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हेलमेट लगाने वालों को संभाग आयुक्त डोमन सिंह भेंट किए गुलाब के फूल

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  •  सजग नागरिकों को शॉल, श्रीफल और गुलाब देकर किया सम्मानित 

जगदलपुर बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह के नेतृत्व में कमिश्नर कार्यालय के सामने मुख्य मार्ग पर अन्य अधिकारियों के साथ ट्रैफिक नियमों का पालन कर हेलमेट का उपयोग करने वाले दुपहिया वाहन चालकों का सम्मान किया गया।

कमिश्नर कार्यालय के सामने मेन रोड से गुजर रहे ऐसे बाइक राइडर जिन्होंने हेलमेट लगा रखा था, उन्हें सिलसिलेवार सम्मानपूर्वक रोका गया। असमंजस में पड़े राहगीरों को पहले तो कुछ समझ में नहीं आया, फिर उन्हें गुलाब का फूल, शॉल और श्रीफल भेंट किया गया। उनकी जिज्ञासा शांत करते हुए जानकारी दी गई कि उन्हें यह सम्मान बस्तर संभाग के आयुक्त द्वारा इसलिए दिया गया, क्योंकि वे अपने जीवन के प्रति जागरूक और सजग नागरिक हैं। मानव जीवन की कीमत उन्हें पता है और अपने साथ-साथ अपने परिवार के प्रति चिंतित हैं।बाइक से नानगुर के समीप कायकागढ़ निवासी बेलर राम घरत को कमिश्नर श्री सिंह ने रूकवाने का आग्रह किया और मौके पर ही शॉल, श्रीफल और गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया। कमिश्नर ने बेलर राम से पूछा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग कब से कर रहे हो। इस पर बेलर राम ने बताया कि वह लगभग दस साल से जब से बाइक चला रहे हैं तब से हेलमेट का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे बिना हेलमेट के कभी बाइक नहीं चलाते। कमिश्नर ने उनकी सराहना करते हुए औरों को भी प्रेरित करने की सलाह दी। इसी बीच परिवार के साथ वाहन पर जा रहे जगदलपुर धरमपुरा निवासी सत्यम जोशी ने भी हेलमेट का उपयोग करने के लिए कमिश्नर ने शाल-श्रीफल भेंट किए और अन्य अधिकारियों ने पुष्प भेंट किए। इसके अलावा स्कूटी सवार महिला शहनाज, भूमिका साहा और कुम्हारपारा निवासी मेहरुन्निशा को डिप्टी कमिश्नर माधुरी सोम ने शाल-श्रीफल और गुलाब फूल भेंटकर सम्मानित किया। साथ ही अधिकारियों ने समझाइश दी कि वे अपने साथ-साथ अपने परिवार, पड़ोस, गांव, समाज और सभी लोगों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करें। भूमिका साहा ने अचानक इस प्रकार से सम्मानित करने के लिए आभार व्यक्त कर अन्य जनों को हेलमेट का उपयोग करने की अपील की। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर बीएस सिदार, आरटीओ अधिकारी डीसी बंजारे, तहसीलदार रूपेश मरकाम, कमिश्नर कार्यालय के स्टॉफ भी उपस्थित थे।

कवासी लखमा को ईडी ने किया गिरफ्तार

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जगदलपुर कांग्रेस शासन के दौरान हुए शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को ईडी ने गिरफ्तारकर लिया है। उन्हें शाम तक कोर्ट में पेश किया जा सकता है। कोर्ट ले जाए जाते समय कवासी लखमा ने कहा कि राजनैतिक साजिश के तहत मुझ गरीब को परेशान किया जा रहा है, मुझे गिरफ्तार किया गया है।

आज बुधवार को तीसरी बार ईडी पूछताछ के लिए कवासी लखमा को रायपुर स्थित अपने दफ्तर में बुलाया था। तीसरे दौर की पूछताछ के बाद कवासी लखमा की गिरफ्तारी हुई है। ईडी ने पूरी संपत्ति के ब्योरे और अपने सीए के साथ कवासी लखमा को बुलाया था। कवासी लखमा ने ईडी दफ्तर जाते समय कहा था कि उनके सीए बाहर हैं इसलिए नहीं आ पाए। उल्लेखनीय है कि कवासी लखमा जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में आबकारी मंत्री थे, तब एक हजार करोड़ का यह शराब घोटाला हुआ था। कवासी लखमा बस्तर संभाग के सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक चुनकर आए हैं।

दादी के साथ हैं कका, बबा

कांग्रेस विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ के दो बड़े कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया आई है। लखमा दादी के नाम से मशहूर पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी पर कका यानि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं बाबा यानि पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव बाबा ने अपने एक्स हैंडल पर प्रतिक्रिया दी है। भूपेश बघेल ने कहा है कि पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। केंद्र सरकार में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर ईडी कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने की साजिश रच रहा है। पूरी कांग्रेस पार्टी कवासी लखमा के साथ है। वहीं टीएस सिंहदेव ने कहा है कि कवासी लखमा की गिरफ्तारी भाजपा की कुख्यात द्वेषपूर्ण राजनीति का एक और उदाहरण है। विपक्ष के नेताओं को फंसाना और उन पर जबरन दबाव बनाना- भाजपा के गंदे खेल ने सरकारी संस्थाओं और जांच एजेंसियों की निष्पक्षता और काबिलियत पर से देश का विश्वास खत्म कर दिया है। इस संघर्ष में हम सभी साथी कांग्रेस नेता कवासी लखमा के साथ खड़े हैं।

डौंडी लोहारा देव मंडाई मनाया गया

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डौंडी लोहारा देव मंडाई के उपलक्ष में नगर विकाश समिति व युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम के तत्वाधान में रंग सरोवर गरियाबंद ( बारुकी ) का कार्यक्रम लाल रघुवीर सिंह मिनी स्टेडियम में रखा गया था जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में तुलसी कौशिक अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख जी , युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम जी राजपरिवार , जिला पंचायत C.E.O संजय कन्नौजे जी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र जायसवाल* *जी , मंडल अध्यक्ष कुसुम शर्मा जी हरीश कटझरे, जयदीप गुप्ता जी ,स्वाधीन जैन जी जयेश ठाकुर उपस्थित रहे काफी वर्षों के बाद ऐसा भव्य आयोजन देव मंडाई तथा रात्रि कालीन कार्यक्रम काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

तथा ग्राम समिति के संरक्षक लाल कौशल सिंह टेकाम, अध्यक्ष गौकरण सिन्हा, (उपाध्यक्ष) गुरुदयाल कोसमा , (कोषाध्यक्ष), दयालु कोषमा , (सचिव) अशोक सिंह जी ,देवपंच – अशोक चनाप,तिलक यादव दसरू राम, बलराम यादव, मणि राम बघेल,हीरा छेदाम, अर्जुन कोसमा, थनेश्वर यादव, लौंग उइके, राम कुमार यादव, शिवचरण सिन्हा, धनी पटेल, अनुज पटेल, शत्रुघन भुआर्य, धनी सिन्हा, एवं स्थानीय बैग तथा सभी ग्राम के ग्राम वाशी उपस्थित रहेl

टाउनशिप में दोनों वक्त जलापूर्ति कराने सीएम को पत्र सौंपा जयदीप गुप्ता ने

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  • दल्ली राजहरा के बीएसपी क्वार्टरों में पानी का टोंटा 
  • भाजपा के युवा नेता जयदीप ने लिया संज्ञान

दल्लीराजहरा लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा में बीएसपी नगर प्रशासन द्वारा पूरे टाउनशिप इलाके में फिल्टर्ड पानी की आपूर्ति की जाती है। ग्रीष्म ऋतु के वक्त लगातार गिरते भू-जलस्तर के कारण जलापूर्ति दिन में सिर्फ एक टाइम की जाती रही है, मगर बीएसपी नगर प्रशासन द्वारा इसे अब रूटीन बना लिया गया है।ग्रीष्म ऋतु बीत जाने के बाद भी एक ही टाइम जलापूर्ति की जा रही है। टाउनशिप में रहे बीएसपी कर्मियों और अन्य लोगों को पानी की भारी किल्ल्त से जूझना पड़ रहा है। नगर के युवा भाजपा नेता जयदीप गुप्ता ने मामले पर संज्ञान लेते हुए बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक पहुंचाई है। उम्मीद की जा रही है कि लोगों को जल्द इस संकट से मुक्ति मिल जाएगी।

24 घंटे में सिर्फ एकबार जलापूर्ति की जाने से बीएसपी के ही कर्मी पानी की किल्लत से परेशान हैं।बीएसपी कर्मियों की इस परेशानी की शिकायत प्राप्त होने पर भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता जयदीप गुप्ता ने संज्ञान लिया और त्वरित निदान हेतु छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निज सचिव तुलसी कौशिक के माध्यम से पत्राचार कर आईओसी राजहरा सीजीएम को आदेशित कर दोनों टाइम जलापूर्ति करवाने ने की मांग की है। ताकि टाउनशिप इलाके में निवासरत बीएसपी कर्मियों व अन्य नगरवासियों की फिल्टर्ड पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। इस मामले में जयदीप गुप्ता ने बताया कि उन्हें बीएसपी कर्मियों से पर्याप्त फिल्टर्ड पानी न मिलने की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही थी। जिसे देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम से मांग पत्र देते हुए उनके निज सचिव तुलसी कौशिक से सार्थक चर्चा की और आग्रह किया कि जल्द जलापूर्ति संबंधी समस्या के निदान कराएं। मुख्यमंत्री द्वारा मांग को जल्द पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया है।

कवासी लखमा और बेटे हरीश कवासी को ईडी ने किया गिरफ्तार

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जगदलपुर कांग्रेस शासन के दौरान हुए शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी को ईडी ने गिरफ्तारकर लिया है। उन्हें शाम तक कोर्ट में पेश किया जा सकता है। कोर्ट ले जाए जाते समय कवासी लखमा ने कहा कि राजनैतिक साजिश के तहत मुझ गरीब को परेशान किया जा रहा है, मुझे गिरफ्तार किया गया है।

आज बुधवार को तीसरी बार ईडी पूछताछ के लिए कवासी लखमा और उनके सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष बेटे हरीश कवासी को रायपुर स्थित अपने दफ्तर में बुलाया था। तीसरे दौर की पूछताछ के बाद कवासी लखमा और हरीश कवासी की गिरफ्तारी हुई है। शाम तक उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है। ईडी ने पूरी संपत्ति के ब्योरे और अपने सीए के साथ कवासी लखमा एवं उनके बेटे हरीश कवासी को बुलाया था। कवासी लखमा ने ईडी दफ्तर जाते समय कहा था कि उनके सीए बाहर हैं इसलिए नहीं आ पाए। उल्लेखनीय है कि कवासी लखमा जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में आबकारी मंत्री थे, तब एक हजार करोड़ का यह शराब घोटाला हुआ था। कवासी लखमा बस्तर संभाग के सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक चुनकर आए हैं।

साय के सुशासन और शर्मा की नेकदिली का हार्डकोर नक्सलियों पर भी असर

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  •  ताड़मेटला मुठभेड़ में शामिल नक्सली सहित चार नक्सलियों ने किया सरेंडर 
  • हार्डकोर नक्सली कमलेश ने नक्सलवाद से मोड़ा मुंह 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की नेकदिली का असर अब हार्डकोर नक्सलियों पर भी पड़ने लगा है। वहीं एक के बाद एक बड़े नक्सलियों के मारे जाने का खौफ भी बड़े कैडर के नक्सलियों में दिखने लगा है। बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में दो बड़े कैडर के नक्सलियों समेत चार नक्सलियों ने इसी वजह से आत्मसमर्पण किया है।

नारायणपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे आत्मसमर्पण नीति माड़ बचाओ अभियान से प्रभावित होकर बड़े कैडर के माओवादी डीव्हीसीएम अरब उर्फ कमलेश, डीवीसीएम हेमलाल सहित पूर्व बस्तर डिवीज़न के 2 माओवादियों रंजित पीपीसीएम एवं काजल पीपीसीएम ने आत्मसमर्पण किया है। नारायणपुर जिले के नक्सल संगठन में सक्रिय रहे इन 4 माओवादियों 32 लाख से अधिक का इनामघोषित है।आत्मसमर्पित अरब उर्फ कमलेश डीव्हीसीएम माड़ डिवीजन संयुक्त मोर्चा प्रभारी तथा पूर्व नेलनार एरिया कमेटी प्रभारी एवं सचिव के पद पर कार्यरत था। नेलनार क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में पिछले 8 सालों से आतंक का पर्याय बना हुआ था। अरब उर्फ कमलेश 6 अप्रैल 2010 में सुकमा के ताड़मेटला की घटना में लिप्त था। इस घटना में 76 जवान शहीद हुए थे। माओवादी डीवीसीएम हेमलाल अमदई एरिया कमिटी सचिव वर्ष 2021 के बुकिन्नतोर आईडी ब्लास्ट की घटना में शामिल था, जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे।आत्मसमर्पित माओवादी अर्जुन उर्फ़ रंजीत 2018 की इरपानार एम्बुश की घटना में शामिल था, जिसमे 5 जवान शहीद हुए थे। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा जिलों के सीमावर्ती इलाकों में हुई 40 से अधिक नक्सल घटनाओं में ये आत्मसमर्पित माओवादी शामिल रहे हैं। डीवीसीएम अरब और डीवीसीएम हेमलाल सहित शीर्ष नेतृत्व के 4 माओवादियों के आत्मसमर्पण से नेलनार एरिया कमेटी, अमदई एरिया कमेटी एवं कंपनी 6 के माओवादियों को बड़ा झटका लगा है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी कांकेर रेंज अमित तुकाराम काम्बले के मार्गदर्शन, नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार एवं एएसपी रोबिन्सन गुड़िया के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा माओवादियों के विरूद्ध क्षेत्र में लगातार चलाए जा रहे नक्सल उन्मुलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सल संगठन में बड़े कैडर के 2 माओवादियों सहित कुल 4 के आत्मसमर्पण की महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। गांधी ताती उर्फ अरब उर्फ कमलेश पिता स्व. पाण्डू उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी ग्राम कोरसागुड़ा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर माड़ डिवीजन संयुक्त मोर्चा प्रभारी तथा पूर्व नेलनार एरिया कमेटी प्रभारी एवं सचिव 8 लाख इनामी, मैनू उर्फ हेमलाल कोर्राम डीवीसीएम, पूर्व बस्तर डिवीजन आमदाई एरिया कमेटी सदस्य, पिता स्व. सुक्कू कोर्राम 35 वर्ष कोसलनार पंचायत कोगेरा थाना झाराघाटी जिला नारायणपुर 8 लाख इनामी, रंजीत लेकामी उर्फ अर्जुन पिता स्व. सुक्कू 30 वर्ष पूर्व बस्तर डिवीजन कंपनी 6 पीपीसीएम प्लाटून1 सेक्सन बी कमांडर ग्राम डुंगा गंगालूर जिला बीजापुर 8 लाख इनामी और कोसी उर्फ काजल उर्फ कविता पति रंजीत लेकामी 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी पंचायत डोडी तुमनारपीपीसीएम कंपनी 6 प्लाटून नंबर 2 सेक्शन सदस्य कंपनी सीएनएम 8 लाख इनामी को आत्मसमर्पण हेत प्रोत्साहित करने में नारायणपुर पुलिस एव डीआरजी का विशेष प्रयास रहा है।

जगदलपुर नगर निगम को कांग्रेस देगी इंजीनियर मेयर या अध्यक्ष

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  • कांग्रेस से प्रबल दावेदार के रूप में निकेत झा का नाम आया सामने

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज उच्च शिक्षित युवाओं और महिलाओं को राजनीति में लाने संकल्पित हैं। भाजपा की तरह अब कांग्रेस में भी पढ़े लिखे युवाओं की टीम है। इन्हीं में एक नाम है निकेत झा। ये वो शख्स हैं जो सिविल इंजीनियर हैं और कांग्रेस में कई बड़े पदों पर उत्कृष्ट सेवाएं दे चुके हैं। निकेत झा की योग्यता को देखते हुए शहर के आम नागरिक और कांग्रेस के लोग उन्हें महापौर या फिर नगर निगम अध्यक्ष प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहे हैं।

पार्टी संगठन को गढ़ने या फिर किसी शहर को विकास का नया आयाम देने के लिए एक कुशल शिल्पी की जरूरत होती है। अभी नगर निगम चुनाव में भी ऐसे ही कुशल शिल्पी की जरूरत महसूस की जा रही है। कांग्रेस में एक कुशल शिल्पी हैं सिविल इंजीनियर निकेत झा। निकेत झा पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। वे वर्तमान में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हैं। लगातार अपने प्रखर अंदाज में लोगों के बीच अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज खुद युवा हैं और वे चाहते हैं कि कर्मठ और पढ़े लिखे व्यक्तित्व सामने आकर पार्टी की जिम्मेदारी सम्हालें। नगर निगम चुनाव में महापौर अथवा अध्यक्ष पद के दावेदारों में कांग्रेस की ओर से निकेत झा का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। निकेत का पूरा नाम निकेत राज झा है और ब्राम्हण समाज से आते हैं। वे सिविल इंजीनियर, मास्टर्स इन बिल्डिंग हैं। वर्तमान में निकेत फ्लाई एश इंटों के निर्माण से जुड़े हैं। निकेत कॉलोनाइजर, नगर निगम मे पंजीकृत मानचित्रकार, रेरा कंसलटेंट हैं और ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य महामंत्री शहर जिला कांग्रेस कमेटी हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड क्र. 19 अनुपमा चौक जगदलपुर

निवासी निकेत राज झा जिला सचिव एनएसयूआई जिला दुर्ग, सचिव शहर जिला कांग्रेस कमेटी जगदलपुर रह चुके हैं और फिलहाल महामंत्री शहर जिला कांग्रेस कमेटी जगदलपुर का दायित्व बखूबी निभा रहे हैं। निकेत राज झा कार्यक्रम प्रभारी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नानगुर, वार्ड प्रभारी जगदलपुर, शहर जिला कांग्रेस कमेटी में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सेदारी दे चुके हैं।

 

सामाजिक दायित्व निभाने में भी निकेत राज झा अहम योगदान देते आए हैं। महिला सशक्तिकरण कार्य, सर्व धर्म की मौलिक नैतिकता के लिए समाज का उद्धार करने, पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत पेड़ लगाने, पीड़ित और दीन दुखियारों की सेवा हेतु सदैव तत्पर रहने वाले निकेत राज झा को मेयर अथवा पद के लिए प्रत्याशी बनाना कांग्रेस के लिए बड़ा ही फायदेमंद साबित होगा।

तहसीलदार और पटवारी के विरोध में गंगालूर के ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

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  •  निर्माणाधीन मकान को ढहाने का पुरजोर विरोध 

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की अति संवेदनशील ग्राम पंचायत गंगालूर में एक आदिवासी के निर्माणाधीन मकान पर तहसीलदार द्वारा बुलडोजर चलवाए जाने के विरोध में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि सड़क पर उतर आए। तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चार घंटे तक चक्काजाम किया गया।

गंगालूर के टोंडापारा निवासी सोमलू हेमला के निर्माणाधीन मकान को तहसीलदार द्वारा जेसीबी तोड़ दिया गया। उस वक्त घर के पास कोई नहीं था। किसी को खबर लगती उससे पहले निर्माणाधीन मकान को जमीदोज कर दिया गया। मकान तोड़े जाने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक की गई, चक्काजाम कर विरोध करने का निर्णय लिया गया। चक्काजाम में जिला पंचायत सदस्य बी. पुष्पा राव, सरपंच राजू कलमू उप सरपंच सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। मंगलवार बाजार के दिन सुबह 8 बजे से गंगालूर के 22 पारा के सैकड़ों ग्रामीणों ने चार घंटे तक चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण जिला प्रशासन और तहसीलदार के विरोध में नारे लगाते रहे। लोग पीड़ित ग्रामीण सोमलू को मुआवजा के साथ जमीन और घर देने की मांग कर रहे थे। सरपंच का आरोप है कि राजस्व विभाग ने ग्रामसभा के प्रस्ताव को भी अमान्य कर दिया। गंगालूर के ग्रामीणों का समर्थन देते हुए भाजपा पूर्व अध्यक्ष बस्तर जिला प्रभारी जी. वेंकट, भाजपा जिला अध्यक्ष घासीराम नाग, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुखलाल पुजारी भी बीच सड़क पर ग्रामीणों के साथ बैठ गए। तहसीलदार व अन्य राजस्व अमले की कार्रवाई पर एतराज़ जताया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने मनमानी से बाज आने की नसीहत दी। मंगलवार साप्ताहिक बाजार होने से गंगालूर के कोवापारा चौक पर सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर सड़क जाम कर दिया था। जाम से वाहनों की लंबी कतार लगी रही।शासकीय सेवक भी ड्यूटी जाने के लिए परेशान होते नजर आए। गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई‌। बाजार आए व्यापारी भी कुछ देर तक रोड पर बैठे रहे और उन्होंने भी ग्रामीणों का समर्थन किया। जिला व पुलिस प्रशासन की ओर sसे तहसीलदार, डीएसपी विनीत साहू ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन दो दिन के लिए रोका गया। चक्काजाम के दौरान गंगालूर थाना प्रभारी गिरीश तिवारी व जवान स्थिति को सम्हालने में लगे रहे।

विमल विद्या आश्रम मारीगुड़ा में बच्चों की जान से खिलवाड़

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  • टंकी का दूषित पानी पीने और कीड़ेयुक्त भोजन खाने मजबूर हैं नौनिहाल 

अर्जुन झा

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड सबसे शिक्षित ब्लॉक माना जाता है ब्लॉक के आश्रमों व छात्रावासों में साफ सफाई व खान पान में बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बकावंड के सुदूर गांव मारीगुड़ा विमल विद्या आश्रम बालक बालिका छात्रवास में इन दिनों खान पान व साफ सफाई में भारी अनियमिता बरती जा रही है।

इस आश्रम में साफ सफाई का सर्वथा अभाव है।कुछ पालकों व बाललों ने जानकारी चाही गई उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर अव्यवस्था का भंडाफोड़ किया। उन्होंने कहा कि यह पहले जैसा स्कूल नही रह गया है। यहां कीड़े लगे चावल का भात पकाकर बच्चों को खिलाया जाता है।यहां स्वच्छ भारत मिशन का भी मजाक बनाकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। मीनू चार्ट के आधार पर खाना बच्चों नही खिलाया जा रहा है।साउथ इंडियन के टीचर यहां ज्यादातर होने के चलते बच्चों को लेंग्वेज समझने में कठिनाई होती है। मैदान पर घास व झाड़ियां उग आई हैं।पूरे कैंपस में मच्छर पनप गए हैं। मलेरिया, डेंगू रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। पानी टंकी की कभी सफाई नही कराई जाती है। स्कूल में वाटर प्यूरीफायर भी नहीं है। टंकी का दूषित पानी बच्चों को पीना पड़ रहा है। लाइट पंखे का भी कोई ठिकाना नही है। ब्लाक के बीहड़ अंदरूनी क्षेत्र में स्थित होने के कारण उच्च अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का मारीगुड़ा में आना जाना नही होता है। पिछले वर्षों में भी गलत खाना खाने से कई बच्चे फ़ूडपाईजनिंग का शिकार हो गए थे और बीमार पड़ गए थे। बच्चों को मेडिसिन तो उपलब्ध है, किंतु बच्चों के बीमार होने पर भी उन्हें दवाएं नही दी जाती हैं। पालकों का कहना है कि इस स्कूल की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए

कैंपस में सुअर पालन

बकावंड विकासखंड में सुदूर स्थित इस हायर सेकंडरी स्कूल विमल विद्या आश्रम में अनेकों अनियमितताओं के साथ ही एक बड़ी विसंगति यह भी देखने को मिली है कि यहां कैंपस में ही सुअर पालन भी किया जा रहा है। इसका पालकों ने पुरजोर विरोध किया था, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।घटिया खाद्य पदार्थ से होने वाली गड़बड़ी के अलावा सुअर भी बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं। सुअर कई बीमारियों के जन्मदाता माने जाते हैं, बावजूद सुअर पालन बंद नहीं किया जा रहा है। इस तरह की खामियों के चलते इस आश्रम में कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।

भाजपा के प्रयासों से पिछड़ा वर्ग को मिल रहा अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण: किरण देव

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  •  अनारक्षित सीटों पर पिछड़ा वर्ग को मिलेगा ज्यादा प्रतिनिधित्व: किरण
  •  कांग्रेस का बवाल करवाने का बयान निंदनीय: साव

जगदलपुर आज भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि हमने इस बात को सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि अनारक्षित सीटों पर पिछड़े वर्ग को अधिक प्रतिनिधित्व देंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले की स्थिति बहाल रहेगी एवं पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी।

प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि कांग्रेस केवल झूठ की राजनीति करती है, वह मुद्दों के अभाव से जूझ रही है राजनीतिक पतन की तरफ बढ़ रही है इसलिए केवल वर्ग संघर्ष की बात करना, प्रदेश में माहौल खराब करने का प्रयास करना, षड्यंत्र करना यही कांग्रेस का काम रह गया है।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने तो वास्तव में ओबीसी आरक्षण के विरोध में कोर्ट जाने वाले और ओबीसी का आरक्षण रोकने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का काम किया है। भाजपा कांग्रेस के सभी षडयंत्र उजागर करती रहेगी और कांग्रेस का झूठ अब चलने वाला नहीं है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने विस्तार से आरक्षण के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से ओबीसी विरोधी रही है। श्री साव ने कहा कांग्रेस हमेशा पिछड़ा वर्ग का विरोधी रही है। वह आरक्षण के खिलाफ रही है। तब की कांगेस सरकार द्वारा ‘कालेलकर आयोग’ की अनुशंसा को ठंडे बस्ते में डाल देने के बाद आगे फिर मंडल आयोग तक का इंतज़ार करना पड़ा। पंडित नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक के आरक्षण विरोधी वक्तव्यों के अनेक संदर्भ आपको गाहे ब गाहे दिख भी जाएंगे। मसलन 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में पंडित नेहरु ने कहा था कि आरक्षण से अक्षमता और दोयम दर्जे का मानक पैदा होता है। इंदिरा गांधी ने मंडल आयोग की संस्तुति से किनारा कर लिया था। राजीव गांधी ने तो यहां तक कह दिया था कि आरक्षण से हम बुद्धुओं को बढ़ावा देते हैं। इस प्रकार बार-बार प्रमाणित हुआ है कि कांग्रेस पूरी तरीके से आरक्षण विरोधी रही है। आरक्षण संबंधी सभी संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए श्री साव ने कहा कि देश के संसद में 73वां 74वां संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा सशक्त और जवाबदेह पंचायत एवं नगर पालिका बनाने का प्रावधान संविधान में किया गया और साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े हुए नागरिकों के किसी भी वर्ग के पक्ष में आरक्षण के लिए उपबंध (प्रावधान) करने का अधिकार राज्य के विधान मंडल को दिया गया है। साथ ही सभी वर्ग में महिलाओं के लिए भी आरक्षण से संबंधित उपबंध (प्रावधान) दिये हैं। अनुच्छेद 243 (घ) में पंचायतों के स्थानों के आरक्षण से संबंधित प्रावधान है, जिसमें 243(घ)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण का प्रावधान है। 243(घ) (2) में महिलाओं से संबंधित आरक्षण का प्रावधान और 243(घ)6 में पिछड़े हुए नागरिकों के लिए आरक्षण के संबंध में उपबंध है। इसी प्रकार नगर पालिकाओं में आरक्षण से संबंधित प्रावधान 243 (न) में उपबंधित है, जिसमें 243(न) (1) में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के उपबंध है। 243(न)(2) में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित उपबंध है एवं 243(न)(6) में कमजोर वर्गों से संबंधित आरक्षण के उपबंध है। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 में धारा (11) स्थानों में आरक्षण से संबंधित उपबंध है, जिसमें धारा (11) (1) में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। धारा (11) (2) में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का उपबंध करता है एवं धारा (11) (3) में महिलाओं के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। इसी प्रकार नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 (क) में स्थानों में आरक्षण से संबंधित उपबंध है। 29 (क)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। 29 (क)(2) अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। 29 (क)(3) में महिलाओं से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 13 में ग्राम पंचायत के गठन से संबंधित उपबंध है, जिसमें धारा 13 (4)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। 13 (4)(2) अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है एवं 13 (4)(5) महिलाओं के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। पंचायत एवं नगर पालिकाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान इस प्रकार थे कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को मिलाकर 50 प्रतिशत या 50 प्रतिशत से आरक्षण कम होने पर अन्य पिछड़ा वर्ग को एकमुश्त 25 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलाकर कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक होने को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसमें किशोर कृष्ण राव गवली विरूद्ध महाराष्ट्र शासन आदेश दिनांक 4 जनवरी 2021 और सुरेश महाजन विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन आदेश दिनांक 10 मई .2022 के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय ने कुल आरक्षण 50 प्रतिशत तक सीमित करने एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट करने की अनिवार्यता प्रतिपादित की। इस प्रावधान के अनुपालन में राज्य सरकार नें 16 जुलाई 2024 के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया और आयोग ने प्रदेश के पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर सुझाव एवं अनुशंसाए 21 अक्टूबर 2024 को राज्य शासन के समक्ष प्रस्तुत की। उक्त प्रतिवेदन में आयोग द्वारा वर्तमान में पंचायत एवं स्थानीय निकायों में आरक्षण की एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत की सीमा तक आरक्षण का प्रावधान किया जाये। उक्त प्रतिवेदन को मंत्रिपरिषद् द्वारा 28 अक्टूबर 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। तदनुसार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993, नगर पालिका निगम 1956 एवं नगर पालिका अधिनियम 1961 में सुसंगत धाराओं में संशोधन किया गया। उपरोक्त के अनुसार पंचायतों एवं नगरीय निकायों में आरक्षण किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में किए गए आरक्षण में जनसंख्या के अनुपात में किये गये आरक्षण के कारण नगरीय निकाय के आरक्षण में विशेष अंतर नहीं पड़ा, परन्तु ग्रामीण क्षेत्र में 33 में से 16 जिले अधिसूचित जिले है तथा राज्य में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 12.72 प्रतिशत है। उस अनुपात में 4 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। इस तरह से कुल 33 में से 20 सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई, जोकि 50 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का कोई पद आरक्षित नहीं हो पाई है। जबकि जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच के पदों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए नियमानुसार पद आरक्षित हुए है। इस प्रकार राज्य सरकार ने जो आरक्षण निर्धारित किया है, वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के नियमानुसार ही है। सुप्रीम कोर्ट के उक्त दोनों फैसले सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू है तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट करना अर्थात् आयोग का गठन करना एवं उसके अनुशंसा को राज्य सरकार द्वारा स्वीकार करना बंधनकारी है। इसी के पालन में मध्यप्रदेश, बिहार, उड़ीसा जैसे राज्यों ने भी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत एवं नगरीय निकायों में प्रावधान करके चुनाव कराया है, जबकि झारखण्ड जैसे राज्य हैं जहां पर आयोग का प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं होने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिए बिना 2021-22 में राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत संस्थाओं का चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई भी सीट आरक्षित किये बिना चुनाव संपन्न कराया है।

प्रेसवार्ता में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित थे।

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