जगदलपुर. विकासखंड लोहंडीगुड़ा के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था में कसावट लाने के लिए कवायद तेज कर दी है. इसके तहत स्कूलों के आकस्मिक निरीक्षण के साथ ही नियमित मॉनिटरिंग के भी इंतजाम किए गए हैं. इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है.
लोहंडीगुड़ा विकास खंड की शालाओं में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं. विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव गाहे बगाहे अचानक किसी भी शाला में जा धमकते हैं. दीपावली अवकाश खत्म होने के पहले दिन ही बीईओ यादव ने अपनी टीम के साथ विकास खंड की अनेक शालाओं में दबिश दी थी. कुछ शालाओं में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए. इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं. प्रायः सभी शिक्षक शिक्षिकाएं समय पर शाला पहुंचने तथा पूरे समय तक अध्यापन सेवा देने लगे हैं. अब यादव ने शालाओं में शिक्षण व्यवस्था में कसावट लाने के लिए नई मुहिम छेड़ दी है. उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है. विकासखंड की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के निरीक्षण व मॉनिटरिंग हेतु रूपरेखा तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित किया गया है.
इसी क्रम में 4 नवंबर को उसरीबेड़ा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में विकास खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने संस्था के प्राचार्य से साफ सफाई, पंजी संधारण, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था के सुचारू संचालन के बारे में चर्चा की, व कसावट लाने के निर्देश दिए. संस्था में बच्चों के लिए लाइब्रेरी के संचालन व पुस्तकों के संग्रह के भी निर्देश दिए गए. सभी बच्चे प्रति दिन पुस्तकालय से जुड़ें इस बाबत शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए. ताकि बच्चों में पढ़ने की जिज्ञासा बढ़ सके. सभी कर्मचारियों की तय समय में उपस्थिति व प्रतिदिन शिक्षक दैनंदिनी संधारण की हिदायत दी गई. विकासखंड शिक्षा अधिकारी के साथ निरीक्षण दल में हरिबंधु पाणिग्रही, राहुल ठाकुर, धनसाय, शिवचरण कश्यप, तुलाराम सेठिया शामिल थे.
शिक्षण व्यवस्था में कसावट लाने बीईओ ने तेज कर दी कवायद
शासकीय नवीन कन्या पूर्व माध्यमिक शाला चिखलाकसा में अध्ययनरत समस्त छात्राओं को निःशुल्क गणवेश का वितरण
दल्लीराजहरा /डौंडी आज दिनांक 3 नवंबर 2022 को शासकीय नवीन कन्या पूर्व माध्यमिक शाला चिखलाकसा में अध्ययनरत समस्त छात्राओं को शासन द्वारा प्रदत्त निःशुल्क गणवेश का वितरण किया गया। इस अवसर पर नगर के नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती भिखी मसिया, सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैय्यद, वार्ड पार्षद श्रीमती कुंती देवांगन समेत समस्त वार्ड पार्षद एवम् नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त शाला की प्रधान पाठिका श्रीमती शशिकला देशमुख, वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती नंदा भारद्वाज, श्रीमती सरोजनी डेविड, श्रीमती विजयालक्ष्मी सोनी शिक्षक हेमंत गुप्ता समेत समस्त शाला परिवार उपस्थित थे।

गणवेश वितरण के उपरांत एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमे नगर के पदाधिकारियों ने शाला परिसर में उत्खनित बोर में मोटर लगाने, पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने, नल का प्रसार बढ़ाने और शाला परिसर में चेकर टाइल्स लगाने जैसे अनेकों विषयों पर विचार विमर्श करके शाला परिसर उपर्युक्त सभी सुविधाओं की उपलब्धता पर सहमति जताते हुए शाला को अनेकों सौगातें दी। इस पर शाला की प्रमुख श्रीमती शशिकला देशमुख ने सभी को धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया ।

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राजहरा माइंस के क्वारी क्षेत्र में लोहा चोरों के खूनी संघर्ष में युवक की हत्या कर शव सड़क पर फेंका गया
बिग ब्रेकिंग….राजहरा मांईस के क्वांरी क्षेत्र मे युवक की मौत मौके पर सीआईएसएफ के जवान तैनात आशंका व्यक्त की जा रही है कि युवक चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए माइंस के प्रतिबंधित क्षेत्र गया रहा होगा इसी बीच लोहा चोर के दूसरे ग्रुप से विवाद के दौरान अवैध कबाड एंव लोहा चोर गिरोह के बीच खुनी संघर्ष रात्रि को घटित हुआ होगा माइंस क्षेत्र में लोहा चोरों का गिरोह बड़ी संख्या में सक्रिय है कल की घटना को भी इसी प्रकार जोड़कर देखा जा रहा है

अब इन माफियाओं के गिरोह का मनोबल इस कदर बढ़ गया है अबे एक दूसरे की जान लेने पर भी अमादा हो गए हैं सैकड़ों की संख्या में तैनात सीआईएसएफ के जवान भी अब इन लोहा चोरों की पहुंच से दूर हो चुके हैं सूत्रों द्वारा यह भी जानकारी मिली है कि सुरक्षा में जुटे ही लोग इन्हें संरक्षण प्रदान करते हैं नहीं तो लगातार होती घटनाओं को रोका जाता माइंस क्षेत्र में लगातार बड़ी मशीनों के पार्ट्स डीजल ऑयल एवं अन्य सामान चोरी होती हैं किंतु ज्यादातर मामलों में पुलिस तक सूचना पहुंच भी नहीं पाती है जिस कारण इन चोरों के हौसले बुलंद हैं इसी का परिणाम है कि चोरों के गिरोह ने आपसी रंजिश में युवक की हत्या कर माइंस क्षेत्र में ही फेंक दिया गया। सूत्रों के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक गुजरा क्षेत्र का बताया जा रहा है जोकि लंबे समय से इस अवैध कार्य में जुटा हुआ था

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शासकीय महाविद्यालय भानपुरी में एच.आई.वी एड्स के रोकथाम एंव जागरूकता हेतु संवेदीकरण प्रशिक्षण का आयोजन
भानपुरी – नेहरू युवा केन्द्र जगदलपुर (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) व छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में अंजली कुमारी, जिला युवा अधिकारी के मार्गदर्शन में बस्तर विकासखंड के शासकीय महाविद्यालय भानपुरी में एच.आई.वी./एड्स के रोकथाम एवं जागरूकता हेतु संवेदीकरण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया उक्त कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र छात्राये एवम युवा मंडल के सदस्य अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एस .के वासनिकर (प्राचार्य महाविद्यालय) ,आशीष गुप्ता व्याख्याता कार्यक्रम में मुख्यतः मुकेश दीवान एच.आई.वी./एड्स के रोकथाम एवं जागरूकता, रक्तदान जागरूकता, एच.आई.वी./एड्स के प्रति भेदभाव व एड्स हेल्पलाइन हेतु टोल फ्री नंबर
1097 चर्चा हुई
कार्यक्रम की शुरुवात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित करके हुई, सर्वप्रथम में जिला युवा अधिकारी अंजली कुमारी ने नेहरू युवा केंद्र का परिचय दिया एवं कार्यक्रम का उद्देश्य बताया। वही आशीष गुप्ता ने कार्यक्रम में रंगोली प्रतियोगिता एवं क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया प्रथम द्वितीय तृतीय
सभी प्रशिक्षुओं को नेहरू युवा केन्द्र जगदलपुर की तरफ से प्रिंटेड बुकलेट,नोटपैड,पेन, प्रमाण पत्र एवं टोपी का वितरण किया गया।
कार्यक्रम को समापन की ओर ले जाते हुए अतिथियों को स्मृति चिन्हः देकर सम्मानित किगया गया l
कांग्रेस और भाजपा नेताओं की करनी की सजा मिली डीईओ को
- शिक्षकों की पदोन्नति में दोनों दलों के नेताओं ने जमकर मचाई है लूट
- कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को हटाया, जिपं सीईओ को प्रभार
अर्जुन झा
जगदलपुर. बस्तर जिले में शिक्षकों की पदोन्नति और तबादले में हुए भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई की गाज जिला शिक्षा अधिकारी पर गिरी है. कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार छीन कर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दायित्व सौंप दिया है. पदोन्नति और तबादले के नाम पर लाखों रुपयों की वसूली को मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेताओं ने अंजाम दिया है. इन नेताओं की करनी की सजा जिला शिक्षा अधिकारी को भुगतनी पड़ी है. बस्तर जिले के शिक्षा विभाग में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के लगभग बारह सौ सहायक शिक्षकों की प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति, पदस्थापना तथा स्थानांतरण का मामला विवादों में घिर गया था. बकावंड ब्लॉक के भाजपा व कांग्रेस के दो बड़े नेताओं की इस मामले में लिप्तता सुर्खियों में रहा है. आरोप है कि इन दोनों नेताओं ने पदोन्नति दिलाने, मनचाही शाला में पदस्थ कराने और स्थानांतरण कराने के लिए शिक्षकों से लाखों रुपयों की वसूली की है. इन नेताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी पर अपने रसूख की धौंस जमाकर और दबाव डालकर शिक्षकों को पदोन्नति दिलाई. ऐसे शिक्षकों को भी पदोन्नत करा दिया गया, जो पात्र नहीं थे. जिन शिक्षक शिक्षिकाओं के पास बी एड की डिग्री नहीं है, उन्हें भी पदोन्नति का लाभ दिला दिया गया. बताया जाता है कि दस साल के शिक्षकीय कार्याकाल व अनुभव को आधार बनाकर शिक्षकों को पदोन्नत करा दिया गया. जबकि,15- 20 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके दर्जनों शिक्षक शिक्षिकाओं के अनुभव और सेवाकाल की अनदेखी करते हुए उन्हें प्रमोशन के लाभ से वंचित रखा गया. दोनों दलों के नेताओं के दबाव में जिला शिक्षा अधिकारी को नियम विरुद्ध फैसले लेने पड़े. और अब इन नेताओं की करनी की सजा जिला शिक्षा अधिकारी को उनका प्रभार छीनने के रूप में दी गई है. कांग्रेस व भाजपा के नेता तो मालामाल हो गए हैं लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी जो कि महिला हैं, उन्हें मानसिक यंत्रणा के दौर से गुजरना पड़ रहा है. कलेक्टर बस्तर ने एक आदेश जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश कुमार सर्वे को सौंप दिया है. अब जिला शिक्षा कार्यालय के सारे कामकाज और फाइलों का निपटारा सर्वे ही करेंगे. एक तरह से महिला जिला शिक्षा अधिकारी को अधिकार विहीन बना दिया गया है.
बगैर जांच ये कैसी कार्रवाई
पदोन्नति, पदस्थापना और स्थानांतरण के मामलों की जांच कराए बगैर जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ की गई इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं. छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव के दिन करीब आ रहे हैं. चर्चा है कि चुनाव में नुकसान से बचने के लिए सत्तारूढ़ दल एवं प्रमुख विपक्षी दल के शीर्ष नेताओं के इशारे पर ऐसी कार्रवाई की गई है. यहां यह भी बताना जरूरी है कि शिक्षा विभाग में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए हाल ही में संचालक लोक शिक्षण ने उच्च स्तरीय दल जगदलपुर भेजा था. इस दल ने संभवतः संचालक लोक शिक्षण को अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी होगी. वहीं बस्तर के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ने भी मामले की जांच शुरू करा दी है. विभागीय जांच जारी रहने के बीच जिला शिक्षा अधिकारी पर की गई कार्रवाई संदेहों को जन्म दे रही है.
माइनिंग घोटाले की आंच बस्तर तक, पड़ताल के लिए पहुंची ईडी की टीमें
- आरी डोंगरी माइंस के आवंटन में शासन को एक हजार करोड़ रु. से भी अधिक की लगाई गई चपत
- फर्म विशेष को लाभ पहुंचाने टेंडर प्रक्रिया कर दी गई ऑफ लाइन
- भानुप्रतापपुर में 167 हेक्टेयर में फैली है यह लौह अयस्क खदान
अर्जुन झा
जगदलपुर. प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) द्वारा छत्तीसगढ़ में की जा रही खदान घोटाले की जांच की आंच बस्तर तक पहुंच गई है. खबर है कि बस्तर संभाग की आरी डोंगरी लौह अयस्क खदान के आवंटन में केंद्र और राज्य सरकार को एक हजार करोड़ रु. से भी ज्यादा की चपत लगाई गई है. घोटाले के इस प्रकरण में चार वरिष्ठ आईएएस और दो प्रमोटी आईएएस अधिकारी ईडी तथा इनकम टैक्स विभाग की रडार पर हैं. जांच के लिए ईडी की चार टीमें बस्तर पहुंच चुकी हैं.
बस्तर संभाग के कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर के कचही गांव के पास 167 हेक्टेयर से भी ज्यादा भू भाग पर फैली आरी डोंगरी माइंस में उच्च कोटि की लौह अयस्क का विशाल भंडार है. इस माइंस को एक व्यक्ति विशेष की फर्म के हवाले करने के लिए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अधिकारियों ने कायदों को ताक पर रख दिया. ऑन लाइन टेंडर प्रक्रिया को ऑफ लाइन कर दिया गया, टेंडर फॉर्म उसी फर्म विशेष को दिए गए, दूसरे लोगों को बाहुबल के दम पर टेंडर फॉर्म लेने से रोका गया. टेंडर प्रक्रिया शुरु होने से लेकर समाप्ति तक विभाग के दफ़्तर में लट्ठबाजों की तैनाती की गई थी. कहा जा रहा है कि राजनैतिक दलों को डोनेशन मुहैया कराने वाले किसी आर. जी. नामक शख्स के चहेते व्यक्ति की फर्म को आरी डोंगरी माइंस आवंटित की गई है. इसमें खनिज विकास निगम के कई बड़े अफसरों की संलिप्तता की बात सामने आ रही है. खनिज घोटाले में पहले से गिरफ्तार आईएएस अधिकारी समीर बिश्नोई ने ईडी के अधिकारियों के समक्ष आरी डोंगरी माइंस आवंटन फर्जीवाड़े की पोल खोली है तथा इस बात पर एक अन्य आईएएस अफसर जेपी मौर्य ने भी मुहर लगाई है. इस खुलासे के बाद दिल्ली से ईडी के सीनियर अफसरों की चार टीमें बस्तर पहुंची हैं. ये टीमें जगदलपुर, कांकेर और भानुप्रतापपुर में मामले की पड़ताल शुरू कर चुकी हैं. सूत्रों के मुताबिक इस फर्जीवाड़े में सत्तारुढ़ दल का एक बड़ा नेता तथा खनिज विकास निगम के सीनियर अधिकारी और प्रशासन तथा निगम से जुड़े चार वरिष्ठ आईएएस और दो प्रमोटी आईएएस अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में है. यही लोग ईडी और आयकर विभाग की रडार पर हैं. जल्द ही इन लोगों से पूछताछ होगी और उनकी गिरफ्तारी भी संभव है.
बस्तर में भी डीएमएफ घोटाला
रायगढ़ की तरह बस्तर संभाग में भी जिला खनिज मद (डीएमएफ ) के करोड़ों रु के घोटाले का शक ईडी के अधिकारियों को है. सूत्रों का कहना है कि रायगढ़ में हुए डीएमएफ घोटाले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी रानू साहू ने कई राज खोले हैं. कहा जा रहा है कि राज्य के अधिकांश जिलों में जिला खनिज मद (डीएमएफ ) के करोड़ों रु.अफसरों ने डकार लिए हैं. इस मद की राशि में सबसे ज्यादा हेराफेरी उन जिलों में ज्यादा हुई है, जहां विभिन्न खनिजों की बड़ी बड़ी खदाने हैं. बस्तर संभाग भी ऐसी खदानों के मामले में समृद्ध है, लिहाजा माना जा रहा है कि इस संभाग के भी जिलों में डीएमएफ मद के करोड़ों के वारे न्यारे किए गए हैं.
बीएमओ बस्तर पर लगे कई गंभीर आरोप, जांच शुरू
जगदलपुर. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस्तर के खंड चिकित्सा अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगे हैं. शिकायत मिलने पर जगदलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच अधिकारी जिला चिकित्सालय के एक डॉक्टर को और प्रस्तुतकर्ता जिला चिकित्सालय के ही संगणक को बनाया गया है.
बस्तर विकास खंड के खंड चिकित्सा अधिकारी पर स्वास्थ्य कर्मियों का नियम विरुद्ध संलग्नीकरण करने जीवन दीप समिति की राशि का दुरूपयोग करने, विभागीय वाहनों में डीजल भरवाने के नाम पर गड़बड़ी करने, जीवनदीप समिति को मिलने वाले आवंटन की राशि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को ना देने सहित कई गंभीर आरोप लगे हैं. इस मामले की शिकायत छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बस्तर जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार ने जिला स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की थी. इस पर संज्ञान लेते हुए जिला स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. जांच अधिकारी जिला चिकित्सालjय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आरकेएस राज को तथा प्रस्तुतकर्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस्तर के संगणक एलपी तिवारी को नियुक्त किया गया है.
न जीत पर घमंड करें, ना ही हार से निराश हों: रेखचंद जैन
- ककनार में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए संसदीय सचिव जैन एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम मौर्य
- विधायक निधि से होली मेला गुड़ी में 2 लाख 26 हजार रुपए से शेड निर्माण का किया गया भूमिपूजन
जगदलपुर. विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन तथा ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के जिलाध्यक्ष बलराम मौर्य ग्राम पंचायत ककनार में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए. उन्होंने होली मेला ग्राउंड की गुड़ी में विधायक निधि से 2.26 लाख से शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया.

इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जो ग्रामीण खेल ओलंपिक का आयोजन कर रहा है. जिसमें ग्रामीण युवक युवतियों समेत बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी भाग ले रहे हैं. इस अवसर पर कबड्डी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए श्री जैन ने कहा कि जीत और हार हमारे जीवन के अनिवार्य अंग हैं.कभी भी जीत का घमंड नहीं करना चाहिए और ना ही हार पर निराश होना चाहिए. हार – जीत नहीं, बल्कि खेलना महत्वपूर्ण होता है. होली मेला ग्राउंड गुड़ी में शेड निर्माण के लिए भूमिपूजन करते हुए उन्होंने कहा कि आपकी पंचायत की यह बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हो रही है. ककनार में ऐतिहासिक होली मेला लगता है, पर यह गुड़ी उपेक्षित थी. मैंने पिछले वर्ष के होली मेला में घोषणा की थी कि इस गुड़ी का निर्माण करवाऊंगा और आज इसका भूमि पूजन हो गया है. जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बलराम मौर्य ने कहा कि भाजपा शासन में ककनार का यह ऐतिहासिक होली मेला व गुड़ी स्थल उपेक्षित रहा. विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन की संवेदनशीलता से आज आप लोगों की यह मांग पूरी है. श्री जैन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूपक्षेत्र की जनता की सेवा करते आ रहे हैं. यह सराहनीय है. इस अवसर पर जनपद सदस्य तुलाराम कश्यप, सरपंच जानकी नाग, उप सरपंच इंदर कश्यप, हीरामणि कश्यप, पदयनी कोर्राम, सहदेव बघेल, बुधराम कश्यप, सुशील त्रिपाठी, मनोनीत पार्षद सुरेंद्र झा, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमू उपाध्याय, पत्रकार संतोष सिंह, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, सांसद प्रतिनिधि कमल सेठिया, लोकेश सेठिया, विनोद सेठिया, विकास कश्यप, रामचरण बघेल युवा मितान क्लब अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे
इस वन अधिकारी ने तो भगवान के साथ भी खेला कर दिया
रेंजर पर देवगुड़ी निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप
स्तरहीन निर्माण को लेकर कोसमी के ग्रामीणों में व्याप्त है आक्रोश
बकावंड. जंगल महकमे के एक अफसर ने तो भगवान से भी खेला कर दिया. इस अफसर ने भगवान के दर पर ही भ्रष्टाचार को अंजाम देकर सारी मर्यादाएं लांघ डाली. देवगुड़ी के संरक्षण के नाम पर खानापूर्ति करते हुए अधिकारी ने स्वीकृत रकम डकार ली. ग्रामीणों में इसे लेकर आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. बताया गया है कि बकावंड विकास खंड की ग्राम पंचायत कोसमी के एकट गुड़ा पारा की देवगुड़ी के संधारण और रखरखाव के लिए विधायक लखेश्वर बघेल की पहल व अनुशंसा पर केंद्रीय केंपर मद से तीन लाख रु. की स्वीकृत दी गई है। इस कार्य की जिम्मेदारी वन परिक्षेत्र अधिकारी बकावंड को दी गई, लेकिन वन विभाग द्वारा खानापूर्ति कर आनन-फानन में चारदीवारी निर्माण कार्य किया गया एवं निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग कर आधी अधूरी दीवार बनाकर राशि में गोलमाल किया गया. इस प्रकार भगवान को भी नहीं बख्शा गया. सूत्रों के मुताबिक वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी हर निर्माण कार्य में घटिया स्तर की सामग्री का उपयोग कर शासन की राशि की बंदरबांट करने में नहीं चूकते. पूर्व में भी वन परीक्षेत्र अधिकारी राजकुमार ध्रुव पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. विधायक द्वारा निरीक्षण कर निर्माण पर नाराजगी व्यक्त भी जताई जा चुकी है. इस संबंध में वन परीक्षेत्र अधिकारी बकावंड राजकुमार ध्रुव से जानकारी चाही गई, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. वहीं वन मंडल अधिकारी बस्तर से चर्चा करने पर उन्होंने भी इस विषय से पल्ला झाड़ लिया. इस तरह जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से हटकर कोई जवाब नहीं देते हैं.
पेड़ों की अवैध कटाई
बकावंड वन परिक्षेत्र के जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई भी धड़ल्ले से चल रही है. इसमें भी अधिकारी की मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं. विकासखंड की ग्राम पंचायत उलनार जुनवानी के जंगलों में सागौन तथा अन्य प्रजाति के पेड़ों की कटाई की जमकर हो रही है. लकड़ी तस्कर बेखौफ होकर पेड़ों पर आरियां चला रहे हैं और काटे गए पेड़ों के गोलों को चिरान के बाद नगरनार के रास्ते से होकर अलावल के एक फर्नीचर मार्ट में खपाया जाता है. सूत्र बताते हैं कि इस सारे खेल में फर्जी बिल, परिवहन पत्र तथा अन्य फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया जाता है. इस रेंज में सक्रिय लकड़ी माफिया अधिकारियों के संरक्षण में जंगलों का सफाया करने पर तुले हुए हैं.
पदोन्नति फर्जीवाड़े की जांच शुरू
- जांच में सहयोग के लिए पांच प्राचार्य को जेडी ने आज बुलाया
- शिक्षकों की काउंसिलिंग कराए बगैर दे दी गई मनमानी पदोन्नति
जगदलपुर. बस्तर संभाग में खासकर बस्तर जिले में सहायक शिक्षकों की पदोन्नति में किए गए फर्जीवाड़े की जांच शुरू हो गई है. इस मामले में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बस्तर ने जिले के पांच प्रचार्यों को आज 3 नवंबर को अपने कार्यालय में तलब किया है. बस्तर जिले में बिना काउंसिलिंग प्रक्रिया के सैकड़ों सहायक शिक्षकों को पदोन्नति दे दी गई है. अब इस बड़े फर्जीवाड़े में विभागीय अधिकारी और अनेक कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना प्रबल हो गई है.
ज्ञात हो कि शिक्षा जिला बस्तर में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के लगभग 1200 सहायक शिक्षकों को पदोन्नत कर प्रधान पाठक बनाया गया है. पदोन्नति के लिए शिक्षकों की काउंसिलिंग कराने का विभागीय प्रावधान है, मगर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा इस प्रावधान का पालन ना करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की गई है. पदोन्नति देने के लिए शिक्षकों से जिला शिक्षा कार्यालय जगदलपुर के तीन कर्मियों, शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारियों और कांग्रेस व भाजपा के कतिपय नेताओं द्वारा कई करोड़ रुपयों की वसूली की जाने की बात उजागर हुई है. अनेक संगठनों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हाल ही में जिला व जनपद पंचायतों की शिक्षा समितियों के भाजपाई पदाधिकारियों ने बस्तर के संभाग आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा था. ज्ञापन में सारी पदोन्नतियों और पदस्थापना को रद्द कर काउंसिलिंग कराकर नए सिरे से पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की गई है. इसके बाद संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बस्तर ने मामले पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. इसी सिलसिले में बस्तर जिले की विभिन्न शालाओं में पदस्थ प्राचार्यों को अपने कार्यालय में 3 नवंबर को बुलाया है.
इन प्राचार्यों को किया है तलब
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बस्तर ने विभागीय पत्र जारी कर सहायक शिक्षकों की पदोन्नति में की गई धांधली की जांच में सहयोग करने के लिए बस्तर शिक्षा जिले की विभिन्न शालाओं और कार्यालय में सेवारत प्राचार्यों को 3 नवंबर की सुबह 11 बजे अपने कार्यालय में बुलाया है. जिन प्राचार्यों को जवाइंट डायरेक्टर ने तलब किया है, उनमें शासकीय बहु उद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर के प्राचार्य बीएस रामकुमार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नयानार के प्राचार्य प्रणव बैनर्जी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जगदलपुर में पदस्थ प्राचार्य सीएम चौधरी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरभा के प्राचार्य एमजी काछी एवं कन्या शिक्षा परिसर परचनपाल के प्राचार्य अभय राम नोन्हारे शामिल हैं.


