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बस्तर प्रभारी मंत्री कवासी लखमा और नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप कबड्डी प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए

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भानपुरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत चपका और सोनारपाल, बनियागांव मे आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता का समापन छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री कवासी लखमा और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।इस अवसर विधायक चंदन कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में होना चाहिए।

जिससे कि खिलाड़ी जिला स्तर पर व प्रदेश स्तर पर अपना प्रदर्शन कर सके और अपने गांव का और क्षेत्र का नाम रोशन कर सके।  प्रतियोगिताओं को आयोजित करने के लिए मेरा हमेशा सहयोग रहेगा ।इस अवसर पर ग्रामीण जिलाध्यक्ष बलराम मौर्य, सोनारपाल सरपंच श्यामबती नेताम, कुंगारपाल सरपंच शंकर कश्यप, धनुरजय नेताम, नारायणपुर विधानसभा उपाध्यक्ष अभिषेक बाजपाई, भानपुरी युवा कांग्रेस अध्यक्ष अनिल बघेल, महेंद्र पाढ़ी, विधायक प्रतिनिधि सालिक बघेल,सहित सैकड़ों ग्रामवासी व खिलाड़ी गण उपस्थित

विहिप मातृशक्ति के प्रांतीय आहवान पर छ.ग.के सभी जिलो के अनुरूप बस्तर मे भी हुए दुर्गा चालीसा पाठ

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दिनांक 6 अक्तूबर 2022 जगदलपुर चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ होकर नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की आराधना हो गई। चैत्र नवरात्रि के समय में हम सब सनातनियो को दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए और पूजा के अंत में मां दुर्गा की आरती नियमित तौर पर करनी चाहिए। दुर्गा चालीसा में मां दुर्गा के पराक्रम, साहस और स्वरुप का गुणगान किया गया है।

मातृ शक्ति संयोजिका श्रीमती सरिता यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के समस्त जिले में दुर्गाष्टमी एवं महानवमी के पावन पर्व पर माताओं-बहनों के बीच जागरूकता का सन्देश दिया गया, दुर्गावाहिनी व मातृ शक्ति से जुड़ी बहनों ने अनेक स्थानों पर दुर्गा चालीसा का पाठ किया। विश्व हिंदू परिषद की मातृ शाखा दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति की स्थापना दुर्गाअष्टमी के दिन ही हुई थी। इस कारण बड़ी संख्या में दुर्गावाहिनी की कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर घर-घर से महिलाओं को एकत्रित करके विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति-दुर्गा वाहिनी जिला बस्तर के नेतृत्व में सम्पुर्ण हिन्दू समाज को एकता के सूत्र मे बांधते हुए जगदलपुर नगर समेत ग्रामीण प्रखण्ड मे पहुंच दुर्गा चालीसा पाठ, कन्या पूजन, महाआरती किया गयाl विजयदशमी के अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के दुर्गावाहिनी ने शस्त्र पूजा की। इस अवसर पर विधिवत शस्त्र पूजन विजय दशमी मे करने प्रेरित किया।शस्त्र पूजन का अर्थ होता है शक्ति की आराधना करना, नवरात्र के दिनों में शस्त्र पूजन कर शक्ति की आराधना की जाती हैlप्रतिदिन समय निकालकर आत्मरक्षा के लिए मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की बहनों को शस्त्र चलाने का अभ्यास करना चाहिए। जिस तरह से लव जिहाद नारकोटिक्स जिहाद, सम्पति जिहाद की घटनाएं बढ़ रही है, उसके लिए जरूरी है हर हिंदू बहनों को शस्त्र चलाना आना चाहिए। ।मातृशक्ति के जागृति का परिणाम ही विगत वर्ष राम नवमी मे जगदलपुर नगर मे प्रथम बार विशाल स्कुटी रैली निकाली गई, और ग्रामीण क्षेत्र मे साढ़गुड़ जैसे जगह मे विगत दिनों 4 गौ हत्यारे पकड़े गये, जिसमे गौ हत्यारों का विरोध निडरता पूर्वक कियाl दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति की कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को नशामुक्ति, संगठित रहकर बच्चों में संस्कार जगाने, धर्मांतरण रोकने, महिलाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस धार्मिक आयोजन मे प्रांत संयोजिका मातृशक्ति श्रीमती सरिता यादव, कल्पना सेठी जिला उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद,मातृशक्ति से गीता गुप्ता जिला संयोजिका, कुंभवती नायक जिला सह संयोजिका, श्रीमती सुनीता भदौरिया जिला संस्कार केंद्र प्रमुख ,श्रीमती शारदा सोनी जिला सत्संग प्रमुख श्रीमती सुनैना शुक्ला श्रीमती कांति पांडे, मिलन दीपिका, सूर्यकांता सोनी, सरवरी सोनी, दुर्गा वाहिनी से पूजा यादव प्रीति पांढ़ी ,चाहत ,हिना सीतामढ़ी श्रीमती अनु शर्मा, श्रीमती सुमित्रा श्रीमती आशा अग्रवाल, नीलम यादव श्रीमती नीलम जग्गी व समिति सदस्य , प्रखण्ड/ नगर के पदाधिकारी सदस्य गण उपस्तिथ थेl

बीएसपी फुटबॉल ग्राउण्ड में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ दशहरा समारोह

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राजहरा नगर का सबसे बड़ा दशहरा समारोह 5 अक्टूबर को बीएसपी फुटबॉल ग्राउंड राजहरा में सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति द्वारा संपन्न किया गया । इस समारोह के मुख्य अतिथि खदान के मुखिया मुख्य महाप्रबंधक समीर स्वरूप एवं विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दशहरा उत्सव समिति के संरक्षक बालमुकुंद सिंह एवं बृहस्पति सिंह ने की। उल्लेखनीय है कि यह दशहरा उत्सव विगत 50 वर्षों से, सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति द्वारा मनाया जा रहा है। प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी दशहरा ग्राउंड में बड़े पैमाने पर उमड़ी भीड़ ने इस समारोह का आनंद लिया ।दशहरा समारोह संपन्न करने की प्रक्रिया में समिति के सदस्यों श्री आर पी पांडे, एस के श्रीवास्तव, चेतन लाल साहू, आरती राम ठाकुर,जे गुरूवुलु, एवं केदार साहू द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया । इस अवसर पर रामलीला मंडली के रामदल की पूजा अर्चना का काम मुख्य अतिथियों द्वारा संपन्न किया गया ।

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इस बार बेहतरीन आतिशबाजी भी पेश की गई। जिसकी सभी ने भूरी भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि समीर स्वरुप जी ने कहा कि यह समारोह हमारे देश की गंगा जमुनी तहजीब की याद दिलाते हुए हमारी समृद्ध संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि दशहरा का यह समारोह देख कर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है, इस बीच उन्होंने दशहरा उत्सव पर अपने बचपन की यादें भी ताजा की और कहा कि दशहरा उत्सव के लिए बीएसपी से हर संभव सहयोग किया जाता रहेगा । विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर जी ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति का यह कार्य सराहनीय है, तथा दशहरा पर्व पर नगर की जनता को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि साल दर साल इस समारोह को और बेहतर बनाने के लिए मेरा सहयोग हमेशा बना रहेगा ।

कार्यक्रम में अतिथि के रुप में उपस्थित सी एस पी महोदय श्री मनोज तिर्की जी ने भी नगर की जनता को दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारे आपसी रिश्तों को भी प्रगाढ़ करते हैं । सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति की ओर से समारोह को संबोधित करते हुए समिति के महासचिव ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा की हमारी समिति विगत 50 वर्षों से नगर में दशहरा का आयोजन करती आ रही है, और अब तक हम इस परंपरा को कायम रख पाने में पूरी तरह सफल रहे हैं । उन्होंने कहा कि इस बार के दशहरा समारोह को और बेहतर एवं भव्य बनाने का प्रयास किया गया है। जिसमें व्यापारी संघ अध्यक्ष श्री गोविंद वाधवानी, ट्रक ओनर्स यूनियन के अध्यक्ष श्री अतिंदर सिंह, तथा नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर व अन्य सहयोगी सुदेश सिंह, संजीव सिंह, सर्वजीत सिंह बूटन, राकेश द्विवेदी, अश्विनी कुशवाहा, महेंद्र गुड्डू, सुजीत झा, श्रीजीत, सुमीत जैन सहित अनेक लोगों का महत्वपूर्ण सक्रिय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि नगर के तमाम प्रतिष्ठित लोगों अशोक बांबेश्वर, विवेक मसीह, स्वप्निल तिवारी,सुरेश जायसवाल, संतोष पांडेय, सुरेश ठाकुर ने भी समय-समय पर दशहरा की तैयारियों पर चर्चा की एवं कार्यक्रम की सफलता के लिये शुभकामनाएं दीं । इस तरह यह समारोह सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ है । आगे भी यह समारोह और विशाल एवं भव्य बनाने का प्रयास समिति द्वारा किया जाएगा । आज के समारोह में आकर्षक आतिशबाजी की गई एवं रावण के विशाल पुतले का दहन कर पूरे हर्षोल्लास के साथ दशहरा समारोह संपन्न किया गया ।

आभार प्रदर्शन करते हुए समिति के महासचिव ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि आज के समारोह को संपन्न करने में बीएसपी प्रबंधन, शासन प्रशासन, नगर पालिका परिषद, व्यापारी संघ अध्यक्ष, ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन, अन्य प्रतिष्ठित लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । जिसके लिए समिति उनको धन्यवाद ज्ञापित करती है। तथा कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले अतिथियों सभी नागरिक गणों एवं पत्रकार बंधुओं को भी समिति की ओर से बारंबार धन्यवाद प्रेषित है ।
ज्ञानेंद्र सिंह
महासचिव
सार्वजनिक दशहरा समिति दल्लीराजहरा।

अपनी ही जमीन पर गुमनाम है बस्तर का सपूत जकरकन भतरा

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  • बस्तर की नारी की अस्मिता की खातिर लड़ी थी अंग्रेजों से जंग
  • आदिवासियों और जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा के लिए आजीवन लड़ता रहा छोटे देवड़ा का सपूत
  • जकरकन भतरा के नाम पर होगा शासकीय महाविद्यालय बकावंड


अर्जुन झा-
जगदलपुर वह लड़ता था बस्तर की नारी की अस्मिता के लिए, वह लड़ता था बस्तर के आदिवासियों, जल, जमीन और जंगल की सुरक्षा के लिए, देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर वह अमर तो हो गया, लेकिन अमर होकर भी आज़ादी का वह योद्धा गुमनाम हो गया. बकावंड या फिर बस्तर के बाहर उस क्रांतिकारी का नाम शायद और कहीं नहीं जाना जाता. वजह साफ है कि आज़ाद भारत के कर्णधारों ने और आज़ादी का इतिहास लिखने वालों ने बस्तर के इस सपूत जैसे पचासों क्रांतिवीरों के साथ नाइंसाफी जो की है, उन्हें हासिये पर डाल जो रखा है. और तो और छत्तीसगढ़ की पाठ्य पुस्तकों में भी छत्तीसगढ़ के ही अमर सेनानियों को अब तक जगह नहीं मिल पाई है. ऐसे ही गुमनाम क्रांतिवीरों की फेहरिश्त में बस्तर की माटी के लाल जकरकन का नाम भी शुमार है.
महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे अमर सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष छेड़ा और अनकी राह पर हजारों लोग चल पड़े. उन्हीं में से एक हैं बस्तर जिले की बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा में जन्मे आदिवासी योद्धा जकरकन भतरा. सन 1910 के भूमकाल आंदोलन के नायक शहीद गुंडाधुर और डेबरी धुर के सहयोगी बनकर जकरकन भतरा ने इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई. उन्होंने जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों और वनवासियों के अधिकार के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का शंखनाद कर जोरदार मुहिम चलाई. श्री भतरा अंग्रेज अधिकारियों और सिपाहियों द्वारा क्षेत्र की मूल निवासी बहू बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ तथा उनका शोषण व उन पर अत्याचार किए जाने से भी बड़े नाराज थे. वे ऐसे कृत्यो का खुलकर विरोध करते हुए अत्याचारी अंग्रेजों को मार मार कर भागने लगे थे. इसके चलते वे अंग्रेजों की आंखों में खटकने लगे. श्री भतरा के मन में अंग्रेजों के प्रति नफरत कूट कूटकर भरी थी उन्होंने अंचल के लोगों के बीच ‘अंग्रेज बस्तर छाड़ा, अंग्रेज बस्तर माटी के छाड़ा ‘ का नारा बुलंद कर रखा था. अंचल के युवाओं के साथ मिलकर वे गांवों से अंग्रेजों को खदेड़ा करते थे. छोटे देवड़ा गांव के लोग जकरकन भतरा तथा भूमकाल आंदोलन की स्मृतियों को संजोए रखने के लिए हर साल 13 फ़रवरी को वृहद कार्यक्रम का आयोजन करते हैं.
भारी डीलडौल, तगड़ी खुराक
जकरकन भतरा उंचे पूरे और अच्छी कद काठी के थे. तीन – चार अंग्रेज सिपाही उन्हें काबू में नहीं कर पाते थे. अंग्रेज सिपाहियों के बड़े दस्ते ने जकरकन भतरा को आसना के जंगल में घेर कर पकड़ लिया. उन्हें रायपुर की जेल में डाल दिया गया. श्री भतरा को एक साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई. भारी डीलडौल वाले जकरकन भतरा की खुराक भी तगड़ी थी. वे 5 -6लोगों के बराबर का भोजन अकेले खा लेते थे. कारावास के दौरान उन्हें जेल मैनुअल के हिसाब से खाना दिया जाता था, जो उनकी खुराक के चौथाई हिस्से से भी कम होता था. इस बात को लेकर उन्होंने जेल में भी विद्रोह कर दिया.
योगदान को अब मिलेगा सम्मान
बस्तर की माटी के सपूत आज़ादी के दीवाने जकरकन भतरा के देश की आज़ादी में योगदान को अब मिलेगा सम्मान. आज़ादी के 75 साल बाद ही सही किसी ने तो सुध ली अपने इस क्रांतिवीर की. बकावंड के शासकीय महाविद्यालय को स्व. जकरकन भतरा के नाम पर समर्पित किया जाएगा. बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने बताया कि भतरा समाज, आदिवासी युवा छात्र संगठन एवं सर्व आदिवासी समाज की वर्षों पुरानी मांग रही है कि 1910 के महाभूमकाल आंदोलन के हीरो जकरकन भतरा के नाम पर ब्लॉक के किसी शासकीय प्रतिष्ठान का नामकरण हो. आदिवासी युवा छात्र संगठन से जुड़े छात्र नेता पूरन सिंह कश्यप ने प्रतिनिधि मंडल के साथ कई बार लखेश्वर बघेल से मुलाकात कर नवीन महाविद्यालय का नामकरण जकरकन भतरा के नाम पर रखने की मांग रखी थी. छात्रों और आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए लखेश्वर बघेल ने शासकीय नवीन महाविद्यालय बकावंड का नामकरण जकरकन भतरा के नाम करने की घोषणा की है.

जगतू माहरा के नाम नामकरण और सामाजिक भवन निर्माण के मुख्यमंत्री का आभारअनुसुचित जाति में जोड़ने फिर लगायेंगे गुहार

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जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कल जगदलपुर आगमन हो रहा है और इससे पूर्व बस्तर की माहरा समाज उनका अभिनंदन करेगी वहीं फिर एक बार अनुसुचित जाति में शामिल करने गुहार लगायेगा।
माहरा समाज के बस्तर जिले के पदाधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के माहरा समाजों के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं जिसके कारण ही बस्तर की सबसे पुरानी समाज माहरा समाज के पितृपुरुष जगतू माहरा के नाम पर ऐतिहासिक महत्व के स्कूल का नामकरण किया गया वहीं माहरा समाज के लिए कंगोली में जमीन आवंटित किया गया इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का समाज अभिनंदन करेगी वहीं पु:न माहरा समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल कराने के लिए गुहार लगाई जाएगी।

दल्ली राजहरा भाजपा मंडल अध्यक्ष की हुई घोषणा

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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय अरुण साव जी, संगठन महामंत्री माननीय पवन साय जी, संभागीय प्रभारी माननीय भूपेंद्र सवन्नी जी, जिला भाजपा बालोद के प्रभारी माननीय केदारनाथ गुप्ता जी की सहमति से भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष बालोद माननीय कृष्णकांत पवार जी ने वर्तमान भारतीय जनता पार्टी मंडल महामंत्री दल्लीराजहरा ” राकेश द्विवेदी जी” को भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष दल्ली राजहरा के पद पर नियुक्त किया है नियुक्ति पत्र सौंपते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्ण कांत पवार जी, जिला उपाध्यक्ष एवं

दल्ली राजहरा मंडल प्रभारी नरेश यदु जी, जिला कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह जी, जिला भाजपा कार्यालय प्रभारी लोकेश श्रीवास्तव जी सुजीत झा जी ने संगठन के कार्यों को नई उर्जा के साथ गति प्रदान करते हुए कार्य करने की कामना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओ सहित बधाई दी देवेंद्र जायसवाल /किशोरी साहू महामंत्री भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद सुचना:- राकेश यादव उपाध्य।

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भंडारे में शामिल हुए अमरीकी टूरिस्ट

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  • विधायक रेखचंद जैन ने किया था महा भंडारा प्रसाद का आयोजन
  • विधायक कार्यालय में लगे भंडारे में शामिल हुए मंत्री कवासी लखमा भी

जगदलपुर. नवरात्र एवं बस्तर दशहरा पर्व के अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन द्वारा महाभंडारा का आयोजन किया गया. भंडारा में अमरीका से आए पर्यटकों, विभिन्न राज्यों से पहुंचे साधु संतों समेत हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. प्रदेश के आबकारी एवं उधोग मंत्री एवं बस्तर जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने भी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करने में सहयोग दिया.

जगदलपुर के विधायक तथा नगरीय प्रशासन विभाग के संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने शहर के मां दंतेश्वरी मार्ग के मिताली चौक पर स्थित विधायक कार्यालय के सामने महा भंडारा का वृहद आयोजन किया था. जैन ने पूजा अर्चना कर भंडारे की शुरुआत की. बस्तर दशहरा देखने अमरीका से आए अनेक महिला एवं पुरुष पर्यटकों ने भी भंडारा स्थल पर स्वतः पहुंचकर श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया. देश के कोने कोने से पहुंचे साधुओं और हजारों नागरिकों ने भंडारा में शामिल होकर प्रसाद लिया. छत्तीसगढ़ के आबकारी एवं उद्योग मंत्री तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा भी पूजा अर्चना कर भंडारे में शामिल हुए. लखमा ने श्रद्धांलुओं को भोग प्रसाद वितरित करने में हाथ बंटाया तथा प्रसाद भी ग्रहण किया. भंडारा सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक अनवरत चलता रहा. इस पुण्य आयोजन में जैन के साथ उनके समर्थकों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने सहयोग किया.

जसगीत में झूमे अमरीकी

भंडारा स्थल पर पंडाल में साउंड सिस्टम में माता सेवा जस गीत भी बज रहा था. श्रद्धालु भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही सेवा जसगीत का भी आनंद उठा रहे थे. साउंड सिस्टम पर जैसे ही झूंपत-झूंपत आबे दाई…सातों बहिनिया ला संग म धर के लाबे ओ… जसगीत गूंजना शुरू हुआ, अमरीकी पर्यटक तालियां बजा -बजाकर झूमने और थिरकने लगे. वे विधायक रेखचंद जैन, अन्य जनप्रतिनिधियों तथा पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ नाचते हुए गोल गोल घूमने लगे. स्थानीय लोग जब जय हो जय हो के जयकारे लगा रहे थे तो उनका अनुशरण करते हुए अमरीकी पर्यटक भी जय हो जय हो बोलने लगे. यह दृश्य बड़ा ही मनभावन लग रहा था.

रत्नावली ने वासनिक को सुनाई छग के विकास की गाथा

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  • मुकुल वासनिक के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं भी दी


जगदलपुर. अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छ्ग शासन की सदस्य, महिला कांग्रेस कमेटी प्रदेश महासचिव एवं अनुसूचित जाति कांग्रेस कमेटी की प्रदेश उपाध्यक्ष, हिन्द सेना महिला ब्रिग्रेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अहमदाबाद लोकसभा की मुख्य कांग्रेस पर्यवेक्षक रत्नावली कौशल ने अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक को भूपेश बघेल सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास एवं राज्य वासियों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की गाथा सुनाई. वासनिक ने भूपेश बघेल सरकार की विकासपरक एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं की दिल खोलकर तारीफ की। रत्नावली ने वासनिक को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी.
कांग्रेस महासचिव रत्नावली कौशल ने वासनिक से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार की उपलब्धियों तथा जनता के समग्र उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी. कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अल्प समय में ही पिछड़े राज्य छत्तीसगढ़ को विकास के शिखर पर पहुंचा दिया है. राज्य की जनता के बीच विकास पुरुष एवं युवाओं के बीच कका के रूप में पहचान बना चुके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास किया है. बघेल ने नरवा, घूरवा, बारी, गरवा योजना चलाकर पारंपरिक कृषि संसाधनों को सहेजने तथा कृषि के लिए प्रभावी बनाने का सराहनीय कार्य किया है. इससे किसानों को सिंचाई सुविधा, जैविक खाद, सब्जी- भाजी उत्पादन महिलाओं को रोजगार आदि का भरपूर लाभ मिल रहा है। गोबर व गोमूत्र खरीद कर भूपेश बघेल सरकार ने हजारों परिवारों को न केवल रोजगार के साधन उपलब्ध कराए हैं, बल्कि कृषि के लिए जैविक खाद व कीटनाशक भी मिलने लगे हैं। गौदान योजना से महिलाओं व पशु पालकों को अच्छा लाभ मिल रहा है. राजीव गांधी किसान सम्मान योजना का अच्छा लाभ किसानों को मिल रहा है. रत्नावली कौशल ने वनवासियों, अजा, अजजा, अल्पसंख्यकों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों आदि के कल्याण के लिए भूपेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की भी जानकारी वासनिक को दी।
रत्नावली कौशल ने वासनिक के समक्ष छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को इतने प्रभावी ढंग से रखा कि श्री वासनिक ने सुश्री कौशल की नेतृत्व क्षमता को परखकर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही ।

बस्तर में भी है एक राजघाट

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धरोहर: गोल बाजार में दबा है बापू का भस्म कलश हेमंत कश्यप,

जगदलपुर वर्ष 1948 में महात्मा गांधी की शहादत के बाद उनके चिता की राख कलशों में भर लोगों के दर्शनार्थ देश के विभिन्न हिस्सों में भिजवाया गया था। ऐसा ही एक भस्म कलश 74 साल पहले बस्तर जिला मुख्यालय के जगदलपुर लाया गया था। यह कलश गोल बाजार में वर्ष 1948 से जमीन गड़ा है। लोग इसे बस्तर का राजघाट कहते हैं। पहले गांधीवादियों ने यहां झंडाचौरा बनवाया था। अब इस ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान देने ही जिला प्रशासन ने महात्मा गांधी की 10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करवाई है।जगदलपुर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व.बिलखनारायण अग्रवाल फरवरी 1948 के पहले सप्ताह में यह भस्म कलश दिल्ली से जगदलपुर लाए थे। यह कलश शहर मध्य गोल बाजार लोगों के दर्शनार्थ रखा गया था। जनदर्शन के बाद इसे इंद्रावती नदी में विसर्जित नहीं किया गया। पुष्पांजलि पश्चात एक गड्ढा खोदकर ससम्मान यहीं दबाकर ऊपर झंडाचौरा बना दिया गया।
महात्मा गांधी का यह भस्म कलश 74 वर्षों से गोल बाजार में झंडा चौरा के नीचे दबा हुआ है। यह विडंबना ही है कि बस्तर की 90 फीसदी आबादी अपने ही नगर के महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक स्थल से अनभिज्ञ है।
वर्ष 1998- 99 में तत्कालीन कलेक्टर प्रवीर कृष्ण ने उक्त स्थल को संरक्षित कर अहाता निर्माण कर गांधी उद्यान बनवाया था। बीते 30 वर्षों से स्थानीय गांधीवादी इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान देने तथा गांधी स्मारक के रूप में विकसित करने की मांग करते आ रहे थे। गोल बाजार स्थित गांधी उद्यान में महात्मा गांधी की 10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। इस प्रतिमा का अनावरण 17 अक्टूबर 2021 की शाम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है। इस ऐतिहासिक स्थल को छत्तीसगढ़ का राजघाट बनाने के उद्देश्य से कई कार्य योजनाएं प्रस्तावित हैं।
गांधी जयंती, स्वतंत्रता दिवस तथा 30 जनवरी शहीद दिवस पर माता रुख्मिणी सेवा संस्थान डीमरापाल के संस्थापक पद्मश्री धर्मपाल सैनी, आश्रम की छात्राएं व कई गांधीवादी यहां पहुंचते हैं। उक्त स्थल की सामूहिक रुप से साफ- सफाई कर झंडाचौरा में बापू को पुष्पांजलि अर्पित कर शांति पाठ और भजन करते हैं। गांधीवादियों का यह क्रम विगत 74 वर्षों से निरंतर जारी है। गांधी जयंती के अवसर पर रविवार की सुबह संस्थान के बच्चे तथा शिक्षक सबसे पहले शहीद स्मारक पहुंचे। यहां शहीदो को श्रद्धांजलि और गांधी प्रतिमा में माल्यार्पण के बाद गोल बाजार स्थित गांधी चौरा में पुष्पांजलि अर्पित कर गांधीजी का प्रिय भजन गाया।
भारत में बस दो जगह
पद्मश्री धर्मपाल सैनी बताते हैं कि भारत में सिर्फ दो स्थान ही ऐसे हैं जहाँ पर बापू का भस्म कलश अभी भी जमीन में दबा हुआ है। एक जगदलपुर के गोल बाजार में तथा दूसरा मध्यप्रदेश के धार जिला में नर्मदा किनारे धर्मपुर नामक स्थान पर। धर्मपुरवासी भी उक्त स्थल को राजघाट ही कहते हैं।

उलनार माँ भद्रकाली देवी मंदिर नवमी में माता भक्तो का उमड़ा जन सैलाब

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  • नवरात्री नवमी के अवसर में जस गीत भजन में झूम उठे भक्तगण – वातावरण हुआ भक्तिमय

बकावण्ड:- नवरात्रि नवमी के अवसर पर पुरे बस्तर क्षेत्र में भक्तिमय का वातावरण छाई है| वंही इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक प्रोगाम के माध्यम से भजन जस गीत का मधुर सुरमय संगीत का प्रस्तुति हो रही है|वहीं आपको बता दे कि बस्तर जिले के अंतर्गत बकावंड ब्लाक के ग्राम पंचायत उलनार में माँ भद्रकाली देवी मंदिर में नवरात्रि के नवमी में भक्तो का उमड़ा जन सैलाब और जस गीत भजन में झूम उठे भक्तगण – वातावरण हुआ भक्तिमय।

वंही नवरात्रि के नवमी दिन में विधि विधान से पूजापाठ कर व हवन कार्यक्रम किया गया| नव कन्याओं को श्रृंगार कर कन्याओं को भोग कराया गया,इन दिनों में पुरे क्षेत्र में भक्तिमय का वातावरण देखने को मिला |

इस मंदिर के पुजारी तुलसी राम बघेल ने कहा- “सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी ,२…कोई तेरा पार न पाया हो माता, मै आरती गाऊं मैया तोरी”

इस भद्रकाली देवी माँ की अद्भुत अनेक रूपों वाली आदि शक्तिशाली दयानिधि करुणामयी मैयां भवानी की निराली अपरंपार है| इस मंदिर में मुख्य द्वार सामने में शिवलिंग विराजमान है और माँ भद्रकाली व् दंतेश्वरी माता विराजमान है मेरे में कोई चमत्कारी नही है माताजी का देन है दरह्सल कई वर्षो से पूजा करते आया हूँ इस देवी माँ के प्रति अटूट विश्वास रहा है मुझ पर इसी विश्वास और उमीद के साथ आज श्रध्दा पूर्वक पूजा करते आ रहा हूँ यहाँ जो भी दुखियारी अपने मुरादे लेकर आते है उनके लिये भक्ति भाव से प्रार्थना कर चढ़ाया हुआ फूल या चांवल को भी जब जब दिया हूँ किसी वरदान से कम नहीं रहा है वह हर किसी का मंहते पूरा होते दिखा है वह ठीक होते भी दिखे है ऐसा ही माता रानी की महिमा है |साथ ही साथ इस मंदिर के लिये जमीन दान में दिया के०डी०सिंह भारती का इस मंदिर के साथ साथ हमेशा सुनहरे अक्षरों में उल्लेख किया जायेगा और सदियों तक याद व नाम आदरपूर्वक इस मंदिर के भक्तगण हमेशा लेते रहेंगें।

इस अवसर में क्षेत्र के ज्यौतधारी श्रद्धालुओं व भक्तगण एवं माँ भद्रकाली देवी मंदिर के युवा भक्तगण ने बड़ी संख्याओं में उपस्थित होकर नवरात्रि के नवमी का हर्षोल्लास के साथ विधि विधान से भंडारा कर समापन किया गया।

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