दल्लीराजहरा में बीएसपी माइंस के सोसाइटी में कार्यरत कर्मचारी प्रीतम सिंह पवार 44-45 वर्ष की मालगाड़ी की चपेट में आने से मृत्यु हो गई है | घटना आज दोपहर की है मालगाड़ी जब रिवर्स हो रही थी उसी समय मालगाड़ी की चपेट में कार्यरत कर्मचारी आ गया और यह हादसा हुआ | मृतक डौंडी का रहने वाला है एवं उसके 19 साल ओर 16 साल के 2 बच्चे है | घटना की जानकारी मिलते ही बी एस पी प्रबंधन में हड़कंप मच गया मौके पर सीजीएम तपन सूत्रधार एवं पुलिस पहुँच शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने वाले है |
दल्लीराजहरा – सम्यक बौद्ध महासभा दल्लीराजहरा द्वारा संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की पुण्यतिथि गरिमा व सादगी के साथ मनाई गई |
सर्वप्रथम प्रातः बाबा साहब आम्बेडकर के सम्मान में पंचशील झंडे को झुकाया गया जिसमे समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे तत्पश्चात संध्याकालीन कार्यक्रम के अंतर्गत बाबा साहब आम्बेडकर को सम्यक बौद्ध महासभा द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया जिसमे सम्यक बौद्ध महासभा के संरक्षक बाबूलाल बौद्ध, एस आर कांडे, अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर एवं महिला मण्डल की अध्यक्षा चंद्रलेखा नांदेश्वर ने डॉ.साहब के विचारों से अवगत कराते बताया कि संविधान निर्माण में बाबा भीम राव आंबेडकर ने अहम योगदान निभाया. बाबा भीमराव आंबेडकर को अपने शुरूआती जीवन में काफी भेदभाव का सामना करना पड़ा. उन्होंने तभी ठान लिया था कि वो समाज को इस कुरीति से मुक्ति दिलाने के लिए तत्पर रहेंगे.
डॉ भीमराव आंबेडकर का जन्म मध्यप्रदेश के महू में 14 अप्रैल सन् 1891 को हुआ था और 6 दिसंबर 1956 को उनका देहावसान हुआ था. हमें जो स्वतंत्रता मिली हैं यह स्वतंत्रता हमें अपनी सामाजिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मिली हैं. जो असमानता, भेदभाव और अन्य चीजों से भरी हुई है, जो हमारे मौलिक अधिकारों के साथ संघर्ष करती है।
समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर जी को नमन कर उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते कहा कि डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी ने कहा कि “स्वतंत्रता का अर्थ साहस है, और साहस एक पार्टी में व्यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है. शिक्षा महिलाओं के लिए भी उतनी ही जरूरी है जितनी पुरुषों के लिए | ज्ञान हर व्यक्ति के जीवन का आधार है.
अंत में डॉ बाबा साहब आम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष विवेक मसीह व समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा मोमबत्ती जलाकर व मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई |
जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के बैनर तले लाल पानी से प्रभावित किसान जो कि विगत कई वर्षों लगातार अपना विरोध प्रदर्शन करते आ रहे है | इसी कड़ी में अभी लगातार रोजाना आंदोलन कर अपनी जायज मांगों की ओर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते आ रहे जिसे जिला कलेक्टर बालोद ने भी स्वीकार किया है कि BSP प्रबन्धन को लाल पानी से प्रभावित किसानों को स्थाई रोजगार देना होगा यह आदेश 2019 में जिला कलेक्टर जिला कलेक्टर रानू साहू जी के द्वारा BSP प्रबन्धन को 2019 में दिया गया है लेकिन आज तक किसी को कोई स्थाई रोजगार प्रबन्धन की ओर से उपलब्ध नही कराई गई है।
कल दिनाँक 07/12/21 दिन मंगलवार को शाम 6 बजे स्थानीय प्रशासन की अगवाई में BSP माइंस ऑफिस पर त्रिप्क्षिय बैठक रखा गया, जिसमे प्रशासन की ओर से स्थानिय SDM मैडम प्रेमलता चन्देल (अनुविभागीय अधिकारी), स्थानिय CSP मनोज तिर्की (नगर पुलिस अधीक्षक), BSP प्रबन्धन की ओर से CGM माइंस एंड रावघाट, GM दल्ली माइंस, GM राजहरा माइंस, GM महामाया माइंस, DGM पर्सनल, AGM महामाया माइंस, Astt मैनेजर पर्सनल आई.ओ.सी., लाल पानी प्रभावित प्रतिनिधी में कॉमरेड महेंद्र कुमार कुलदीप, कॉमरेड जीत गुहा नियोगी, कॉमरेड बसन्त रावटे, कॉ.यादराम कोर्राम, कॉ. ईशवर निर्मलकर, कॉ. हुमान तुमरेकी, कॉ पवन विश्वकर्मा, कॉ ग्रिजित दुग्गा मौजूद थे, पर इस बैठक में कोई हल नही निकलने के कारण स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी SDM और CSP द्वारा दो दिन का समय मांगा गया तब स्थानीय SDM और CSP की बातों का सम्मान कर, यह निर्णय लिया गया कि दो दिनों तक के लिए आंदोलन को स्थगित किया गया।…
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने आज राजहरा खदान समूह के महाप्रबंधक नगर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा गार्डो का बोनस व सुरक्षा सामग्री दिलाये जाने की मांग की अपने ज्ञापन में जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि राजहरा खदान समूह में कार्यरत सुरक्षा गार्डों का ठेका M/s C.D.O. Security & Public help line द्वारा लिया गया है।
सुरक्षा गार्ड के कार्य में लगे सुरक्षा गार्डो को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। सुरक्षा गार्डों को पिछले कार्य का बोनस भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। जबकि दीपावली के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक खदान, द्वारा सभो ठेकेदारों व अधिकारियों के साथ बैठक लेकर सभी को निर्देशित किया गया था कि दीपावली के पूर्व सभी ठेकाश्रमिकों का बोनस का भुगतान कर दिया जाये। लेकिन ठेकेदार द्वारा मुख्य महाप्रबंधक खदान के आदेशों का पालन नहीं किया गया और आज तक सुरक्षा गार्डो का बोनस भुगतान किया गया है। जिससे दीपावली मनाने के लिए सुरक्षा गार्डों को कर्ज लेना पड़ा और ठेकेदार उन्हें उनका पैसा देने में आनाकानी कर रहा है और बीएसपी प्रबंधन मुकदर्शक बना हुआ है। चूंकि यह ठेका भिलाई से संचालित हो रहा है, जिसके कारण ठेकेदार स्थानीय अधिकारियों के आदेशों का पालन नही करते हुए अपनी मनमानी करता है। और भिलाई के अधिकारी राजहरा खदान समूह के सुरक्षा गार्डों की समस्याओं के समाधान के लिए किसी भी तरह का प्रयास करते नहीं दिखते हैं। संघ ने पहले भी लिखित अनुरोध प्रबंधन से किया था कि राजहरा खदान के सुरक्षा गार्डों का ठेका राजहरा से निकाला जाए,मगर बीएसपी प्रबंधन के अड़ियल रवैया के कारण पुनः भिलाई से ठेका निकाला गया और जिसका परिणाम सभी के सामने है।
ठेकेदार द्वारा निविदा शर्तो का पालन नहीं किया जा रहा है, वर्तमान में जो अभी नया ठेका प्रारंभ हुआ है ईस नये ठेके में सुरक्षागार्डो को जूता, टार्च, वर्दी, नेमप्लेट, लाठी, सीटी, नहीं दिया गया है, और बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों ने बीना किसी रोक-टोक के ठेकेदार को कार्य प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान कर दी और ठेकेदार बिना किसी सुरक्षा समाग्री के कार्य आरम्भ कर दिया है। जो बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है कि आप कंपनी के लिए कार्य कर रहे हैं कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए? पिछला ठेका भी इसी ठेकेदार के द्वारा संचालित हो रहा था, और उस समय भी सुरक्षा गार्डो को ठेकेदारों द्वारा उपरोक्त सुरक्षा सामग्री नहीं दी गई, बरसात के समय रेनकोर्ट और गमबूट भी नहीं दिया गया। सभी सुरक्षागार्ड अपने पैसों से सुरक्षा सामग्री खरीद कर अपनी अपनी ड्युटी किये थे। क्योकि उस समय कोविड संक्रमण चल रहा था, इसलिए सभी सुरक्षा गार्डो ने अपने अपने पैसों से सुरक्षा सामग्री मानवता के आधार पर खरीदे थे, इसलिए उन्हें पिछले कार्य में लिये गये सुरक्षा सामग्री की राशि का भी भुगतान ठेकेदार से कराया जाये।
अन्यथा संघ कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा जिसकी पुरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। निविदा के शर्तो के अनुसार सुरक्षा गार्डों को ड्युटी के लिए सुरक्षित जगह और कार्य स्थल पर बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करनी होती है। मगर ठेकेदार द्वारा किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की जाती है। कोविड सेन्टर में ड्युटी करते समय भी ठेकेदार ने सुरक्षा गार्डो के लिए कोई व्यवस्था नहीं किया था। ठेकेदार द्वारा सुरक्षागार्डो को सुरक्षा सामग्री और पिछले ठेके का बोनस का भुगतान अविलम्ब कराया जाये।
अंत में जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने कहा कि संघ आपसे निवेदन करता है कि स्थानीय प्रबंधन में से किसी अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए की और राजहरा खदान समूह में चल रहे सुरक्षागार्ड के ठेका के संचालन के लिए लिखित रूप से अधिकृत किया जाये। जिससे राजहरा खदान समूह के सुरक्षा गार्डों की समस्या के समाधान के लिए भिलाई के अधिकारियों पर निर्भर न रहना पड़े। और ठेकेदार से निविदा के शर्तों का पालन कराया जाये और साथ ही ठेकेदार का राजहरा के सुरक्षा गार्डो के बिल का भुगतान तब तक न किया जाये, जब तक राजहरा के लिए अधिकृत अधिकारी से ठेकेदार अनापत्ति प्रमाण पत्र न ले ले।और सुरक्षा गार्डों से सिर्फ सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी कराई जाए उन्हें ठेकेदार द्वारा सुपरवाइजर बना कर जो निविदा के शर्तो का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है उस पर तत्काल रोक लगाई जाए और अगर ठेकेदार को सुपरवाइजर रखना है तो अपने कंपनी से किसी को रखें । साथ ही संघ ने प्रबंधन से मांग की है कि जब केन्द्र सरकार ने सभी श्रमिकों को केन्द्रीय वेतनमान देने की घोषणा की है तो उसका लाभ राजहरा खदान के कार्यरत सुरक्षा गार्डों को भी अविलंब दिलाया जाए। और मुश्ताक अहमद ने कहा कि जिस तरह ठेकेदार गेटपास के नाम पर सुरक्षा गार्डों को आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज को जमा करने के लिए भिलाई बुलाया जा रहा है उस पर तत्काल रोक लगाई जाए और ठेकेदार को आदेशित किया जाए की स्वयं राजहरा आकर दस्तावेज लेकर जाएं या मेल या वाटस्अप में भेजें दस्तावेज को स्वीकार करें, सुरक्षा गार्ड बहुत कम वेतन पर नौकरी कर रहे हैं उस पर भिलाई आने जाने में अलग से खर्च करने में वो सक्षम नहीं है।ईस बात को भी प्रबंधन के अधिकारी गंभीरता से लेवे और उसका निराकरण करें।
🟪 बूथ स्तर पर युवाओं की टीम बनाने का रखा लक्ष्य सभी बूथों और पंचायतों में दिखेंगी युवाओं की टीम.
🟪 जिला यूँका अध्यक्ष के नेतृत्व में बूथ से पंचायत स्तर तक दवा कांग्रेस की बैठकों का दौर हुआ शुरू.
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. बी वी श्रीनिवास जी, छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष मा.पूर्णचंद कोको पाढ़ी जी के निर्देश पर बस्तर जिला युवा कांग्रेस प्रभारी/प्रदेश महासचिव मा. अशरफ हुसैन जी के मार्गदर्शन में बस्तर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष जीशान कुरैशी जी के नेतृत्व में बस्तर विधानसभा क्षेत्र के बस्तर एवं बकावण्ड ब्लॉक में दौरा कर युवाओ के साथ बैठक आहूत की। जिसमे उन्होंने आगामी 2023 को होने वाले विधानसभा चुनाव, 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए “1 बूथ 10 यूथ” का टारगेट ब्लाक अध्यक्षो को दिया एवं प्रदेश के जनकल्याणकारी योजनाएं को जन-जन तक पहुचाने का काम व दायित्व युवा कांग्रेस के हाँथों में जिससे प्रदेश की भूपेश सरकार की योजना पारा-पारा, घर घर, डगर-डगर तक पहुंचाने का संकल्प युवाओं ने लेकर बूथ स्तर तक अपनी टीम को मजबूत बनाने जिलाध्यक्ष ज़ीशान कुरैशी ने पंचायत स्तर पर बैठक लेकर मुहिम की कमान सम्भाली।
इस कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष अभिषेक डेविड, मधु निषाद, जिला महासचिव विक्की नायडू, संजय नाग,महेंद्र बघेल, मजहर खान ,जिला सचिव लखेश्वर, पिंटू यादव, विधानसभा अध्यक्ष रियाज खान, मनीराम बघेल, ब्लॉक अध्यक्ष द्वय राम्या राम, श्रवण बघेल, धनुजय बघेल, पूरन ठाकुर, महादेव बघेल, रूपेंद्र भंडारी, राजा, चितानंद, सुरेश, सोमन, त्रिनाथ, डेविड, लखिधर बघेल, डमरू नागेश, विमल विसाई, चितर, पदम्,महादेव, अमर व अन्य युवा कांग्रेस जन उपस्थित रहे….
छत्तीसगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार है दृढ़ संकल्पित – साहू
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप एवं नए पर्यटन नीति के साथ गढ़ेंगे छत्तीसगढ़ टूरिज़्म की व्यापक तस्वीर – साहू
रायपुर, 8 दिसम्बर 2021 छत्तीसगढ़ की खूबसूरती न सिर्फ देश के पर्यटकों को भा रही है, अपितु सात-समंदर पार विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर खींच ला रही है। ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के साथ प्राकृतिक विविधताओं से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ का पर्यटन देश में अपनी पहचान स्थापित करता जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप और पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म लगातार देश के पर्यटन के नक्शे पर उभर रहा है। पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में निजी निवेश एवं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नयी पर्यटन नीति तैयार की गयी है। छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए वेलनेस टूरिज्म, वाटर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म टूरिज्म को इसमें शामिल किया गया है। राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या को देखे तो विगत 3 साल में यहाँ लगभग ढाई करोड़ से अधिक पर्यटक आए। घरेलू पर्यटकों के अलावा 9000 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने भी छत्तीसगढ़ की खूबसूरती देखी।
भारत के हृदय स्थल में स्थित छत्तीसगढ़ प्राचीन स्मारकों, बौद्ध स्थलों, दुर्लभ वन्य प्राणियों, नक्काशीदार मंदिरों, राजमहलों, गुफाओं एवं शैलचित्रों से भी परिपूर्ण है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक हरे-भरे जंगल, जलप्रपात, झरने, विह्ंगम जलाशय सहित प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता को करीब से निहारने और यहां की संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों को समझने के साथ आदिवासी समाज के जनजीवन को जानने और उनकी कलाकृतियों को देखने का भरपूर आनंद पर्यटक उठाते हैं।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए अनेक पर्यटन इकाइयां संचालित की गई है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के बारे में पर्यटकों को सुलभ जानकारी उपलब्घ कराने तथा पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए व्यक्तिगत एवं टूर पैकेज के अन्तर्गत आरक्षण की सुविधा प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा नई दिल्ली सहित प्रदेश में 13 स्थानों पर पर्यटन सूचना केन्द्र स्थापित किया गया है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के बारे में अधिक जानकारी तथा पैकेज टूर एवं रिसॉर्ट बुकिंग के लिए कॉल सेन्टर (टोल फ्री नम्बर) 1800-102-6415 पर संपर्क किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ को अपमानित करने वाला पुरंदेश्वरी का थूकने वाला बयान भी मुद्दा
रायपुर/08 दिसंबर 2021। भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी डी.पुरंदेश्वरी के चुनावी दौरे पर प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि गुटबाजी में डूबी भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ के नेताओं से नगरीय निकाय चुनाव भी नहीं संभाला जा रहा इसीलिये राष्ट्रीय प्रभारी को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी की स्थिति पुरंदेश्वरी के मोर्चा संभालने से सुधरने के बजाय और बिगड़ेगी। छत्तीसगढ़ की जनता पुरंदेश्वरी के अपमानजनक बयान को भूली नहीं है। छत्तीसगढ़ को अपमानित करने वाला पुरंदेश्वरी का थूकने वाला बयान भी मुद्दा। भाजपा प्रभारी ने कहा था भाजपा के लोग थूक कर भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल को बहा देंगे। राज्य की स्वाभिमानी जनता भाजपा प्रभारी के इस बयान को पूरे छत्तीसगढ़ का अपमान माना था। भूपेश बघेल सिर्फ कांग्रेस के नेता नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में वे राज्य की पौने तीन करोड़ जनता के मुखिया भी है। पुरंदेश्वरी ने उनके बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग कर छत्तीसगढ़ की अस्मिता को ललकारा था। उसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा। भाजपा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पूरे मंत्रिमंडल के खिलाफ बेहद घटिया मानसिकता का परिचय देने वाली अपनी प्रभारी पुरंदेश्वरी के प्रभार में नगरीय निकाय चुनाव में करारी हार के लिए तैयार रहे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास इस चुनाव में उठाने के लिये कोई मुद्दा ही नहीं बचा। भाजपा के नेता नगरीय निकाय चुनाव में चुनाव लड़ने की औपचारिकता मात्र कर रहे है। होने वाले हार की जवाबदेही से बचने कोई भी भाजपा नेता निकायों में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार नहीं है, इसीलिये पुरंदेश्वरी और नितिन नवीन को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ रहा है ताकि उनके प्रत्याशी मतदान के पहले ही चुनाव मैदान से हार न जाये। जिस तरह से भाजपा पुरंदेश्वरी के मार्गदर्शन में शहरी इलाकों में वैमनस्य फैलाने की साजिश कर रही है, उसे जनता देख, सुन और समझ रही है। अब पुरंदेश्वरी चाहे जितना जोर लगा लें, नगरीय निकाय चुनाव में सभी जगह कांग्रेस का तिरंगा लहरायेगा।
शीतकालीन सत्र के दौरान इन दिनों कांकेर सांसद मोहन मंडावी जी निरंतर केंद्रीय मंत्रियों से भेंट कर अपने संसदीय क्षेत्र के साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर उन्हें अवगत करा रहे हैं। आज दिनांक 7. 12 .2021 को भारत सरकार के केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह जी से भेंट कर उन्हेंअवगत कराया की छत्तीसगढ़ राज्य बिजली के मामले में सरप्लस राज्य है ,जहां बिजली बिल में बेतहाशा की जा रही वृद्धि को लेकर उपभोक्ता अत्यधिक परेशान हैं। सांसद कांकेर मोहन मंडावी जी ने प्रत्येक गांव व घर में बिजली की पूर्ति हो इस बात से ऊर्जा मंत्री जी के सामने अपनी बात रखी।
कुसुमकसा — मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ने कुसुमकसा ,गुजरा ,चिखलाकसा धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर किसानों से चर्चा की ,मिथलेश निरोटी ने धान बिक्री करने आये किसानों से धान बिक्री करने के सम्बंध में चर्चा की तो किसानों ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की धान खरीदी की व्यवस्था व धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपये प्रति क्विंटल से खरीदे जाने पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किये ,मिथलेश निरोटी ने छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार की किसानों के लिए की जा रही जनकल्याण कारी योजनाओं की जानकारी दी |
मिथलेश निरोटी ने समिति प्रबन्धको से धान बिक्री के लिए किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना होने की बात कही ,धान खरीदी केंद्र में किसानों के पेयजल हेतु पानी की समुचित व्यवस्था की जानकारी ली |
धान खरीदी केंद्र गुजरा के समिति प्रबंधक भूखनलाल ठाकुर ने मिथलेश निरोटी को बताया कि 7 दिसम्बर तक 5476.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई है जिसमे मोटा धान1132.80 क्विंटल, पतला धान 3710 क्विंटल, सरोना धान634 क्विंटल है , 151 किसानों से खरीदे गए कुल धान 1,06,99,192 रुपयों की है जिसमे 36,26,186 रुपयों की ऋण वसूली की गई ,इस अवसर पर कुमानसिंह कुरेटी अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य , बोरकर सहित किसान उपस्थित थे |
पीएम आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में करीब साढ़े 7 लाख से ज्यादा मकान बनाए जाने प्रस्तावित थे. लेकिन राज्य सरकार की ओर से पैसा नहीं देने पर केंद्र ने इस प्रोजेक्ट को वापस ले लिया. बता दें कि पीएम आवास योजना के तहत बनाए जाने वाले मकानों के लिए केंद्र और राज्य क्रमश: 60 और 40 फीसदी राशि देते हैं. बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अपनी तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त की उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य सरकार का 40% प्रतिशत राशि उस योजना में लगता है तो प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम क्यों, साथ ही राज्य सरकार को मिलने वाली बकाया राशि को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि केंद्र यदि योजना प्रधानमंत्री के नाम पर तो 60:40 का अनुपात क्यों वह 90:10 का होना चाहिए, केंद्र सरकार ने अभी तक कांग्रेस की भूपेश सरकार का सेंट्रल एक्साइज हिस्सा नहीं दिया है तथा जीएसटी में लगातार कटौती कर रहे हैं यह लगभग 21-22 हजार करोड़ रुपए है, साथ ही कोयला में जो पैनाल्टी 4 हजार 140 करोड़ की थी, वह राशि भी आज तक नहीं मिली, मगर पहले तो यह योजना इंदिरा आवास के नाम की थी इन्होंने नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया. केंद्र सरकार राज्य का बकाया पूरा पैसा दें हमारी सरकार मकान बनाएगी लेकिन यह तभी होगा जब शासन के पास राशि होगी,
शर्मा ने बताया कि केंद्र का छत्तीसगढ़ सरकार पर यह आरोप है कि पीएम आवास में राज्य अपने हिस्से की राशि नहीं दे रहा, जिसके चलते गरीबों के लिए मकान नहीं बन पा रहे हैं. इसके जवाब में राज्य शासन के हवाले से कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री के नाम से है तो फिर इसमें 60:40 के हिसाब से राशि देने का अनुपात क्यों है पूरी सौ फीसदी राशि ही केंद्र सरकार को देनी चाहिए या यह अनुपात 90:10 का होना चाहिए. या फिर राज्यों को इस योजना का नाम रखने का अधिकार दिया जाना चाहिए मगर केंद्र की मोदी सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने गरीब जनता को गुमराह कर रही है और वोटों की राजनीति कर रही है राज्य की भूपेश सरकार अपने कर्तव्यों और दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है उन्हें भाजपा के नसीहत की जरूरत नहीं बल्कि केंद्र की मोदी सरकार अपने दायित्वों और कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन करें जिससे जनता जनार्दन का कुछ भला हो, श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली 2020, 2021-22 की राशि केंद्र सरकार ने नहीं दी है. छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार केंद्र सरकार से लगातार मांग करती आ रही है, इसके बावजूद केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ को पीएम आवास का पैसा नहीं दे रही, केंद्र सरकार के द्वारा तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि राज्य सरकार को दे, ताकि छत्तीसगढ़ के गरीब, मजदूर, बेसहारा व निःशक्तजनों को सर छुपाने के लिये घर नसीब हो सके।