बस्तरिया बाबू ने सरकार की पहल को बताया ऐतिहासिक कदम
जगदलपुर माहरा समाज युवा प्रभाग के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं भाजपा के युवा नेता गणेश नागवंशी बस्तरिया बाबू ने माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के केंद्र सरकार के फैसले को समाज के लिए बड़ा उपहार और ऐतिहासिक कदम निरुपित किया है। बस्तरिया बाबू ने कहा है कि माहरा समाज के लोग सन 1992 से आरक्षण के लाभ से वंचित रहे। इस कारण समाज के लोग शिक्षा, रोजगार में पीछे रह गए थे, आर्थिक व शिक्षित रूप से मजबूत स्थिति में नहीं आ पाए। अब माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति की श्रेणी में लाकर उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इससे समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति के लिए उपलब्ध सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। वर्षों चले संघर्ष अब जाकर फलीभूत हुआ है। माहरा समाज के हर युवा वर्ग को उच्च शिक्षा में मिलने वाली सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्कूल कॉलेज में छात्रवृत्ति एवं प्रवेश परीक्षाओं में प्राथमिकता मिलेगी। हाई स्कूल में पढ़ने वाले समाज की बेटियों को पूर्व में सरस्वती सायकल योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। इससे माहरा समाज की छात्राओं में निराशा का भाव था। आवागमन का साधन न रहने से कईं छात्राएं स्कूल जाना छोड़ देती थीं। ऐसी छत्राओं को आरक्षण व सरस्वती सायकल योजना का लाभ मिलने से उनकी शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। बस्तर संभाग व प्रदेश के अन्य भागों में निवासरत माहरा महरा समाज के लोगों को शासन की सभी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। गणेश नागवंशी ने इस हेतु संघर्ष करते रहे माहरा समाज के सभी वरिष्ठजनों, युवाओं, बस्तर संभाग के सभी भाजपा नेताओं तथा केंद्र की मोदी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ भी आगे आएं युवा
जगदलपुर बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने मणिपुर की घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज द्वारा किए गए बस्तर संभाग बंद का समर्थन करते हुए कहा कि अब युवाओं को नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ भी आवाज बुलंद करने आगे आना होगा। लखमा ने कहा कि मणिपुर की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। मणिपुर जल रहा है और केंद्र सरकार लोगों की सुरक्षा तथा राज्य में शांति बहाली के लिए कुछ नहीं कर रही है। प्रधानमंत्री विदेश दौरे में व्यस्त हैं और मणिपुर घटना की को राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ से जोड़ रहे हैं। एक तो वे लंबे समय तक मौन रहे और जब बोले तो उसमें कांग्रेस शासित प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान का नाम लिया। बस्तर के आदिवासी युवाओं ने मणिपुर की घटना को लेकर पूरे संभाग को बंद कराया, वह सराहनीय प्रयास है। इसी तरह से आदिवासी समाज के युवाओं को आगे आकर जनहित के मुद्दों पर अपनी ताकत दिखानी चाहिए। नगरनार स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले क्षेत्र के लोग इस बात से परेशान हैं कि एनएमडीसी द्वारा स्थापित स्टील प्लांट को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निजी उद्योगपति को दे रहे हैं। जबकि राज्य सरकार ने विधानसभा में संकल्प पारित कर इसका विरोध किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूरा कांग्रेस संगठन निजीकरण के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि स्टील प्लांट को निजी हाथों में देने के बजाय राज्य सरकार को दे दें। प्रदेश सरकार इसे चला लेगी, लेकिन इस पर भी प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से कोई जवाब नहीं आया। इस मसले पर भी सर्व आदिवासी समाज को लोगों के हित को देखते हुए आंदोलन छेड़ना चाहिए। कवासी लखमा ने कहा कि बीजेपी हमेशा अपने फायदा का ही सोचती है। मणिपुर में जिस तरह हिंसक घटनाएं हुईं, उसे समय रहते नियंत्रण में नहीं लिया गया। इसके लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार और बीजेपी जिम्मेदार है। हमारे नेता राहुल गांधी मणिपुर गए थे, जहां उन्हें रोक दिया गया। वे पीड़ितों से मिलकर उनका दुख दर्द बांटना चाहते थे। कांग्रेस हमेशा से ही न केवल आदिवासी बल्कि हर वर्ग की उन्नति के लिए लगातार काम करती आ रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सर्व आदिवासी समाज ने पूरे बस्तर संभाग बंद को लेकर जिस तरह से एकजुटता दिखाई वह अच्छी पहल है। संभाग के सभी जिलों और विशेषकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जनता तथा व्यापारी वर्ग ने बंद का नैतिक समर्थन किया। आगे नगरनार स्टील प्लांट मसले पर भी सर्व आदिवासी समाज को मेरा समर्थन रहेगा क्योंकि स्टील प्लांट के लिए लोगों ने एनएमडीसी को जमीन दी थी। लोगों की मंशा है कि स्टील प्लांट को एनएमडीसी ही चलाए। कोई भी नहीं चाहता कि स्टील प्लांट निजी हाथों में जाए।
नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया’ लिखा पोस्टर लेकर शामिल हुए सांसद दीपक बैज
जगदलपुर मणिपुर में जारी हिंसा के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। श्री बैज अपने हाथों में ‘नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया’ लिखा पोस्टर लेकर खड़े नजर आए। मणिपुर में जारी हिंसक घटनाओं और महिलाओं के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर समूचा विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। लोकसभा और राजयसभा के भीतर तो केंद्र सरकार को घेरा ही जा रहा है, बाहर भी विपक्ष ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर 24 जुलाई को संसद परिसर में गांधीजी की मूर्ति के समक्ष कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व सांसद दीपक बैज, कोरापुट के सांसद सप्तगिरि शंकर उल्का सहित अन्य सांसद मौजूद थे। कांग्रेस और विपक्ष के हर आंदोलन व प्रदर्शन में हमेशा बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाने वाले सांसद दीपक बैज आज के प्रदर्शन में नफरत के खिलाफ खड़ा है इंडिया लिखा पोस्टर लेकर पहुंचे थे। ज्यादातर सांसदों के हाथों में जो पोस्टर थे, उनमें ‘इंडिया’ शब्द जरूर लिखा था। इंडिया विपक्षी गठबंधन का नया नाम है। किसी सांसद ने इंडिया फार मणिपुर, किसी ने इंडिया वांट्स डिस्कशन ऑन मणिपुर वायलेंस, तो किसी सांसद ने इंडिया डिमांड पीएम स्टेटमेंट ऑन मणिपुर इन पार्लियामेंट तथा सेव मणिपुर लिखा पोस्टर ले रखा था। प्रदर्शन के दौरान दीपक बैज ने मणिपुर की हिंसा के मामले में केंद्र सरकार की विफलता को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज से इस संवाददाता ने फोन पर चर्चा की। बैज ने कहा कि भाजपा शासित मणिपुर राज्य हिंसा की आग में जल रहा है और प्रधानमंत्री कुछ बोलने को भी तैयार नहीं हैं। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री सदन में हिंसा पर अपनी बात रखें। बैज ने कहा कि केंद्र और मणिपुर की भाजपा सरकारें हिंसा रोकने में असफल साबित हुई हैं। उपद्रवियों ने महिलाओं को निर्वस्त्र कर उनसे मारपीट की। इस शर्मनाक घटना पर भी प्रधानमंत्री की चुप्पी और भी शर्मनाक है।
कार्यकारिणी सदस्यों से प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने की भेंट
रायपुर/ जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को राजीव भवन में हुई। बैठक में पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया तथा चुनावी रणनीति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, मंत्री मोहन मरकाम, कवासी लखमा, प्रदेश सह प्रभारी चंदन यादव, सप्तगिरि शंकर उलका, विजय जागिड़ मौजूद थे।बैठक में जिला व अध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्षों एवं संगठन की विभिन्न विगों के प्रदेश अध्यक्षों को भी बुलाया गया था। कहा जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद दीपक बैज ने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों से मुलाकात के लिए यह बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें संगठन की तमाम गतिविधियों पर भी विस्तृत चर्चा व समीक्षा हुई।जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा व प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश पदाधिकारियों से चुनावी रणनीति पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली। विधानसभा चुनाव में पदाधिकारियों के साथ काम करने के तरीके के बारे में भी चर्चा हुई। राजीव भवन में जिलाध्यक्षो और मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण भी प्रस्तावित है।
कोंटा तहसील में फर्जी तरीके से नौकरियां पाने के मामले की जांच
जगदलपुर/कोंटा सुकमा जिले की कोंटा तहसील में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहे 32 कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। श्रमबिंदु में प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ है। ऐसे कई कर्मचारियों को आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त ने दस्तावेजों के साथ अपने कार्यालय में तलब किया है। इन कर्मचारियों के जाति प्रमाण पत्रों की जांच की जानी है।ज्ञात हो कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने का खेल कोंटा के एसडीएम कार्यालय में लंबे समय से चलता रहा है। इसमें एसडीएम कार्यालय के एक बाबू का अहम रोल है। इस कर्मचारी की दफ्तर में तूति बोलती है। ये कर्मचारी कई वर्षों से इसी कार्यालय में पदस्थ हैं। स्थानीय स्तर पर जाति प्रमाण पत्र मामले की जांच नहीं होने पर कोंटा तहसील के निवासी सतवम राजाराव ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। ग्रामीण की शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लिया और आयोग के जांच अधिकारी एचआर मीणा ने इसी साल अप्रैल माह की शुरुआत में सुकमा एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर को पत्र जारी कर मामले की जांच कराने के निर्देश देते हुए 15 दिवस में जांच रिपोर्ट मांगी थी। चार माह बाद भी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। जबकि वर्ष 2011 में ही जाति प्रमाण पत्र फर्जी साबित हो गए थे। आरोप है कि कोंटा एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे आदिवासियों का हक मारकर पद पर काबिज हैं। कोया कुटमा समाज के ब्लाक अध्यक्ष गणेश माड़वी ने पूर्व में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जांच कराने की मांग की थी।
ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिले के कोंटा इलाके में फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के सहारे आदिवासियों केलिए आरक्षित सीटों पर 36 गैर आदिवासियों ने कब्जा जमा रखा है। इनमें स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। सर्वाधिक संख्या में कोंटा तहसील के लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाई है। अब इनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।
फर्जीवाड़े में कोंटा तहसील अव्वल
फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में कोंटा तहसील सबसे आगे है। कोंटा क्षेत्र के ही अधिकांश लोगों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरियां पाई हैं। वर्ष 2010-11 में तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ द्वारा मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने के बाद उन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया था। कुछ माह बाद ही जुगाड़ लगाकर ये सभी कर्मचारी अपने पदों पर वापस कब्जा पाने में कामयाब हो गए। फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे जिन 36 लोगों ने नौकरी पाई है, उनमें से कोंटा एसडीएम के रीडर, कुछ पार्षद, शिक्षक, भृत्य जांच के दायरे में शामिल हैं। लंबे समय से एसडीएम दफ्तर में पदस्थ कर्मचारी के फर्जीवाड़ा का खामियाजा दर्जनों शासकीय सेवकों को भुगतना पड़ सकता है। चंद रूपयों के लालच में फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जो अब उन कर्मचारियों के लिए आफत बन गए हैं। इस तरह के ज्यादातर मामले जगरगुंडा इलाके के हैं, जहां आ बसे दूसरे राज्यों के लोग फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आदिवासियों के हक की सरकारी नौकरियां पा चुके हैं।
वर्सन
जांच में फर्जी पाए गए प्रमाण पत्र राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से मिले पत्र का जवाब भेजा जा चुका है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाने वाले 35 कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच जारी है। 21 जुलाई को 17 लोगों को दस्तावेजों के परीक्षण के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 15 उपस्थित हुए थे। जांच में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं।ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय मजदूर संघ ने मनाया स्थापना दिवस संगठन को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
दल्लीराजहरा 23 जुलाई को भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस जिला बालोद के कार्यालयों में समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर संगठन के सभी कार्यालयों में भारत माता, भगवान् विश्वकर्मा और भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी के चित्रों पर माल्यार्पण, पूजन कर कार्यकर्ताओं में मिष्ठान्न वितरण किया गया। मुख्य कार्यक्रम जिला बालोद भारतीय मजदूर संघ के राजहरा खदान कार्यालय भवन में उत्साह पूर्वक मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता के रूप में खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग और भारतीय मजदूर संघ जिला बालोद के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद और राजहरा शाखा के सचिव लखनलाल चौधरी जी ने सभी कार्यकर्ताओं को श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के संस्मरणों को उद्ध्रित करते हुए कहा कि भारतीय मजदूर संघ सिर्फ वेतन भत्तों के लिए लड़ने वाला संगठन नहीं है वरन श्रमिक वर्ग में राष्ट्रीय चेतना का विकास करते हुए देश हित, उद्योग हित और फिर श्रमिक हित में समन्वय स्थापित कर चलने वाला संगठन है। यहाँ पद नहीं दायित्व दिया जाता है और सभी कार्यकर्ता एक परिवार के रूप में मिल जुल कर कार्य करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बालोद जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने सभी कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनायें देते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ सजग है आगे भी आप लोगों के सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, पेंशन आदि मांगों को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों से संघर्ष जारी रखेगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए।
जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर साहू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष एम पी सिंग एवं सचिव लखनलाल चौधरी एवं कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलन और प्रतीक चित्रों पर माल्यार्पण किया। अंत में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एम पी सिंग खदान मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज से 68 वर्ष पूर्व शून्य से शुरू हुआ संगठन आज देश ही नहीं विश्व का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन के रूप में स्थापित हो चुका है, हमारा कार्य श्रमिकों, महिलाओं के लिए न्यूनतम वेतन के बदले आजीविका वेतन तथा सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा के साथ, औद्योगिक शांति, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। उन्होंने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आज के स्थापना दिवस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए एक पौधा देश के नाम लगाऐंगे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनेंगे। उपरोक्त पदाधिकारियों के अलावा कार्यक्रम को सफल बनाने में लिखन साहू ,नायक, चन्द्रशेखर,अजीत मलिक,बी पी कश्यप, एवं खदान के सभी नियमित एवं ठेका श्रमिक उपस्थित थे।
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रायपुर में कामकाजी नागरिकों को वितरित किए रैनकोट और छाते
रायपुर / जगदलपुर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की दिली ख्वाहिश के मुताबिक सूबे के लोगों को इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली। उन्होंने सैकड़ों लोगों को मुफ्त में रैनकोट और छाते वितरित किए। इस दौरान रायपुर के मेयर एजाज ढेबर, रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा, मोहला मानपुर के विधायक इंदर सिंह मंडावी, रायपुर निगम के सभापति प्रमोद दुबे, इंद्रावती विकास प्राधिकरण के सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव मलकीत सिंह गैदू, वार्ड पार्षद बंटी होरा सहित वार्डवासी उपस्थित थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर नगर निगम के 6 वार्डों निःशुल्क रैनकोट व छातों का वितरण किया। रविवार को पीसीसी चीफ व बस्तर के सांसद दीपक बैज ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी की परिकल्पन को साकार करते हुए रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के जोन 2 में कामकाजियों को निशुल्क छाता व रैनकोट का वितरण “भूपेश है तो भरोसा है” के तहत किया। लगभग 600 लोगों ने यहां रैनकोट व छातों के लिए अपना पंजीयन कराया था। वार्ड पार्षद एवं जोन अध्यक्ष बंटी होरा ने आसपास के 6 वार्डों के लोगों को बारिश से बचाने के लिए निशुल्क छाते व रेनकोट की व्यवस्था की थी।
इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश में एकमात्र कांग्रेस पार्टी ही देश की एकता, अखंडता, आपसी सदभाव को कायम रख सकती है। हमारी पार्टी एक समुदाय को दूसरे समुदाय से लड़ाने का काम नहीं करती। भाजपा और आरएसएस के लोग सदभाव बिगाड़ने और नफरत का जहर घोलने में माहिर हैं। चुनाव आते ही भाजपा के नफरत का बाजार गुलजार हो जाता है। देश में जबसे भाजपा की सरकार आई है, तबसे आपसी वैमनस्यता काफी बढ़ गई है। ऐसे नफरती माहौल को दूर करने के लिए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारत जोड़ो पदयात्रा निकाली थी। उन्होंने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान सजाने का काम किया था। हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी भेदभाव को खत्म कर समाज के हर तबके के कल्याण का उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। मेयर एजाज ढेबर और पार्षद बंटी होरा ने जरूरतमंद लोगों को बारिश में भीगने से बचाने के लिए मुफ्त रैनकोट और छाते उपलब्ध कराकर बड़ा ही नेक काम किया है। विधायक कुलदीप जुनेजा और महापौर एजाज ढेबर ने भी लोगों को संबोधित किया। रैनकोट व छाते मिलने पर लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, महापौर एजाज ढेबर व पार्षद बंटी होरा के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
अनुपूरक बजट में भूपेश सरकार ने कई जिलों को दी अनेक सौगातें
जगदलपुर कांग्रेस नेता दिनेश यदु ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार गरीबों के सपनों को साकार करने में जुटी हुई है। अनुपूरक बजट में गरीबों के कल्याण और प्रदेश के अनेक जिलों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान इसका प्रमाण है।श्री यदु ने कहा है कि संविदा कर्मचारियों के वेतन में 27 प्रतिशत की वृद्धि से 37 हजार संविदा कर्मी खुश हैं। राज्य के शासकीय कर्मचारियों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता, पटवारियों को पांच सौ रूपये महंगाई भत्ता एवं सचिवों को 2500 से 3 हजार का विशेष भत्ता, अतिथि शिक्षकों को प्रतिमाह 2 हजार अतिरिक्त मानदेय देना सरकार की सराहनीय पहल है। शासकीय विभागों में दैनिक एवं मासिक वेतन पर कार्य कर रहे अर्धकुशल, अकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल कर्मचारियों को 4 हजार रुपया श्रम सम्मान राशि की घोषणा से श्रमिकों में खुशी की लहर है। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार अपनी जनता के स्वास्थ्य के प्रति इतनी सजग व जागरूक है कि उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत उनके इलाज के लिए 20 लाख की राशि को बढ़ाकर 25 लाख कर दी गई है। दिनेश यदु ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार आर्थिक सर्वेक्षण कराकर छत्तीसगढ़ में रहने वाले गरीब परिवारों को ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत हर गरीब परिवार के सपनों को साकार करने जा रही है। इससे साबित होता है कि भूपेश बघेल सरकार गरीबों की हितैषी सरकार है।
लघु वनोपज समिति का प्रबंधक फरार, तलाश में जुटी है पुलिस
पोषक अधिकारियों को वसूली के लिए जारी किए गए नोटिस
जगदलपुर भानपुरी वन परिक्षेत्र की बनियागांव लघु वनोपज समिति में साल बीज खरीदी के नाम पर किए गए पचास लाख रुपए के घोटाले के मामले में समिति के प्रबंधक के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी समिति प्रबंधक फरार हो गया है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी घपलेबाजी में एक अशासकीय कर्मी को बलि का बनाकर वन विभाग के अधिकारियों को बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। बस्तर वन मंडल अंतर्गत बनियागांव वनोपज समिति में वर्ष 2022- 23 के दौरान साल बीज खरीदी के नाम पर पचास लाख रुपए से भी ज्यादा रकम की बंदरबांट हुई थी। उस सीजन में साल बीज की खरीदी ही नहीं की गई और दस्तावेजों में फर्जी खरीदी दर्शाकर सरकारी रकम डकार ली गई थी। पोल खुलने के बाद एक व्यापारी द्वारा कोल्ड स्टोरेज में रखवाए गए साल बीज को वनोपज समिति का बता दिया गया था। इस मामले में मामले में कोल्ड स्टोरेज के प्रबंधक, दो पोषक अधिकारियों, जिला वनोपज समिति के प्रबंध संचालक, रेंजर, एसडीओ व डीएफओ की भी भूमिका संदिग्ध रही है। क्योंकि इतना बड़े घपले को अकेला समिति का प्रबंधक अंजाम नहीं दे सकता था। बावजूद वन विभाग के वरिष्ठ अफसरों ने सच्चाई की अनदेखी करते हुए बनियागांव वनोपज समिति के प्रबंधक निरघत ठाकुर को 6 माह पूर्व बर्खास्त कर दिया था। वहीं मामले की बारीकी से जांच न कर अन्य अधिकारियों को बख्श दिया गया। दो दिन पूर्व वन विभाग के अधिकारी नें भानपुरी थाने में बर्खास्त प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मामला दर्ज होते ही आरोपी प्रबंधक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रियता से जुट गई है। वहीं पता चला है कि दो पोषक अधिकारियों के निलंबन की तैयारी में वन विभाग है। ज्ञातव्य हो की बस्तर वन मंडल में भानपुरी वन परिक्षेत्र के बनियागांव समिति प्रंबध निरघत ठाकुर एवं दो पोषक अधिकारी दिलेश्वर पाण्डे और संग्राम बघेल ने आपसी सांठगांठ कर वर्ष 2022 में वनोपज खरीदी के नाम पर 50 लाख से अधिक की राशि का बंदरबाट कर ली थी। इस मामले में समिति प्रबंधक निरघत ठाकुर को दोषी मानते हुए वन विभाग द्वारा बर्खास्त करने की कार्यवाही 4 माह पूर्व ही की जा चुकी है। अधिकारी को नोटिस जारी का जबाव मांगा गया था। लेकिन नोटिस का जबाव नहीं आने पर मामला अधर में अटका हुआ है। कहा जा रहा है कि पोषक अधिकारियों पर कार्रवाई के मामले में वन विभाग के अधिकारी काफी सावधानी बरत रहे हैं।
जल्द होगी गिरफ्तारी
भानपुरी थाने के टीआई ने बताया कि समिति प्रबंधक निरघत ठाकुर के खिलाफ अपरांध क्रमांक 60/23 पर धारा 420, 409 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी को शीघ्र गिरफतार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उसके निवास पर दबिश दे चुकी है। दोनों पर कार्रवाई के लिए डीएफओ कार्यालय से बहुत पहले ही अनुशंसा पत्र जारी हो जाना चाहिए था, जो अब तक जारी नहीं हो सका है। इस वजह से कार्रवाई में देरी हो रही है। विभाग के एसडीओ ने बताया कि दोनों पोषक अधिकारियों को रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। उनके वेतन से रिकवरी होगी।
वर्सन
पोषक अधिकारियों को भेजे नोटिस :- वनोपज खरीदी में अनियमितता के मामले में प्रबंधक के साथ – साथ दो पोषक अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार हैं। पोषक अधिकारियों को नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है।उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
दल्लीराजहरा दल्लीराजहरा क्षेत्र के कुसुमकसा साबुन फैक्ट्री में अज्ञात चोरी द्वारा 20 व 21 जुलाई के रात्रि को साबुन फैक्ट्री में रखें साबुन व डिटर्जेन्ट पाउडर कुल किमती लगभग 2720 रूपये की चोरी कर ले गया था कि धन्नू सिंह के रिपोर्ट पर अपराध क0 270/23 धारा 457,380 भादवि कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। जिला पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक जिला बालोद व नगर पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजहरा राकेश ठाकुर एवं टीम आरोपी. लोकेन्द्र साहू उर्फ बंठा पिता गेंदलाल साहू उम्र 23 वर्ष दीपक कुमार यादव पिता सुरेन्द्र कुमार यादव उम्र 23 वर्ष एवम् एंकट यादव उर्फ कृष्णा यादव पिता बिदेशी राम यादव उम्र 31 वर्ष साकिनान राजहरा वार्ड क्र.2 गणेश चौक पंडरदल्ली राजहरा सोमेश जायसवाल के घर के पास थाना जिला बालोद से पूछताछ किया गया जो दिनांक घटना समय को चोरी करना स्वीकार किया एवं आरोपीगण के मेमोरण्डम कथन में चोरी में प्रयुक्त मोटर सायकल व चोरी मशरूका को बरामद जप्त कर कब्जा पुलिस लिया तथा आरोपीगण को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है । थाना प्रभारी राकेश माहू आरक्षक धमेन्द्र सेन, मनोज साहू, भुनेश्वर यादव, रवि यादव की सराहनीय भूमिका रही।
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