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टाटा ग्रुप को दिया जाए नगरनार संयंत्र

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जनभावना: बस्तर अंचल के लोगों का कहना है कि निजी क्षेत्र के हवाले प्रस्तावित संयंत्र को करना ही है तो टाटा से बेहतर विकल्प नहीं – एयर इंडिया की तर्ज पर हो सकेगा नगरनार इस्पात संयंत्र का उद्धार – इस आदिवासी अंचल के लोगों की उम्मीदें भी होंगी फलीभूत
(अर्जुन झा)
जगदलपुर : बस्तर के लोगों की उम्मीदों और सपनों को पंख लगाने में सहायक साबित होने वाले प्रस्तावित नगरनार इस्पात संयंत्र को आकार देने की सरकारी कोशिश तेज हो गई है. चर्चा है कि सरकार इस संयंत्र को निजी क्षेत्र के हवाले करने जा रही है. ऐसी चर्चाओं के बीच अंचल से अब यह आवाज़ उठने लगी है क़ि नगरनार संयंत्र को निजी क्षेत्र के हवाले करना ही है, तो क्यों ना उसे टाटा ग्रुप के हवाले कर दिया जाए. इससे संयंत्र का कामकाज बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा और सदैव कर्मचारी एवं श्रमिक हित का ध्यान रखने वाला यह ग्रुप बस्तर के लोगों क़ी उम्मीदों पर खरा भी उतरेगा.

फिलहाल राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधीन प्रस्तावित नगरनार इस्पात संयंत्र क़ी स्थापना के लिए कवायद तेज हो गई है. सूत्र बताते हैं कि सरकार इस इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में सौंपने वाली है. इसके लिए टेंडर भी बुलाए जा रहे हैं. बस्तर के लोग चाहते हैं कि सरकार ही इस संयंत्र को चलाए और अगर निजी हाथों में सौंपने की ही सरकार की मंशा है, तो स्टील उद्योग का विशेषज्ञ माने जाने वाले टाटा उद्योग समूह को नगरनार संयंत्र सौंप दिया जाए. इसके पीछे लोगों की दलील है कि जिस तरह लगातार दुर्दशा का शिकार हो रही सरकारी विमानन कम्पनी एयर इंडिया टाटा के हाथ में जाने से सारे देश में यह उम्मीद जागी है कि अब इसका संचालन बेहतर तरीके से होगा और यात्री सुविधाओं में भी इजाफा होगा। ठीक उसी तरह से टाटा समूह के हाथों में जाने से नगरनार इस्पात संयंत्र भी विकास के आयाम को छुएगा. आज जिन क्षेत्रों में अच्छी विमान सेवाएं उपलब्ध हैं, वहां तेजी से विकास के रास्ते खुल रहे हैं। इसी भावना से बस्तर के मुख्यालय में विमान सेवा का दायरा बढ़ा है तो इसी सिलसिले में बस्तर में यह चर्चा भी छिड़ गई है कि बस्तर के नगरनार में स्थापित एनएमडीसी के स्टील प्लांट को निजी हाथों में सौंपने के लिए केंद्र सरकार उतावली है तो क्यों न इस प्लांट का संचालन अपने हाथ में लेने टाटा समूह पहल करे। कुछ साल पहले टाटा ने बस्तर में औद्योगिक विस्तार के लिए रूचि दिखाते हुए जमीन अधिग्रहण किया था। तब टाटा ग्रुप ने यहाँ बड़ी रकम खर्च कि थी. लेकिन बाद में कुछ ऐसे हालात बने कि टाटा का उद्योग स्थापित नहीं हो सका और आखिरकार समयावधि बीत जाने के बाद जमीन आदिवासियों को वापस हो गई। अगर टाटा का उद्योग बस्तर में स्थापित हो गया होता तो यहां के आदिवासियों को रोजगार के अवसर मिलते। अन्य बस्तरियों का भी भला होता तो बस्तर विकास की संभावनाएं भी तेजी से बढ़तीं। उम्मीद की जा रही थी कि टाटा का उद्योग स्थापित होने पर बस्तर का विकास टाटानगर जमशेदपुर की तर्ज पर संभव होगा। लेकिन किन्हीं कारणों से यह उम्मीद टूट गई। अब टाटा ने एयर इंडिया के उद्धार की पहल की है तो बस्तर में इन संभावनाओं की दस्तक का इंतजार शुरू हो गया है कि टाटा बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट के लिए क्या वैसी ही पहल करेगा, जैसी एयर इंडिया के लिए की है? वैसे भी टाटा स्टील उद्योग क्षेत्र का एक विश्वसनीय ग्रुप है। टाटा समूह देश के लोगों के बीच औद्योगिक विकास के साथ साथ सामाजिक सरोकार का भी प्रतीक माना जाता है।
सांसद बैज उठा चुके हैं मुद्दा
नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के प्रयासों का शुरू से ही भारी विरोध होता आया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में संकल्प पारित हो चुका है कि यह प्लांट राज्य शासन को दिया जाय। राज्य इसका संचालन करेगा। बस्तर सांसद दीपक बैज भी निजीकरण का पुरजोर विरोध करते हुए लोकसभा में भी यह मामला उठा चुके हैं लेकिन अब तक केंद्र की ओर ले ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि नगरनार स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ सरकार को मिल सकता है। यदि यह राज्य को मिलता है तो सरकार खुद संचालित करे, यह बस्तर के लोग चाहते हैं किंतु तब की स्थिति में अगर राज्य ने किसी औद्योगिक संस्थान को इसके संचालन से जोड़ा तो बात वहीं की वहीं रह जायेगी। अब ऐसी स्थिति में कि जब नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण न होने की कोई गारंटी नहीं है तो स्टील क्षेत्र के अनुभवी उद्योग समूह टाटा द्वारा इस दिशा में पहल की जाय तो बस्तर के विकास की राह आसान हो सकती है। यहां के आदिवासियों ने पूर्व में टाटा को अपनी जमीन आखिर विकास की उम्मीद में ही तो दी थी। अब भी यही भावना है कि बस्तर क्षेत्र के विकास और बस्तरियों के रोजगार की संभावना लेकर टाटा की बस्तर वापसी होती है तो यह भी एक आशाओं से भरा कदम होगा। हम यहां इस मामले में राजनीतिक दृष्टिकोण से परे यह देखें कि यदि निजीकरण से बस्तर का कल्याण होने की उम्मीद निकल सकती है तो इसमें राजनीतिक अड़ंगेबाजी फिजूल है। बस्तर तो सिर्फ यही चाहेगा कि नगरनार स्टील प्लांट का संचालन ऐसा हो कि बस्तर के विकास को गति मिल सके और यहां के लोगों को रोजगार मिले।

किडनी फेल्योर-एनीमिया से 61 आदिवासियों की मौत

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जगदलपुर। बस्तर के सुकमा जिले में स्थित प्रदेश के आबकारी मंत्री के विधानसभा क्षेत्र कोंटा के रिगडगेट्टा गांव में ढाई वर्षो में 61 आदिवासियों की मौत किडनी फेल्योर, एनीमिया एवं अन्य बीमारियों से हुई है. इसका खुलासा जांच रिपोर्ट से हुआ है. मेडिकल कॉलेज के डीन ने भी इस बात की पुष्टि की है। स्वास्थ्य मंत्री के बस्तर प्रवास के दौरान इन ग्रामीणों की मौत का मामला सुर्खियों में रहेगा।

ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिलीे के कोंटा विकासखंड के रेगडगट्टा में ढाई वर्षो में 61 ग्रामीणों की मौत का मामला इन दिनों प्रदेशभर में सुर्खियों में है। सीपीआई नेताओं द्वारा मामले की जानकारी सुकमा जिला प्रशासन को दिए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया था और स्वास्थ्य की टीम मामले की पड़ताल करने गांव पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में कई खुलासे भी हुए हैं और राजनीतिक दलों ने सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला था।
किडनी एवं खून की कमी से गई जान
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पैकरा ने बताया कि डॉक्टरों की टीम रेगडगट्टा में ग्रामीणों की मौत की पड़ताल करने पहुंचा था। पैकरा ने बताया कि डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट के अनुसार आधा दर्जन ग्रामीणों की मौत किडनी की बीमारी से होने का खुलासा हुआ है। कुछ ग्रामीणों की मौत खून की कमी के कारण होने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि 4 ग्रामीण ऐसे थे जो आत्महत्या कर अपनी जान गंवा चुके है। पैकरा ने कि खानपान एवं नशीले पदार्थो के सेवन से मौत होने की बात कही।
स्वास्थ्य मंत्री लगाएंगे क्लास

प्रदेश के स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव बस्तर प्रवास पर आ रहे हैं। खासतौर से वे बस्तर अंचल की स्वास्थ्य सुविधा को लेकर अधिकारियों से चर्चा करेंगे। ऐसी खबर है कि रेगडग़ट्टा में बीमारी से ग्रामीणों की मौत के मामले को लेकर भी जांच टीम से इस मामले में विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।

आज जामा मस्जिद दल्ली राजहरा इंतजामिया कमेटी की एक आवश्यक बैठक संपन्न हुई

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जिसमें वक्फ बोर्ड द्वारा मस्जिद कमेटी का चुनाव करवाने हेतु लिखे गये पत्र पर चर्चा हुई और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड द्वारा जो पत्र में मस्जिद कमेटी का चुनाव स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पारदर्शी तरीके से करवाने की बात कही गई थी। इसी संदर्भ में आज इंतजामिया कमेटी द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी दल्ली राजहरा को ज्ञापन सौंपकर कर राजहरा जामा मस्जिद में प्रशासन के सहयोग से चुनाव करवाने का निवेदन किया है।


छ0ग0 राज्य वक्फ बोर्ड का प्र.क्र.76/2022 रायपुर, दिनांक17/05/2022 को पत्र छत्तीसगढ वक्फ बोर्ड से प्राप्त हुआ था जिससे मस्जिद कमेटी का चुनाव स्थानीय प्रशासन से विधिवत पारदर्शी चुनाव सम्पन्न कराने की बात कही गयी थी परन्तु मस्जिद तामीर (निर्माण) कार्य प्रगति पर होने के कारण आम जमात ने मस्जिद तामीर होने के बाद चुनाव कराने की बात आपस में तय किया था।

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और तब तक के लिए आम जमात से पांच बुजुर्गों की एक इन्तेजामिया कमेटी बनाई थी जो वर्तमान में कार्यरत हैं। परन्तु जमात के कुछ लोगों द्वारा मस्जिद तामीर के पहले ही चुनाव की मांग बारंबार की जा रही है इसपर इन्तजामिया कमेटी ने बैठक कर मस्जिद कमेटी की चुनाव कराने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है।

और इंताजामिया कमेटी के सदस्यों बाताया की ईद मिलादुन्नबी के बाद चुनाव के तारीखों का ऐलान भी कर दिया जावेगा। इंतजामिया कमेटी के सदस्यों का कहना है कि वर्तमान में मस्जिद निर्माण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसमें आम जमात का भरपूर सहयोग भी मिल रहा है और इंताजामिया कमेटी मस्जिद निर्माण के लिए आसपास के मस्जिदों पर जाकर भी चंदे के लिए प्रयास कर रही है। लेकिन जमात कुछ लोग मस्जिद निर्माण से पहले चुनाव करवाना चाहते हैं तो हम ईस के लिए पुरी तरह तैयार है। हम नहीं चाहते हैं कि मस्जिद कमेटी के चुनाव को लेकर आम जमात में आपस में किसी तरह का मनमुटाव हो।और मस्जिद निर्माण के कार्य में किसी तरह की रुकावट आये।साथ ही समाज के कुछ लोगों का कहना है कि मस्जिद निर्माण हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए,अगर जरूरत हुई तो ईस विषय को लेकर मुस्लिम समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के राजहरा आगमन पर उनसे मिलकर पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव करवाने के लिए ज्ञापन सौंपेगा । इंतजामिया कमेटी 1,जनाब हाजी माजिद कुरैशी 2, जनाब सैय्यद साउद आलम 3, जनाब शेख नय्यूम 4, जनाब मोहम्मद आरिफ

लापरवाह प्राचार्य अटैच क्या मामले में होगी जांच बुरुंदववाड़ा में बच्चें की चार दिन पहले हुई थी मौत

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जगदलपुर।बुरुंदवाड़ा स्कूल के बच्चे की गड्डे में डुबकर हुई मौत के मामले में स्कूल प्राचार्य शालिनी राव पर कार्यवाही करते हुए ब्लाक कार्यालय में अटैच कर दिया गया है लेकिन विभागीय जांच होगी या उपकृत किया जायेगा उसको लेकर सवाल खड़े हो रहें हैं। यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने जारी किया है जिसके कारण आदेश ही सवाल के घेरे में है। जगदलपूर खंड शिक्षा कार्यालय अधीनस्थ प्राथमिक विद्यालय बुरुंदवाड़ा सेमरा के एक बच्चे की 12 सितम्बर 2022 को एक गड्डे में डुबकर मौत हो गई थी।

यह वाक्या तब घटित हुई जब सोमवार को दोपहर भोजन अवकाश के दौरान चंद्रशेखर बिसाई बिना बताए मुरुम गड्डे में गया और वहां उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद बुरुंदवाड़ा ग्राम में ग्रामीण आक्रोशित हो गए तथा सिधे तौर पर प्राचार्य राव व शिक्षिका आचार्य पर कार्यवाही की मांग करते रहे जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रधान ने मामले को दबाते हुए सिर्फ निलंबन की कार्यवाही का आदेश जारी हुआ जबकि इस मामले में विभागीय जांच अधिकारियों की टीम गठित करना था वह नहीं हो पाया जिसके कारण अब जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं कटघरे में खड़ी हो गई है।

बस्तर दशहरा कमेटी ने दिया मुख्यमंत्री को न्यौता

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विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के निमंत्रण हेतु आज शाम रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में माननीय भूपेश बघेल जी से मुलाकात कर बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष माननीय सांसद दीपक बैज जी, उद्योग एवं आबकारी मंत्री माननीय कवासी लखमा जी, संसदीय सचिव व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन, दशहरा कमेटी के मांझी, दंतेवाड़ा पुजारी विजेंद्र जिया एवं समिति के सचिव तहसीलदार पुष्पराज पात्र ने प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बस्तर दशहरा पर्व मनाने हेतु विधिवत न्यौता दिया। साथ ही विगत वर्ष बिना किसी बकाया राशि के दशहरा संपन्न हुआ इसके लिए भी माननीय मुख्यमंत्री को बस्तर सांसद ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान लोहंडीगुड़ा से लक्ष्मण पटेल, अनुराग महतो एवं अन्य मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री ने दी लगभग 12 करोड़ 66 लाख रुपए के 14 विकास कार्यों की दी सौगात

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जगदलपुर 15 सितंबर 2022/ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बस्तर संभागवासियों को लगभग 12 करोड़ 65 लाख रुपए के 14 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने डिमरापाल स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित समारोह में उन्होंने यह सौगात दी। इस अवसर पर बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनिता पोयाम, स्वास्थ्य सचिव आर प्रसन्ना, मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ यूएस पैकरा, अधीक्षक डॉ अनुरूप साहू सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने इस अवसर पर 7 करोड़ 35 लाख रुपए के 8 कार्यों का भूमिपूजन और 5 करोड़ 30 लाख रुपए के 6 कार्यों का लोकार्पण किया।

इसमें मेडिकल कॉलेज परिसर में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ट्रामा सेन्टर भी शामिल है। इसके अलावा बस्तर जिले में विकासखंड बकावंड के ग्राम पाथरी में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरभा में हमर लैब निर्माण, कुम्हारपारा और धरमपुरा में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। जिला दंतेवाड़ा में 02 करोड़ 55 लाख रूपए की लागत से आयुष पाॅली क्लिनिक और 74 लाख से अधिक राशि से जिला अस्पताल परिसर में 20 बिस्तर का आईसोलेशन वार्ड का निर्माण, जिला बीजापुर के विकासखंड उसुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 37 लाख रूपए की लागत से 10 बिस्तर आईसोलेशन वार्ड का निर्माण का भूमिपूजन किए। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने बस्तर जिले के कोठीयागुड़ा नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र, दंतेवाड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिंदनार और बड़े तुंगनार में एक-एक नग 02जी स्टाफ क्वाटर, बीजापुर जिले के सकनापल्ली में आयुष भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मडेड में 02 नग 02जी स्टाफ क्वाटर तथा नारायणपुर जिले के जिला अस्पताल परिसर में 05 नग 02एफ टाईफ व 05 नग 02जी टाईफ क्वाटर का लोकार्पण किए। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने शासकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने ऑपरेशन थियेटर, डेंगू वार्ड, नवजात शिशु वार्ड, गहन चिकित्सा कक्ष का अवलोकन कर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने मरीजों की कुशलक्षेम की भी जानकारी ली। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में मॉडल वैक्सीनेशन कक्ष का भी शुभारंभ किया।

अवैध कारोबार करने वालो के खिलाफ बालोद पुलिस का अभियान जारी रहेगा

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पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर के मार्गदर्शन , उपपुलिस अधीक्षक मुख्यालय सुश्री नवनीत कौर, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रतीक चतुर्वेदी ,उप पुलिस अधीक्षक सायबर सेल राजेश बागडे के पर्यवेक्षण में अवैध कारोबार करने वालो के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। जिस पर थाना गुरूर व बालोद क्षेत्र के 04 सटोरियो को गिरफ्तार किया गया है।

प्रकरण क्रमांक 01- दिनांक 14.09.2022 को थाना बालोद क्षेत्र के ग्राम निपानी के पास सट्टा पटटी ले रहे आरोपी अष्वनी कुमार सोनी पिता हगरूराम सोनी को गिरफ्तार किया गया है। जिस पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक- 412/2022 धारा 4 (क) जुआ एक्ट कायम किया गया। प्रकरण क्रमांक 02- थाना बालोद क्षेत्र के ग्राम निपानी के पास सट्टा पटटी ले रहे आरोपी अजय बंजारे पिता स्व बसंत बंजारे को गिरफ्तार किया गया है। जिस पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक- 413/2022 धारा 4 (क) जुआ एक्ट कायम किया गया। प्रकरण क्रमांक 03- थाना गुरूर क्षेत्र के ग्राम टेगंना बरपारा के पास सट्टा पटटी ले रहे आरोपी पुरानिक साहू पिता हरिराम साहू को गिरफ्तार किया गया है। जिस पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक- 415/2022 धारा 4 (क) जुआ एक्ट कायम किया गया। प्रकरण क्रमांक 04- थाना गुरूर क्षेत्र के ग्राम सोरर के पास सट्टा पटटी ले रहे आरोपी युवराज कुम्बज पिता उत्तम कुम्बज को गिरफ्तार किया गया है।

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जिस पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक- 416/2022 धारा 4 (क) जुआ एक्ट कायम किया गया। प्रकरण क्रमांक 05- थाना राजहरा क्षेत्र के कुसुमकसा के पास शराब बेच रहे आरोपी गैंदलाल मानिकपुरी पिता पुन्नी लाल मानिकपुरी को गिरफ्तार किया गया है। जिस पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक- 306/2022 धारा -34(1)ख,34(1)क आबकारी एक्ट कायम किया गया।आरोपियो के कब्जे से सटटा पटटी, डाट पेन व नगदी रकम 8080 रूपये जप्त किया गया। उक्त रेड कार्यवाही में प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी, प्रधान भूनेश्वर मरकाम, आरक्षक राहुल मनहरे, संदीप यादव, चन्द्रशेखर यादव, आकाश दुबे का सराहनीय भूमिका रहा।

R S S के नगर संघ संचालक द्वारा विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष शंकर साहू का सम्मान

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नगर के संघ संचालक आर एस एस के प्रमुख राजेंद्र राठी कन्हैयालाल कुकरेजा जस केतन जसकी किरण सिन्हा नागेंद्र चौधरी के द्वारा विश्व हिंदू परिषद के नवनिर्वाचित नगर अध्यक्ष शंकर साहू का सम्मान किया गया नगर कार्यकारी अध्यक्ष अर्जुन राय तथा परिषद के उपाध्याय रामू भारती गणेश निषाद हरीश बाग मंत्री गोलू जयसवाल प्रचार प्रसार प्रमुख किशोर जैन जी मातृ शक्ति नगर संयोजिका जानकी यादव का सम्मान भगवा गमछा पहनाकर किया गया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा हिंदुत्व के प्रति जागरूक करना और सभी हिंदुत्व को एकत्रित करने का संकल्प लिया गया

आज देश ही नहीं विदेशों में भी हिंदुत्व का गुणगान किया जाता है हम कट्टर सनातनी हैं यह एक सुखद अनुभूति है कि हिंदू अपने धर्म तथा समाज के लिए एकजुट हो रहा है आज का हमारा संघर्ष हमारी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित जीवन तथा संस्कार अवश्य देगा इस सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से R S S प्रमुख राजेंद्र राठी कन्हैयालाल कुकरेजा किरण जस की रमेश पेंढारकर जी महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष किरण सिन्हा किसान मोर्चा प्रदेश का सदस्य मोनू चौधरी युवा मोर्चा विशेष आमंत्रित सदस्य भूपेंद्र श्रीवास युवा मोर्चा जिला महामंत्री सोनू ढकेल विश्व हिंदू परिषद जिला उपाध्यक्ष नीलेश श्रीवास्तव और हिंदुत्व प्रेमी और संघ के प्रमुख सदस्य उपस्थित थे

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छत्तीसगढ़ के 12 जाति समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री का प्रयास सराहनीय: जानकी राम सेठिया

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रायपुर, 14 सितम्बर 2022/ छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के सदस्य एवं बस्तर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जानकी राम सेठिया ने छत्तीसगढ़ में निवासरत् 12 जाति समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति के रूप में शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल ने 11 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ की 12 जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री द्वारा इस संबंध में लगातार किए जा रहे प्रयासों के चलते भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के 12 जाति के लोगों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की स्वीकृति दे दी है। इससे इन समुदाय के लोगों को उनके सम्पूर्ण संवैधानिक अधिकार दिलाने में मदद मिलेगी। अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता मिलने से सभी समुदाय के लोग बेहद प्रसन्न है और इसके लिए मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद करते है। सेठिया ने कहा कि इन जाति समुदायों कोे छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल होने से इन्हें शासन की अनुसूचित जनजातियों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। छात्रवृत्ति, रियायती ऋण, अनुसूचित जनजातियों के बालक-बालिकाओं के छात्रावास की सुविधा के साथ शासकीय सेवा और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। सेठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सभी जाति समुदाय के लोगों के हित के लिए काम कर रही है। सभी समाज के लोग आगे बढ़े और उनकी शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति बेहतर हो यह मुख्यमंत्री बघेल की प्राथमिकता है। बीते पौने चार सालों में मुख्यमंत्री ने सभी वर्ग एवं समुदाय को आगे बढ़ने का अवसर सुलभ कराने के साथ ही उनकी सामाजिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं को संरक्षित और आगे बढ़ाने का काम किया है। छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता बढ़े और सभी लोग एकजुट और भाई-चारे की भावना से गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करें। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रयास सरहानीय है।

पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रयोगशाला उपकरण खरीदी में घालमेल, जांच में लिपापोती

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जगदलपुर/दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के गीदम जावंगा में संचालित एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक कॉलेज में इलेक्ट्रीकल एवं मैकेनिकल विभाग के प्रयोगशाला में उपकरण खरीदी में घालमेल का मामला उजागर हुआ। गुणवत्ताा की जांच क्रय की गई सामग्री डीग्रेड होना पाया गया जो प्रयोगशाला में हादसे का उपकरण साबित हो सकता है। अनुभवी के द्वारा जांच में डी ग्रेड होने के खुलासे के बाद वहां के प्राचार्य ने सभी रिपोर्ट को दरकिनार कर प्राचार्य ने सामग्री को प्रयोगशाला में कराया जमा वहां अध्ययनरत आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए साबित हो सकता है, मौत का कारण, जिला प्रशासन मामले की जांच को लेकर खानापूर्ति करने में जुटा। ज्ञातव्य हो कि शासन आदिवासी बाहुल क्षेत्र के बच्चों को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर में रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटी है तो वही इस विभाग के अधिकारी तकनीकी शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति कर आदिवासियों के जिंदगी से खिलवाड़ करने में जुटे है। ऐसा ही एक मामला दंतेवाड़ा जिले के गीदम में संचालित पॉलिटेक्निक कॉलेज का उजागर हुआ है जहां प्रयोगशाला में घटिया सामग्री का उपयोग कर लाखों के वारे-न्यारे किया जा रहा है। डी ग्रेड सामग्री को प्राचार्य ने प्राप्त किया: जानकारी के अनुसार अगस्त 2021 उक्त कॉलेज में प्रयोगशाला उपकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा टेण्डर बुलाया गया था। जिसमें 50 लाख की लैब सामग्री की खरीदी की जानी थी। टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने के छह माह बाद उक्त लैब सामग्री सप्लाई का कार्य रायपुर के हनुमान पेपर वर्कर को दिया गया था जिसके द्वारा छह माह बाद उपकरण की सप्लाई की गई थी वहां के अनुभवनी स्टाफ के द्वारा उक्त उपकरण की जांच की जाने पर डी ग्रेड होना पाया गया था। जांच दल ने प्राचार्य को लिखित में आवेदन प्रस्तुत किया था। सामग्री अमानक स्तर का है जो प्रयोगशाला में उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसके उपयोग से हादसे का भी आशंका जाहिर कर पत्र में उल्लेख किया गया था। उक्त सामग्री जनवरी 2022 में सप्लाई होने की बात लिखी गई थी। जांच रिपोर्ट को प्राचार्य ने ठुकराया: विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो अनुभवी विभाग प्रमुख के जांच रिपोर्ट प्राचार्य के द्वारा ठुकरा दिया गया था। खबर है कि प्राचार्य के करीबी इलेक्ट्रीशियन विभाग के प्रमुख जो अवकाश पर थे उनके आने के बाद पुन: जांच रिपोर्ट को बेहतर होने का प्रमाणपत्र प्राप्त कर प्राचार्य ने उक्त सामग्री को प्रयोगशाला में कराया जमा। जांच का मामला जिला प्रशासन के पाले में: उक्त मामले की शिकायत दंतेवाड़ा कलेक्टर तक पहुंच गई है। तत्कालिन कलेक्टर श्री सोनी के द्वारा उक्त मामले की जांच संयुक्त कलेक्टर के द्वारा कराया गया था जिसकी जांच रिपोर्ट का अता पता तक नहीं है। दुबारा हुई शिकायत के बाद पुन: उसी संयुक्त कलेक्टर को जांच की जिम्मेदारी वर्तमान कलेकटर द्वारा सौंपी गई है। मामले की जांच में निष्पक्ष रूप से टीम गठित कराकर जांच नहीं किया जाना जिला प्रशासन भी जांच के घेरे में है। चर्चा है कि प्राचार्य जिला प्रशासन के जांच अधिकारी से सांठगांठ कर मामले की लिपापोती करने में जुटे है। कॉलेज के प्राचार्य से इस मामले में प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया तो साहब द्वारा फोन रिसीव नहीं किए जाने के कारण प्रतिक्रिया नहीं ली जा सकी।

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