City Media - Page 394 of 1851 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 394

अपनों की साजिश के शिकार तो नहीं हो रहे हैं गृहमंत्री विजय शर्मा

0
  • बलौदाबाजर और लोहारीडीह की घटनाओं से उठ रहे सवाल 
  • अगड़े -पिछड़े के चक्रव्यूह में उलझ गई है भाजपा 

अर्जुन झा

जगदलपुर जिस गृहमंत्री विजय शर्मा ने राज्य में नासूर बन चुकी नक्सली समस्या को दूर करने में काफी हद तक सफलता हासिल कर ली है, उस गृहमंत्री पर कानून व्यवस्था को लेकर असफलता के आरोप निसंदेह किसी साजिश का हिस्सा लग रहा है।

बलौदाबाजार और कवर्धा के लोहारीडीह की घटनाओं के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति के साथ ही इस बात पर बहस छिड़ गई है कि राज्य बनने के बाद यहां पर गृह विभाग की कमान अगड़ों को देने से घटनाएं बड़ी संगीन और प्रायोजित ढंग से घटित हो रही हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति संम्हलने के बजाय बिगड़ने लगी है। हालांकि यह स्थानीय लोगों के आक्रोश का परिणाम हो सकता है, लेकिन बड़ा रूप लेने से इसकी चर्चा पूरे प्रदेश में होने लगी है।

चाहे बलौदा बाजार की घटना हो या कवर्धा के लोहारीडीह की। छत्तीसगढ़ की राजनीति पर नजर डालें तो 2003 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद बृजमोहन अग्रवाल को गृह विभाग का जिम्मा दिया गया, पर उन्होंने इसे अपने प्रभाव का दुरूपयोग करने वालों की वजह से छोड़ दिया। अब गृहमंत्री विजय शर्मा अपने क्षेत्र में घिर गए हैं। कवर्धा के लोहरीडीह में हुई घटना एक दंगे का रूप ले सकती थी मगर गृहमंत्री ने क्षेत्र में बड़ी अनहोनी पर विराम लगा दिया। कवर्धा पुलिस ने मामले को सुलझाने का प्रयास किया पर एसपी सहित कई पुलिस वाले वहां पिटे हुए मोहरे साबित हुए। घटना के बाद पुलिस ने सभी को दंगा फैलाने की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। यहीं नहीं गांव वालों को पीटा भी गया। कवर्धा के मामले पर चल रही सियासत के बीच यह कहा जाने लगा कि है प्रदेश में रामविचार नेताम से लेकर ननकी राम कंवर, रामसेवक पैकरा और दो ओबीसी वर्ग के गहमंत्री नंदकुमार पटेल और ताम्रध्वज साहू भी रहे। उनके समय में कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी ज्यादा गंभीर नही रही। ऐसे में एक वर्ग यह कह रहा है कि पूर्व के गृहमंत्रियों ने घटनाओं को लेकर त्वरित प्रतिक्रिया कभी नहीं दी, इसलिए मामले को कंट्रोल करने में पुलिस सावधान रही।

होम करते जल रहे हाथ

प्रदेश के मौजूदा गृहमंत्री बेहद संवेदनशील व्यक्ति हैं।कहीं भी अप्रिय और बड़ी घटना होती है गृहमंत्री विजय शर्मा न सिर्फ त्वरित प्रतिक्रिया देते हैं, बल्कि पीड़ितों के बीच जाकर उनका दुख बांटने का काम भी करते हैं। उनकी यह संवेदनशीलता नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़ी कारगर साबित हुई है। जो आदिवासी कभी नक्सलियों के भ्रमजाल में उलझे हुए थे, वे आज छत्तीसगढ़ की मौजूदा सरकार की नीतियों और गृहमंत्री विजय शर्मा की कार्यशैली के मुरीद बन गए हैं। सिर्फ आदिवासी ही नहीं, बल्कि नक्सल समर्थक ग्रामीण और स्वयं सैकड़ों नक्सली भी गृहमंत्री के कामकाज से प्रभावित हैं। इसका प्रमाण लगातार नक्सलियों का आत्मसमर्पण है। अकेले बस्तर संभाग के बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर व कोंडागांव जिलों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण है। ऐसे में भला विजय शर्मा पर विफल गृहमंत्री का तोहमत कैसे मढ़ा जा सकता है? कुछ घटनाएं क्रिया की प्रतिक्रिया के रूप में होती हैं और आवेश में लोग हिंसक हो उठते हैं। वर्ग संघर्ष की स्थिति भी बन जाती है। हां यह जरूर है कि घटना वाले क्षेत्र में राजनेताओं का जाना आग में पेट्रोल डालने का काम करता है। बलौदाबाजार की घटना इसका बड़ा उदाहरण है। जहां विपक्षी नेताओं की आमद से शांतिपूर्ण आंदोलन हिंसक हो उठा। ऐसा ही कवर्धा के लोहारीडीह में भी हुआ है।

अब कवर्धा के एसपी और कलेक्टर को हटाकर सरकार ने स्वयं घटना के दूसरे पक्ष को मान लिया। ऐसे में जनता तक बनी बनाई बात पहुंचा कर विपक्ष ने अपनी रोटी सेंक रहा है।

नक्सल क्षेत्र में सबसे सफल गृहमंत्री

भाजपा ने रणनीति के तहत आदिवासी मुख्यमंत्री और अन्य वर्ग से उप मुख्यमंत्री बनाए। युवा और तेज तर्रार विजय शर्मा को गृहविभाग देकर पार्टी ने अच्छा संकेत दिया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल क्षेत्र में जाकर वहां के हालात को जनने का प्रयास किया। वहां के लोगों का दुख दर्द साझा किया, हालात सुधारने कई काम किए। इससे नकसल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का नक्सलियों से मोहभंग होने लगा और शासन प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ने लगा। इसी गृहमंत्री के अल्प कार्यकाल दर्जनों बड़े नक्सली नेताओं और आम नक्सलियों को मार गिराया गया। ऐसे में मैदानी क्षेत्र में अपराधियों को नियंत्रित करने में विजय शर्मा सफल क्यों नहीं हो पा रहे हैं यह चर्चा का विषय है। लगता है साजिश में उन्हें फंसाने का कुचक्र रचा जा रहा है। उन्हें यहां पर वर्षाें से जमे पुलिस के कर्मियों को और टाइट करने पर जोर देना चाहिए। अफसर ऐसे हों, जो स्वयं से ज्यादा अवाम की हिफाजत पर ध्यान दे। ऐसे अफसरों को फील्ड बिठाए जाने की जरूरत है।

देश को सशक्त बनाने के लिए भाजपा को बनाएं मजबूत : सांसद भोजराज नाग

0
  • दल्ली राजहरा में सदस्यता अभियान को लेकर सांसद ने नाग ने भरा जोश 

दल्ली राजहरा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर सदस्यता अभियान देशभर में चलाया जा रहा है। सदस्यता अभियान के तहत कांकेर क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग और बालोद जिला भाजपा अध्यक्ष पवन साहू दल्ली राजहरा के गांधी चौक के शक्ति केंद्र क्रमांक 6 में पहुंचे। सदस्यता अभियान में जुड़े राजहरा मंडल के पदाधिकारियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में नए भाजपा सदस्य भी उपस्थित थे, जो सीधे और सरल स्वभाव के सांसद भोजराज नाग को अपने बीच पाकर गदगद हो उठे।

सर्वप्रथम नगर पालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन ने कहा कि सदस्यता अभियान को हम सब मिलकर एक त्यौहार के रूप में मनाएं तथा कोशिश करें कि जितने ज्यादा से ज्यादा लोग इस सदस्यता अभियान में जुड़ेंगे, उतनी ही ज्यादा मजबूती पार्टी को मिलेगी। हमें प्रधानमंत्री मोदी जी के विचारों, उद्देश्यों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए एक कड़ी बनाने में आसानी होगी।पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष गोविंद वाधवानी ने कहा कि सदस्यता का जो लक्ष्य सदस्यता के लिए राजहरा मंडल को दिया गया है, हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि उस लक्ष्य से आगे जाकर हम समस्त कार्यकर्ता पदाधिकारी नए सदस्य बनाएंगे। जैसे कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है वैसे दल्ली राजहरा में एक इतिहास रचेंगे और सबसे ज्यादा सदस्य बनाएंगे। यह हमारा और कार्यकर्ताओं का विश्वास है। जिला अध्यक्ष पवन साहू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम भाजपा के नेता सशक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत करने इस देश को सशक्त बनाने के लिए सशक्त भाजपा बनाने के लिए इस जगह इकट्ठा हुए हैं। सबसे पहले 2014 में अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। तब उन्होंने मोबाइल में मिस कॉल के माध्यम से सदस्यता अभियान चलाया था और इस देश की ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में भारतीय जनता पार्टी को स्थापित किया था। आप और हम सभी की मेहनत से हमें सबसे विश्व के सबसे बड़े संगठन का सदस्य होने का सौभाग्य मिला है। 2019 में सदस्यता अभियान की शुरुआत हुई थी, लेकिन कोरोना काल का विषम समय था इसलिए बहुत कम लोगों को सदस्य बना पाए थे। 2 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश नड्डा ने नई सदस्यता दिलाकर सदस्यता अभियान की शुरूआत की थी। 3 सितंबर को विष्णु देव साय को प्रदेश अध्यक्ष किरण देव जी ने सदस्य बनाया।हमारे सांसद के सदस्यता अभियान की शुरुआत जिला कार्यालय बालोद से हुई। श्री साहू ने सभी बूथ प्रभारियों से निवेदन किया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सदस्यता अभियान से जोड़ें। जो हमें लक्ष्य दिया गया है उस लक्ष्य पूरा करें। सशक्त भारत सशक्त भाजपा बनाने के लिए इसकी आवश्यकता है। अभी भी किसी के दिमाग में है कि मैं पूर्व से ही ही भाजपा का कार्यकर्ता हूं, लेकिन यह सिस्टम समाप्त हो चुका है। सभी की सदस्यता 31 अगस्त को खत्म हो चुकी है। 31 अगस्त के बाद प्रधानमंत्री जी को भी नवीन सदस्यता दिलाई गई है। हर घर से दो व्यक्तियों, माताओं, बहनों, नौजवान साथियों को भी सदस्य बनाएं। ताकि उनको लाभ मिल सके।स्थानीय निकाय में सदस्यता अभियान में तेजी लाएं।सांसद भोजराज नाग ने भारत माता की जय, वंदे मातरम शीतला माता की जय, भारतीय जनता पार्टी की जय के साथ अपना उद्बोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी का सदस्यता अभियान चल रहा है। स्थानीय निकायों के चुनाव होने वाले हैं। जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी जी इस भारत देश को विकसित राष्ट्र बनाने का काम कर रहे हैं, उसमें हमारा भी योगदान जरूरी है। इसके लिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि अधिक से अधिक लोगों को भारतीय जनता पार्टी का सदस्य बनाएं।

हमारे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने महतारी वंदन योजना लाकर माता और बहनों को हर माह 1 हजार की राशि दिला रही है।किसान भाइयों से प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से की धान खरीदी कर रही है। तमाम योजनाएं मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विकसित करने के लिए लाई गई है। उससे निश्चित ही हमारा देश विश्व का सशक्त देश और विश्व गुरु बनेगा। हम सभी को भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करने का सुअवसर मिला है। पिछली बार हमने 14 करोड़ सदस्य बनाए थे जिसके कारण हमें दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल होने का गौरव प्राप्त हुआ है। आज हमारे पास विकल्प हैं कि आज हम इससे भी ज्यादा सदस्य बनाकर लोगों को भाजपा से जोड़कर उसके विचारों से जोड़कर भाजपा को सशक्त बनाने में मदद कर सकते हैं। कार्यक्रम समाप्ति के बाद सांसद श्री नाग ने स्थानीय घोड़ा मंदिर की जर्जर हालत का भी निरीक्षण किया तथा अतिशीघ्र उसे संबंध में कोई ठोस उपाय उठाने का आश्वासन घोड़ा मंदिर विकास समिति को दिया।

द्विवेदी ने रखी पुल की मांग

मंडल भाजपा अध्यक्ष राकेश द्विवेदी द्वारा वार्ड क्रमांक 13 जाने वाले मार्ग पर रेलवे पटरी पर पुल की निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। जिस पर की सांसद श्री नाग ने यथाशीघ्र कार्य कराने का आश्वासन दिया। सदस्यता अभियान के दौरान दलित राजा मंडला के कार्यकर्ता सुजाता सेन मंजू राजपूत, लोकेंद्र कौमार्य, रणजीत सिंह सुमन बघेल ने सांसद श्री नाग के रेफरल कोड से सदस्यता ग्रहण की।कार्यक्रम का संचालन राजहरा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल महामंत्री महेंद्र सिंह गुड्डू, मदन माइती, किरण सिंन्हा, महेंद्र पिपरे, बॉबी छतवाल, महेश पांडे, राजू कुकरेजा, भूपेंद्र श्रीवास, रमेश गुर्जर, रमेश जैन, विजयभान, जयदीप गुप्ता, स्वाधीन जैन, तोरण लाल साहू, नंदा पसीने, उषा साहू, लीलावती साहू, रंभा कोसमा, ललिता विश्वकर्मा, सोनू ठगेल, सुमीत जैन, मनोज दुबे, विजय सिंन्हा, राजेश कांबले, सुरेंद्र बेहरा, हिमांशु बाघ, राहुल शर्मा, नवीन साहू, विरेन साहू, लोकेश साहू, राजेश पिपरे, भुवनेश्वरी यादव, रोहिणी तिवारी, महेश्वरी साहू, उत्तरा, द्रुपद साहू, लक्ष्मी साहू, सुजाता सेन, लोकेंद्र कुमारी, रणजीत सिंह ठाकुर, सुमन बघेल, सतीष गुप्ता उपस्थित थे।

राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दल्लीराजहरा के 6 खिलाड़ियों पदक जीता

0

दल्लीराजहरा:- राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता 14 से 16 सिंतबर हरियाणा सोनीपत में आयोजित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ दल्ली राजहरा के 6 खिलाड़ियों ने भाग लिया और अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ लौटने के बाद जिला अध्यक्ष माननीय पनव साहू जी एवं मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी जी से जाकर मुलाकात की उन्होने पदक विजेता खिलाड़ियों की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी एवं ऑल इंडिया IPF पावर लिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष, कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट छत्तीसगढ़ शासन शहीद राजीव पांडे अवार्ड से सम्मानित माननीय तेजा सिंग साहू जी, पावर लिफ्टिंग के कोच वीर हनुमान सिंह, प्रकाश बक्शी, रीतू साहू, बेटमेन्टन कोच बादल तिवारी, राजहरा माइंस जीएम गेहरवाल जी, बबलू बॉक्सर, संतोष कोषी सभी ने बहुत-बहुत बधाई दी हैं।

खिलाड़ियों के नाम –

1. प्रिया हरपाल – स्वर्ण पदक

2. ललिता नायक – कास्य पदक

3. मोनिका – रजक पदक कोच – हरिनाथ

4. श्रृष्टी विभार – रजक पदक

5. राकेश गौर – रजक पदक

6. रामअवतार साहू – रजक पदक

उधर नक्सली लीडर मनाते रहे के पार्टी विलय दिवस, इधर 8 सक्रिय नक्सलियों ने कर दिया आत्मसमर्पण

0
  • समर्पित नक्सलियों में 11 लाख के 3 ईनामी नक्सली 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के नक्सली लीडर उधर पार्टी विलय दिवस मनाते रहे और इधर आठ सक्रिय नक्सलियों ने उनका दामन झटक कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 11 लाख के तीन ईनामी नक्सली भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों नक्सली संगठनों के नेता पार्टी विलय दिवस का जश्न मनाने में डूबे हुए हैं। ऐसे खास मौकों पर नक्सली और भी आक्रामक हो उठते हैं और जगह जगह वरदातों को अंजाम देने की फिराक में लगे रहते हैं। मगर अब नक्सल सहयोगियों और सक्रिय नक्सलियों का हिंसा से मोहभंग होता जा रहा है। उनके मन से बड़े नक्सलियों का डर खत्म होता जा रहा है। यही वजह है कि उधर नक्सली लीडर विलय दिवस के जश्न में डूबे रहे और इधर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से अहिंसक समाज के लिए पुर सुकून खबर आ गई कि आठ सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज, डीआईजी सीआरपीएफ बीजापुर सेक्टर के मार्गदर्शन में बीजापुर जिले में सघन नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत डीआरजी, बस्तर फाईटर, सीआरपीएफ की 85वीं व 222वीं वाहिनी एवं 202, 210 कोबरा बटालियन की 202वीं व 210वीं वाहिनी के संयुक्त प्रयासों से व छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति तथा शासन द्वारा चलाए जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर आठ सक्रिय नक्सलियों ने शनिवार को सरेंडर कर दिया। गंगालूर एरिया कमेटी, नेशनल पार्क एरिया कमेटी एवं उसूर पामेड़ एरिया कमेटी के प्लाटून कमांडर, पार्टी सदस्य एवं अध्यक्ष सहित 8 नक्सलियों ने 21 सितंबर को उप पुलिस महानिरीक्षक, केरिपु ऑप्स बीजापुर देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ जितेंद्र कुमार यादव, कमांडेंट 85वीं वाहिनी सुनील कुमार, कमांडेंट 222वीं वाहिनी केरिपु विजेंद्र कुमार, कमांडेंट 202 कोबरा बटालियन अमित कुमार, कमांडेंट 210वीं कोबरा बटालियन अशोक कुमार, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार के समक्ष नक्सलियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर एवं छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में चंदर कुरसम प्लाटून नंबर 12 कमांडर, ईनाम 8 लाख रुपए, मंगली पोटाम ऊर्फ क्रांति प्लाटून नंबर 2 पार्टी सदस्य, ईनाम 2 लाख रुपए, आयतू कोरसा आरपीसी अध्यक्ष, ईनाम 1 लाख रुपए, 18 स्थाई वारंट लंबित, रामू लेकाम आरपीसी सीएनएमस अध्यक्ष, महेश यादव ऊर्फ आपू मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन कमांडर, सुदरू हेमला ऊर्फ पोट्टी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून ए सेक्शन कमांडर, हुंगा डोडी सीएनएम उपाध्यक्ष, सुरित यादव ऊर्फ सुरेश बुरजी आरपीसी शामिल हैं। इन नक्सलियों पर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, लूटपाट, सड़क अवरुद्ध करने, जवानों पर हमले कई मामले दर्ज हैं। नक्सलियों द्वारा आदिवासियों पर किये जा रहे अत्याचार से त्रस्त होकर एवं छग शासन की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने पर उन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 25- 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

गृहमंत्री शर्मा की है यह विजय

नक्सलियों के पार्टी विलय दिवस के बीच सक्रिय और ईनामी नक्सलियों के आत्मसमर्पण को गृहमंत्री विजय शर्मा की बड़ी विजय के रूप में देखा जा रहा है। विजय शर्मा नक्सल समस्या के उन्मूलन और नक्सल प्रभावित इलाकों के आदिवासियों के मन में सरकार और सिस्टम के प्रति भरोसा जगाने के मामले में सबसे सफल गृहमंत्री के रूप में देखे जा रहे हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस और फोर्स जहां बड़े ही आक्रामक तरीके और योजनाबद्ध ढंग से लगातार नक्सलियों पर नकेल कस रही है, वहीं प्रभावित इलाकों के लोगों का भरोसा जीतने में भी लगातार कामयाब हो रही है। विजय शर्मा छत्तीसगढ़ के पहले गृहमंत्री हैं, जो नक्सल गढ़ में कई बार जा चुके हैं। वे धुर नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ितों और आम आदिवासियों का दुख दर्द साझा करने में कभी पीछे नहीं हटते। इससे पहले कभी किसी गृहमंत्री ने ऎसी पहल की ही नहीं थी। विजय शर्मा के इस अंदाज के कायल आदिवासी हो गए हैं और सरकार एवं व्यवस्था के प्रति उनमें विश्वास भी बढ़ा है। इसी विश्वास और भरोसे का नतीजा है कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण का अनवरत सिलसिला बस्तर में चल पड़ा है।

अभाविप जगदलपुर की नई नगर कार्यकारिणी घोषित

0
  • अश्विन पिल्ले को दिया गया नगर मंत्री का दायित्व 

जगदलपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्तर जिला की जगदलपुर नगर इकाई की नई कार्यकारिणी का घोषणा की गई।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला संयोजक शैलेश ध्रुव ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के व्यापक परिप्रेक्ष्य में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के कार्य में संलग्न है। इसके लिए सभी क्षेत्रों में राष्ट्र के विकास के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समावेशी और रचनात्मक दृष्टिकोण पर जोर देती है और सदैव छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहती है। विद्यार्थी परिषद प्रति वर्ष नगर की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा करती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के सदस्य एवं बस्तर विभाग के संगठन मंत्री शअमित कुमार ने नगर इकाई की नई कार्यकारिणी घोषित की। परिषद की जगदलपुर नगर इकाई के इस सत्र के नगर मंत्री के रूप में अश्विन पिल्ले का चयन किया गया। इसके साथ अवनीश मिश्रा, ऋतिक जोगी, वैभव दास, वनिता नेताम को नगर सह मंत्री के लिए निर्वाचित किया गया। नगर एग्जिबिशन प्रमुख गौरव भवानी, सह प्रमुख अमन वर्मा, नगर महाविद्यालय प्रमुख राजेंद्र सिंह ठाकुर, सह प्रमुख प्रशांत लाटिया, मनीष, नगर सोशल मीडिया प्रमुख तेमान मंडल, सह प्रमुख दीपक गुहा, नगर एसएफएस प्रमुख दिशा, सह प्रमुख अक्षत दहिया, नगर एसएफडी प्रमुख यश राठी, सह प्रमुख लक्ष्य दहिया , नगर आरकेएम सह प्रमुख राजकमल, नगर खेलो भारत प्रमुख रघुराज, नगर विद्यालय प्रमुख देव यादव, नगर स्टडी प्रमुख अजय आरकी, कार्यालय मंत्री पुनव कुंजाम, नगर कार्यकारिणी सदस्य नुशांत गोविंद, निखिल, दिव्यराज, करण, आयुष, पप्पू, पवन मनोनीत किए गए हैं।

प्राकृतिक आपदा से कहीं ज्यादा कीट व्याधि से पहुंचता है फसलों को नुकसान

0
  • हर साल कीट प्रकोप से चौपट हो जाती है 
  • बकावंड ब्लॉक में धान की फसलों पर कीट प्रकोप 

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड के खेतों में लहलहा रही धान की फसलों को कीट प्रकोप लग गया है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों ने मौसम की मार के साथ ही कीट व्याधि से भी फसल क्षतिग्रस्त होने पर बीमा राशि देने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की है।

धान की फसल जब पकने को होती है तब उस पर तना छेदक, हरा माहो, भूरा माहो, टिड्डी, झुलसा रोग, अन्य कीटों का प्रकोप शुरू हो जाता है। कीट व्याधि के चलते धान की बालियों में दूध नहीं भर पाता और फसल लगभग सूख जाती है। हालत यह हो जाती है कि किसानों को अपने मवेशियों के लिए पैरा तक नहीं मिल पाता, अनाज तो दूर की बात है। पकी पकाई फसल तैयार होने के दौरान अगर तेज बारिश होती है तथा आंधी या हवाएं चलती हैं, तो फसल खेत में गिर जाती है, धान की बालियां भीग जाती हैं। मगर ऐसे हालात में भी किसानों को थोड़ा बहुत और गुणवत्ता विहीन ही सही, खाने लायक अनाज तो मिल जाता है। वहीं कीट व्याधि लगने पर थोड़ी भी उपज मिलने की उम्मीद खत्म हो जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सिर्फ प्राकृतिक आपदा में ही बीमित किसान को बीमा राशि देने का प्रावधान है। जबकि फसलों को बेतहाशा नुकसान पहुंचाने वाले कीट पतंगे भी प्रकृति प्रदत्त जीव हैं। फसल बीमा के दायरे में कीट प्रकोप और टिड्डी दलों के फसलों पर हमले को भी शामिल किया जाना चाहिए, तभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सार्थकता सिद्ध होगी और किसानों को राहत मिल सकेगी। इन दिनों बकावंड विकासखंड के कई गांवों की धान फसल आप ही आप सूखती जा रही है। पौधे झुलसे हुए नजर आ रहे हैं। फसलों की ऎसी हालत देख किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि हर साल कीट प्रकोप से भी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचता है। ग्राम पंचायत बकावंड, टलनार, बनियागांव, बेलगांव के किसान सुधरु नाग, हरिबंधु नाग, संजय सेठिया, तुलाराम सेठिया, जानकी राम भारती, नरसिंह पुजारी, बृजलाल सेठिया, राजिम सेठिया, मनसिंह सिन्हा, सुधन सिन्हा आदि किसानों ने कीट व्याधि व अन्य रोगों के चलते क्षतिग्रस्त होने वाली फसल को भी बीमा के दायरे में लाने तथा मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

मां की याद में हर माह एक बेटी कराती है बच्चों को न्यौता भोज

0
  •  हर बार अलग- अलग व्यंजनों के स्वाद लेते हैं स्कूल के बच्चे 
  • नवरात्रि में खीर पूड़ी और पावभाजी खिलाने का वादा

जगदलपुर एक बेटी अपनी दिवंगत मां की स्मृति में हर माह स्कूली बच्चों को न्योता भोज देती आ रही है। ऐसा करके इस बेटी का दुख थोड़ा हल्का हो जाता है और उसे दिली तसल्ली भी मिलती है। वहीं स्कूल के बच्चों को महीने में एकबार स्वादिष्ट पकवान खाने को मिल जाता है। स्कूल के बच्चे अपनी विभा आंटी का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

विकासखंड बस्तर के ग्राम परचनपाल निवासी विभा चावड़ा हर माह गांव के स्कूल के बच्चों को न्योता भोज कराती हैं। प्राथमिक शाला परचनपाल में प्रति माह की तरह इस माह भी शनिवार को विभा चावड़ा द्वारा प्राथमिक शाला के बच्चों को न्यौता भोज कराया गया। जबसे शासन द्वारा न्योता भोज की शुरआत की गई है तबसे नियमित रूप से प्रतिमाह विभा चावड़ा स्वेच्छा से बच्चों के लिए खुद अपने घर से खाना पका कर लाती हैं। उन्होंने अब तक बच्चों को, खीर पूड़ी, छोले, ढोकला, इडली, डोसा, बड़ा, भजिया, साबूदाना की खिचड़ी, वेज खिचड़ी, लड्डू, केक, सूजी का हलवा जैसे पकवान खुद बनाकर बच्चों को स्कूल में खिला चुकी हैं। समय समय पर वे बच्चों को कॉपी पेन रबर कटर जैसी चीजें भी बांटती हैं। पिछले वर्ष राजनांदगांव निवासी उनकी माताजी का देहावसान हुआ था। अपनी स्वर्गवासी माताजी की स्मृति में प्रत्येक माह विभा चावड़ा स्कूल में यह नेक कार्य करती आ रही हैं। उनका कहना है कि मां को जो भी चीजें पसंद थीं, वह सारी चीजें वे न्योता भोज में परचनपाल प्राथमिक शाला के बच्चों को परोसती हैं। सारे पकवान विभा चावड़ा खुद अपने हाथों से तैयार करती हैं। भावुक होकर विभा चावड़ा ने कहा कि बच्चों को खिलाकरमुझे ऎसी अमूभूति होती है जैसे मेरी मां ने मेरे हाथों से खाना खा लिया है।विभा ने नवरात्रि के लिए अभी से मैन्यू तैयार कर लिया है। वे बताती हैं कि अगले महीने नवरात्रि में खीर पूड़ी और बच्चों की मांग पर पावभाजी खिलाने का वादा उन्होंने बच्चों से किया है। इस अवसर पर प्रधान अध्यापिका प्रिया ठाकुर, जयश्री जेठवा मुख्य रूप से मौजूद थीं।

आंदोलन से नगरनार स्टील प्लांट को करोड़ों की चपत, प्रबंधन ने कॉइल उत्पादन में की कटौती

0
  • माल उत्पादन भी 1 हजार टन प्रतिदिन घटा दिया 

अर्जुन झा-

जगदलपुर जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन व्यावसायियों की जायज मांगों को चल रही हड़ताल से नगरनार स्टील प्लांट को बड़ा झटका लग रहा है। संयंत्र में उत्पादन प्रभावित होने लगा है और रोजाना दो करोड़ का घाटा हो रहा है। का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है तो प्लांट में अचानक एक हजार टन उत्पादन घटा दिया गया है जबकि प्रबंधन को रोलर मिल मालिकों और परिवहनकर्ताओं के बीच मध्यस्थता करनी थी लेकिन उल्टे नगरनार स्टील प्लांट द्वारा धमकी -चमकी दी जा रही है। केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एनएमडीसी द्वारा नगरनार स्टील प्लांट लगाया है। इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए जब जमीन की जरूरत पड़ी, तब एनएमडीसी के अधिकारी नगरनार समेत आसपास की सभी ग्राम पंचायतों के पंच सरपंचों और ग्रामीणों से चिरौरी करते नहीं थकते थे। जमीन लेने के लिए गांव वालों की सारी शर्ते स्थानीय स्तर पर मान ली गईं थीं, मगर अब कहा जाने लगा है कि मांगों को पूरा करना स्थानीय प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन संघ के लोग शर्तों के मुताबिक ही स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी देने, माल परिवहन के कार्य में नगरनार और बस्तर जिले के ट्रांसपोर्टरों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। समझौते से प्लांट प्रबंधन के मुकरने के बाद उसकी ही राह पर चलते हुए रोलिंग मिल मालिकों का रवैया भी अड़ियल हो गया है। मिल मालिकों ने भाड़ा घटा दिया है। स्थानीय लोगों के परिवहन कार्यो में राशि की कटौती कर दी गई है। जिसके फलस्वरूप अब परिवहन व्यवसायी सड़क की लड़ाई लड़ रहें हैं। प्लांट के गेट नंबर -2 के सामने जारी आंदोलन के चलते प्लांट से न माल लेकर ट्रक बाहर आ पा रहे हैं और न ही अंदर जा पा रहे हैं। इससे प्रबंधन को भारी नुकसान हो रहा है। उत्पादन गतिविधियां भी अब प्रभावित होने लगी हैं। गेट जाम करने के बाद रोज महज 4 हजार टन माल का 225 नग कॉइल्स का ही उत्पादन हो पा रहा है। सूत्र बताते हैं कि नगरनार स्टील प्लांट ने आंदोलन को देखते हुए पहले दिन की हड़ताल के बाद एक हजार टन का उत्पादन घटा दिया है, जिससे एक दिन में ही 17 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इधर आंदोलनकारी गेट के सामने से हटने को तैयार नहीं हैं और प्रबंधन है कि मानने को राजी नहीं दिख रहा है। ऐसे में प्लांट को और भी बड़ी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।

सुबह 6 बजे से डटे हैं गेट पर

आंदोलन के दूसरे दिन यानि 21 सितंबर को जय झाड़ेश्वर समिति तथा बस्तर परिवहन संघ के पदाधिकारी सदस्य सुबह छः बजे से ही मटेरियल गेट नंबर 2 के सामने डेरा डाल कर बैठ गए हैं जिसकी वजह से वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। एचआर कॉइल्स के अलावा दीगर माल के भी परिवहन कार्य में भी बड़ी बाधा आ गई है। संयंत्र के सामने वाहनों की रेलमपेल मच गई है। झाड़ेश्वर समिति अध्यक्ष बनमाली नाग, बीपीएस अमर सिंह के नेतृत्व में धरना- प्रदर्शन जारी है। भाजपा नेत्री व डीकेएम अध्यक्ष गीता मिश्रा, प्रकाश राव, जुगल किशोर, चरण सेठिया, दिनेश सेठिया, ओमप्रकाश दास, तपन राय सहित बड़ी संख्या में परिवहन व्यवसायियों की उपस्थिति है। इन लोगों ने नगरनार स्टील प्लांट महाप्रबंधक मीडिया रफीक अहमद जनवाड़े के बयान को आड़े हाथों लिया है और परिवहनकर्ताओं ने कहा है कि सोच समझकर ही कोई निर्णय लिया जाता है वाजिब मांगों के लिए हम लड़ेंगे- डरेंगे नहीं। महाप्रबंधक हमें डराने धमकाने की कोशिश न करें। आंदोलन के समर्थन में अब सभी प्रभावित गांवों के ग्रामीण भी अपने घरों से बाहर निकल कर आंदोलन स्थल पर पहुंचने लगे हैं।

बंद कराने सड़कों पर निकले दीपक बैज

0

रायपुर कवर्धा जिले के लोहारीडीह में घटित कचरू साहू हत्याकांड और पुलिस कार्रवाई के विरोध में आज आयोजित छत्तीसगढ़ बंद को सफल बनाने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज 21 सितंबर को सुबह से ही सड़कों अपनी टीम के साथ निकल पड़े। स्वयं एक्टिवा वाहन चलाते हुए दीपक बैज लोगों से बंद का आह्वान करते रहे। हालांकि दीपक बैज जब सुबह निकले तब दुकानें खुली नहीं थीं, मगर उनके इस तरह सड़क पर निकलने का असर भी कुछ देर बाद दिखने लगा। खुलने के समय के बाद भी सभी दुकाने बंद ही रहीं। श्री बैज एमजी रोड, पंडरी, जय स्तंभ चौक, समेत अन्य व्यवसायिक क्षेत्रों से गुजरे। बाद में श्री बैज अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ पैदल चलते हुए दोनों हाथ जोड़कर व्यापारियों और आम नागरिकों से बंद को सफल बनाकर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के संघर्ष में सहयोग की अपील करते रहे।

दुखती रग पर हाथ रखा तो प्लांट प्रबंधन उतर आया डराने धमकाने पर

0
  •  जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन संघ ने प्लांट का गेट किया जाम
  • प्रबंधन ने कहा घातक हो सकता है गेट ब्लॉक करना

अर्जुन झा

नगरनार नगरनात स्टील प्लांट के गेट नंबर- 2 का शुक्रवार को सुबह 10 बजे से झाडेश्वर समिति और बस्तर परिवहन संघ के सदस्यों ने घेराव कर रखा है। इसके कारण कोई भी वाहन माल लेकर स्टील प्लांट में प्रवेश नहीं कर पा रहा और न ही बाहर जा पा रहा है। वहीं दूसरी ओर जिस प्रबंधन ने समिति और परिवहन संघ की कभी एक नहीं सुनी, वह प्रदर्शन कर रहे लोगों को डराने धमकाने पर उतर आया है। दरअसल प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन की दुखती रग पर हाथ रख दिया है।

20 सितंबर को सुबह से बस्तर परिवहन संघ और जय झाडेश्वर समिति के सदस्य संयंत्र में माल परिवहन का काम बस्तर के ही परिवहन व्यवसायियों को देने और प्लांट में स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी देने की मांग को लेकर डटे हुए हैं। ये लोग प्लांट के गेट नंबर 2- को जाम किए बैठे हैं। इससे पहले भी जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन संघ के पदाधिकारी सदस्य दसियों बार प्लांट से कुछ दूर पंडाल लगाकर कई कई दिनों तक प्रदर्शन कर चुके हैं। तब एक भी बार प्रबंधन की ओर से कोई पूछने तक नहीं पहुंचा। वहीं आज जब इन लोगों ने कड़े तेवर दिखाते हुए प्लांट का माल परिवहन ठप कर दिया, तो प्रबंधन कांप उठा है।

ये कहा है प्रबंधन ने

प्लांट के संचार विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि

वाहनों पर लगाया गया यह प्रतिबंध न केवल गलत है, बल्कि अवैध भी है। इससे सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, क्योंकि एकीकृत स्टील प्लांट एक अत्यधिक खतरनाक कारखाना होता है।गेट नंबर 2 यानि मटेरियल गेट वह गेट है, जिसके माध्यम से आवश्यक कच्चा माल स्टील प्लांट में आता है और तैयार माल बाहर भेजा जाता है। इस गेट को बंद करने से कई नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। एकीकृत स्टील प्लांट में महत्वपूर्ण कच्चे माल की समय पर डिलीवरी न होना भी सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है। आज रात या उसके बाद कोई अप्रिय घटना होने पर इसका दोष सीधे जय झाड़ेश्वर समिति और बस्तर परिवहन संघ पर आएगा। उनकी मांगे एनएसएल के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं और इसलिए एनएसएल उन मांगों को पूरा करने की स्थिति में नहीं है। यह बात आंदोलनकारियों को बता दी गई है। यही बात जिला प्रशासन और उनके नेताओं के माध्यम से भी उन्हें बताई गई है। इसके बावजूद ये विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।काम बंद होने से स्टील प्लांट को भारी नुकसान होता है और समर्पित श्रमिकों का मनोबल भी गिरता है। स्टील प्लांट में नियमित विरोध प्रदर्शन और काम बंद होना एनएसएल के कामकाज और बस्तर की छवि के लिए बेहद हानिकारक है, क्योंकि यह स्टील प्लांट बस्तर की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और बस्तर के औ‌द्योगीकरण और प्रगति का प्रतीक है। स्थानीय नगरनार पुलिस स्टेशन और जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है और हमने इस नाकेबंदी को हटाने में उनकी सहायता का अनुरोध किया है।

MOST POPULAR

HOT NEWS