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अन्य पिछड़ा वर्ग की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री मेघवाले से की मुलाकात

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माँगो को लेकर सौपा पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ ने ज्ञापन

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ ने केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाले के बस्तर प्रवास पर उनसे सौजन्य भेंट कर अन्य पिछड़ा वर्ग की समस्याओं पर चर्चा की करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम मांग पत्र सौंपा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश साहू के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों के छग प्रवास पर अन्य पिछड़ा वर्ग की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसी तारतम्य में केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाले छग प्रवास पर जगदलपुर पहुचे हुए है। छग पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ के नेतृत्व में शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाले से सौजन्य भेंट कर अन्य पिछड़ा वर्ग की मांगों पर व्यापक चर्चा की गई। करीब एक घंटे तक चली चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाले ने कहा कि आपकी मांगे जायज है, और इसके लिए अवश्य प्रयास किया जाएगा। आपकी भावनाओं को प्रधानमंत्री मोदी जी को अवगत कराऊंगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ओबीसी की मांगों को लेकर ज्ञापनपत्र सौंपा गया। मांगों में प्रमुख रूप से मंडल कमीशन की रिपोर्ट को अक्षरशः छत्तीसगढ़ में लागू करते हुए ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करवाने, छग प्रदेश के बस्तर व सरगुजा संभाग में पांचवी अनुसूची अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग के स्थानीय मूल निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर (एनपीआर) में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से कॉलम निर्धारित करते हुए ओबीसी की राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना करवाने व ओबीसी की स्वतंत्र मंत्रालय बनाये जाने की मांग रखी है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ की मुलाकात करवाने की मांग की गई।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र साहू, प्रदेश महासचिव कारिया दीवान, जिलाध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़, जिला महासचिव मुकेश दीवान, देव लाल सोनवानी, कृष्णा ठाकुर दुलेनद्र सिंह धाकड़ दुलार सिंह धर्म सिंह नरसिंह ठाकुर गुलाब सिंह ठाकुर नरहरी ठाकुर, जगदीश माली, गुड्डू रामपाल यादव, अजय साहू, कमलेश सिंह धाकड़, विद्या सूर्यवंशी, नारायण धाकड़, सुमन यादव, शेर सिंह सेठिया, परमानंद पटेल, गदाधर बैध, जोगेश्वर ठाकुर, मुंशी पेगड़ ,पालन साहू, हरीश साहू, बलराम यादव, रोहित यादव, बावला यादव, प्रमोद यादव, गिरीश बिसाई, अर्जुन सेठिया, दीपक गुप्ता, प्रहलाद दीवान व ओबीसी समुदाय के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।

विधायक चंदन कश्यप ने सरस्वती साइकिल योजना में हुए शामिल

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भानपुरी l ब्लॉक में पढ़ाई में दूरी की बाधा दूर करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी योजना सरस्वती साइकिल योजना अन्तर्गत शनिवार को शास.उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांदलापाल .व कुंगारपाल में  निशुल्क साइकिल का वितरण किया गया। मुख्य छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष व नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप 43 बालिकाओं को निशुल्क साइकिल वितरण कर उनके उज्जवल भविष्य के लिये प्रोत्साहित किया। स्कूल में अध्ययनरत बालिकाएं विधायक के हाथों साइकिल पाकर काफी खुश नजर आए। विधायक ने इस अवसर पर कहा कि पहले ग्रामीण अंचल की बहुत सी लड़कियां स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाती थी, परंतु शासन की योजना से अब बालिकाओं को दूरी की समस्या नहीं रह गई है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए समुचित शिक्षा के साथ साथ अन्य जरूरी कदम उठाने एवं कोई भी समस्या होने पर सीधे संपर्क करने को कहा,साथ ही उन्होंने शिक्षकों को भी प्रोत्साहित किया।

भानपुरी ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष अनिल बघेल. कुंगारपाल सरपंच शंकर कश्यप. सोनसिंह कश्यप. डमरू कश्यप, लछी कश्यप, अर्चित कश्यप, कमलू. पूरन मौर्य, घसु कश्यप, रघुनाथ कश्यप, सामु कोर्राम, चेरंगा कश्यप, हीराराम बघेल दुकारू कश्यप, सोसल मीडिया विधायक प्रतिनिधि  विक्की कश्यप कार्यकर्ता  शिक्षक बच्चे अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

मंत्री कवासी लखमा के अशोभनीय बयान पर भाजयुमो भानपुरी ने किया पुतला दहन

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पीएम मोदी पर आपत्तिजनक बयानबाजी करना कांग्रेस की संस्कार को दर्शाती है:- वेदवती कश्यप

भानपुरी/जगदलपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा के द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल भानपुरी ने कवासी लखमा मुर्दाबाद के नारे लगाकर भानपुरी मुख्य चौराहे में आक्रोश पूर्वक पुतला दहन किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने कहा की प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के ऊपर आपत्तिजनक राजनीतिक बयानबाजी करना संस्कार को परिलक्षित करती है, प्रधानमंत्री भाजपा, कॉग्रेस का नहीं बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है, प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। पुतला दहन में खितेश मौर्य, अर्जुन कश्यप, कुलेश्वर कश्यप, शेख अब्बास, शेख सिराजुद्दीन, गौरव कश्यप, भाजयुमो अध्यक्ष तुलसी कश्यप, महामंत्री रामप्रसाद मौर्य, भागीरथी मौर्य ओमप्रकाश कश्यप, भूपेंद्र दिवान, केवल दिवान, घस्सू मौर्य टाकेश पटेल, अभिषेकराव, सीबू, जागेश्वर कश्यप, नरपति कुंजाम, शंकर नाग, नरेंद्र बंछोर, पवन वैध, निखिल पांडे, रितेश तिवारी, रोमू ठाकुर, रफिक खान, गोविंद, सुधीर तिवारी व पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बस्तर सांसद व चित्रकोट विधायक ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को नि:शुल्क 445 साइकिल वितरण किया गया

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सरस्वती सायकल योजना शिक्षा के क्षेत्र में वारदान साबित हो रहा – साँसद बैज

आज बस्तर सांसद दीपक बैज एवं चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम मुख्यमंत्री साइकिल वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और बास्तानार विकासखण्ड के 149 छात्राएं व तोकापाल विकासखण्ड के 296 छात्राएं कुल 445 छात्राएं को सायकल वितरण किया।साइकिल की चाबी मिलते ही बच्चियों के चेहर खिल उठे।

वही विधायक व सांसद ने दो विकलांग छात्र सोहन कुहरामी पिता विज्जो कुहरामी कक्षा पहली प्राथमिक शाला मासापारा संकुल केन्द्र बड़े बोदेनार एवं बामन बेंजाम पिता स्व.गुलोड़ी कक्षा छटवीं माध्यमिक शाला परलमेटा संकुल बास्तानार को ट्राई सायकिल भी दिया जिससे उनकी शिक्षा एवं भविष्य सुनहरा हो सके।

इस अवसर पर सांसद ने अपने उद्बोधन में कहा पहले कई बेटियां स्कूल दूर होने के कारण पढ़ाई छोड़ देती थी,लेकिन इस योजना से ऐसी बेटियां फिर से स्कूल की तरफ आने लगी हैं। सरस्वती सायकल योजना छात्राओं के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने में आज वरदान साबित हो रही है।

विधायक बेंजाम ने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाली बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानियों को देखते हुए घर से स्कूल तक की दूरी कम करने साइकिल प्रदान की जा रही हैं। आज प्रदेश भर में छात्राएं साइकिल से घर से स्कूल तक की दूरी को आसानी से तय कर लेती हैं,निश्चित ही उनके लिए लाभदायक होगी। विधायक बेंजाम ने आगे कहा कि बेटियां समाज का भविष्य है,इन्हें जरूर पढ़ाये उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भविष्य में अपना एक अलग नाम बनाएं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। इस दौरान सांसद,विधायक,सहादेव नाग,रुकमणी कर्मा, बि ई ओ, ए बी ओ, बि आर सी के,समस्त प्रिंसीपल ब्लॉक तोकापाल के शिक्षक एवं छात्रायें उपस्थित रहे।

बैलाडीला के पहाड़ियो से डस्ट के नाम पर लौह अयस्क की तस्करी, तीन ट्रक जब्त

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जगदलपुर । कंपनी के अनुबंध के आड़ में बैलाडीला के पहाड़ियों से डस्ट के नाम पर छोटे स्तर के लोह अयस्क जिसे आलू माल के नाम से जाना जाता है जिसकी तस्करी करते हुए वन विभाग की टीम ने तीन ट्रक को जप्त किया है । लौह अयस्क से भरी ट्रक को वन विभाग के परिसर में रखा गया है । वन विभाग के अधिकारी यह हवाला दे रहे है कि जांच के बाद वाहन पर राजसात की कार्रवाई की जायेगी । प्रथम दृष्टिया यह लौह अयस्क वन क्षेत्र से अवैध परिवहन होना पाया गया है । जब्त लौह अयस्क अर्सेलर मित्तल कंपनी की पर्ची पर रायपुर आरती स्पंज कंपनी को अवैध ढंग से परिवहन किए जाने का वन विभाग ने खुलासा किया है । कर्मचारियों ने बताया कि डस्ट परिवहन के नाम पर अर्सेलर मित्तल कंपनी के पर्ची पर रायपुर के एक स्पंज कंपनी को अवैध ढंग से लौह अयस्क परिवहन की बात कही जा रही है ।

खबर है कि मित्तल कंपनी के अधिकारी अपना बचाव करने जोड़तोड़ में लगे है । दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला के पहाड़ियों से अवैध ढंग से लौह अयस्क उत्खनन कर माफियाओं के द्वारा तस्करी किए जाने की जानकारी आये दिन प्रशासन को मिलती है लेकिन अब तक उन तस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से लौह अयस्क तस्करों के हौसले बुलंद है । खनिज विभाग की उदासिनताः दंतेवाड़ा जिले से अरबो के लौह अयस्क उत्खनन का कार्य किया जाता है जहां पदस्थ खनिज विभाग की उदासिननता के कारण रोजाना लौह अयस्क के उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है और विभाग को खबर तक नहीं । ऐसे अधिकारियों पर भी लौह तस्करों से सांठगांठ होने की बात सामने आने लगी है । वन विभाग ने तीन टुक किया जब्तः कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैलाडीला की पहाड़ियों से बचेली वन परिक्षेत्र के गुमियापाल इलाके से डस्ट के नाम पर छोट स्तर के वन विभाग मामले के लिपापोती में जुटाः खबर है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने तीन ट्रको को अवैध लौह अयस्क परिवहन मामले में जब्त कर अपनी जिम्मेदारी तो निभा दी है खबर है कि जिम्मेदार अधिकारी 00 लौह अयस्क का अवैध परिवहन किए जाने की सूचना विभाग को मिली थी । वन विभाग की टीम 19 अप्रैल को लौह अयस्क से भरी तीन ट्रक को वनोपज जांच नाका पातररास से जब्त किया । उक्त तीनों ट्रकों को वन विभाग के परिसर में जब्त कर रखा गया है ।

आलू माल क्या है ? : जानकारों की माने तो बैलाडीला के पहाड़ियों के आसपास छोटे स्तर के लोहा पत्थर पाये जाते जिसका आकार आलू की तरह होता है इसलिए इसे आलू माल के रूप में जाना जाता है । इस आलू माल पर लौह अयस्क तस्करों के नजर होती है ऐसे तस्कर डस्ट के परिवहन के नाम पर आये दिन छोटे आकार के लोहा पत्थर की तस्करी कर स्पंज आयरनो तक पहुंचाकर शासन को करोड़ों के राजस्व का चुना लगा रहे है जिसमें खनिज विभाग के मिलीभगत होने की खबर है । अर्सेलर मित्तल कंपनी के पर्ची पर परिवहन : जांच नाका में तैनात वन विभाग के मामले में लिपापोती करने में जुटे है । जिस कंपनी के पर्ची पर अवैध परिवहन का खुलासा हुआ है उस कंपनी को पांद दिन बाद भी बयान दर्ज कराने नोटिस जारी नहीं किया गया है । उक्त कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने विभाग रूचि नहीं दिखा है । मुख्य आरोपी को पिछले दरवाजे से क्लीन चीट देने का भी प्लान तैयार किए जाने की खबर है । राजसात की कार्रवाई की जायेगी : डीएफओ दंतेवाड़ा के डीएफओ ने बताया कि लौह अयस्क के अवैध परिवहन मामले में तीन ट्रक को जांच नाका में जांच के दौरान जप्त किया गया है । जब्त ट्रको को राजसात की कार्रवाई की जायेगी जिसकी प्रक्रिया चल रही है । एक प्रश्न जवाब में उन्होंने कहा कि मित्तल कंपनी की पर्ची पर अवैध परिवहन पाया जाता है तो उसकी भी जांच कराई जायेगी और यह भी जांच कराई जा रही है कि उक्त लौह अयस्क वन विभाग के किसी इलाके से लोड किया गया है ।

स्वर्गीय देवेंद्र तिवारी की स्मृति में नौ स्कूलों में वाटर फिल्टर प्रदाय

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भानपुरी। बस्तर ब्लॉक के कुम्हली संकुल में पदस्थ रहे स्वर्गीय देवेंद्र तिवारी प्रधान अध्यापक की स्मृति में शनिवार को स्कूल के 9 स्कूलों को वाटर फिल्टर उनके पुत्र अविनाश तिवारी के द्वारा सहा. खंड शिक्षा अधिकारी सुशील तिवारी की उपस्थिति में प्रदाय किया गया।

ज्ञात हो कि कुम्हली संकुल के अंतर्गत बोर्ड छपरा पारा में पिछले कई वर्षों से स्वर्गीय देवेंद्र तिवारी पदस्थ रह कर अपनी सेवा देते रहे जिनका पिछले 1 सितंबर 2021 में आकस्मिक निधन हो गया उनकी याद में शनिवार को एक कार्यक्रम के तहत वाटर फिल्टर प्रदाय किया गया।

कार्यक्रम में ब्लॉक के सहा खंड शिक्षा अधिकारी सुशील तिवारी, विजय तिवारी ,संजय तिवारी समीर मिश्रा ,संजय पांडे ,अभिषेक बाजपाई ,पंकज पांडे ,पी एन पांडे ,चरण कश्यप ,महेश बैस ,राजीव तिर्की ,प्रमोद भगत ,प्रमोद साहू ,अभय नायक ,महेश नायक ,लच्छव कंवर ,छबील गोयर,कालेंद्री पांडे आदि शिक्षक उपस्थित थे।

जमानत पर जश्न, खड़े हुए प्रश्न…

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जमानत सिर्फ राहत, सरेआम जश्न मनाना घातक- दुबे

प्रशासनिक गुंडागर्दी के तहत हुई थी एफआईआर, जमानत का कर रहे सम्मान- पांडे

जगदलपुर। भाजपा नेताओं की जमानत के बाद सरेआम मनाये गए जश्न पर प्रश्न खड़े हो गए हैं।राजनैतिक दलों द्वारा उनके किसी कार्यकर्ता, नेता को जमानत मिलने के बाद रैली जुलुस निकालकर जश्न मनाने का रिवाज देखने में आता है। इस प्रकार जश्न मनाये जाने को लेकर लोगों की राय अलग-अलग है। आम जनता कहती है कि गंभीर अपराधों में यह ठीक नहीं है। हाल ही भाजपा के पदाधिकारियों की न्यायालय से जमानत होने के बाद भाजपाइयों द्वारा जुलुस निकल कर जश्न मनाया गया था। इसको लेकर शहर में काफी चर्चा हुई।

इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता संकल्प दुबे का कहना है कि कुछ कानूनी वेबसाइट से उन्हें यह जानकारी मिली थी कि मध्यप्रदेश में एक मामले में बलात्कार के आरोपी की जमानत हाई कोर्ट से होने के बाद पूरे शहर में “भैया इस बेक” के पोस्टर/बैनर शहर में लगाये गए थे। इस बात को लेकर पीड़ित पक्ष द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका लगायी गयी है। इसकी सुनवाई जारी है और अंतिम फैसला अब तक न्यायालय ने अपने पास रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की जमानत किसी मामले में मिलती है तो उसका जश्न नहीं मनाया जा सकता। न्यायालय जमानत देकर राहत देता है, न कि जश्न मनाने की इजाजत। इस मामले में अगर पीड़ित पक्ष चाहे तो वो जमानत ख़ारिज कराने के लिए न्यायालय जा सकता है। अगर पीड़ित पक्ष न्यायालय की शरण लेता है तो जमानत ख़ारिज होने की सम्भावना है। जमानत अधिकार नहीं है वरन राहत प्रदान करने के लिए दी जाती है जिसकी कुछ शर्तें होती हैं। जुलुस निकाला जाना या जश्न मनाना, पीड़ित पक्ष के मनोबल को कम करता है और इससे यह साबित नहीं होता कि जमानत पाने वाले निर्दोष हैं। इस मामले में जमानत ख़ारिज होने की सम्भावना 90 फीसदी है।

इधर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे का कहना है कि दोनों प्रकरण और मामले अलग-अलग हैं और उनकी गंभीरता अलग-अलग है। शहर का उक्त मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है और जमानत के बाद आम-जनता ने अपने से ख़ुशी मनाई है, लोकतंत्र में उनका हक है। नेता प्रतिपक्ष पांडे के मुताबिक तत्कालीन समय में प्रशासनिक गुंडागर्दी के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में मिली जमानत का सभी सम्मान कर रहे हैं। यहां भाजपा ने अपने नेताओं कार्यकर्ताओं की जमानत पर जश्न मना लिया और प्रश्न भी खड़े हो गए। अब आगे इस तरह के जश्न पर राजनीतिक दलों की निगाह परस्पर लगी रहेगी।

बैज और बेंजाम की जोड़ी ने मेघवाल की तंद्रा तोड़ी, बस्तर का हक देना होगा, देना होगा…मुश्किल नहीं है कुछ भी, अगर ठान लीजिए

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय मंत्री आकांक्षी जिलों में दौरे पर आ रहे हैं। उनकी सदाशयता कम और राजनीति ज्यादा को लेकर विरोध भी हो रहा है लेकिन बस्तर सांसद दीपक बैज की राजनीति का तरीका अलग है। वे अपने साथी विधायकों को भी यही मंत्र देते हैं कि बस्तर के हक के लिए पूरी ताकत से लड़ो मगर तरीका ऐसा होना चाहिए कि काम हर हाल में होना चाहिए। किसी से अपनी धरती के लोगों की चाहत पूरी कराना है तो तथ्यों पर केंद्रित बात होना चाहिए। जो बात सौजन्यता से बनती है वह राजनीतिक कटुता से नहीं बन सकती। राजनीति को विकास के आड़े नहीं आने देना है तो राजनीति से ऊपर उठकर सिर्फ जनता के हित की बात करो। इसी हुनर के बूते बस्तर सांसद दीपक बैज विपरीत परिस्थितियों में भी बस्तर की जनता को उसका अधिकार दिलाने में सफल हो रहे हैं।

बीते रोज केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ को सड़कों की सौगात देते वक्त राजनीति और विकास के जो मायने सामने रखे थे, वे बस्तर सांसद दीपक बैज की कार्य संस्कृति का अंग हैं। सांसद बैज राजनीति से अधिक लोकहित को प्राथमिकता देते हैं। जहां बस्तर और छत्तीसगढ़ के हित की बात हो, वहां दीपक बैज किसी के सामने चुप नहीं हो सकते लेकिन वे अपनी बात रखने और मनवाने का सलीका जानते हैं। जहां संयम और विवेक से जनता का हित सम्भव हो, वहां अनावश्यक टकराव क्यों? दीपक बैज की यही खूबी बस्तर विकास की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा का एक सुदृढ़ सहयोगी है। अब केंद्रीय राज्यमंत्री मंत्री अर्जुन मेघवाल के बस्तर दौरे में भी दीपक बैज का यही रूप चर्चा का विषय बन गया है। मेघवाल की बैठक में बस्तर सांसद दीपक बैज व विधायक राजमन बेंजाम ने शामिल होकर तथ्यात्मक बात की। आकांक्षी जिलों के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री मेघवाल बस्तर जिले के समस्त अधिकारियों के साथ स्थानीय सर्किट हाउस जगदलपुर में बैठक ले रहे थे। लेकिन सांसद व विधायक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से एक घंटे बाद पहुंचे और बैठक में उपस्थित होकर बस्तर के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। अर्थात दीपक बैज और राजमन बेंजाम ने जनता के बीच मौजूदगी को प्राथमिकता देने के साथ ही बस्तर पधारे मेघवाल के सम्मुख बस्तर की जनता का पक्ष भी संवेदनशील तरीके से रखा।बैठक के दौरान बस्तर सांसद दीपक बैज ने केंद्रीय राज्यमंत्री के समक्ष बस्तर की बात रखते हुए कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे यहां के लोगो को रोज़गार मिल सके और वे आर्थिक रूप में मजबूत हों, इसके लिए केंद्र सरकार मदद करे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से आज भी बस्तर के विभिन्न पारा मोहल्ले नहीं जुड़ पाए हैं। रोड कनेक्टिविटी जरूरी है। इसलिए विशेष प्राथमिकता के साथ सभी पारा मोहल्ले को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा जाए। चूंकि वर्तमान में फेस थ्री चल रहा है जिसमें उन पारों को जोड़ने की केंद्र सरकार की कार्ययोजना नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास व पेंशन योजना केंद्र सरकार की गाइड लाइन में गरीबों को इसका लाभ मिलना है लेकिन बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में बहुत से पात्र हितग्राहियों, जो कि सूची में नाम न होने के कारण केंद्र सरकार की गाइड लाइन में नहीं आ पा रहे हैं, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री आवास व पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि वो पात्र हितग्राही हैं। इस योजना में इनको लाभ दिलाने हेतु सरकार नियम शिथिल कर रियायत दे ताकि उन हितग्राहियों को भी पेंशन व आवास का लाभ मिल सके।केंद्रीय मंत्री के समक्ष सांसद बैज ने बस्तर विकास को लेकर गंभीता से पक्ष रखा। बैठक के बाद बस्तर सांसद दीपक बैज व चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम ने केंद्रीय राज्यमंत्री के साथ भोजन किया । इस दौरान करीब बीस मिनट तक बस्तर के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी हुई। जाहिर है कि सांसद दीपक बैज और विधायक राजमन बेंजाम ने केंद्रीय राज्यमंत्री मेघवाल को बस्तर की जरूरत से अच्छी तरह वाकिफ करा दिया है। उम्मीद की जा सकती है कि बस्तर की आवाज दिल्ली की दीवारों के भीतर जायेगी। मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए।

मोदी सरकार की लापरवाही के कारण देश में अभूतपूर्व कोयला संकट – कांग्रेस

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राज्यों पर विदेश से कोयला खरीदने का दबाव से बिजली चार गुना महंगी हो जायेगी

रायपुर22 अप्रैल । मोदी सरकार की लापरवाही के कारण देश अभूतपूर्व कोयला के संकट से जूझ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कोयलें की कमी का हल नहीं निकाला गया तो सारे देश में बिजली संकट और ब्लेक आऊट की स्थिति हो जायेगी। दुर्भाग्य जनक है कि कोयला संकट में केन्द्र सरकार कुंभकर्णी निद्रा में सोई हुयी है। देश भर के पावर प्लांटों के पास बमुश्किल से 10 प्रतिशत अर्थात एक सप्ताह से भी कम कोयला नहीं बचा है। रोलिंग मिल, सीमेंट कंपनिया सहित तमाम उद्योगो कायेले के संकट के कारण बंदी के कागार पर खड़े है। देश के अनेक राज्यों में थर्मल पावर स्टेशन कोयला न मिलने के कारण बंद हो गये है। एसईसीएल ने छत्तीसगढ़ में भी नान पावर सेक्टर के उद्योगो के कोयले की आपूर्ति में कटौती कर दिया है। इसके कारण राज्य के छोटे और मझोले. उद्योग भी अभूतपूर्व कोयले के संकट से परेशानी में है।

मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार देश को चलाने में असफल साबित हो रही है। मोदी सरकार देश की अब तक की सबसे अकर्मण्य सरकार है। इनके पास देश के विकास का न कोई विजन है और न ही कोई कार्य योजना। आजादी के बाद देश में इस तरह का कोयला संकट कभी नहीं आया। हमारे पास दुनिया का एक तिहाई कोल भंडार है। पूर्ववर्ती सरकारों ने देश की आवश्यकता के अनुरूप कोयले की उत्खनन पर जोर दिया। यही कारण है कि भारत को अपने घरेलू आवश्यकतओं की आपूर्ती के लिये कभी परेशानी नहीं हुई। मोदी सरकार ने 7 साल में कोल उत्पादन और उत्खनन के लिये कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाया। यूपीए सरकार को कोल आंबटन का झूठा आरोप लगाकर बदनाम कर सत्ता में आई मोदी सरकार खुद कोल ब्लाक आबंटन के लिये नीति नहीं बना पाई हमेशा से दिग्भ्रमित रही है। उसका खामियाजा अब देश को उठाना पड़ रहा है।

मरकाम ने कहा है कि मोदी सरकार ने राज्यों के विद्युत उत्पादन ईकाईयों से कहा है कि वे अपने विद्युत उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा आयातित कोयला विद्युत उपयोग करें। देश में उत्पादित कोयला विद्युत कंपनियों को लगभग 4 हजार रू. प्रति टन पड़ता है। विदेशो से आयातित कोयले की कीमत 20 हजार रू. प्रति टन के लगभग बैठती है। देशो कोयले से विदेशी को विदेशी कोयले की कीमत चार गुना से भी अधिक है। ऐसे में राज्यों के द्वारा उत्पादित किये जाने वाली बिजली की उत्पादन लागत भी चार गुना तक बढ़ जायेगा। मोदी सरकार की इस नीति के कारण जनता को चार गुना तक महंगी बिजली मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी पर लखमा की अशोभनीय टिप्पणी मानसिक दिवालियापन की निशानी-केदार कश्यप

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कवासी लखमा के मुंह से क्या भूपेश बघेल दिलवा रहे हैं अमर्यादित बयान

राजनीतिक दुर्भावना की पराकाष्ठा पार कर रही कांग्रेस सरकार

मंत्रिमण्डल के सदस्य होते है सरकार का चेहरा,शर्मनाक कथन के लिये माफी माँगे भूपेश बघेल

जगदलपुर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता व पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने भूपेश बघेल सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा द्वारा प्रधानमंत्री के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह तय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने मंत्री कवासी लखमा के मुंह से अमर्यादित और अभद्र बयान बयान दिलवा रहे हैं?

कश्यप ने कहा कि बघेल जो बयान खुद नहीं दे सकते, उसे वे लखमा के मुंह से दिलवाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो कभी भी ऐसे ऊल-जुलूल बयानों के लिये सीएम ने माफ़ी नहीं मांगी है, न ही बयानों से खुद को अलग किया है। क्या इससे यह साबित नहीं होता कि अपने सहयोगी मंत्री के बेहद आपत्तिजनक बयान से बघेल सहमत हैं? यदि सहमत नहीं हैं तो कवासी लखमा को देश के प्रधानमंत्री के प्रति बेहद घटिया टिप्पणी करने पर तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर बस्तर के किसी अन्य आदिवासी जनप्रतिनिधि को छत्तीसगढ़ की सेवा करने का अवसर दें।

केदार कश्यप ने कहा क़ि दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंत्री कवासी लखमा के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने राजनीतिक दुर्भावना के लिए इस्तेमाल करने के इरादे से ही लखमा को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। वे जानते हैं कि कवासी लखमा से कुछ भी कहलवाया जा सकता है।

भाजपा प्रवक्ता व पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा क़ि मंत्रिमंडल के सदस्य सरकार का चेहरा होते हैं। मंत्री का बयान सीधे तौर पर सरकार का बयान माना जाता है। भूपेश बघेल को जवाब देना चाहिये कि कांग्रेस का राजनीतिक खानदान क्या बस्तर की पावन माटी को महज़ बाथरूम समझता है ?

कश्यप ने कहा कि लखमा अगर अनपढ़ हैं , कुछ जानते नही तो उनकी जुबान आज तक गांधी परिवार के लिए क्यों नही फिसली ?क्योंकि सब कुछ सुनियोजित ढंग से किया जाता है , बाद में बहाना बना दिया जाता है । लखमा के क्षेत्र में जुआ , सट्टा , शराब , कमीशनखोरी बेखौफ चल रहा है , अनपढ़ होकर उसकी पूरी जानकारी है और प्रधानमंत्री जी के बारे में क्या बोलना है , क्या नही बोलना है इसकी जानकारी नहीं है । सच तो ये है कि कवासी लखमा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मानव बम की तरह हैं , जिसका उपयोग बघेल उलजलूल बयानबाजी के लिए करते है ।

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