दल्ली राजहरा के वार्ड नंबर 2 राम नगर चौक पन्डर दल्ली में छत्तीसगढ़ संस्कृति के प्रतीक गौरी गौरा पूजा का कल संध्या शुरुआत हुआ । राम नगर चौक में लगभग 55- 56 साल पहले स्वर्गीय गणेश राम निर्मलकर एवं स्वर्गीय उझियार बैगा के द्वारा शुरुआत की गई थी छत्तीसगढ़ संस्कृति का गौरी गौरा पूजा का कार्यक्रम आज भी निरंतर चल रहा है । इस कार्यक्रम की शुरुआत द्वाश के दिन बैगा परघाने , गौरा जागरण ,अंडा फोड़ने से शुरुआत होता है , कार्यक्रम लगातार चार दिन तक चलता है अंतिम दिन लक्ष्मी पूजा के मध्य रात्रि गौरा अर्थात भगवान शंकर एवं गौरी अर्थात माता पार्वती की बारात के साथ सुबह मोहल्ला भ्रमण के बाद गौरा चौरा में स्थापित किया जाता है | वार्ड के महिलाएं पुरुष एवं बच्चे भगवान शंकर एवं माता पार्वती का अपने अपने परिवार के साथ पूजा करते हैं । इसके बाद वार्ड की
बालिकाओं के द्वारा कलश यात्रा निकाला जाता है आगे आगे गौरा (भगवान शंकर) उसके पीछे गौरी (माता पार्वती) माई कलश एवं बाकी कलश साथ में होते हैं । मोहल्ले वासी साथ साथ तलाब में विसर्जन करने जाते हैं तालाब में विसर्जन के साथ ही यह कार्यक्रम समाप्त हो जाता है | इस कार्यक्रम में एक पतरी रैनी बैनी रहय रतन मोर , गौरा जागे मोर गौरी जागे, जैसे पारंपरिक गीत मोहल्ले के महिलाओं के द्वारा गाए जाते हैं बहुत ही सुंदर और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की परंपरा का त्यौहार अपने आप में अद्भुत होता है। इस कार्यक्रम में ऐसा महसूस होता है कि हम किसी शहर में ना रह कर एक गांव मैं रह रहे हैं जहां आपसी प्रेमभाव सद्भावना निर्मित है ।इस कार्यक्रम में मोहल्ले के युवा महिलाएं एवं वरिष्ठ जनों का भरपूर सहयोग मिलता है गांव की यह परंपरा दल्ली राजहरा के इस वार्ड को गांव से भी बेहतर बना देता है।
राज्योत्सव के अवसर पर ग्राम आसना के बादल एकेडमी में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के विजेताओं को संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय उर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार ने प्रशस्ति पत्र और ट्राॅफी के साथ सम्मानित किया। इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा, महामंत्री हेमु उपाध्याय, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, कलेक्टर रजत बंसल, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। यहां राज्योत्सव के अवसर पर लोक नर्तक तथा स्कूली विद्यार्थी वर्ग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। लोक नर्तक श्रेणी में कोया समाज द्वारा प्रस्तुत गौर सिंग नृत्य को प्रथम स्थान, भतरा समाज द्वारा प्रस्तुत परब नृत्य को दूसरा स्थान और मुरिया समाज द्वारा प्रस्तुत लेजा परब नृत्य को तीसरा स्थान मिला। स्कूली विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतियोगिता में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलोरी ने पहला स्थान, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बकावंड ने दूसरा स्थान और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आसना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
संसदीय सचिव जैन, क्रेडा अध्यक्ष श्री स्वर्णकार सहित जनप्रतिनिधियों ने राज्योत्सव के अवसर पर सोमवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का देर रात तक आनंद लिया। इसके साथ ही यहां विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों के प्रदर्शन के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। अतिथियों द्वारा विकास प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों को शासन की योजनाओं को आसानी से समझने और इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलेगी। वहीं बादल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जमकर प्रशंसा की गई। संसदीय सचिव ने कहा कि बादल एकेडमी की स्थापना बस्तरिया जनजातीय संस्कृतियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए की गई है। आज यहां राज्योत्सव के अवसर पर यहां विभिन्न जनजातीय समुदायों द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिससे इस एकेडमी की स्थापना का उद्देश्य सार्थक हो रहा है।
ज्ञात हो कि-नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक के अति संवेदनशील क्षेत्र के 12 वी पास युवा बेरोजगार बुधराम गोटा के पिता बचपन मे ही नक्सली हिंसा का शिकार हो चुके थे। बुधराम ओरछा से बाहर जाकर ठेला लगाना व अन्य काम करके अपना जीवन यापन कर रहे थे।
मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से मिला मदद
बस्तर सांसद दीपक बैज जी एवं विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप जी के प्रयासों से मुख्यमंत्री मान0 भूपेश बघेल जी के स्वेच्छानुदान मद से बुधराम गोटा को मिला 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि।
ओरछा से मिठाई व गिफ्ट लेकर पहुंचे सांसद निवास बुधराम गोटा
बस्तर सांसद के लोहंडीगुड़ा निवास में पहुंच बुधराम गोटा ने बस्तर सांसद दीपक बैज जी को धन्यवाद देते हुए कहा- आपकी प्रयासों से ही मुख्यालय ओरछा में स्टेशनरी की दुकान चला रहा हु आपके लिए दीवाली की मिठाई और गिफ्ट लाया हूं।
आगे बुधराम ने कहा- छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी का दिल से आभार ।
दल्ली राजहरा। जिलाध्यक्ष अनु.जनजाति मोर्चा व सांसद प्रतिनिधि नगर पंचायत चिखलाकसा विक्रम ध्रुवे जी ने तल्ख शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है बड़े पैमाने पर धर्मान्तरण का खुला खेल चल रहा है। धर्मान्तरण का आलम चरम सीमा पर है। तभी छत्तीसगढ़ की महामहिम राज्यपाल अनुसुइया उईके ने सरकार को पत्र लिखकर धर्मान्तरण पर संज्ञान लेने निर्देशित किया था। सनातन धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म है। सनातन धर्म में नारी शक्ति की पूजा होती है। लेकिन जब से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आई तब से धर्मान्तरण जोरो पर है। अभी कुछ दिनों पूर्व ट्विनसिटी भिलाई में धर्मांतरण का खेल उजागर हुवा था।लेकिन प्रदेश सरकार के कानों में जु नही रेंगी। छत्तीसगढ़ की भोली भाली जनता को प्रार्थना के माध्यम से बरगलाया जा रहा है। आर्थिक मदद का प्रलोभन देकर जबरिया धर्मान्तरित किया जा रहा है। हिन्दुतत्व के खिलाफ अंतरास्ट्रीय स्तर पर साजिश चल रही है। अभी हाल ही कवर्धा में जो हुवा वह जगजाहिर है। हिन्दुतत्व का अलख जगाने वाले दुर्गेश देवांगन के साथ मारपीट की गई। छग सरकार के इशारे पर भगवा ध्वज को पुलिस के संरक्षण में उतारा गया। आज हिन्दू धर्म का अस्तित्व खतरे में है। इसका प्रमाण कवर्धा में साक्षात देखने को मिला।
गौरतलब है कि कमलचन्द्र भंजदेव जी के नेतृत्व में बस्तर के मांझी चालकों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल महामहिम सुश्री अनुसुइया उईके जी से मुलाकात की। उन्होंने ने वहाँ जबरन धर्मान्तरण की शिकायत की। इस पर राज्यपाल ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री गृहमंत्री और डीजीपी से कार्रवाई करने कहा है। लोगों को बहला फुसलाकर धर्मान्तरण करना दण्डनीय अपराध है। ध्रुवे ने आगे कहा कि ईसाई मिशनरियों के हौसलें बुलंद हैं क्योंकि राज्य सरकार का उनको सरक्षंण प्राप्त है तभी खुले तौर पर धर्मान्तरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को पूरी तरह उजाड़ने के लिए जो षडयंत्र रचा जा रहा है उसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।छग के राजधानी में भी अब जोरो से धर्मांतरण चल रहा है यहाँ भी धर्मांतरण के विरोध करने वाले लोगो के ऊपर मनमाने धारा लगा दिया गया था। हमे अपने धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी। तब जाकर सदियों पुराना सनातन धर्म सुरक्षित रह पाएगा। श्री ध्रुवे ने कहा कि अगर राज्य सरकार ने धर्मान्तरण पर लगाम नही लगाया तो खुलकर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा। ध्रुवे ने कांग्रेस सरकार पर आक्रोश जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी धार्मिक जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं क्योंकि कांग्रेसी सत्ता के भूखे है। वे सत्ता सुख के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि को समर्पित होता है। इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है, कहा जाता है कि इस दिन खरीदारी करने से भगवान की कृपा होता है और पूरे साल घर में बरकत रहती है। आज धनतेरस का पर्व है। यह हर साल कार्तिक माह के कृष्ण त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। धनतेरस का त्योहार पांच दिनों तक चलने वाले शुभ दीपावली का पहला दिन होता है। इसे दिवाली से 2 दिन पहले मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान सोने का घड़ा लेकर प्रगट हुए थे, इसलिए इस तिथि पर इनका प्रागट्य पर्व मनाया जाता है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतिर के अलावा भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा होती है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन खरीदारी करना बहुत ही शुभ होता है। इस कारण से वर्षों से धनतेरस के मौके पर सोना-चांदी के अभूषण, बर्तन, घरों में प्रयोग की जाने वाली वस्तुएं, कार, मोटर साइकिल और जमीन-मकान के सौदे तय किए जाते हैं। माना जाता है धनतेरस पर जो भी चीजें घर खरीदकार लाई जाती है उसमें सालभर तेरह गुना की बढ़ोतरी होती है।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त
02 नवंबर को शुभ धनतेरस का त्योहार है। इस दिन सोना-चांदी के आभूषण खरीदने के लिए शाम 06 बजकर 20 मिनट से लेकर 08 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अगर सुबह के मुहूर्त पर विचार किया जाए तो सुबह 11 बजकर 30 मिनट से खरीदारी कर सकते हैं। लेकिन 02 नवंबर को राहुकाल के समय धनतेरस पर शुभ खरीदारी से बचें।
धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं
धनतेरस के दिन खरीदारी का महत्व होता है। इस दिन सोना, चांदी, पीतल की चीजें और झाड़ू खरीदना शुभ माना गया है। लेकिन धनतेरस पर ऐसी चीजें भूलकर भी न खरीदें जैसे- काले रंग की वस्तुएं, कांच, एल्युमीनियम और लोहे से बनी चीजें नहीं खरीदना चाहिए।
जनरल सेक्रेटरी दीपक प्रसाद ज्वाइंट सेक्रेट्री शेख वसीम ने बताया कि 29,30,31 9वी नेशनल ट्रेडिशनल रेसलिंग एंड पंक्रेशन कराटे चैंपियनशिप मे कुल 21 राज्यो की टीमों ने हिस्सा लिया जिसमें दंतेवाड़ा के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके तीन गोल्ड 3 सिल्वर और 5 ब्रांच मेडल प्राप्त कर दंतेवाड़ा का नाम रोशन किया संदीप साह 70 किलोग्राम वैट कटेगरी गोल्ड मैडल, आँचल कोट 45 किलोग्राम में गोल्ड और हेमंत विश्वकर्मा 54 में गोल्ड मैडल,बामनी 44 किलोग्राम में सिल्वर, रुद्र नेताम 38 किलोग्राम में सिल्वर,रोली मिडियामि 40 किलोग्राम में सिल्वर, उत्तम ठाकुर ने 47 किलोग्राम में ब्रोंज, विशाखा नाग ने 40 किलोग्राम में ब्रोंज, सत्यवती मरकाम 50 किलोग्राम में ब्रोंज, सुमन पोयम 45 किलोग्राम में ब्रोंज, ज्योति मुडामी ने 33 किलोग्राम में ब्रोंज और कोंडागांव से विवेक शोरी 85 किलोग्राम में गोल्ड ।
इन सभी ने खिलाड़ियों के उज्वल भविष्य की कामना की विधायक देवती महेंद्र कर्मा जी, अध्यक्ष तूलिका कर्मा जी , राधा साहू जी , D.S.P. परवेज कुरेशी जी, के .के. पानी जी, अर्जुन झा सर, T.I. आकाश मसीह सर, प्रह्लाद साहू सर, विकास देशमुख जी श्याम सिंह शोरी जी, M.D. नबी सर, प्रतिक देवांगन, राजीव शख्लानी, तरुण तिवारी जी, M.D. असलम, किशन प्रजापति इन सब ने आशीर्वाद देते हुए खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
जगदलपुर। सुकमा जिले की पशुधन विकास विभाग ने फिर एक बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को जमीनी स्तर पर किस प्रकार लाभांवित किया जाता है।उसका प्रदर्शन विभागीय प्रदर्शन में किया। राज्योत्सव के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने उपसंचालक डॉ. एस. जहीरुद्दीन व स्टाफ के कार्यों की सराहना किया और मुक्तकंठ से तारीफ की। छत्तीसगढ़ शासन पशुधन विकास विभाग द्वारा महत्वकांक्षी योजना नरूवा, गुरूवा, घुरूवा व बाड़ी योजना के अतंर्गत कलेक्टर विनीत नंदनवार के मार्गदर्शन में राज्योत्सव के उपलक्ष्य में पशुधन विकास विभाग द्वारा जिला सुकमा के शबरी ऑडिटोरियम के प्रांगण में विभागीय प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया जिसमें विभाग द्वारा चलायी जा रही योजना एवं लांभावित हितग्राहियों की जानकारी फैल्कस के माध्यम से प्रर्दशन किया । नेपियर घास, कड़कनाथ मुर्गी पालन, असील ब्रिड, अजोला टैंक जैसे योजनाओं से हितग्राहियों को होने वाले फायदे के बारे में भी अतिथियों को जानकारी दी। इसके साथ ही कृत्रिम गर्भाधान के उपकरण कृत्रिम गर्भाधान से लाभ एवं विभिन्न औषधियों का प्रदर्शन, चारा बीज का भी प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि रेखचंद जैन विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव, हरीश कवासी अध्यक्ष जिला पंचायत ,कलेक्टर विनीत नंदनवार एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया और विभागीय अधिकारियों की जमकर तारीफ की।
डॉ. एस. जहीरूद्दीन ने बताया कि मुख्य अतिथि द्वारा मादा वत्स पालन योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को 15000 रूपये का चेक प्रदाय किया जिसमे सेक्स शोटैंड सोमेन से उत्पत्र मादा बछिया को देखा और इसके पश्चात नर बकरा योजना अंतर्गत विभिन्न गाँव से आये 15 हितग्राहियों को चार हजार रूपये का चेक भी वितरित किए।मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रेखचंद जैन द्वारा प्रदाय किया एवं नर बकरा से उत्पत्र बकरियों का अवलोकन किया गया और इसकी प्रंशसा मुख्य अतिथि के द्वारा की गयी।
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के अंतर्गत 28 दिवसीय 45 चूजे चिपुरूपाल गौठान के सकरी एवं तुलसी दो स्व-सहायता समूह को एवं 20 हितग्राहियों को गौठान में रखने हेतु मुख्य अतिथि द्वारा प्रदाय किया गया। गौठान में चारागाह विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 80 चारागाह स्वीकृत किये गये है जो कि 241.50 एकड़ में 3लाख 25 हजार नेपियर रूट लगाया गया है, वर्तमान में यह घास कंटिंग के लायक हो गया है और पशुओं को कटिंग चारा खिलाने हेतु गौठान प्रबंधन समितियों को मुख्य अतिथि के द्वारा चाफ कटर प्रदाय किया गया। डॉ. एस. जहीरूद्दीन उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें जिला सुकमा के द्वारा मुख्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधि का अभार व्यक्त किया।
जगदलपुर। विधायक जगदलपुर एवम् छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव (नगरीय निकाय तथा श्रम विभाग) रेखचन्द जैन ने जगदलपुर, बस्तर सहित राज्य के सभी लोगों को धनतेरस और दीपोत्सव पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास तथा छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख शांति और समृद्धि की कामना की है।
जगदलपुर विधायक तथा संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कामना की है कि दीपावली का यह महापर्व सभी के जीवन में उजियारा लाए। श्री जैन ने कहा कि मुख्य्मंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ के विकास और जनता के हर वर्ग की खुशहाली के लिए निरंतर काम कर रही है। दीपावली के पहले किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त1510 करोड़81 लाख और गोधन न्याय योजना के तहत राशि का भुगतान कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीण जनता की दीवाली की खुशी दोगुनी कर दी है। संसदीय सचिव जैन ने कहा कि हमारी सरकार सभी लोगों की बेहतरी के प्रयास कर रही है। आइए हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ विकास का दीप प्रज्ज्वलित करें।
डौंडी – शराब ने रिश्तों की पहचान ही खत्म कर दी है. गांव की गलियों में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है | शराब के नशे में धुत पत्नी ने अपने ही पति को डंडे से पीट-पीट मार डाला | पति – पत्नी के बीच हुए मामूली विवाद में शराबी पत्नी अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाई और पति मन्नू नेताम को डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी | प्राप्त जानकारी के अनुसार डौंडी थाना क्षेत्र के ग्रामपंचायत सिंघोला के आश्रित ग्राम कंजेली में दिनांक 01 नवम्बर 11 बजे पति पत्नी में विवाद हुवा और पत्नी ने पति को मौत के घाट उतार दिया गांव के लोग खेत गए हुये थे और घर के लोग भी नही थे जिसके चलते मामला देर शाम ग्रामीणों को पता चला गांव में बैठक हुई तो पत्नी ने हत्या की घटना को कबूल लिया जिसके बाद देर शाम 7 ग्रामीण डौंडी थाने पहुँचे ओर जानकारी दी सूचना पर डौंडी पुलिस मौके पर पहुच पंचनामा कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी महिला सोनबाई नेताम से पूछताछ कर रही है ।
परिवार में 4 लोग थे, जिसमें पति-पत्नी औऱ दो बच्चे. बेटी बाहर रहकर पढ़ाई कर रही है. वहीँ वारदात के वक्त बेटा भी घर में नहीं था. दोनों भाई बहन काम से बाहर गए हुए थे. अब दोनों भाई बहन मां-बाप के बिना हो गए हैं. मां हत्या के आरोप में जेल चली गई है, जबकि पिता की मौत हो गई.
अवैध शराब ने पत्नी को शराबी बना दिय़ा. ऐसे में एक हंसता खेलता परिवार समाप्त हो गया | शराब के कारण ऐसे ही परिवार तबाह होते रहेंगे | क्या प्रशासन ऐसे ही तमाशा देखता रहेगा ???
अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर विकास, प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार, अंतिम छोर तक मूलभूूत संसाधनो की पहुँच और ग्रामीणों की संपन्नता सुनिश्चित करने शासन का प्रयास विगत दो वर्षों मेें सफल रहा है। बस्तर क्षेत्र और सुकमा वासियों की मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कैबिनेट मंत्री श्री कवासी लखमा के कुशल मार्गदर्शन से सुकमा जिला विकास के पथ पर अग्रसर है, जिससे निश्चित ही जिलेवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और सम्पन्न्ता आई है। प्रदेश के मुख्या किसानों और आदिवासियों के दर्द को, उनके जीवन के संघर्ष को भली भाँति जानते है, इसलिए सरकार बनने के बाद सबसे पहला फैसला मुखमंत्री श्री बघेल ने किसान भाईयों के हित में लिया। शाासन की मंशा हमेशा से ही आदिवासी जनता और उनके जल, जंगल, जमीन का संरक्षण और विकास रहा है, जिसके लिए निरंतर आदिवासी हित में नीतियाँ बनाई जा रही है। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के साथ ही गढ़बो नवा बस्तर और गढ़बो नवा सुकमा के संकल्प को पूरा करने का काम किया जा रहा है।
आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सुकमा में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेखचंद जैन, संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन ने सुकमावासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए यह बाते कहीं। उन्होंने कहा की आज प्रदेश में 52 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रहीं है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरे का पारिश्रमिक दिया जा रहा है, जो पहले केवल 2500 थी। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र के निवासियों की सुविधा के लिए नगद पारिश्रमिक भुगतान को शासन ने मंजूरी दी। सुकमा जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में निवास करने वाली जनता की मांग को पूरा करने के लिए शासन संकल्पित होकर कार्य कर रहा है, जिसके फलस्वरुप आज यहाँ बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर सड़क, वनोपज का सही दाम, मूलभत सुविधाओं का लाभ वनवासियों को मिल रहा हैं।
शबरी ऑडिटोकरयम में आयोजित कार्यक्र में जैन ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कहा कि शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों को सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने वन विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग, आदिवासी विभाग, सवास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग और मतस्य विभाग द्वारा शासकीय योजनाओं के प्रचार और उपलब्धियों को दर्शाने लगाई गई प्रदर्शनी के साथ ही जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाए गए फोटो प्रदर्शनी का अवलोन किया।
इस दौरान जिला कांग्रेस महामंत्री हेमू उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी, सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ साहू बस्तर जिला विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा नगरनार ब्लाक अध्यक्ष विरेन्द्र साहनी,इंटुक जिलाध्यक्ष नितिश शर्मा, अनिल जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सदस्य गण एवं कलेक्टर विनीत नन्दनवार, एसपी सुनील शर्मा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ की परम्परा और संस्कृति को मिल रही देश भर में पहचान- हरीश कवासी
इस अवसर पर राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हरीश कवासी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 35 वर्षों के कठिन आंदोलन का परिणाम है। पृथक राज्य के गठन से प्रदेश की संस्कृति, कला और बोली को पहचान मिली। जिसके उद्देश्य को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल मार्गदर्शन ने साकार किया है। बस्तर की परम्परा, आस्था और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए देवगुड़ी का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री कवासी लखमा की सोच, सुकमा जिले का विकास, यहाँ के निवासियों को खुशहाल जीवन देने की रही है, जिसे वे पूर्ण कर रहे हैं। सुकमा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिन जगहों पर डॉक्टर नहीं पहुँच पाते थे, शिक्षक नहीं पहुँच पाते थे, आज वहाँ अस्पताल का निर्माण कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही है, स्कूलों की स्थापना से बच्चों को शिक्षा मिल रही है। डॉक्टर आज किस्टाराम और गोलापल्ली में जाकर सेवाएं दे रहे है। सलवा जुडूम के दौरान बंद हो गए थे, अब जगरगुण्डा जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र के बच्चें भी उच्च प्रशासनिक पदों पर काबिज होगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प और प्रदेश के विकास से ही देश में लोगों का मान सम्मान बढ़ा है, हर समाज का विकास हो रहा है।
शासन की मंशानुरुप, जिलेवासियों के विकास के लिए जिला प्रशासन कर रही कार्य-कलेक्टर
कलेक्टर विनीत नन्दनवार ने अपने संबोधन में विगत ढाई वर्षों के दौरान सुकमा जिले में हुए विकास कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिले के आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सभी ग्राम पंचायतों में देवगुढ़ी निर्माण एवं जिर्णोद्धार का कार्य किया गया है। जिले में वर्षों से बन्द पड़े स्कूलों का पुनः संचालन कर शिक्षादूत के माध्यम से शिक्षा प्रदाय की जा रही है। वनों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों के अधिकारों को सुदृढ़ करने व्यक्तिगत वन अधिकार के साथ ही सामुदायिक वन अधिकार एवं सामुदायिक वन संसाधन पत्र प्रदान किया गया है। जिले के अंदरुनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्रदान करने सुविधा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिससे अब तक 21 हजार 681 ग्रामीणों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य कार्ड आदि सुविधाएं प्राथमिकता के तौर पर उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही उन्हांेने स्वास्थ्य एवं सुपोषण के क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के बारे में भी बताया।