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प्रदेश के आदीवासियों के साथ कांग्रेस ने किया छलःनपाध्यक्ष

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  • प्रदेश कांग्रेस के घोषणा पत्र पर लगाया वादाखिलाफी का आरोपःसोरी
  • कांग्रेस का इतिहास,मैं नही तो कोई नही,2023 आम चुनाव में कांग्रेस का जाना तय

दल्लीराजहरा डौण्डी,1 जूलाई नगर पंचायत अध्यक्ष सोमेश सोरी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा की कांग्रेस के टी एस सिंह देव कल तक भूपेश सरकार में असहज महसूस कर रहे थे जिसे प्रदेश की जनता भी देख व समझ रही थी कांग्रेस का इतिहास देख लिजिए मैं नही तो कोई नही का चलन केन्द्रीय स्तर से लेकर राज्य स्तर के नेताओं में देखने को मिल जाएगा। सोमेश सोरी ने आगे कहा की विधानसभा चुनाव में सर्व आदीवासी वर्ग ने कांग्रेस को 30 आदिवासी विधायक दिये बदले में कांग्रेस के केन्द्रीय व राज्य के नेता,मैं नही तो कोई नही के तर्ज पर आदीवासी विधायक को उप मुख्यमंत्री न बना कर विधानसभा चुनाव के आचार संहिता लागू होने से पहले टी एस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बना कर प्रदेश के आदीवासी वर्ग से छल किया है।

नगर पंचायत अध्यक्ष सोरी ने आगे कहा की प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने सभा में कहते है की प्रदेश में नए हितग्राहियों को आवास दिलाने केन्द्र से आग्रह करेंगे उन्होने मुख्य मंत्री से सवाल किया है की साढ़े 4 साल से उपर होने को है कांग्रेस को प्रदेश की सत्ता में स्थापित हुए इन साढ़े 4 सालों में पी एम आवास की सुध तक नही लिया गया राज्य सरकार के पास आवास योजना की राशि केन्द्र से आने के बाद भी इस योजना को फलिभूत नही करने के पश्चात आई हुई राशि वापस चली गई यही हाल बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने में किया गया। सोमेश सोरी ने कांग्रेस सरकार के और भी घोषणापत्र पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा की 60 की उम्र के उपर वालों को पेशन देने की घोषणा भी अधूरी है। प्रदेश के दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने की घोषणा महतारी सम्मान योजना विधवा पेशन योजना की घोषणा, दो वर्ष के धान का बकाया बोनस देने की घोषणा शराब बंदी का वादा कर भूपेश की कांग्रेस सरकार इन सभी घोषणाओं को भूल गई। उन्होने कहा की जिन आदीवासी समाज के बदौलत प्रदेश में कांग्रेस की सरकार स्थापित हुई है उसी आदीवासी समाज को कांग्रेस के राष्ट्रीय व राज्य के नेता हक छीन रही है।आदीवासियों के साथ शोषण व अन्याय करने वाली भूपेश सरकार साढ़े 4 वर्ष के कार्यकाल में आदीवासी वर्ग के लिए ऐसा कोई कार्य नही किया जिसे वह गिना सके। उन्होने कहा की 2023 के आम चुनाव में कांग्रेस का जाना तय है। साथ ही सोमेश सोरी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है की गाँव गाँव शहर के अंतिम व्यक्ति के घर घर दस्तक दे कर प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी व नकामियों को बताने का समय आ चुका है।

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मेडिकल कॉलेज से निकाले गए डीएमएफटी मद के 70 कर्मचारी

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  • स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने बहाली न होने पर उग्र आंदोलन की दी वार्निंग

जगदलपुर मेडिकल कालेज में कार्यरत डीएमएफटी मद के 70 कर्मचारियों को प्रबंधन ने सेवा से अलग कर दिया है। चर्चा है कि अब जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डीएमएफटी मद के कर्मचारियों को भी कार्य से निकालने की कार्यवाही की जाएगी। इससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस कार्यवाही को बस्तर जिले के आदिवासी कर्मचारियों के साथ अन्याय करार देते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। छ्ग स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष एवं बस्तर जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार ने कहा है कि ये कर्मचारी कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर अल्प वेतन में भी अपनी जान की परवाह किए बगैर स्वास्थ्य विभाग में कार्य कर रहे हैं। इन्हें अचानक कार्य से निकाल देने पर इनके परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। अजय प्रताप सिंह परिहार ने कहा है कि डीएमएफटी कर्मचारियों को यदि पुनः शासकीय सेवा में नहीं लिया गया, तो आगामी दिनों में डीएमएफटी कर्मचारियों के साथ संगठन उग्र आंदोलन करेगा। संघ ने बस्तर जिले के सांसद एवं विधायकों से आग्रह किया कि छोटे वर्ग के इन आदिवासी कर्मचारियों के पक्ष में सामने आएं और प्रबंधन के तुगलकी आदेश को वापस लेने हेतु कदम उठाएं। ताकि स्वास्थ्य विभाग का कार्य जनहित में सुचारू रूप से चलता रहे। श्री परिहार ने कहा है कि ऐसा न होने पर मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय तथा सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पूरी तरह काम बंद कर दिया जाएगा।

विधायक बघेल ने शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों का किया स्वागत

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  • सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को वितरित की साइकिलें

बस्तर विधानसभा क्षेत्र बस्तर के जननायक विधायक, मां हिंगलाजिन के परम भक्त एवं बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ब्लॉक मुख्यालय बस्तर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालय के प्रवेश उत्सव में शामिल हुए। बघेल ने नव प्रवेशित बच्चों को तिलक लगाकर शाला में प्रवेश दिलाया। छात्र – छात्राओं को निशुल्क गणवेश एवं कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्राओं को सरस्वती योजना के तहत निशुल्क साइकिल का वितरण किया। इस दौरान बच्चों को जब पता चला कि आज विधायक का जन्मदिन है, तो उन्होंने उनके साथ केक काटने की इच्छा जताई। विधायक ने बच्चों की इच्छा का सम्मान करते हुए तुरंत सहमति दे दी। फिर विद्यार्थियों ने केक काटकर विधायक लखेश्वर बघेल का जन्मदिन मनाया। आत्मानंद स्कूल की एक छात्रा ने जब अंग्रेजी में विधायक के स्वागत में बातें रखी, तो उपस्थित लोगों और लखेश्वर बघेल ने ताली बजाकर न छात्रा का उत्साह वर्धन किया।

बच्चों संग किया मध्यान्ह भोजन मनाया जन्मदिन

शाला प्रवेशोत्सव के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र छात्राओं के साथ जमीन पर बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। विधायक को अपने साथ भोजन करते देख बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। बच्चों ने केक काटकर बघेल का जन्मदिन मनाया और उन्हें बर्थडे विश किया।

छात्रा ने आईपीएस बनने मांगा आशीर्वाद

एक छात्रा ने विधायक से कहा कि आप मेरी कॉपी में हस्ताक्षर करते हुए यह लिख दीजिए कि मैं आईपीएस बन सकूं। छात्रा की बात सुनकर विधायक लखेश्वर बघेल अपने आप को रोक नहीं सके। उन्होंने छात्रा के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि मैं इस दुनिया में रहूं या ना रहूं, लेकिन यह आशीर्वाद देता हूं कि तुम्हारी आईपीएस बनने की तमन्ना जरूर पूरी हो। छात्रा के साथ विधायक की यह गुफ़्तगू लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान, जनपद पंचायत के सीईओ आरके कर, बीईओ अरुण कुमार देवांगन, बीआरसी राजेंद्र सिंह ठाकुर, दिनेश यदु, अमजद खान, गणेश बघेल, भृगु तिवारी, अनिल परिहार, रियाज खान, रामिया राम मौर्य, अंकित पारख, अनूप तिवारी, प्राचार्य तनुश्री महंती, पीआर लाऊत्रे, विष्णु यादव, धर्मेंद्र अगवानी, श्रीधर पांडेय, कृष्णा ठाकुर, अजंबर कोर्राम, कृष्णा बघेल, अलका पांडेय सहित बड़ी संख्या आमजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रवीणा पाल एवं शैलेंद्र तिवारी ने किया।

मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ग्रामीणों की उक्त समस्या को लेकर कलेक्टर से मुलाकात

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कुसुमकसा – ग्रामीण अंचलों में मोबाइल का टावर नही होने से ग्रामीण मोबाइल फोन का उपयोग गांव में नही कर पाने की समस्या को लेकर मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ने ग्रामीणों की उक्त समस्या को लेकर कलेक्टर बालोद से मुलाकात कर ग्रामीणों की मोबाइल टावर ना होने से होने वाली परेशानियों से अवगत कराते हुए ज्ञापन दिए, मिथलेश निरोटी ने बताया कि ग्राम किल्लेकोडा, भर्रीटोला 43, देवपाण्डुम, झरणटोला, धोबनी ‘अ ‘, गिधाली में मोबाइल टावर नही होने से ग्रामीणो मोबाइल का समुचित उपयोग नही कर पा रहे है ,ग्रामीणों को मोबाइल से बात करने के लिये कही ग्राम से बाहर निकलना पड़ता है तो कही छत पर चढ़ना पड़ता है ।ग्राम के अंदर फोन होने पर बाहर से फोन नही आता है । वही ग्राम के पढ़ने वाले बच्चों को मोबाइल का नेटवर्क ना होने के कारण मोबाइल से शिक्षा से सम्बंधित विभिन्न जानकारी नही मिल पा रही है । ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए उक्त ग्रामो में जल्द जियो कम्पनी का मोबाइल टावर लगवाने की मांग की है।

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दो माह के भीतर 35 मेला बाजार जात्राओं में पहुंचे विधायक जैन

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आदिवासियों की आस्था का दिल से सम्मान करते हैं संसदीय सचिव रेखचंद जैन

सभी गांवों के आदिवासी अपने चहेते विधायक पर लुटाते हैं प्यार

जगदलपुर सर्वधर्म समभाव के सिद्धांत पर चलने वाले संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन के दिल में क्षेत्र के आम लोगों व आदिवासियों के प्रति विशेष लगाव है। वे आदिवासी संस्कृति एवं जन आस्था का पूरा सम्मान करते हैं। सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में विधायक रेखचंद जैन की भागीदारी बराबर बनी रहती है। यही वजह है कि दो माह के भीतर श्री जैन अपने विधानसभा क्षेत्र की 35 मेला बाजार जात्राओं में शामिल हुए। बस्तर की पहचान यहां के गांवों में आयोजित होने वाले मेला मड़ई हैं। साल 2023 में होली के बाद के दो माह के भीतर जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र की 35 ग्राम पंचायतों में वार्षिक मेला मड़ई बाजार जात्राओं का आयोजन किया गया। विधायक जैन इन सभी जात्राओं में पहुंचे। उन्होंने वहां देवी देवताओं का आशीर्वाद लेकर एकत्रित जन समुदाय से कुशलक्षेम पूछा, उनकी समस्याएं सुनी तथा उन समस्याओं का निदान भी करवाया। मेला बाजार में पहुंचने वाले लोगों ने उन पर जमकर प्यार लुटाया। वे जहां भी पहुंचे ग्रामीण महिलाओं ने परघाकर उनका स्वागत किया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन के बीच उन्हें देव मातागुड़ी तक ले जाया गया। जैन ने इन आस्था केंद्रों में देवी-देवताओं की पूजा की, मेले में आए गुनिया, सिरहा, पुजारियों आदि से भेंकर अपनी धार्मिक मनोवृत्ति का परिचय दिया।

इन गांवों के मेला बाजारों में पहुंचे रेखचंद

बस्तर अंचल में होली के बाद वार्षिक मेला मड़ई और देवी जात्रा का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो लगभग दो माह तक चलता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने स्थानीय देवगुड़ियों व मातागुड़ियों के जीर्णोद्धार की ओर जिस समर्पण भाव से ध्यान दिया, वैसा कभी भी भाजपा शासनकाल के 15 सालों में नहीं हुआ। दो साल तक कोरोना महामारी की वजह से मेला मड़ई और देवी जात्रा का सिलसिला थमा रहा। इस साल क्षेत्र के सभी प्रमुख गांवों में दुगुने उत्साह के साथ यह आयोजन हुआ और विधायक रेखचंद जैन इन सभी गांवों के आयोजनों में शामिल हुए। जैन क्षेत्र के करनपुर, कावापाल, कोलेंग, नगरनार, बम्हनी, धनपूंजी, बालिकोंटा, धनियालूर, उपनपाल, कंगोली, बिलोरी, जीरागांव, आमागुड़ा, लालबाग आमागुड़ा, कवालीकला, पंडरीपानी, खूंटपदर, कालीपुर, कुम्हली, कोपागुड़ा नेगीगुड़ा, कुम्हारपारा, फिरंता बाजार, गरावंड कला, गरावंड खुर्द, लेंड्रा, मांझीगुड़ा, बिरिंगपाल, भेजापदर, कलचा, सिरहागुड़ा, कुलगांव, घाट पदमूर, धरमपुरा, कस्तूरी आदि गांवों में पहुंचे थे। बालिकोंटा, धनियालूर, उपनपाल व कंगोली में एक ही दिन मेला बाजारों का आयोजन हुआ था। इन चारों जगहों पर विधायक श्री जैन ने दोपहर से शाम तक शिरकत की।

सभी जगह हुआ आत्मीय स्वागत

विधायक जैन जिन जगहों के मेला – बाजारों में गए उन सभी जगहों पर उनका आत्मीय स्वागत हुआ। कई गांवों के मेला बाजारों और जात्रा में तो जैन तपती गर्मी के बीच अपने सहयोगियों के साथ पसीने से तरबतर होते हुए वे पहुंचे। गांवों को महिलाओं ने उनकी आरती उतारी एवं पंचायत प्रतिनिधियों व मेला प्रमुखों ने फूलमालाओं से उन्हें लाद दिया। युवाओं में उनके साथ सेल्फी लेने का क्रेज भी खूब नजर आया। विधायक ने किसी को भी निराश नहीं होने दिया। युवाओं के साथ सेल्फी ली तो बड़े-बुजुर्गों के साथ फोटो खिंचवाई। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान भी मौके पर किया।

हर गांव की विशिष्ट पहचान को सहेज रहे हैं विधायक बघेल

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  • देवगुड़ी और मातागुड़ियों में हर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही
  • ग्रामीणों ने एक दिन पहले धूमधाम से मनाया लखेश्वर बघेल का बर्थडे

बकावंड विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को सहेजने का बीड़ा उठायाहै। वे गांवों की देवगुड़ी एवं मातागुड़ियों का कायाकल्प तो करा ही रहे हैं, वहां तमाम सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं। विधायक लखेश्वर बघेल ने ग्राम दुबे उमरगांव के बालक छात्रावास में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया। जिला खनिज संस्थान मद के 11.56 लाख रूपए की लागत से यह कक्ष तैयार हुआ है। नवागुड़ा पारा में गांव गोसिन परदेशीन माता मंदिर का लोकार्पण बस्तर विधायक द्वारा किया गया। इस मंदिर के निर्माण के लिए खनिज संस्थान मद से 5 लाख रूपए कि स्वीकृति विधायक ने दी थी। दुबे उमरगांव के अलग- अलग समुदायों को उनकी मांग के अनुरूप विधायक की अनुशंसा पर बर्तन एवं अन्य सामग्री का वितरण किया गया। ग्रामवासियों ने विधायक बघेल का जन्मदिन एक दिन पूर्व कार्यकर्त्तााओं के साथ मनाया।

बघेल ने ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। बस्तर अंचल के हर गांव में एक देवगुड़ी है। गांव की एक विशिष्ट देवी या देवता हैं। पुजारी यहां हर खास मौके पर अनुष्ठान करते हैं। इन देव स्थलों के संरक्षण का बीड़ा बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने उठाया है। इस अवसर पर लखेश्वर बघेल कहा कि देवगुड़ी का निर्माण ग्रामवासियों की मंशानुरूप ही किया गया है। शासन की मंशा के अनुरूप देवगुड़ी में वे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे आदिवासी समाज के लोग एक स्थान पर एकत्रित होकर अपने अनुष्ठान या धार्मिक कार्य को बेहतर तरीके से कर सकेंगे। विधायक ने कहा कि आदिवासी हमारे देश की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति, लोक जीवन के संवाहक हैं। आदिवासी समाज आज भी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति को सहेजने में लगा हुआ है। आदिम सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 18 ग्रामीणों को वन अधिकार प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना के तहत वनाधिकार पट्टा दिए जाने से वन भूमि पर काबिज लोगों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार के संवेदनशील निर्णयों से वनपुत्रों को जंगल- जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है। वनभूमि के स्वामित्व को लेकर उनकी चिंता दूर हो गई है।श्री बघेल ने कहा कि आदिवासी बहुल बस्तर में देवगुड़ियों का बड़ा महत्व है। इन देवगुड़ियों में बैगा, गुनिया, पुजारी, मांझी को विशेष दर्जा प्राप्त है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार इन्हे राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत हर साल 7 हजार रुपए की राशि दे रही है। कार्यक्रम में फतेहसिंह परिहार, प्रेमशंकर शुक्ला, सरपंच रामया राम मौर्य, रूपेंद्र भंडारी, शोभा राम, केशबो मौर्य, लक्ष्मण सिंह, धर्मेंद्र ध्रुव, सुखराम, जितेंद्र तिवारी, राजेश कुमार, एवं समस्त कार्यकर्त्ता व ग्रामवासी उपस्थित थे।

शहरों में भी स्टार्ट अप उद्यमियों, महिला समूहों को मिलेंगे रोजगार के अवसर

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  • मुख्यमंत्री भूपेश ने किया अर्बन इंडस्ट्रीयल पार्क स्कीम का शुभारंभ

जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेवा पहुंच रही है आपके द्वार के तहत अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वर्चुअली 18 अर्बन इंडस्ट्रीयल पार्क (यूआईपीए) का शुभारंभ, 30 नई मोबाईल मेडिकल यूनिट, 44 नगर पालिकाओं में व 2 नगर पंचायत तों में मुख्यमंत्री मितान योजना का विस्तार किया। इस दौरान जगदलपुर के टॉउन हाल में आयोजित मुख्यमंत्री के लाइव कार्यक्रम में संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू,अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, नगर निगम एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, सुषमा कश्यप, पार्षदगण, जिला पंचायत के सीईओ प्रकाश सर्वे, आयुक्त नगर निगम श्री केएस पैकरा सहित गणमान्य नागरिक और निगम प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

लाखों रु. फूंक डाले, पर खड़का पंचायत में गोठान का पता नहीं

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  • दस्तावेजों में पूर्ण दर्शाकर पंचायत सचिव ने डकार लिए लाखों रुपए
  • गांव में आज तक शुरू नहीं हो सकी है गोबर की खरीदी

अर्जुन झा

बस्तर राज्य की भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं का किस तरह मटियामेट किया जाता है, इसका ताजा उदाहरण बस्तर विकासखंड की ग्राम पंचायत खड़का में देखने को मिला है। यहां गोठान योजना कागज पर चल रही है। गांव के पशु पालकों और महिला समूहों को गोठान और गोधन न्याय योजना का जरा भी लाभ नहीं मिल रहा है। इस योजना की आड़ में पंचायत सचिव और सरपंच अपनी तिजोरी जरूर भर रहे हैं।बस्तर जनपद पंचायत के अधीन ग्राम पंचायत खड़का के पंचायत सचिव की मनमानी और भर्राशाही के चलते गांव में गोठान योजना अब तक धरातल पर साकार नहीं हो सकी है। पंचायत के कागजी दस्तावेजों में ही गोठान संचालित हो रहा है। योजना के नाम पर सरकारी खजाने के लाखों रुपए फूंके जा चुके हैं, बावजूद गोबर खरीदी और जैविक खाद निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पंचायत सचिव ग्रहण लगाने पर आमादा हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत बस्तर जिले के गांव -गांव में गौठान निर्माण किया गया है। ज्यादातर गांवों में यह योजना सफलता पूर्वक संचालित हो रही है। महिला समूहों द्वारा गोठानों का संचालन और पशु पालकों से गोबर की खरीदी की जा रही है। गोबर से जैविक खाद गोठानों में ही बनाई जा रही है। इससे जहां पशु पालकों और किसानों को गोवंश के गोबर से अतिरिक्त आमदनी हो रही है और कृषि के लिए अल्प राशि में उत्कृष्ट जैविक खाद मिल रही है, वहीं स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी रोजगार और आय का बढ़िया जरिया मिल गया है। ग्राम पंचायत खड़का में इस योजना के तहत लाखों रुपए खर्च किए जा चुके हैं, किंतु गोठान निर्माण के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार के चलते योजना लगभग दम तोड़ चुकी है। ग्राम पंचायत खड़का में पंचायत सचिव की निगरानी में गोठान निर्माण के नाम पर दस प्रतिशत काम कराकर पूरी रकम हजम कर ली गई। खड़का में जंगल के बीच गोठान बनाने का काम शुरू किया गया था।सीमेंट का महज एक टैंक बनाकर छोड़ दिया गया है। मवेशियों के लिए शेड, केंचुआ पालन इकाई और खाद निर्माण हेतु टंकियों का निर्माण ही नहीं कराया गया है। मौके पर खस्ताहाल पड़ा टैंक, टूटी फूटी इंटें और थोड़ी सी रेत का ढेर भर नजर आ रहे हैं। तथाकथित गोठान में झाड़ियां उग आईं हैं और टैंक इन झाड़ियों के बीच छुप गया है। ग्रामीण बताते हैं कि यहां आज तक रत्तीभर भी गोबर की खरीदी नहीं की जा सकी है। जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों द्वारा मानिटरिंग नहीं की जाने से सचिव अपनी मनमानी करते आ रहे हैं। ग्राम पंचायत के अन्य निर्माण कार्यों में भी जमकर अनियमितता बरती गई है और जारी निर्माण कार्यों में भी यह सिलसिला चल रहा है। शासकीय राशि की गड़बड़ी धड़ल्ले से चल रही है।

बाजार में शेड निर्माण के नाम पर सजाया भ्रष्टाचार का बाजार

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  • डीएमएफटी मद से मिले 37 लाख रुपए की हुई जमकर बंदरबांट
  • ग्रामीणों को रोजगार देने के बजाय सरपंच ने ठेकेदार से कराया काम

बकावंड ब्लॉक मुख्यालय बकावंड में अधिकारियों की आंखों के सामने भ्रष्टाचार का खुला खेल खेला गया और अधिकारी मुंह मोड़े बैठे रहे। बाजार में शेड निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार का बाजार सजाते हुए जिला खनिज निधि न्यास (डीएमएफटी) से प्राप्त रकम की बंदरबांट कर ली गई। बकावंड ब्लॉक मुख्यालय के बाजार में शेड निर्माण के लिए जिला खनिज निधि न्यास से दो बार में कुल 37 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।निर्माण गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। यह काम ग्राम पंचायत बकावंड के माध्यम से कराया जा रहा है। सरपंच और पंचायत सचिव ने स्थानीय मजदूरों और राजमिस्त्रियों को सीधे काम न देकर पूरा निर्माण कार्य कराने की जिम्मेदारी एक ठेकेदार को दे रखी है। ठेकेदार ने भी यहां के मजदूरों को काम पर नहीं रखा। वहीं जो मजदूर लगाए गए, उन्हें भी बहुत ही कम मजदूरी दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने से शेड ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगा। उसके चंद दिनों में ही क्षतिग्रस्त होकर ढह जाने की संभावना है। ऐसे में बड़ी गंभीर घटना भी हो सकती है।ग्रामीणों ने कहा है कि बकावंड के सरपंच और सचिव ने कमीशन खाने के फेर में ठेकेदार के माध्यम से घटिया शेड निर्माण कराया है। अनेक ग्रामीणों और ग्राम पंचायत के माध्यम से सन 2020 से लेकर अब तक कराए गए सारे कार्यों की जांच कराई जाने पर करोड़ों रुपयों की गड़बड़ी सामने आएगी। 15वें वित्त, मूलभूत मद, बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण मद समेत अन्य मदों से विभिन्न कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में भारी गड़बड़ियां हुई हैं। विभागीय जिम्मेदार अधिकारी से शिकायत करने पर वे जांच के लिए डगमगा रहे हैं।जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहने को तो एसडीओ को निर्माण की जांच के लिए निर्देशित कर दिया है, मगर एसडीओ साहब कहते हैं कि बड़े बड़े कार्यों में छोटी मोटी गलतियां तो होती रहती हैं। इन पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इससे साफ जाहिर होता है कि भ्रष्टाचार के इस खेल में नीचे से ऊपर तक सब मिले हुए हैं।*वर्सन**

दे दिया है जांच का आदेश

जनपद पंचायत के सीईओ एसएस मंडावी का कहना है कि मैं आपको दो-तीन दिन में बता दूंगा कि जांच में क्या खामियां मिली हैं। मैंने एसडीओ ठाकुर को जांच के लिए कह दिया है। ठाकुर ने जांच रिपोर्ट अभी तक मेरे पास नहीं भेजी है।

एथलेटिस आर्चरी अकादमी एवं एक्सीलेंट सेंटर हेतु चयन 7 को

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  • क्रीड़ा परिसर धरमपुरा में सुबह 8.30 बजे से होगा बस्तर जिले के खिलाड़ियों का चयन ट्रायल

जगदलपुर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधीन गैर आवासीय, आवासीय अकादमी रायपुर एवं एक्सीलेंट सेंटर बिलासपुर में एथलेटिक एवं तीरंदाजी खेल के खिलाड़ियों को प्रवेश देने के लिए 7 जुलाई को प्रतः 8.30 बजे से क्रीड़ा परीसर धरमपुरा में टैलेंट सर्च प्रोग्राम के तहत बस्तर जिले के खिलाड़ियों का चयन ट्रायल आयोजित किया गया है। चयन हेतु प्रशिक्षक एवं अधिकारियों का दल रायपुर व बिलासपुर से जगदलपुर आएगा। 31 दिसंबर 2023 को जिन खिलाड़ियों की आयु एथलेटिक्स में 14 से 17 वर्ष एवं आरचरी में 12 से 16 वर्ष के मध्य हो चयन ट्रायल में भाग ले सकेंगें। खिलाड़ियों के चयन हेतु एथलेटिक्स में दोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त भारतीय टिम के पूर्व प्रशिक्षक जसविंदर सिंह भाटिया, हेड कोच बिलासपुर सेंटर पीजी जयकृष्णन एनआईएस कोच, सुदर्शन कुमार सिंह एनआईएस कोच, तीरंदाजी में निलेश गुप्ता एक्सीलेंस सेंटर बिलासपुर अनिल सिंह एसटीसी साई रायपुर एवं इतवारी राज तीरंदाजी प्रशिक्षक जगदलपुर उपस्थित रहेंगे। चयनित खिलाड़ियों बिलासपुर एक्सीलेंट सेंटर एवं रायपुर अकादमी में खेल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन खिलाड़ियों को शासन की ओर से आवास, भोजन एवं पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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