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छिंदगांव में बना बकावंड ब्लॉक का पहला राम मंदिर

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  •  20 अप्रैल से कलश यात्रा 23 को होगी प्राण प्रतिष्ठा
  • वाराणासी के आचार्य के वैदिक मंत्रों के साथ होगी मूर्ति की स्थापना 

-अर्जुन झा-

बकावंड भगवान श्रीराम का बस्तर से गहरा नाता रहा है। अपने वनवास काल का बड़ा लंबा प्रभु श्रीराम ने बस्तर की धरती पर व्यतीत किया था। मर्यादा पुरुषोत्तम से जुड़ी कई निशानियां बस्तर की वादियां अपने दामन में समेटी हुई हैं। इसके बावजूद दुर्भाग्य की बात है कि दशरथ नंदन राम के बहुत कम मंदिर बस्तर में हैं।जिले के बकावंड ब्लॉक में तो एक भी राम मंदिर अब तक नहीं था। विकासखंड का पहला राम मंदिर छिंदगांव में बनकर तैयार हो चुका है, जहां 20 अप्रैल से प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू हो रहा है।

बकावंड विकासखंड के इस पहले राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत 20 अप्रैल को कलश यात्रा के साथ होगी। 23 अप्रैल को भगवान श्रीरामचंद्र की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा, हवन पूजन एवं महाभंडारा होगा। छिंदगांव पंचायत के वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी जेके लाल गुप्ता ने बताया कि वाराणासी के आचार्य पंडित नागेंद्र मिश्रा और उनके सहयोगियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान राम की मूर्ति स्थापित की जाएगी।  गुप्ता ने बताया कि समस्त ग्रामीणों के सहयोग से यह मंदिर बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने बताया कि छिंदगांव के ग्रामीणों एवं विभिन्न वर्गो के दानदाताओं के सहयोग से बकावंडड ब्लॉक में पहला राम मंदिर बनकर तैयार हुआ है। मंदिर की स्थापना हेतु चार दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 20 अप्रैल रविवार को कलश यात्रा के साथ राम मंदिर स्थापना का कार्यक्रम शुरू होगा। 21 अप्रैल को अन्नाधिवास, जलाधिवास, 22 अप्रैल को शक्कराधिवास, फलाधिवास, शयनाधिवास एवं 23 अप्रैल को मूर्ति भ्रमण, प्राण प्रतिष्ठा हवन एवं महाभंडारा के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा। श्री गुप्ता ने भक्तों से निवेदन किया है कि इस धार्मिक अनुष्ठान में सहपरिवार सम्मिलित होकर ईश्वर की कृपा एवं पुण्य के भागीदारी बनें।

इंद्रावती बचाओ अभियान के तहत बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में कांग्रेस

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  • पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साय सरकार पर लगाया उदासीनता का आरोप
  •  इंद्रावती नदी को लेकर किसानों संग की बैठक 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी की बदहाली को लेकर अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मोर्चा खोल दिया है। श्री बैज ने कहा है कि साय सरकार की उदासीनता की वजह से इंद्रावती नदी लगातार सूख रही है।

इंद्रावती नदी के मसले को लेकर आज किसानों एवं ग्रामीणों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़ी बैठक की। दीपक बैज ने कहा आने वाले समय में प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़े जन आंदोलन की तैयारी चल रही है। बस्तर की प्राणदायिनी नदी इंद्रावती के लिए हम जनता के साथ मिलकर हर लड़ाई लड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा आने वाले समय में प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़े जन आंदोलन की तैयारी चल रही है। हमारा बस्तर डबल इंजन के कुशासन की भरपाई करने के लिए मजबूर है। भारत का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात का यह हाल देखिए। इंद्रावती नदी छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान का वह अंश और बस्तर की जीवनदायिनी है। हमारे आदिवासी, किसान, जीव-जंतु, हमारा जंगल इंद्रावती पर निर्भर है।

ओडिसा से निकलने वाली इंद्रावती नदी की कुल लंबाई 535 किमी है। जिसमें ओडिसा में 164 किमी और छत्तीसगढ़ में 233 किमी की यात्रा इंद्रावती करती है। इंद्रावती का आधा हिस्सा छत्तीसगढ़ से गुजरता है, लेकिन दोनों तरफ की डबल इंजन सरकार का कमाल देखिए कि आज छत्तीसगढ़ में केवल 16 प्रतिशत ही पानी ही छोड़ा जा रहा है।

इंद्रावती की गोद में बीता है मेरा बचपन

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात की यह हालत भाजपा सरकार की बस्तर के साथ की जा रही बेईमानी को बयां कर रही है। प्रदेश के टूरिज्म को बढ़ावा देने का दंभ भरने वाली सरकार धरती की प्यास बुझाने के काबिल भी नहीं बची है पर्यटन तो दूर की कौड़ी रही।

मेरा बचपन यहां बीता है, मैंने इस नदी में तैरना सीखा है, बहाव को काटकर आगे बढ़ना सीखा है इसलिए बस्तर और इंद्रावती के इस दर्द को महसूस कर सकता हूं। दोनों तरफ की डबल इंजन सरकार से मेरी दरख्वास्त है कि बस्तर की छाती पर आरी चलाना बंद करे। यह प्रकृति का दिया आशीर्वाद है, बस्तरवासियों से उनका अधिकार मत छीनें। बस्तर का हर आम जनमानस अब इंद्रावती को बचाने की लड़ाई लड़ने तैयार है। जल्द ही इंद्रावती नदी बचाने जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा और इस गूंगी बहरी सरकार से अपना अधिकार लिया जाएगा।

महापौर संजय पाण्डेय ने जमा किया साल 2025-26 का संपत्ति कर

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  •  छूट का लाभ भी लिया महापौर संजय पाण्डेय ने 

जगदलपुर महापौर संजय पांडेय ने वर्ष 2025-26 का संपत्ति कर अदा किया है। उन्होंने निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, राजस्व समिति के प्रभारी संग्राम सिंह राणा और राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव की मौजूदगी में संपत्ति कर की राशि जमा की।

विभिन्न प्रकार के टैक्स को सरकार की राजस्व प्राप्ति का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। रविवार को जगदलपुर के महापौर संजय पांडे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के संपत्ति कर का एकमुश्त का भुगतान किया। जो नगर पालिका निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 मे संपत्ति कर देने वाले दूसरे व्यक्ति बने।उनके पहले विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने संपत्ति कर जमा किया था। संपत्ति कर जमा करने के साथ-साथ महापौर ने निर्धारित समयवधि मे करों के भुगतान पर छूट का लाभ भी प्राप्त किया। रविवार को श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड स्थित महापौर के आवास में नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन की उपस्थिति में राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव एवं राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा के नेतृत्व मे संपत्ति कर जमा किया गया। महापौर संजय पांडे ने कहा सभी संपत्ति कर पटाएं और मिलने वाली छूट का लाभ लें। हम सभी समय से पहले संपत्ति कर जमा करें। जिससे हम सभी को छूट का लाभ मिल सके और हम नगर के विकास में भागीदार बन सकें। वित्तीय वर्ष 2025–26 में 1 अप्रैल से 31 मई तक संपत्ति कर जमा करने पर 06.25 प्रतिशत, 1 जून से 31 जुलाई तक संपत्ति कर जमा करने पर 5 प्रतिशत, 1 अगस्त से 30 सितंबर तक संपत्ति कर जमा करने पर 4 प्रतिशत एवं 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक संपत्ति कर जमा करने पर 2 प्रतिशत की छूट नगर निगम द्वारा दी जा रही है।नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 137 के अंतर्गत मात्र चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एकमुश्त संपत्ति कर का भुगतान करने पर छूट दी गई है। इस अवसर पर निगम के अध्यक्ष खेम सिंह देवांगन, संग्राम सिंह राणा, विनय श्रीवास्तव, अभिषेक शेट्टी,जय शर्मा, पंकज आचार्य, संतोष नाग,शशि नाथ पाठक, सूरज श्रीवास्तव सहित निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

मारे गए तीनों नक्सलियों की हुई शिनाख्त, एक महिला भी शामिल

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जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के इंद्रावती क्षेत्र के जंगल में शनिवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए तीनों नक्सलियों की शिनाख्त हो गई है।

मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली अनिल पुनेम और एक महिला नक्सली सहित तीन नक्सली मारे गए थे। अनिल पुनेम अंबेली ब्लास्ट का मास्टर माइंड था और सरकार ने उस पर पांच लाख रुपए का ईनाम घोषित कर रखा था। इंद्रावती क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा 210 व 202 की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ में 3 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए थे। इनमें से एक की शिनाख्त माटवाड़ा एलओएस कमांडरए सीएम अनिल पुनेम के रूप में हुई है।

अनिल पुनेम अंबेली ब्लास्ट का मास्टर माइंड था। वह पांच लाख रुपए का ईनामी था। अनिल पुनेम के विरूद्ध थाना गंगालूर, मिरतुर, भैरमगढ़ एवं जांगला में विभिन्न धाराओं में 20 आपराधिक मामले पंजीबद्ध हैं। इसके अलावा जिला दंतेवाड़ा के बारसूर में 2 मामला पंजीबद्ध हैं। जिला बीजापुर में इसके विरूद्ध 5 स्थाई वांरट लंबित हैं। दूसरे नक्सली शव की शिनाख्त

पालो पोड़ियाम के तौर पर हुई। वह माटवाड़ा एलओएस सदस्य थी और उस पर 1 लाख रुपए का ईनाम था।उसके खिलाफ जिला बीजापुर के थाना जांगला, मिरतुर, भैरमगढ, गंगालूर में 5 मामला पंजीबद्ध हैं। मारा गया तीसरा नक्सली दीवान मड़कम है, जो माटवाड़ा एलओएस सदस्य था। उस पर भी एक लाख लाख रुपए का ईनाम था। दीवान मड़कम के खिलाफ बीजापुर जिल्व के थाना जांगला, मिरतुर, भैरमगढ, नेलसनार में 4 मामले पंजीबद्ध हैं।मुठभेड़ स्थल से 3 नग 12 बोर राइफल, सिंगल शॉट राइफल्स एवं अन्य हथियार, विस्फोटक, नक्सली सामग्री बरामद की गई है।

दुर्गा वाहिनी का शौर्य प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ

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  •  प्रशिक्षण लेने पहुंची प्रदेशभर से बालिकाएं 

जगदलपुर विश्व हिंदू परिषद की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी का 6 दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय जगदलपुर में आयोजित किया गया है। इसमें प्रांत के विभिन्न जिलों से आई बालिकाएं भाग ले रही हैं। यह वर्ग पूर्णतः आवासीय है जहां सभी बालिकाएं विद्यालय परिसर में रहकर वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

      रविवार को वर्ग के प्रथम दिवस पर सर्व प्रथम मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। तत्पश्चात अमृत वचन एकल गीत गाकर वर्ग का प्रारंभ किया गया। इसके बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों का परिचय विशेष अतिथियों से कराया गया। विश्व हिंदू परिषद की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी वर्षभर शौर्य प्रशिक्षण शाखा चलाती रहती है।आज से यह शौर्य प्रशिक्षण वर्ग जगदलपुर में आयोजित किया गया है। दुर्गा वाहिनी द्वारा इस शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में राष्ट्र भक्ति की भावना को बढ़ावा देने के साथ उन्हें आत्मानिर्भर और सशक्त बनाना, आत्म रक्षा और राष्ट्र रक्षा की भावना बढ़ाने के साथ साथ भारत की सांस्कृतिक परंपरा से बालिकाओं का परिचय कराना भी है। इस प्रशिक्षण द्वारा उनमें आत्मबल और मनोबल विकसित करते हुए आदर्श राष्ट्रवादी तैयार करना है। इसके द्वारा बालिकाओं में शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ाना है। इस प्रशिक्षण वर्ग में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री श्री नन्द दास दंडोतिया, दुर्गावाहिनी प्रांत सह संयोजिका भारती सिंह, प्रीति दुबे, विभाग संयोजिका मातृशक्ति उमा गुप्ता, विभाग मंत्री रवि ब्रम्हचारी, मंच पर उपस्थित रहे। शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन करते हुए श्री नंददास दंडोतिया ने इस शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंनेकहा कि बालिकाओं के आदर्श जीवन के लिए यह वर्ग उपयोगी होता है अतः वर्ग का लाभ सभी को अवश्य प्राप्त करना चाहिए। इस वर्ग में अभी तक 130 बालिकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मंच संचालन जिला संयोजिका शक्ति तनिषा मिश्रा ने किया।आज प्रशिक्षण वर्ग में जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, अमन शर्मा, पवन राजपूत पूर्व अध्यक्ष हरि साहू, सनी रैली, कैलाश ठाकुर, सुरेंद्र तिवारी अन्य उपस्थित रहे। मातृशक्ति संयोजिका हेमा गुरुवार, जनिता मंडावी, प्रज्ञा आचार्य, पार्वती परिहार उपस्थित थीं।

अब इंद्रवती नदी में भी दिखने लगा साय का सुशासन और केदार का भगीरथ रूप

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  •  ओड़िशा से छत्तीसगढ़ को मिल रहा है हिस्से का 49 प्रतिशत पानी 
  • आप्लावित होने लगी है अब बस्तर संभाग की गंगा 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर पड़ोसी राज्य ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के बीच सालों से चला आ रहा इंद्रावती जोरानाला जल विवाद इंद्रावती विकास प्राधिकरण बनाने वाली पिछली कांग्रेस सरकार तो सुलझा नहीं पाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की भगीरथी पहल का असर अब बस्तर की गंगा इंद्रावती नदी में दिखने लगा है। इंद्रावती तेजी से जल आप्लावित हो रही है।

जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंद्रवती नदी से छत्तीसगढ़ के हिस्से को मिल रहा पानी 16 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत मिलने लगा है। यही नहीं आने वाले समय में जल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए भी कवायद चल रही है। नदी में साढ़े तीन करोड़ की लागत से इंद्रावती-जोरानाला के अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में जमा सिल्ट, लूज बोल्डर, पत्थर, रेत की बोरियों, मिट्टी आदि को स्थाई रूप से नदी से बाहर करने के लिए उड़ीसा राज्य द्वारा तैयारी कर ली गई है। इससे पानी का बहाव नैसर्गिक तरीके से होता रहेगा एवं छत्तीसगढ़ राज्य को अपने हिस्से का 50 प्रतिशत पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इस पर आने वाला खर्च भी उड़ीसा सरकार देगी। स्वीकृति मिलने के बाद एजेंसी तय कर जून 2025 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जल संसाधन मंत्री केदार केश्यप की पहल से यह साकार हो पाया है। गर्मी शुरू होते ही इंद्रावती में जल संकट गहराने लगा था।सिंचाई मंत्री केदार कश्यप ने राजस्थान के उदयपुर में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जल परिषद की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। बैठक में उड़ीसा के सीएम और जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। समस्या को देखते हुए तय हुआ कि इसका समाधन निकाला जाए। इसी बीच मुख्यमंत्री साय ने उड़ीसा प्रवास के दौरान वहां के सीएम मोहन चरण मांझी के साथ मुलाकात में इस मुद्दे पर उनका ध्यान आकर्षित कराया और इसके बाद तत्काल कवायद शुरू हो गई। दोनों राज्यों के सिंचाई विभाग एवं प्रशासनिक अमले द्वारा संयुक्त अवलोकन किया गया। इसके बाद अस्थाई तौर पर छत्तीसगढ़ की ओर जल प्रवाह में रुकावट बन रही समस्याओं का निराकरण किया गया और हुआ ये कि 16 प्रतिशत जो पानी छत्तीसगढ़ को मिलता था वह बढ़कर पहले 40, फिर 42, फिर 45 और अब 49 प्रतिशत तक पहुंच गया है। समझौते के अनुसार दोनों राज्यों को 50-50 प्रतिशत पानी का करार है। इस तरह से अस्थाई व्यवस्था में 49 प्रतिशत पानी मिलने लगा है, छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग द्वारा 11 अप्रैल को हाइड्रोलिक कंट्रोल स्ट्रक्चर को किए गए मापन में देखा गया की इंद्रावती नदी में जल का प्रवाह 11 क्यूमेक हो गया है जो मार्च के अंतिम सप्ताह में 2 क्यूमेक तक गिर गया था। इंद्रावती में बढ़े जल प्रवाह का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य को भी मिल रहा है अब राज्य की ओर 5.4 क्यूमेक जल प्रवाहित हो रहा है अगर इसी प्रकार की स्थिति रही तो बस्तर जिले में जल की उपलब्धता प्रभावी रूप से हो सकेगी साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए प्रयाप्त जल मिल सकेगा।

हटे अवरोध, मिलने लगा पानी

बस्तर जिले में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के अधिकारियों ने 27 फरवरी और 21 मार्च 2025 को इंद्रावती-जोरा नाला के मुहाने का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान बनी सहमति के अनुसार, हाइड्रोलिक कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत, लूज बोल्डर, रेत बोरी और अन्य अवरोधों को हटाकर अस्थायी रास्ता बनाया गया। इस कार्य को 30 मार्च 2025 तक पूरा किया गया।

स्थायी समाधान का प्रयास

दोनों राज्यों के बीच सचिव स्तरीय वार्ता में बस्तर जिले में गहराते पेयजल संकट को दृष्टिगत रखते हुए जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो द्वारा छत्तीसगढ़ के हितों की रक्षा और जल बंटवारे को सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान पर जोर दिया गया एवं इंद्रावती-जोरानाला मुहाने पर बने हाइड्रोलिक कंट्रोल स्ट्रक्चर के दोनों ओर जमा रेत,पत्थर,मिट्टी और अन्य अवरोधों को स्थायी रूप से हटाने के लिए जल संसाधन विभाग उड़ीसा द्वारा उड़ीसा सरकार को प्रस्तुत साढ़े तीन करोड़ रुपये के प्राक्कलन को यथाशीघ्र स्वीकृति हेतु सचिव जल संसाधन उड़ीसा से आग्रह किया। जिस पर सचिव उड़ीसा ने सहमति दी है। स्वीकृति मिलने के बाद एजेंसी तय कर जून 2025 तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

तैयार होगा पक्का स्ट्रकचर

जोरा नाला की समस्या की जड़ ग्राम सूतपदर है, जहां उड़ीसा सीमा पर इंद्रावती दो धाराओं में बंट जाती है। एक धारा इंद्रावती नदी के रूप में पांच किलोमीटर उड़ीसा में बहकर ग्राम भेजापदर से छत्तीसगढ़ में प्रवेश करती है। यह धारा आगे जगदलपुर और चित्रकोट होती हुई गोदावरी में मिलती है। दूसरी धारा जोरा नाला के रूप में 12 किलोमीटर बहकर शबरी (कोलाब) नदी में मिलती है। पहले दोनों धाराओं में पानी बराबर बंटता था। समय के साथ जोरा नाला का बहाव बढ़ता गया और इंद्रावती का बहाव घटता गया। छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में निर्णय लिया गया कि इंद्रावती-जोरा नाला संगम पर 50-50 प्रतिशत जल बंटवारे के लिए पक्का स्ट्रक्चर बनाया जाएगा।

इंद्रावती का उदगम स्थल

इंद्रावती का उद्गम उड़ीसा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल नाम के गांव से हुआ है। इंद्रावती नदी 164 किमी उड़ीसा राज्य में बहने के बाद 9 किमी लंबाई में छत्तीसगढ़ और उड़ीसा की सीमा बनाते हुए छत्तीसगढ़ में प्रवेश करती है एवं 232 किमी छतीसगढ़ में बहने के बाद 129 किमी महाराष्ट्र एव छत्तीसगढ़ की सीमा बनाते हुए गोदवारी नदी में मिलती है। इस प्रकार ये नदी 534 किमी बहने के बाद उद्गम स्थल से बहने के बाद गोदावरी में मिलती है।

मासूम से दरिंदगी पर बिफरी पुरोबी वर्मा, कहा- दरिंदे को दी जाए फांसी की सजा

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  • दुर्ग के दरिंदे के खिलाफ फूटा राजहरा में गुस्सा
  • पूर्व नपा अध्यक्ष पुरोबी वर्मा के नेतृत्व में महिलाओं ने निकाला मार्च

दल्लीराजहरा संभाग मुख्यालय दुर्ग में एक अबोध बच्ची के साथ हैवानियत को लेकर खनिज नगरी दल्ली राजहरा की मातृशक्ति उबल पड़ी है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री पुरोबी वर्मा बच्ची से दुराचार और उसकी हत्या को लेकर बेहद व्यथित और क्षुब्ध नजर आईं।

सर्व समाज समरसता समिति के आव्हान पर दल्ली राजहरा शहर में रैली निकाल कर स्टॉप रेप के नारे के साथ प्रदर्शन किया गया। समिति की महिलाएं दुर्ग में अबोध बच्ची के साथ हुए कृत्य के मामले की जांच और आरोपी को फांसी देने की मांग करते हुए एक ज्ञापन स्थानीय तहसीलदार को सौंपा। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा नेत्री पुरोबी वर्मा के साथ पचासों महिलाओं ने इस रैली में भाग लिया। इस दौरान पुरोबी वर्मा ने कहा कि जिस राक्षस से यह कृत्य किया है, उसे सरेआम फांसी दी जानी चाहिए। उस हैवान ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। उसके घर भी तो बहन बेटियां होंगी, उनकी मर्यादा का भी ध्यान उस राक्षस नहीं रखा। पुरोबी वर्मा ने कहा कि अबोध बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले शख्स के लिए फांसी की सजा भी कम है। उसे ऎसी सजा दी जानी चाहिए कि वह जिंदा लाश बनकर रह जाए और अपनी करनी की सजा वह सड़ सड़ कर भोगे। समाज उसका हमेशा तिरस्कार करता रहे। पुरोबी वर्मा ने दुर्ग के वकीलों के आरोपी का केस न लड़ने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे वकील भाई सब मिलकर उस दरिंदे को कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए पहल करें तो और बेहतर होगा। पुरोबी वर्मा ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। हमारी सरकार आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए भी प्रयासरत है। कांग्रेस द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे पर की जा रही राजनीति को पुरोबी वर्मा ने घृणित कदम बताते हुए उसकी निंदा की है।

शहीद अस्पताल की ओपीडी डॉक्टर कल उपस्थित

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कल दिनांक 14 अप्रैल 2025 को शहीद अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर ज्ञान राज यूरोलॉजिस्ट एंड जनरल सर्जन उपस्थित रहेंगे आप सभी से अनुरोध है आपके आसपास कोई व्यक्ति जो ऐसी समस्या से पीड़ित है उन्हें सूचित करने की कृपा करेंl

 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का एयरपोर्ट में किया गया आत्मीय स्वागत

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  •  सांसद महेश कश्यप के साथ सुकमा गए गृहमंत्री 

जगदलपुर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा आज रविवार को संक्षिप्त प्रवास पर बस्तर संभाग पहुंचे। स्टेट प्लेन से पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान सांसद बस्तर महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही बस्तर आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., एसपी शलभ कुमार सिन्हा, अपर कलेक्टर सीपी बघेल और अन्य अधिकारियों द्वारा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का स्वागत किया गया। स्वागत सत्कार के बाद उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा और बस्तर सांसद महेश कश्यप हेलीकाप्टर से सुकमा के लिए रवाना हो गए।

डालेश्वरी पाण्डेय के काव्य संग्रह का हुआ विमोचन

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जगदलपुर कवियित्री श्रीमती डालेश्वरी पाण्डे के काव्य संग्रह ‘जगत जननी’ का विमोचन आज जगन्नाथ मंदिर में किया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, जिला भाजपा अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे, महापौर संजय पाण्डे, पद्मश्री धरमपाल सैनी, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, नगर मंडल भाजपा अध्यक्ष प्रकाश झा, उर्मिला आचार्य, सुषमा झा, सुधा परमार, करमजीत कौर, सनत कुमार जैन, शशांक शेंडे, नरेंद्र आदि उपस्थित रहे।

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