हिंदू धर्म कभी किसी धर्म पर आघात नहीं करता लेकिन धर्मांतरण के द्वारा एवं कुछ विधर्मी अपने दुष्प्रचार के द्वारा हमें जागृत होकर एकजुट होने एवं इनको जवाब देने के लिए विवश कर रहे हैं हिंदू तैयार रहें
आज पाटेश्वर धाम जिला बालोद छत्तीसगढ़ के संत प्रखर प्रवक्ता राम बालक दास जी ने जसपुर जिला के दुलदुला में आयोजित 15000 से भी अधिक संख्या में उपस्थित जन समाज को अपनी ओजस्वी वाणी से संबोधित किया चराईडाड के स्वयंभू शिवलिंग मंदिर से करीब 15000 से 20000 वनवासी गिरी वासी सर्व समाज के बंधुओं एवं माताओं ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर धर्मांतरण एवं जसपुर जिला में हो रहे गौ तस्करी के खिलाफ 10 किलोमीटर की अद्भुत पदयात्रा निकाली जिसमें पाटेश्वर धाम छत्तीसगढ़ के संत राम बालक दास जी भी सम्मिलित हुए रायपुर से प्रदेश के संघ प्रमुख पूर्णेन्दु सक्सैना जी भी इस कार्यक्रम में संत जी के साथ रहे मुख्य मंच का कार्यक्रम दुलदुला में रखा गया जहां 15000 की संख्या में उपस्थित जनसमुदाय को पूर्णेन्दु सक्सैना जी ने आवाहन किया की अब हम अन्याय नहीं सहेंगे और मिलकर और डटकर हमारे हिंदू समुदाय के ऊपर होने वाले अन्याय का जवाब देंगे जशपुर जिला के वरिष्ठ एवं वयोवृद्ध कार्यकर्ता कलेश्वर सिंह जी ने वृत्त प्रस्तुत करते हुए बताया कि केवल 1 साल के अंदर जसपुर जिला में सात जगह गौ माता की हत्या
की गई और सामूहिक बलात्कार ,हत्या ,जैसे कार्यों को इन विधर्मीयों ने अंजाम दिया गौ तस्करी भी अपने चरम सीमा पर है पर पुलिस प्रशासन एवं शासन महज दो-तीन दिन की कार्यवाही कर के इन दुराचारियों को रिहा कर देती है अतः अब समाज को ही आगे आना होगा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संत श्री राम बालक दास जी को सुनने के लिए जन समुदाय आतुर थे अंत में संत जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गायों की रक्षा के लिए हम अपने घरों में गाय पालें स्वयं गोवर्ती बने और जहां भी गौ हत्या गौ तस्करी का कार्य हो हजारों
की संख्या में जाकर विरोध भी करें और कार्यवाही करें धर्मांतरण और लव जिहाद के ऊपर भी संत जी ने तथाकथित लोगों को चेतावनी दी और कहा अब जसपुर जिला का हिन्दूसमाज जाग कर एकजुट हो चुका है आगे एक भी गलत कार्य किया गया तो मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा शास्त्र और शस्त्र की भाषा हमारी संस्कृति है जिसे हमें धारण करना ही होगा संत जी ने वनवासियों और आदिवासियों को हिंदू नहीं हो कहकर भ्रमित करने वाले लोगों को भी आज जवाब दिया और कहा कि आदिवासी वनवासी ही सच्चे हिंदू हैं जिन्होंने आज भी अपनी संस्कृति को जंगलों में बचा कर के रखा हुआ है कार्यक्रम के अंत में विभिन्न समाज से आए समाज प्रमुखों का मंच में सम्मान किया गया |
जगदलपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के किनारे सटे बकावंड ब्लाक के बोरपदर गांव में स्थित राऊतपारा में संचालित मिनी आंगनबाड़ी केंद्र भगवान भरोसे है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लापरवाही के कारण ग्रामीण आंदोलित हो रहें हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा महिने में मात्र एक-दो दिन ही आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के कारण बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल रहा है जबकि सरकार कुपोषण के खिलाफ जंग छेड़ा है और महत्ती योजनाओं को निष्क्रिय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पलीता लगाया जा रहा है।
घर से भोजन लाकर लीपापोती
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ललीता ठाकुर द्वारा घर से भोजन मात्र दाल-भात लाकर बच्चों को परोसा जाता है जबकि नियमत: कई पोषक तत्व परोसने का प्रावधान है।
कोविड वैक्सीनेशन का बहाना
प्राप्त जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोले जाने के तर्क पर वैक्सीनेशन अभियान का बहाना बनाकर ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है जबकि वैक्सीनेशन कुछ ही दिन चलता है जिसके कारण यह बात मिथ्या कुछ नहीं है।
नवीन राशन दुकान में हितग्राहियों को राशन वितरण किया एवं राशन दुकान संचालक को नियमित राशन वितरण के निर्देश दिए |
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव ( नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने ग्राम पंचायत कुलगांव में नवीन पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्र का लोकार्पण किया |
कुलगांव पंचायत के नवीन पंचायत भवन का लोकार्पण लागत 14.48 एवं आंगनबाड़ी केंद्र का लोकार्पण लागत 6.40 लाख रुपए की लागत के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की मंशा अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है इस वर्तमान कोरोनावायरस संक्रमण काल में भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है विधायक निधि के दो करोड़ रुपए वैक्सीनेशन के लिए देने के बाद भी विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा,बूथ समन्वय कमेटी के समन्वयक कैलाश पोयाम जनपद सदस्य जिशान कुरैशी, कनकदेई राई,ब्लाक अध्यक्ष नीलू राम बघेल,सांसद प्रतिनिधि शुशील मौर्य, शहनवाज खान, सुकुमार साह, सामू कश्यप, सुनील दास, विनोद सेठिया, सरपंच सोनो कश्यप,उप सरपंच बुरंदु राम, लखपति देहारी, दयाराम, पार्वती,सोनारू,लक्ष्णदयी,महंग,प्रमीला,कांशीराम,पूरण सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे |
आगामी विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाना आरंभ कर दिया है इसी कड़ी में नानगूर ब्लाक की बैठक साडगूड एवं नगरनार ब्लाक की बैठक आड़ावाल में बूथ समन्वय कमेटी के समन्वयक कैलाश पोयाम संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने ली |
बूथ कमेटियों एवं अनुभाग कमेटियों एवं अनुभाग कमेटियों के पुनर्गठन के लिए ब्लाक अध्यक्षों को निर्देश देते हुए बूथ समन्वय समिति के समन्वयक कैलाश पोयाम ने कहा की जिस तरह से आप सभी ने 2018 के चुनावों में बूथ स्तर तक कांग्रेस की रीति नीति को पहुंचाने का काम किया और जिसके फलस्वरूप आज कांग्रेस की विशाल बहुमत की सरकार है उसी तरह आप सभी को 2023 में भी मेहनत करनी होगी जिससे की कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं घर घर तक पहुंचे |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कार्यकर्ताओं से अभी से बूथ स्तर तक पहुंच कर कांग्रेस के नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के विकास कार्यों को पहुंचाने और प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को जन जन तक पहुंचाने की अपील की |
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संगठन के रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा की सत्ता सरकार आप कार्यकर्ताओं के दम पर है आप कार्यकर्ता हैं तो सरकार है आप सभी कार्यकर्ता मिशन 2023 के लिए अभी से लग जाएं |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन बूथ समन्वय कमेटी के समन्वयक कैलाश पोयाम शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ब्लाक अध्यक्ष नानगूर नीलू राम बघेल,ब्लाक अध्यक्ष नगरनार विरेन्द्र साहनी , सांसद प्रतिनिधि शुशील मौर्य,सामू कश्यप,लैखन बघेल, जनपद सदस्य जिशान कुरैशी,शुकुमार साह,सुनील दास,विनोद सेठिया, शहनवाज खान, जनपद सदस्य कनकदेई राई सहित नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे |
आज दिनांक 13-09- 2021 को आंगनबाड़ी कर्मियों की 07 सूत्रीय मांगों को लेकर बालोद जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया आज सुबह से ही खराब मौसम के बावजूद आंगनबाड़ी कर्मियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला आंगनबाड़ी कर्मीयो को शासकीय कर्मचारी घोषित करने एवं जब तक शासकीय कर्मचारी न हो आंगनबाड़ी कर्मियों को न्यूनतम वेतन 18000/-एवं सहायिका को 9000/- प्रतिमाह लागू करें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने सहित अन्य बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षण करने हेतु राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया और प्रधानमंत्री मंत्री के नाम जिलाधीश के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया । भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा पूरे देश में वर्ष 1975 से आंगनबाड़ी केंद्रों के समेकित महिला एवं बाल विकास योजनाओं का संचालन हो रहा है जिसमें 2500000 से भी ज्यादा की संख्या में आंगनबाड़ी कर्मी कार्यरत है तथा इस योजना को सफलीभूत कर रहे हैं जिसके अंतर्गत 0 माह से 6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के पोषण माह प्रारंभिक स्वास्थ्य की देखभाल पूरक पोषण
आहार उपलब्ध कराने शिशु स्तनपान, गर्भवती माताओं को, 0 माह से 6 वर्ष के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी पोषण आहार विटामिन ,प्रोटीन उपलब्ध कराने का कार्य ,बाल संदर्भ सेवाओं का कार्य केंद्र सरकार की इस स्कीम के तहत आंगनबाड़ी कर्मियों के द्वारा किया जा रहा है इसके अलावा राज्य शासन के द्वारा बीएलओ ,आर्थिक जनगणना जनगणना, पल्स पोलियो, फाइलेरिया, राशन कार्ड ओडीएफ,कोविड-19 सर्वे डोर टू डोर, वैक्सीनेशन के प्रचार प्रसार आदि का कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों से संपन्न कराया जाता है 8 घंटे से भी अधिक का कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों को करना पड़ता है इस प्रकार आंगनबाड़ी कर्मियों को सभी प्रकार के शासकीय कार्य करने के बाद भी आज तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है ना ही अब तक न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जा रहा है केवल अल्प मानदेय का भुगतान ही आंगनबाड़ी कर्मियों को प्राप्त हो रहा है एवं न ही किसी प्रकार से सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षण करवाने हेतु आज 13 सितंबर 2021 एक दिवसीय धरना, प्रदर्शन किया गया।
इन सात मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया
1.आंगनबाड़ी कर्मियों को शासकीय कर्मचारी घोषित कर सामाजिक सुरक्षा देकर उन्हें उचित श्रेणी में शामिल किया जाये।
2.आंगनबाड़ी कर्मियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 18000/- सहायिका को 9000/-प्रतिमाह भुगतान किया जाये।
3.नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल में बदलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्री प्राइमरी टीचर व सहायिका को प्री प्राईमरी असिस्टेंट टीचर में शिक्षण के अनुभव पर उनकी शैक्षणिक योग्यता को देखते हुए प्रशिक्षण देकर पदोन्नति की जाये।
4.आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत कर्मियों को भविष्यनिधि , जीवन निर्वाह भत्ता सेवानिवृत्त भत्ता, उनके एवं उन पर आश्रितों को चिकित्सा सुविधा, उनके बच्चों के लिए शिक्षा की सुविधा लागू की जाये।
5.मिनी आंगनबाड़ियों को मेन आंगनबाड़ी में बदला जाये व सहायिका नियुक्त की जाये।
6.आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका की 9 माह की एरियर्स राशि का भुगतान जल्द आंगनबाड़ी कर्मीयो के खाते में किया जाये।
7.पोषण ट्रैकर में कार्य करने हेतु एंड्राइड फोन, सिम, इंटरनेट खर्च की निर्धारित राशि का भुगतान किया जाये।
धरना प्रदर्शन बालोद बस स्टैंड में निर्धारित स्थान पर किया गया और इसमें सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका शामिल हुए ये जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साहियका संघ की प्रदेश महामंत्री शामिल हुए।
उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को बालोद जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती आयशा खान ने संबोधित किया और कहा कि सब को संगठित होकर ईस लडाई को लडनी है जीत हमारी होगी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला महामंत्री माधुरी रथ ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज पुरे प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की बहनें एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में शामिल हैं।और जिले की बहनें भी खराब मौसम के बावजूद धरने में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आईं हैं में आप सभी धन्यवाद करती हूं और आशा करती हूं कि आने वाले समय में जब भी भारतीय मजदूर संघ का आह्वान होगा हम सब एकजुटता के साथ धरना प्रदर्शन में शामिल होंगे।
अंतिम वक्ता के रूप में सभा को संबोधित करते हुए जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने कहा कि आप सभी महिला शक्ति को नमन है जो आज अपने अधिकारों की लडाई के लिए खराब मौसम में भी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए हैं ।और आपकी उपस्थिति ही ईस बात का प्रमाण है कि सरकार को आपकी जायज मांगों को मानना होगा, आज चाहे केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार दोनों की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का कार्य अगर कोई पूरी ईमानदारी से कर रहा है तो वह हमारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ही है, सरकार में ईनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता है। लेकिन बदले में सरकार ईनको उनके कार्य के हिसाब से वेतन और न ही सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। नियमतीकरण का मामला सालों से लंबित है, वेतनमान बढ़ाने पर भी सरकार ध्यान नहीं दे रही है। आगे जिला मंत्री ने उपस्थित बहनों से कहा कि आपकी मांगों को सरकार का मानना होगा और अगर सरकार ईसमे आनाकानी करती है तो भारतीय मजदूर संघ आर पार की लडाई लडने से भी पीछे नहीं हटेगा।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री ने ईस धरने को सफल बनाने के लिए जिले के सभी यूनियनों के अध्यक्ष और महामंत्रियों को धन्यवाद दिया और ।साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साहियका संघ के बालोद जिले की अध्यक्ष आयशा खान और महामंत्री माधुरी रथ के साथ साथ सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी ।
इस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से बालोद जिला भारतीय मजदूर संघ के उपाध्यक्ष रामेश्वर साहु, जिला उपाध्यक्ष बीना सुरेन्द्र, कोषाध्यक्ष आशा पटेल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष आयशा खान, महामंत्री माधुरी रथ, और बालोद परियोजना से प्रमुख रुप से लक्ष्मी पटेल, कुमुदुनी देशमुख, संगीता यादव, सुनीता साहू, दामिनी सिन्हा,गुंडरदही सेक्टर से कमला चन्द्राकार, मनीषा, हेमलता यादव,सरीता चतुर्वेदी, यशोदा, दल्ली सेक्टर से लक्ष्मी डोंगरे, आशाबती साहू,फूलबासन, संतोषी, वीणा धनकर और सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने ईस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विशेषज्ञों के अनुभव और सुझावों से बनेगी सुपोषित छत्तीसगढ़ की बेहतर कार्ययोजना: भेंड़िया
पोषण ट्रेकर एप और पोषण वाटिकाओं के उत्कृष्ठ काम के लिए मिला सम्मान
पोषण प्रदर्शनी में स्थानीय भोजन और भाजियों की दिखी विविधता
रायपुर – महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा है कि सुपोषण की स्थिति में छत्तीसगढ़ पूरे देश में कई मापदंड़ों में आगे हैं। कमजोर मापदंड़ों को सुधार ले तो निश्चित रूप से हमारा प्रदेश पूरे देश में अव्वल हो जाएगा। मैदानी अधिकारी पंचायती राज संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अपने क्षेत्रों में नियमित ग्राम सभा का आयोजन कर लोगों को पोषण से जोड़े। यह सुपोषित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को आसान बनाएगा। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध स्थानीय पोषक आहार का उपयोग आंगनबाड़ियों में बच्चों और महिलाओं से कुपोषण दूर करने में महत्वूपर्ण भूमिका निभा रहा है। वह राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर आज 13 सितम्बर को रायपुर के सिविल लाईन स्थित न्यू सर्किट हाउस में ‘सुपोषित छत्तीसगढ़-परिदृश्य एवं चुनौतिया‘ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ से कुपोषण मुक्ति के लिए संकल्पित है और निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिए सुदूर पहुंच विहीन क्षेत्रों तक आंगनबाड़ी सहिकाओं और कार्यकर्ताओं की मदद से सूखा राशन, गरम भोजन और रेडी-टू-ईट हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कोरोना काल में जनजागरूकता और घर-घर जाकर पोषण आहार वितरण के लिए मैदानी अमले को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संभावित तीसरी लहर लोगों और बच्चों तक न पहुंचे इसके लिए टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करें। भेंड़िया में कहा कि संगोष्ठी में कई संस्थाओं से जुड़े बुद्धिजीवियों के अनुभव, सुझाव और विचारों का लाभ लेकर विभाग छत्तीसगढ़ को सुपोषित बनाने के लिए बेहतर कार्ययोजना बना सकेगा, जो निश्चित ही महिलाओं और बच्चों के लिए वरदान साबित होगा।
इस अवसर पर भेंड़िया ने जिला कार्यक्रम अधिकारी जशपुर, सूरजपुर और बिलासपुर को पोषण ट्रेकर एप में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रशस्ती पत्र और मेडल से सम्मानित किया। उन्होंने उत्कृष्ठ पोषण वाटिका के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी पुरस्कृत किया। साथ ही विभाग के स्वेच्छिक संगठनों यूनिसेफ, वर्ल्ड विजन इंडिया, न्यूट्रिशन इन्टरनेशनल, एविडेन्स एक्शन, सेन्टर फॉर लार्निंग रिसोर्सेस छत्तीसगढ़, द अन्तरा फाउंडेशन के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही उन्होंने पोषण प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें स्थानीय पौष्टिक आहार और भाजियों की विविधता दिखाई दी।
यूनिसेफ के राज्य प्रमुख श्री जॉब जकारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पोषण पर नेतृत्व, कुपोषण मुक्ति के लिए राज्य में विशेष रूप से शुरू मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, डीएमएफ से सुपोषण के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान और छत्तीसगढ़ के पोषण आहार में विविधता ये प्रमुख चार आधार हैं, जिनके कारण छत्तीसगढ़ से एनीमिया और कुपोषण दूर हो सकता है।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति अरूणा पल्टा ने कहा कि पौष्टिक आहार वर्तमान के साथ भावी मजबूत पीढ़ी के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। भोजन सही तरीके और मात्रा में किया जाए तो यह औषधी की तरह काम करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। उन्होंने कुपोषण मुक्ति के लिए छः पी-फैक्टर प्रोडक्शन (उत्पादन), प्रिजरवेशन (संरक्षण), पॉवर्टी (गरीबी), पॉपुलेशन (जनसंख्या), पैथोलॉजी (रोग) और पॉलीसी (योजना) के संचालन को महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय आहार को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। आज पौष्टिकता से भरपूर छत्तीसगढ़ का मुनगा पॉउडर विदेशों तक निर्यात हो रहा है। बच्चों में सूक्ष्म खनिज तत्व, फैट और प्रोटीन की कमी को दूर किया जाना अधिक आवश्यक है।
सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि नगरीय निकाय, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों के साथ 18 से भी अधिक सरकारी और गैर सरकारी विभाग पोषण कार्यक्रम से जुड़े है। यह छत्तीसगढ़ की कुपोषण के प्रति संवेदनशीलता और मैदानी अमलों के समर्पण का प्रभाव है कि कोरोना काल में छत्तीसगढ़ पहला राज्य बना जिसने 21 जुलाई से आंगनबाड़ी में पोषण आहार देना फिर से शुरू किया।
संचालक दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2018 से शुरू पोषण अभियान के तहत कुपोषण और एनीमिया दूर करने के उद्देश्य से हर साल सितम्बर में पोषण के प्रति जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन का प्रयास किया जाता है। इसी कड़ी में पिछले दो साल में प्रदेश में एक लाख से ज्यादा वृक्ष लगाए गए और 28 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ियों में पोषण वाटिकाओं का विकास किया गया है। वर्ष 2019 में वजन त्यौहार के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुपोषण की दर 23.4 प्रतिशत थी। इस वर्ष जुलाई में हुए वजन त्यौहार के आंकड़ों के रूझान से कुपोषण की दर में बड़ी कमी आते हुए इसकी दर 18 से 19 प्रतिशत तक आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण मुक्ति के लिए समन्वित प्रयास किया जा रहा है। महतारी जतन योजना से लगभग एक लाख 60 हजार महिलाओं को पोषण आहार से लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत 6 लाख अतिरिक्त हितग्राहियों को गरम भोजन दिया गया है। जिससे लगभग एक लाख 40 हजार बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने में सफलता मिली है। संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञों द्वारा गर्भावस्था में पोषण एवं वेलबिइंग, गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार व प्रबंधन, व्यवहार परिवर्तन, कुपोषण के कारण एवं निदान, न्यूट्रिशन इन क्लेफ्ट केसेस जैसे विभिन्न विषयों पर विचार व्यक्त किये गये। जिसमें बड़ी संख्या में विभागीय और विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल हुए।
➡️ दो दिन पूर्व हिकमीपारा में चोरी हुये प्रकरण में कोतवाली पुलिस को मिली सफलता
➡️ तीजा त्यौहार के तड़के सुबह आरोपी द्वारा घटना को दिया अंजाम
➡️ तीन मोबाईल,चांदी के पायल और सोने का लटकन हुई थी चोरी
➡️ चोरी अपराध में से एक मोबाईल, सोने का लटकन, चांदी के पायल और स्कुटी क्रमांक-CG17KM867 बरामद
➡️ आरोपियों के कब्जे से कुल 07 मोबाईल, एक स्कुटी, सोने का लटकन, चांदी का पायल बरामद
➡️ जप्त संपत्ति की अनुमानित कीमत 110,000/-रूपये।
जगदलपुर शहर में तीजा त्यौहार के तड़के सुबह हिकमीपारा के एक घर में हुये चोरी के वारदात में माल मुल्जिम की पता साजी कर कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस को सफलता हासिल हुई है। ज्ञात हो कि दिनांक 10.09.2021 के तड़के सुबह हिकमीपारा के एक घर में अज्ञात चोर द्वारा घर में घुसकर 03 मोबाईल फोन,सोने का लटकन और चांदी के पायल चोरी कर ले जाने की सूचना प्राप्त हुई थी सूचना पर प्रार्थी अक्षतकरण के रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध चोरी का अपराध दर्ज कर अनुसंधान में लिया गया। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जीतेन्द्र सिंह मीणा एवं अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर, माल मुल्जिम की पतासाजी की जा रही थी। दौरान विवेचना में ज्ञात हुआ कि चोरी में शामिल संदेही संजय बाजार क्षेत्र में देखे गये है सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में कार्यवाही हेतु टीम रवाना किया गया था।
उक्त टीम के द्वारा संजय बाजार क्षेत्र में 03 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर, घेराबंदी कर पकड़ा गया जिनसे पुछताछ करने पर अपना नाम योगेन्द्र ठाकुर, तिलक बघेल और रवि बघेल तीनो निवासी आकाश नगर जगदलपुर का होना बताये जिनसे पुछताछ करने पर बताये कि आरोपी योगेन्द्र ठाकुर न्युज पेपर बांटने का हाॅकर बनकर सुबह-सुबह घरों पर जाता था और खुले/सुने मकान में मौका देखकर, रखे मोबाईल आदि सामान को चोरी कर चला जाता था। आरोपी योगेन्द्र के द्वारा हिकमीपारा से तीन मोबाईल,सोने का लटकन,चांदी का पायल चोरी करना बताया। जिसके कब्जे से एक मोबाईल,चांदी का पायल एवं सोने का एक जोड़ी लटकन व चोरी की घटना में प्रयुक्त स्कुटी क्रमांक- CG17 KM 3867 आरोपी योगेन्द्र ठाकुर से बरामद कर जप्त किया गया है। इसके अलावा तीनों आरोपियों के द्वारा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से मोबाईल चोरी करना जिनमें से आरोपी तिलक बघेल और रवि बघेल के कब्जे से चोरी की 03-03 अन्य मोबाईल बरामद कर जप्त किया गया है। ममाले से अलग चोरी के मोबाईल 41(1+4) जाॅ0फौ0/380 भादवि0 के तहत् जप्त कर कार्यवाही किया गया है। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर, न्यायिक रिमांड पर न्यायालय रवाना किया गया है।
नाम आरोपी-
1) योगेन्द्र ठाकुर पिता भावसिंह ठाकुर उम्र 21 साल नि0 आकाश नगर। 2) तिलक बघेल पिता धरम बघेल उम्र 23 साल नि0 आकाश नगर। 3) रवि बघेल पिता अशोक बघेल उम्र 25 साल नि0 आकाश नगर सभी थाना बोधघाट जगदलपुर जिला-बस्तर छ0ग0
जगदलपुर। बस्तर के प्रथम प्रवास पर आए प्रभारी मंत्री कवासी लखमा की बातों को नजरंदाज करना जगदलपुर एसडीएम घासीराम मरकाम पर भारी पड़ गया अब उनका तबादला संचालनालय आदिवासी विकास विभाग में कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि एसडीएम के व्यवहार से आम आदमी के साथ स्थानीय पत्रकारों की भी पटरी नहीं बैठ रही थी। एसडीएम घासीराम मरकाम अपने कार्यों से ज्यादा विवादों को लेकर चर्चा में रहते थे। कोविड काल के दौरान बस स्टैंड में छापे हो या कोविड सेंटर में मरीजों को दूषित भोजन परोसने के दौरान विवादित बयान जब कुत्ते को भोजन पसंद है तो इंसानों को क्यों नहीं ? जैसे विवादों से जमकर किरकिरी हुई थी।गत दिनों शंकर मंदिर तोड़ने में भी एसडीएम की कार्यप्रणाली चर्चा में था जिसके कारण जमकर बवाल हुआ था।
ग्राम पंचायत कुसुमकसा में गैंद सिंह नायक भवन का आहाता निर्माण का भूमिपूजन जनपद सदस्य संजय बैस ने किया इस भूमिपूजन में सरपंच शिवराम सिन्द्रामे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र माहाला जी उपस्तिथ रहे शहीद गैंद सिंह नायक हल्बा समाज के आदर्श नायक है और हल्बा समाज के द्वारा इस भूमिपूजन का कार्यक्रम रखा गया सर्व प्रथम गैंद सिंह नायक के छाया चित्र का पूजा अर्चना कर भूमिपूजन के कार्यक्रम को सम्पन्न किया गया | इस निर्माण कार्य के लिये जनपद सदस्य संजय बैस ने अपने जनपद निधि से 3 लाख रुपये की स्वीकृत प्रदान किये थे कार्यक्रम में सभी अतिथियों के स्वागत उपरान्त हल्बा समाज के अध्यक्ष तिहार सिंग तारम सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज आज अपने आप मे गौरावनित महसूस कर रहा है कि किसी जनपद सदस्य ने हमारे समाज के बारे में सोचा वास्तव में जब जब समाज को किसी भी चीज या कोई भी समस्या लेकर गए तो हमारे जनपद सदस्य ने मायूस नही किया मैं संजय बैस की उज्वल भविष्य की शुभक्माये देता हूं | सरपंच शिवराम सिन्द्रामे ने कहा कि हमारे गाँव की विकास को आगे बढ़ाने में हम सबको मिलकर चलना होगा राजनीति से ऊपर उठकर सिर्फ विकास के लिये सकल्पित होना होगा मैं हमारे जनपद सदस्य का आभार व्यक्त करता हु की मेरे गाँव के विकास में कंधे से कंधे मिलाकर मेरा साथ दे रहे है |
कार्यक्रम में डॉ देवेंद्र माहाला ने सम्बोधित करते हुवे कहा कि हमे बिना मांगे हमारे जनपद सदस्य ने हमको हमारे सामाजिक भवन के लिये राशि स्वीकृति किये है मतलब साफ है हमारे समाज के लिये वे सोचते है कार्यक्रम को मुख्यातिथि जनपद सदस्य ने कहा कि जब मैं चुनाव लड़ रहा था तो आपके ही समाज के अध्यक्ष तिहार सिंग जी मेरे प्रस्तावक थे इसलिये मेरा भी फ़र्ज़ बनता था | मैं भी समाज के लिये कुछ करू और मेरे निधि का पहला पैसा आपके समाज के स्वीकृत किया समाज के लोगों को संदेश देते हुये कहा कि हमारे आने वाले पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाना है और नशापान से दूर रखना है | हमारे क्षेत्र के बच्चे अभाव में भी प्रभाव दिखा रहे है ये उनकी लगन शीलता को दर्शाता है जब जब समाज को मेरी जरूरत पड़ेगी मैं समाज के साथ खड़ा रहूंगा इस भूमिपजन के कार्यक्रम में कार्यक्रम का संचालन नन्द किशोर पिस्दा एवम सुरेश कोठारी ने किया एवम आभार प्रदर्शन हल्बा समाज के कर्मचारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राम कुमार ठाकुर ने किया कार्यक्रम में आत्मा राम चुरेन्द्र अवध पिस्दा शंकर पिस्दा पूर्व सरपंच पवारा बाई कोठारी नोहर चुरेन्द्र पतिराम संतु माहाला अर्जुन भुआर्य एवम गणमान्य नागरिक उपस्तिथ रहे |
जगदलपुर। सुकमा वन मंडल के दोरनापाल वन परिक्षेत्र के दुबाटोटा के ग्रामीणों ने वन प्रबंधन पर लगाया आरोप। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदूपाा का संग्रहण कर अवैध ढंग से उड़ीसा के ठेकेदारों को बिक्री किया गया है जिसकी राशि का भुगतान चार माह बाद भी नहीं हुआ है। शिकायत मिलने पर डीएफओ ने जांच के आदेश दिये है। ज्ञातव्य हो कि एक ओर शासन जहां समर्थन मूल्य पर वन संपदा की खरीदी कर संग्राहको को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलध कराकर जीवन स्तर उठाने के प्रयास में लगी है तो वहीं दूसरी ओर वर्षो से प्रबंधक के कुर्सी में जमे कुछ प्रबंधक शासन की छवि को धूमिल करने में लगे है। ऐसा ही मामला दोरनापाल वन परिक्षेत्र के प्रबंधक देवदास जांगड़े का उजागर हुआ है। संग्राहको का हरा सोना उड़ीसा में बेचा: बताया जा रहा है कि टारगेट से अधिक तेंदूपाा खरीदी करने पर शेष बचा हरा सोना को अवैध ढंग से चार माह पूर्व रातोरात उड़ीसा के ठेकेदारों को बिक्री किया गया है। संग्राहकों ने इसका विरोध करते हुए ट्रक में भरा तेंदूपाा को ले जाने को लेकर रोक लगाई थी लेकिन प्रबंधक के सामने ग्रामीणें की एक न चली और आज आलम यह है कि ग्रामीण तेंदूपत्ता की राशि के लिए प्रबंधक के चक्कर लगाते फिर रहे है।
बताया जा रहा है कि तेंदूपत्ता उड़ीसा बेचे जाने में वन विभाग के कर्मचारी का प्रबंधक से सांठगांठ रहा है जिसके चलते वन विभाग के जिमेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। रेंजर ने फोन नहीं उठाया: संग्राहक का भुगतान नहीं होने एवं उड़ीसा तेंदूपत्ता बिक्री किए जान के संबंध में प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी दोरनापाल नेगी से दूरभाष पर संपर्क कर कारण जानने का प्रयास किया गया साहब के फोन की घंटी बजती रही पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। प्रबंधन देवदास जांगड़े से संपर्क किया गया तो वह भी साहब के मार्गदर्शन में चलते हुए फोन नहीं उठाया। डीएफओ ने दिए जांच के आदेश: 55 लाख के हरा सोना खरीदी मामले में अनियमितता उजागर होने पर सुकमा डीएफओ ने जांच के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि उड़ीसा का ठेकेदार उसी शर्त पर खरीदी कर सकता है अगर उसे सरकारी खरीदी का ठेका मिला हो। बगैर ठेके के खरीदी का अवैध माना जाएंगा। जांच में सही पाया गया तो प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन सुकमा से चर्चा करने पर बताया कि प्रबंधक ने अवैध ढंग से हरा सोना की बिक्री की है। स्थानीय संग्राहक को राशि बकाया होने की बात कही। उन्होंने सरकारी खरीदी के सभी संग्राहक को भुगतान करने की बात कही।