बालोद संचालक आयुष तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशन एवं जिला आयुर्वेद अधिकारी, बालोद के मार्गदर्शन में आज दिनांक -27/02/2024 को ग्राम – ठेमा खुर्द में आयुष मोबाइल मेडीकल यूनिट, बालोद द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 71 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधियों का वितरण कर ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। प्रसूता महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श तथा औषधि प्रदान की गई। 3 मरीजों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया। शिविर में शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय, दल्लीराजहरा से डा. पूर्णिमा राजपूत, श्री शीतल सिंह चुरेंद्र, त्रिवेणी साहू द्वारा अपनी सेवाएं प्रदान की गई।
ढूंढरेपाल पंचायत में मुरुम का जोरों से चल रहा अवैध खनन और परिवहन
- तहसीलदार से परमिशन लेने का पीटा जा रहा ढिंढोरा
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत ढूंढरेपाल में अवैध रूप से मुरुम खनन और परिवहन चल रहा है। खनिज विभाग बेखबर बना हुआ है। बकावंड ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोडेरेपाल के बरमुडा तालाब में पिछले 10 दिनों से मुरुम की अवैध खोदाई बिना अनुमति की जा रही है। सरपंच और खनिज विभाग के संरक्षण में विशाल ठेकेदार और जे सी बी मलिक द्वारा मिलकर 10 दिनों से टिप्पर भर भर कर मुरूम को बाहर ले जाया जा रहा है। मुरुम को आसपास की कई जगहों में ले जाकर खपाया जा रहा है। जेसीबी मालिक से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत और खनिज विभाग और तहसीलदार से परमिशन लेकर मुरुम की खोदाई और परिवहन कर रहे हैं। वहीं इस संबंध में जानकारी तहसीलदार मैडम का कहना है कि मुरुम खनन और परिवहन के लिए उनसे किसी ने परमिशन नहीं लिया है। मुरूम की खोदाई तहसील कार्यालय से परमिशन नहीं मिलता।खनिज विभाग परमिशन देता हैं। ठेकेदार और जेसीबी मालिक झूठ बोलकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में अवैध तरीके से मुरुम की खोदाई कर रहे हैं। इस विषय को लेकर ग्रामीण भी तहसील कार्यालय तक शिकायत कर चुके हैं |

एनएसयूआई ने अभाविप बस्तर पर लगाए झूठे आरोप
- अभाविप ने झूठे आरोप के विरोध में एसपी को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा बिना किसी सबूत के विद्यार्थी परिषद पर आरोप लगाए जाने की अभाविप प्रदेश सहमंत्री और बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव ने कड़ी निंदा की है। फेक आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए परिषद ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपा है।
शैलेष ध्रुव ने बताया कि किसी भी झूठ को अगर सच बनाकर लोगों के सामने प्रस्तुत करने की कोशिश करोगे तो भी वह झूठ ही रहेगा। इस प्रकार का कार्य करने में एनएसयूआई के कार्यकर्ता बहुत ही माहिर हैं। पिछले दिनों क्रांतिकारी डेबरीधुर उद्यानकी महाविद्यालय जगदलपुर में शहीद क्रांतिकारी डेबरी धुर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान एनएसयूआई के पोस्टर महाविद्यालय के आसपास लगे पोस्टर को असामाजिक तत्त्वों द्वारा फाड़ा गया था। लेकिन एनएसयूआई के लोगों ने पोस्टर फाड़ने का आरोप बिना किसी तथ्य के विद्यार्थी परिषद पर लगाते हुए एनएसयूआई सीजी इंस्टाग्राम के सोशल मीडिया पेज पर डालकर विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन की छवि को धूमिल करने का षड़यंत्र एनएसयूआई द्वारा किया गया। शैलेष ध्रुव ने कहा कि यह बहुत ही शर्मसार करने वाली घटना है। बिना सोचे समझे, बिना प्रमाण के आरोप लगाकर एनएसयूआई स्वत: अपनी गरिमा को नष्ट कर रही है। इस दौरान परिवेद, विवेक, गौरव समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
महतारी वंदन योजनांतर्गत बैंक खातों का जल्द कराएं आधार लिंक: कलेक्टर विजय
- समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने महतारी वंदन योजनांतर्गत जो बैंक खाते आधार लिंक नहीं हुए हैं, उन खातों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर विजय मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को यह हिदायत दी। बैठक में कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना के ऑनलाइन आवेदनों के गलत एंट्री करवाने के लिए एक पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने जन चौपाल, जन शिकायत और समय-सीमा के प्रकरण पर विभागवार समीक्षा कर निराकरण के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों के भौतिक सत्यापन में कम पाई गई सामग्री की वसूली में राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सभी एसडीएम कुर्की की कार्रवाई करें। उन्होंने नवीन एसडीएम एवं तहसील कार्यालय भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत केवाईसी का विकासखंड वार समीक्षा करते हुए किसान क्रेडिट कार्ड के लिए विभाग के लक्ष्य के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए।

केसीसी के तहत आधार सीडिंग का भी निरीक्षण करने के लिए कहा गया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बैंकिंग सुविधा देने वाले बैंक सखी और बैंक मित्र का अभिनंदन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजनांतर्गत आवेदनों के संकलन, प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजनांतर्गत स्वीकृत कार्य की भी समीक्षा की। विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान रामलला दर्शन योजना के लिए लक्षित व्यक्तियों का चिन्हांकन करने, उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत न्योता भोजन कार्यक्रम, आगंनबाडी केंद्रों में किचन सह भंडारण के निर्माण में मानकों के पालन, आगंनबाडी केंद्र में एलपीजी गैस की उपलब्धता, बच्चों का जाति प्रमाण पत्र के कार्य की प्रगति,आधार सीडिंग का की विस्तृत जानकारी ली और कमियों को दूर करने की हिदायत दी। जलजीवन मिशन फेस-2 में क्रेडा के अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना, जलजीवन मिशन के विकासखंड वार कार्य की प्रगति, बीआईजीएस अंतर्गत स्वीकृत निमार्ण कार्य,शहरी क्षेत्र में सिकलसेल परीक्षण को बढ़ाने,सघन मोतियाबिंद जांच एवं उपचार अभियान, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड नवीनीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता,अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर विजय दयाराम के. के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर यूथ एक्टिविटी (दाया सोसायटी) का गठन किया गया। जो जिला बस्तर में बाल व युवाओं के बहुआयामी सर्वांगीण विकास जैसे उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति मूलभूत शिक्षा, उच्च व तकनीकी शिक्षा, पोषण युवा सशक्तिकरण, राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल-कूद, पर्यटन, पर्यावरण, संस्कृति-लोककला आदि के विकास, स्वरोजगार, कौशल विकास रोजगार, आजीविका, कृषि उद्यानिकी टूरिज्म जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेगी। योजना के सफल कार्यान्वयन हेतु सलाहकार समिति, तकनीकी सहयोग समूह एवं मॉनिटरिंग व सपोर्टिव सुपरविजन समिति का गठन किया गया।
चेरामंगी गांव के छात्रावास में सातवीं के छात्र ने लगा ली फांसी
- आजाकवि के छात्रावासों के छात्र -छात्राएं झेल रहे हैं मानसिक यंत्रणा
- विभाग के सहायक आयुक्त की भूमिका शक के घेरे में
–अर्जुन झा–
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में आदिम जाति विकास विभाग में अव्यवस्था का आलम है। विभाग के कन्या आश्रमों और छात्रावासों में बदइंतजामी के कारण छात्र छात्राओं को मानसिक यंत्रणा के दौर से गुजरना पड़ रहा है। मासूम बच्चे आत्मघाती कदम उठाने लगे हैं। बीजापुर में पदस्थ विभाग के सहायक आयुक्त की भूमिका और कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में है।
बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत चेरामंगी स्थित बालक छात्रावास में रहकर सातवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे तेरह वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्री मैट्रिक बालक छात्रावास चेरामंगी में अध्ययनरत छात्र जेवियर कुजूर ने गमछे का फंदा बनाकर छात्रावास के रूम में ही फांसी लगा ली। बताते हैं कि छात्र दो दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। छात्र ने आत्महत्या क्यों की है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।छात्रावास अधीक्षक ने मृत छात्र के परिजनों और सहायक आयुक्त बीजापुर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी है। उसूर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी संतोष गुप्ता मुख्यालय में नहीं हैं। आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक आयुक्त केएस मसराम ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और आवापल्ली थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद सही जानकारी का पता चलेगा। सहायक आयुक्त केएस मसराम ने बताया कि मौके पर जांच टीम गई है। उसूर के मंडल संयोजक राम सारके ने बताया कि कक्षा सातवीं का छात्र जेवियर कुजूर की ख़ुदकुशी के कारणों का पता लगाया जा रहा है। परिजनों को छात्र के स्कूल नही पहुंचने की जानकारी दी गई थी। मंगलवार को उक्त छात्र ने सभी छात्रों के साथ नाश्ता किया था और खाना भी खाया था। परिजन समीप के गांव नुकनपाल में रहते हैं, उन्हें मामले की जानकारी दे दी गई है।
सहायक आयुक्त की लापरवाही
बीजापुर में पदस्थ आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक आयुक्त केएस मसराम की लापरवाही, भर्राशाही और मनमानी की चर्चा आम है। सूत्र बताते हैं कि श्री मसराम के अधीन विभागीय शालाओं, कन्या आश्रमों, छात्रावासों में सुविधाओं का व्यापक अभाव है। छात्रावासों और कन्या आश्रमों में टॉयलेट, पानी, भोजन आदि में बेतहाशा खामियां हैं। इन इंतजामों के लिए मिलने वाले फंड की बंदरबांट चल रही है। सहायक आयुक्त के संरक्षण में यह सारा खेल चल रहा है। केएस मसराम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरियां कर रहे लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप है। बीजापुर जिले के निवासी शिक्षक के. रामा यशवंत के जाति प्रमाण पत्र के मामले की भी जांच में श्री मसराम जानबूझ कर कोताही बरत रहे हैं। के. रामा यशवंत वर्तमान में सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत उच्चतर माध्यमिक शाला एर्राबोर में प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि के. रामा यशवंत ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाई है। उनके जाति प्रमाण पत्र की जांच जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति बीजापुर द्वारा की जा रही है। इस छानबीन समिति में बीजापुर के सहायक आयुक्त केएस मसराम सर्वेसर्वा हैं। बताया जाता है कि श्री मसराम द्वारा के. रामा यशवंत को बचाने की कोशिश की जा रही है। के. रामा यशवंत को समिति के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस तो जारी किया जाता है, लेकिन अंदर से उन्हें सपोर्ट किया जा रहा है। यही वजह है कि के. रामा यशवंत आज तक एक भी बार समिति के समक्ष पेश नहीं हुए हैं।
जहां जरूरत ही नहीं है, वहां बनाया जा रहा है यात्री प्रतीक्षालय
- कोंडागांव नगर पालिका में शासकीय धन का दुरूपयोग
कोंडागांव नगर में लोक निर्माण विभाग कार्यालय के पास लगभग 7 लाख रुपए की लागत से निर्माण हो रहे यात्री प्रतीक्षालय में भ्रष्टाचार की परते उधड़ने लगी हैं। कमीशन का खेल इस कदर चल रहा है कि जहां जरूरत ही नहीं वहां पर यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जा रहा है। यह औचित्यहीन ही नहीं, बल्कि शासन के धन का खुला दुरूपयोग भी है।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले इस कार्य की स्वीकृति मिली थी और संबंधित ठेकेदार को निर्माण का जिम्मा दे दिया गया था। लेकिन आज तक कार्य पूर्ण तो हुआ नहीं, बल्कि इसमें खामियां सामने आने लगी हैं।बता दें कि स्थानीय नगर पालिका परिषद कोंडागांव में लाखों करोड़ों का निर्माण या तो चल रहे हैं या प्रक्रियाधीन हैं। परंतु कमीशन के खेल में अधिकारी और कर्मचारी यह भूल गए कि किस काम की आवश्यकता कब और कहां होनी चाहिए व उसकी लागत भी कितनी होनी चाहिए। ऐसा ही हो रहा है लोक निर्माण विभाग के समीप बन रहे यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण में। उस स्थान पर यात्री प्रतीक्षालय आवश्यकता बिल्कुल नहीं है।
समाजसेवी रामजीलाल अग्रवाल की धर्मपत्नी एवं बृजमोहन अग्रवाल की माताजी का निधन
- अंतिम यात्रा 28फरवरी को सुबह 10 बजे मौलश्री विहार निवास, वीआईपी रोड ,रायपुर से निकलेगी।
रायपुर/27/02/2024/ श्रीमती पिस्ता देवी अग्रवाल का 91 वर्ष की आयु में आज निधन हो गया। अपने पीछे वे भरा पूरा परिवार छोड़ गई। वे अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक एवं समाजसेवी रामजीलाल अग्रवाल की धर्मपत्नी एवं समाजसेवी गोपालकृष्ण अग्रवाल, शिक्षा,संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल,अग्रवाल सभा रायपुर के अध्यक्ष विजय अग्रवाल,योगेश अग्रवाल,यशवंत अग्रवाल की माता, श्री विष्णु अग्रवाल की भाभी एवं पूरनलाल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल,कैलाश अग्रवाल,अशोक अग्रवाल,देवेंद्र अग्रवाल,गणेश अग्रवाल की चाची थी।
श्रीमती पिस्ता देवी अग्रवाल की अंतिम यात्रा रामजी वाटिका मौल विहार, वीआईपी रोड,रायपुर से प्रातः 10 बजे निकलेगी। उनका अंतिम संस्कार मारवाड़ी शमशान में संपन्न होगा।
थाना प्रभारी दल्ली राजहरा ने ली मेडिकल संचालको की बैठक
दल्लीराजहरा आज सोमवार को दल्ली राजहरा नगर के मेडिकल संचालको की बैठक पुलिस थाना परिसर में टी आई सुनील तिर्की ने ली । मानवीय् मूल्य को महत्व देते हुए ऐसे लोगों को दवा का विक्रय कभी ना करें जो इनका उपयोग नशा के लिए करते हो ।किसी भी तरह के परेशानियां के लिए पुलिस की मदद ले। नारकोटिक एक्ट वाली दवाइयां का विक्रय निर्धारित नियमों के अनुसार ही करें। वर्तमान परिवेश के साथ अपने दुकान को अपडेट करते हुए अपने दुकान के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरा भी अवश्य लगाए जिससे व्यवसायिक व सामाजिक लाभ की प्राप्ति हो सके एवं टी आई द्वारा और भी कुछ सुझाव हो तो बताये ऐसा कहा गया। इस बैठक में रवि जायसवाल,डॉ. रूप आनंद दासानी अशोक जैन, सोहनलाल जैन, क्रांति जैन ,नीलम जैन,प्रकाश गुणधर ,दिनेश माखीजा,प्रकाश हुमने, सुरेश आनंद दासानी,विनय देवांगन आदि उपस्थित थे।
आखिरकार हटा ही दिए गए बकावंड जनपदपंचायत के सीईओ एसएस मंडावी
- गंभीर आरोपों से घिरे रहे हैं मुख्य कार्यपालन अधिकारी
- अब आएगी सीईओ के लाडले सचिवों की बारी
-अर्जुन झा-
बकावंड समूचे बस्तर जिले में विभिन्न विभिन्न विभागों में ऐसे अधिकारियों की कमी नहीं है, जो सरकारी धन को दीमक की तरह चट करने और सरकारी योजनाओं को अपनी नाजायज कमाई का जरिया बनाए बनाए बैठे हैं। बस्तर के बकावंड जनपद क्षेत्र में भी ऐसे नासूरों की कमी नहीं है। इन्हीं में से एक सर्वाधिक चर्चित अधिकारी रहे हैं बकावंड जनपद पंचायत के
सीईओ एसएस मंडावी। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान तरह -तरह के आरोपों से घिरे रहे श्री मंडावी से अब बकावंड जनपद पंचायत को मुक्ति मिल गई है। काफी जद्दोजहद के बाद उनका तबादला आखिरकार मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी जिले की मोहला जनपद पंचायत में हो गया है। मोहला भी अविभाजित राजनांदगांव जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड है। समूचा मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी जिला राजनैतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। वहां मनमानी और भ्रष्टाचार को पोषित करने वाले अधिकारी – कर्मचारियों की दाल नहीं गलती। वहां के राजनेता तो पीछे रह जाते हैं, जनता ही भ्रष्ट और अपनी मर्जी के मालिक बनने की कोशिश करने वाले अधिकारियों को उनके दफ्तर में घुसकर सबक सिखाने में जरा भी पीछे नहीं रहती। अतीत बताता है कि उस जिले में ऐसी दर्जन भर से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं, जबकि करप्ट अफसरों का सरेआम पानी उतारा गया है। यही वजह है कि मोहला, मानपुर, अंबागढ़ जिले में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी छाछ को भी फूंक फूंक कर पीते हैं। रही बात उस जिले के जनप्रतिनिधियों की, तो जन अदालत के फैसले के आगे जनप्रतिनिधियों नत मस्तक होना ही पड़ता है, वरना पांच साल में उनकी भी दुकानदारी पब्लिक बंद कर देती है। मानपुर, मोहला, अंबागढ़ चौकी जिला राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में आता है। वर्तमान में वहां के सांसद भाजपा से संतोष पाण्डेय हैं, जो अपनी ईमानदारी, जनता के प्रति समर्पण भावना और तेज तर्रार छवि के लिए जाने जाते हैं। श्री पाण्डेय छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के करीबी और विश्वस्त नेता माने जाते हैं। अगर एसएस मंडावी ने मोहला में भी बकावंड जैसी गतिविधियां जारी रखी, तो उनकी रुसवाई होने में देरी नहीं लगेगी।बेहद चर्चित रहे हैं एसएस मंडावी
एसएस मंडावी का बकावंड में कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। निर्माण कार्यों में गड़बड़ी, शासकीय योजनाओं में अनियमितता, अदने से कर्मचारियों को भी स्वार्थ पूर्ति के लिए माध्यम बनाने जैसे गंभीर आरोप उन पर लगते रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान पंचायत सचिवों से कांकेर के एक कांग्रेस नेता के लिए चुनावी फंड जुटाने की उनकी करतूत सुर्खियों में रही है। पंचायत सचिवों को हर निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने की अघोषित छूट देकर उनसे रकम बटोरी गई थी। चुनावी फंड इकट्ठा करने की जिम्मेदारी तीन खास पंचायत सचिवों को दी गई थी, जिन्होंने बकावंड ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों से लाखों रुपए एकत्रित कर सीईओ को दिए थे। बाद में यह रकम कांकेर के कथित नेता तक नहीं पहुंचाई गई और इसे लेकर सीईओ तथा कांग्रेस नेता के बीच जमकर तकरार भी हुई थी। अगर कांग्रेस राज्य की सत्ता में आई होती, तो सबसे पहले उक्त कांग्रेस नेता ही सीईओ को सबक सिखाने के लिए आगे आए होते।. ये अलग बात है कि बिल्ली के भाग्य से सिंका टूट गया। कांग्रेस सत्ता में नहीं आ पाई।अब नपेंगे पंचायत सचिव
आका की तो विदाई हो चुकी है, अब उनका मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में हो गया है, अब बारी उनके प्यादों यानि पंचायत सचिवों की है। सीईओ के संरक्षण में बकावंड जनपद की अधिकांश ग्राम पंचायतों में सचिवों ने निर्माण कार्यों में बेतहाशा गड़बड़ी कर जमकर अवैध कमाई की है। आलम यह हो गया था कि पंचायत सचिव सरपंचों को भी अपने पैरों की जूती समझने लगे थे। यह आलम अभी भी बरकरार है। सरपंचों को दरकिनार कर सचिव हर कार्य को अपनी मर्जी से अंजाम देते आ रहे हैं। विकासखंड की हर ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।अनेक ग्राम पंचायतों में तो निर्माण कार्यों की पूरी राशि आहरित कर लेने के बाद कार्यों को आधा अधूरा छोड़ दिया गया है। ग्रामीण जनपद कार्यालय में शिकायत करते करते थक गए, मगर जब ऊपर सरपरस्त बैठा हो, तो भला कार्रवाई कैसे होगी? बहरहाल सरपरस्त आका की विदाई की तारीख मुकर्रर हो चुकी है, अब उनके चहेते सचिवों को गिन गिनकर निपटाया जाएगा, ऐसी चर्चा सियासी गालियारे में चल रही है।
कोंटा क्षेत्र में 40 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा, राजस्व अमला एवं भू माफिया की साठगांठ
- शिक्षक ने मप्र के फर्म के नाम पर चिंतलनार की जमीन की करा दी फर्जी रजिस्टी
- असली जमीन मालिक ने नामांकन रोकने सुकमा कलेक्टर से लगाई गुहार
- फर्जीवाड़ा मामले में कोंटा के पूर्व एसडीएम की भूमिका संदिग्ध
-अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के चिंतलनार में जमीन खरीदी बिक्री के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। कोंटा विकासखंड की केरलापेंदा प्राथमिक शाला में पदस्त प्रधान पाठक ने राजस्व अमला एवं भू माफिया से साठगांठ कर 2018- 2019 में चिंतलनार गांव में स्थित अपने रिश्तेदार की 40 एकड़ जमीन का फर्जी ढंग से रजिस्ट्री कराकर जमीन का दस्तावेज अपने नाम करवा लिया। इस जमीन को शिक्षक ने 3 माह पूर्व मध्यप्रदेश के झिझरी कटनी निवासी बालाजी मिनरल के संचालक प्रदीप कुमार मित्तल के नाम पर विक्रय कर दिया है। वास्तविक जमीन मालिक उदय भास्कर रेडी ने नामांतरण पर रोक लगाने एवं जमीन की रजिस्ट्री को शून्य घोषित करने सुकमा कलेक्टर से गुहार लगाई है। कोंटा एसडीएम को प्रकरण दर्ज करने 30 नवम्बर 2023 को आवेदन दिया गया था, लेकिन आज तक प्रकरण दर्ज नहीं किया जाना एसडीएम कोंटा की संलिप्तता की ओर इशारा करता है।
मिली जानकारी के अनुसार सुकमा जिले के कोंटा तहसील अंतर्गत चिंतलनार जो वर्तमान में जगरगुंडा तहसील में आता है, के पटवारी हल्का 6 में आंध्रप्रदेश के गुंटूर, तातीकोंटा निवासी इमनी रामकोट रेड्डी के नाम 7 टुकड़ों में 90 एकड़ से अधिक पैतृक भूमि 1970-71 से शासकीय रिकार्ड में दर्ज है। जमीन मालिक द्वारा विभिन्न भूखंडों का वर्ष 2017 तक सभी रिकार्ड भू-स्वामी के रूप में दर्ज है। इसका लगान प्रतिवर्ष भू- स्वामी द्वारा अदा किया गया है। ऋण पुस्तिका में भी इसका उल्लेख है। जानकारी के अनुसार 7 टुकड़ों की जमीन में से एक शिक्षक ने तीन टुकड़ों की लगभग 40 एकड़ से अधिक जमीन की फर्जी ढंग से रजिस्ट्री कराकर बी. उमा महेश्वर रेड्डी ने वर्ष 2018-19 में जमीन अपने नाम पर दर्ज करा ली। उक्त शिक्षक कोंटा इलाके में जमीन के मामले में विवादित और चर्चित है। शिक्षक ने राजस्व अमलों के साथ सांठगांठ कर दूसरे की जमीन को पहले अपने नाम कराया फिर तीन माह पहले भू- माफियाओं के सहारे मध्यप्रदेश के कटनी निवासी बालाजी मिनरल्स के संचालक के पास 40 एकड़ से अधिक जमीन बेच दी। जब जमीन मालिक ने नामांतरण के लिये कोंटा तहसील में आवेदन किया तो इस फर्जीवाड़ा की पोल खुली। उसके बाद वास्तविक जमीन मालिक के पुत्र उदय भास्कर रेड्डी ने 19 फरवरी को नामांतरण पर रोक लगाने एवं भूमि वापस दिलाने की गुहार लगाते हुए सुकमा कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत पेश है। इसके पूर्व 30 नवम्बर को कोंटा एसडीएम को भी आवेदन दिया गया था। उदय भास्कर रेड्डी ने कहा है कि उनके पिता ने चिंतलनार की किसी भी जमीन की बिक्री नहीं की है। हमारे दूर के रिश्तेदार ने राजस्व अमले के साथ सांठगांठ कर फर्जी ढंग से जमीन को अपने नाम कराकर 40 एकड़ से अधिक जमीन की रजिस्ट्री कराई है। इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से कर न्याय की गुहार लगाई गई है। चिंतलनार के पटवारी ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि उक्त जमीन की पहली रजिस्ट्री 2018-19 में कराई गई थी और और दूसरी रजिस्ट्री दंतेवाड़ा में 3 माह पूर्व कराई गई है। नामांतरण का मामला तहसीलदार कार्यालय कोंटा में लंबित है।पिताजी ने नहीं बेची जमीन
भूमि मालिक के पुत्र उदय भास्कर रेड्डी ने बताया कि जालसाजी कर उनकी पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है। कोंटा एसडीएम ने बताया कि चिंतलनार में जमीन खरीदी बिक्री में हुई अनियमितता मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। कोंटा के तहसीलदार को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


