बालोद–विकास खंड गुरूर में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ जी आर रावटे व खंड वि.प्र. अधिकारी के आर उर्वशा द्वारा पर्यवेक्षकों का बैठक आयोजित किया गया। बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा लोगों की सैंपल जांच अधिक से अधिक हो जिनके लिए आवश्यक कार्य योजना बनाने निर्देशित किया गया। एवम् समुदाय के लोगो को जांच हेतु प्रेरित करने पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रमुख, महिला समूह, महिला कमांडो, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिनों एवम् प्रभावशाली व्यक्तियों का भागीदारी सुनिश्चित करने व आपसी समन्वय स्थापित कर जांच शिविर आयोजन हेतु पूर्व तैयारी पर चर्चा किया गया जिनसे लोग प्रेरित होकर जांच हेतु आगे आयेंगे, आज भी लोग के मन में कोरोना के प्रति भय होने के कारण जांच कराने में कतराते हैं |
जिनके लिए जनसमुदाय की भागीदारी अति आवश्यक है कल दिनांक 5.1.2021 को COVID जांच शिविर का आयोजन ग्राम बासीन, दर्रा एवम् छेड़ीया में आयोजित की जाएगी उक्त शिविर के सफल संचालन क्रियान्वयन हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों , महिला समूहों, मितानिन, व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की गई साथ ही साथ फिल्ड स्टॉफ एवम् जांच टीम के सदस्यों को आवश्यक तैयारी कर निर्धारित समय में उपस्थित होने निर्देशित किया गया एवम् समुदाय के लोगों से अपील की गई की बचाव हेतु अनावश्यक रूप से भीड़ वाले जगहों में जाने से बचे, नियमित रुप से साबुन से हाथों की धुलाई, सामाजिक दूरी बनाए रखना, मास्क व सेनिटाइजर का उपयोग एवं अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा दिया जावे।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों से झूठे वादे करके सरकार में आई और अब अपने ही बने जाल में फंस गई है । धान खरीदी में राज्य सरकार का पूरा तंत्र फेल हो चुका है , कई खरीदी केंद्र बन हो चुके हैं और कई बन्द होने के कगार पर हैं ।
राज्य सरकार धान खरीदी से लेकर बोनस तक हर बात के लिए केंद्र सरकार को दोष देती है । राज्य सरकार स्वीकार करे कि उसके पास किसानों को देने के लिए पैसे नही है । हर बात पर रोना रोने से समस्या का हल नही होगा ।
श्री कश्यप ने कांग्रेस नेताओं को चैलेंज किया और कहा कि कांग्रेस के नेता धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करें और वहां की कमियों को देखें ।राज्य सरकार सिर्फ अपनी कमजोरियाँ छुपाने राज्य की , केंद्र सरकार को दोष दे रही है ! विद्यायक मंत्री सांसद चुप्पी साधे बैठे हैं । लोगो को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है ।
बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्र के लिए धान खरीदी का कितना लक्ष्य रखा गया है और इस क्षेत्र में अब तक कितनी धान खरीदी हुई है , सरकार जानकारी दे । बारदाने के लिए कई महीने पहले से तैयारी करनी थी पर राज्य सरकार सो रही थी , अपनी नाकामी छिपाने अब बारदाना की कमी पर भी मोदी सरकार को दोष दे रहे ।
कितने दुर्भाग्य की बात है कि,भूपेश सरकार लॉकडाउन में दारू बाट सकती है पर धान खरीदी नही कर सकती !
कश्यप ने माँग की है कि सरकार पंजीकृत किसानों का पूरा धान खरीदी करे एवं एक महीने खरीदने की समय सीमा बढ़ाये,किसानों का पेमेंट पूरा करे ! किसानों का धान का जो भी लक्ष्य है वो एक बार में लिया जाये,किस्तो में धान ना खरीदा जाये !!
जिला साहू संघ बालोद के निर्देशानुसार तहसील साहू संघ राजहरा का आवश्यक बैठक स्थानीय साहू सदन में श्री तोरणलाल साहू अध्यक्ष तहसील साहू संघ राजहरा के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।मुख्य अतिथि श्री पवन साहू प्रदेश प्रतिनिधि जिला साहू संघ बालोद एवम जितेंद्र साहू उपाध्यक्ष जिला साहू संघ बालोद,अंजू साहू संगठन सचिव , सत्यवती साहू प्रचार सचिव जिला साहू संघ बालोद एवम अनिरुद्ध साहू पूर्व सचिव तहसील साहू संघ राजहरा विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे।
उपस्थित सभी अतिथियों का पदाधिकारियों द्वारा गुलदस्ता एवम श्री फल भेंटकर स्वागत एवम सम्मान किया गया। स्वागत भाषण तोरण लाल साहू अध्यक्ष तहसील साहू संघ राजहरा द्वारा दिया गया एवम उपस्थित सदस्यों को सामाजिक गतिविधियों की भी जानकारी प्रदान किया। मुख्य अतिथि श्री पवन साहू ने सामाजिक चर्चा में जानकारी देते हुए कहा कि जिला साहू संघ बालोद को समाज के मांग के अनुरूप शासन द्वारा आधा एकड़ जमीन आबंटित की गई है।उक्त जमीन के मूल्यांकन के अनुरूप भू-भाटक की राशि जमा किया जाना है साथ ही समाज को जिले में जनसंख्या के अनुरूप भव्य भवन निर्माण करना प्रस्तावित है जिसके लिए करोड़ों रुपये की आवश्यकता है जो कि समाज के प्रत्येक परिवार ,कृषक बन्धु,सम्मानित अधिकारी,
कर्मचारी, व्यापारी,जनप्रतिनिधि,विशेष दानदाताओं के संकल्पित प्रयास से सम्भव है।अतः आप सभी बढ़ चढ़कर खुले हाथों से समाज के नव निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग करने की कृपा करें।श्री जितेंद्र साहू ने अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रदेश साहू संघ रायपुर द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार इस वर्ष छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के संस्थापक एवम दुर्ग लोक सभा क्षेत्र के भूतपूर्व सांसद श्रद्धेय ताराचंद साहू जी की जयंती मनाने का निर्णय लिया गया है।इस
परिप्रेक्ष्य में जिला साहू संघ बालोद द्वारा दिनाँक 17 जनवरी 2021 दिन रविवार को सुबह 11 बजे महादेव भवन गंजपारा बालोद में जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।इस कार्यक्रम में आप सबकी गरिमामयी उपस्थिति प्रार्थनीय है। उन्होंने कहा कि स्व- ताराचंद साहू जी का हमारे समाज के लिए बहुत ही सराहनीय एवम अनुकरणीय योगदान रहा है जिसे कभी भुलाया नही जा सकता।श्रीमती अंजू साहू एवम श्रीमती सत्यवती साहू ने भी अपने विचार रखे।बैठक का संचालन रेखुराम साहू सहसचिव एवम आभार प्रदर्शन राधेश्याम साहू सचिव तहसील साहू संघ द्वारा किया गया।
जिला बालोद अंतर्गत स्थित पर्यटन/धार्मिक स्थलों में आवागमन के दौरान हो रहे सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर दिनांक 04.01.2021 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौलत राम पोर्ते एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक रामसत्तु सिन्हा के द्वारा मुख्यालय बालोद से घोठिया चैक (एन.एच. 930) से रानीमाई मंदिर और रानीमाई मंदिर से सियादेवी मंदिर तक तथा सियादेवी मंदिर से नारागांव-बरही-सांकरा (एन.एच.930) तक सड़क का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान दुर्घटनाजन्य स्थानों- (1) घोठिया तिराहा (2) तालगांव रोड़ मंदिर के पास (3) फाॅरेस्ट नर्सरी के पास (4) तालगांव बेरियर के आगे (5) रानीमाई मंदिर के पहले मोड़ (6) रानीमाई से सियादेवी मंदिर जाने वाले मोड़ (7) नारागांव से बरही जाने वाले मार्ग (8)
नारागांव मंदिर तिराहा (9) नारागांव बस्ती जाने वाले मोड़ (10) बरही तालाब मोड़ (11) सांकरा से सियादेवी मोड़ तिराहा को चिन्हांकित किया गया है। जहां आवश्यकतानुसार संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर, गति अवरोधक, सड़क सुरक्षा कार्य कराया जाकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु सार्थक पहल की जा रही है।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला- राजनांदगांव की जिला स्तरीय बैठक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष- मनीष मिश्रा व जिलाध्यक्ष- शंकर साहू की उपस्थिति में पाटेश्वरधाम जामडीपाठ में किया गया।
फेडरेशन की जिला स्तरीय बैठक में जिला स्तर पर दिनांक- 23 जनवरी 2021 को भव्य पारिवारिक मिलन समारोह का आयोजन- सोमनी (टेडेसरा) में मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।जिसमें जिले के पूरे 09 विकासखंड के हजारों साथी गण अपने परिवार सहित उक्त कार्यक्रम में शामिल होंगे। तथा फेडरेशन के जिला व ब्लॉक स्तर पर फेडरेशन को
नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले लगभग 100 सक्रिय सदस्यों का जिला स्तर पर सम्मान किया जाना तय किया गया व राजनांदगांव जिला तथा 09 विकासखंड के ब्लॉक पदाधिकारियों के साथ ही महिला पदाधिकारियों को भी इस कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर का विमोचन भी इस कार्यक्रम में किया जाना तय किया गया है।
जिलाध्यक्ष-शंकर साहू,प्रदेश महासचिव-प्रेमलता शर्मा व प्रदेश महामंत्री-राजकुमार यादव ने प्रेस को बताया कि राजनांदगांव जिले के जिला व ब्लॉक स्तरीय विभिन्न लंबित समस्याओं जैसे नॉन डी.एड./बी. एड. के कारण वेतन में कटौती राशि की प्राप्ति, समयमान वेतनमान की लंबित एरियर्स राशि की प्राप्ति,जिला व ब्लॉक स्तरीय परामर्शदात्री की बैठक का आयोजन,सेवा पुस्तिका संधारण,लंबित अनुकंपा नियुक्ति,उच्च परीक्षा/कार्योत्तर अनुमति, इनकम टैक्स फॉर्म-16 प्रदान करने,लंबित वेतन भुगतान,लंबित मेडिकल राशि का भुगतान व प्रत्येक माह वेतन पर्ची प्रदान करने के निराकरण हेतु ब्लॉक व जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन के साथ ही उपरोक्त संबंधित कार्यालय की घेराव करने पर भी सर्व सम्मति से निर्णय प्रस्तावित किया गया।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला-राजनांदगांव की जिला स्तरीय बैठक में प्रमुख रूप से फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा, प्रदेश महासचिव प्रेमलता शर्मा, प्रदेश महामंत्री राजकुमार यादव, जिलाध्यक्ष- शंकर साहू, जिला सचिव-रामलाल साहू,ब्लॉक अध्यक्ष मानपुर-यशवंत देशमुख,ब्लॉक अध्यक्ष मोहला सुनील शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष अंबागढ़ चौकी देव कुमार यादव, ब्लॉक अध्यक्ष डोंगरगाँव पारख प्रकाश साहू,ट्राईबल विभाग प्रभारी-जंत्री ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष-कीर्तन मंडावी कुशल हदगिया, जिला मीडिया प्रभारी-धर्मेंद्र सिन्हा,जिला महामंत्री-
राजकुमार ठाकुर,जिला महासचिव-मोहन कोमरे,जिला संयुक्त महामंत्री-रामेश्वर साहू,फूल बाई आर्य,जिला संयुक्त सचिव-राजेश निषाद,संतोषी सलामे,जिला उप-कोषाध्यक्ष-द्रोपती चनाप,जिला कार्यकारिणी सदस्य-रेखा सलामे,ब्लॉक उपाध्यक्ष डोंगरगांव-गुलाब देवांगन,ब्लॉक उपाध्यक्ष मोहला-श्रवण कुमार डहरे,ब्लॉक सचिव मोहला-मक्खन साहू,ब्लॉक महामंत्री मोहला-भरत भोपले,ज़ोन प्रभारी मोहला-लोकेश सिंग सहित जिला पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
उपरोक्त जानकारी मीडिया में शंकर साहू जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ने दी है।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आईओसीएल प्लांट राजहरा में ठेकेदार एवं मैनेजर मार्केटिंग नरसिम्हा हेमंत गर्लापति द्वारा ठेका शर्तों के विरुद्ध कार्य करते हुए कार्यरत ठेका कर्मियों को परेशांन करने और अष्टाचार करने के प्रयास की जानकारी दी जिला मंत्री मुश्ताक ने बताया कि IOCL प्लांट दल्ली राजहरा में M/s C.D.O. Securities & Public Helpline Service द्वारा 06 गार्ड सप्लाई करने
के कार्य को निविदा पर किया जा रहा है। उक्त ठेके के नियमानुसार उक्त कार्य हेतु 05 कर्मियों को ही रखना है। उक्त ठेका विगत कई वर्षों से चल रहा है। महोदय, वर्तमान में इस ठेके में 06 कर्मी कार्यरत हैं जो कि IOCL में जब से उक्त कार्य शुरू हुआ है तब से कार्यरत हैं। कुछ माह पूर्व इन कर्मियों ने संघ के समक्ष लिखित शिकायत की थी कि ठेकेदार द्वारा उनके बैंक खाते में पूर्ण वेतन डाला जाता है किन्तु उसके उपरांत उनसे रूपए 6000/- प्रतिमाह वापस ले लिया जाता है और विरोध करने पर नौकरी से निकलने की धमकी दी जाती है |
इस सम्बन्ध में जब संघ ने IOCL के स्थानीय मार्केटिंग मैनेजर श्री नरसिम्हा हेमंत गार्लपति से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो ये गलत है और इसके लिए केवल और केवल ठेकेदार ही जिम्मेदार है। तब संघ ने इस सन्दर्भ में ठेकेदार को पत्र लिखा एवं पूरे मामले पर चर्चा करते हुए समस्या के समाधान हेतु प्रयास किया किन्तु ठेकेदार की हठधर्मिता के कारण समस्या का कोई समुचित समाधान नहीं निकला। और तो और ठेकेदार ने संघ द्वारा
समाधान हेतु की गयी चर्चा के उपरांत कार्यरत कर्मियों को नौकरी से निकालने का प्रयास किया और समी कर्मियों को टर्मिनेशन पत्र भेज दिया। इस सम्बन्ध में संघ ने आपके समक्ष पत्र क्रमांक- मा.म.सं/ख.म.सं/राज/CDO 04/2020/61, दिनांक 31/08/2020 के माध्यम से विस्तृत जानकारी भी दी थी जिसके बाद ठेकेदार ने कर्मियों को काम से तो नहीं निकाला लेकिन उन्हें तरह तरह से परेशान करना शुरू कर दिया जिसका संघ ने समय समय पर विरोध करते हुए ठेकेदार के अवैधानिक चालों को निष्प्रभावी किया ।
संघ के इन प्रयासों के वजह से ठेकेदार एवं IOCL के मार्केटिंग मैनेजर श्री नरसिम्हा हेमंत गार्लपति की अवैधानिक कमाई बंद हो गयी जिससे परेशान होकर ठेकेदार एवं IOCL के स्थानीय मार्केटिंग मैनेजर श्री नरसिम्हा हेमंत गार्लपति ने आपस में मिलकर एक और नए कर्मी की भर्ती कर ली और पूर्व से कार्यरत कर्मियों को कम दिनों की ड्यूटी देने का प्रयास करना शूर कर दिया है। महोदय, ठेकेदार और IOCL के मैनेजर श्री नरसिम्हा हेमंत गर्लापति की इस मिलीभगत को संघ पुरजोर विधि करते है और इसे रूप से भ्रष्ट कमाई करने का रास्ता मानता यह सोचने की बात है और फिर जब ठेका स्पष्ट रूप से 05 कर्मियों का है और शुरू से ही जब ठेके में 06 कर्मी कार्यरत है और कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो रहा है तब एक नए कर्मी की भर्ती करते हुए पूर्व से कार्यरत कर्मियों को महीने में 25-26 कार्यदिवस का कार्य न देकर उसमे कमी करना और नए भर्ती किये गए कर्मी को उनके जगह कार्य पर भेजना ठेकेदार एवं IOCL के मार्केटिंग मैनेजर नरसिम्हा हेमंत गार्लपति की सोची समझी षड्यंत्र है और कर्मियों को परेशान करने का घृणित कार्य है, क्योंकि संघ के प्रयास से ठेकेदार एवं IOCL के मार्केटिंग मैनेजर नरसिम्हा हेमंत गार्लपति की काली कमाई बंद हो गयी है जिससे ये लोग परेशान होकर इस तरह का घृणित कार्य कर रहे है। जो कि बहुत ही शर्मनाक है उपरोक्त तथ्यों के आधार पर संघ आपसे निवेदन करता है कि ठेकेदार एवं IOCL के मार्केटिंग मैनेजर नरसिम्हा हेमंत गापति द्वारा ठेका नियम के विरुद्ध जाकर किये जा रहे इस कार्य पर तत्काल विराम लगाया जावे अन्यथा कार्यस्थल पर औद्योगिक सौहार्द के बिगड़ने की पूर्ण सम्भावना है। अगर ठेकेदार एवं IOCL के मार्केटिंग मैनेजर द्वारा नए कर्मी की नियुक्ति के एवज में पूर्व से कार्यरत कर्मियों को पूरे माह कार्य नहीं मिलता है और उनके हाजिरी में कमी करते हुए नए कर्मी को कार्य पर रखा जाता है तो इसके विरोध में संघ द्वारा कड़े कदम उठाये जावेंगे जिससे होने वाले किसी भी नुकसान के लिए ठेकेदार एवं IOCL के मार्केटिंग मैनेजर नरसिम्हा हेमंत गापति ही जिम्मेदार होंगे।
आईओसीएल में चल रहे सभी ठेकों ईस तरह की गड़बड़ी की जा रही है श्रमिकों का बीना सीपीएफ जमा किये और बीना बैंक भुगतान के कार्य कराया जा रहा है,और बिना किसी रोक-टोक के ठेकेदार का भुगतान किया जा रहा है जो कि स्थानीय प्रबंधन द्वारा किए जा रहे खुलेआम भ्रष्टाचार की पोल खोलता है
किरन्दुल – कहते हैं अधिकारी जनता के कार्य और सरकारी दफ्तर हेतु कार्य करते हैं लेकिन नगरपालिका किरन्दुल में कुछ इस प्रकार की मनमानी सुनील जैन के द्वारा होती नजर आ रही है कि वह अपने सरकारी कार्य को दफ्तर में नहीं करते उन्हें करने के लिए समय और स्थान खुद निर्धारित किया करते, वो भी अधिकांश समय ठेकेदारी निगरानी के कार्य में देते हैं वर्तमान में पंचायती क्षेत्र को कोड़ेनार मैं कचरा पेटी निर्माण कार्य तथा मनरेगा से चलने वाली अधिकांश कार्यों में हमेशा सुनील जैन निगरानी के रूप में नजर आते हैं।
आखिरकार कोड़ेनार के सभी ठेकेदारी कार्यों में निरीक्षण करते हुए सुनील जैन नजर क्यों आते हैं? जबकि यहां पदस्थ है नगरपालिका किरन्दुल में सहायक राजस्व निरीक्षक पद पर इसके बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्र के कार्यों में खुद इनकी निगरानी होती है आखिर क्यों नहीं करें निगरानी क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की सरपंच है इनकी पत्नी मीना मंडावी इनके निजी कार्यों को लेकर हमेशा रहते हैं अस्त-व्यस्त रहते है। नहीं दे पाते अपना समय नगर पालिका परिषद किरंदुल मे जब इस सम्बन्ध मे जानकारी लेने लिए के पत्रकार पहुचते है तो सुनिल जैन के द्वारा अपशब्दो का प्रयोग करते हुए धमकीया देते है और कहते है मुझे कोई कुछ नही कह सकता मै सभी को लेकर चलता हूँ, आखिल इस शब्द का मतलब क्या निकलता है की सुनिल जैन सबको लेकर चलते है क्यो शासन-प्रशासन भी खामोश है इनकी कार्यो से, इससे पहले भी सुनिल जैन अपनी कार्यो के लेकर सुर्खियो मे बने रहते है और खबर लगने के बाद पत्रकार पर सुनिल जैन के द्वारा एफ आई आर दर्ज करवाया जाता है अब देखना की सुनिल जैन पर शासन-प्रशासन के द्वारा कब अपने संज्ञान मे लिया जाता हैं।
जगदलपुर / प्रतिनिधी । बस्तर ज़िले के उपार्जन केंद्रों में लगातार बारदाने की कमी की शिकायतें आ रही हैं, जिसके कारण धान ख़रीदी प्रभावित हुआ है। प्रशासन की लापरवाही का नतीजा कोसो दूर से फ़सल बेंचने आ रहे किसानों को उठाना पड़ रहा है, और जिम्मेदार अधिकारी स्वयं अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हैं। ऐसा शिवसेना के जिलाध्यक्ष अरुण पाण्डेय् ने कहा है।
बता देंकि बारदानों की कमी के कारण धान ख़रीदी प्रभावित होगा और उपार्जन केंद्र बंद भी हो सकते हैं ऐसी आशंका शिवसेना ने पूर्व में ही जताई थी तथा समय रहते प्रशासन कोनिस्के लिए तैयार रहने की बात उन्होंने उठाई थी। लेकिन शिवसेना द्वारा चेताने क्व बाद भी अधिकारियों की कुंभकर्णीय नींद नही खुली और उसी का नतीजा हैकि आज धान उपार्जन केंद्रों में कई खामियां नज़र आ रही हैं।
ज़िला खाद्य नियंत्रण अधिकारी आख़िर प्रशासनिक सुविधाओ के बावजूद किसानों को बारदाने उपलब्ध क्यों नही करा पा रहे हैं.? किसानों को हो रही समस्यायों के लिए सबसे पहले वे ही जिम्मेदार हैं और उनकी कार्य दक्षता पर सवाल उठाने के लिए यह काफ़ी है। किसानों को जो बारदाने उपलब्ध कराए जा रहे हैं वह पुराने सड़े गले हैं, और जिसका 15 रुपये का भुगतान प्रशासन ले रही है, इधर प्रशासनिक संरक्षण में ही खुले बाज़ार में बारदाना 30 रुपये में उपलब्ध है। शिवसेना के जिलाध्यक्ष अरुण पाण्डेय् ने कहा कि ज़िला खाद्य नियंत्रक अधिकारी खुले बाज़ार में बारदाने की क़िल्लत को देखकर व्यापारियों द्वारा अचानक दाम बढ़ा दिए गये हैं। इस तरह हो रही बारदाने की काला बाज़ारी पर भी नियंत्रण लगाने में नाकामयाब साबित हुए हैं। जिसकारण किसानों को अलग से 30 से 40 रुपये प्रति बारदाना का ख़र्चा व्यव करना पड़ रहा है। प्रशासन स्वयं तमाम सुविधाओं के बावजूद किसानों को बारदाने उपलब्ध कराने में असमर्थ साबित हुई है और अब किसानों को 40 किलो भरती वाले जुट के बारदाने की व्यवस्था स्वयं करो ऐसा आदेश जारी किया गया है। शिवसेना के जिलाध्यक्ष अरुण पाण्डेय् में बताया कि बस्तर ज़िले के कई उपार्जन केंद्र ऐसे हैं जहां से किसानों को वापस भी कर दिया जा रहा है। लेकिन खाद्य अमला इन परेशानियों का रास्ता निकालने की कोई कोशिश करते नही दिखाई पड़ रही है।
इस मामले में जब वे ज़िले के खाद्य नियंत्रक अधिकारी से मुलाक़ात कर इस समस्या का हल जानने पहुंचे तब अशिकारी ने प्रशासनिक रोना रोते हुए संसाधानों और कर्मचारियों की कमी गिनाते हुए जिम्मेदारी से भागने की कोशिश किया।
उन्होंने बताया कि जिस तरह नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के निर्णय के विरोध में शिवसेना प्रदेश प्रमुख धनंजय परिहार के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने नगरनार मोर्चा के नाम से टीन दिवसीय विशाल पदयात्रा किया था। उसी तर्ज़ पर क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं और किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों तक बात पहुंचाने के उद्देश्य से शिवसैनिकों द्वारा ‘बेरोजगार किसान मोर्चा’ दिनांक 18 से 20 जनवरी तक महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक निकाली जाएगी। इस मामले पर शिवसेना के ओंकारनाथ द्विवेदी, सरगिम क़वासी, चंचलमल जैन के नेतृत्व में शिवसेना सदस्य किसानों से मिलकर उनकी समस्या जान रहे हैं साथ ही किसान मोर्चा में सम्मिलित होने का आमंत्रण भी किसानों को दे रहे हैं।
अर्जुन झा जगदलपुर। अगर जिलाधीश और पुलिस कप्तान के बीच बेहतर तालमेल हो तो कानून और व्यवस्था की गाड़ी पटरी पर तेज रफ्तार से दौड़ती है। विकास कार्यक्रम सलीके से संचालित होते हैं। अपराधों पर अंकुश लगता है और जनता की समस्याओं का सरलता से समाधान होता है। इन दिनों बस्तर जिले के प्रशासनिक मुखिया और जिला पुलिस प्रमुख के बीच ऐसी ही आपसी समझ की चर्चा आम है। ये आला अफसर अफसरी रुतबा दिखाने की बजाय कभी पैदल तो कभी सायकिल पर चल कर जनता के बीच सामान्य इंसान की तरह पहुंच रहे हैं।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हो या अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में रात गुजार कर जनता के साथ जुड़ाव की मिशाल बन रहे हैं जिससे लोग इनकी तारीफ के पुल बांधते नहीं थकते। ये दोनों सोशल मीडिया में जनता की समस्याओं का निराकरण करने का वादा करते हैं और इसका निपटारा भी कर रहे हैं। किसी भी सरकार की छवि बनाने व बिगाड़ने में आला प्रशासनिक अधिकारियों की अहम भूमिका रहती है , जिसे बस्तर में यह साबित कर रहे हैं। लाल फीताशाही के कड़वे अनुभव से तंग रहे बस्तर में वर्तमान कलेक्टर और एसपी ने यहां की रंगत ही बदल दी है। यह जनभावनाओं के अनुरूप सरल, सहज व सुलभता से लोगों से मिल रहे हैं। दोनों प्रमुख अधिकारियों के पास जो भी व्यक्ति पहुंचता है उसकी समस्या का यथा संभव समाधान करते हैं।आम धारणा है कि सरकार के प्रतिबिंब कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक होते हैं।
बस्तर जिले के सुदूर अंचल हों या नगर पालिका क्षेत्र, लगातार कलेक्टर और एसपी का दौरा हो रहा है और इसका फायदा भी जनता को मिल रहा है जिसके कारण बस्तर में कोई भी बड़ा बखेड़ा खड़ा करने की मंशा रखने वालों की तमाम कोशिशें विफल हो रही हैं। बस्तर ने पूर्व में भी इतने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक देखे जिनसे मिलने के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते थे लेकिन मुलाक़ात नहीं हो पाती थी। अगर मेहरबानी करके मुलाकात का मौका दे भी दिया तो समस्या का समाधान देने की जगह अपने व्यवहार से एक नया तनाव दे दिया जाता था। जनता के सेवक जनता के प्रतिनिधियों तक को कुछ नहीं समझते थे तो जनता की क्या सुनवाई होगी, यही सोचकर लोग व्यवस्था के इन दोनों प्रमुख केंद्रों से दूरियां बनाए रखना ही बेहतर समझते थे। लेकिन अब बस्तर जिला कलेक्टर और एसपी की कार्य संस्कृति और सद्व्यवहार से खुश है। जनता के दिल पर लगे पुराने जख्म भरने लगे हैं।
दोनों की छवि आम जनता के रखवाले के तौर पर उभर रही है। दोनों प्रमुख अधिकारियों का सामंजस्य बरकरार रहता है तो इससे सरकार की छवि पर भी अच्छा असर पड़ना स्वाभाविक है। अन्यथा प्रशासन, पुलिस और जनता के बीच की दूरी का बुरा असर सरकार की साख पर भी पड़ता रहा है। जनता जब प्रशासनिक और पुलिस अफसरों से त्रस्त होती है तो वह सरकार को ही कोसती है। कोई भी सरकार किसी भी जिले की व्यवस्था कलेक्टर और एसपी के जरिए ही सम्हालती है। बेहतर प्रशासन और जनमित्र पुलिस ही किसी जिले को खुशहाल बना सकती है। यही कारण है कि सरकार समय समय पर कलेक्टर और एसपी कॉन्फ्रेंस के जरिए हालात से वाकिफ होती है। अब से पहले बस्तर जिला ही नहीं, समूचे बस्तर अंचल में प्रशासनिक और पुलिस के स्तर पर जनता से सीधे जुड़ाव का माहौल अपेक्षित रहा है। सरकार ने प्रशासनिक और पुलिस प्रमुख के गांवों में रात गुजारने की जो व्यवस्था दी है, उसका बस्तर जिला कलेक्टर और एसपी बेहतर तालमेल के साथ निर्वाह कर रहे हैं। यदि सरकार इस मामले में बस्तर के सातों जिलों की समीक्षा करते हुए सभी जगह बस्तर जैसा समन्वय स्थापित कर दे तो बस्तर अंचल के विकास को पंख लग जाएंगे और लाल आतंक की समस्या से निजात दिलाने मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। बहरहाल बस्तर जिले की जनता अपने जिलाधीश और पुलिस कप्तान की जोड़ी को दुआ दे रही है कि सलामत रहे दोस्ताना तुम्हारा..!
दल्ली राजहरा – मजदूर कल्याण संगठन के संरक्षक कृष्णा सिंह, श्याम जायसवाल प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश महासचिव जयप्रकाश यादव (जे.पी.) व नगर अध्यक्ष रामजीत भारद्धाज ने दल्ली राजहरा नगर के ठेका मजदूरों की समस्याओं को उठाते हुए दल्ली राजहरा के बेरोजगार युवाओं को बीएसपी के अधीन होने वाले ठेका में 100 फीसदी रोजगार दिलाने व
100 बिस्तर अस्पताल का निर्माण शीघ्र कराने सहित बी.एस.पी. अस्पताल की दुर्दशा की समस्या को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी जी व छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव जी राजनीति की पाठशाला के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक अजय पाण्डेय जी से मुलाकात किया सभी नेताओं ने इस पर जल्द ही उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।