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कुशासन, वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार के 15 साल
बनाम सेवा, जतन, सुशासन और समृद्धि के 4 साल

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  • कांग्रेस सरकार के चार साल पूरे होने पर नारायणपुर विधायक एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप ने कहा ,यह 4 साल गौरव और स्वाभिमान के हैं

नारायणपुर विधानसभा के विधायक एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने भूपेश बघेल सरकार के चार साल को गौरव और स्वाभिमान निरूपित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राज्य के हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर में परिवर्तन आया। कांग्रेस की सरकार मे हर वर्ष के विकास के लिए प्रभावी योजना बनाकर उनका जमीनी स्तर क्रियान्वयन किया। किसानों का कर्जा माफ, बिजली बिल हाफ, युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के द्वार खोले गए, आउट सोर्सिंग बंद किया गया आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए विशेष योजना बनाई गयी। राज्य की संस्कृति को संवर्धित करने का काम किया गया।

कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में 36 प्रमुख वादों में से 90 प्रतिशत से अधिक वादों को पूरा कर चुकी है। चार साल के कार्यकाल में सरकार ने आधा समय कोरोना महामारी से निपटने में लगाया। उसके बावजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस सरकार की अपने वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता ही है कि पांच साल के लिए किए गए 36 वादों में 90 प्रतिशत वादों को पूरा करने के लिए कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। शिक्षा के स्तर को उपर चढ़ने के लिए आत्मानंद स्कूल की स्थापना करना जिससे गरीब तपके के लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा निःशुल्क प्राप्त कर सके, स्वास्थ्य के संबंध में हमारी सरकार ने गांव-गांव मे हाट बाजार क्लिनिक, नगरीय निकाय में वार्ड स्तर पर चलित हास्पिटल से लोगों के स्वास्थ्य के देख भाल कर रहे है। खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता ईलाज की सुविधा तथा 16 सरकारी जिला अस्पताल में डायलिसिस को सुविधा आरंभ की गई।

चंदन कश्यप ने बताया कि नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत इन 4 सालों मे विभिन्न विकास कार्य हुए जिनमे करन्दोला (भानपुरी) एवं मर्दापाल मे नवीन तहसील कार्यालय की स्थापना, करन्दोला, मर्दापाल एवं छोटे डोंगर मे नवीन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय की स्थापना। छोटे डोंगर मे नवीन महाविद्यालय, नारायणपुर मे नवीन कन्या महाविद्यालय एवं चपका मे उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना, करन्दोला मे नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की निर्माण कार्य पूर्ण, चपका, सालेमेटा-1 एवं मांदलापाल मे नवीन धान खरीदी की स्थापना, नारायणपाल-तीरथा – रतेंगा कोरमेल मार्ग का निर्माण लागत 537.69 लाख रुपये, मुंडागांव-राजपुर मार्ग का निर्माण लागत 180.32 लाख रुपये, केशरपाल – सोरगांव मार्ग निर्माण लागत 115.49 लाख रुपये, केमरा चौक से गुड़ापारा (कुरुषपाल) मार्ग निर्माण लागत 197.24 लाख रुपये,कोलियागुड़ा चौक से घोटिया मार्ग निर्माण लागत 113.68 लाख
सोरगांव से जामगाँव मार्ग निर्माण लागत 547.00 लाख रुपए, भानपुरी – गारेंगा मार्ग निर्माण लागत 1286.10 लाख रुपये, सोनारपाल – छोटे आमाबाल मार्ग निर्माण लागत 553.37 लाख रुपये, फरसागुड़ा – पखनाकोंगेरा मार्ग निर्माण लागत 580.69 लाख रुपये,बस्तर – कुम्हली – नंदपुरा मार्ग निर्माण लागत 1509.84 लाख रुपये, मुंजला – तारागाँव – फाफनी मार्ग निर्माण लागत 224.36 लाख रुपये, नारायणपाल,कावड़गांव एवं कुंगारपाल मे सर्व सुविधायुक्त मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य लागत क्रमशः 45 लाख रुपये ,45 लाख रुपए एवं 50 लाख रुपये करन्दोला मे सर्व सुविधा मिनी स्टेडियम फ्लड लाइट सहित निर्माण कार्य लागत 85.00 लाख रुपये, तुरपुरा और गोंडियापाल मे हाई स्कूल भवन निर्माण कार्य लागत क्रमशः 75.00 लाख रुपये और 75.00 लाख रुपये नारायणपुर के चांदागाँव मे नवीन धान खरीदी केंद्र की स्थापना, नारायणपुर मे नवीन सर्किट हाउस का निर्माण, धौंड़ाई मे नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ, बेनूर, छोटे डोंगर, धौंड़ाई, धनोरा एवं ओरछा मे प्री बर्थ वेटिंग होम का संचालन, मुरहापदर मे स्टॉपडेम निर्माण लागत 49.99 लाख रुपये, नारायणपुर मे गोंडवाना समाज हेतु ऑडिटोरियम निर्माण लागत 50.00 लाख रुपये,नारायणपुर मे देश की पहली मलखंभ एकेडमी की स्थापना लागत 283.00 लाख रुपये, परिसर मैदान एवं नवीन फ़ुटबाल स्टेडियम का निर्माण लागत 3 करोड़, बंधुआ तालाब का सौंदर्यीकरण लागत 6.00 करोड़, जिले मे 100 मातागुड़ी /देवगुड़ी और 100 घोटुल निर्माण की स्वीकृति, बखरु पारा से नया बस स्टैंड मुख्य मार्ग चौड़ीकरण, पूराना बस स्टैंड से नया रेल्वे लाइन पंहुच मार्ग निर्माण,नारायणपुर से लया व्हाया जाटलुर नारायणपुर से गारपा आर डी 20 कि.मी से कच्चापाल,
नारायणपुर से गारपा मार्ग आर.डी .15 कि.मी से आकबेड़ा (कोडोली से झारा वाही)ब्रेहबेड़ा नारायणपुर से कंदाड़ी किहकाड़ मूरनार बेचा मार्ग, माँ शारदा विद्या मंदिर से कोडोली तथा कोडोली से बदुमपारा होकर मंडाली तक मार्ग निर्माण, नारायणपुर मे शासकीय आदर्श आवासीय महाविद्यालय भवन निर्माण, बेनुर जलाशय/केवरामुण्डा जलाशय/कोथेनपटना नहर का सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य। लागत 570. 00 लाख रुपये,गढबेंगाल व्यपवर्दन के शार्ष एवं नहर का जीर्णोद्धार कार्य लागत 350.00 लाख रुपये, जिला नारायणपुर के हेटलानार से गुदाड़ी मे लघु सिंचाई तालाब मे निर्माण कार्य लागत 960. 00 लाख रुपए ।ब्रेहबेड़ा एवं गढ़बेंगाल मे तटरक्षण कार्य। लागत 700.00 लाख रुपये, कंहारगाँव मे डायवर्सन निर्माण कार्य लागत 350.00 लाख रुपये, सुलेंगा मे व्यपवर्तन योजना निर्माण कार्य लागत 450.00 लाख रुपये, जिला नारायणपुर के बागडोंगर मे माइनर टेंक निर्माण कार्य लागत 650.00 लाख रुपये।मर्दापाल मे नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ,बयानार मे नवीन धान खरीदी केंद्र की स्थापना, कुधुर, हड़ेली, कड़ेनार एवं लखापुरी, मे उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण, पुसपाल से मोखामारी मार्ग निर्माण, कोण्डागांव मुख्य मार्ग से जोगी आलवाड़ तक मार्ग निर्माण कार्य, गोलावंड से हंगवा मार्ग निर्माण, पेरमापाल से बेनूर मार्ग, आई.टी.आई. मर्दापाल मे 100 सीटर छात्रावास निर्माण, बुना गाँव से बयानार मार्ग के भंवरडीह नदी पर उच्चस्तरीय सेतु निर्माण कार्य, लखापुरी से मुलनार पहुंच मार्ग मे उच्चस्तरीय सेतु निर्माण कार्य, आदनार से तोतर पंहुच मार्ग भंवरडीह बारदा नदी पर उच्चस्तरीय सेतु निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

डिमांड ड्राफ्ट के पचड़े में फंसे राशन दुकान संचालक हैं परेशान

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  • डीडी जमा होने में देरी से झेलनी पड़ती हैं तरह – तरह की मुसीबतें
  • वेयर हाउस के खाते में पैसा जमा न हो पाने पर नहीं पहुंचता राशन

जगदलपुर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस ) के राशन दुकान संचालकों को डिमांड ड्राफ्ट के पचड़े ने बड़ी टेंशन दे रखी है। समय पर डिमांड ड्राफ्ट जमा कराने के बाद भी वेयर हाउस कारपोरेशन तक रकम नहीं पहुंच पाती या फिर तकनीकी खामी की वजह से वापस हो जाती है। वेयर हाउस से उन्हें कोटे का राशन नहीं मिल पाता। ऐसे में संचालकों को उपभोक्ताओं और प्रशासन की डांट डपट सुननी पड़ती है। राशन दुकान संचालकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने लोहंडीगुड़ा की एसडीएम माया नंद चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर डिमांड ड्राफ्ट जमा होने में आ रही दिक्कत को दूर करने की मांग की।

राशन दुकान संचालक हर माह समय पर डिमांड ड्राफ्ट जमा कर देते हैं, मगर उसका समय रहते क्लियरेंस नहीं हो पाता। ऐसे में उन्हें राशन का उठाव करने में दिक्कत होती है। दुकान संचालकों को जहां उपभोक्ताओं की खरी खोटी सुननी पड़ती है, वहीं प्रशासन से मिलने वाला नोटिस उनकी टेंशन को और भी बढ़ा देता है। दुकान संचालकों विक्रेताओं का एक दल सोमवार को लोहंडीगुड़ा एसडीएम माया नंद चंद्रा से मुलाकात करने उनके दफ्तर पहुंचा था। इन राशन विक्रेताओं की शिकायत सीजी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड के खिलाफ थी। राशन दुकान संचालकों ने ज्ञापन में जानकारी दी है कि शासन द्वारा संचालित प्रत्येक राशन दुकान में प्रति माह बैंक से एनईएफटी और डीडी के जरिए तयशुदा राशि जमा की जाती है। मगर जमा की गई राशि वेयर हाउस कारपोरेशन के बैंक अकाउंट में नहीं पहुंच पाती है। तब वेयर हाउस से कोटे के राशन का आवंटन दुकान संचालकों को नहीं किया जाता।इसकी वजह से समय – समय पर राशन विक्रेताओं के खिलाफ ब्लॉक स्तर पर नोटिस जारी कर दिया जाता है। वहीं समय पर राशन न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं से भी उन्हें खरी खोटी सुननी पड़ती है। जिसके चलते दुकान संचालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राशि नहीं जाने की वजह से वेयरहाउस से संबंधित राशन दुकान में राशन नहीं भेजा जाता, जिससे अगले माह के वितरण और भंडारण में भारी समस्या होती है। तकनीकी खामी की वजह से हितग्राहियों को समय पर राशन न मिलने की शिकायत आज इन राशन विक्रेताओं ने एसडीएम से मिलकर की।
क्या है एनईएफटी, डीडी की प्रक्रिया?
एनईएफटी और डीडी के बारे में राशन विक्रेता आयतू राम कश्यप ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र होने की वजह से हमें एक माह का राशन क्रेडिट में मिलता है, जिसकी राशि हमें अगले माह की 10 तारीख तक एनईएफटी या डीडी के माध्यम से सीजी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड के खाते में जमा करनी होती है। वहां से वह राशि वेयर हाउस के पास जाती है। तकनीकी खामी की वजह से हर बार वेयर हाउस तक रकम पहुंचने में देरी होती है या फिर राशि वापस आ जाती है। इसी की शिकायत को लेकर हम लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
दूर की जाएगी दिक्कत
राशन विक्रेताओं की समस्याओं को हम कलेक्टर तक पहुंचाएंगे। कोशिश की जाएगी कि दुकान संचालकों द्वारा जब भी पैसा पटाया जाए तो वह तत्काल क्लियर हो जाए। आजकल जब सबकुछ ऑनलाइन है, तब इनकी राशि भी तुरंत जमा होनी चाहिए। रायपुर या जगदलपुर से जो विलंब हो रहा है, उसे कलेक्टर के संज्ञान में लाया जाएगा।

  • माया नंद चंद्रा
    अनुविभागीय दंडाधिकारी,
    लोहंडीगुड़ा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में लाई शैक्षणिक क्रांति : रेखचंद

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  • शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित रहा है छत्तीसगढ़ : जैन

जगदलपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल जगदलपुर में आयोजित सरस्वती सायकल वितरण समारोह एवं आनंद मेला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन। उन्होंने सरस्वती सायकल वितरण योजना के तहत 30 छात्राओं को साइकिल वितरण किया। आनंद मेला में स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया तथा बच्चों का उत्साहवर्धन किया।कक्षा 6वीं के छात्र रेयान कुरैशी ने मुख्य अतिथि रेखचंद जैन को अपने हाथों से निर्मित पेंटिंग भेंट की।

इस अवसर पर उपस्थित बच्चों को संबोधित करते हुए जैन ने कहा की हमारे प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र पर विशेष कृपा है। इस क्षेत्र में चार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल जगदलपुर, धरमपुरा , दरभा एवं नानगुर में मुख्यमंत्री ने खुलवाए हैं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अब निजी स्कूलों के बच्चे भी प्रवेश ले रहे हैं। आज हमारी सरकार में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं। अगले सत्र से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कालेज भी आरंभ हो रहा है।इसके अलावा स्वामी आत्मानंद आईटीआई के लिए भी राशि की व्यवस्था की गई है। पूर्व की सरकार में जहां स्कूल बंद हो रहे थे, हमारी सरकार में लगातार नए स्कूल खुल रहे हैं।


मेरिटोरियस विद्यार्थी को देंगे 51 हजार
संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने घोषणा की कि यदि कोई बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड में प्रावीण्य सूची में आता है तो उसे 51 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ नगर निगम की सभापति कविता साहू, वरिष्ठ पार्षद कनिज फातिमा, पार्षद बलराम यादव, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, इंटक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विजय सिंह, जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह भदौरिया, संजय पाणिग्रही, रामकृष्ण तिवारी, खंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज, बीआरसी गरुड़ मिश्रा, प्राचार्य मनीषा खत्री समेत शाला के शिक्षक, शिक्षीकाएं एवं बच्चे उपस्थित थे।

सी मार्ट के राशन से बना भोजन रास नहीं आ रहा विद्यार्थियों को

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  • सी मार्ट की सामग्री जबरिया भेजी जा रही आश्रमों और छात्रावासों में
  • राशन और अन्य सामान की दरें ज्यादा, गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

अर्जुन झा-

बस्तर :- सी – मार्ट जगदलपुर में मिलने वाले राशन और दीगर सामग्री की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सी मार्ट में प्रायः सभी वस्तुओं और राशन की कीमतें लोकल बाजार के मुकाबले ज्यादा रहती हैं। वहीं उनकी गुणवत्ता भी हल्के स्तर की होती है। छात्रावासों, कन्या शिक्षा परिसरों और आश्रमों में सी मार्ट के राशन व अन्य सामग्री से बनने वाले भोजन से विद्यार्थी बिदकने लगे है। ऐसे भोजन को खाकर बीमार पड़ने की अपेक्षा विद्यार्थी भूखे पेट रहना ज्यादा बेहतर समझने लगे हैं।

बावजूद आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी आश्रमों, कन्या शिक्षा परिसरों और छात्रावासों के प्रभारियों को सी मार्ट से ही राशन तथा जरूरत के अन्य सामान खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं।सी मार्ट की स्थापना आम नागरिकों को वाजिब दरों पर अच्छी क्वालिटी का राशन एवं दूसरे सामान उपलब्ध कराने के नेक इरादे से की गई है, लेकिन हो रहा है उल्टा। सी मार्ट में जो राशन और अन्य सामान बेचे जा रहे हैं, वे लोकल बाजार की दुकानों की अपेक्षा महंगे तो होते ही हैं, उनकी गुणवत्ता भी बहुत ही निम्न स्तर की होती है। फिर भी आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी विभागीय कन्या शिक्षा परिसरों, आश्रमों एवं छात्रावासों में सी मार्ट से ही राशन तथा अन्य सामग्रियां खरीदने के लिए कहा जा रहा है। इस आशय की शिकायतें सामने आ रही हैं। जानकारी मिली है कि सी मार्ट से खरीदे गए राशन तथा अन्य सामान से बने भोजन को छात्र छात्राएं जरा भी पसंद नहीं कर रहे हैं। घुन लग चने की सब्जी, घटिया दाल और स्तरहीन चावल को खाना इन विद्यार्थियों को नागवार गुजर रहा है। ऐसे घटिया भोजन को देखते ही विद्यार्थी बिदकने लग जाते हैं। कन्या शिक्षा परिसर परचनपाल में इसका एक ज्वलंत उदाहरण सामने आया है। परिसर की छात्राओं को सी मार्ट के राशन व अन्य जींसों से बनाया गया भोजन परोसा गया, जिसे देखते ही छात्राओं की त्यौरियां चढ़ गईं। छात्राओं ने ऐसे घटिया भोजन को खाने से साफ इंकार करते हुए उसे फेंक दिया। बताया जाता है कि अधिक मुनाफे के चक्कर में सी मार्ट को घटिया क्वालिटी का राशन व अन्य सामानों की आपूर्ति की जाती है। अब ऐसे ही घटिया राशन व सामग्री खरीदने के लिए आश्रमों, कन्या शिक्षा परिसरों तथा छात्रावास अधीक्षकों को मजबूर किया जा रहा है।*5 साल से नहीं बढ़ी शिष्यवृत्ति*विगत 5 वर्षों से छात्रों के भोजन और दूसरी जरूरतों के सामानों के लिए शिष्यवृत्ति के रूप में महज एक हजार रु. ही दिया जा रहा है। पांच साल से शिष्यवृत्ति की राशि में थोड़ी सी भी वृद्धि नहीं हुई है। केवल एक हजार रु. में छात्रों को भोजन, नाश्ता, चिकित्सा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की व्यवस्था पांच साल से चली आ रही है। इन पांच सालों के दौरान दाल, आटा, चावल, तेल, साबुन, रसोई ईंधन, दवाई समेत दैनिक उपयोग की तमाम वस्तुओं की कीमतें पांच – सात गुणा बढ़ चुकी हैं। आज की इस भीषण महंगाई के दौर में इतनी सारी जरूरतों की पूर्ति के लिए एक हजार छोटी राशि हरगिज पर्याप्त नहीं है।*अपनी मर्जी थोप रहे हैं अधिकारी*आदिम जाति कल्याण विभाग जगदलपुर के अधिकारी सी- मार्ट से छात्रावासों, कन्या शिक्षा परिसरों एवं आश्रमों के लिए राशन व अन्य सामग्री का उठाव करने का आदेश जारी कर रहे हैं। इसके कारण छात्रावासों और आश्रमों की संचालन व्यवस्था चरमरा गई है। छात्रावास अधीक्षक संघ सी- मार्ट से राशन व अन्य सामग्री की खरीदी बंद कराने हेतु उच्च अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुका है, लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा इस विषय पर कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों की यह मनमानी विभाग को भ्रष्टाचार की गर्त में धकेलती नजर आ रही है। जगदलपुर से आश्रमों और छात्रावासों तक सामग्री छोड़ने के किराये का भार भी छात्रावासों और आश्रमों को ही वहन करना पड़ता है। इसके अलावा सामग्रियों की दरों में भी काफी अंतर देखने को मिल रहा है। सामग्रियों की गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है। सी- मार्ट की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलेक्टर जगदलपुर से गुहार लगाई गई है।

मेरी आवाज मेरी पहचान म्यूजिकल ग्रुप के 4 वर्ष पूर्ण

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  • मेरी आवाज मेरी पहचान म्यूजिकल ग्रुप ने मनाया चौथी वार्षिक समारोह संपन्न

जगदलपुर– मेरी आवाज मेरी पहचान म्यूजिकल ग्रुप के 4 साल पूर्ण होने पर जगदलपुर शहर पर स्थित रोटरी क्लब में रविवार को वार्षिक उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया।कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।

सर्वप्रथम मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मां सरस्वती की वंदना के साथ सुरमई संध्या की शुरुआत की गई। मां सरस्वती वंदना पर मेहंदी पांडे ने नृत्य करके समा बांधा। वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में विशेष रूप से विशेष अतिथि के रूप में राजीव नारंग, डॉ ज्योति लागू, राहुल सिंह एवं ममता राणा का पुष्पगुच्छ एवं गिफ्ट देकर सम्मान किया गया। ग्रुप के नए सदस्य जिसमें राजीव नारंग,एल.पी.सोनी, डॉ ज्योति लागू,एम.बी.मंजूषा एवं एम.वी. बिट्टू का सम्मान पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो देकर किया गया। सम्मानित पदाधिकारियों में संरक्षक नरेश संकट,अध्यक्ष आर. पी.पाल, सचिव संजय सिंह, भास्कर पांडे सह सचिव,अभय सामदेकर सांस्कृतिक सचिव,प्रमुख सलाहकार दीपक वाधवानी एवं मंजू पॉल, कोषाध्यक्ष ज्योति गर्ग एवं प्रचार प्रसार प्रमुख संग्राम सिंह राणा रहें। चमकते सितारों के रूप में आर. पी.पॉल, संजय सिंह, नरेश संकट, प्रशांत वर्मा,दीपक वाधवानी,अभय सामदेकर, आभा सामदेकर, डॉ वीरेंद्र कुमार,मंजू पॉल,कमल झज्ज,संग्राम सिंह राणा,एल. पी. सोनी,आशा सोनी,ज्योति गर्ग,भास्कर पांडे,डॉ आनंद जी सिंह, गीता सिंह,अबलेश कुमार,दीपलता उइके,एम.बी मंजूषा, एम.वी.बिट्टू, संदीप सावंत, हरीश पराशर,शकील नवाब,जी.वी.एस राव एवं महेश ठाकुर रहें। मेरी आवाज मेरी पहचान के 4 वर्ष पूर्ण होने पर ग्रुप के गायक कलाकारों द्वारा केक काटकर खुशी मनाई गई। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर लोगों का दिल जीत लिया।प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में ग्रुप के टाइटल गीत नाम गुम जायेगा गाकर आर. पी.पॉल एवं आभा सामदेकर ने कार्यक्रम की शुरुआत की। अध्यक्ष आर. पी.पाल ने पदाधिकारियों का परिचय देने के साथ कहा इस ग्रुप को 4 साल पूर्ण हो चुके हैं। समस्त पदाधिकारियों के सहयोग से ही यह कार्यक्रम संपन्न होने जा रहा है। ग्रुप के गायक कलाकारों द्वारा उनकी मधुर आवाज उनके प्रशंसकों के दिल को मंत्रमुग्ध कर देती है।मेरी आवाज मेरी पहचान म्यूजिकल ग्रुप हर सामाजिक गतिविधि एवं रचनात्मक कार्यों पर भी आगे कार्य करेगा। एकल गीतों में जाइए आप कहां, तुमको देखा तो ख्याल आया,दिल ढूंढता है, तुम दिल की धड़कन,जीवन के दिन, कोई तेरे खातिर जी रहा,कितनी अकेली, चांद सिफारिश,चांद जैसे मुखड़ा एवं युगल गीतो में तुमसा कोई प्यारा,वो जब याद आए, दिल परदेसी, इतना ना मुझसे, एक प्यार का नगमा जैसे गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश कुमार सर्वे, पार्षद एवं भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री दीप्ति पांडे एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के सीनियर ब्रांच मैनेजर राजेंद्र भारती विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अभय सामदेकर एवं दीपक वाधवानी एवं आभार संजय सिंह ने किया।

सी मार्ट की आड़ में आदिवासी विकास विभाग कर रहा मनमानी

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  • सी मार्ट की सामग्री जबरिया भेजी जा रही आश्रमों और छात्रावासों में
  • सी मार्ट में सामग्री की दरें ज्यादा, गुणवत्ता पर भी उठ रहे हैं सवाल

जगदलपुर आदिवासी विकास विभाग जगदलपुर मनमानी करते हुए विभागीय आश्रमों एवं छात्रावासों में सी मार्ट के माध्यम से राशन सामग्रियां जबरदस्ती भेजी जा रही है। इसकी शिकायत बड़े पैमाने पर सामने आ रही है।विगत 5 वर्षों से छात्रों के भोजन हेतु शिष्यवृत्ति की राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है। केवल एक हजार रु. में छात्रों को भोजन, नाश्ता, चिकित्सा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की व्यवस्था पांच साल से चली आ रही है। इन पांच सालों के दौरान दाल, आटा, चावल, तेल, साबुन, रसोई ईंधन समेत दैनिक उपयोग की तमाम वस्तुओं की कीमतें पांच – सात गुणा बढ़ चुकी हैं। आज की इस भीषण महंगाई के दौर में इतनी सारी जरूरतों की पूर्ति के लिए एक हजार छोटी राशि हरगिज पर्याप्त नहीं है। ऊपर से तुर्रा यह कि अब सी- मार्ट के माध्यम से छात्रावासों एवं आश्रमों में जबरदस्ती अपनी मनमर्जी चलाते हुए सामग्रियों का उठाव करने का आदेश जारी किया जा रहा है। इसके कारण छात्रावासों और आश्रमों की संचालन व्यवस्था चरमरा गई है। छात्रावास अधीक्षक संघ सी- मार्ट से राशन व अन्य सामग्री की खरीदी बंद कराने हेतु उच्च अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुका है, लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा इस विषय पर कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।*वहन करना पड़ता है भाड़े का भार भी*विभाग के अधिकारियों की यह मनमानी आदिवासी विकास विभाग को भ्रष्टाचार की गर्त में धकेलती नजर आ रही है। जगदलपुर से आश्रमों और छात्रावासों तक सामग्री छोड़ने के किराये का भार भी छात्रावासों और आश्रमों को ही वहन करना पड़ता है। इसके अलावा सामग्रियों की दरों में भी काफी अंतर देखने को मिल रहा है। सामग्रियों की गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है। सी- मार्ट की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलेक्टर जगदलपुर से गुहार लगाई गई है।

सांसद में दिनोंदिन बढ़ रही बस्तरिया दीपक की रोशनी

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  • राष्ट्रीय मुद्दे पर जोरदार सवाल, आया सियासी उछाल

(अर्जुन झा)

जगदलपुर बस्तर टाइगर कहलाने वाले तमाम दिग्गज नेताओं ने अपने अपने दौर में बस्तर के लिए जितनी दहाड़ मारी, वह वजनदार है लेकिन अब बस्तर का यंग टाइगर बस्तर के वनांचल से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत तक जनहित और विकास के लिए गर्जना कर रहा है, वह कई मायनों में अतीत से अलग है। एकदम जुदा है। स्थानीय मुद्दे और प्रादेशिक विषय उठाना हर सांसद का लोक धर्म है।

बस्तर सांसद दीपक बैज भी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और छत्तीसगढ़ राज्य के हक में आवाज बुलंद करते हैं।लेकिन इसके अलावा वे राष्ट्रीय मुद्दों पर जिस गहराई का परिचय दे रहे हैं, वह मुनादी कर रहा है कि बस्तर की वादियों में एक ऐसा जननेता प्रकट हो गया है जो इस इलाके, इस राज्य के साथ साथ देश की चिंता करता है। देश के किसानों का दर्द हो अथवा अनुसूचित जाति जनजाति समाज का, अर्थव्यवस्था का मुद्दा हो या जनता के धन का, हर तरफ दीपक बैज की पैनी नजर है। हर संवेदनशील मामले पर उनका चिंतन और मनन आम जनता के लिए निरंतर जारी है। दीपक की रोशनी बढ़ती जा रही है। यह रोशनी संसद के माध्यम से देश के उस हर व्यक्ति तक पहुंच रही है, जो चाहते हैं कि जनता का पैसा दीमक की तरह चट कर जाने वाले धन पिपासु बचने नहीं चाहिए। दीपक बैज जिस प्रकार से राष्ट्रीय मुद्दों पर मुखर हैं, उससे इन संभावनाओं को विस्तार मिला है कि पहली बार बस्तर से वाकई राष्ट्रीय स्तर का विचारक जनप्रतिनिधि स्थापित हो सकता है। पूर्व में बस्तर से बड़े बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री भी हुए हैं मगर जो जोश, जो होश दीपक में दिखाई देता है, वह नया अनुभव है। अब संसद के शीत सत्र में बस्तर सांसद दीपक बैज ने केंद्र सरकार से 10 लाख 9 हजार 511करोड़ के बट्टे खाते का हिसाब पूछ कर खलबली मचा दी। लोकसभा में लोक हित के मसले बेहद संजीदगी से उठाने वाले सांसद दीपक बैज ने कहा कि यह देश की जनता से जुड़ा बहुत गंभीर विषय है। मंत्री का जवाब आया है कि सरकार ने 5 साल में 10 लाख 9 हजार 511 करोड़ बट्टे खाते में डाले हैं। यह देश की जनता का पैसा है। नौकरी करने वालों का पैसा है, छोटे छोटे कारोबार करने वालों का पैसा है, किसानों का पैसा है सरकार बताये कि ये कौन लोग हैं, पिछले 5 साल में कितने लोग पैसा लेकर देश छोड़कर भाग गए और क्या सरकार इनके नामों को सार्वजनिक करेगी। इस पर विभागीय मंत्री ने सदन में बताया कि आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार नाम डिक्लेअर नहीं किये जाते हैं। लेकिन जब उनके ऊपर एक्शन होती है तब नाम सामने आते हैं। इस पर सांसद दीपक बैज ने कहा कि माननीय मंत्री जी भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 452 के अनुसार नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता, हमने समझ लिया। लेकिन छोटे छोटे कर्ज वालों के नाम सार्वजनिक हो जाते हैं। इन लोगों के नाम बताने से क्या दिक्कत है, यह जानना चाहता हूं। जो टॉप ट्वेंटी बिल्कुल डिफाल्टर हैं, उनके नाम बताएं। विपक्ष के सदस्यों ने दीपक बैज की मांग का समर्थन करते हुए डिफॉल्टरों के नाम बताने की मांग की। यहां गौर करने वाली बात यह है कि बस्तर सांसद को भरपूर समर्थन मिला। इससे भी ज्यादा अहम यह है कि दीपक आम जनता का वह दर्द संसद में बयां कर रहे हैं, जो चंद रुपये का कर्ज न लौटाने की विवशता के बावजूद अपमानित किया जाता है। जिसके दामन पर दाग धब्बे लग जाते हैं कि वह डिफाल्टर है। दीपक यह बताना चाहते हैं कि एक तरफ गरीब की इज्ज़त कोई मायने नहीं रखती। दूसरी ओर जनता का खरबों रुपये लूटने वाले देश से भाग जाते हैं। सरकार लाखों करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाल देती हैं। ऐसे ठगों का सम्मान बरकरार है, तो आखिर यह विसंगति क्यों? कानून तो सबके लिए एक है फिर यह भेद क्यों? दीपक ने साबित कर दिया है कि वह गरीब से लेकर देश के हित में सजग हैं। अपने नुमाइंदे की व्यापक सोच पर बस्तर गौरव अनुभव कर रहा है।

मुख्यमंत्री का बयान शर्मनाक,हिंदूहितों को लेकर राष्ट्रसेवा में काम करने वाले बजरंग दल के युवा गुंडे नही धर्मसेवक है :- बलराम गुप्ता

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राजनीति के फेर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हिंदूविरो को टारगेट कर रहे,प्रभु राम को काल्पनिक बताने वाले लोग आज सनातन धर्म के प्रतीक भगवा को लेकर अनर्गल आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे मतलब साफ है। हिंदू धर्मसमाज,हिंदू संगठनों की ताकत का अहसास हो रहा।

बालोद :- सनातन धर्म व राष्ट्रसेवा,गौसेवा के क्षेत्र में काम करने वाले बजरंगियों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने कहा है। कि हिंदुहितो को लेकर काम करने वाले हर हिंदु परिवार को अपना परिवार मानकर उनके सुखदुख में शामिल बजरंग दल के धर्मसेवको को गुंडा कहना,वसुलीबाज कहना ये मुख्यमंत्री का हताशा वाला बयान है। प्रदेश में हिंदू संगठनों के बढ़ते प्रभाव से व हिंदू धर्म समाज में आ रहे जागरूकता से मुख्यमंत्री काफी परेशान नजर आ रहे है। जंहा एक और एक फ़िल्म में पहने गए वस्त्र व भगवा रंग के खिलाफ गीत को लेकर जंहा पूरे देश मे उसका विरोध हो रहा है। वही राजनीतिकी मजबूरी के चलते मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पठान फ़िल्म के विरोध में उठते आवाज को दबाने बजरंग दल के ऊपर अनर्गल आरोप लगाकर बयानबाजी कर रहे है।

जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने कहा कि बजरंग दल के सेवा कार्यो को उनके धर्म के प्रति समर्पण को जिस दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सही मायने में समझ जाएंगे वो भी बजरंग दल के सेवा कार्यो में शामिल हो जाएंगे।बलराम गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी पूरे छत्तीसगढ़ में 50 हजार गौधन को गौ तस्करी व कत्लखाने में कटने से बचाने का काम बजरंग दल ने किया,चादर फादर के फेर में फसने वाले हजारों लोगों में धर्म जागरण का काम कर रहे, बजरंग दल 100 से अधिक बहनों को लव जिहाद के दुराचार से बचाने का काम करता है। हजारों की संख्या में दूसरे धर्म मे धर्मांतरित हिंदू परिवारों की घर वापसी का काम बजरंग दल करता है। हिंदू समाज मे लगे कलंक बाबरी ढांचे का विध्वंस करके भगवान श्री राम का मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है। बजरंग दल,बाबा अमरनाथ यात्रा में जंहा आतंकवादियों का गढ़ बन चुका था दहशतगर्दी से बाबा बर्फानी के दर्शन बन्द थे जिनको चालू करवाने का काम देश के युवा बजरंगियों ने किया,जेहादी कट्टरता से काम करने वालों का मुकाबला करने का काम अगर सही मायने में कोई कर रहा तो वो बजरंग दल है।

मुख्यमंत्री जी जिसे आप आज गुंडा कह रहे हो वो सही मायने में सनातन धर्म रक्षा के लिए त्याग करने वाले,सेवा कार्य करने वाले सच्चे धर्मसेवक है। जो इस राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने तैयार बैठे है।मुख्यमंत्री जी प्रदेश का हिंदू समाज इस बात को भुला नही है। कि आपकी सरकार में कवर्धा में किस प्रकार से सनातन धर्म के प्रतीक भगवा का अपमान हुआ व हिंदुओ को किस तरह से प्रताड़ित किया गया किस तरह का बर्ताव किया था लेकिन ऐसे जुल्मों का कट्टर विचारों से लड़ने का काम हिंदुत्त्व की आन बान शान के लिए संघर्ष करने हजारों की संख्या में बजरंगी भाइयो ने बिगुल फूंका व मैदान में सामने खड़े रहे। आप कितना भी गलतबयानी करे इस प्रदेश का युवा अपने सनातन धर्म की रक्षा करने,राष्ट्रहित में प्रदेशहीत में व हिंदुत्त्व को लेकर मुखरता से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा । रही बात भगवा की तो तो जिस दिन हिंदू धर्म परिवार मे बजरंगी जन्म लेते है। सनातन धर्म प्रतीक भगवामय साथ हो जाता है।

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सेबी दफ्तर का 21 दिसंबर को घेराव करेंगे निवेशक, एजेंट

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  • फर्जी कंपनियों में निवेश की गई रकम की वापसी की मांग

जगदलपुर फर्जी कंपनियों में निवेशित रकम की वापसी की मांग को लेकर इन कंपनियों के पीड़ित अभिकर्ता और निवेशक 21 दिसंबर को रायपुर स्थित भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी ) के क्षेत्रीय कार्यालय का घेराव करेंगे।इस आशय का फैसला छग अभिकर्ता – उपभोक्ता सेवा संघ की बैठक में लिया गया। बैठक में कहा गया कि सौ से अधिक फर्जी कंपनियों की सम्पत्ति सेबी भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड द्वारा सीज कर व कुर्क कर ली गई है और कानून के हवाले कर दिया गया है। दस वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया गया है। ऐसे में यह प्रतीत हो रहा है कि सेबी कंपनियों की सम्पत्ति सीज व कुर्क कर पैसा अपने पास रख निवेशकों को पैसा वापस नहीं करना चाहती। आम जनता ने सहारा इंडिया, पीएसीएल, एचबीएन, सन साईन इन्फ्रा बिल्ड कार्पोरेशन लिमिटेड, साई प्रसाद, साई प्रकाश, बीएन गोल्ड, सनसाईन हाईटेक, गरिमा, दिव्यानी, सुविधा फार्मिंग, आरोग्य धनवर्षा, एसपीएनजे जैसी सौ से अधिक कंपनियों में नागरिकों ने निवेश किया था। लोगों का पैसा डूब गया है। सेबी ने इन कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति सीज व कुर्क कर ली है, लेकिन सेबी निवेशकों को रकम वापस कर नहीं रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सेबी कुर्क संपत्ति को अपने पास रखना चाहती है। इसी मुद्दे को लेकर सेबी दफ्तर के घेराव का निर्णय लिया गया है। निवेशकों से आंदोलन में उपस्थिति की अपील की गई है। बैठक में बस्तर जिला अध्यक्ष सीएन कश्यप, अर्जुन सिंह कश्यप, नरेंद्र साहू, जीवनाथ झिराम, नरेंद्र जोशी, वासुदेव बघेल, विमल बघेल, नंदलाल समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। बताया गया है कि संघ के प्रदेश अध्यक्ष गगन कुंभकार, महासचिव नंद कुमार निषाद, सचिव ईश्वर पटेल व संघ के प्रदेश, जिला, ब्लाक पदाधिकारियों के नेतृत्व में 21 दिसम्बर को सेवी आपिस रायपुर का घेराव किया जाएगा, और निवेशकों की पैसा वापस करो नहीं तो सेबी आफिस बंद करो के नारे के साथ धरना, प्रदर्शन किया जाएगा।

नानगुर में आयोजित खेल कार्यक्रम में शामिल हुए बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा

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ग्राम नानगुर, ग्राम पंचायत सीड़गमुड जगदलपुर 13 गांव से आये लोगो के बीच खेल का कार्यक्रम किया गया जिसमें क्रिकेट, रस्साकशी, कुर्शीदौड़ का सफल आयोजन किया गया।ओढारमुड़ी बकावंड के बीच खेला गया फाइनल का मुकाबला जिसमे माननीय मंत्री जी के द्वारा विजयी टीम को पुरस्कृत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा की आज बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों में खेल का उत्साह देखते ही बन रहा है। आज हमारी सरकार खेल को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन कर रही है, इसके साथ ही राजीव युवामितान के माध्यम से युवाओं को खेल प्रोत्साहन हेतु सालाना 1 लाख की राशि दे रही है। कार्यक्रम के दौरान संसदीय सचिव रेख चंद जैन, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजू शर्मा, महापौर सफिरा साहू, पार्षदगण, सरपंचगण, जनप्रतिनिधिगण, कार्यकर्तागण, खिलाडी एवं दर्शकगण उपस्थित रहे।

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