दल्लीराजहरा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बस्तर की धरती से एक बड़े विवाद को जन्म देकर भाजपा की मुश्किल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा दिया कि गोडसे अगर गांधी का हत्यारा है तो भारत का सपूत भी है। कांग्रेस अपने स्तर पर जवाब दे रही है। लेकिन यहां जन मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी ने केंद्रीय मंत्री की इस विवादास्पद टिप्पणी को नक्सलियों से जोड़ कर एक नया मोड़ दे दिया है। विश्व विख्यात श्रमिक नेता शंकरगुहा नियोगी के पुत्र जनमुक्ति मोर्चा अध्यक्ष जीत ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया है कि नक्सली कथित लोकतंत्र के विरोधी हैं तो भारत का सपूत भी तो हैं। फिर बस्तर में सैनिक बलों को को भेज कर आदिवासियों को गोली मारने की क्या जरूरत है। गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बता रही है। भाजपा और कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है लेकिन जीत गुहा नियोगी ने जो सामाजिक सवाल उठाया है, उसका जवाब बहुत मुश्किल है। वैसे प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी करार दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गोडसे को देश का सपूत बताया था। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने गोडसे का महिमामंडन कर के एक बार फिर से राष्ट्रपिता का अपमान किया है। यह भाजपा का गोडसे वादी चरित्र है। भाजपा के हर छोटे बड़े नेता ने कभी न कभी गोडसे की तारीफ की है। यह सिर्फ बापू का नहीं, भारत की जनता का अपमान है। प्रधानमंत्री जवाब दें कि वे अपने मंत्री के बयान से कितने सहमत हैं। कांग्रेस कह रही है कि भाजपा मुद्दाविहीन है। आरएसएस के नेता खुद पादरी बन कर धर्मान्तरण की नौटंकी करते हैं। फिर भाजपा के नेता उसी को मुद्दा बना कर बयान देते हैं। गिरिराज जैसे नेता बुला कर मामले को तूल दिया जाता है।लोगों में भ्र्म पैदा किया जाता है।छत्तीसगढ़ में धर्मान्तरण विरोधी क़ानून लागू है तो भाजपाई थाने मे रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराते। वे खुद इसमें शामिल हैं तो रिपोर्ट कैसे करेंगे। कांग्रेस को तो भाजपा एक सवाल के जवाब में तीन सवाल भेज देती है लेकिन जनमुक्ति मोर्चा का सवाल इतना संवेदनशील है कि सवाल के जवाब में सवाल नहीं चलने वाले।
माता का जयकारा लगाते रेखचंद जैन पहुंचे गांवों के मेलों में
- श्रद्धा से की गंगादेवी, मावली और रूपशिला माता की पूजा अर्चना
- जैन का भक्तिभाव देख ग्रामीणों ने कहा -विधायक हो तो ऐसा
जगदलपुर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन माता का जयकारा लगाते हुए नियानार और खम्हारगांव में आयोजित देवी मेलों में पहुंचे। उन्होंने श्रद्धापूर्वक गंगादेवी माता, मावली माता और रुपशिला माता की पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ तथा बस्तर में सुख शांति एवं समृद्धि स्थापना की कामना की। जैन की भक्ति भावना को देख दोनों गांवों के ग्रामीण अभिभूत हो उठे। अधिकांश ग्रामीणों के मुंह से बरबस ये बोल निकल पड़े कि विधायक हो तो ऐसा।इस अवसर पर विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक 180 से अधिक देवगुड़ियों एवं मातागुड़ी जीर्णोद्धार कार्य स्वीकृत किया जा चुका है। हमारी आस्था के केंद्रों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस हेतु लगातार कार्य कर रहे हैं। रेखचंद जैन ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते विगत दो वर्षों तक ग्रामीण मेला मड़ई में ऐसा उत्साह नजर नहीं आ रहा था। कोरोना संक्रमण कम होने एवं हमारी सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न माध्यमों से सीधे पैसे देने की नीति के परिणाम स्वरूप इस वर्ष मेला मड़ई में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को मेला मड़ई की शुभकामनाएं दी तथा ग्राम प्रमुखों के साथ मेला भ्रमण भी किया। इस दौरान विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र साहनी, वरिष्ठ नेता निर्मल लोढ़ा, माटी पुजारी विजय बघेल, जनपद सदस्य घेनवा बघेल, सरपंच चम्पा कश्यप, पुजारी रामचरण बघेल, अशोक कश्यप, तुलाराम बघेल, राजेश कश्यप, सरपंच लैखन गोयल, उप सरपंच पुरषोत्तम कश्यप, युवा कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष संतोष सेठिया, रामदास, जयंती, मीनावती, सोनामनी, सोमारी, नरहरि समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सम्मान निधि वापसी के लिए दबाव किसानों का अपमान : बघेल
- खरीफ की बोनी के पूर्व नोटिस भेज किसानों को परेशान कर रही केंद्र सरकार : लखेश्वर बघेल
बकावंड क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल किसान सम्मान निधि के नाम पर किसानों के खातों में रकम भेजकर अपनी पीठ खुद थपथपाने वाली केंद्र की भाजपा सरकार अब इस रकम की वसूली के लिए नोटिस भेजकर किसानों का अपमान कर रही है। बघेल ने कहा है कि खरीफ की बोनी के वक्त किसानों को पैसे की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, ऐसे समय में किसानों से सम्मान निधि वापस मांगकर मोदी सरकार उन्हें परेशान ही नहीं बल्कि उनका अपमान भी कर रही है। लखेश्वर बघेल ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पहले किसानों के खाते में पैसे डाल उसे किसान सम्मान निधि का नाम दिया और अब उन्हें अपात्र ठहराते हुए रकम की वसूली के लिए राजस्व न्यायालय के जरिए नोटिस भेजा जा रहा है। बघेल ने कहा है कि अधिकांश किसानों ने बैंक खाते से राशि का आहरण कर उसे खर्च भी कर दिया है। ऐसे में केंद्र को रकम लौटाने के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ेगा। बस्तर विधायक ने कहा कि शासन की योजना का लाभ पात्र लोगों को ही मिलता है। अपात्रों को यदि सरकारी योजना का लाभ मिलता है तो कहीं न कहीं इसके लिए सिस्टम दोषी है जो अपना काम सही ढंग से नहीं कर रही है या रिकार्ड अपडेट नहीं कर रही है। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों का कर्ज महज एक घंटे में माफ कर दिया। पूरे देश में सबसे ज्यादा 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी छत्तीसगढ़ में की जा रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हमारी कांग्रेस सरकार दीगर फसल लेने पर किसानों को 9हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से लाभान्वित कर रही है। वहीं कृषि मजदूरों को भी इस योजना के तहत लाभान्वित कर कृषि से जुड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम किया जा रहा है। इसके उलट केंद्र की भाजपा सरकार किसानों की कमाई दोगुनी करने के झूठे वायदे और संकल्प के साथ सत्ता में आई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में तीन काले कानून लाकर पर्दे के पीछे पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने किसानों की पीठ पर खंजर घोपने का काम किया गया। किसानों के लंबे संघर्ष के बाद एक नहीं दो नहीं बल्कि 650 से अधिक मौतों के बाद प्रधानमंत्री जागे और उन्हें तीनों काले कानून वापस लेने पड़े। इससे साबित होता है कि केंद्र मोदी सरकार किसान विरोधी है।
बस्तर तहसील में 1698 किसानों को नोटिस
बघेल ने कहा है कि किसान सम्मान निधि के नाम पर केंद्र सरकार किसानों के खाते में महज तीन-चार हजार की मामूली रकम ही डाल रही है। यह रकम भी न जाने क्यों कभी कम तो कभी ज्यादा मिलती है।साफ शब्दों में कहें तो इसमें ढेरों विसंगतियां और अनियमितता है किसानों के खाते में पहले तो रकम डाल कर उनका सम्मान करने की वाहवाही बटोरी गई और अब उन्हें अपात्र ठहरा कर रकम वापस मांगी जा रही है बस्तर तहसील के 1698 किसानों को नोटिस भेज किसान सम्मान निधि के नाम पर प्राप्त राशि को तहसील न्यायालय में पेश होकर जमा करने कहा गया है। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय ही नहीं, उनका अपमान भी है और इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार केंद्र में बैठी भाजपा सरकार है।
युवा जोश और बुजुर्गों के अनुभव के दम पर फिर जीतेगी कांग्रेस
- विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने बस्तर में शुरू किया अभियान
- कार्यकर्त्ताओं को सिखाए जा रहे हैं नेतृत्व क्षमता विकास के गुर
तोकापाल आगामी विधानसभा चुनावों में जीत कैसे हासिल करनी है, इसके लिए कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है। जगदलपुर में हुए कांग्रेस के संभाग स्तरीय कार्यकर्त्ता सम्मेलन से पार्टी कार्यकर्त्ताओं और नेताओं का जोश हाई है। नई ऊर्जा से ओतप्रोत कार्यकर्त्ताओं और नेताओं को अब नेतृत्व क्षमता के गुर सिखाए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने अपने युवा कार्यकर्त्ताओं के जोश और वरिष्ठ नेताओं के अनुभवों के दम पर बंपर जीत हासिल करने की प्लानिंग कर ली है। इसी के तहत संभाग भर में पार्टी के लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन (एलडीएम) के तहत बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। ऐसी ही एक कार्यशाला तोकापाल में भी हुई।तोकापाल के सामुदायिक भवन में आयोजित बैठक सह कार्यशाला में आयोजित किया गया।

सांसद एवं बस्तर के छह विधानसभा क्षेत्रों के एलडीएम प्रभारी दीपक बैज, एलडीएम छत्तीसगढ़ प्रभारी राहुल बल, चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बलराम मौर्य आरंग के एलडीएम प्रभारी, लोहंडीगुड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मण कश्यप, तोकापाल सहदेव नाग, बस्तानार से चंद्रशेखर ठाकुर, दरभा से वीरसिंग, सौरभ तिवारी, महादेव नाग, रुक्मणि कर्मा, गणेश कावड़े समेत एलडीएम के सदस्य उपस्थित थे। सांसद दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार ने जनहित में जो कार्य किए हैं, उनके दम पर कांग्रेस की जीत पक्की हो गई है। वहीं हमारे नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भी पूरे देश में सकारात्मक असर हुआ है। लोगों का झुकाव फिर से कांग्रेस की ओर बढ़ा है। छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ही केंद्र में भी कांग्रेस की सरकारें बननी तय है। हमें अति आत्मविश्वास में न पड़ते हुए इस जीत को ऐतिहासिक बनाने के लिए काम करना है। बैज ने एलडीएम के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में आप लोगों में से कोई पंच, सरपंच, जनपद व जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष, विधायक या फिर सांसद बन सकते हैं। पार्टी नेतृत्व की मंशा है कि अभी से आप लोगों में नेतृत्व क्षमता का विकास हो, ताकि देश, राज्य और कांग्रेस पार्टी को सही दिशा मिल सके। राहुल बल, विधायक बेंजाम और बलराम मौर्य ने भी मार्गदर्शन दिया।

कमल खिलाना है तो सरोवर से जलकुंभी उखाड़े भाजपा
(अर्जुन झा)
जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए अब सीमित समय बचा है। राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों के साथ साथ बसपा, जनता कांग्रेस, आप सहित अन्य दल अपनी तैयारी में तेजी से लगे हुए हैं। कांग्रेस के संभागीय सम्मेलन चल रहे हैं। बस्तर संभाग की 12, बिलासपुर संभाग की 24 और दुर्ग संभाग की 20 सीटें जीतने के लिए कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं के जोश को बढ़ाते हुए 2018 से बेहतर प्रदर्शन करने कहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कह रहे हैं कि इस बार 71 सीट से आगे जाएंगे। उनका यह अनुमान कांग्रेस के प्रत्याशियों पर निर्भर करेगा। आम तौर पर मौजूदा विधायक ही मैदान में होंगे। कुछ विधायकों की टिकट कटेगी। मुख्यमंत्री ऐसे विधायकों को तीन चार माह में प्रदर्शन सुधारने की सलाह देते हुए कह रहे हैं कि फिर टिकट नहीं कटेगा। वे यह भी बता रहे हैं कि फैसला आलाकमान करेगा। यानी दिल्ली के पैमाने पर जो विधायक खरे उतरेंगे। उनकी ही टिकट सलामत रहेगी। कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ चुनाव में उतरेगी। इस जंग में कमजोर सिपाही नहीं उतारे जाएंगे। फैसला तो जनता को करना है लेकिन कांग्रेस हर सीट पर जीत की सर्वाधिक संभावना वाले दावेदार के सिर पर हाथ रखेगी।कूड़ा करकट नहीं चलेगा। ऊपरी तौर पर कांग्रेस खुद की मजबूती और भाजपा की कमजोरी के कितने भी दावे करे, लेकिन वह भाजपा को कहीं भी हल्के में नहीं लेगी। कांग्रेस फुल कॉन्फिडेंट है किंतु ओवर कॉन्फिडेंस घातक साबित होता है, इसका उसे अहसास है। तभी तो वह अपने विधायकों के नट बोल्ट टाइट कर रही है। जिनमें जंग लग गई है, जो काम करने की स्थिति में नहीं हैं, वे पुर्जे बदल दिए जाएंगे। पिछले चुनाव के पहले कांग्रेस ने अपनी खरपतवार उखाड़ फेंकना जरूरी समझा और ऐसे हालात पैदा किए कि जो नुकसान पहुंचा रहे हैं, वे निकल जाएं। कांग्रेस का शुद्धिकरण हुआ तो जनता ने उसे हाथोंहाथ लिया। यदि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का विभाजन नहीं हुआ होता तो भाजपा को हटाना आसान नहीं था। कांग्रेस कलह में डूबी रहती और भाजपा का कमल खिलता रहता। भूपेश बघेल ने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सुनियोजित तरीके से सफाई अभियान चलाया। सियासी गाजरघास छंट गई तो कांग्रेस एकजुट हो गई। नतीजा यह रहा कि बस्तर की 12 में से 11 सहित राज्य की 90 में से 68 सीटें जीतीं। उपचुनावों में यह संख्या 71 हो गई। इसके विपरीत 2018 के चुनाव के डेढ़ साल पहले से तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपने विधायक साथियों को टास्क देते रहे। कोई फर्क नहीं पड़ा। 15 साल की सरकार में कमल सरोवर में जलकुंभी पट गई। उसे उखाड़ने की दरकार थी लेकिन भाजपा अति आत्मविश्वास की गिरफ्त में थी। तब ये तो होना ही था। अब भी वही स्थिति है। बस्तर में भाजपा के दिग्गज खूब ताल ठोंक रहे हैं लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं को तक यह नहीं समझ आ रहा कि ये बड़े नेता मतदाता के मन को कैसे जीत सकते हैं जब भाजपा का स्थानीय तन जनता से दूर है। यदि भाजपा को कांग्रेस से मुकाबला करना है तो पहले अपने तालाब की जलकुंभी को उखाड़कर कमल खिलने की जगह बनाये। वरना सत्ता में आने का सपना भूल जाये।
विधायक रेखचंद के जन्मदिन पर कल होगी दीन – दुखियों की सेवा
- जैन पीड़ितों – दुखियारों की सेवा को समर्पित करेंगे यह विशेष दिन
- क्षेत्र के बड़े बुजुर्ग और हर आम व खास पहुंचेंगे उन्हें आशीर्वाद देने
जगदलपुर मानव सेवा ही माधव सेवा के उद्देश्य के साथ काम करने वाले जिस व्यक्ति ने मानव योनि में अपने जन्म को मानव सेवा के लिए समर्पित मान रखा है, वह व्यक्ति अपने जन्मदिन पर केक काटकर और लंच – डिनर की पार्टी देकर आत्ममुग्ध होता रहेगा, यह मुमकिन ही नहीं है। जी हां, हम बात कर रहे हैं जनसेवा के लिए हर पल तत्पर रहने वाले जगदलपुर के विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन की। जैन का जन्मदिन 11 जून को है। इस बार भी वे अपने इस खास दिन को दरिद्र नारायण की सेवा के लिए समर्पित करने वाले हैं।जरूरतमंदों, पीड़ितों, गरीबों और दुखियों की यथा संभव सेवा करना विधायक रेखचंद जैन के परिवार की शुरू से परंपरा रही है। उनके पूर्वज हमेशा इस पुनीत कार्य में अग्रणी रहते थे। अब इस कुल परंपरा को रेखचंद जैन आगे बढ़ा रहे हैं। उनके विधायक चुने जाने के बाद यह परंपरा थमी नहीं, बल्कि उसका विस्तार हुआ और उसमें थोड़ी गति भी आई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष कृपा उन पर शुरू से रही है। लिहाजा मुख्यमंत्री के सहयोग से रेखचंद जैन लगातार अपने निर्वाचन क्षेत्र के हर तरह के पीड़ितों को भरपूर आर्थिक मदद शासन की ओर से उपलब्ध कराते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष से वे सैकड़ों लोगों को आर्थिक सहायता दिलवा चुके हैं। चंद रुपए देकर खामोश बैठ जाने वालों से इतर संसदीय सचिव रेखचंद जैन लोगों के आंसू पोंछने और उनका दुख दर्द साझा करने में भी पीछे नहीं रहते। उनकी सदायता और संवेदनशीलता के अनेकानेक प्रमाण सामने आ चुके हैं। किसी के घर में किसी का निधन हो जाए, जैन खबर मिलते ही शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि वे विधानसभा क्षेत्र में सबके दुलारे बन चुके हैं।
कल पूरे दिन विशेष कार्यक्रम
अपने जन्मदिन पर रेखचंद जैन अपनी धर्मपत्नी संगीता जैन और बच्चों के साथ सबसे पहले कुल देवी की पूजा करेंगे। इसके बाद वे बस्तर की आराध्या मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर माता का आशीर्वाद लेंगे। फिर वे सभी धर्मों के प्रार्थना स्थलों पर जाकर प्रार्थना करेंगे और दुआएं मांगेंगे। वृद्धाश्रम, अनाथ आश्रम में बड़े बुजुर्गों और बच्चों के संग अपने जन्मदिन की खुशियां शेयर करेंगे। गौशाला, गोठान में जाकर गौमाता को चारा, गुड़ आदि खिलाएंगे। उसके बाद कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं और शुभचिंतकों द्वारा 11 जून रविवार को जगदलपुर के शहीद पार्क के पीछे स्थित वीर सावरकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में जैन सपरिवार भाग लेंगे। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विविध आयोजन होंगे। इस दौरान जैन दंपत्ति के हाथों से जरूरतमंदों को जीवनोपयोगी वस्तुएं वितरित की जाएंगी।
बीजापुर की महिला नक्सली चढ़ गई तेलंगाना पुलिस के हत्थे
- महिला नक्सली एल़़ओएस कमांडर तेलंगाना सीमा में हुई गिरफ्तार
- बीजापुर के चेरपल्ली निवासी इस महिला पर 30 आपराधिक मामले
बीजापुर बीजापुर जिले में सक्रिय महिला नक्सली कमांडर त्रिकुमुला गोटा बुज्जी उर्फ लक्ष्मी को तेलंगाना पुलिस ने तेलंगाना सीमा पर गिरफ्तार कर लिया है। इस महिला नक्सली के खिलाफ जवानों पर हमले समेत 30 संगीन आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इस महिला नक्सली एल़़ओएस कमांडर को तीन राज्यों छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी। सूत्रों ने बताया कि यह महिला नक्सली छत्तीसगढ़ सीमा से एक वाहन से तेलंगाना जा रही थी। पुलिस ने सूचना के आधार पर तालपेरू डेम के समीप वाहन के साथ उसे पकड़ा है। महिला नक्सली के पास से बडी़ मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया गया है। महिला नक्सली एल़़ओएस कमांडर त्रिकुमुला गोटा उर्फ लक्ष्मी के बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम क्षेत्र के चेरपल्ली निवासी होने की जानकारी मिली है। भद्रादि कोत्तागुडम पुलिस और सीआरपीएफ 141 बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाकर तालपेरु बांध से शुक्रवार दोपहर में महिला को गिरफ्तार किया। भद्रादि कोत्तागुडेम पुलिस एसपी डॉ. जी. विनीत ने तेलंगाना में मीडिया के समक्ष इस महिला नक्सली की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मंत्री लखमा ने नहीं कही अश्लील बात, बलीराम भी ऐसा कहते थे
- कांग्रेस नेताओं ने कवासी लखमा के बयान का गलत अर्थ निकालने पर भाजपा नेताओं को लगाई लताड़
जगदलपुर कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा के बयान का गलत अर्थ निकालकर भाजपा के लोग अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। लखमा ने बस्तर की आम बोलचाल में बोली जाने वाली बात कही है। भाजपा के कद्दावर नेता स्व. बलीराम कश्यप हमेशा यह शब्द इस्तेमाल करते रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा नगर निगम में एमआईसी सदस्य विक्रम सिंह डांगी, पार्षद कमलेश पाठक और ओंकार सिंह जसवाल ने संयुक्त बयान में मंत्री लखमा पर अनर्गल लांछन लगाने वाले भाजपा नेताओं को लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा है कि गोधन न्याय योजना और गोठान के खिलाफ भाजपाइयों ने जो अभियान चला रखा है, उसमें वे सच्चाई की जगह खामी दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। लखमा ने अपने बयान में कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक है और भाजपा के दिल्ली के लोग हेलीकाफ्टर में घूम रहे हैं। मई महीने में दोपहर 12 बजे गोठान में गाय ढूंढने जा रहे हैं। यह बात कहते हुए लखमा ने बस्तर की लोक बोली में कही जाने वाली मजाकिया लोकोक्ति कह दी जो यहां के लिए सामान्य बात है। इसी बात को सार्वजनिक मंचों पर और पार्टी की बैठकों में बलीराम कश्यप हमेशा कहते थे। भाजयुमो के कार्यकर्ताओं को लखमा का पुतला दहन करने से पहले अपने दिवंगत नेता बलीराम कश्यप के पिछले राजनीतिक जीवन को समझ लेना चाहिए, जो बेबाक बोलते थे। लखमा ने जो लोकोक्ति कही है वह बलीराम कश्यप का तकिया कलाम था। कश्यप लोकोक्ति का अक्सर उपयोग किया करते थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि भाजपा नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए आरोप लगाना और कांग्रेस नेताओं की छवि धूमिल करना ही उनका एकमात्र काम रह गया है। लखमा ने जो बात कही है उसमें कहीं भी अश्लीलता या गाली नहीं है। क्योंकि ये बस्तर के आदिवासियों की आम बोलचाल के शब्द हैं।
अखिल भारतीय हल्बा/हल्बी आदिवासी समाज 83वा स्थापना दिवस एवम प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
डौण्डी एवं डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में देवगुड़ी निर्माण हेतु 01 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने तथा शासकीय महाविद्यालय मंगचुवा का नामकरण शहीद गंैदसिंह के नाम से करने की घोषणा दल्लीराजहरा में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्रीस्व. सुखदेव पातर को स्वतंत्रा संग्राम सेनानियों की सूची में किया जाएगा शामिल तथा नवा रायपुर में हल्बा सामाजिक भवन के निर्माण हेतु प्रदान की जाएगी राशि बालोद, 09 जून 2023 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हल्बा-हल्बी समाज को अत्यंत गौरवशाली समाज बताते हुए कहा कि हल्बा समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध एवं वैभवशाली है। उन्होंने कहा कि हल्बा समाज की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी है, इस तरह से यह समाज मातृ शक्ति की अनुयायी समाज है।


उन्होंने कहा कि संगठन के मामले में भी हल्बा समाज अत्यंत प्राचीन एवं विस्तृत समाज है। बघेल आज जिले के इस्पात नगरी दल्लीराजरा के फूटबाॅल ग्राउण्ड में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के 83वां स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डाॅ. देवेन्द्र माहला ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डाॅ चरणदास मंहत, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलेजा, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, संसदीय सचिव श्री कुंवरसिंह निषाद, राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम, संजारी बालोद के विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य बिरेश ठाकुर, पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेड़िया, भैयाराम सिन्हा एवं जनक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुखगण उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने जिले के डौण्डी एवं डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में देवगुड़ी निर्माण हेतु 01 करोड़ की राशि प्रदान करने तथा शासकीय महाविद्यालय मंगचुवा का नामकरण शहीद गैंदसिंह के नाम से करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने समाज के लोगों की मांग पर नवा रायपुर में हल्बा समाज के सामाजिक भवन के निर्माण हेतु जमीन चिन्हांकन एवं खरीदी की प्रक्रिया पूरा होने के बाद राशि प्रदान करने की भी घोषण की। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कांकेर जिले निवासी स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लेने वाले हल्बा समाज के गौरव स्व. सुखदेव पातर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में शामिल कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी निर्धारित प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बघेल ने हल्बा-हल्बी समाज के लोगों को समाज के 83वां स्थापना दिवस के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने अमर शहीद बिरसा मूण्डा की पूण्यतिथि पर शहीद बिरसा मुण्डा एवं शहीद गैंदसिंह के योगदानों का स्मरण करते हुए इन दोनों विभूतियों को भारत माता के महान सपूत बताते हुए उन्हें नमन किया। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बड़े भू-भाग के अलावा महाराष्ट्र सहित आस-पास के अनेक राज्यों में हल्बा समाज के लोग निवासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के मामले में भी हल्बा समाज एक अग्रणी समाज है। उन्होंने कहा कि हल्बा समाज के लोग शिक्षा को हथियार बनाकर आज राजनैतिक, प्रशासनिक एवं अन्य सभी क्षेत्रों में उच्च पदों पर सुशोभित होकर राष्ट्र व समाज सेवा में अपना योगदान दे रहे हंै। इस अवसर पर बघेल ने हल्बा समाज सहित समूचे आदिवासी समाज को सहज, सरल, मेहनतकश एवं निश्छल बताते हुए राष्ट्र एवं समाज के विकास मंे उनके योगदानों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। इसे ध्यान में रखते हुए आम लोगों के सहुलियत के लिए प्रशासनिक विकेंद्रीकरण कर 06 नये जिले एवं अनेक नए तहसीलों का गठन किया। जिससे की आम लोगों को अपने कामकाज के लिए जिला एवं तहसील मुख्यालयों में आने-जाने में किसी तरह की कठिनाई न हो।

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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा पूरे हिन्दुस्तान में कोई भी ऐसा राज्य नहीं है, जहां पर इतने बड़ेेेे पैमाने पर तहसीलों का गठन किया गया है। इसके अलावा जाति प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया का भी सरलीकरण किया गया है। जिसके फलस्वरूप पिता के पास जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध होने से उनके बच्चों का भी आसानी से जाति प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। श्री बघेल ने कहा कि राज्य में किसानों एवं मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। हमारे सरकार के द्वारा कामकाज संभालने के तुरंत बाद किसानांे की कर्ज माफी कर उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा समर्थन मूल्य पर ध्यान खरीदी की राशि में वृद्धि करने के साथ-साथ किसानों के मांग पर नये धान खरीदी केंद्र प्रारंभ की है। जिसके फलस्वरूप बस्तर के अलावा मोहला-मानपुर जैसे वनांचल क्षेत्रों में भी धान के रकबे में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा राज्य सरकार के द्वारा कोदो, कुटकी आदि मोटे अनाज का समर्थन मूल्य पर खरीदी कर इसे राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल किया गया है। बघेल ने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा 65 प्रकार के वनोपजों का समर्थन खरीदी शुरू कर उनका मूल्य संवर्धन करने का भी कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार ने समाज के सभी वर्ग के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने हेतु घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट विद्यालयोें की स्थापना की है। राज्य के आदिवासियों एवं शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के समूचित अवसर प्रदान करने हेतु बड़े पैमाने पर बस्तर फाईटर्स में युवाओं की भर्ती किया है। इसके अलावा आम जनता एवं क्षेत्र के लोगों के समूचित विकास हेतु विधायक निधि के साथ-साथ जिला पंचायत, जनपद सदस्यों एवं पार्षद निधि में भी हमने आशातीत बढ़ोतरी की है। बघेल ने कहा कि हमारे सरकार के द्वारा आदिवासियों की विशिष्ट परंपरा, रीतिरिवाज बोली एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए हमनें जगदलपुर के निकट के ग्राम आसना में ’बादल’ (बस्तर एकेडमी आॅफ डांस, आर्ट एण्ड लैंगवेज) की स्थापना की है। इसके अलावा हमारे सरकार के द्वारा राजधानी रायपुर में विशाल राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य एवं देश के अलावा 26 देशों के आदिवासी कलाकारों को अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ। यह आयोजन पूरी दुनिया में अपने तरह का पहला आयोजन था। इस अवसर पर बघेल ने हल्बा समाज के कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंक अर्जित करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास मंहत ने राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों के हितों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की सहजता, सरलता और उदारता उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। वास्तव में आदिवासियों का यह गुण ईश्वर का अनुपम उपहार है। पूर्व केंद्रीय डाॅ. शैलेजा ने अमर शहीद बिरसा मूण्डा एवं स्व. गैंदसिंह के राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे देश, प्रदेश एवं समाज को इन दोनों विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर नाज है। उन्होंने हल्बा समाज के द्वारा समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए समाज के विकास के लिए परिवार, समाज के साथ-साथ सरकारों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा हल्बा समाज सहित समूचे आदिवासी समाज एवं राज्य के सभी वर्गो के विकास के लिए बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने हल्बा समाज के 83वां स्थापना दिवस के अवसर पर सभी स्वजाति जनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने समाज के विकास के लिए समाज के विभूतियों एवं महापुरूषों के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों को उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज एवं समाज के सभी वर्गों के विकास हेतु किए जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। हल्बा समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डाॅ. देवेन्द्र माहला ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए हल्बा-हल्बी समाज के सांगठनिक ढांचा एवं विशेषताओं के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम को पूर्व विधायक डोमेंद्र भेड़िया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर हल्बा समाज के कंेद्रींय पदाधिकारियों के अलावा कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी के अलावा हल्बा समाज के सामाजिक प्रतिनिधि एवं आम नागरिकगण उपस्थित थे।

गरीबों के उत्थान के लिए कार्य करें अधिकारी : गिरिराज सिंह
- केंद्रीय मंत्री ने की ग्रामीण क्षेत्रों में जारी विकास कार्यों की समीक्षा
- बैठक में पौधरोपण पर मंत्री ने गिरिराज सिंह ने दिया खास जोर
जगदलपुर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखकर भरसक कार्य करें। गुरुवार को देर शाम जगदलपुर स्थित विश्राम भवन में उन्होंने बस्तर जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अधिक से अधिक परिवारों को बैंक लिंकेज के माध्यम से लाभान्वित करने को कहा। ताकि समूह के सदस्य आजीविका मूलक कार्य करते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। उन्होंने अमृत सरोवर योजना के तहत किए जा रहे तालाबों के खनन की जानकारी ली और कहा कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण का कार्य तेजी से किया जाना चाहिए।
इसी तरह वाटरशेड के कार्य में भी फलदार वृक्ष के पौधों के रोपण को महत्व देना चाहिए, जिससे लोगों के रोजगार और पोषण की समस्या का निदान हो सके। मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री आवासों के आसपास के रिक्त स्थानों के साथ ही सड़कों के किनारे भी आम, अमरूद, कटहल इत्यादि फलदार वृक्षों के पौधों के रोपण पर जोर दिया। मंत्री ने मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि 100 दिन कार्य करने वाले मजदूरों को उन्नति योजना के तहत निशुल्क आवासीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान करें। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका बनाने को कहा।उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाओं में मुनगा के पौधे अवश्य लगाए जाएं। मुनगा के फल और पत्तियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। विशेषकर खून की कमी के मामलों में यह बहुत ही कारगर है। उन्होंने इसके साथ ही रुरबन योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा करते हुए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड प्रदान करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर हरेश मंडावी सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।












