City Media - Page 610 of 1856 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
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क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए प्रवेश आज

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जगदलपुर जिला प्रशासन बस्तर के मार्गदर्शन में बस्तर के खिलाड़ियों के लिए जिला स्तरीय टेनिस बॉल किकेट प्रतियोगिता 7 जनवरी से हाता ग्राऊंड में आयोजित की जा रही है। मैच 15 -15 ओवर के होंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छुक टीमें 4 जनवरी तक 15 खिलाड़ियों की सूची मोबाईल नंबर एवं हर खिलाड़ी के आधार कार्ड सहित खेल विभाग इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम, मैनेजर स्टेडियम समिति सुनील पिल्ले मो. नं. 9424281132, वेदप्रकाश सोनी मो. नं. 7999155131, जोगेंद्र ठाकुर मो. नं. 9425261436 के पास जमा कर अपनी टीम का पंजीयन करा सकते हैं। प्रतियोगिता हेतु प्रवेश शुल्क 15 सौ रूपए एवं प्रवेश की अंतिम तिथि 4 जनवरी है।
विजेता टीम को 41 हजार रूपए एवं उप विजेता टीम को 21 हजार रूपए का नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। प्रत्येक मैच में खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच की ट्रॉफी दी जाएगी। मैन ऑफ द सीरीज, बेस्ट बॉलर, बेस्ट बैट्समेन, बेस्ट विकेट कीपर को पुरस्कृत किया जाएगा।

शासन की योजनाओं का लाभ लेकर खुशहाल बनें ग्रामीण : किरण देव

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  •  दस ग्राम पंचायतों में पहुंची विकसित भारत संकल्प यात्रा
  •  शिविर में शामिल हुए विधायक किरण देव
    जगदलपुर विकसित भारत संकल्प यात्रा की वैन बुधवार को जगदलपुर विकासखंड के कुम्हरावंड पहुंची। वहां आयोजित शिविर में जगदलपुर के विधायक किरणदेव भी शामिल हुए। उन्होंने विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ लेने हेतु ग्रामीणों को प्रेरित किया।


विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत शासकीय योजनाओं का प्रचार वाहन शनिवार को जिले की दस ग्राम पंचायतों बस्तर विकासखंड की टीकनपाल, बालेंगा व उसरी, जगदलपुर विकासखंड की कुम्हरावंड, विकासखंड लोहंडीगुड़ा की मांदर व एरमुर, दरभा विकासखंड की दरभा एवं ककालगुर और बकावंड विकासखंड की चापापदर, बोरीगांव ग्राम पंचायतों में पहुंची वैन के जरिए शासकीय योजनाओं की जानकारी देने कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी जगहों पर ग्रामीणों की उपस्थिति में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुधन विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। संकल्प यात्रा स्थल में स्कूली बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
मांदर के कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे ने उपस्थित ग्रामीणों को विकसित भारत संकल्प की शपथ दिलाई और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को कार्ड वितरण किया। संकल्प यात्रा शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामों को ओडीएफ और स्वच्छता के लिए प्रमाण पत्र भी दिए। साथ ही पंचायत को शत-प्रतिशत डिजिटल भू अभिलेखीकरण का प्रमाण पत्र और पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मेरी कहानी मेरी जुबानी के तहत योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने योजना के चलते उनके जीवन में आए बदलाव की कहानी को ग्रामीणों के साथ साझा की।

आदिवासी वार्डो में नगर पालिका के द्वारा की जा रही उपेक्षा को लेकर भाजपा नेताओं न.पा. अधिकारी से चर्चा की

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दल्लीराजहरा नगर पालिका क्षेत्र के आदिवासी वार्ड वासीयों की हो रही उपेक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, शीतल चंद्रवंशी से चर्चा की एवं शहर की मूलभूत समस्या को भी तत्काल सुधार करने को कहा जिसमें बस स्टैंड में शौचालय बंद होने से बाहर आने वाले यात्रियों जिसमें कई महिलाएं भी रहती हैं जिन्हें अव्यवस्था के कारण शौच के लिए जाने में हो रही परेशानी का निराकरण करे। इसी प्रकार वार्ड नंबर 24 की गलियों में टूटे हुए स्लैब के तत्काल मरम्मत करने एवं शहर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधारने चूंकि मरम्मत के नाम पर कई जगह के लाइट को निकाल कर ले जाने के बाद पुनः उस स्थान पर लाइट नहीं लगाया गया है जिसे कई स्थानों पर अंधेरा रहता है। इसके अलावा सभी वार्डों में समान रूप से कार्य करवाने व पक्षपात न करने के साथ-साथ नगर पालिका के द्वारा कराए जा रहे कार्यों में की गुणवत्ता को भी सुधारने की बात कही इस चर्चा में भारतीय जनता पार्टी जिले के कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी नगर पालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन नेता प्रतिपक्ष बॉबी छतवाल महामंत्री महेंद्र सिंह महिला मोर्चा उपाध्यक्ष किरण सिन्हा पार्षद सौहद्रा ठाकुर, राजेश कांबले हुकुम सिंह ठाकुर निलेश श्रीवास्तव सुमित जैन उपस्थित थे।

 

साय से यादव की मुलाकात

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भिलाई नगर के युवा समाजसेवी और भाजपा नेता इंजीनियर जयप्रकाश यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से रायपुर स्थित निवास पहुना में भेंटकर जनहित के अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की। जयप्रकाश यादव ने भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को  रामचंद्र जी के ननिहाल छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री बंद रखने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।  यादव ने आरंभ में मुख्यमंत्री को बुके भेंटकर उनका अभिनंदन किया और नववर्ष की शुभकामनाएं दी।

नहीं चलेगा अटकाने, लटकाने, भटकाने का खेल : केदार कश्यप

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  •  पदभार सम्हालते ही मंत्री की अफसरों को दो टूक
  • विभागीय कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी मंत्री कश्यप ने

अर्जुन झा

जगदलपुर समूचे बस्तरवासियों की आराध्य देवी दंतेश्वरी माई का आशीर्वाद लेकर बस्तर के आदिवासी सपूत और छत्तीसगढ़ शासन के वन, जलवायु परिवर्तन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में अधिष्ठात्री देवी माई दंतेश्वरी के आशीर्वाद से एवं ईष्टदेव की कृपा से विधिवत् पूजा -अर्चना कर वन एवं जलवायु,जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कुर्सी सम्हालते ही विभागीय कार्यों का समीक्षा की। इस अवसर पर इष्टजन एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर संभाग की नारायणपुर सीट से विधायक चुनकर मंत्री बने केदार कश्यप बस्तर के फायर ब्रांड आदिवासी नेता माने जाते हैं। तेज तर्रार छवि वाले केदार कश्यप इससे पहले डॉ. रमनसिंह की नेतृत्व वाली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। लिहाजा उनके पास मंत्रालय चलाने का अच्छा खासा तजुर्बा है। प्रभार वाले चारों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में उलझा नहीं पाएंगे। केदार कश्यप उच्च शिक्षित भी हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। तीन बार विधायक रह चुके श्री कश्यप सभी विभागों की अच्छी समझ और जानकारी रखते हैं। इसलिए मंत्रालय चलना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। अधिकारियों को यह मुगालता पालना घातक साबित हो सकता है कि मंत्री केदार कश्यप तो नए नवेले हैं और उन्हें बातों में उलझाया जा सकता है। केदार कश्यप राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी हैं और अच्छे अच्छों का पानी उतार देने का माद्दा रखते हैं। कुर्सी सम्हालने के पहले दिन ही अफसरों को उन्होंने अपनी काबिलियत का ट्रेलर भी दिखा दिया। विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री कश्यप अफसरों से ऐसे सवाल पूछ बैठे, जिनका जवाब देते नहीं बन रहा था। पहले ही दौर में अधिकारियों को केदार कश्यप ने इशारों से समझा दिया कि अटकाने, लटकाने और भटकाने का खेल अब नहीं चलने वाला है। कहते हैं न फर्स्ट इम्प्रेशन इस लास्ट इम्प्रेशन, सो अफसर भी समझ गए कि साहब के सामने दाल नहीं गलने वाली है। राजस्थान से गुरुमंत्र लेकर आज ही लौटे केदार कश्यप के कड़क तेवर को देख अधिकारियों के पसीने भी छूटने लगे थे। सूत्रों ने बताया कि मंत्री केदार कश्यप अब जल्द ही मैदानी स्तर पर भी फुल एक्शन मोड में नजर आने वाले हैं।

दल्ली राजहरा में धार्मिक आस्था का केंद्र शिव संस्कार धाम की नई कार्यकारिणी का गठन

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  • जिसमें अध्यक्ष बने निलेश श्रीवास्तव

दल्लीराजहरा के टाउनशिप में शिव संस्कार धाम भगवान शिव की साधना आराधना के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठान व सामाजिक संस्कार का केंद्र है l इस मंदिर का निर्माण 1978 में सीआईएसएफ के जवानों के द्वारा किया गया था इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बीएसपी कर्मचारियों के द्वारा पूजा पाठ किया जाता रहा है l रखरखाव और पूजा करते हुए आज पूरा दल्ली राजहरा टाउनशिप वासी पूजा अर्चना कर अपनी मनोकामना लेकर भोले बाबा के दर पर आते हैं और भोले बाबा उनकी मनोकामना अवश्य पूरा करते हैं l यहां पर विभिन्न हिंदू संस्कार निशुल्क किया जाता है l चाहे वह हिंदू नव वर्ष की आयोजन हो या फिर महाशिवरात्रि के समय का कावर यात्रा का आयोजन हो l सभी कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शिव संस्कार धाम सेवा समिति का गठन किया गया है l जिनमें सभी पदाधिकारी मनोनीत किए गए हैं l

अध्यक्ष निलेश श्रीवास्तव

उपाध्यक्ष सौरभ भूषण। राजेश श्रीवास्तव

सचिव कमलेश कुमार साहू

कोषाध्यक्ष अध्यक्ष हेमशंकर साहू

उपकोषाध्यक्ष रमेश रावटे 

सह सचिव शेखर सिन्हा मदन देवांगन

संगठन मंत्री संजय सिंह

पूजा सचिव महेंद्र भट्ट प्रमोद गुप्ता। गोपी निषाद। राजकुमार शर्मा

सांस्कृतिक सचिव जे, आर, यादव। राकेश सोनबोइर

साधुराम चुरेंद्र 

कार्यकारिणी सदस्य अतुल लालवानी संतोष सिन्हा दीपक साहू अजय कुकरेजा सुशील गुप्ता 

संरक्षक। रामदास मानिकपुरी

अशोक पांडे

रमेश महालिंगम संरक्षक राजा डलवार

शिव संस्कार धाम के नए अध्यक्ष निलेश श्रीवास्तव ने कहा कि आप लोगों ने मुझे जो दायित्व दिए हैं उसे मैं पूरी जिम्मेदारी और विश्वास के साथ निभाऊंगा l

बोल बम का नारा है बाबा एक सहारा है।

समिति से बचने मेडिकल का सहारा, स्कूल जाने के लिए फिट

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  • अपनी जाति की पोल खुद खोल रहे हैं प्रभारी प्राचार्य
  • जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति के समक्ष पेश होने से बचने अपना रहे हथकंडा

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिला अंतर्गत एर्राबोर की शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रभारी प्राचार्य के. रामा यशवंत के जाति प्रमाण पत्र मामले में अब नया ट्विस्ट आ गया है। हालिया उपस्थिति तिथि पर वे मेडिकल की आड़ लेकर समिति के समक्ष हाजिर नहीं हुए, लेकिन स्कूल बराबर पहुंच रहे हैं। यानि इसमें भी फर्जीवाड़ा।

के. रामा यशवंत पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप है। शिकायत के आधार पर के. रामा यशवंत को अपनी जाति प्रमाणित करने के लिए जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति के समक्ष पेश होने कई दफे नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन हर बार वे कोई न कोई बहाना बनाकर समिति के समक्ष पेश नहीं होते। पिछली बार समिति ने उन्हें नोटिस जारी कर 26 दिसंबर को वंशावली, मिसल रिकॉर्ड, कोटवार दस्तावेज व अन्य प्रमाणों के साथ बुलाया था। तब के. रामा यशवंत मेडिकल आधार पर पेश नहीं हुए। इस बीच एक नया खुलासा हुआ है कि प्रभारी प्राचार्य के. रामा यशवंत एर्राबोर के अपने स्कूल में नियमित रूप से उपस्थित हो रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि एक फर्जीवाड़ा को छुपाने के लिए उन्होंने दूसरा फर्जीवाड़ा किया है। मेडिकल बेस पर वे छानबीन समिति के समक्ष तो पेश नहीं हो रहे हैं, लेकिन स्कूल बराबर पहुंच रहे हैं। यानि वे बिल्कुल भी अस्वस्थ नहीं हैं और उन्होंने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया है। सुकमा जिले की शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला एर्राबोर में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य के. रामा यशवंत पिता के. नरसिंह बीजापुर जिले की भोपालपटनम तहसील के ग्राम मद्देड़ के निवासी हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र मामले की जांच लंबे समय से चल रही है। उनके खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने की शिकायत शासन से की गई है। पिछले सात माह से उन्हें नोटिस पर नोटिस भेजकर जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति बीजापुर के समक्ष पेश होने और जाति से संबंधित आवश्यक प्रमाण रखने के लिए कहा जा रहा है। के. रामा यशवंत शुरू से ही तरह तरह के बहाने बनाकर समिति के समक्ष उपस्थित होने से बच रहे हैं। वे कभी मेडिकल आधार पर, तो पारिवारिक समस्या का हवाला देकर समिति के सामने उपस्थित होने से बचते आ रहे हैं। 26 दिसंबर 2023 को भी उन्हें उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा गया था, किंतु उस दिन भी पेश नहीं हुए। पता चला है कि उन्होंने मेडिकल लेकर 15 दिन का समय मांगा है। जबकि सूत्र बताते हैं कि के. रामा यशवंत शीतकालीन अवकाश के बाद 1 जनवरी 2024 से लगातार एर्राबोर स्कूल में सेवा देने पहुंच रहे हैं। स्कूल में सेवा देने के लिए पूरी तरह से फिट के. रामा यशवंत को समिति के सामने पेश होने के नाम पर ही आश्चर्यजनक ढंग से बुखार कैसे चढ़ जाता है, यह जांच का विषय है। कहा जा रहा है कि के. रामा यशवंत जाति के फर्जीवाड़े को छुपाने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का भी सहारा लेने लगे हैं। ज्ञात हो कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले 7 कर्मचारियों को शासन द्वारा सेवामुक्त कर दिया गया है। वहीं के. रामा यशवंत अनुसूचित जनजाति आयोग व अन्य कारणों का हवाला देकर जांच कमेटी के पास जाने से बचते आ रहे हैं। वे छानबीन समिति को अपनी जाति प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इससे अब यह साफ होने लगा है कि वे सच्चाई को छुपाने की फिराक में हैं।

दर्ज होगा धोखाधड़ी का मामला ?

के. रामा यशवंत जिस तरह जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति की आंखों में धूल झोंकते आ रहे हैं, उसे देखते हुए उनके खिलाफ धोखाधड़ी का आपराधिक मामला भी दर्ज कराया जा सकता है। कहते हैं सांच को आंच नहीं, तो फिर समिति के सामने पेश होने में डर कैसा? अगर सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए के. रामा यशवंत ने कोई गलत दस्तावेज पेश नहीं किए थे, फर्जी जाति प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया था, तो उन्हें पहला नोटिस मिलते ही निर्धारित तिथि पर जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति के समक्ष उपस्थित हो जाना चाहिए था, अपनी जाति से जुड़े सारे वांछित प्रमाण समिति को सौंप देने चाहिए थे। तब फिर उनकी ईमानदारी पर उंगली उठाने की जुर्रत कोई नहीं कर पाता। अस्वस्थता का हवाला देकर समिति के सामने उपस्थित होने के लिए पंद्रह दिन की मोहलत मांगने और उसी तथाकथित अस्वस्थता की अवधि में बराबर स्कूल जाने से तो यही लगता है कि के. रामा यशवंत पूरी तरह चुस्त दुरुस्त हैं। समिति से बचने के लिए उन्होंने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का सहारा लिया है। इस फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट मामले में भी उनके खिलाफ चार सौ बीसी का मामला दर्ज कराया जा सकता है।

कोरली की वादियां और नदी पुकारती हैं सैलानियों को

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  •  गजब का आकर्षण है बिनता की इन वादियों में
  • कोरली में नजर आती है इंद्रावती की अद्भुत छटा
  • अर्जुन झा

लोहंडीगुड़ा कोरली के नदी तट और बिनता घाटी की वादियों में गजब का आकर्षण है। यहै तट और वादियां सैलानियों को पुकारती हैं कि आओ जी भरके मेरा दीदार करो, तनाव भरी जिंदगी के कुछ पल हमारे दामन में बैठकर सुकून के साथ गुजरो। यकीन मानिए अगर अब बिनता घाटी और कोरली के नदी तट पर एकबार पहुंच गए, तो वहां से लौटने का मन नहीं करेगा। तो फिर देर किस बात की, तुरंत चले आइए बस्तर। यहां आकर गुजारिए कुछ हसीन पल।

     कुदरत ने छत्तीसगढ़ के बस्तर को बहुत सारी नेमतों से नवाजा है। बस्तर का कण कण प्रकृति की अनुपम गाथा सुनाते प्रतीत होते हैं। साल, बीजा, सागौन, तेंदू, खम्हार, छिंद समेत दर्जनों प्रजातियों के पेड़ों से आच्छादित जंगल, कलकल बहती नदियां, विहंगम जल प्रपात, अति प्राचीन गुफाएं, शैलचित्र एवं भित्तिचित्र, प्राचीन प्रतिमाएं, आसमान से गलबाहियां करते पहाड़ और पहाड़ों को चूमते बादल क्या कुछ नहीं दिया है प्रकृति ने बस्तर को। ऐसा लगता है कि कुदरत ने बस्तर को दिल खोलकर नेमतों से नवाजा है। बस्तर में विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जल प्रपात, तीरथगढ़ वाटरफॉल, कुटुमसर की गुफा, केशकाल घाटी का विहंगम दृश्य, बैलाडीला की पहाड़ियों पर विचरण करते कपसीले और स्याह बादलों के झुंड, प्राचीन और विशालकाय भगवान गणेश की अलौकिक प्रतिमा, दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी का पावन धाम, कांकेर स्थित मां कंकालिन का दिव्य दरबार के साथ ही अनगिनत दर्शनीय, रमणीय और पूज्यनीय स्थल हैं। इन जगहों पर आकर लोग अपना अतीत भूल जाते हैं, वर्तमान में खो जाते हैं और सुनहरे भविष्य का तानाबाना बुनने में मशगूल हो जाते हैं। यही वजह है कि बस्तर की हसीन वादियों में बारहों माह सैलानियों का जमघट लगा रहता है। देश के प्रायः सभी राज्यों के पर्यटकों की आमदरफ्त तो लगी ही रहती है, विदेशी सैलानी भी बड़ी संख्या में सुकून की तलाश करते बस्तर पहुंचते हैं। सभी पर्यटक लौटते समय खूबसूरत यादें सहेजकर अपने साथ ले जाते हैं। बस्तर में अब एक नया पर्यटन स्थल सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करने लगा है। यह पर्यटन स्थल है बिनता घाटी और इस घाटी की वादियों में बसा गांव कोरली। बस्तर के जिला मुख्यालय जगदलपुर सेमहज 70 किलोमीटर दूर स्थित बिनता घाटी की छटा तो देखते ही बनती है, इंद्रावती नदी के तट पर बसे गांव कोरली का भी नजारा दिल की गहराइयों में उतर जाता है।

कोरली का खूबसूरत नजारा

बिनता घाटी के दामन में बसा गांव कोरली भले ही उपेक्षित और विकास से कोसों दूर पिछड़ा हुआ गांव है, मगर यह प्रकृति प्रदत्त उपहारों से समृद्ध है। कलकल करती इंद्रावती नदी इस गांव के पांव पखारते हुए आगे बढ़ती है। कोरली की धरा का आचमन करती है इंद्रावती। कोरली के पास नदी अदभूत स्वरूप में नजर आती है। पहाड़ों से घिरे कोरली में आकर इंद्रावती नदी ठहर सी जाती है, मानो उसे भी कोरली से लगाव हो गया हो। गर्मी के दिनों में झुलसाती गर्म हवाएं नदी के जल का स्पर्श पाते ही शीतल बयार में तब्दील हो जाती हैं। शीतल बयार से बेचैन तन मन प्रफुल्लित हो उठता है। नदी किनारे से हटने का मन ही नहीं करता। रेतीले तट पर नदी में स्नान करते ग्रामीण और बच्चे बरबस ध्यान खींच लेते हैं। यहां मगरमच्छ भी देखे जा सकते हैं। चट्टानें नदी और कोरली गांव की सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं। नदी में नौकयान की भी व्यवस्था है। डोंगियों से नौकयान का लूत्फ पुरसुकून और यादगार बन जाता है।

पर्यावरण के रखवाले हैं ग्रामीण

कोरली गांव में बमुश्किल पचास घर आबाद हैं और यहां के सारे निवासी मुरिया आदिवासी हैं। आदिवासी तो प्रकृति के पैदायशी पुजारी और रखवाले होते हैं, मगर कोरली के मुरिया आदिवासी प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए जो भूमिका निभा रहे हैं, उसकी दाद देनी ही पड़ेगी। कोरली और बिनता घाटी के नजारे का लूत्फ उठाने रोज पचासों लोग विभिन्न वाहनों से पहुंचते हैं। बाहर से आने वाले लोग अपने साथ पानी की प्लास्टिक बोतलें, खाने पीने के सामानों से भरे कैरीबैग, रेपर, झिल्ली, डिपोजल गिलास आदि लेकर पहुंचते हैं। कोरली के ग्रामीण पर्यटकों से आग्रह करते रहते हैं कि रेपर, झिल्ली, पॉलीथिन बैग्स, डिस्पोजल गिलास व कचरे को जहां तहां न फेंकें, एक जगह इकट्ठा रख दें। बाद में ग्रामीण कचरे और अपशिष्ट को दूर छोड़ आते हैं। यही नहीं ये ग्रामीण पर्यटक चाहें तो उनके लिए भोजन भी तैयार कर देते हैं।

वाहन चालक नए मोटर व्हीकल एक्ट पर अफवाहों से बचें : प्रशासन

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*वाहन चालक नए मोटर व्हीकल एक्ट पर अफवाहों से बचें : प्रशासन*
= ट्रांसपोर्टरों और ड्राईवरों को नए कानून की दी जानकारी =
= मानवता दिखाएं, तो बच जाएंगे कड़ी कार्रवाई से =
*जगदलपुर।* नए मोटर व्हीकल एक्ट को जिस तरह हौव्वा बना दिया गया है, उससे देश में उबाल आ गया है। इस एक्ट के अच्छे पहलुओं को छुपाकर एक्ट को जुल्म ठहराने की कोशिश की जा रही है। इस नए कानून में प्रावधान है कि दुर्घटना होने पर अगर वाहन चालक पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दे देते हैं, तो वे कड़ी कार्रवाई से बच जाएंगे। एक्ट में दुर्घटनाओं को जमानती अपराध बताया गया है। हिट एंड रन एक्ट को लेकर फैली भ्रान्तियों को दूर करने अब पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा सम्हाल लिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक ने जगदलपुर में बस- ट्रक ट्रांसपोर्टरों और चालकों की बैठक लेकर नए मोटर यान अधिनियम पर फैली भ्रान्तियां दूर की। ट्रांसपोर्टरों और चालकों को नए कानून के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने अफवाहों से बचने की समझाईश भी दी। कहा गया कि नए कानून से किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को त्वरित उपचार सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लग सके इस कानून का मुख्य उद्देश्य है। सड़क दुर्घटना में हताहत लोगों की तुरंत मदद कर वाहन चालक लंबी सजा से बच जाएंगे और जमानत प्राप्त करने के हकदार भी होंगे। ऐसा करके वाहन चालक लोगों की जान बचाकर स्वयं को अपराध बोध से मुक्त भी कर पाएंगे।
*बॉक्स*
*जान बचाने में बनें सहायक*
नए कानून धारा 106(1) में प्रावधान है कि जो कोई भी लापरवाही से कार्य करके किसी की मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे किसी भी तरह के करावास से दंडित किया जाएगा। कारावास की अवधि 5 वर्ष तक हो सकती है। साथ ही जुर्मना भी लगाया जा सकता है। यह संज्ञेय एवं जमानती अपराध है। धारा 106 (2) में प्रावधान है कि जो कोई भी लापरवाही से वाहन चलाकर किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है और घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दिए बिना भाग जाता है, तो उसे किसी भी तरह के करावास से दंडित किया जाएगा। कारावास की अवधि 10 वर्ष तक हो सकती है और जुर्मना भी लगाया जा सकता है | यह भी संज्ञेय एवं अजमानती अपराध है। लेकिन जो चालक एक्सीडेंट के बाद पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को सूचना देते हैं, उनके ऊपर धारा 106(2) लागू ही नहीं होगी और वह कड़ी सजा से बच जाएगा। ऐसा करके संबंधित वाहन चालक घायल व्यक्ति की प्राण रक्षा भी कर पाएगा।

बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने बनाया हिट एंड रन एक्ट : मलकीत

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  •  भारी भरकम जुर्माना और लंबी सजा का प्रावधान वाहन चालकों के प्रति अन्याय

रायपुर मोदी सरकार के काले कानून के खिलाफ वाहन चालकों द्वारा देशभर में की जा रही हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा है कि निजी बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचने के लिए यह जन विरोधी कानून थोपा गया है। वाहन चालक आर्थिक रूप से इतना सक्षम नहीं होते कि 7 लाख रुपए का जुर्माना भर सकें।

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा है कि मोदी सरकार के नए कानून से गरीब ड्राइवरों पर दोहरी मार पड़ने वाली है। एक तरफ भारी भरकम जुर्माना, दूसरी तरफ 10 साल जेल की सजा। ऐसे में जब परिवार का कमाने वाला मुखिया ड्राइवर 10 साल के लिए जेल चला जाएगा, तो उसके परिजनों का क्या होगा? उनका भरण पोषण कैसे होगा? श्री गैदू ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए इस काले कानून से देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वाहन चालक बुरी तरह से भयभीत हैं। दुर्घटना जानबूझकर नहीं होती, ऐसे में भारी भरकम जुर्माना और लंबी सजा का प्रावधान वाहन चालकों के सामर्थ्य से बाहर है, अमानवीय और अव्यावहारिक है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा है कि मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों पर परदेदारी करने भाजपा के नेता कुतर्क कर रहे हैं कि अधिक जुर्माना राशि से दुर्घटनाओं में पीड़ितों को मुआवजा देने में मदद मिलेगी। सवाल यह है कि भारी भरकम बीमा प्रीमियम का क्या औचित्य है? मोदी सरकार की प्राथमिकताएं गरीब ड्राइवर की नहीं बल्कि बीमा कंपनियों को मुनाफा पहुंचाने की है। भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार लोकतंत्र को खत्म करने पर अमादा है। मोदी सरका को जब- जब जन विरोधी कानून पास करना होता है, तब-तब षडयंत्र पूर्वक बिल पेश करने से पहले विपक्षी दलों के सांसदों को सदन से बाहर कर दिया जाता है। जिस तरह से कोविड काल में बिना चर्चा, बिना बहस के पूंजीपति मित्रों के मुनाफे के लिए एक-एक दिन में 12-12 श्रमिक विरोधी कानून पास किए गए, ठीक उसी तरह से विगत दिनों विपक्ष के सांसदों को षड़यंत्र पूर्वक सदन से बाहर करके जन विरोधी काले कानून थोप दिए गए। उन्हीं में से एक यह प्रावधान देश के गरीब वाहन चालकों के खिलाफ है। केंद्र की मोदी सरकार अहंकार छोड़कर गरीब ड्राइवरों की मांग पर तत्काल संज्ञान ले और नए कानून में संशोधन करे।

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