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जगदलपुर नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने शुरू की शानदार पहल

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  •  समस्या मुक्त कर्मचारी अब दे सकेंगे बेहतर सेवा
  • कर्मियों की समस्याओं के लिए शिविर अच्छी पहल

-अर्जुन झा-

जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर के आयुक्त हरेश मंडावी की पहचान एक प्रयोगधर्मी अधिकारी के रूप में बन गई है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर माह शिविर आयोजित करने का फैसला लेकर कर्मचारियों को जहां बड़ी राहत पहुंचाने की कोशिश की है, वहीं इसका लाभ अब सीधे तौर पर नगर के लोगों को भी मिलेगा। नौकरी से संबंधित समस्याओं से मुक्त कर्मचारी अब नगर में बेहतर सेवा दे सकेंगे।

नगर निगम जगदलपुर में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने निगम कार्यालय में समाधान शिविर लगाकर कर्मचारियों की समस्याओं को करीब से जाना, समझा और उन समस्याओं का समाधान करने का संबंधित विभाग के अधिकारीयों को निर्देश दिया। आयुक्त हरेश मंडावी के द्वारा निगम के नियमित, प्लेसमेंट वाले कर्मचारियों एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्यरत स्वच्छता दीदीयों की समस्याओं के निराकरण की दिशा में आयुक्त ने नई पहल की शुरुआत की है। यह निसंदेह सराहनीय पहल है। इससे जगदलपुर नगरीय निकाय में कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। छोटे कर्मचारी, जो सीधे तौर पर साफ सफाई, जल आपूर्ति, टैक्स वसूली समेत अन्य मैदानी कार्यों से जुड़े रहते हैं, वे अक्सर निजी समस्याओं से जूझते रहते हैं। ऐसे कर्मचारी निगम बड़े अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराने में संकोच करते हैं। इन सभी बातों को देखते हुए आयुक्त हरेश मंडावी ने कर्मचारियों के लिए समस्या समाधान शिविर आयोजित करने का क्रम शुरू किया है। इसकी बड़ी अच्छी शुरुआत हुई है और कर्मचारियों में संतुष्टि नजर आने लगी है। आयुक्त मंडावी ने पहले दिन खुद नगर निगम के कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत होकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को कर्मचारियों की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया। समस्या समाधान शिविर प्रत्येक माह लगाया जाएगा। पहले दिन प्लेसमेंट वाले कर्मचारियों ने अपनी पुरानी ईपीएफ राशि के संबंध में समस्या आयुक्त को सुनाई। वहीं स्वच्छता दीदियों ने भी अपनी समस्याएं आयुक्त के समक्ष रखी। कर्मचारियों ने अपनी पदोन्नति, रुके हुए वेतन व अन्य मसले समाधान शिविर में रखे।

दूर करेंगे सारी समस्याएं: मंडावी

आयुक्त हरेश मंडावी ने कहा कि नगर निगम में कार्यरत हमारे कर्मचारियों की कई समस्याएं हैं। हमारे कर्मचारी संकोच से अपनी छोटी -बड़ी समस्याएं अधिकारियों को नहीं बता पाते हैं। जिससे उनकी समस्याओं का निराकरण समय पर नहीं हो पता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आज एक दिवसीय समस्या समाधान शिविर का आयोजन निगम कार्यालय में किया गया। जिसमें उनकी समस्याओं से रूबरू होकर निराकरण संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। आयुक्त हरेश मंडावी ने कहा है किया हम सभी कर्मचारियों की सारी समस्याएं दूर कर नगर निगम में बेहतर कार्य वातावरण निर्मित करेंगे और शहरवासियों को उत्कृष्ट सेवा देंगे।

कश्मीर के आतंकियों की तरह बड़े ही घातक हथियारों से लैस हैं बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सली

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  •  एके 47, एसएलआर और इंसास, मशीन गन जैसे हथियार हैं इनके पास

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सलियों के पास दो देशों के बीच युद्ध में काम आने वाले हथियार उपलब्ध हैं। लाईट मशीन गन, एसएलआर, ग्रेनेड लांचर, एके -47, इंसास और थ्री नॉट थ्री रायफल जैसे हथियारों से लैस होने के बावजूद पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने टिक नहीं पा रहे हैं नक्सली। ऐसे ही हथियार पहले कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों के पास हुआ करते थे।

बस्तर संभाग में नक्सली पहले भरमार बंदूकों, सामान्य विस्फोटकों के दम पर पुलिस को निशाना बनाया करते थे, मगर जमाने में आए बदलाव के साथ उन्होंने भी अपनी लड़ाई का तौर तरीका बदल दिया है। लड़ाई का तौर तरीका ही नहीं बदला है, बल्कि पुराने जमाने के हथियारों की जगह नक्सली अब अत्याधुनिक मारक हथियार भी रखने लगे हैं। इस साल जनवरी से लेकर अप्रैल तक विभिन्न मुठभेड़ों में पुलिस और सुरक्षा बलों के हाथों लगभग सौ नक्सली मारे जा चुके हैं। इस अवधि में नक्सली ठिकानों और मुठभेड़ वाली जगहों से जो अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं, वे साबित करते हैं कि नक्सली अपनी मारक क्षमता लगातार बढ़ाते चले जा रहे हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने इस बात की तस्दीक की है कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध संचालित अभियानों के दौरान बस्तर रेंज में जहां 91 से अधिक माओवादियों के शव बरामद हुए हैं, वहीं अत्याधुनिक हथियार दो लाईट मशीन गन (एलएमजी), चार एके 47, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार थ्री नॉट थ्री राइफल, चार 9 एमएम पिस्टल सहित भारी मात्रा में अन्य आर्म्स एम्युनेशन, विस्फोटक सामग्री और नक्सल सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों से ग्रेनेड बम लांचर (जीबीएल) भी बड़ी मात्रा में बरामद हुए हैं। एलएमजी, जीबीएल, एके- 47, इंसास, एसएलआर ऐसे घातक हथियार हैं, जिनकी मारक क्षमता का कोई मुकाबला नहीं है। ये अपने टारगेट पर काफी दूर से सटीक निशाना लगाने में भी सक्षम होते हैं। इनकी जद में आने वाले किसी भी शख्स के बचने की संभावना जरा भी नहीं रहती। ऐसा नहीं है कि सिर्फ नक्सली ही अत्याधुनिक हथियारों से लैस हुए हैं, पुलिस और सुरक्षा बलों के पास भी असलहों की भरमार है। अत्याधुनिक हथियारों के मामले में पुलिस और सुरक्षा बल लगातार अपग्रेड होते जा रहे हैं। उनके पास आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जा रही है। यही वजह है कि अब जितनी भी मुठभेड़ें हो रही हैं, उनमें नक्सलियों को जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है। उनके लड़ाके लगातार मारे जा रहे हैं। इसकी बनिस्बत सुरक्षा बलों और पुलिस को बहुत ही कम क्षति पहुंच रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान बिना जनहानि के नक्सलियों को तबाह करते चले जा रहे हैं।

कहां से आ रहे घातक हथियार

जिस तरह से नक्सलियों के ठिकानों और मुठभेड़ वाली जगहों से अति घातक और मॉडर्न वेपन्स मिल रहे हैं, वह चिंता का सबब भी हैं। इस बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि नक्सलियों को आधुनिक दौर के ऐसे मारक हथियारों की आपूर्ति आखिर कहां से हो रही है? कौन हैं वो हथियार सप्लार जो नक्सलियों तक ये वेपन्स आसानी से पहुंचा रहे हैं। जबकि बस्तर संभाग के चप्पे चप्पे में पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और अन्य सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं। सूत्र बताते हैं कि पड़ोसी राज्य तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, ओड़िशा और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों के रास्ते बस्तर के नक्सली संगठनों तक हथियार पहुंच रहे हैं। इस बीच एक और सवाल उठता है कि पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के खुफिया तंत्र को इसकी भनक आखिर कैसे नहीं लग पाती। अगर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल नक्सलियों के सप्लाई चेन को तोड़ देते हैं तो छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

टेकमेटा-काकुर मुठभेड़ में मारे गए हैं दो बड़े नक्सली लीडर भी, अब तक 10 नक्सलियों के शव बरामद

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  •  दो की शिनाख्त डिवीजन कमांडर जोगन्ना और विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई
  • तीन महिला नक्सलियों के भी शव किए गए बरामद

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई पुलिस – नक्सली मुठभेड़ में पुलिस को कांकेर जिले की तरह ही बड़ी कामयाबी मिली है।मुठभेड़ के बाद मंगलवार देर शाम तक दस नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मारे गए नक्सलियों में तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं। इस एनकाउंटर में दो बड़े नक्सली नेता भी मारे गए हैं और उनके शवों की शिनाख्त हो गई है।

बस्तर संभाग के नारायणपुर एवं कांकेर जिलों के सीमावर्ती ईलाके में स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र के काकूर- टेकमेटा एवं परोदी के सरहदी भाग में मंगलवार को सुबह से चली पुलिस नक्सली मुठभेड़ में नारायणपुर जिला पुलिस बल को बड़ी सफलता मिली है। कांकेर जिले में जैसी कामयाबी मिली थी, लगभग वैसी कामयाबी अबूझमाड़ की मुठभेड़ में भी हासिल हुई है। ज्ञात हो कि प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू, डीवीसी सदस्य जोगन्ना, विनय उर्फ अशोक एवं उत्तर बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन, गढ़चिरौली डिवीजन के माओवादी कैडर के नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद 29 अप्रैल को नारायणपुर डीआरजी तथा एसटीएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग अभियान के लिए रवाना हुई थी। सर्चिंग के दौरान थाना सोनपुर क्षेत्र के टेकमेटा-काकुर के जंगलों में 30 अप्रैल को सुबह लगभग 6 बजे सुरक्षा बलों एवं माओवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई। 10 बजे तक लगातार रूक- रूककर माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच फायरिंग होती रही। फायरिंग का सिलसिला थमने के बाद शाम को की गई सर्चिंग में 3 महिला नक्सलियों सहित कुल 10 माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ स्थल से बरामद माओवादियों के शवों के शिनाख्त की कार्रवाई की जा रही है। मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से दो की शिनाख्त गढ़चिरौली डिवीजन कमांडर जोगन्ना एवं विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई है। इसकी तस्दीकी की जा रही है। मुठभेड़ स्थल से एके 47, इंसास रायफल सहित भारी मात्रा में आर्म्स एम्युनेशन एवं विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। माना जा रहा है कि अबूझमाड़ की मुठभेड़ में और भी नक्सली मारे गए हैं तथा कई नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कांकेर के हापटोला में हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है।

चार माह में 91 नक्सली ढेर

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि वर्ष 2024 में महज चार माह के भीतर अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध संचालित अभियानों के परिणाम स्वरूप बस्तर रेंज में कुल 91 माओवादियों के शव बरामद करने, अत्याधुनिक हथियार दो लाईट मशीन गन, चार एके 47, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार थ्री नॉट थ्री राइफल, चार 9 एमएम पिस्टल सहित भारी मात्रा में अन्य आर्म्स एम्युनेशन, विस्फोटक सामग्री सहित नक्सल सामग्री बरामद की गई है।

बृजमोहन अग्रवाल का चुनाव प्रचार कर रहे बस्तर के आदिवासी नेता मौर्य, कश्यप और बघेल

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  • जनजातीय समाज को साध रहे हैं तीनों नेता

रायपुर बस्तर के तीन बड़े आदिवासी नेता भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल के पक्ष में चुनाव प्रचार करने भाटापारा पहुंचे हैं। ये नेता जनसभा को संबोधित कर भारी मतों से भारतीय जनता पार्टी को जिताने की अपील कर रहे हैं। रायपुर लोकसभा सीट पर 7 मई को मतदान होना है। भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल और अजजा मोर्चा बस्तर के तीनों नेता बनवासी मौर्य, लच्छूराम कश्यप,नीलकुमार बघेल आदि जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। भीषण गर्मी और कड़ी धूप में भी सभी लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। इसी कड़ी में बृजमोहन अग्रवाल के साथ भाटापारा विधानसभा क्षेत्र के मोपका, चिचपोल, पाटन, धनेली, मोखफी, निपनिया आदि कई गांवों में जनसंपर्क किया।

सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी अपने शासकीय सेवा के अनुभव का सदुपयोग समाज के लिए करें: कलेक्टर विजय

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  • सेवानिवृत्त 21 कर्मियों को कलेक्टर ने दिए पीपीओ

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा है कि लंबी अवधि तक शासकीय सेवा देने के उपरांत सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी- कर्मचारी अपने शासकीय सेवा के अनुभव और सीख का सदुपयोग समाज के लिए करें। सभी शासकीय सेवक नौकरी के दौरान खुद के लिए, परिवार और समाज के लिए समय नहीं निकाल पाए होंगे, वे सेवानिवृत्त होकर स्वयं एवं परिवार और समाज के लिए समय दें। शासन-प्रशासन ने जिले के सभी विभागों से सेवानिवृत्त होने वाले सेवकों का ज्यादा से ज्यादा पेंशन से संबंधित प्रकरणों का समय पर निराकरण का प्रयास कोषालय और कोष लेखा पेंशन कार्यालय ने किया। लगातार ग्यारह माह में प्रशासन ने 400 से अधिक पेंशन प्रकरणों में सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने का कार्य किया है। इस मौके पर उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे शासकीय सेवकों के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की।

कलेक्टर ने मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में माह अप्रैल में सेवानिवृत्त हुए 21 शासकीय सेवकों को पेंशन प्राधिकार पत्र वितरण कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को पुष्पमाला एवं शाल श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। वहीं इन सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को पीपीओ पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी संजय सोनवानी ने बताया कि इस माह सेवानिवृत्त हो रहे 21 शासकीय सेवकों को पेंशन प्राधिकार पत्र जारी किए गए हैं। इस अवसर पर कार्यालय संयुक्त संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन से संयुक्त संचालक कमलेश रायस्त सहित जिला कोषालय के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त हो रहे शासकीय सेवक मौजूद थे। सेवानिवृत्त हो रहे शासकीय सेवकों ने अपने अनुभव साझा किए।

उतर आए तारे जगदलपुर की जमीं पर

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  •  नक्षत्र वाटिका के पौधे बताते हैं आपके ग्रह गोचर

जगदलपुर नक्षत्र वाटिका को नगर निगम ने सुव्यवस्थित तरीके से विकसित किया है। नक्षत्र वाटिका की खूबसूरती अब देखते ही बनती है। नक्षत्र वाटिका को नए सिरे से संवारते हुए उसका आकर्षक ढंग से सौंदर्यीकरण किया गया है।

वाटिका में राशि एवं नक्षत्र के हिसाब से पौधे लगाए गए हैं। नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी की पहल पर लालबाग स्थित नक्षत्र वाटिका को पुनः व्यवस्थित करते हुए नक्षत्र वाटिका में राशि एवं नक्षत्र के हिसाब से विकसित करते हुए वाटिका में आकर्षक लाइटिंग, अंदर पूरे सीसी सड़क का निर्माण, पीने के पानी की व्यवस्था, पौधों में आकर्षक पेंटिंग एवं लोगों के बैठने की भी समुचित व्यवस्था की गई है।साथ ही नक्षत्र वाटिका को संवारा गया है। नक्षत्र वाटिका में आकर लोग अपनी राशि व नक्षत्र अनुसार लगे पौधों से जानकारी हासिल कर सकते हैं। आयुक्त हरेश मंडावी ने बताया नक्षत्र वाटिका में 27 नक्षत्र एवं 12 राशियों के हिसाब से संबंधित पेड़ पौधे लगाए गए हैं। जिससे वाटिका में आने वाले लोगों को अपनी राशि व नक्षत्र के हिसाब से लगे पौधे से जानकारी प्राप्त हो सके। श्री मंडावी ने बताया कि नक्षत्र वाटिका को संवारने में नगर निगम प्रशासन ने कड़ी मेहनत की है। वर्तमान में नक्षत्र वाटिका में काफी संख्या में शहरवासी एवं सैलानी पहुंचने लगे हैं। लोग अपने नक्षत्र एवं राशि के हिसाब से लगे पौधों से जानकारी भी लेते हुए मॉर्निंग एवं इवनिंग वॉक करते हैं और वहां स्थापित कुर्सियों पर बैठकर सुकून के पल बिताते हैं।

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में एकसाथ 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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  •  आत्मसमर्पित नक्सलियों में 16 लाख के ईनामी पांच नक्सली भी शामिल

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सली उन्मूलन अभियान के दौरान डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ एवं कोबरा 202, 210 सीआरपीएफ 222वीं वाहिनी के संयुक्त प्रयासों के चलते और छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति से प्रभावित होकर 16 नक्सलियों ने 30 अप्रैल को बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, कमांडेंट सीआरपीएफ 222वी बटालियन विनोद मोहरिल, कमांडेंट कोबरा 202 अमित कुमार, कमांडेंट कोबरा 210 अशोक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स वैभव बैंकर, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।ये नक्सली अपने साथी नक्सलियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर यह कदम उठाया है।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में पीएलजीए बटालियन नम्बर 1 का सदस्य अरूण कड़ती ईनाम राशि – 8 लाख रूपए, माटवाड़ा एलओएस कमांडर एसीएम रमेश ऊर्फ मुन्ना हेमला 42 वांरट लंबित ईनाम राशि 5 लाख, आरपीसी सीएनएम कमांडर सुदरू पूनेम ईनाम- राशि 1 लाख,आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष पायकी कारम ईनाम राशि 1 लाख, मद्देड एरिया कमेटी एलजीएस सदस्य प्रमोद ताती ऊर्फ छोटू ईनाम राशि 1 लाख, पालनार आरपीसी मिलिशिया डिप्टी कमांडर पाकलू हेमला ऊर्फ परवेश, पालनार आरपीसी जन मिलिशिया सदस्य लक्ष्मण उरसा ऊर्फ मंगू उरसा, पालनार भूमकाल मिलिशिया सदस्य आयतू पूनेम ऊर्फ वरगेश, पालनार आरपीसी अंतर्गत डॉक्टर टीम सदस्य बुधराम पोटाम, पालनार भूमकाल मिलिशिया सदस्य बुधु ताती ऊर्फ गढडा, पालनार भूमकाल मिलिशिया सदस्य लक्खू ताती, जनताना सरकार सदस्य विद्या संस्कृति शाखा अध्यक्ष पोदिया कारम,

मद्देड़ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्य रमेश पुनेम, पालनार आरपीसी अध्यक्ष सुखराम हेमला ऊर्फ रामलू, पालनार भूमकाल मिलिशिया सदस्य सुक्कू लेकाम ऊर्फ मांझी, जनताना सरकार सदस्य सांस्कृतिक शाखा अध्यक्ष सुक्कू ताती ये सभी नक्सली बीजापुर जिले के गंगालूर, बासागुड़ा, मिरतुर थाना क्षेत्र के पुलिस पार्टी पर हमला, मार्ग अवरूद्ध करने, कैंप पर हमला करने, सलवा जुडूम कैंप पर हमला करने, ग्रामीणों की हत्या, विस्फोटक सामग्री सप्लाई, प्रेशर आईईडी ब्लास्ट जैसी विभिन्न घटनाओं में शामिल रहे हैं। नक्सलियों के संगठन में कार्यो की उपेक्षा करने एवं भेदभाव पूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर एवं छग शासन की आत्मसमर्पण नीतियों से प्रभावित होकर भारत के संविधान पर विश्वास रखते हुए इन नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया‌। आत्मसमर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रूपए की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

आज सभी मनाएं बोरे बासी दिवस: दीपक बैज

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जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के लोगों से श्रमिक दिवस के अवसर पर 1 मई को मजदूरों के सम्मान में बोरे बासी दिवस मनाने की अपील की है। मई दिवस की पूर्व संध्या जारी अपने संदेश में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि श्रमवीरों का सम्मान हम सबका नैतिक दायित्व है। प्रदेश में जब हमारी कांग्रेस की सरकार थी तब प्रदेश में मजदूर भाइयों को सम्मान देने के लिए हर साल 1 मई को बोरे बासी दिवस मनाने की परिपाटी शुरू की थी। इस दिन हर आम और खास लोग बासी खाते रहे हैं। लोग बासी खाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालते और सरकार एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजते थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस बार भी लोगों से बासी का स्वाद लेने और वीडियो शेयर करने की अपील की है। श्री बैज ने मेहनतकशों को श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं भी दी है।

बजरंगदल ने कोहकापाल के निर्माणाधीन टंकी में गिरे 3 गौवंश का किया रेस्क्यू

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जगदलपुर बस्तर जिले में गौवंश के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में बजरंगदल मवेशियों का रेस्क्यू कर उन्हें हैप्पी कामधेनु गौशाला में उचित उपचार हेतु भेजा है।

बजरंगदल जिला सह संयोजक मुन्ना बजरंगी ने बताया कि कोहकापाल से सूचना आई थी कि 3 गौवंश टंकी मे गिर गए हैं। जिन्हें बजरंग दल ने रेस्क्यू कर सकुशल बाहर निकाला। पूर्व में भी ऐसे मामले आए थे। मुन्ना बजरंगी ने लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों और निर्माण एजेंसियों से निवेदन किया है कि कहीं भी गड्ढों व टंकियों को खुला न छोड़ें।ताकि भविष्य में गऊ माता की हानि से बचा जा सके। इस कार्य में जिला सह संयोजक मुन्ना बजरंगी, रोहित झा, पवन राजा, मनीष सेन, शत्रुघ्न कश्यप, काशी चालकी, आदि, तरुण शेट्टी, एवं अन्य बजरंगी सहित हैप्पी कामधेनु के गौसेवकों ने योगदान दिया।

बस्तर संभाग में हापाटोला पार्ट-2 : अबूझमाड़ में मारे गए सात नक्सली, शव बरामद

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  •  मुठभेड़ में मारी गई हैं दो महिला नक्सली भी
  • एके 47 गन समेत भारी मात्रा में गोला बारूद मिले

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में हापाटोला पार्ट-2 का मंजर 30 अप्रैल को सामने आया। पखवाड़े भर के भीतर पुलिस और सुरक्षा बलों को एंटी नक्सल ऑपरेशन में दूसरी बार बड़ी कामयाबी मिली है। मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों समेत सात नक्सली मारे गए हैं और मुठभेड़ स्थल से एक एके 47 हथियार समेत भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किए गए हैं। आज की यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाके टेकमेटा और काकुर के जंगलों में हुई है।

सोमवार को डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम बस्तर संभाग के नारायणपुर जिला अंतर्गत अबूझमाड़ के जंगलों में एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकली थी। मुठभेड़ मंगलवार सुबह शुरु हुई, जो लगातार शाम तक चलती रही। दोपहर बाद तक सात नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके थे, जिनमें दो महिला सदस्य भी शामिल हैं। मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने इसकी पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक बस्तर के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में जवानों ने नक्सलियों को कई जगहों पर घेर रखाहै। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और एसटीएफ की टीमें अबूझमाड़ के जंगलों में मौजूद हैं। दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग चलती रही। इस एनकाउंटर में अब तक सात नक्सली ढेर हो चुके हैं। इस एनकाउंटर पर आईजी सुंदरराज पी. और नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार नजर बनाए हुए हैं। खबर है कि नक्सलियों को जवानों ने जंगल में कई जगह से घेर लिया है। खबर लिखने तक जवानों और नक्सलियों की मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक, नारायणपुर जिले में जवान नक्सलियों की मौजूदगी वाले इलाके में हैं। नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक अब तक सात नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं घटना स्थल से एके -47 जैसे घातक हथियार और भारी मात्रा में गोला बारूद तथा दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि नक्सलियों के हताहत होने का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। इलाके में सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। वहीं संबंधित क्षेत्र में सपोर्टिंग फोर्स भेजे जाने की भी खबर है।

यह दूसरी बड़ी सफलता

अबूझमाड़ की इस मुठभेड़ को हम हापाटोला पार्ट -2 इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पखवाड़े भर पहले ही सुरक्षा बलों को ऐसी ही बड़ी कामयाबी मिली थी। बस्तर संभाग के कांकेर जिला अंतर्गत छोटे बेठिया थाना के ग्राम हापाटोला व कलपर के जंगलों में इससे भी बड़ी मुठभेड़ हुई थी। तब वहां 29 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ के इतिहास में किसी मुठभेड़ के दौरान इतनी ज्यादा संख्या में नक्सलियों के मारे जाने की यह पहली घटना थी। सबसे बड़ी बात तो यह रही कि खुद नक्सली संगठन ने हापाटोला मुठभेड़ में मारे गए अपने साथियों के नाम उजागर किए थे। नक्सली महिला विंग आदिवासी महिला क्रांतिकारी संगठन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 27 मृत नक्सलियों के नाम बताए थे। कहा जा रहा है कि मंगलवार को अबूझमाड़ में हुई मुठभेड़ में भी मृत नक्सलियों की संख्या और भी बढ़ सकती है।

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