कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए जिले में सभी प्रकार की सभा, जुलूस, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन इत्यादि को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित करने हेतु शासन द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन करने की शर्त पर अनुमति प्रदान की जा रही है। जिले में आयोजित होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों में शासन द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने एसडीएम श्री दिनेश कुमार नाग और उड़न दस्ता दल को दी गयी है। नारायणपुर विकासखंड के ग्राम बेलगांव में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित थे, और शासन द्वारा कोरोना के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे। जिस पर उड़न दस्ता दल ने वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्ति पर 10 हजार का जुर्माना लगाया और समझाईश दी। इस मौके पर नायब तहसीलदार ख्याति नेताम, मुकेश ठाकुर के अलावा उड़नदस्ता दल के सदस्य मौजूद थे।
आज भारतीय जनता पार्टी जिला कांकेर की वर्चुअल बैठक बस्तर संभाग प्रभारी शिवरतन शर्मा व जिला संगठन प्रभारी निरंजन सिन्हा , लोकसभा सांसद मोहन मण्डावी की उपस्थिति तथा भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई ।
शिवरतन शर्मा ने जिले में भाजपा संगठन में मोर्चा प्रकोष्ठ, शक्ति केंद्र व बुथ कमेटी के गठन की जानकारी ली । शर्मा ने बताता की मोदी सरकार के 7 वर्ष पूरे होने पर सेवा ही संगठन कार्यक्रम चलाया जा रहा । सर्वप्रथम युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रक्तदान कार्यक्रम किया व 31 मई को जिले के सभी मंडलो के सभी शक्ति केंद्रों के 2-2 बूथों में सेवा ही संगठन कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न सेवा कार्य किये जायेंगे । शर्मा ने कहा कि आपदा के इस कठिन समय मे भाजपा के सभी कार्यकर्ता पूरे देश मे लोगो की सहायता कर रहे है व आगे भी करते रहेंगे । उन्होंने संगठन से संबन्धित सभी अधूरे कार्यो को जल्द पूरा करने के निर्देश जिलाध्यक्ष को दिए ।
जिला संगठन प्रभारी निरंजन सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 मई व आगामी सेवा कार्यक्रम की पूरी तैयारी कर ली गई है । जिले के सभी शक्ति केंद्रों में स्वच्छता, मास्क, राशन वितरण व अन्य सेवा कार्य किये जायेंगे ।
भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया ने जिले का वृत्त प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले के सभी मंडलो में मोर्चा प्रकोष्ठ का गठन हो चुका है । युवा मोर्चा की कार्यकारिणी भी घोषणा जल्द हो जाएगी । जिले के भाजपा कार्यकर्ता कोरोना महामारी के संकट में पूरे मनोयोग से लोगो की सेवा कार्य मे लगे हुए है ।
बैठक का संचालन जिला महामंत्री बृजेश चौहान ने व आभार प्रदर्शन जिला महामंत्री दिलीप जायसवाल ने किया । वर्चुअल कांफ्रेंस का प्रबंध जिला मीडिया प्रभारी निपेन्द्र पटेल व आई टी सेल जिला संयोजक डॉ देवेंद्र साहू ने किया ।
बैठक में भाजपा के जिले में निवासरत प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, मोर्चा प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मण्डल अध्यक्ष, महामंत्री सहित मोर्चा जिलाध्यक्ष व प्रकोष्ठ के संयोजक उपस्थित रहे ।
जगदलपुर । ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक रूपेन्द्र सिंह हाटकचोरा विकासखंड नानगुर को महामारी सलाहकार दीपक पाणीग्राही के द्वारा झूठे आरोप के आधार पर निलंबित कराये जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल महामारी सलाहकार के रूप में दीपक पाणीग्राही की नियुक्ति को ही अवैधानिक करार दिया है। एवं उसे निलंबित करने की मांग की है। संघ जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार ने आज प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि दीपक पाणीग्राही महामारी सलाहकार के द्वारा रूपेन्द्र सिंह ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक हाटकचोरा को झूठे आरोप कार्य की अव्हेलना करते हुए एंटीजन कीट एवं दवाईयों को फेंकना तथा ली गई सेंपल की जानकारी आटीपीसीआर एप्प में एंट्री नहीं किया गया एवं 27 अप्रैल से बिना सूचना के वह लगातार अनुपस्थित है। यह पूर्णत: भ्रामक जानकारी है इसकी जांच कराने से मामले की सत्यता सामने आयेगी। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार रूपेन्द्र सिंह के द्वारा अपनी ड्यूटी नियमित की जा रही थी। 26 अप्रैल को वे डयूटी पर थे जहां उनके साथ दीपक पाणीग्राही एवं सतीश मिश्रा राजस्व निरीक्षक एवं पुलिसकर्मी उपस्थित थे। सैप्लिंग का आनलाईन एंट्री नहीं किया जा रहा था क्योंकि किसी ने इसकी जानकारी नहीं दी थी। आफलाईन कार्य का संपादन पूरी टीम के साथ किया जा रहा था। कार्य समाप्ति के पश्चात दीपक पाणीग्राही के द्वारा बीपूल कुमार जग्गी फर्मासिस्ट महारानी अस्पताल से सैप्लिंग कीट रखने हेतु वैक्सिन कोरियर रात को मंगाया गया। जिसकी जानकारी विपुल कुमार से ली जा सकती है। यहां यह अवगत कराना आवश्यक है कि रूपेन्द्र सिंह की तबीयत 26 अप्रैल की रात बिगड़ गई, उन्हें चक्कर आना और घबराहट होने के कारण वे 27 अप्रैल को अपने कार्य पर उपस्थित नहीं हो पाये जिसकी जानकारी विभाग के वाह्टसएप्प ग्रूप में विधिवत दे दी गई थी। रूपेन्द्र सिंह द्वारा 27 अप्रैल को जिला चिकित्सालय में आकर उपचार भी कराया गया। जहां उपस्थित डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी। इसके बाद रूपसिंह द्वारा 27 अप्रैल से 1 मई तक वाह्टसएप्प ग्रूप में एवं पत्र वाहक के माध्यम से अपनी अवकाश की सूचना कार्यलय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ-साथ प्रभारी कोविड अधिकारी को एक आवेदन के माध्यम से दी गई थी किंतु 30 मई को बिना किसी स्पष्टिकरण के उच्चअधिकारी को गूमराह कर रूपेन्द्र सिंह को निलंबित कर दिया गया।
जिलाध्यक्ष ने रूपेन्द्र सिंह के आवेदन के आधार पर जिला कलेक्टर से मिलकर ऐसे निलंबन के प्रति सकारात्मक रूख अपनाते हुए ऐसे निष्ठावान कर्मचारी को बहाल करने का निवेदन किया था। जिसपर जिला कलेक्टर द्वारा 18 मई को बहाल करने का आश्वासन भी दिया गया था। किंतु आज दिनांक तक उनकी बहाली नहीं हो पाई है एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा निलंबन से बहाल करने हेतु टालमटोल किया जा रहा है। इन सभी उपरोक्त कारणों से संघ को अब आभाष हो रहा है कि दीपक पाणीग्राही सलाहकार महामारी द्वारा व्यक्तिगत दुश्मनी भुनाने के कारण उच्चअधिकारियों को गुमराह कर निष्ठावान कर्मचारियों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही कराई जा रही है। संघ का इस मामले में निवेदन है कि रूपेन्द्र सिंह ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक हाटकचोरा का निलंबन वापस लेते हुए पुन: उनके मूल पद पर स्थापना दी जाये एवं दीपक पाणीग्राही के विरूद्ध जांच बिठाकर पूरी मामले की जानकारी एवं जांच निष्पक्ष रूप से कराई जाये। यहां विदित हो कि महामारी सलाहकार के रूप में पदस्थ दीपक पाणीग्राही के बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारियों का कहना है कि ये कर्मचारी जबसे इस कार्यालय में पदस्थ हैं तभी से इनके द्वारा अपने साथी कर्मचारियों के प्रति भेदभाव एवं असहयोगात्मक रवैया रहता है। बात-बात पर उच्चअधिकारियों से अपने संबंधों का हवाला देकर निलंबन कराने की धमकी देना इसकी आदत सी हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि रूपेन्द्र सिंह जैसे कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी की निलंबन को रद्द कर तत्काल उसकी बहाली की जाए।
विगत दिनों सेल प्रबंधन ने अचानक एक परिपत्र जारी करके 01 May 2021 तक पे-रोल में रहने वाले सभी कर्मियों को एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) में रजिस्टर कराने की बात कहते हुए इसके लिए 10 June 2021 तक का समय निर्धारित कर दी है। इस सम्बन्ध में जब भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई ने भा.म.सं के स्टील फेडरेशन से जानकारी ली तब पता चला कि सेल प्रबंधन ने यह निर्णय एक तरफा लिया है और इसके लिए एनजेसीएस की कोई सहमति नहीं ली है। सेल प्रबंधन के इस एकतरफा कारवाई का विरोध करते हुए भारतीय मजदूर संघ के स्टील फेडरेशन के महासचिव राजेन्द्रनाथ महंतो ने सेल प्रबंधन को पत्र लिखते हुए उक्त परिपत्र वापस लेने और ऐसे किसी भी निर्णय हेतु एनजेसीएस में सहमति बनाने की मांग की है। सेल प्रबंधन के इस निर्णय पर संघ का पक्ष रखते हुए खदान मजदूर संघ के महामंत्री एम.पी.सिंह ने जानकारी दी कि सेल प्रबंधन के इस एकतरफा निर्णय का संघ विरोध करता है। सेल प्रबंधन ने एनजेसीएस के साथ द्विपक्षीय वार्ता में यह समझौता किया था कि सेल कर्मियों के पेंशन की राशि सेल द्वारा गठित सेल पेंशन फण्ड में जमा होगी और उक्त फण्ड द्वारा ही संचालित होगी। ऐसे में सेल प्रबंधन द्वारा अचानक इस तरह का एक तरफा फैसला लेना और इस निर्णय से सेल पेंशन फण्ड ट्रस्ट को भी अवगत न कराना सेल प्रबंधन के नियत पर कई सवालिया निशान खड़े करते हैं? साथ ही इस निर्णय को लेने से पूर्व एनजेसीएस के सदस्य श्रम संगठनों से भी चर्चा न करना सेल प्रबंधन के दूषित मानसिकता का परिचायक है।
इस तारतम्य में खदान मजदूर संघ के महामंत्री ने सेल प्रबंधन से कुछ सवाल पूछते हुए उनके जवाब मांगे हैं जो इस प्रकार से हैं-
(1) अगर सेल पेंशन स्कीम को एनपीएस में ही बदलना था तो फिर लगभग 06-07 वर्षों तक एनजेसीएस के साथ बातचीत करने का नाटक क्यों किया गया? (2) जब एनपीएस के टियर-1 की शुरुवात केंद्र सरकार ने 01 मई 2009 से ही कर दी थी तो फिर सेल कर्मियों के लिए इसका लाभ 2012 से क्यों दिया जा रहा है? अगर सेल प्रबंधन को अंततः सेल पेंशन स्कीम को एनपीएस में ही बदलना था तो फिर कर्मियों के साथ भेद भाव करते हुए गैर अधिकारी वर्ग के लिए 2012 से इसकी शुरुवात और 06% अंशदान तो दूसरी तरफ अधिकारी वर्ग के लिए इसकी शुरुवात 2007 से और अंशदान 9% करने का नाटक क्यों किया गया? क्या इस नाटक के पीछे सेल प्रबंधन की मानसिकता गैर अधिकारी वर्ग और अधिकारी वर्ग के बीच दीवार खड़े करने की थी? (3) अगर सेल पेंशन स्कीम को एनपीएस में विलय कर दिया जाता है तो अधिकारी वर्ग के कर्मियों के दो वर्ष का पेंशन फण्ड को एनपीएस के तहत किस तरह से समायोजित किया जावेगा? क्योंकि सेल पेंशन स्कीम वर्ष 2007 से लागू की गयी है और एनपीएस के टियर-1 की शुरुवात सरकार द्वारा 01 मई 2009 से की गयी है? (04) सेल पेंशन स्कीम को एनपीएस में बदलने हेतु सेल प्रबंधन ने एकतरफा निर्णय क्यों लिया?उक्त निर्णय लेने से पूर्व सेल प्रबंधन ने इस मामले में सेल पेंशन फण्ड मैनेजिंग ट्रस्ट और एनजेसीएस से कोई चर्चा क्यों नहीं की? (05) सेल पेंशन स्कीम को एनपीएस में बदलने पर क्या कर्मियों को एनपीएस के उस प्रावधान का लाभ मिलेगा जिसमे यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद कर्मियों को एनपीएस फण्ड में जमा रकम में से अधिकतम 59% रकम एकमुस्त निकालने की अनुमति होगी?
इसके अलावा और भी ऐसे कई प्रश्न हैं जिनका जवाब आने वाले समय में सेल प्रबंधन को देना होगा। अंत में उन्होंने कहा कि सेल प्रबंधन के इस एकतरफा निर्णय का संघ विरोध करता है क्योंकि एनपीएस में शामिल होने से मना करते हुए ही एनजेसीएस और सेफी ने सेल प्रबंधन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करते हुए सेल पेंशन स्कीम को लागू करने पर सहमति बनाई थी। ऐसे में बिना एनजेसीएस से चर्चा किये हुए इस तरह के एकतरफा निर्णय लेकर सेल प्रबंधन क्या साबित करना चाहता है यह सोंचने की बात है। साथ ही उन्होंने एनजेसीएस में शामिल अन्य श्रम संगठनों के पदाधिकारियों और अधिकारी वर्ग के कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सेफी एवं स्थानीय ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी यह सवाल किया कि सेल प्रबंधन के इस एकतरफा निर्णय पर उनके क्या विचार है?
भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नागेंद्र मोनू चौधरी ने कोरनोकाल मे केंद्र सरकार द्वारा किये गए कार्यो पर प्रकाश डाला। केंद्र की बीजेपी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस कोरोनो महामारी के समय देश के हर वर्ग के लोगो का धयान रखते हुए योजनाएं एवं राज्यो को राशि आवंटित कर रही है। कोरोना काल में आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने हर भारतीय की चिंता करते हुए तुरंत राहत पैकेज घोषित किए।सरकारी तंत्र, संगठन व सभी से जरूरतमंदों की मदद करने का आह्वान किया। केंद्र की सरकार द्वारा इस महामारी में अनाथ हुए बच्चो के लिए पीएम केयर्स फंड फ़ॉर चिल्ड्रन योजना शुरू की जिसमे हर बच्चे जिनके माता पिता की मृत्य कोरोनो के कारण हो गयी ऐसे बच्चो के भविष्य की जिम्मेदारी उठाई, हर अनाथ बच्चो के लिए मुफ्त शिक्षा एवं 23 वर्ष होने पर 10 लाख रुपए दिए जाएंगे और साथ ही साथ बाद में उच्च शिक्षा के लिए लोन एवं स्कॉलरशिप का भी प्रावधान होगा।
इस साथ ही कोरोना में जान गवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को ESIC व EPFO के तहत पेंशन देने का निर्णय संवेदनशील है, जिन्होंने कोरोना के कारण कमाई करने वाले सदस्य को खोया है। साथ ही कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा के तहत अधिकतम लाभ को 6 से बढ़कर 7 लाख कर दिया गया है। इसके साथ ही हर राज्यो में 2 माह का राशन चावल वितरण कर लॉक डाउन और इस विपदा में जीवन गुजरा में परेशानी झेल रहे है परिवारों की मदद की। इस मुश्किल घड़ी में सरकार प्रत्येक नागरिक के साथ डट कर खड़ी है। स्वास्थ विभाग को दुरुस्त किया है हर राज्य में सैकड़ो ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था के लिए पीएम केयर्स फंड से फंड जारी किए। भाजपा ने प्रधानमंत्री के मंत्र सेवा ही संगठन को आत्मसात करके भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के मदद से करोड़ों लोगों तक मदद पहुंचाया।ऐसे समय ने विपक्ष केवल योजनाओं के खिलाफ झूठा भर्म फैला अपनी ओछी राजनीति कर रही है। आज हर भाजपा कार्यकर्ता एवं देशवासी केंद्र की बीजेपी सरकार के कार्यप्रणाली से संतुष्ट है।
कोविड के प्रभावों को कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जिला उत्तर बस्तर कांकेर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में 31 मई सोमवार से वर्चुअल योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। खास कर कोरोना संक्रमण को मात देकर ठीक हो चुके व्यक्तियों के स्वास्थ्य की बेहतरी को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ योग आयोग के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रतिदिन दो पालियों में सुबह और शाम को आयोजित किया जाएगा, जिसका सोशल मीडिया में लाइव प्रसारण भी किया जायेगा। समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक ने बताया कि सुबह और शाम को 06 से 07 बजे तक दो पालियों में योगाभ्यास एवं ब्रिदिंग का अभ्यास कराया जायेगा और योगाभ्यास समाप्त होने के बाद वीडियो स्वत: ही फेसबुक एवं यू-ट्यूब में अपलोड हो जायेगा,जिसे लक्ष्यित हितग्राहियों एवं जनसामान्य द्वारा किसी भी समय देखा जा सकता है। इस कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति अपना नि: शुल्क ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।
कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मुख्य नगरपालिका अधिकारीयों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों को इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए पंजीयन कराने कहा है।
समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक सिनीवाली गोयल ने बताया कि कोविडि मरीजों के साथ ही होम आइसोलेशन एवं क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्ति, उनके परिवार के सदस्य, प्रथम टीका लगवा चुके व्यक्ति , वरिष्ठ नागरिक सहित सामान्य व्यक्ति भी वर्चुअल योगाभ्यास में हिस्सा ले सकते हैं।
कांकेर/भानुप्रतापपुर । सुकमा – बिजापुर जिला के सीमाई क्षेत्र सिलगेर में हुए कथित गोलीकांड की निष्पक्ष जांच को लेकर शिवसेना प्रदेश प्रमुख द्वारा गठित एक प्रतिनिधिमंडल शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा के नेतृत्व में घटना स्थल एवं ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा।
जहां सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों के द्वारा हो रहे प्रदर्शन स्थल से 100 मीटर पहले सुरक्षा कारणों एवं वहां पर हो रहे न्यायिक जांच का हवाला देते हुए शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया गया। जहां वहीं रोड पर शिवसेना का प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रदर्शन करते हुए न्यायिक जांच कमेटी से चर्चा किया गया एवं घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए घटना के कारकों के पीछे जाते हुए उन्हें दूर करने की मांग किया गया एवं घटना में मारे गए ग्रामीणों एवं घायलों हेतु मुआवजा की मांग किया गया एवं सुरक्षा बलों एवं सरकार से मांग किया गया कि क्षेत्र में ऐसा माहौल पैदा किया जाए जिससे क्षेत्र में शांति स्थापना हो ।ऐसे कारण ही पैदा ना हो जिससे सुरक्षा बलों एवं ग्रामीणों के बीच दूरी स्थापित हो शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव सरगीम कवासी , दक्षिण बस्तर जिला प्रमुख महेश स्वर्ण, खेमलाल महला, बिजापुर जिला प्रभारी विजय तिवारी,अनीश नरेटी , उपस्थित थे।
पुलिस थाना कोतवाली में दिनांक 29.05.2021 को पुलिस थाना कोतवाली में प्रार्थिया निवासी नयापारा जगदलपुर ने उपस्थित आकर लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 29.05.2021 के रात्रि 08ः00 बजे प्रार्थिया घर के सामने टहल रही थी तभी मोगीया सागर नाम का व्यक्ति मोटर सायकल से आया और लज्जा भंग करने की नियत से गंदी-गंदी अश्लील बाते बोलकर, पीट पर हाथ फेरा और अश्लील हरकत किया है, कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक-157/2021 धारा 354 भादवि0 का अपराध दर्ज कर, विवेचना मे लिया गया।
पुलिस अधीक्षक दीपक झा, अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोेेतवाली एमन साहू के नेतृत्व में सउनि0 सुजाता डोरा, प्रआर चोवादास गेंदले, आरक्षक रवि सरदार के टीम द्वारा सूचना प्राप्त होने के बाद तत्काल मौके पर जाकर, आरोपी को पता तलाश कर पकड़ा गया। जिसने पुछताछ करने पर अपना नाम मोगीया सागर पिता तपेश्वर उम्र 35 साल जाति ब्राम्हण निवासी आकाश नगर चोपड़ा राईस मिल के पीछे जगदलपुर का रहने वाला बताया। आरोपी का कृत्य अपराध धारा 354 भादवि0 का घटित करना पाये जाने से आरोपी को विधिवत् गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
दल्लीराजहरा – आज डौंडी ब्लाक से कूल 05 संक्रमितों की पुष्टि हुई जिसमे दल्लीराजहरा से 03, चिखलाकसा से 02 संक्रमित मिले |
डौंडी ब्लॉक में डौंडी एवं आसपास के क्षेत्र एवं दल्लीराजहरा में वार्डवार मिले संक्रमितों कि जानकारी इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
जगदलपुर। क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार ने कहा कि आज मोदी सरकार के सात साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी जश्न मना रही है पर देश जीने की बात तो छोड़िए ठीक से मरने के लिए तरस गया है।
मिथिलेश स्वर्णकार ने कहा कि कहाँ तो वादा था कि विदेशी काला धन वापस आएगा, प्रत्येक आदमी के खाते में 15 -15 लाख रुपया आएगा, दो करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात थी मगर उल्टे करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया।आज देश बेरोजगारी के उच्चतम पायदान पर खड़ा है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर किसानों की आय दुगुनी करने का वादा तो छोड़िए ऐसे कानून बना दिये कि खेती, पूंजीपतियों की जागीर बन जाएगी,डरे हुए किसान कई महीने से दिल्ली घेरकर बैठे हैं।पाकिस्तान से एक के बदले दस सिर लाने और चीन को लाल आंख दिखाने का दम्भ भरने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में चीन बीस सैनिकों को मार देता है और नेपाल जैसा बगलबच्चा लाल आंख दिखा रहा है।मोदी जी ने नोटबन्दी लागू करते हुए देश को भरोसा दिया कि इस कदम से देश का काला धन बाहर आएगा,आतंकवाद पर लगाम लगेगी पर हुआ उल्टा आतंकवाद बदस्तूर जारी है ,हाँ गरीब लोग ज़रूर बैंक की लाइन में अपनी जान गवां बैठे,कइयों का रोजगार छीन गया, देश अभूतपूर्व आर्थिक मंदी की चपेट में आ गया।इसी तरह जी.एस.टी. को देश की दूसरी आज़ादी बताने वाले प्रधानमंत्री राज्यों को उनका हिस्सा देने में असफल रहे,जीवन रक्षक दवाइयों और उपकरणों पर जी.एस.टी. लगा दिया पर पेट्रोल डीजल को शामिल करने में उन्हें आपत्ति है।
क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार ने कहा है कि कोरोना संकट में भी प्रधानमंत्री जी ने देश को सम्हालने की बजाय थाली बजवाई,दिए जलवाए,बिना सोचे समझे लॉक डाउन कराया सब बिगड़ने लगा तो राज्यों पर छोड़ दिया।पहली लहर में मध्यप्रदेश में सरकार बनाने को प्राथमिकता मिली तो दूसरी लहर को बंगाल चुनाव की वजह से आने दिया गया। वेक्सीन पर भी कब्जा जमाए बैठें है एक तरफ राज्यों को खरीदने की छूट देतें हैं दूसरी तरफ कम्पनियों को सख्त हिदायत है कि किसे कितना देना है हम बताएंगे।आज जब वेक्सीन के मामले में सरकार को देश के साथ खड़े होकर निर्बाध उत्पादन को सुनिश्चित करना चाहिए उसकी जगह वेक्सीन निर्माता कम्पनियो की तरफदारी की जा रही है। कहाँ वादा तो भारत को विश्व गुरु बनाने का था पर देश सबसे बड़ा श्मसान बन गया जीने की बात छोड़िए सम्मान पूर्वक मरना भी दुर्लभ हो गया है।जिस गंगा मां के बुलाने पर यह पुत्र बनारस गया था वही गंगा लाशों से अटी पड़ी है।संसद को प्रणाम करने वाले प्रधानमंत्री ने संसदीय परम्पराओं का कभी निर्वाह नहीं किया। दल बदल कर सरकार बनाना, अपराधियों का भाजपा में शामिल होते ही वाल्मीकि बन जाना ,मीडिया को प्रभावित कर निरंतर अपना गुणगान करवाना, सत्ता प्राप्ति के लिए किसी हद तक जाना,कारपोरेट की जी हुजूरी और गरीबों से दो गज दूरी केंद्र सरकार की नीति रही है।