जगदलपुर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव द्वारा विधानसभा चुनाव 2023 के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। बस्तर जिले के भी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इन समितियों में स्थान दिया गया है। वित्त समिति में बस्तर के श्रीनिवास राव मद्दी को सदस्य बनाया गया है।विधिक विभाग समिति सदस्य सुधीर पांडे, कंट्रोल रूम, विमान एवं हेलीकॉप्टर व्यवस्था समिति संयोजक सुभाष राव, अन्य राज्यों से आने वाले कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए गठित समन्वय समिति में सदस्य संग्राम सिंह राणा बस्तर संभाग, वाहन व्यवस्था समिति सदस्य शैलेंद्र सिंह भदौरिया, सांस्कृतिक दल प्रचार समिति सदस्य जयराम दास मानिकपुरी बस्तर संभाग, इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया समिति सदस्य हेमंत पाणिग्रही, सोशल मीडिया समिति सदस्य तेजपाल शर्मा एवं दीपिका सोरी नियुक्त किए गए हैं।
तहसील साहू संघ मां कर्मा महिला प्रकोष्ठ के द्वारा हरेली – सावन महोत्सव का आयोजन
दल्लीराजहरा स्थानीय साहू सदन में रविवार को किया गया. मां कर्मा एवं राजकीय गीत अरपा पैरी के धार महानदी है अपार के गीत से शुभारंभ किया गया। स्वागत भाषण प्रकोष्ठ अध्यक्ष दामिनी साहू ने दिया। उन्होंने कही हरेली के तिहार हम छत्तीसगढ़ राज्य के पहली तिहार है. इस तिहार में हम सब कृषि औजारों की पुजा करते हैं.।सुख समृद्धि की कामना करते है. एक दूसरे को बधाई देते है इस प्रकार के आयोजन से एक दूसरे से मिलने एवं संस्कृति से अवगत होते हैं। अंजू साहू ने सावन महोत्सव एवं भगवान शिव-पार्वती की महिम के विषय में विचार दी विभिन्न प्रकार के खेलकूद का आयोजन किया गया। मटका दौड़ प्रथम लिलेश्वरी साहू, दूसरा भामिनी साहू, तीसरा खिलेश्वरी साहू, गेडी दौड़ प्रथम निर्मला, दूसरा केजा, तीसरा जुगमत. गीत की प्रस्तुत लिलेश्वरी साहू, सत्या साहू,चम्पा साहू,शिवबती साहू, चम्पा देवी साहू, राजेश्वरी,उषा ,लेखा,लता, प्रतिभा, रोशनी, का मनी, स्वाती, वीणा साहू, कृतिका, ने गीत प्रस्तुत किया।

रेलवे कालोनी, भगोली पारा, कोल्ड पावर हाऊस की बालिकाओं के द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया. सभी परिक्षेत्र से समूह नृत्य की प्रस्तुत दी गयी. सावन झूला का आनंद सभी लोगों ने लिया. मंच संचालन विमला साहू एवं गायत्री साहू ने किया.आयोजन में उपाध्यक्ष संगीता साहू, सदन अधीक्षक राधा साहू,परिक्षेत्रीय अध्यक्षगण कुन्ती साहू, रेवती साहू, पूर्णिमा साहू, कुन्ती साहू रेलवे कालौनी, द्रौपदी साहू, भूमिका, लोचन, पुष्पा, अनुसुइया, रामेश्वी, ललिता, अनिता, कल्याणी, शिव कुमारी, खिलेश्वरी, रेवती, मीना, त्रिवेणी, शिवबती,रेणुका, तुमेश्वरी, वीणा, सुषमा,मंजू आशा,भोजेश्वरी, यानेश्वरी, हेमलता, किरण, खेमीन, तरुणा, सावित्री, माया, भुनेश्वरी, निर्मला, सरिता, मान, कमलेश्वरवरी, रंजना ,धान, हेमपुष्पा, सोहद्रा, भुनेश्वरी, शीला, मेनका, कांती, रुचि, वेणु, कस्तुरी, मेनका, छाया, चमेली, सुमन, यानी, बसंती, तन्नू, दुरपयोग, प्रेम लता, यमुना, राम, अंजली, महेश्वरी, कलेन्द्री, वर्षा, हिमांशी, कविता, गीता, डिलेवरी, गीतांजली, दुर्गश्वरी, राधिका, साधना समाज की महिलाएं उपस्थित थी।

माहरा, महरा जाति को अब जल्द मिलेगा अनुसूचित जाति का दर्जा
- समाज के लोगों में खुशी की लहर, केंद्र सरकार का जताया आभार
जगदलपुर माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किए जाने से इस समुदाय के लोगों में खुशी छा गई है। माहरा, महरा समाज के प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंटकर मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया। माहरा, महरा समाज के लोगों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके प्रति आभार जताया। ज्ञात हो कि मात्रात्मक त्रुटि के कारण माहरा, महरा समाज के लोग संवैधानिक अधिकारों से वर्षों से वंचित होते आ रहे थे। केंद्र सरकार ने महरा एवं माहरा जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने का निर्णय लेकर महरा एवं माहरा जाति की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है।इसके लिए केंद्र सरकार इस मानसून सत्र मे लोकसभा सत्र में बिल ला रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा है कि मैं छतीसगढ़ के महरा एवं माहरा समाज के लोगों से मिला।1992 में हुई एक मात्रात्मक त्रुटि के कारण प्रदेश के महरा एवं माहरा समाज के लोगों को वर्षों अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रहना पड़ा। मोदी सरकार ने इस जाति के लोगों को अब अनुसूचित जाति में सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया है।लंबे संघर्ष के बाद मिलने जा रहे लाभ से हर्षित महरा एवं माहरा समाज छतीसगढ़ प्रदेश संगठन के प्रत्येक जिलों के महरा माहरा संगठन प्रमुखों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडये, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पूर्व विधायक सुभाऊ कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व मंत्री केदार कश्यप, पूर्व विधायक संतोष बाफना, कमलचंद भंजदेव, बैदूराम कश्यप रुपसिंग मंडावी के प्रति इस हेतु अथक प्रयास के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने गए प्रतिनिधि मंडल में बस्तर संभाग से सर्व महरा माहरा समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष सोनाराम बघेल, संभाग अध्यक्ष विनय सोना, माहरा समाज युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष डीकेश कुमार नाग, भारत चालकी, बाबुल नाग, राजू बघेल, राजेंद्र नागेश, गणेश नागवंशी, गोपाल नाग, प्रेम चालकी, बलराम बेसरा आदि शामिल थे।
सांसद दीपक बैज ने की थी सार्थक पहल
माहरा, महरा जाति के लोगों को अनुसूचित जाति जनजाति की सूची में शामिल कराने के लिए बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कड़ी मेहनत और सार्थक पहल की थी। बस्तर संभाग में माहरा, महरा जाति लोगों की अच्छी खासी आबादी निवासरत है। इस समुदाय के लोग खुद को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए लंबे समय से जद्दोजहद करते आ रहे थे। समाज के वरिष्ठजन इस मुद्दे को लेकर सांसद दीपक बैज से लगातार संपर्क में रहे। उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सांसद श्री बैज ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर उन्हें समाज की मंशा से उन्हें अवगत कराया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजा था। इसके बाद सांसद दीपक बैज दो तीन बार अपने साथ इस समुदाय के प्रतिनिधियों को दिल्ली भी ले गए थे। इन प्रतिनिधियों के साथ श्री बैज ने अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, अजा अजजा आयोग अध्यक्ष तथा अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर माहरा महरा जाति को अजा अजजा का दर्जा दिलाने का आग्रह किया था। इसलिए इस बड़ी उपलब्धि में बैज की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
केंद्र की मोदी सरकार ने माहरा, महरा जाति को दिया बड़ा उपहार
- बस्तरिया बाबू ने सरकार की पहल को बताया ऐतिहासिक कदम
जगदलपुर माहरा समाज युवा प्रभाग के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं भाजपा के युवा नेता गणेश नागवंशी बस्तरिया बाबू ने माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के केंद्र सरकार के फैसले को समाज के लिए बड़ा उपहार और ऐतिहासिक कदम निरुपित किया है। बस्तरिया बाबू ने कहा है कि माहरा समाज के लोग सन 1992 से आरक्षण के लाभ से वंचित रहे। इस कारण समाज के लोग शिक्षा, रोजगार में पीछे रह गए थे, आर्थिक व शिक्षित रूप से मजबूत स्थिति में नहीं आ पाए। अब माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति की श्रेणी में लाकर उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इससे समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति के लिए उपलब्ध सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। वर्षों चले संघर्ष अब जाकर फलीभूत हुआ है। माहरा समाज के हर युवा वर्ग को उच्च शिक्षा में मिलने वाली सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्कूल कॉलेज में छात्रवृत्ति एवं प्रवेश परीक्षाओं में प्राथमिकता मिलेगी। हाई स्कूल में पढ़ने वाले समाज की बेटियों को पूर्व में सरस्वती सायकल योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। इससे माहरा समाज की छात्राओं में निराशा का भाव था। आवागमन का साधन न रहने से कईं छात्राएं स्कूल जाना छोड़ देती थीं। ऐसी छत्राओं को आरक्षण व सरस्वती सायकल योजना का लाभ मिलने से उनकी शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। बस्तर संभाग व प्रदेश के अन्य भागों में निवासरत माहरा महरा समाज के लोगों को शासन की सभी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। गणेश नागवंशी ने इस हेतु संघर्ष करते रहे माहरा समाज के सभी वरिष्ठजनों, युवाओं, बस्तर संभाग के सभी भाजपा नेताओं तथा केंद्र की मोदी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
बंद पर सर्व आदिवासी समाज की एकजुटता अच्छा कदम : लखमा
- नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ भी आगे आएं युवा
जगदलपुर बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने मणिपुर की घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज द्वारा किए गए बस्तर संभाग बंद का समर्थन करते हुए कहा कि अब युवाओं को नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ भी आवाज बुलंद करने आगे आना होगा। लखमा ने कहा कि मणिपुर की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। मणिपुर जल रहा है और केंद्र सरकार लोगों की सुरक्षा तथा राज्य में शांति बहाली के लिए कुछ नहीं कर रही है। प्रधानमंत्री विदेश दौरे में व्यस्त हैं और मणिपुर घटना की को राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ से जोड़ रहे हैं। एक तो वे लंबे समय तक मौन रहे और जब बोले तो उसमें कांग्रेस शासित प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान का नाम लिया। बस्तर के आदिवासी युवाओं ने मणिपुर की घटना को लेकर पूरे संभाग को बंद कराया, वह सराहनीय प्रयास है। इसी तरह से आदिवासी समाज के युवाओं को आगे आकर जनहित के मुद्दों पर अपनी ताकत दिखानी चाहिए। नगरनार स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले क्षेत्र के लोग इस बात से परेशान हैं कि एनएमडीसी द्वारा स्थापित स्टील प्लांट को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निजी उद्योगपति को दे रहे हैं। जबकि राज्य सरकार ने विधानसभा में संकल्प पारित कर इसका विरोध किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूरा कांग्रेस संगठन निजीकरण के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि स्टील प्लांट को निजी हाथों में देने के बजाय राज्य सरकार को दे दें। प्रदेश सरकार इसे चला लेगी, लेकिन इस पर भी प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से कोई जवाब नहीं आया। इस मसले पर भी सर्व आदिवासी समाज को लोगों के हित को देखते हुए आंदोलन छेड़ना चाहिए। कवासी लखमा ने कहा कि बीजेपी हमेशा अपने फायदा का ही सोचती है। मणिपुर में जिस तरह हिंसक घटनाएं हुईं, उसे समय रहते नियंत्रण में नहीं लिया गया। इसके लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार और बीजेपी जिम्मेदार है। हमारे नेता राहुल गांधी मणिपुर गए थे, जहां उन्हें रोक दिया गया। वे पीड़ितों से मिलकर उनका दुख दर्द बांटना चाहते थे। कांग्रेस हमेशा से ही न केवल आदिवासी बल्कि हर वर्ग की उन्नति के लिए लगातार काम करती आ रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सर्व आदिवासी समाज ने पूरे बस्तर संभाग बंद को लेकर जिस तरह से एकजुटता दिखाई वह अच्छी पहल है। संभाग के सभी जिलों और विशेषकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जनता तथा व्यापारी वर्ग ने बंद का नैतिक समर्थन किया। आगे नगरनार स्टील प्लांट मसले पर भी सर्व आदिवासी समाज को मेरा समर्थन रहेगा क्योंकि स्टील प्लांट के लिए लोगों ने एनएमडीसी को जमीन दी थी। लोगों की मंशा है कि स्टील प्लांट को एनएमडीसी ही चलाए। कोई भी नहीं चाहता कि स्टील प्लांट निजी हाथों में जाए।
मणिपुर हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए पीसीसी चीफ बैज
- नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया’ लिखा पोस्टर लेकर शामिल हुए सांसद दीपक बैज
जगदलपुर मणिपुर में जारी हिंसा के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। श्री बैज अपने हाथों में ‘नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया’ लिखा पोस्टर लेकर खड़े नजर आए। मणिपुर में जारी हिंसक घटनाओं और महिलाओं के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर समूचा विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। लोकसभा और राजयसभा के भीतर तो केंद्र सरकार को घेरा ही जा रहा है, बाहर भी विपक्ष ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर 24 जुलाई को संसद परिसर में गांधीजी की मूर्ति के समक्ष कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व सांसद दीपक बैज, कोरापुट के सांसद सप्तगिरि शंकर उल्का सहित अन्य सांसद मौजूद थे। कांग्रेस और विपक्ष के हर आंदोलन व प्रदर्शन में हमेशा बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाने वाले सांसद दीपक बैज आज के प्रदर्शन में नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया लिखा पोस्टर लेकर पहुंचे थे। ज्यादातर सांसदों के हाथों में जो पोस्टर थे, उनमें ‘इंडिया’ शब्द जरूर लिखा था। इंडिया विपक्षी गठबंधन का नया नाम है। किसी सांसद ने इंडिया फार मणिपुर, किसी ने इंडिया वांट्स डिस्कशन ऑन मणिपुर वायलेंस, तो किसी सांसद ने इंडिया डिमांड पीएम स्टेटमेंट ऑन मणिपुर इन पार्लियामेंट तथा सेव मणिपुर लिखा पोस्टर ले रखा था। प्रदर्शन के दौरान दीपक बैज ने मणिपुर की हिंसा के मामले में केंद्र सरकार की विफलता को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज से इस संवाददाता ने फोन पर चर्चा की। बैज ने कहा कि भाजपा शासित मणिपुर राज्य हिंसा की आग में जल रहा है और प्रधानमंत्री कुछ बोलने को भी तैयार नहीं हैं। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री सदन में हिंसा पर अपनी बात रखें। बैज ने कहा कि केंद्र और मणिपुर की भाजपा सरकारें हिंसा रोकने में असफल साबित हुई हैं। उपद्रवियों ने महिलाओं को निर्वस्त्र कर उनसे मारपीट की। इस शर्मनाक घटना पर भी प्रधानमंत्री की चुप्पी और भी शर्मनाक है।
कांग्रेस की बैठक में चुनावी तैयारी पर किया गया गहन मंथन
- कार्यकारिणी सदस्यों से प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने की भेंट
रायपुर/ जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को राजीव भवन में हुई। बैठक में पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया तथा चुनावी रणनीति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, मंत्री मोहन मरकाम, कवासी लखमा, प्रदेश सह प्रभारी चंदन यादव, सप्तगिरि शंकर उलका, विजय जागिड़ मौजूद थे।बैठक में जिला व अध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्षों एवं संगठन की विभिन्न विगों के प्रदेश अध्यक्षों को भी बुलाया गया था। कहा जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद दीपक बैज ने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों से मुलाकात के लिए यह बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें संगठन की तमाम गतिविधियों पर भी विस्तृत चर्चा व समीक्षा हुई।जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा व प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश पदाधिकारियों से चुनावी रणनीति पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली। विधानसभा चुनाव में पदाधिकारियों के साथ काम करने के तरीके के बारे में भी चर्चा हुई। राजीव भवन में जिलाध्यक्षो और मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण भी प्रस्तावित है।
अब जल्द बेनकाब होंगे नकली आदिवासी, होगी कड़ी कार्रवाई
- कोंटा तहसील में फर्जी तरीके से नौकरियां पाने के मामले की जांच
जगदलपुर/कोंटा सुकमा जिले की कोंटा तहसील में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहे 32 कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। श्रमबिंदु में प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ है। ऐसे कई कर्मचारियों को आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त ने दस्तावेजों के साथ अपने कार्यालय में तलब किया है। इन कर्मचारियों के जाति प्रमाण पत्रों की जांच की जानी है।ज्ञात हो कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने का खेल कोंटा के एसडीएम कार्यालय में लंबे समय से चलता रहा है। इसमें एसडीएम कार्यालय के एक बाबू का अहम रोल है। इस कर्मचारी की दफ्तर में तूति बोलती है। ये कर्मचारी कई वर्षों से इसी कार्यालय में पदस्थ हैं। स्थानीय स्तर पर जाति प्रमाण पत्र मामले की जांच नहीं होने पर कोंटा तहसील के निवासी सतवम राजाराव ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। ग्रामीण की शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लिया और आयोग के जांच अधिकारी एचआर मीणा ने इसी साल अप्रैल माह की शुरुआत में सुकमा एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर को पत्र जारी कर मामले की जांच कराने के निर्देश देते हुए 15 दिवस में जांच रिपोर्ट मांगी थी। चार माह बाद भी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। जबकि वर्ष 2011 में ही जाति प्रमाण पत्र फर्जी साबित हो गए थे। आरोप है कि कोंटा एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे आदिवासियों का हक मारकर पद पर काबिज हैं। कोया कुटमा समाज के ब्लाक अध्यक्ष गणेश माड़वी ने पूर्व में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जांच कराने की मांग की थी।

ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिले के कोंटा इलाके में फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के सहारे आदिवासियों केलिए आरक्षित सीटों पर 36 गैर आदिवासियों ने कब्जा जमा रखा है। इनमें स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। सर्वाधिक संख्या में कोंटा तहसील के लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाई है। अब इनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।
फर्जीवाड़े में कोंटा तहसील अव्वल
फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में कोंटा तहसील सबसे आगे है। कोंटा क्षेत्र के ही अधिकांश लोगों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरियां पाई हैं। वर्ष 2010-11 में तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ द्वारा मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने के बाद उन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया था। कुछ माह बाद ही जुगाड़ लगाकर ये सभी कर्मचारी अपने पदों पर वापस कब्जा पाने में कामयाब हो गए। फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे जिन 36 लोगों ने नौकरी पाई है, उनमें से कोंटा एसडीएम के रीडर, कुछ पार्षद, शिक्षक, भृत्य जांच के दायरे में शामिल हैं। लंबे समय से एसडीएम दफ्तर में पदस्थ कर्मचारी के फर्जीवाड़ा का खामियाजा दर्जनों शासकीय सेवकों को भुगतना पड़ सकता है। चंद रूपयों के लालच में फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जो अब उन कर्मचारियों के लिए आफत बन गए हैं। इस तरह के ज्यादातर मामले जगरगुंडा इलाके के हैं, जहां आ बसे दूसरे राज्यों के लोग फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आदिवासियों के हक की सरकारी नौकरियां पा चुके हैं।
वर्सन
जांच में फर्जी पाए गए प्रमाण पत्र राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से मिले पत्र का जवाब भेजा जा चुका है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाने वाले 35 कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच जारी है। 21 जुलाई को 17 लोगों को दस्तावेजों के परीक्षण के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 15 उपस्थित हुए थे। जांच में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं।ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
बालोद जिले में मनाया गया भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस
भारतीय मजदूर संघ ने मनाया स्थापना दिवस संगठन को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
दल्लीराजहरा 23 जुलाई को भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस जिला बालोद के कार्यालयों में समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर संगठन के सभी कार्यालयों में भारत माता, भगवान् विश्वकर्मा और भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी के चित्रों पर माल्यार्पण, पूजन कर कार्यकर्ताओं में मिष्ठान्न वितरण किया गया। मुख्य कार्यक्रम जिला बालोद भारतीय मजदूर संघ के राजहरा खदान कार्यालय भवन में उत्साह पूर्वक मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता के रूप में खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग और भारतीय मजदूर संघ जिला बालोद के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद और राजहरा शाखा के सचिव लखनलाल चौधरी जी ने सभी कार्यकर्ताओं को श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के संस्मरणों को उद्ध्रित करते हुए कहा कि भारतीय मजदूर संघ सिर्फ वेतन भत्तों के लिए लड़ने वाला संगठन नहीं है वरन श्रमिक वर्ग में राष्ट्रीय चेतना का विकास करते हुए देश हित, उद्योग हित और फिर श्रमिक हित में समन्वय स्थापित कर चलने वाला संगठन है। यहाँ पद नहीं दायित्व दिया जाता है और सभी कार्यकर्ता एक परिवार के रूप में मिल जुल कर कार्य करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बालोद जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने सभी कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनायें देते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ सजग है आगे भी आप लोगों के सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, पेंशन आदि मांगों को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों से संघर्ष जारी रखेगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए।


जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर साहू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग एवं सचिव लखनलाल चौधरी एवं कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलन और प्रतीक चित्रों पर माल्यार्पण किया। अंत में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एम पी सिंग खदान मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज से 68 वर्ष पूर्व शून्य से शुरू हुआ संगठन आज देश ही नहीं विश्व का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन के रूप में स्थापित हो चुका है, हमारा कार्य श्रमिकों, महिलाओं के लिए न्यूनतम वेतन के बदले आजीविका वेतन तथा सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा के साथ, औद्योगिक शांति, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। उन्होंने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आज के स्थापना दिवस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए एक पौधा देश के नाम लगाऐंगे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनेंगे। उपरोक्त पदाधिकारियों के अलावा कार्यक्रम को सफल बनाने में लिखन साहू ,नायक, चन्द्रशेखर,अजीत मलिक,बी पी कश्यप, एवं खदान के सभी नियमित एवं ठेका श्रमिक उपस्थित थे।


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दीपक बैज ने भी खोली नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान
- रायपुर में कामकाजी नागरिकों को वितरित किए रैनकोट और छाते
रायपुर / जगदलपुर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की दिली ख्वाहिश के मुताबिक सूबे के लोगों को इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली। उन्होंने सैकड़ों लोगों को मुफ्त में रैनकोट और छाते वितरित किए। इस दौरान रायपुर के मेयर एजाज ढेबर, रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा, मोहला मानपुर के विधायक इंदर सिंह मंडावी, रायपुर निगम के सभापति प्रमोद दुबे, इंद्रावती विकास प्राधिकरण के सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव मलकीत सिंह गैदू, वार्ड पार्षद बंटी होरा सहित वार्डवासी उपस्थित थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर नगर निगम के 6 वार्डों निःशुल्क रैनकोट व छातों का वितरण किया। रविवार को पीसीसी चीफ व बस्तर के सांसद दीपक बैज ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी की परिकल्पन को साकार करते हुए रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के जोन 2 में कामकाजियों को निशुल्क छाता व रैनकोट का वितरण “भूपेश है तो भरोसा है” के तहत किया। लगभग 600 लोगों ने यहां रैनकोट व छातों के लिए अपना पंजीयन कराया था। वार्ड पार्षद एवं जोन अध्यक्ष बंटी होरा ने आसपास के 6 वार्डों के लोगों को बारिश से बचाने के लिए निशुल्क छाते व रेनकोट की व्यवस्था की थी।
इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश में एकमात्र कांग्रेस पार्टी ही देश की एकता, अखंडता, आपसी सदभाव को कायम रख सकती है। हमारी पार्टी एक समुदाय को दूसरे समुदाय से लड़ाने का काम नहीं करती। भाजपा और आरएसएस के लोग सदभाव बिगाड़ने और नफरत का जहर घोलने में माहिर हैं। चुनाव आते ही भाजपा के नफरत का बाजार गुलजार हो जाता है। देश में जबसे भाजपा की सरकार आई है, तबसे आपसी वैमनस्यता काफी बढ़ गई है। ऐसे नफरती माहौल को दूर करने के लिए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारत जोड़ो पदयात्रा निकाली थी। उन्होंने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान सजाने का काम किया था। हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी भेदभाव को खत्म कर समाज के हर तबके के कल्याण का उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। मेयर एजाज ढेबर और पार्षद बंटी होरा ने जरूरतमंद लोगों को बारिश में भीगने से बचाने के लिए मुफ्त रैनकोट और छाते उपलब्ध कराकर बड़ा ही नेक काम किया है। विधायक कुलदीप जुनेजा और महापौर एजाज ढेबर ने भी लोगों को संबोधित किया। रैनकोट व छाते मिलने पर लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, महापौर एजाज ढेबर व पार्षद बंटी होरा के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।


