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समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री मदन चौहान और पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम सहित 16 वरिष्ठ नागरिक हुए सम्मानित

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अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस राजधानी में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में वरिष्ठजन का शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर किया गया सम्मान

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती भेंड़िया और योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा हुए शामिल

वृद्धजनों से संबंधित पत्रिका संज्ञान का हुआ विमोचन

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, छत्तीसगढ़ योग आयोग की अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा सहित विभिन्न जिलों से आए लगभग तीन हजार बुजुर्ग शामिल हुए। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथियों द्वारा सूफी गायक पद्मश्री मदन चौहान और समाज सेविका पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम सहित 16 वरिष्ठजन का समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह से सम्मान किया।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राजगीत के साथ हुआ। समारोह में अतिथियों द्वारा सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम द्वारा प्रकाशित वृद्धजनों से संबंधित पत्रिका संज्ञान का विमोचन भी किया गया। जिलों से आए सभी बुजुर्गा का श्रीफल शॉल और वॉकिंग स्टिक देकर सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिवर्ष एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसी तारतम्य में राजधानी में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।

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मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने बुजुर्गों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सम्मान और सभ्यता बुजुर्गों से जुड़ी है। सामूहिक परिवार में रहने की प्रथा अन्य राज्यों की तुलना में हमारे राज्य में श्रेष्ठ है। उन्होंने बुजुर्गों के लिए सुखमय जीवन की मंगल कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुजुर्गों के लिए एक नवंबर, राज्य निर्माण दिवस से सियान हेल्पलाइन प्रारंभ करने की बड़ी घोषणा की है। यह हेल्पलाइन ऐसे वृद्धजन, जिनकी संतानें देश-विदेश के अन्य स्थानों में कार्यरत हैं, उन्हें आपात स्थितियों में सहायता पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे 31 वृद्धाश्रम संचालित है। यहां निराश्रित बुजुर्गों के लिए खाने पीने से लेकर आश्रय, चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। जिले से लेकर राज्य स्तर पर बुजुर्गाे की समस्या निवारण की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। इसके लिए सभी बुजुर्गाे को सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ के विकास में बुजुर्गाे का भी अहम योगदान है। नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूरी है। अच्छे महौल और सबके सहयोग से ही हम नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार करने में सफल होंगे।


डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बुजुर्गाे के प्रति पहली जिम्मेदारी उनके बच्चों के साथ पूरे समाज की है। राज्य सरकार ने पेंशन सहित बुजुर्गाे के जरूरत के लिए कई व्यवस्थाएं की है। अब बुजुर्गों की मदद के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए आत्मीयता और मान-सम्मान सबसे बड़ी जरूरत है इस दिशा में नौजवानों को सोचना होगा।
ज्ञानेश् शर्मा ने कहा कि एकाकी परिवार की वजह से बुजुर्ग बहुत प्रभावित और उपेक्षित हुए हैं। भौतिकतावाद के कारण सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव का लाभ युवा पीढ़ी को लेना चाहिए। नई पीढ़ी प्रेरणा लेकर सम्मान का वातावरण फिर से लाए।

इनका हुआ सम्मान – रायपुर से पद्मश्री मदन चौहान का कला साधना के लिए डॉ. चितरंजन कर का साहित्य साधना के लिए सम्मान किया गया। बालोद जिले से पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम का साक्षरता अभियान और सामाजिक बुराईयों के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह बिलासपुर के श्री नित्यानंद शर्मा का स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए, बलरामपुर जिले के बिरझु सिंह का स्वच्छता और खैरवार जनजाति के उत्थान के लिए सम्मान किया गया। बस्तर से नवी मोहम्मद का वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और निराश्रितों की सहायता के लिए सम्मान किया गया। कांकेर जिले के श्री राजूराम मरकाम को स्वास्थ्य शिविर, निःशुल्क उपचार के लिए और धमतरी की लखमशी भाई भानुशाली को निराश्रित बच्चों और बुजुर्गों के कल्याणार्थ कार्यों के लिए सम्मान किया गया। बलौदाबाजार जिले के मिक्खा सिंह सम्मान से सम्मानित सरजू साहू को उनकी खेलकूद प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया। धमतरी के अश्विनी गजेंद्र का महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, गरियाबंद नूतन लाल साहू का रचनात्मक लेखन और गतिविधियों, सरगुजा के मंगा राम का कोविड-19 संक्रमणकाल में सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह नारायणपुर जिले की श्रीमती एन.के. आजाद को बच्चों की शिक्षा, वरिष्ठ नागरिकों और निराश्रितों की सेवा के लिए सम्मानित किया गया। मुंगेली जिले के अशोक तिवारी को स्काउट शिक्षा और योग प्रशिक्षण के लिए, कोण्डागांव जिले के खेम वैष्णव को उनके लोक चित्रों के लिए, दंतेवाड़ा जिले के अमर सिंह ठाकुर को सामाजिक कार्यों में सहयोग के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया।

अवैध एवं नशीली सीरप एवं कैप्सुल के तस्करी पर बस्तर पुलिस की बडी कार्यवाही

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🔅 नयामुण्डा में नशीली दवाईयों की तस्करी करते 05 तस्कर पुलिस की गिरफ्त में

🔅 थाना बोधघाट अन्तर्गत की गयी कार्यवाही

🔅 1100 नग नशीली मोनोकाॅफ सीरप मात्रा 110 लीटर बरामद

🔅 पीवोन स्पाज प्लस कैप्सुल मात्रा 12000 नग बरामद

🔅 01 ओटो, 01 स्कुटी, 02 मोटर सायकल, 07 मोबाईल एवं नगदी 20,000/-रूपये भी बरामद

🔅 नशीली पदार्थाे की अनुमानित कीमत 4 लाख 57 हजार 600 रूपये।

🔅 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत की गई कार्यवाही।

🔅 नवरात्रि एवं दशहरा पर शहर में खपाने की थी योजना

🔅 नाम आरोपी:-
1. तक्षक माने पिता अनिल माने, उम्र 25 वर्ष, निवासी लालबाग जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)

2. सम्यक नाहटा @ सोनु पिता धरमचन्द्र नाहटा, उम्र 29 वर्ष, निवासी मोती तालाब पारा जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)

3. हरीश सोनी @ काके पिता लखन सोनी, उम्र 27 वर्ष निवासी नयामुण्डा जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)

4. विवेक शर्मा @ काके पिता राकेश शर्मा उम्र 30 वर्ष निवासी कुशवाहा मार्ग शांति नगर वार्ड जगदलपुर जिला बस्तर।

5. रितेश सिंह @ रिंकु पिता राजेन्द्र सिंह उम्र 32 वर्ष, निवासी शांति नगर वार्ड, जगदल

    उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस के द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज थाना बोधघाट अन्तर्गत अवैध एवं नशीली कैप्सुल एवं सीरप के तस्करी करने वाले गिरोह के 05 तस्कर पर कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस को बडी सफलता मिली है। 

🔅 प्रकरण:-
थाना बोधघाट को सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्तियों के द्वारा नयामुण्डा क्षेत्र में अवैध नशीली कैप्सुल एवं सीरप का संग्रहण कर तस्करी किया जा रहा है। सूचना पर उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह मीणा एवं अति0 पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाॅल के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बोधघाट लालजी सिन्हा एवं थाना प्रभारी परपा धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्यवाही हेतु नयामुण्डा की ओर रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा नयामुण्डा दास गली में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर घेराबंदी कर 05 संदेहियों को पकडा गया जिनसे पूछताछ करने पर जिन्होनें अपना-अपना नाम 1. तक्षक माने 2. सम्यक नाहटा 3. दद्दू @ हरीश सोनी 4. विवेक शर्मा @ काके 5. रीतेश सिंह @ रिंकु सभी निवासी जगदलपुर का होना बताये, जिनकी तलाशी लेने पर सभी संदेहियो के पास से प्रतिबंधित नशीली सीरप मोनोकाॅफ प्लस कुल 11 कार्टुन में 1100 शीशी कुल मात्रा 110 लीटर एवं नशीली प्रतिबंधित कैप्सुल पीवाॅन स्पाज प्लस, 50 डिब्बा जिसमें 12000 नग कैप्सुल मिला। जो प्रतिबंधित एवं नशीली दवा की श्रेणी में आता है। जिस संबंध में पूछताछ करने पर संदेहियो के द्वारा वैधानिक प्रत्युत्तर प्रस्तुत नही किया गया। सभी आरोपियो 1. तक्षक माने 2. सम्यक नाहटा 3. दद्दू @ हरीश सोनी 4. विवेक शर्मा @ काके 5. रीतेश सिंह @ रिंकु सभी निवासी जगदलपुर का उक्त कृत्य एन0डी0पी0एस0 एक्ट की परिधि में आने पर उक्त सभी आरोपियों के विरूद्ध थाना बोधघाट में धारा 21 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर न्यायालय रवाना किया जा रहा है। जप्तशुदा नशीली दवाईयो की अनुमानित कीमत 4,57,600/-रूपये आंकी गई है। मामले में एक आरोपी फरार है जिसकी पतासाजी कर पृथक से कार्यवाही की जावेगी।

🔅 जप्त सम्पत्ति:-
(1).मोनोकाॅफ सीरप ,कुल 110 लीटर,
(2).कैप्सुल पीवाॅन स्पाज प्लस, कुल 12000 नग कैप्सुल,
(3).वाहन:- 01 आटो, 01 स्कुटी वाहन, 02 मोटर सायकल,
(4). मोबाईल 07 नग
(5). नगदी रकम 20,000/-रूपये

🔅 तरीका वारदात:-
मामले के सभी आरोपियों जगदलपुर के स्थानीय निवासी है, जिसमें आरोपी तक्षक माने, सम्यक नाहटा @ सोनू और विवेक शर्मा @ काके के द्वारा उडीसा, बिहार एवं गुजरात से आदि जगहो से उक्त प्रतिबंधित एवं नशीली दवाईयां कोरियर के माध्यम से जगदलपुर मंगाते थे एवं आरोपी हरीश सोनी उर्फ दद्दू के द्वारा अपने आटो से उक्त नशीली दवाईयों को कोरियर से प्राप्त कर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुॅचाया जाता था। तत्पश्चात तक्षक माने, सम्यक नाहटा@ सोनू, विवेक शर्मा@काके और रितेश सिंह के द्वारा नशी ली दवाईयो का संग्रहण कर अलग-अलग क्षेत्रो में पहुॅचाकर बिक्री कराया जाता था। उक्त नशीले पदार्थाे का मुल्य तस्करो के द्वारा दोगुना से भी अधिक मुल्य पर अवैध रूप से विक्रय किया जाता था। उक्त नशीली दवाईयों को आरोपियों के द्वारा नवरात्रि एवं दशहरा त्यौहार के दौरान जगदलपुर शहर में खपाने की योजना थी।

🔅 महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी:-
निरीक्षक – लालजी सिन्हा, धनंजय सिन्हा , एमन साहू
उपनिरीक्षक – प्रमोद ठाकुर,
सउनि. – सतीश यादव, अविनाश झा, विष्णु प्रसाद देवांगन, धीरेन्द्र ठाकुर,
प्रधान आरक्षक – राजेश सिंह, उमेश चंदेल, लवण पानीग्राही, चोवादास गेंदलें, पवन श्रीवास्तव
आरक्षक – भुपन्द्र नेताम, संतोष झा, गायत्री प्रसाद तारम, मनोज तिर्की, भैरव सिन्हा

उच्च शिक्षा के शिखर पर पहुंचेगा बस्तर: जैन

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  • बस्तर की शैक्षणिक क्रांति में होगी
  • विश्वविद्यालय की अहम भूमिका धूमधाम से मनाया गया शहीद महेंद्र कर्मा विवि का स्थापना दिवस


जगदलपुर. शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का 15वां स्थापना दिवस शनिवार को कालीपुर स्थित कैंपस के एमबीए भवन के स्वामी आत्मानंद सभागार में धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रेखचंद जैन तथा विशिष्ट अतिथि पद्मश्री धर्मपाल सैनी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आनंद मूर्ति मिश्रा, सह समन्वयक एवं विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी श्सीएल टंडन, सहायक कुलसचिव थे।
इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री nजैन ने कहा कि बस्तर अंचल के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के शिखर पर पहुंचाने में इस विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। श्री जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन बस्तर जैसे आदिवासी अंचल में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में स्वामी आत्मानंद के नाम पर विद्यालय और महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है, जिन्होंने नारायणपुर जैसे माड़ क्षेत्र में रामकृष्ण मिशन आश्रम की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगाई उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर विवि द्वारा किए जा रहे कामों की सराहना करते हुए कहा कि जब विवि की शुरुआत हुई तब 2008 में सिर्फ 23 कॉलेज ही विवि से संबद्ध थे. आज संभाग के सातों जिलों में विवि के अधीन 48 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुझे विवि की कार्यपरिषद का सदस्य बनाया है और मेरा शुरुआत से ही प्रयास रहा है कि विवि में रोजगार मूलक कोर्स शुरू हो। इस दिशा में हमने प्रयास शुरू भी कर दिए हैं। पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन और पीजी डिप्लोमा इन ट्राइबल आर्ट कोर्स की शुरुआत हमने इसी सोच के साथ कराई है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन छात्रों के लिए आदर्श है। उनकी oबातों को अगर जीवन में उतार लिया गया, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के ध्येय वाक्य उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए का उद्धरण रखते हुए कहा कि पढ़ाई में लगन इसी तरह से होनी चाहिए। जब तक लक्ष्य हासिल ना हो जाए संघर्ष करते रहना चाहिए।
कुलपति श्री श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर 14 साल में हुए विकास कार्यों तथा संचालित पाठ्यक्रमों एवं संबद्ध महाविद्यालयों तथा भविष्य में प्रारंभ किए जाने वाले नए पाठ्यक्रमों के की जानकारी दी। यह भी बताया कि विश्वविद्यालय को अपेक्षा अनुसार पुनः बेहतर प्रयास कर अच्छी नैक ग्रेडिंग प्राप्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय में रिक्त शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों पर भर्ती के लिए शासन से अनुमति के लिए प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञान-विज्ञान को जीवन से जोड़ा जाना चाहिए : पद्मश्री सैनी
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने कहा कि आज ज्ञान और विज्ञान के मिलन की बेला है। यह बेहद खुशी का क्षण है क्योंकि विश्वविद्यालय ने आज अपनी स्थापना के 14 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने शुरुआत से ही बस्तर में उच्च शिक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि यह विज्ञान का युग है और इस युग में विज्ञान को ज्ञान से जोड़ते हुए इसे जीवन में उतारने की जरूरत है। ज्ञान अगर जीवन के साथ होगा तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास आसानी से पहुंच जाएगा। उन्होंने 0विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
जल्द शुरू होंगे कई नए कोर्सेस, कैंपस बनेगा सुंदर : कुलपति
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विवि के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने विवि के भविष्य के रोड मैप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब विवि की शुरुआत हुई तबसे आज की स्थिति में बहुत बदलाव आया है और आने वाले वक्त में और भी ज्यादा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पहले हम 15 एकड़ के धरमपुरा स्थित कैंपस तक सीमित थे अब हमारे पास कालीपुर में 25 एकड़ का नया कैंपस भी है। दोनों ही कैंपस को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए काम शुरू हो चुका है। इसके लिए अलग से कमेटी बना दी गई है। इसके अलावा विवि में जल्द ही कई नए कोर्स भी शुरू होने वाले हैं। 15 नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कोर्स शुरू हो जाएंगे। डी फार्मा और बी फार्मा जैसे रोजगार मूलक कोर्स खोलने की हम तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमल में लाने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लागू होने के बाद युवाओं को रोजगार मिलना तय है। प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही विवि की नैक ग्रेडिंग पर पूरे स्टाफ के साथ लगातार कई बैठकें की। हमारा प्रयास है कि एक साल के भीतर ग्रेडिंग में सुधार हो जाए। इसके लिए हम युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा हमारा 100 सीटर गर्ल्स हॉस्टल सभी सुविधाओं के साथ शुरू हो चुका है। 100 सीटर ब्वॉयज हॉस्टल भी जल्द शुरू हो जाएगा। लाइब्रेरी में बुक्स की संख्या बढ़ा रहे हैं और उसे अपग्रेड कर रहे हैं। विवि ने पहला पीएचडी अवार्ड सियालाल नाग, विषय राजनीति विज्ञान को शोध शीर्षक ‘बस्तर क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं में मद्यपान की समस्या’ दिया गया है। इंग्लिश लैंग्वेज लैब, ट्राइबल स्टडी के लिए एडवांस स्टडी सेंटर शुरू कर रहे हैं। करियर काउंसलिंग पर भी विशेष फोकस कर रहे हैं। एल्युमिनी रजिस्ट्रेशन की भी शुरुआत करने वाले हैं। विश्वविद्यालय से जुड़े सभी रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने वाले हैं। अंत में उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी और छात्रों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी।
आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार पाठक ने किया। इस मौके पर समारोह आयोजन के सह समन्वयक एवं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी सीएल टंडन, सहायक कुलसचिव, डॉ. शरद नेमा, डॉ. विनोद कुमार सोनी, डॉ. संजीवन कुमार, डॉ. सुकृता तिर्की, डॉ. डीएल पटेल समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, केआर ठाकुर, सहायक कुलसचिव, बीएल केंवट, संचालक शारीरिक शिक्षा, वीरेंद्र कुमार बाघ वित्त अधिकारी, विपिन कुमार गुप्ता, कक्ष अधिकारी समेत विवि के समस्त नियमित कर्मचारी, संविदा सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, एनएसएस के स्वयंसेवक, समारोह आयोजन के लिए गठित विभिन्न समितियों के संयोजक, सह संयोजक एवं सदस्य मौजूद थे।

हर – फन – मौला हैं अपने लखमा तो रास गरबा में शानदार नृत्य कर जीत लिया नागरिकों का दिल

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सुकमा के मिनी स्टेडियम में चल रहा नवरात्रि पर रास गरबा का दौर
अर्जुन झा.
जगदलपुर. हरफनमौला उसे ही नहीं कहते जो अपनी मर्ज़ी का मालिक हो और जो जी में आए वही करता हो, बल्कि उसे भी कहते हैं जो हर फन यानि हर कला का मौला यानि ज्ञाता हो. हरफनमौला तो ऐसे लोग होते हैं जो हर कला, परम्परा और संस्कृति में खुद को ढाल लेने का माद्दा रखते हैं. कुछ इसी तरह के हरफन मौला हैं हमारे कवासी लखमा. वही कवासी लखमा जो बस्तर के एक बड़े आदिवासी नेता और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार में उद्योग एवं आबकारी मंत्री हैं. इस हरफन मौला लखमा का एक नया अंदाज़ बीती रात सुकमा में तब देखने को मिला, ज़ब वे नवरात्रि पर रास गरबा नृत्य कर रहे युवाओं के साथ नृत्य करने में मगन हो गए. अपनी इस अदा से कवासी लखमा ने सभी का दिल जीत लिया.


लोककला और संस्कृति के प्रति अंतरंग जुड़ाव ने कवासी लखमा को हरदिल अजीज बना दिया है. अपने इस खास अंदाज़ और सहज सुलभता की वजह से कवासी लखमा लोगों के दिलों पर राज करते हैं. सुकमा क्षेत्र में अनकी लोकप्रियता और लगातार चुनाव जीतने की बड़ी वजह यह भी है. कवासी लखमा अपने चुटीले अंदाज़, बेबाक बयानों के लिए तो जाने जाते ही हैं, कला संस्कृति के प्रति उनके मन में जो आसक्ति है, वह भी जग जाहिर है. समय – समय पर इसकी बानगी देखने को भी मिलती ही रहती है. ऐसा नहीं है कि श्री लखमा सिर्फ आदिवासी लोक संस्कृति और परम्पराओं में रूचि रखते हैं, मौका मिल जाए तो वे दीगर समुदायों की लोककलाओं और संस्कृति में भी अपना जलवा दिखाने में पीछे नहीं रहते. वे हर तरह की लोककला, लोकनृत्य में भी समा बांध देते हैं. बीती रात सुकमा में भी उनका ऐसा ही जलवा देखने को मिला. दंतेश्वरी महिला मंडल द्वारा हर साल की तरह इस साल भी शारदीय नवरात्रि पर सुकमा के मिनी स्टेडियम में रास गरबा का आयोजन किया गया है. यह कार्यक्रम रात में चलता है. श्री लखमा इन दिनों अपने गृह नगर सुकमा में ही हैं और बीती रात मौका मिलते ही वे मिनी स्टेडियम पहुंच गए और वहां छत्तीसगढ़िया लिबास में सजधज कर रास गरबा नृत्य कर रहे युवक, युवतियों और महिलाओं के साथ जमकर नाचने लगे. श्री लखमा काफ़ी देर तक रास गरबा नृत्य में मगन रहे. स्टेडियम की दर्शक दीर्घा से सीटीयों की आवाज़ और तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही. और इधर मैदान पर लखमा अपनी धुन में मस्त. कुछ दिनों पूर्व ही श्री लखमा जगदलपुर के कोहकापाल में आयोजित नवाखानी जोहार भेंट कार्यक्रम में आदिवासी लोकनर्तक दल के साथ परंपरिक आदिवासी लोकनृत्य करते नजर आए थे. बारात में भी डांस का जलवा दिखा चुके हैं कवासी लखमा. सुकमा के प्रतिष्ठित व्यापारी विजेंद्र कुमार नाहटा के सुपुत्र विवेक की बारात में भिलाई गए कवासी लखमा ने बरातियों के साथ फ़िल्मी गानों पर जमकर डांस किया था. जब श्री लखमा नृत्य में मगन हो जाते हैं तब उनके सुरक्षा कर्मियों के पसीने छूटने लग जाते हैं. आगे नाचते झूमते कवासी लखमा और पीछे हांफते दौड़ते सुरक्षा कर्मी. यही नहीं लखमा दादी तो गोंडी, हल्बी, भतरी आदि लोकनृत्य के साथ ही कई तरह की बस्तरिहा बोलियों में भी पारंगत हैं.
बहु शीतल ने भी मचाया धमाल
सुकमा में आयोजित रास गरबा में कवासी लखमा की बहु शीतल कवासी जो कि दंतेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष हैं, वे भी अपनी टीम समेत रास गरबा नृत्य में ससुर लखमा के साथ कदमताल करती नजर आईं. आरंभ में शीतल कवासी, उपाध्यक्ष सत्यभामा गंगबेर, रेखा गुप्ता, रूबी नाग, यशोदा साहू, वैजन्ती बघेल, नीतू कंवर, गीता यादव, अनिता, सरोज यादव, शशि राठौर, कमला जैन, बबीता सिंह, भुनेश्वरी यादव, भारती शर्मा, रीना बैरागी, भुनेश्वरी साहू आदि ने मंत्री कवासी लखमा का स्वागत पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया. इस दौरान वर्षा चांडक, सुरभि नाहटा, कैलाश जैन, विवेक नाहटा, विनोद राठौर, अब्दुल्ला खान समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे.

1980 से लगातार हो रहा दुर्गोस्तव का आयोजन

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लगातार 42 वर्षो से हो रहा दुर्गोत्सव का आयोजन

मां दुर्गा चौक में विराजमान हुई माता रानी

जगदलपुर-शहर की सबसे पुरानी दुर्गा उत्सव समिति के द्वारा मां दुर्गा चौक में इस वर्ष भी दुर्गा उत्सव का आयोजन किया गया है यहां पहली बार 1980 में दुर्गा उत्सव का आयोजन किया गया था तब से लेकर आज तक लगातार 42 वर्षो से यहां मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जा रही है,समिति के मयंक नत्थानी ने बताया कि समिति द्वारा 9 दिन पूरे विधि विधान की जाएगी,माता रानी के दर्शन के लिए दूर दूर से भक्त आते है,कोरोना के कारण दो साल बाद इस बार भव्य तरीके से पूजा का आयोजन किया जा रहा है, समिति द्वारा बच्चो के लिए खेल का आयोजन किया जा रहा है,अष्टमी में हवन एवम नवमी में महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा.7 अक्टूबर को माता को विदाई दी जाएगी, समिति के सदस्यों ने यह निर्णय लिया है की विर्सजन में साउंड सिस्टम में केवल भजन बजानेंगे ,समिति के सदस्य ड्रेस कोड में रहेंगे.

लोहण्डीगुड़ा के मारडूम बदरेंगा क्राइस्ट पब्लिक स्कूल में वार्षिक छात्र संघ खेलकूद बनाया गया

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लोहंडीगुड़ा — लोहण्डीगुड़ा मारडूम के बदरेंगा क्राइस्ट पब्लिक स्कूल में वार्षिक छात्र संघ खेलकूद समारोह शिक्षा अधिकारी हर बंधु पानीग्राही और पंचायत सरपंच सुकू राम कोर्राम के मुख्य अतिथि मैं समापन हुआ इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच खेल आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्कूल वैन ने मुख्य अतिथि प्राचार्य फादर विंस ने बच्चों को सलूट लेकर स्वागत उद्बोधन किया कक्षा फर्स्ट सेकंड के छात्राओं ने प्रार्थना गीत गाया ,(मां तेरी मिट्टी में मिल जाना _ हम हैं तेरे बेटे हमें सद्भावना से खुशी प्रदान देना) इस प्रकार की प्रस्तुति दी तत्पश्चात मुख्य अतिथि ने गत शैक्षणिक सत्र के टॉपर छात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को नगद पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए इसके पश्चात अतिथि महोदय ने स्कूल छात्र संघ के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई एवं छात्र छात्राओं को प्रेरक उद्बोधन किया एवं उन्हें अनुशासन की महत्ता समझाते हुए कहा कि समाज सुधारने के लिए जरूरी है कि हम पहले स्वयं को अनुशासित करें और खुद में सुधार लाएं इस कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को आशीर्वाद प्रदर्शन किया और और इस बीच शामिल रहे प्राचार्य स्कूल प्राचार्य रीता सिस्टर! फादर अब्बास !फादर जोसेफ !और सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे और सीएचसी हर बंधु पानी ग्राही पंचायत सरपंच सुखुराम कोराम उपस्थित थे

नेशनल गेम्स मैं 4 गोल्ड मेडल 3 सिल्वर मेडल जीतने पर श्रीमती सरिता तिवारी लेक्चर को सर्व ब्राह्मण समाज ने किया सम्मानित

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जगदलपुर संयुक्त भारतीय खेल फेडरेशन के तत्वाधान में इंदौर मध्य प्रदेश के गोल्डन इंटरनेशनल डीएवी स्कूल में नेशनल गेम गेम्स में सरिता तिवारी में 4 गोल्ड मेडल और 3 सिल्वर मेडल हासिल कर बस्तर सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश को गौरवान्वित किया उनकी इस कामयाबी पर सर्व ब्राह्मण समाज बस्तर की ओर से सम्मानित किया गया उन्होंने 4 गोल्ड मेडल और 3 सिल्वर मेडल जीतकर जगदलपुर बस्तर छत्तीसगढ़ का नाम भी खेल जगत में रोशन किया 62 वर्ष की उम्र में भी अपने खेल प्रतिभा से प्रभावित किया

जिससे उनका परिवार और सर्व ब्राह्मण समाज उत्साहित है सरिता तिवारी इस सम्मान पर परिवार और समाज को आभार व्यक्त किया श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में इस सम्मान सभा का आयोजन किया गया जिसमें सर्व ब्राह्मण समाज के बहुत ही संख्या में विप्र बंधुओं और महिलाएं उपस्थित हुई जिन्होंने नेशनल गेम में सरिता तिवारी को मेडल मिलने में प्रशंसा करते हुए बधाई दी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शिक्षाविद बस्तर के माटी पुत्र श्री बसंत लाल झा कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री उर्मिला आचार्य राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त, विशेष अतिथि श्रीमती सुषमा सामंत झा, श्रीमती शैल दुबे,सर्व ब्राह्मण समाज के संभागीय अध्यक्ष संजीव शर्मा, श्रीमती आशा आचार्य, श्रीमती अपर्णा बाजपेई, श्रीमती सुधा मिश्रा, श्रीमती अंजली मिश्रा, सहित ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी व सदस्यों ने सरिता तिवारी को भगवान परशुराम का चित्र पुष्पगुच्छ नारियल और साल भेंट किया।
इस दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सुश्री उर्मिला आचार्य ने कहा कि श्रीमती सरिता तिवारी ने खेल की दुनिया में मिसाल कायम किया है खेल के अलावा समाज सेवा शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करती रही हैं विधु शेखर झा प्रिंसिपल शासकीय हाई स्कूल तोकापाल ने भी श्रीमती सविता तिवारी के कामयाबी पर बस्तर व छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया, भगत सिंह स्कूल के व्याख्याता अनिल शुक्ला ने सरिता तिवारी के सम्मान में स्वरचित कविता प्रस्तुत की समाजसेवी शैल दुबे ने कहा कि जगदलपुर में महिलाएं खेल जगत में बहुत आगे हैं सरिता तिवारी द्वारा एक साथ इतने मेडल जीतना बहुत बड़ी कामयाबी है, हलदर विसाई लेक्चर ने श्रीमती सरिता तिवारी के उल्लेखनीय जीवन पर प्रकाश डाला बताया बैडमिंटन मिक्स डबल टेबल टेनिस गोल फेंक मैं उत्कृष्ट प्रदर्शन शासकीय हाई स्कूल पनारा पारा में कार्य हिंदी के व्याख्याता श्वेता तिवारी ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया मैंने बैडमिंटन में एकल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल बैडमिंटन डबल में गोल्ड मिक्स डबल में गोल्ड मेडल जीतकर आई हैं साथ ही टेबल टेनिस में एकल गोल्ड मेडल डबल्स में सिल्वर मेडल और मिक्स डबल में सिल्वर मेडल जीतकर आई है। कार्यक्रम का संचालन नलिन शुक्ला ने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित जन भुनेश्वर दास रामनरेश पांडे, जिला अध्यक्ष अनिल सामंत राज नारायण आचार्य राजेश चंद्र दास नीलकंठ पांडे शेखर शर्मा,सुदीप पाल , मुकेश तिवारी नरेंद्र पानीग्राही, वेणु धर पानीग्राही, अरुण पाढी गिरजानंद मिश्र कृणाल चालीसगांवकर विमलेश दुबे उदय दुबे कृष्णा पानीग्राही प्रशांत पानीग्राही आत्माराम जोशी विकास जोशी गोविंद पानीग्राही सोम प्रकाश जोशी लोकेश पाणिग्राही आशु आचार्य अमर झा प्रखर तिवारी, कमलेश त्रिवेदी, राकेश त्रिपाठी सुभांग पाढी
दिशांत चक्रवर्ती,अमित मुखर्जी अनिंदय बागची संजय मुखर्जी भी उपस्थित थे,

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का राज्य सरकार को आरक्षण मामले में एक और झटका

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छत्तीसगढ़ सरकार को एक और झटका हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के बस्तर और सरगुजा संभाग के अलावा बिलासपुर संभाग के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कोरबा जिलों की सरकारी नौकरियों में स्थानीय निवासियों को 100% आरक्षण देने वाली अधिसूचना को किया रद्द ।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों-जिला पंचायत CEO को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने का दिया निर्देश

राज्य सरकार ने 4 सितंबर 2019 को एक अधिसूचना की थी जारी अनुसूचित क्षेत्रों के जिला संवर्ग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती को केवल स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया था. बाद में सरकार ने बिलासपुर संभाग के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही और कोरबा जिलों को भी इसमें जोड़ लिया गया था

विधायक कश्यप ने गांवों को दी 2. 35 करोड़ की सौगात

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  • नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी


जगदलपुर. नारायणपुर के विधायक एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने ग्राम कोंगरा व दण्डवन में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और जल्द से जल्द निदान कराने का आश्वासन लोगों को दिया।उन्होंने गांवों में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 2. 35 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी प्रदान की.
श्री कश्यप ने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास के बारे में चर्चा भी की। इस दौरान ग्रामीणों ने साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, पेंशन समेत अन्य समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं। विधायक ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान करा दिया। अन्य समस्याओं का समाधान शीघ्र कराने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।
विधायक चंदन कश्यप ने अनेक पंचायतों में विकास कार्यों की घोषणा की. उन्होंने 4 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनवाने के लिए करीब 37 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की. ये आंगनबाड़ी केंद्र भवन ग्राम पंचायत कोंदागांव, कौशलनार, ग्राम पंचायत गुडागांव तथा कोंगेरा में बनाए जाएंगे. प्रत्येक भवन के लिए 9.18 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं. विधायक श्री कश्यप ने कौशलनार में सीसी रोड निर्माण के लिए 19 लाख तथा कौशलनार में ही स्कूल के पास पुलिया निर्माण के लिए 12 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की. इस मौके पर जनपद सदस्य रौशनी नाग, सरपंच कोंगेरा गंगाय सलाम, शंकुतला, पूर्व सरपंच लहरसिंग, जिला अध्यक्ष श्यामबती नेताम, जिला सदस्य गंगादई शोरी, सरपंच जगनाथ कुमेटी, नारायणपुर शहरी अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, प्रदेश सचिव बोधन देवागंन, लालू कोर्राम, मनीष शोरी, दीपक गांधी, यशवंत चौहान, जशलाल पात्र, प्रतिम दास, मैहतर सिंग रैनू राम, सगन दास, सुदेन दास,ग्रामीणजन तथा कांग्रेस कार्यकर्त्ता मौजूद थे.

युवतियों की रोल मॉडल बनी हेमवती बस्तर की पहली महिला मोटर मैकेनिक हेमवती नाग से प्रेरित हो

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  • आगे आने लगी हैं कई युवतियां श्रमबिन्दु ने हेमवती की बेमिसाल ज़ज़्बे वाली दास्तां को लाया था सामने


अर्जुन झा.
जगदलपुर. 01 अक्टूबर। जहां चाह, वहां राह.. इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए ऑटो मैकेनिक के फील्ड में कदम रख जिंदगी के संघर्ष से जंग जीतने वाली हेमवती नाग अब बस्तर की युवतियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी है. उससे प्रेरित होकर अनेक युवतियों ने ऑटो मैकेनिक का पेशा अपनाने का फैसला किया है.

श्रमबिन्दु ने हेमवती की संघर्ष गाथा और उसके बेमिसाल जज्बे पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इससे पहले तक लगभग गुमनाम रही हेमवती को अब बस्तर ही नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ का भी हर शख्स जानने लगा है.
बस्तर के छोटे से गांव रेटावंड की निवासी तीन बच्चों की मां हेमवती नाग अपने पति के साथ रहती है। साधारण माताओं की तरह ही हेमवती भी सुबह उठकर बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजती है, घर का कामकाज निपटाती है और खेत में भी काम करती है। हेमवती की पहचान बस्तर की पहली महिला ऑटो मैकेनिक के रूप में स्थापित हो चुकी है। आठवीं तक की स्कूली शिक्षा लेने के बाद हेमवती का विवाह तुलेश्वर नाग के साथ हो गया। पेशे से ऑटो मैकेनिक तुलेश्वर छोटी सी ऑटो रिपेयरिंग शॉप चलाता है। गांव शहर से दूर होने की वजह से जब भी तुलेश्वर को सामान लेने शहर जाना होता था, तो उसे अपनी शॉप बंद करनी पड़ती थी। इस वजह से उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। ऐसे में हेमवती ने पति की मदद करने की ठान ली। पाना-पेंचिस उठाकर वह अपने पति से दोपहिया गाड़ी सुधारने की तकनीक सीखने लग गई। देखते ही देखते इस काम में हेमवती का हाथ सध गया। हेमवती हंसते हुए कहती है कि लड़का-लड़की में फर्क काहे का ? लड़कियां भी वो सब कर सकती हैं जो लड़के कर सकते हैं। मुझे और सीखना है और आगे बढ़ना है ताकि बस्तर की लड़कियां मुझसे प्रेरणा लेकर काम करें। साथ ही उसने यह भी कहा कि लड़कियां वो सब करें जो वो करना चाहती हैं। शिक्षा के प्रति भी हेमवती काफी जागरूक है। उसने अपनी बेटी पूजा का दाखिला स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल में कराया है। हेमवती की इच्छा है कि उसके बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करें. आज हेमवती पति के साथ मिलकर अपनी ऑटो मैकेनिक की दुकान में काम करती है। पति की अनुपस्थिति में हेमवती अकेले दुकान का काम निपटा लेती है. दुकान पर किसी अन्य को काम पर रखने के झंझट से भी उसे छुटकारा मिल गया है।
हेमवती नाग की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास उसे औरों से अलग बनाती है। यही वजह है कि आज वह अन्य महिलाओं और युवतियों के लिए प्रेरणा बनकर उभर चुकी है। हेमवती की कहानी सामने आने के बाद बस्तर की अनेक युवतियों ने ऑटो रिपेयरिंग के फील्ड में कदम रखकर स्वावलम्बी बनने की इच्छा जताई है. इन युवतियों का कहना है कि अभी हमारा नाम मत छापना. जब हम भी हेमवती की तरह कामयाब हो जाएंगी, तब जरूर फोटो के साथ हमारा भी इंटरव्यू छापना.
सरकार कब बनाएगी आइकन? हेमवती को बस्तर की युवतियों ने तो अपना रोल मॉडल और आइकन मान लिया है. युवक – युवतियों और महिलाओं को केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार तथा छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार स्वावलंबन का पाठ खूब पढ़ाती हैं. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने तो उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान ‘ लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा दिया था, जो पूरे देश में बेहद चर्चित हुआ था. यह नारा नारी शक्ति को खूब पसंद भी आया था, मगर दुख की बात है कि स्वावलंबन की प्रतिमूर्ति के तौर पर स्थापित हो चुकी हेमवती नाग को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जरा भी अहमियत देती नज़र नहीं आ रही है. फ़िल्मी हस्तियों और बड़ी शख्सियतों को नेशन तथा स्टेट आइकन और ब्रांड एम्बेसेडर बनाकर उनके पीछे लाखों रुपए फूंकने वाली सरकारें आखिर कब रियल लाइफ की आईकन हेमवती नाग को अपना ब्रांड एम्बेसडर और आइकन मानकर जनता के सामने पेश करेंगी?
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