जगदलपुर।किसी भी पार्टी की रीढ़ युवा होते हैं और युवाओं को राजनीति के क्षेत्र में आगे लाने का श्रेय तत्कालीन महामंत्री स्व.संजय गांधी को जाता है और उन्हीं के बदौलत युवा राजनीति के क्षेत्र में ऊंचे मुकाम पर हैं। उक्त बातें छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय व श्रम विभाग के संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने संजय गांधी की जयंती के अवसर पर कहीं।बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) द्वारा संजय गांधी की 74 वीं जयंती कांग्रेस भवन में सादगी और गरिमामय के साथ मनाई गई सर्वप्रथम उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने स्व. संजय गांधी का जीवन वृत्तांत , राजनीति के क्षेत्र में योगदान, इंदिरा गांधी की सरकार में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी सहित अन्य विषयों को कार्यकर्ताओं के सामने रखा। इस दौरान महापौर सफीरा साहू, जिला महामंत्री अनवर खान, खेल प्रकोष्ठ शहर जिलाध्यक्ष जावेद खान ने भी संबोधित करते हुए स्व.संजय गांधी की जीवनी पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेसी सतपाल शर्मा ने किया।
पार्षद कमलेश पाठक,हरीश साहू,कौशल नागवंशी, हरिशंकर सिंह,मोईन अख्तर,राम साहू,कुलदीप भदौरिया, छबिश्याम तिवारी,नरेंद्र तिवारी,महेश ठाकुर,अवधेश झा,छोटू ध्रुव,अंकित सिंह,प्रवीण जैन,पूरन ठाकुर,एम वेंकट राव,ललित नाहटा,बंटी भदौरिया,गायत्री मगराज, उमेश सेठिया,मातीयस नम्रर्शिल,गणेश झा,संजय पाठक,संदीप दास सहित कांग्रेस परिवार के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।
रायपुर – आज से शुरू हुई पटवारियों की प्रदेश स्तरीय हड़ताल को प्रदेश सरकार ने अवैध बताया है। राजस्व पटवारी संघ लगातार अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन कर रहा था। 1 दिसंबर को एक दिनी प्रदर्शन के बाद 2 से 12 दिसंबर तक पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद अब आज से पटवारियों की हड़ताल शुरू हुई है।
पटवारियों के हड़ताल से राज्य में कई काम बाधित हो सकते हैं, सबसे ज्यादा नुकसान मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शुरु हुए गिरदावरी सुधार कार्य में होगा, क्योंकि पटवारी के बगैर त्रुटि सुधार ही बंद हो जायेगा। वहीं खरीफ फसल कटाई प्रयोग, लघु सिंचाई संगणना, कृषि संगणना, खरीफ फसल का पूर्वानुमान और भू-अभिलेख से संबंधित काम भी बंद हो जायेंगे।
राजस्व सचिव रीता शांडिल्य ने आदेश जारी कर पटवारियों के इस आंदोलन को अवैध करार दिया है। हड़ताली पटवारियों ने सीधे सीधे कहा है कि वे सस्पेंड होने को तैयार हैं, लेकिन अपनी मांगों से पीछे हटना मंजूर नहीं है।
क्या है पटवारियों की प्रमुख मांगे
* ऑनलाइन भुइँया सॉफ्टवेयर की समस्या एवं संसाधन। * वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति। * बिना विभागीय जकनच के एफ. आई.आर. दर्ज न हो। * फिक्स टी.ए.। * स्टेशनरी भत्ता। * नक्सल भत्ता। * मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त हो। * अतिरिक्त प्रभार के हल्के का भत्ता।
बालोद – केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कृषि संशोधन विधेयक बिल 2020 पर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से चर्चा हेतु राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे जहां प्रेस वार्ता में उन्होंने कृषि संशोधन बिल पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह बिल किसानों के भविष्य से जुड़ा है किसान की उन्नति तरक्की और बेहतरी के लिए यह तीन बिल देश की विभिन्न पार्टियों के समर्थन से लोकसभा एवं राज्यसभा में पास हुआ है मुख्य रूप से दो विषय आज चर्चा में है एपीएमसी एक्ट और एमएसपी भारत में एमएसपी अंग्रेजों के शासन काल में ब्रिटेन इंग्लैंड को काटन की आवश्यकता होती थी भारत के सस्ते दाम पर खरीदने के लिए अंग्रेजों द्वारा एपीएमसी एक्ट लाया गया था एमएसपी अंग्रेजों से पहले अलाउद्दीन खिलजी के शासन में उनके सैनिक को अनाज खरीदने हेतु प्राइस कंट्रोल कंपैरिजन लागू हुआ आजादी के बाद 1960 में सत्ता की अस्थिरता थी 3 प्रधानमंत्री बदले गए देश में खाद्यान्न की भारी कमी से जूझ रहा था भुखमरी से अकाल से बंगाल आदि प्रदेशों में लोग मर रहे थे अनाज के लिए दूसरे देश पर निर्भर थे जहाजों में भरकर खाद्यान्न लाया जाता था |
इससे उबरने के लिए कृषि के क्षेत्र में सुधार को लेकर विषय एक्सपर्ट से राय लेकर हरित क्रांति के लिए प्रयास किया गया खिलजी के नियमों को हटाकर एमएसपी लाया गया किसानों को पानी बिजली उर्वरक कीटनाशक आदि कम दामों पर उपलब्ध कराए गए जिसका अधिक लाभ पंजाब हरियाणा जैसे उपजाऊ प्रदेशों को हुआ भंडारण को लेकर पंजाब हरियाणा से गेहूं चावल के दोनों फसलों में एपीएमसी मंडी की व्यवस्था का लाभ मिला कांग्रेस के शासनकाल मे सरकारी व्यवस्था पर कहते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में किसानों को केवल 300 करोड़ रुपए ऋण मिलता था वह भी 18% ब्याज पर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लगभग 3000 करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराया वह भी 0% ब्याज पर भाजपा की सरकार ने देश किसानों के हित में रोल मॉडल का काम किया केंद्र और राज्य को मिलाकर कुछ आमूल चुक परिवर्तन कर किसानों को उन्नति की राह पर लाया किसानों को मंडी टैक्स खड़ा किया बिचौलियों के कमीशन के चक्कर में पिस रहे थे उदाहरण के तौर पर अकेले पंजाब में 3% मंडी कमीशन 3% सरकार का टैक्स व ढाई प्रतिशत अढतियो को मिलाकर 8.5 प्रतिशत का नुकसान किसानों को होता था यह बिल इससे मुक्ति दिलाकर वन नेशन वन मार्केट के रूप में लाया गया एक जानकारी के अनुसार किसानों को 100% उत्पादन को बेचने तक 33% का नुकसान हो जाता है |
इससे उबरने के लिए कृषि के क्षेत्र में सुधार को लेकर विषय एक्सपर्ट से राय लेकर हरित क्रांति के लिए प्रयास किया गया खिलजी के नियमों को हटाकर एमएसपी लाया गया किसानों को पानी बिजली उर्वरक कीटनाशक आदि कम दामों पर उपलब्ध कराए गए जिसका अधिक लाभ पंजाब हरियाणा जैसे उपजाऊ प्रदेशों को हुआ भंडारण को लेकर पंजाब हरियाणा से गेहूं चावल के दोनों फसलों में एपीएमसी मंडी की व्यवस्था का लाभ मिला कांग्रेस के शासनकाल मे सरकारी व्यवस्था पर कहते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में किसानों को केवल 300 करोड़ रुपए ऋण मिलता था वह भी 18% ब्याज पर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लगभग 3000 करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराया वह भी 0% ब्याज पर भाजपा की सरकार ने देश किसानों के हित में रोल मॉडल का काम किया केंद्र और राज्य को मिलाकर कुछ आमूल चुक परिवर्तन कर किसानों को उन्नति की राह पर लाया किसानों को मंडी टैक्स खड़ा किया बिचौलियों के कमीशन के चक्कर में पिस रहे थे उदाहरण के तौर पर अकेले पंजाब में 3% मंडी कमीशन 3% सरकार का टैक्स व ढाई प्रतिशत अढतियो को मिलाकर 8.5 प्रतिशत का नुकसान किसानों को होता था यह बिल इससे मुक्ति दिलाकर वन नेशन वन मार्केट के रूप में लाया गया एक जानकारी के अनुसार किसानों को 100% उत्पादन को बेचने तक 33% का नुकसान हो जाता है |
कांग्रेस के विरोध पर कटाक्ष करते हुए कहां की 2010 में शरद पवार जी यूपीए के शासनकाल में एपीएमसी में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते रहे 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में यह कृषि बिल लाने की बात कहते थे उनका विरोध करना एक अचरज की बात है वर्षों से कांग्रेश लिखित रूप से इस पर काम कर रही है किंतु आज राजनीतिकरण के लिए इसका विरोध कर रही है कांग्रेस पार्टी यह भ्रम फैला रही थी कि एमएसपी बंद हो जाएगा मोदी जी ने अनेकों बार स्पष्ट रूप से कहा है कि एमएसपी पर खरीदी जारी रहेगी किसानों में यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि मंडी का प्राइवेट करण किया जा रहा है जिससे सरकारी मंडी बंद हो जाएगी किंतु मोदी जी के इस बिल से जहां सबसे अच्छा दाम मिले वहां अपना उत्पादन बेचने की आजादी किसानों को दी है यह अफवाह फैलाया जा रहा है कि किसानों को कीमत का निर्धारण नहीं कर पाएंगे किंतु यह स्पष्ट है कि किसान स्वतंत्र है वह कांट्रैक्ट में अपना दाम स्वयं तय करेगा सामूहिक व लाभदायक खेती के लिए प्रयास किया जा रहा है |
यूपीए के शासनकाल में 2009 से 2014 तक एमएसपी पर 3.74 लाख करोड़ टन की खरीदी की गई वहीं एनडीए के शासनकाल में आठ लाख करोड़ एमएसपी पर खरीदी की गई कांग्रेस द्वारा 1.29 मिट्रिक टन दाल की खरीदी गई जबकि बीजेपी के द्वारा 112 लाख मैट्रिक टन दाल की खरीदी की गई भ्रम और झूठ का जाल फैलाकर विरोधी पार्टियां राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है एवं भीड़ का सहारा लेकर देश विरोधी ताकतें देश को तोड़ने के लिए अपना एजेंडा पूरा कराना चाह रही है किंतु देश विरोधी ताकतों के साथ देश की जनता नहीं है नरेंद्र मोदी जी के देश के प्रति निष्ठा और कार्यों को आम जनता देख रही है जनता मोदी जी के साथ खड़ी है |
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जिले के नेताओं व कार्यकर्ताओं से सौजन्य भेंट व चर्चा किया गया संगठन के कार्य पर चर्चा हुई प्रमुख रूप से प्रदेश मंत्री राकेश यादव जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार पूर्व विधायक प्रीतम साहू राजेंद्र राय महामंत्री प्रमोद जैन किशोरी साहू कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह वरिष्ठ नेता पवन साहू छगन देशमुख नंदकिशोर शर्मा होरीलाल रावटे अश्वनी यादव नरेश यदु संध्या भारद्वाज राकेश छोटू यादव त्रिलोकी साहू ठाकुर राम चंद्राकर अनीता कॉमेटि शरद ठाकुर नरेश साहू कीर्तिका साहू प्रेम साहू सुरेश निर्मलकर कौशल साहू रुपेश सिन्हा लोकेश श्रीवास्तव राजीव शर्मा खिलेश्वरी साहू प्राची लालवानी अमित चोपड़ा कमलेश सोनी सुरेंद्र देशमुख टोमन साहू धर्मेन्द्र गडियोक सौरभ लुनिया संजय साहू गजेंद्र यादव अबरार सिद्दीकी तोमन साहू विश्वास दारासिंह भैसार्य गिरजेश गुप्ता अमित दुबे प्रशांत भारद्वाज तेजराम साहू राजेश दीवान योगेंद्र सिंह विक्रम लालवानी आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम के पश्चात सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पूर्व विधायक स्वर्गीय लाल महेंद्र सिंह टेकाम पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बालोद के ससुर लिला शर्मा के ससुर स्वर्गीय सोमेश शर्मा लाटाबोर्ड के युवा कार्यकर्ता सतीश साहू को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा निवासी पर जान से मार डालने की नियत से लोहे की रॉड और डंडे से हमला करने वाले नगर के ही 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है | प्राप्त जानकारी के अनुसार दल्लीराजहरा के वार्ड क्र 04 में रहने वाले युगेन्द्र यादव पिता स्व0 चंदेश्वर यादव उम्र 49 वर्ष के साथ हुए मारपीट का मामला है |
बताया जा रहा है मामला 09 दिसबर की रात्रि करीब साढ़े ग्यारह बजे घर पर था उसी समय उनके रिश्तेदार राहुल रंजय के साथ किसी अन्य व्यक्ति द्वारा झगड़ा विवाद करने की सूचना पर युगेन्द्र यादव जैन भवन के पास गया और जहां झगड़ा हो रहा था झगडे को शांत करना चाहा किंतु उसी समय बलवंत, सुमित, परमेश्वर,दिपेश, देवनिषाद, आयुश करण, अनिल सिंधी, किरण(बबलू) और सुशील निषाद लाठी, डंडा एवं लोहे के रॉड के साथ गुस्से में गाली गलौज करते हुए वहां आ धमके और उन्ही 10 लोगों में से बलवंत ने युगेन्द्र यादव को लोहे के राड से सिर हाथ और घुटने में ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया और साथ में युगेन्द्र यादव के बेटे हिमांशु के साथ भी मारपीट किया गया |
इस प्रकार हमला करते देख मौके पर मौजूद रंजय, राहुल, नवल किशोर और सुरेन्द्र सिंह बीच बचाव किया | उसके बाद युगेन्द्र यादव द्वारा उन 10 लोगों के खिलाफ मारपीट किये जाने को लेकर दल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिसमे पुलिस ने 10 लोगो के खिलाफ धारा भादवि 147,149,294,323 506 के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है ।
जगदलपुर।पूर्व मंत्री व प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों की हित में कृषि बिल लाकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि बीते 70 सालों तक केंद्र में कांग्रेस ने राज किया। इस बीच किसानों को उनके उपज का सही मूल्य नही मिला। किसानों को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा। किसान ऋण लेने को मजबूर थे। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि बिल के माध्यम से किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। कृषि बिल के नीति से देश के किसानों की आय दुगुनी हो जाएगी। किसानों के हित में यह बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला मोदी सरकार द्वारा लिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब ही कृषि बिल तैयार किया गया था। तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार कृषि बिल का पूरा समर्थन कर रही थी। लेकिन अब उनके द्वारा ही बनाये गए कृषि बिल का कांग्रेस विरोध कर रही है। केदार कश्यप ने कहा कि यह बिल किसानों के हित में है, जिसका समर्थन कांग्रेस को भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ तथाकथित लोग किसानों के बीच पहुंचकर उनको भ्रमित करने का काम कर रहे है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल के नीति के अनुसार किसान अपना उपज स्थानीय बाजार समेत अन्य राज्यों में भी बिना किसी रोकटोक के उचित दाम में बेच सकते है।
उन्होंने कहा कि इस बिल के नीति के अनुसार किसान बिना किसी बिचौलियों की मदद लिए सीधे व्यापारी से सम्पर्क कर उचित मूल्य में अपना उत्पादन बेच सकते है। बिल में बने प्रावधान में किसानों को खाद भी मिलेगा। केदार कश्यप ने बताया कि इस बिल में बकायदा यह भी उल्लेख किया गया कि किसान और व्यापारी के बीच अगर किसी तरह का विवाद उतपन्न होता है तो ऐसे विवादों के निपटारे के स्थानीय स्तर पर एक कमिटी का गठन किया जाएगा। यह कमिटी 30 दिनों के भीतर ही विवाद सुलझाएगी। विवाद के दौरान किसान को न्यायालय तक जाने की जरूरत नही पड़ेगी। किसान द्वारा बेचे गए उसके उत्पादन का भुगतान खरीददार द्वारा 3 दिनों के भीतर ही कर दिया जाएगा। कृषि बिल की नीति से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। जिससे किसानों को सीधे फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वन नेशन वन मार्केट (एक देश एक बाजार) का सपना इस बिल को लागू करने के बाद पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि बिल के माध्यम से किसानों को कृषि सम्बन्धित उपकरण खरीददार द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसमें फसल बीमा और खेती करने के लिए वित्तीय ऋण भी किसानों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कृषि बिल लागू होने के बाद भी किसानों का उत्पादन मंडियों में एमएसपी में खरीदना बंद नही होगा। उन्होंने कहा कि वैसे भी मंडियां राज्य सरकार द्वारा संचालित की जाती है। कृषि बिल लागू होने बाद कृषि मंडी बंद नही होगी। केदार कश्यप ने कहा कि कृषि बिल लागू होने के बाद किसान मंडी के अलावा अपना उत्पादन किसी भी अन्य शहर या राज्य में बेच सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तथाकथित लोग किसानों के बीच पहुंचकर उनको भ्रमित करने का काम कर रहे है। कांग्रेस के द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस बिल से छोटे स्तर के किसानों को नुकसान होगा, और बड़े कंपनियों को फायदा मिलेगा। लेकिन ऐसा कुछ नही होगा, कृषि बिल से सभी तरह के किसानों को सीधे फायदा ही मिलेगा। कृषि बिल लागू होने से किसान कमजोर नही बल्कि शक्तिशाली बनेंगे। ई – ट्रेडिंग के माध्यम से किसान अपना उत्पादन उचित मूल्य में कहीं भी बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी किसानों के हित में काम नही करेगी
जगदलपुर । भाजपा के दो दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग शिविर का समापन आज प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय की उपस्थिति में हुआ। इस मौके पर श्री साय ने कहा कि प्रशिक्षण से ही कार्यकर्ता प्रखर और प्रमाणिक बनता है। संगठन में वैचारिक आधार को और मजबूत बनाने के लिए हमें हमेशा प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
भाजपा जिला कार्यालय साय आयोजित अखिल भारतीय मण्डल प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र को संबोधित करते प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय ने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही समाजिक जीवन में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए पार्टी की विचारधारा को मजबूत करता है। संगठन की शक्ति सामुहिकता का प्रतीक है और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता से सांगठनिक शक्ति का विस्तार होता है। कर्मयोग के साथ हर परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं को हर किसी के लिए प्रेरणा का पात्र बनना चाहिए।आज प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन प्रमुख वक्ता के रूप में पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, डॉ. सुभाऊ कश्यप, शेषनारायण तिवारी, सुधीर पाण्डे, नेताप्रतिपक्ष संजय पाण्डे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर उन्हें अनुशासित व संगठन के लिए समर्पित कार्यकर्ता बनने के गुर बताये। जगदलपुर नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने अपने संबोधन में सभी के सहयोग का आभार माना।
भाजपा के दो दिवसीय कार्यकर्ता वर्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश महामंत्री किरण देव, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपसिंह मण्डावी, श्रीनिवास राव मद्दी, विद्याशरण तिवारी, बैदुराम कश्यप, योगेन्द्र पाण्डेय, रामाश्रय सिंह, राजेन्द्र बाजपेयी, आर्येन्द्र सिंह आर्य, टेकेश्वर जैन, रजनीश पानीग्राही, नरसिंह राव, राजपाल कसेर, अश्वनी कुमार सरडे, दंतेश्वर राव नायडू, झुन्नूराम बघेल, संतोष जैन, श्रीमती प्रमीला कपूर, दीप्ति पाण्डे, संतोष त्रिपाठी, ममता पोटाई, रीना घोष, शंभूनाथ, महेन्द्र पटेल, सविता गुप्ता, दिगम्बर राव, धनसिंह नायक, श्रीपाल जैन, नवीन ठाकुर, अविनाश श्रीवास्तव, रंजीत पाण्डे, लक्ष्मण झा, आलोक अवस्थी सहित कार्यकर्ता मौजूद थे।
राम की महिमा राम ही जाने इस कहावत को चरितार्थ कर रही है छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राम वन गमन पथ को पर्यटक की दृष्टि से आगे बढ़ाने हेतु अभियान छेड़ा है जिसके तहत बस्तर जिला एवं सुकमा जिले को इस सर्किट से जोड़ा गया है। इसी तारतम्य में सुकमा जिले से राम वन गमन पथ रथ यात्रा शुरू हुई किंतु उसका विरोध सुकमा क्षेत्र के सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने किया। इसके बावजूद बस्तर जिले में आज से दो दिवसीय राम वन गमन पथ यात्रा निकाली जा रही है। राम गमन पथ के रथ के स्वागत के लिए सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, विधायकगण राजमन बेंजाम व चंदन कश्यप पलक पावडे बिछाये इंतजार करते हुए।
वहीं प्रदेश सरकार राम वन गमन पथ को लेकर वृहद पर्यटन स्थल बनाने की योजना पर काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने रामाराम गांव से मिट्टी लाने रथ भेजा था लेकिन वहां उसे आदिवासियों के आक्रोश का शिकार होना पड़ा। आदिवासियों ने रथ को उल्टे पांव लौटा दिया, उनका कहना था कि राम का रामाराम से कोई रिश्ता नहीं हजदरअसल राम वन गमन पथ बनाने के लिए रामाराम का भगवान राम से रिश्ता जोड़ते हुए मिट्टी लाने रथ को भेजा गया था। पर आदिवासियों के विरोध के बाद रथ बेरंग वापस लौट आया। रथ के साथ रामाराम गए अधिकारियों से आदिवासियों साफ शब्दों में कह दिया कि इस जगह का राम से कोई संबंध नहीं है। समाज के नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने पेशा कानून का उल्लंघन किया है।
बालोद – जिला भाजपा कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति मे जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने यह जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किसानों के हित में कृषि संशोधन विधेयक बिल 2020 लोकसभा एवं राज्यसभा में बहुमत से पास हुआ जिसका वामपंथी आप पार्टी व कांग्रेस पार्टी द्वारा राजनितिकरण कर लाभ लेने विरोध कर किसानों को दिग्भ्रमित करते हुए देश का माहौल खराब कर रही है |
जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज युवा नेता व राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह एक दिवसीय प्रवास पर 14 दिसम्बर शाम 4 बजे बालोद जिला भाजपा कार्यालय में रहेंगे तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कृषि विधेयक बिल 2020 के संबंध में जानकारी देंगे इस अवसर पर बालोद जिला भाजपा के वरिष्ठ नेता गण जिला पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता गण उपस्थित रहेंगे |
बस्तर संभाग के अति नक्सल संवेदनशील जिले के रूप में सर्वज्ञात सुकमा के घोर नक्सल प्रभावित आंतरिक ग्रामीण क्षेत्र के एक युवा ने सभी प्रतिकूल परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना करते हुए चिकित्सा शिक्षा को अपना लक्ष्य बनाया और आज मेडिकल काॅलेज में अध्ययनरत है, यह बात उस छात्र के लिए ही नही वरन् सम्पूर्ण बस्तर के लिए अत्यन्त गौरव एवं महत्व की बात है. उसकी इस सफलता से उसके गांव के बच्चों में आगे पढ़ने की प्रेरणा जागी और उनके पालकों में अपने बच्चों को स्कूल भेजने के प्रति अभिरूचि भी पैदा हुई नतीजतन उस गांव के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में उपस्थिति 35-40 से बढ़कर 100 का आकड़ा लांघ चूकि है. इस जिज्ञासु, अध्येता – छात्र का नाम है – लक्ष्मण मंडावी.
लक्ष्मण मंडावी, सुकमा के नक्सली दृष्टि से अत्यन्त संवेदनशील क्षेत्र के एक गांव चिंदावरम का रहने वाला है, वह आदिवासी गोंड समुदाय से है. इस गांव की आबादी कुल 120 घरों की है. और वह डाॅक्टरी की पढाई एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष के छात्र के रूप में जगदलपुर स्थित शासकीय मेडिकल काॅलेज से कर रहा है. इस गांव में दस से पन्द्रह युवा जिन्हें सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा कहा जा सकता है, ने ज्यादा से ज्यादा दसवी या बारहवी तक की पढ़ाई कर पढ़ना छोड़ दिया है. उसके पिता माड़वी मुक्का की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर है कमाने या आमदनी का कोई खास जरिया भी उनके पास नहीं है. उसके गांव में प्राईमरी और मिडिल स्कूल हैं.
परंतु नक्सलियों द्वारा विगत दो दशकों से संचालित हिंसक घटनाओं और पुलिस, नक्सल मुठभेड़ों जैसी घटनाओं के साथ ही नक्सलियों द्वारा शालाए बंद कराये जाने जैसी परिस्थतियां लगातार बनी रही है. फिर भी लक्ष्मण मंडावी की पढ़ाई के प्रति रूचि को उसकी बड़ी मां स्व. हिड़मी कुंजाम, जो स्वयं दसवीं तक पढ़ी लिखी थी, व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्राम भुसारास में कार्यरत रही है, ने पहचाना और नक्सली दबाव व हिंसा के साये से उसे हटाकर शांत स्थल पर लक्षमण को भेजना उचित समझा क्योंकि नक्सली गांव में बच्चांे को स्कूलों में पढ़ने नही दे रहे थे और आंतकी गतिविधियों से बाधा पहुंचा रहे थे. और उसने जिंगावरम में प्राइमरी स्कूल पास करने के बाद लक्ष्मण को गीदम स्थित मिडिल स्कूल में भर्ती करा दिया, दसवीं तक गीदम में लक्ष्मण ने पढ़ायी की, हाॅस्टल में रहता था तथा उसे छात्रवृत्ति मिलती थी जो अपर्याप्त थी. अतः पढ़ाई के साथ ही छुटटी के दिनों में लक्ष्मण मजदूरी करने जाते थे. ताकि वह अपने लिए किताब, कापी आदि खरीद सके और अच्छे अध्ययन कर सके. तथा जरूरत का सामान भी वह अपने मजदूरी के पैसों से खरीदा करता था. उसके स्कूल में एक बार दंतेवाड़ा जिले के पूर्व कलेक्टर देव सेनापति आये उन्होंने छू- लो आसमान कोंचिग क्लास शुरू होने की जानकारी छात्रों को दी और कहां कि बच्चे इस खुले आसमान में प्रवेश लें. लक्ष्मण मंडावी छू लो आसमान मंे दसवीं बारवीं के साथ एन.इ.इ.टी. और पी.ए.टी तथा पी.एम.टी. की तैयारी की. 2017 में बारहवी पास किया इसके साथ ही सन् 2017-18 में पी.ए.टी. एन.इ.इ.टी. व पी.एम.टी. की परीक्षा दी. जिसमे उसका एम.बी.बी.एस. हेतु चयन नहीं हो पाया उस समय उसका चयन डेन्टल तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा लिए हुआ अतः वह नहीं गया, क्योंकि वह एम.बी.बी.एस. पास कर गांव के व आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों का ईलाज करने हेतु स्वयं को तैयार करना चाहता था. क्योंकि उसने स्वयं अपने पिता और चाचा की बीमारियां झेली थी और अपने आसपास के ग्रामीणों को गंभीर बिमारी की दशा में भी ईलाज के लिए दर-दर भटकते देखते चला आ रहा है. इसी उद्वेश्य से उसने पुनः 2018 की परीक्षा में उसका चयन एम.बी.बी.एस. के लिए हुआ, और वह वर्तमान में डिमरापाल जगदलपुर स्थित मेडिकल काॅलेज में एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष का छात्र है.
लक्ष्मण ने बताया कि गत 24 नवंबर को अपने गांव भतीजे की छट्टी मनाने के लिए गया हुआ था जहां एक झोपड़ी में एक पादरी को बुलवाकर प्रार्थना सभा आयोजित की गयी थी. वहां गावं वाले आकर मारपीट किये इसी घटना के दौरान पिता को काफी चोटंे आयीं और वह सुकमा अस्पताल में भर्ती थे. लक्ष्मण माड़वी के पिता माड़वी मुक्का के परिवार में एक लड़की और तीन लड़के है परिवार की स्थिति अच्छी नहीं है इसी दौरान 2013 को पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई इलाज के लिए पैसे नहीं थे उसके चाचा ने सलाह दी कि प्रार्थना सभा कराने से तबीयत ठीक हो जायेगी इसी उद्ेश्य से प्रार्थना सभा आयोजित की गई और कुछ दिनों बाद उसके पिता स्वस्थ्य हो गए इसके पहले काफी झाड-फूक भी कराया गया था पर वे ठीक नही हो पाये थे. इसके पूर्व लक्ष्मण के चाचा मंडावी नंदा बीमार हो गये थे. वो भी प्रार्थना सभा में शामिल होकर ठीक हो गए इस प्रार्थना से ठीक होने के बाद पिता की आस्था पादरी पर और किृश्चन धर्म पर हो गयी. अतः अपनी पारंपरिक आदिवासी संस्कृति को बचाते हुए क्रिश्चन समाज में वे शामिल हो गये. आसपास के कई रिश्तेदार भी बीमार होने से प्रार्थना सभा में शामिल होकर ठीक होने लगे उनकी भी आस्था क्रिश्चन समाज पर होने लगी. इस संदर्भ में लक्ष्मण का कहना है कि यद्यपि उन लोगों के मन में आस्था उत्पन्न होने के फलस्वरूप वे लोग किृश्चन धर्म का अनुशरण करने लगे है. परंतु इसके बावजूद भी वे लोग अपनी सदियों पुरानी आदिवासी संस्कृति, परम्परा और रिवाज को किसी भी स्तर पर छोड़ने की कल्पना भी नही कर सकते.
लक्ष्मण छुट्टियां मिलने पर अपने गांव जाता है तब गांव के बड़े बुजुर्ग उससे उसकी डाॅक्टरी की पढ़ाई के बारे में चर्चा करते है और वे अपने बच्चों को भी लक्ष्मण का उदाहरण देकर उच्च शिक्षा के लिए पे्ररित करते है दूसरी ओर बच्चे भी लक्ष्मण से उसकी पढ़ाई की सफलता की बात सुनकर उत्साहित होते है और उनके मन में भी अब आगे पढ़ाई करने की ईच्छा पनपने लगी है. इसी बात का नतिजा है कि उसके गांव के मेडिकल एवं प्राईमरी स्कूल की कक्षाओं में छात्रों की संख्या बढ़ी है. स्वयं लक्ष्मण भी बच्चों को पढ़ने लिखने में मदद करता है एवं उन्हें आवश्यक जानकारियां देते रहता है. कहा जा सकता है कि घोर नक्सल प्रभावित गांव के लोगों के मन में बारूदों से आतंक का भय की भावना पर अपने बच्चों को उच्च शिक्षित कर आगे बढ़ाने की भावना प्रबल होने लगी है. जो निश्चय ही एक सकारात्मक संकेत है ।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के राजनांदगांव जिला अध्यक्ष-शंकर साहू ने जिला स्तरीय बैठक के पश्चात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्ष 2014 से नॉन डी.एड. व बी.एड. के कारण जिले के 09 विकासखण्ड में सिर्फ 04 विकासखण्ड जिसमे-मोहला, छुरिया, डोंगरगांव व छुईखदान में ही वेतन में कटौती की गई थी अन्य 05 विकासखण्ड में किसी भी प्रकार से कोई कटौती नही किया गया था,जबकि राज्य शासन के किसी भी प्रकार से वेतन में कटौती हेतु कोई आदेश जारी नही किया गया था,उक्त वेतन कटौती राशि को प्रदान करने तथा
समयमान वेतनमान की पूर्व से लंबित बकाया राशि को प्रदान करने हेतु अनेकों बार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, विकासखण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय व जिला पंचायत, जिला शिक्षाधिकारी व जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बातचीत कर समस्या को हल करने का निवेदन किया गया था,लेकिन वर्षों से समस्या का निराकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा नही किया गया है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है,और बहुत जल्द विकासखण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय,जनपद पंचायत कार्यालय के साथ ही जिला पंचायत कार्यालय-राजनांदगांव में धरना प्रदर्शन कर कार्यालय में तालाबंदी करने पर सहमति बनाई गई,संकुल चलो अभियान की शुरूवात 15 जनवरी 2021 से करने पर सहमति,संकुल पदाधिकारियों,
ब्लॉक व महिला प्रकोष्ठ की गठन पर सहमति,जिला शिक्षा अधिकारी-राजनांदगांव के आदेश दिनांक-19 अगस्त 2019 के परिपालन में ब्लॉक स्तरीय चेतावनी ज्ञापन के साथ ही 04 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा नही करने पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर तालाबंदी किए जाने पर सहमति बनाई गई, विकासखण्ड स्तर पर शिक्षक राहत फण्ड बनाने पर सहमति, शिक्षक साख समिति का जिला स्तर पर शुरुवात करने पर सहमति, फेडरेशन द्वारा जिला स्तरीय नववर्ष पारिवारिक मिलन समारोह तथा जिला पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण व सम्मान समारोह पर सहमति के साथ ही प्रदेश स्तर पर फेडरेशन की वेतन विसंगति दूर करने हेतु संकुल व ब्लॉक स्तर पर सघन दौरा अभियान पर सहमति तथा जिला स्तरीय दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला राजनांदगांव की जिला स्तरीय बैठक व दीपावली मिलन समारोह में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के राजनांदगांव जिला अध्यक्ष- शंकर साहू,जिला सचिव- राम लाल साहू,जिला संयोजक-मितेन्द्र बघेल,जिला संयोजक मंजू देवांगन, माला गौतम,जिला शिक्षा विभाग प्रभारी-ललित प्रताप सिंग,जिला संरक्षक-सीता पाल,जिला मीडिया प्रभारी-रंजीत ध्रुवे,जिला प्रवक्ता-मिलन साहू,जिला महासचिव-अमृत दास साहू,जिला महामंत्री-उत्तम ठाकुर,देशन पटेल,जिला संयुक्त महामंत्री-रामेश्वर साहू,जिला संयुक्त सचिव-शशि साहू,राजनांदगांव ब्लॉक अध्यक्ष-रोशन साहू,खैरागढ़ कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष-नंदकिशोर सिमकर,मोहला ब्लॉक अध्यक्ष-सुनील शर्मा, सत्य कुमार घावड़े, मनोहर यादव,विष्णु प्रसाद साहू,मुकेश कुमार देवांगन,पूरन लाल कोठारी आदि उपस्थित थे।
उपरोक्त जानकारी मीडिया में शंकर साहू जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला-राजनांदगाँव ने दी है।