- बस्तर विश्वविद्यालय में विज्ञापन के बाद भुल गया प्रबंधनजगदलपुर बस्तर विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य बस्तरवासियों को उच्च शिक्षित करना है लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन कितनी गंभीर है कि विज्ञापन में सब्ज- बाग दिखाकर बच्चों का एडमिशन ले लिया है किंतु वह ना कक्षा की व्यवस्था की है ना प्राध्यापकों की नियुक्ति किया गया है।
बस्तर विश्वविद्यालय जोकि शहीद महेंद्र कर्मा विश्व विद्यालय के नाम पर संचालित है यह विश्वविद्यालय जगदलपुर के घरमपूरा में हैं।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत् शैक्षणिक सत्र 2024-25 सिधी भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया। युजी व पीजी विषयों में प्रवेश हेतु सैकड़ों छात्रों ने आवेदन किया जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 ते की गई थी और वह मियाद पूरी हो गई है और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों की लिस्ट भी जारी कर दी है ,जिसमें से कई छात्रों का एडमिशन हो गया लगभग 30 विषयों के लिए एडमिशन हुआ है। विश्वविद्यालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीचे वर्णित इन विषयों रूलर टेक्नोलॉजी, एमएसडब्ल्यू,एमसीए, पीजीडीसीए,एन्थ्रोपोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, बीइड, इंग्लिश व राजनीतिक शास्त्र जैसे विषय को छोड़कर किसी भी अन्य विषय के लिए प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गई है ना ही छात्रों के लिए कक्षा आवंटित है। महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में नव प्रवेशित छात्र इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर है। विश्वविद्यालय के विज्ञापन के अनुसार छात्रों के लिए हॉस्टल एवं अन्य सुविधाएं जैसे प्रैक्टिकल कक्ष तथा तथा कई और सुविधाएं भी मौजूद होने का वादा किया गया है।
दर्जनों क्लासेज में एडमिशन लेकिन कक्षा रुम का पता ना शिक्षकों का
राजनीति की मकड़जाल में नगर निगम की राजनीति
- सामान्य सभा नहीं होने से जनहित कार्य प्रभावितजगदलपुर संभाग मुख्यालय बस्तर के सबसे बड़े नगरीय निकाय जगदलपुर में महापौर सफीरा साहू ना बजट पेश कर पा रही हैं ना सभापति कविता साहू सामान्य सभा क्योंकि अब दोनों के बीच पटरी नहीं बैठ रही है जिसके कारण अब जनहित के कार्य प्रभावित हो रहें हैं जिससे आगामी चुनाव में पार्षदों को बड़ी परेशानी हो सकती है। नगर निगम के पूर्व सभापति अब्दुल रशीद ने मोर्चा खोल दिया है तथा सभापति कविता साहू को सबसे ज्यादा जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
11 मार्च 2024 को सामान्य सभा का आयोजन गया था ,कांग्रेस की महापौर सफीरा साहू आम बजट पेश करने वाली थी लेकिन निगम अध्यक्ष कविता साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए वोटिंग की तारीख भी तय तो गई लेकिन उसकी कुर्सी बच गई और उस दिन आम बजट पेश नहीं हो पाई । नगरीय निकाय की राजनीति में ऐसा घटनाक्रम घटा कि कांग्रेस पार्टी की महापौर सफीरा साहू ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और वह दिन है और आज का दिन है कि निगम में कोई बैठक नहीं हो रही है जिसके कारण जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रहा है और कोई प्रस्ताव पास नहीं किया जा रहा है।
पूर्व सभापति अब्दुल रशीद ने अब सभापति कविता साहू के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मोर्चा खोल दिया है और पूर्व सभापति रसीद का कहना है कि सामान्य सभा की बैठक आहुत करने का अधिकार सभापति कविता साहू के पास हैं लेकिन वह महापौर सफीरा साहू पर दोषारोपण कर रही है कि मेयर इन काउंसिल के प्रस्ताव नहीं भेज रही है जबकि सामान्य सभा के पास मेयर इन काउंसिल के अलावे भी कई प्रस्ताव विभिन्न विभागों के माध्यम से आते हैं जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य कई पेंशन योजनाएं लंबित है जोकि अटके पड़े हैं।
गौ के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा की साय सरकार गोवंश के साथ कर रही अत्याचार: विक्रम मंडावी
- गौवंश को बचाने कांग्रेस ने बीजापुर में किया प्रदर्शन
- गौवंश का करें संरक्षण वरना होगा उग्र आंदोलन
बीजापुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिला मुख्यालय बीजापुर गौ-सत्याग्रह किया और प्रदेशभर में आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग प्रदेश की भाजपा सरकार से की। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि गौमाता के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा की विष्णु देव सरकार ने छत्तीसगढ़ में गौमाता को बेसहारा छोड़ दिया है, पूर्ववर्ती हमारी कांग्रेस सरकार की बेहतरीन गोठान एवं गो धन न्याय योजना को बंद कर भाजपा सरकार ने गौमाता के साथ ही पशु पालकों, चरवाहों और महिला स्व सहायता समूहों के साथ बड़ा अन्याय किया है।

उपस्थित लोगों को कांग्रेस नेताओं ने संबोधित करते हुए एक सुर में कहा कि भूपेश बघेल की सरकार में प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में गौठानों की शुरुआत की गई थी जहां पर गौवंश के संरक्षण के लिए और उनके पोषण के लिए पर्याप्त सुविधाएं सरकार दिया करती थी गौठानों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पीने के लिए शुद्ध पानी और रहने के लिए शेड का निर्माण किया गया था। इससे आवारा पशुओं की समस्या से आम जनता और किसानों को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन भाजपा सरकार ने बिना किसी आदेश के गौठानों को बंद कर दिया जिससे प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या बढ़ गई आए दिन दुर्घटनाओं में पशु मारे जा रहे है, आवारा पशु भोजन की तलाश में खेतों में घुस रहे है जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने सभा में कहा कि गोधन न्याय योजना के बंद होने से गोबर बेचकर आय अर्जित करने वालों के जीवन में भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। भाजपा सरकार ने उनके हाथ से आय का जरिया छीन लिया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा के लोग गाय पर बड़ी बड़ी भाषण करते हैं |

बड़े बड़े ज्ञान देते है पर जब गौ-माता की सेवा करने की बारी आती है तो गायों को आवारा छोड़ देते है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में गायों की मौते हो रही है। बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने पिछले पांच वर्षों में पशु-धन के विकास और उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए क्रांतिकारी कार्य किए थे उनमें से एक गौठान है जहां पर पशुओं को रहने के लिए शेड, चारा और पीने के शुद्ध पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। इसी के साथ गोधन न्याय योजना की भी शुरुआत की गई जहां पर पशु पालक गोबर और गौ-मूत्र बेचकर आय अर्जित करते थे और पशु पालकों को अच्छी आमदनी अर्जित होने के साथ ही पशुपालकों को रोजगार भी मिलता था। भाजपा की सरकार ने बिना किसी आदेश के गौठानों को बंद कर दिया जिससे पशुओं की देखभाल नहीं हो पा रही है पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा है और उनके रहने के लिए कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिससे आवारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है और पशुओं की सड़क दुर्घटनाओं में मौते हो रही है, किसानों के फसल बर्बाद हो रही है। इसलिए प्रदेश की भाजपा सरकार आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवारा पशुओं की समुचित व्यवस्था करे, अन्यथा आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी गौवंश के संरक्षण को लेकर उग्र आंदोलन करेगी। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी भाजपा सरकार की होगी। गौसत्याग्रह कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमति नीना रावतिया उद्दे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य बसन्त राव ताटी, जिला पंचायत सदस्य सोमारू राम, जनपद अध्यक्ष भैरमगढ़ दशरथ कुंजाम, जनपद अध्यक्ष उसूर कु अनिता तेलम, जनपद उपाध्यक्ष सोनू पोटाम,नगर पालिका अध्यक्ष बेनहुर रावतिया, नगर पालिका उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लुर, नगर पंचायत अध्यक्ष रिंकी कोरम, भोपालपटनम ब्लाक अध्यक्ष रमेश पामभोई, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री जितेंद्र हेमला, पार्षद प्रवीण डोंगरे, पार्षद लक्ष्मण कड़ती, पार्षद नगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता, श्यामू गुप्ता, जिला कांग्रेस कमेटी कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम खत्री के अलावा कांग्रेस, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनसयूआई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मैं आप लोगों को मंझधार में छोडूंगा नहीं….. शायद यही कहने पूवर्ती और पालनार गए थे गृहमंत्री विजय शर्मा
- शर्मा ने बढ़ाया ग्रामीणों और जवानों का हौसला
-अर्जुन झा-
जगदलपुर चाहे कितना भी बड़ा तूफान आ जाए, आसमान छूती लहरें क्यों न उठें, कश्ती मैंने उतार दी है समंदर में, अब लौटने वाला नहीं मैं। कुछ इसी जज्बे के साथ अपना दायित्व निभा रहे हैं छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा। दाद देनी होगी विज्जू भैया के हौसले को कि वे बिना अपनी जान की परवाह किए जब तब नक्सलियों की मांद में घुस जाते हैं। एक मासूम छात्र को नक्सलियों द्वारा मौत की नींद सुला दी जाने की खबर आते है गृहमंत्री विजय शर्मा जा धमके कुख्यात नक्सली लीडर हिड़मा के गांव पूवर्ती और पालनार।
कल ही जगदलपुर में तिरंगा फहराकर लौटे गृहमंत्री विजय शर्मा आज पूवर्ती और पालनार गांव पहुंच गए।गृहमंत्री विजय शर्मा के पूवर्ती और पालनार जाने का उद्देश्य भी यही है

कि चाहे मेरे साथ कुछ भी हो जाए, मैं अपने लोगों का हौसला टूटने नहीं दूंगा, उन्हें बेसहारा नहीं छोडूंगा, बस्तर का विकास रोकने वाले वाले नक्सलियों और उनके लीडर हिड़मा की जन्मभूमि पूवर्ती के विकास का जो बीड़ा मैंने उठा रखा है, उसे अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लूंगा। पूवर्ती को नक्सलियों की नर्सरी के नाम से भी जाना जाता है। इस गांव से अनेक नक्सली पैदा हुए हैं। उनमें हिड़मा एक बड़ा नाम है। दर्जनों संगीन वरदातों में शामिल हिड़मा छत्तीसगढ़ पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में है। महाराष्ट्र और तेलंगाना पुलिस को भी उसकी तलाश है। हिड़मा के गृहग्राम पूवर्ती में नक्सली विभिन्न फसलों की खेती भी करते हैं। गृहमंत्री विजय शर्मालगातार इस गांव के संपर्क में रहते हैं। पिछली दफे जब वे पूवर्ती पहुंचे थे तब उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि पूवर्ती का विकास भी छत्तीसगढ़ के अन्य गांवों की तरह ही होगा। यहां भी सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। पूवर्ती में गृहमंत्री विजय शर्मा के कदम पड़ने और सुरक्षा बलों का कैंप स्थापित होने के बाद से वहां विकास की आमद शुरू हो गई है। कैंप में ग्रामीणों का छिटपुट इलाज किया जाता है, फोर्स के जवान गांव के बच्चों की पढ़ाई में मदद करते हैं, गांव की जरूरतों को यथा संभव पूरा करते हैं। इससे ग्रामीणों के मन में शासन, प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास बढ़ता चला जा रहा है। गांव का विकास और लोगों का शासन, प्रशासन, पुलिस, फोर्स की ओर बढ़ता झुकाव नक्सलियों को रास नहीं आ रहा है। इस बौखलाहट में वे निरीह ग्रामीणों की हत्या करने लगे हैं। दो दिन पहले नक्सलियों ने सोलह साल के एक निरीह आदिवासी छात्र की निर्मम हत्या कर दी थी। इसके पहले नक्सलियों ने इसी छात्र के बड़े भाई को मार डाला था। खबर मिलते ही गृहमंत्री विजय शर्मा आज शुक्रवार को पुनः पूवर्ती और पालनार पहुंच गए। मृत छात्र पालनार में अपनी चाची के घर में रहकर पढ़ाई कर रहा था।पूवर्ती में आज गृहमंत्री विजय शर्मा ने कैंप में सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया। वे गांव में भी पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। श्री शर्मा ने पूवर्ती के ग्रामीणों से कहा कि चाहे कितना भी बड़ा तूफान क्यों न आ जाए, मैं आप लोगों को मंझधार में कदापि नहीं छोडूंगा, गांव के विकास का जो बीड़ा मैंने उठाया है, उसे साकार करके ही दम लूंगा। गृहमंत्री की इन बातों से ग्रामीणों का बड़ा संबल मिला है। मासूम छात्र की हत्या से गृहमंत्री विजय शर्मा काफी व्यथित नजर आए, एक किशोर बेटे की हत्या का क्षोभ उनकी आंखों से साफ झलक रहा था। इस दौरान बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी., सुकमा के कलेक्टर और एसपी भी मौजूद थे।
बस्तर के 42 पर्यटन स्थलों को चार रंगों में समेटा कलेक्टर ने विजय दयाराम के. ने
- उप मुख्यमंत्री ने ’’द बस्तर मड़ई’’ का लोगो और थीम म्यूजिक का किया विमोचन
जगदलपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अपने बस्तर प्रवास के दौरान जिला प्रशासन द्वारा बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु तैयार की गई ’’द बस्तर मड़ई’’ के लोगो, बस्तर टूरिस्ट सर्किट मैप और थीम म्यूजिक का विमोचन किया।
सर्किट हाउस में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा को बताया कि लगभग 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा के दौरान विभिन्न पूजा विधान के अंतराल को देखते हुए दशहरा के साथ- साथ बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों, एडवेंचरस स्पॉट एवं सांस्कृतिक स्थलों से पर्यटकों को अवगत कराने के लिए प्रशासन द्वारा ’’द बस्तर मड़ई’’ का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया है। इससे बस्तर में पर्यटकों को अन्य स्थलों पर घूमने का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि द बस्तर मड़ई में नीले रंग में बस्तर के जल से संबंधित पर्यटन स्थल, हरे रंग में जंगल से संबंधित स्थल, भूरे रंग में गुफा और पुरातव स्थल, पीले रंग में आदिवासी संस्कृति, बस्तर के हाट-बाजार और लाल रंग में बस्तर दशहरा को प्रदर्शित किया गया है।

बस्तर टूरिस्ट सर्किट मैप में चार रंगों में 42 पर्यटन स्थलों की जानकारी तथा स्थल की संक्षिप्त विवरण के साथ रूट की जानकारी और बस्तर जिला में पहुंचने के लिए रेल, सड़क, वायुमार्ग की जानकारी दी गई है। पहले बस्तर के प्रसिद्ध दशहरा, चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कुटूमसर गुफा को देखने आते थे। बस्तर के इन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के साथ ही बस्तर में विद्यमान अन्य पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को भी दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस कार्ययोजना में काम करने वाले युवाओं से भी मुलाकात की और युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बस्तर को पर्यटन क्षेत्र में विशेष स्थान दिलाने के लिए आमूलचूल बदलाव लाएंगे। बस्तर मड़ई विमोचन के अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
क्यों खास है द बस्तर मड़ई
मड़ई में बस्तर की परंपरा और संस्कृति को एक आधुनिक समागम के साथ अनुभव किया जा सकता है। इसमें विविध सांस्कृतिक आयाम, सामुदायिक सहभागिता और बस्तर की धरोहर क्षेत्र को पर्यटकों के मन में जीवंत दृश्य स्थापना की कोशिश है। बस्तर अंचल की नैसर्गिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति, प्रचुर खनिज एवं वनोपज संपदा के साथ ही ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करने सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के दौरान पर्यटकों को बस्तर को करीब से देखने-समझने एवं बूझने का अवसर प्रदान करने हेतु बस्तर मड़ई कॉन्सेप्ट तैयार किया गया है।
फर्जी मामले में गिरफ्तार पत्रकारों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, किया राज्य सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन
- बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने खोला मोर्चा
जगदलपुर बस्तर के चार वरिष्ठ पत्रकारों को आंध्रप्रदेश पुलिस द्वारा फर्ज़ी मामला बनाकर चिंतूर में गिरफ्तार कर तीन दिनों से बंधक बनाकर रखे जाने के विरोध में आज जगदलपुर में राजीव भवन के समीप कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया एवं छत्तीसगढ़ तथा आंध्रप्रदेश सरकार की आलोचना की और गिरफ्तार पत्रकारों को तत्काल रिहा करने की मांग की।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया था। विष्णु देव साय सरकार में पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। पत्रकार सुरक्षा कानून की धज्जियां सरकार उड़ा रही है। सुशील मौर्य ने कहा हम छत्तीसगढ़ सरकार से गृहमंत्री से मांग करते हैं इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर बस्तर के चारों पत्रकारों को सकुशल वापस लाएं और प्रदेश के पत्रकारों के प्रति जो व्यवहार सरकार बनाए बैठी है उसे तत्काल बदले। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि कोंटा के छत्तीसगढ़ आंध्रप्रदेश सीमा में अंतर्राज्यीय रेत माफियाओं की भ्रष्टाचार को उजागर करने गए बस्तर के चार पत्रकारों बाप्पी राय, निशू त्रिवेदी, महेंद्र सिंह और धर्मेंद्र सिंह को इस तरह गिरफ्तार करना बहुत ही निंदनीय है।मुख्यमंत्री साय की सरकार में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं है। फर्ज़ी मामला बनाकर आंध्रप्रदेश की पुलिस द्वारा यह कृत्य अति निंदनीय है। श्री जैन ने कहा कि सरकार के गृहमंत्री को तत्काल संज्ञान लेते हुए पत्रकारों की रिहाई कर घर वापसी करवानी चाहिए। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने कहा पत्रकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन्हें दी गई वही पत्रकारों के भक्षक बनते दिख रहे हैं। छत्तीसगढ़ आंध्रप्रदेश सीमा में कोंटा इलाके से अंतर्राज्यीय रेत माफियाओं की कारगुजारियों को उजागर करने गए बस्तर के चार पत्रकारों की गाड़ी में 40 किलो गांजा रखकर जिस प्रकार से दुर्भावनापूर्ण रवैया दिखाते हुए आंध्रप्रदेश की पुलिस के द्वारा फर्ज़ी मामला बनाकर आंध्रप्रदेश के चिंतुर थाने में गिरफ्तार कर तीन दिनों से पकड़ कर रखा है। एवं बात यह भी निकल कर सामने आ रही है कि कोन्टा पुलिस के साथ इन पत्रकारों की तू-तू-मैं-मैं भी हुई थी जिसके बाद षड़यंत्रपूर्वक यह कार्यवाही की गई है। प्रदर्शन में पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी सतपाल शर्मा, असीम सूता, जाहिद हुसैन, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अजय बिसाई, शादाब अहमद, तरणजीत सिंह, उस्मान रज़ा, पार्षद ललिता राव, पार्षद सुनीता सिंह, नीला नाग सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।
नक्सलियों ने मार डाला अपने ही साथी कमांडर मनीष को
- मनीष पर था पुलिस की मुखबिरी करने का शक
- दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी सचिव गंगा ने किया खुलासा
जगदलपुर नक्सली किसी के सगे नहीं होते। शक हो जाए, तो वे अपनों के ही खून के प्यासे हो उठते हैं। यह शक अब तक सैकड़ों बेकसूरों की जान ले चुका है। नक्सली ज्यादातर आदिवासियों की ही जान लेते आ रहे हैं। अब बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर अपने ही साथी की हत्या कर दी है। नक्सलियों ने अपनी पश्चिम बस्तर डिवीजन एरिया कमेटी के इंचार्ज कुरसम मनीष उर्फ़ राजू की हत्या कर दी है। मनीष की हत्या की जिम्मेदारी पीएलजीए ने ली है।
नक्सलियों ने नक्सली कमांडर मनीष पर पुलिस के इंटेलिजेंस ऑफिसर्स को संगठन की गोपनीय जानकारी देने का आरोप लगाया है। 13 अगस्त को नक्सलियों के पीएलजीए ने नक्सली कमांडर मनीष कुरसम की हत्या हत्या कर दी थी। नक्सलियों की दक्षिण बस्तर डिवीज़नल कमेटी सचिव गंगा ने प्रेस नोट जारी इसका खुलासा किया है। मिली जानकारी अनुसार नक्सली कमांडर मनीष कुरसम बासागुड़ा क्षेत्र के एरिया में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। नक्सलियों द्वारा मुखबिरी करने के शक में मनीष को मौत के घाट उतारा गया है। मनीष कुरसम उर्फ राजू के बारे में बताया गया है कि वह गंगालूर थाना अंतर्गत ग्राम सावनार का निवासी था।
डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में मनाया गया 78वां स्वतंत्रता दिवस
- विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
जगदलपुर डीएव्ही स्कूल उलनार में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। विकसित भारत की ओर अग्रसर होते हुए विद्यार्थियों द्वारा गांव में हर घर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करते और भारत माता के जयकारे लगाते हुए प्रभात फेरी निकाली गई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समक्ष दीप प्रज्वलन, तिलक के साथ हुई तत्पश्चात स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा प्राचार्य मनोज शंकर एवं नागरिकों द्वारा फहराया गया। राष्ट्रगान जन गण मन के साथ देश ध्वज तिरंगे को सलामी दी गई और जयकारे लगाए गए। प्राचार्य एवं अतिथियों ने परेड व मार्चपास्ट निरीक्षण किया।मार्च पास्ट विद्यालय में दयानंद, हंसराज, श्रद्धानंद, विरजानंद समूह के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। परेड कमांडर उपेंद्र सेठिया, दयानंद हाउस कमांडर अविनाश पंत, हंसराज हाउस कमांडर रितेश पुजारी, श्रद्धानंद हाउस कमांडर प्रसंग विमल बघेल, विरजानंद हाउस कमांडर राज आचार्य के समूहों द्वारा मार्च पास्ट करते हुए तिरंगे झंडे को सलामी दी गई। मार्च पास्ट, परेड शारीरिक व खेल शिक्षिका विजय लक्ष्मी साहू के निर्देशन में की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी राजेश यादव एवं देवसिंह नेताम ने मंच संचालन किया। इस दौरान देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियों की बौछार एवं कुशल संचालन ने अतिथियों एवं दर्शकों को आकर्षित किया।

कार्यक्रम में प्राचार्य मनोज शंकर ने सभा को संबोधित करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए न्यौछावर हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की स्वतंत्रता के ऊपर चर्चा की।शिक्षिका श्रीमती श्रेजल विष्णु ने भी देश की आजादी में वक्तव्य प्रस्तुत किए।छात्र लीना जोशी व छात्र योगेश पाणिग्राही कक्षा 9वी द्वारा भाषण दिया गया। शिक्षिका पूर्वाषा खरे,श्रीमती किरण आचार्य, सीता दास के निर्देशन में कक्षा एलकेजी से क्लास 2 तक के बच्चे भारत माता, लक्ष्मीबाई, सैनिक, नेता की वेशभूषा धारण कर मंच पर उतरे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न समूह नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्राथमिक स्तर से देशभक्ति गीत कहते हैं हम प्यार से इंडिया वाले पर बच्चों ने शिक्षिका सुषमा डे, सुमन देवांगन, दीपिका यादव के निर्देशन में छटा बिखेरी। माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों द्वारा बस्तर अंचल देवताओं का स्मरण करते हुए पारंपरिक नृत्य सेवा जोहार की प्रस्तुति उर्मिला ठाकुर, वंदना बघेल, ऋचा देवांगन के निर्देशन में दी। उच्च स्तर से आरंभ है प्रचंड और आयो रे शुभ दिन आयो लेकर की प्रस्तुति सुगंधा, कृति रथ, प्रिया यालम के निर्देशन में दी द्वारा गई। मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकदीर्घा से तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। संगीत शिक्षक कृष्णकांत बर्मन के निर्देशन में प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च स्तर के विद्यार्थियों के गीतों के माध्यम से देशभक्ति की भावना पूरे विद्यालय में भर गई। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा का समूह गान किया गया।शिक्षिका कृति रथ ने आभार प्रदर्शन किया। आयोजन में विद्यार्थियों, शिक्षिका काजल कश्यप, हर्षा सिंह, संजुक्ता सेठिया, वर्तिका पटेल, विद्यालय के कर्मचारी पदमन, हेमराज, बलराम, दीपक, कृष्णा मेघवती ने उत्साह के साथ योगदान दिया। प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, पालक एवं गांव के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सर्विस रायफल से चली गोली सीने में लगी, हेड कांस्टेबल की मौत
- भैरमगढ़ थाना की घटना, इसी थाने में था तैनात
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ थाना परिसर में प्रधान आरक्षक सोनू हपका की गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सर्विस रायफल की सफाई के दौरान गोली चल गई और गोली सीधे सोनू के सीने में जा लगी।
मिली जानकारी अनुसार प्रधान आरक्षक सोनू हपका सुबह अपनी सर्विस रायफल को साफ करते समय अचानक गोली चली जिससे उसकी मौत हो गई। जवान को घायल अवस्था में भैरमगढ़ अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हुई। घटना 16 अगस्त को सुबह 9 बजे की है। प्रधान आरक्षक सोनू हपका भैरमगढ़ थाने में पदस्थ था। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि की है। हेड कांस्टेबल सोनू हपका अवकाश पर था और 15 अगस्त को ही उसने पुनः ड्यूटी ज्वाइन की थी आज 16 अगस्त को आरओपी ड्यूटी के लिए रायफल इश्यू कराने के बाद सोनू हपका रायफल की सफाई करने थाने के पीछे मेस की तरफ गया था। माना जा रहा है कि सफाई के दौरान असावधानी वश गोली चल गई होगी जिससे उसकी मृत्यु हो गई। गोली सोनू हपका के सीने में लगी थी।
की वजह से संकट में आदिवासियों का अस्तित्व, सांसद महेश कश्यप और समाज के लोग हैं चिंतित
- लगातार घटती जा रही है है जनजाति की आबादी
- धर्म, परंपराओं और संस्कृति का भी पराभव
-अर्जुन झा-
बकावंड आदिम जनजाति में शुमार आदिवासियों की आबादी लगातार घटती जा रही है। इसी के साथ आदिम संस्कृति, धर्म और परंपराओं का भी तेजी से पराभव होता जा रहा है। गांवों में देवगुड़ी व मातागुड़ी की की संख्या कम हो रही है और प्रार्थना घरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसे लेकर आदिवासी समाज के लोग तथा बस्तर के सांसद महेश कश्यप चिंतित हैं। बकावंड में बीते दिनों आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में भी आदिवासियों की घटती जनसंख्या पर मंथन चिंतन किया गया था।

आदिवासियों की घटती आबादी के मूल में जन्म दर या मृत्यु दर उतने बड़े कारक नहीं हैं, जितना बड़ा कारक धर्मान्तरण है। आदिवासियों की आबादी का क्षरण सिर्फ बस्तर संभाग में हो रहा है, बल्कि अन्य जिलों में भी तेजी से हो रहा है। चिंता वाली बात तो यह है कि विशेष संरक्षित पहाड़ी कोरवा, कमार और बैगा जनजाति की भी जनसंख्या लगातार घट रही है। कुछ तथाकथित शोधों और सर्वेक्षणों के हवाले से कहा जाता है कि आदिवासियों में मृत्यु दर ज्यादा है और जन्म दर कम। प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत बढ़ने के कारण आदिवासियों की संख्या घट रही है। मगर हमारे जमीनी सर्वेक्षण में जो तथ्य उभर कर आए हैं, वे बेहद चौकाने वाले हैं। आज सुदूर गांवों की भी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों ले जाया जाने लगा है। इलाज के लिए भी लोग बैगा गुनिया के पास कम और अस्पतालों में ज्यादा जाने लगे हैं। स्वास्थ्य केंद्र भी ग्रामीणों की पहुंच के करीब स्थापित हो गए हैं। ऐसे में जन्म दर, मृत्यु दर वाली दलील की हवा खुद निकल जाती है। दरअसल मूल वजह जो सामने आई है, वह है धर्मान्तरण। बस्तर संभाग के सभी जिलों के साथ ही ऊपर लिखे तमाम जिलों में भी एक समुदाय विशेष का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। यह समुदाय चमत्कारों और प्रार्थना से हर मर्ज को दूर करने का आडंबर करके आदिवासियों को प्रभावित करने और उन्हें अपने धर्म में शामिल करने में लगातार कामयाब होता जा रहा है। आदिवासी तो भोले भाले होते ही हैं, वे जल्द ही ऐसे भ्रमजाल में उलझ जाते हैं। धर्म परिवर्तन कराने के बाद आदिवासियों को उनके मूल धर्म से पूरी तरह विमुख होने के लिए बाध्य कर दिया जाता है। उन्हें उनकी परंपराओं और संस्कारों, जो उनकी मूल पहचान है, उनसे भी दूर कर दिया जाता है। जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत जिन देवी देवताओं की आदिवसी पूजा करते हैं, उन देवी देवताओं की प्रतिमाएं और तस्वीरें तक उनके घरों से हटवा दी जाती हैं, महिलाओं के बिंदी लगाने, मांग में सिंदूर भरने और चूड़ियां पहनने तक पर भी पाबंदी लगा दी जाती है। आदिवासी और अन्य हिंदू समाज में शवों का दाह संस्कार किया जाता है, मगर धर्मान्तरित आदिवासी के शव को दफनाना पड़ता है। इसे लेकर बस्तर में कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है।
गांव -गांव में प्रार्थना घर
बस्तर संभाग के अधिकतर गांवों में प्रार्थना घरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। लोगों के देवगुड़ी और मातागुड़ी में जाकर पूजा करने का चलन कम होता जा रहा है। हर रविवार को इन प्रार्थना घरों में प्रार्थना के नाम पर चमत्कारों, चंगाई सभा का नाटक चलता है। इसे देख और भी लोग इस समुदाय विशेष से जुड़ते चले जाते हैं। लोगों को भरोसा दिलाया जाता है कि प्रभु के चमत्कार से हर रोग दूर हो जाता है, हर बाधा टल जाती है। कई स्थानों पर सेवा की आड़ में भी धर्मान्तरण कराया जा रहा है।
धर्मान्तरण ही मुख्य वजह: महेश
गत दिवस बकावंड में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भी आदिवासी समाज के प्रमुखों ने आदिवासियों की घटती आबादी पर चिंता जताई थी। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप भी बकावंड आए थे। इस दौरान उन्होंने नई दुनिया से चर्चा में आदिवासी समुदाय की घटती जनसंख्या के लिए धर्मान्तरण को ही जिम्मेदार माना है। श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर संभाग में आदिवासी तेजी से धर्मान्तरित किए जा रहे है। पिछले कांग्रेस शासनकाल में इसे बढ़ावा मिलता रहा। धर्मान्तरण हमारे आदिवासी समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है। समाज की युवा पीढ़ी और बड़े बुजुर्गों को इस ओर ध्यान देना होगा, अन्यथा हम भी जल्द ही अल्पसंख्यक हो जाएंगे। सांसद महेश कश्यप ने धर्मान्तरण पर रोक के लिए शासन स्तर पर भी पहल पर जोर दिया।


