया। जिलों से आए सभी बुजुर्गा का श्रीफल शॉल और वॉकिंग स्टिक देकर सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिवर्ष एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसी तारतम्य में राजधानी में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।
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मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने बुजुर्गों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सम्मान और सभ्यता बुजुर्गों से जुड़ी है। सामूहिक परिवार में रहने की प्रथा अन्य राज्यों की तुलना में हमारे राज्य में श्रेष्ठ है। उन्होंने बुजुर्गों के लिए सुखमय जीवन की मंगल कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुजुर्गों के लिए एक नवंबर, राज्य निर्माण दिवस से सियान हेल्पलाइन प्रारंभ करने की बड़ी घोषणा की है। यह हेल्पलाइन ऐसे वृद्धजन, जिनकी संतानें देश-विदेश के अन्य स्थानों में कार्यरत हैं, उन्हें आपात स्थितियों में सहायता पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे 31 वृद्धाश्रम संचालित है। यहां निराश्रित बुजुर्गों के लिए खाने पीने से लेकर आश्रय, चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। जिले से लेकर राज्य स्तर पर बुजुर्गाे की समस्या निवारण की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। इसके लिए सभी बुजुर्गाे को सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ के विकास में बुजुर्गाे का भी अहम योगदान है। नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूरी है। अच्छे महौल और सबके सहयोग से ही हम नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार करने में सफल होंगे।
डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बुजुर्गाे के प्रति पहली जिम्मेदारी उनके बच्चों के साथ पूरे समाज की है। राज्य सरकार ने पेंशन सहित बुजुर्गाे के जरूरत के लिए कई व्यवस्थाएं की है। अब बुजुर्गों की मदद के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए आत्मीयता और मान-सम्मान सबसे बड़ी जरूरत है इस दिशा में नौजवानों को सोचना होगा। ज्ञानेश् शर्मा ने कहा कि एकाकी परिवार की वजह से बुजुर्ग बहुत प्रभावित और उपेक्षित हुए हैं। भौतिकतावाद के कारण सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव का लाभ युवा पीढ़ी को लेना चाहिए। नई पीढ़ी प्रेरणा लेकर सम्मान का वातावरण फिर से लाए।
इनका हुआ सम्मान – रायपुर से पद्मश्री मदन चौहान का कला साधना के लिए डॉ. चितरंजन कर का साहित्य साधना के लिए सम्मान किया गया। बालोद जिले से पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम का साक्षरता अभियान और सामाजिक बुराईयों के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह बिलासपुर के श्री नित्यानंद शर्मा का स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए, बलरामपुर जिले के बिरझु सिंह का स्वच्छता और खैरवार जनजाति के उत्थान के लिए सम्मान किया गया। बस्तर से नवी मोहम्मद का वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और निराश्रितों की सहायता के लिए सम्मान किया गया। कांकेर जिले के श्री राजूराम मरकाम को स्वास्थ्य शिविर, निःशुल्क उपचार के लिए और धमतरी की लखमशी भाई भानुशाली को निराश्रित बच्चों और बुजुर्गों के कल्याणार्थ कार्यों के लिए सम्मान किया गया। बलौदाबाजार जिले के मिक्खा सिंह सम्मान से सम्मानित सरजू साहू को उनकी खेलकूद प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया। धमतरी के अश्विनी गजेंद्र का महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, गरियाबंद नूतन लाल साहू का रचनात्मक लेखन और गतिविधियों, सरगुजा के मंगा राम का कोविड-19 संक्रमणकाल में सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह नारायणपुर जिले की श्रीमती एन.के. आजाद को बच्चों की शिक्षा, वरिष्ठ नागरिकों और निराश्रितों की सेवा के लिए सम्मानित किया गया। मुंगेली जिले के अशोक तिवारी को स्काउट शिक्षा और योग प्रशिक्षण के लिए, कोण्डागांव जिले के खेम वैष्णव को उनके लोक चित्रों के लिए, दंतेवाड़ा जिले के अमर सिंह ठाकुर को सामाजिक कार्यों में सहयोग के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया।
🔅 नयामुण्डा में नशीली दवाईयों की तस्करी करते 05 तस्कर पुलिस की गिरफ्त में
🔅 थाना बोधघाट अन्तर्गत की गयी कार्यवाही
🔅 1100 नग नशीली मोनोकाॅफ सीरप मात्रा 110 लीटर बरामद
🔅 पीवोन स्पाज प्लस कैप्सुल मात्रा 12000 नग बरामद
🔅 01 ओटो, 01 स्कुटी, 02 मोटर सायकल, 07 मोबाईल एवं नगदी 20,000/-रूपये भी बरामद
🔅 नशीली पदार्थाे की अनुमानित कीमत 4 लाख 57 हजार 600 रूपये।
🔅 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत की गई कार्यवाही।
🔅 नवरात्रि एवं दशहरा पर शहर में खपाने की थी योजना
🔅 नाम आरोपी:- 1. तक्षक माने पिता अनिल माने, उम्र 25 वर्ष, निवासी लालबाग जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)
2. सम्यक नाहटा @ सोनु पिता धरमचन्द्र नाहटा, उम्र 29 वर्ष, निवासी मोती तालाब पारा जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)
3. हरीश सोनी @ काके पिता लखन सोनी, उम्र 27 वर्ष निवासी नयामुण्डा जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)
4. विवेक शर्मा @ काके पिता राकेश शर्मा उम्र 30 वर्ष निवासी कुशवाहा मार्ग शांति नगर वार्ड जगदलपुर जिला बस्तर।
5. रितेश सिंह @ रिंकु पिता राजेन्द्र सिंह उम्र 32 वर्ष, निवासी शांति नगर वार्ड, जगदल
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस के द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज थाना बोधघाट अन्तर्गत अवैध एवं नशीली कैप्सुल एवं सीरप के तस्करी करने वाले गिरोह के 05 तस्कर पर कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस को बडी सफलता मिली है।
🔅 प्रकरण:- थाना बोधघाट को सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्तियों के द्वारा नयामुण्डा क्षेत्र में अवैध नशीली कैप्सुल एवं सीरप का संग्रहण कर तस्करी किया जा रहा है। सूचना पर उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा एवं अति0 पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाॅल के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बोधघाट लालजी सिन्हा एवं थाना प्रभारी परपा धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्यवाही हेतु नयामुण्डा की ओर रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा नयामुण्डा दास गली में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर घेराबंदी कर 05 संदेहियों को पकडा गया जिनसे पूछताछ करने पर जिन्होनें अपना-अपना नाम 1. तक्षक माने 2. सम्यक नाहटा 3. दद्दू @ हरीश सोनी 4. विवेक शर्मा @ काके 5. रीतेश सिंह @ रिंकु सभी निवासी जगदलपुर का होना बताये, जिनकी तलाशी लेने पर सभी संदेहियो के पास से प्रतिबंधित नशीली सीरप मोनोकाॅफ प्लस कुल 11 कार्टुन में 1100 शीशी कुल मात्रा 110 लीटर एवं नशीली प्रतिबंधित कैप्सुल पीवाॅन स्पाज प्लस, 50 डिब्बा जिसमें 12000 नग कैप्सुल मिला। जो प्रतिबंधित एवं नशीली दवा की श्रेणी में आता है। जिस संबंध में पूछताछ करने पर संदेहियो के द्वारा वैधानिक प्रत्युत्तर प्रस्तुत नही किया गया। सभी आरोपियो 1. तक्षक माने 2. सम्यक नाहटा 3. दद्दू @ हरीश सोनी 4. विवेक शर्मा @ काके 5. रीतेश सिंह @ रिंकु सभी निवासी जगदलपुर का उक्त कृत्य एन0डी0पी0एस0 एक्ट की परिधि में आने पर उक्त सभी आरोपियों के विरूद्ध थाना बोधघाट में धारा 21 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर न्यायालय रवाना किया जा रहा है। जप्तशुदा नशीली दवाईयो की अनुमानित कीमत 4,57,600/-रूपये आंकी गई है। मामले में एक आरोपी फरार है जिसकी पतासाजी कर पृथक से कार्यवाही की जावेगी।
🔅 तरीका वारदात:- मामले के सभी आरोपियों जगदलपुर के स्थानीय निवासी है, जिसमें आरोपी तक्षक माने, सम्यक नाहटा @ सोनू और विवेक शर्मा @ काके के द्वारा उडीसा, बिहार एवं गुजरात से आदि जगहो से उक्त प्रतिबंधित एवं नशीली दवाईयां कोरियर के माध्यम से जगदलपुर मंगाते थे एवं आरोपी हरीश सोनी उर्फ दद्दू के द्वारा अपने आटो से उक्त नशीली दवाईयों को कोरियर से प्राप्त कर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुॅचाया जाता था। तत्पश्चात तक्षक माने, सम्यक नाहटा@ सोनू, विवेक शर्मा@काके और रितेश सिंह के द्वारा नशी ली दवाईयो का संग्रहण कर अलग-अलग क्षेत्रो में पहुॅचाकर बिक्री कराया जाता था। उक्त नशीले पदार्थाे का मुल्य तस्करो के द्वारा दोगुना से भी अधिक मुल्य पर अवैध रूप से विक्रय किया जाता था। उक्त नशीली दवाईयों को आरोपियों के द्वारा नवरात्रि एवं दशहरा त्यौहार के दौरान जगदलपुर शहर में खपाने की योजना थी।
🔅 महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी:- निरीक्षक – लालजी सिन्हा, धनंजय सिन्हा , एमन साहू उपनिरीक्षक – प्रमोद ठाकुर, सउनि. – सतीश यादव, अविनाश झा, विष्णु प्रसाद देवांगन, धीरेन्द्र ठाकुर, प्रधान आरक्षक – राजेश सिंह, उमेश चंदेल, लवण पानीग्राही, चोवादास गेंदलें, पवन श्रीवास्तव आरक्षक – भुपन्द्र नेताम, संतोष झा, गायत्री प्रसाद तारम, मनोज तिर्की, भैरव सिन्हा
विश्वविद्यालय की अहम भूमिका धूमधाम से मनाया गया शहीद महेंद्र कर्मा विवि का स्थापना दिवस
जगदलपुर. शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का 15वां स्थापना दिवस शनिवार को कालीपुर स्थित कैंपस के एमबीए भवन के स्वामी आत्मानंद सभागार में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रेखचंद जैन तथा विशिष्ट अतिथि पद्मश्री धर्मपाल सैनी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आनंद मूर्ति मिश्रा, सह समन्वयक एवं विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी श्सीएल टंडन, सहायक कुलसचिव थे। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री nजैन ने कहा कि बस्तर अंचल के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के शिखर पर पहुंचाने में इस विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। श्री जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन बस्तर जैसे आदिवासी अंचल में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में स्वामी आत्मानंद के नाम पर विद्यालय और महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है, जिन्होंने नारायणपुर जैसे माड़ क्षेत्र में रामकृष्ण मिशन आश्रम की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगाई उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर विवि द्वारा किए जा रहे कामों की सराहना करते हुए कहा कि जब विवि की शुरुआत हुई तब 2008 में सिर्फ 23 कॉलेज ही विवि से संबद्ध थे. आज संभाग के सातों जिलों में विवि के अधीन 48 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुझे विवि की कार्यपरिषद का सदस्य बनाया है और मेरा शुरुआत से ही प्रयास रहा है कि विवि में रोजगार मूलक कोर्स शुरू हो। इस दिशा में हमने प्रयास शुरू भी कर दिए हैं। पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन और पीजी डिप्लोमा इन ट्राइबल आर्ट कोर्स की शुरुआत हमने इसी सोच के साथ कराई है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन छात्रों के लिए आदर्श है। उनकी oबातों को अगर जीवन में उतार लिया गया, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के ध्येय वाक्य उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए का उद्धरण रखते हुए कहा कि पढ़ाई में लगन इसी तरह से होनी चाहिए। जब तक लक्ष्य हासिल ना हो जाए संघर्ष करते रहना चाहिए। कुलपति श्री श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर 14 साल में हुए विकास कार्यों तथा संचालित पाठ्यक्रमों एवं संबद्ध महाविद्यालयों तथा भविष्य में प्रारंभ किए जाने वाले नए पाठ्यक्रमों के की जानकारी दी। यह भी बताया कि विश्वविद्यालय को अपेक्षा अनुसार पुनः बेहतर प्रयास कर अच्छी नैक ग्रेडिंग प्राप्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय में रिक्त शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों पर भर्ती के लिए शासन से अनुमति के लिए प्रयास किया जा रहा है। ज्ञान-विज्ञान को जीवन से जोड़ा जाना चाहिए : पद्मश्री सैनी विशिष्ट अतिथि पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने कहा कि आज ज्ञान और विज्ञान के मिलन की बेला है। यह बेहद खुशी का क्षण है क्योंकि विश्वविद्यालय ने आज अपनी स्थापना के 14 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने शुरुआत से ही बस्तर में उच्च शिक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि यह विज्ञान का युग है और इस युग में विज्ञान को ज्ञान से जोड़ते हुए इसे जीवन में उतारने की जरूरत है। ज्ञान अगर जीवन के साथ होगा तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास आसानी से पहुंच जाएगा। उन्होंने 0विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। जल्द शुरू होंगे कई नए कोर्सेस, कैंपस बनेगा सुंदर : कुलपति कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विवि के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने विवि के भविष्य के रोड मैप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब विवि की शुरुआत हुई तबसे आज की स्थिति में बहुत बदलाव आया है और आने वाले वक्त में और भी ज्यादा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पहले हम 15 एकड़ के धरमपुरा स्थित कैंपस तक सीमित थे अब हमारे पास कालीपुर में 25 एकड़ का नया कैंपस भी है। दोनों ही कैंपस को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए काम शुरू हो चुका है। इसके लिए अलग से कमेटी बना दी गई है। इसके अलावा विवि में जल्द ही कई नए कोर्स भी शुरू होने वाले हैं। 15 नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कोर्स शुरू हो जाएंगे। डी फार्मा और बी फार्मा जैसे रोजगार मूलक कोर्स खोलने की हम तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमल में लाने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लागू होने के बाद युवाओं को रोजगार मिलना तय है। प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही विवि की नैक ग्रेडिंग पर पूरे स्टाफ के साथ लगातार कई बैठकें की। हमारा प्रयास है कि एक साल के भीतर ग्रेडिंग में सुधार हो जाए। इसके लिए हम युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा हमारा 100 सीटर गर्ल्स हॉस्टल सभी सुविधाओं के साथ शुरू हो चुका है। 100 सीटर ब्वॉयज हॉस्टल भी जल्द शुरू हो जाएगा। लाइब्रेरी में बुक्स की संख्या बढ़ा रहे हैं और उसे अपग्रेड कर रहे हैं। विवि ने पहला पीएचडी अवार्ड सियालाल नाग, विषय राजनीति विज्ञान को शोध शीर्षक ‘बस्तर क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं में मद्यपान की समस्या’ दिया गया है। इंग्लिश लैंग्वेज लैब, ट्राइबल स्टडी के लिए एडवांस स्टडी सेंटर शुरू कर रहे हैं। करियर काउंसलिंग पर भी विशेष फोकस कर रहे हैं। एल्युमिनी रजिस्ट्रेशन की भी शुरुआत करने वाले हैं। विश्वविद्यालय से जुड़े सभी रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने वाले हैं। अंत में उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी और छात्रों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार पाठक ने किया। इस मौके पर समारोह आयोजन के सह समन्वयक एवं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी सीएल टंडन, सहायक कुलसचिव, डॉ. शरद नेमा, डॉ. विनोद कुमार सोनी, डॉ. संजीवन कुमार, डॉ. सुकृता तिर्की, डॉ. डीएल पटेल समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, केआर ठाकुर, सहायक कुलसचिव, बीएल केंवट, संचालक शारीरिक शिक्षा, वीरेंद्र कुमार बाघ वित्त अधिकारी, विपिन कुमार गुप्ता, कक्ष अधिकारी समेत विवि के समस्त नियमित कर्मचारी, संविदा सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, एनएसएस के स्वयंसेवक, समारोह आयोजन के लिए गठित विभिन्न समितियों के संयोजक, सह संयोजक एवं सदस्य मौजूद थे।
सुकमा के मिनी स्टेडियम में चल रहा नवरात्रि पर रास गरबा का दौर अर्जुन झा. जगदलपुर. हरफनमौला उसे ही नहीं कहते जो अपनी मर्ज़ी का मालिक हो और जो जी में आए वही करता हो, बल्कि उसे भी कहते हैं जो हर फन यानि हर कला का मौला यानि ज्ञाता हो. हरफनमौला तो ऐसे लोग होते हैं जो हर कला, परम्परा और संस्कृति में खुद को ढाल लेने का माद्दा रखते हैं. कुछ इसी तरह के हरफन मौला हैं हमारे कवासी लखमा. वही कवासी लखमा जो बस्तर के एक बड़े आदिवासी नेता और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार में उद्योग एवं आबकारी मंत्री हैं. इस हरफन मौला लखमा का एक नया अंदाज़ बीती रात सुकमा में तब देखने को मिला, ज़ब वे नवरात्रि पर रास गरबा नृत्य कर रहे युवाओं के साथ नृत्य करने में मगन हो गए. अपनी इस अदा से कवासी लखमा ने सभी का दिल जीत लिया.
लोककला और संस्कृति के प्रति अंतरंग जुड़ाव ने कवासी लखमा को हरदिल अजीज बना दिया है. अपने इस खास अंदाज़ और सहज सुलभता की वजह से कवासी लखमा लोगों के दिलों पर राज करते हैं. सुकमा क्षेत्र में अनकी लोकप्रियता और लगातार चुनाव जीतने की बड़ी वजह यह भी है. कवासी लखमा अपने चुटीले अंदाज़, बेबाक बयानों के लिए तो जाने जाते ही हैं, कला संस्कृति के प्रति उनके मन में जो आसक्ति है, वह भी जग जाहिर है. समय – समय पर इसकी बानगी देखने को भी मिलती ही रहती है. ऐसा नहीं है कि श्री लखमा सिर्फ आदिवासी लोक संस्कृति और परम्पराओं में रूचि रखते हैं, मौका मिल जाए तो वे दीगर समुदायों की लोककलाओं और संस्कृति में भी अपना जलवा दिखाने में पीछे नहीं रहते. वे हर तरह की लोककला, लोकनृत्य में भी समा बांध देते हैं. बीती रात सुकमा में भी उनका ऐसा ही जलवा देखने को मिला. दंतेश्वरी महिला मंडल द्वारा हर साल की तरह इस साल भी शारदीय नवरात्रि पर सुकमा के मिनी स्टेडियम में रास गरबा का आयोजन किया गया है. यह कार्यक्रम रात में चलता है. श्री लखमा इन दिनों अपने गृह नगर सुकमा में ही हैं और बीती रात मौका मिलते ही वे मिनी स्टेडियम पहुंच गए और वहां छत्तीसगढ़िया लिबास में सजधज कर रास गरबा नृत्य कर रहे युवक, युवतियों और महिलाओं के साथ जमकर नाचने लगे. श्री लखमा काफ़ी देर तक रास गरबा नृत्य में मगन रहे. स्टेडियम की दर्शक दीर्घा से सीटीयों की आवाज़ और तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही. और इधर मैदान पर लखमा अपनी धुन में मस्त. कुछ दिनों पूर्व ही श्री लखमा जगदलपुर के कोहकापाल में आयोजित नवाखानी जोहार भेंट कार्यक्रम में आदिवासी लोकनर्तक दल के साथ परंपरिक आदिवासी लोकनृत्य करते नजर आए थे. बारात में भी डांस का जलवा दिखा चुके हैं कवासी लखमा. सुकमा के प्रतिष्ठित व्यापारी विजेंद्र कुमार नाहटा के सुपुत्र विवेक की बारात में भिलाई गए कवासी लखमा ने बरातियों के साथ फ़िल्मी गानों पर जमकर डांस किया था. जब श्री लखमा नृत्य में मगन हो जाते हैं तब उनके सुरक्षा कर्मियों के पसीने छूटने लग जाते हैं. आगे नाचते झूमते कवासी लखमा और पीछे हांफते दौड़ते सुरक्षा कर्मी. यही नहीं लखमा दादी तो गोंडी, हल्बी, भतरी आदि लोकनृत्य के साथ ही कई तरह की बस्तरिहा बोलियों में भी पारंगत हैं. बहु शीतल ने भी मचाया धमाल सुकमा में आयोजित रास गरबा में कवासी लखमा की बहु शीतल कवासी जो कि दंतेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष हैं, वे भी अपनी टीम समेत रास गरबा नृत्य में ससुर लखमा के साथ कदमताल करती नजर आईं. आरंभ में शीतल कवासी, उपाध्यक्ष सत्यभामा गंगबेर, रेखा गुप्ता, रूबी नाग, यशोदा साहू, वैजन्ती बघेल, नीतू कंवर, गीता यादव, अनिता, सरोज यादव, शशि राठौर, कमला जैन, बबीता सिंह, भुनेश्वरी यादव, भारती शर्मा, रीना बैरागी, भुनेश्वरी साहू आदि ने मंत्री कवासी लखमा का स्वागत पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया. इस दौरान वर्षा चांडक, सुरभि नाहटा, कैलाश जैन, विवेक नाहटा, विनोद राठौर, अब्दुल्ला खान समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे.