रायपुर 02 जुलाई 2021/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में अध्यक्ष ईश्वर नाथ खम्बारी के नेतृत्व में आए 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात कर उन्हें बस्तर गोंचा महापर्व-2021 में शामिल होने आमंत्रण पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को भगवान को सलामी देने के लिए बजाया जाने वाला बस्तर का पारम्परिक वाद्य तुपकी और पेंग भेंट किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारम्परिक अंदाज में तुपकी वाद्य में स्थानीय तौर पर पेंग कहलाने वाले मलकांगिनी बेल के बीज को भरकर कर इसे बजाया और बस्तर गोंचा महापर्व में आने का न्यौता सहर्ष स्वीकार किया। खम्बारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि 614 वर्षों से मनाए जा रहे इस गौरवशाली महापर्व का आयोजन इस वर्ष भी 24 जून से 20 जुलाई तक किया जा रहा है। श्री गोंचा रथ यात्रा का शुभारंभ 12 जुलाई को किया जाएगा। मुख्यमंत्री बघेल ने बस्तर गोंचा महापर्व के आयोजन हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, क्रेडा अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार और 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज से सर्व हेमन्त कुमार पांडेय, मीनकेतन पाणिग्रही, दिलेश्वर पांडेय, मोहन पाणिग्रही, नरेंद्र पाणिग्रही, बनमाली पाणिग्रही, रामानुज आचार्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्राकृतिक आपदा में मृत व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मिल रहा है सहायता राशि इस मामले में हमारी सरकार संवेदनशील – रेखचंद जैन
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने आज विधायक कार्यालय में प्रेमचंद प्रसाद पिता भुवनेश्वर निवासी अघनपुर जिनकी पत्नी की मृत्यु जलने की वजह से हो गई थी उन्हें 4 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की इसी तरह अनन्त राम नाग पिता जयदेव नाग निवासी सूर्यगुडा कुरंदी जिनके पुत्र की मृत्यु पानी में डूबने से हो गई थी उन्हें 4 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की |
उक्त राशि प्राकृतिक आपदा मद R B C 6-4 ( जनहानि ) मद से प्रदान की गई |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की पहले जहां प्राकृतिक आपदा में मृत व्यक्तियों के परिजनों को सहायता राशि प्रदान करने में प्रक्रिया में ही वर्षों लग जाते थे वहीं अब हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की संवेदनशीलता से तीन से चार महीने में ही सारी प्रक्रिया पूरी कर हितग्राहियों को आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान कर दिया जा रहा है विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने इस संवेदनशीलता के लिए प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल जी का आभार व्यक्त किया |
इस अवसर पर दोनों हितग्राहियों के परिवार ने विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का आभार व्यक्त करते हुए कहा की हमारे परिजनों की प्राकृतिक आपदा में मृत होने पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने जिस तत्परता से कार्रवाई करवा कर हमें सहायता राशि प्रदान की है हम उनका आभार व्यक्त करते हैं |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमु उपाध्याय, हरिशंकर सिंह, वरिष्ठ नेता राजू शर्मा, विजय सिंह, एवं कुलदीप भदौरिया उपस्थित रहे |
➡️ अपराध अनुसंधान में तकनीकि साक्ष्यों के माध्यम से कार्यवाही करने हेतु दिया गया निर्देश।
➡️ निगरानी एवं गुण्डा तत्व के व्यक्तियों पर निगरानी कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए।
➡️ नशाखोरी, शराब सेवन आदि संदेहास्पद जगहों पर बेहतर ढंग से कार्य किया जाए।
➡️ शहर के लोगों से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करने पर जोर।
➡️ उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को किया गया सम्मानित
आज जगदलपुर पुलिस को-आर्डिनेशन सेन्टर स्थित मावा-आलसना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक झा एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के द्वारा वार्ड पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक लिया गया। समीक्षा बैठक में वार्ड अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपराध अनुसंधान में तकनीकि साक्ष्यों पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देश दिया गया है। साथ ही शहर के लोगों से समन्वय स्थापित कर पारदर्शिता पूर्ण कार्यवाही हेतु अवगत कराया गया है। साथ ही पुलिस अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक भ्रमण कर नागरिकों की समस्याओं को समाधान करने का यथासंभव प्रयास करने हेतु निर्देश दिया गया है। को निगरानी एवं गुण्डा तत्व के व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु निगरानी रखकर कार्यवाही करने, इसके अलावा शहर में शराब सेवन, नशाखोरी एवं मादक पदार्थो के परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही करने निर्देशित किया है एवं बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वार्ड पुलिस अधिकारियों जिनमें प्र0आर0 उमेश चंदेल, लवन पानीग्राही एवं आर0 भूपेन्द्र नेताम, बबलू ठाकुर, रवि ठाकुर, भीमसिंह मंडावी, अशोक खाखा, रवि सरदार, सोनू बढ़ई, गिरधर कुंजाम, चंदन गोयल, दीपक कुमार एवं शिव कुमार यादव को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया है। ज्ञात हो कि वार्ड बीट सिस्टम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री दीपक झा द्वारा अप्रेल 2020 में जगदलपुर शहर के वार्ड के अनुसार लागू किया गया था। उक्त वार्ड पुलिस अधिकारियों के द्वारा कई आपराधिक मामलों का खुलाशा किया गया एवं अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया गया है। साथ ही आम जनमानस के मध्य पुलिस की बेहतर एवं पारदर्शी छबि उभरकर सामने आयी है।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद और खदान मजदूर संघ भिलाई के महामंत्री एम पी सिंग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि महारत्न कंपनी सेल में कर्मचारियों का वेतन समझौता विगत 54 महीनों से लंबित है। सेल प्रबंधन द्वारा इस लंबित वेतन समझौते में कर्मचारियों के साथ खुले तौर पर भेद भाव किया जा रहा है। सेल प्रबंधन के इस कपटपूर्ण और भेद भाव भरी नीति के कारण कर्मचारियों का वेतन समझौता नहीं हो पा रहा है। प्रबंधन के इस भेद भाव पूर्ण और कपट रवैये से त्रस्त होकर विगत दिनों सेल के सभी यूनिट में एनजेसीएस एवं नॉन एनजेसीएस यूनियन द्वारा 30 जून 2021 को सम्पूर्ण सेल में हड़ताल का आह्वान किया गया जिसे कर्मचारियों द्वारा खुलकर समर्थन मिला एवं उक्त हड़ताल ऐतिहासिक रूप से सफल रही।
हड़ताल की सफलता से एक तरफ जहाँ कर्मचारियों एवं श्रम संगठनों के नेताओं में खुशी व्यापत है वहीँ दूसरी तरफ सेल प्रबंधन के अधिकारीगण इस सफलता से परेशान होकर उलूल जुलूल बयानबाजी और हरकत करने पर उतर गए हैं। इसका जीता जागता उदाहरण सेल के विभिन्न इकाईओं के अधिकारी संगठन एवं सेफी संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दिया जा रहा बयान एवं विभिन्न स्तरों पर उनके द्वारा की जा रही बेतुके पत्राचार हैं। सेफी पदाधिकारियों द्वारा कभी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को तो कभी दुर्ग जिला कलेक्टर को तो कभी केंद्रीय इस्पात मंत्री को तो कभी देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उलूल जुलूल तथ्यों के आधार पर गुमराह करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है जिसका भारतीय मजदूर संघ घोर निंदा करता है और इसे स्पष्ट रूप से सेल में कार्यरत अधिकारीयों और कर्मचारियों के बीच नफरत की दीवार खड़ा करने का प्रयास करार देता है।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए भा.म.सं. बालोद के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद और खदान मजदूर संघ भिलाई के महामंत्री एम.पी.सिंह ने बताया कि हड़ताल की सफलता को देखकर सेल अधिकारीयों के पसीने छूटने लग गए हैं। उन्हें अब यह लगने लगा है कि इस सफलता के वजह से अगर कर्मियों की मांग मान ली जाती है और 15ः . 35ः अथवा उसके नजदीक पहुँचते हुए सेल प्रबंधन कर्मचारियों का वेतन समझौता संपन्न कर देता है तो उससे उन्हें केक का वो बड़ा हिस्सा नहीं मिलेगा जिसकी आशा लगाकर वे बैठे हुए थे। अतएव अब संभवतः सेल प्रबंधन के इशारे पर अधिकारी संगठन इस तरह की नफरत फैलाने वाली हरकत करना शुरू कर दिया है। 30 जून 2021 को भिलाई में कर्मियों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से हड़ताल किया जा रहा था और लगभग सभी कर्मचारियों द्वारा स्वस्फूर्त होकर उस हड़ताल का समर्थन किया जा रहा था। हड़ताल की सफलता से उद्द्वेलित होकर बीएसपी प्रबंधन ने रात में कपटपूर्ण तरीके से कर्मियों को गेट के अंदर घुसाने का प्रयास किया। हड़ताली कर्मियों को कहा गया कि बस में पुलिस फोर्स है जबकि पुलिस फोर्स की आड़ लेकर कपटपूर्ण तरीके से कर्मियों को अंदर ले जाने का प्रयास किया गया जिसके पकडे जाने पर स्थिति गरम हो गयी।
अपने बिरादरी के इस कुकृत्य को छुपाते हुए सेफी अध्यक्ष ने इस घटना को आधार बनाकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया जिसमे कहा गया की हड़ताल करने वाले श्रम संगठन एवं कर्मचारियों द्वारा नगर में शांति व्यवस्था भंग की जा रही है अतः हड़ताली कर्मियों के विरुद्ध कानूनी कारवाई की जावे। उसके उपरान्त उनके द्वारा इस्पात मंत्रालय एवं माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह कहा गया कि कर्मचारियों द्वारा 15ः एमजीबी और 35ः पर्क्स की मांग पूर्णतः गलत है क्योंकि कर्मचारी केवल आठ घंटे ड्यूटी करते हैं जबकि कानूनी तौर पर अधिकारीयों की ड्यूटी 24 घंटे रहती है।
अपने बिरादरी के इस कुकृत्य को छुपाते हुए सेफी अध्यक्ष ने इस घटना को आधार बनाकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया जिसमे कहा गया की हड़ताल करने वाले श्रम संगठन एवं कर्मचारियों द्वारा नगर में शांति व्यवस्था भंग की जा रही है अतः हड़ताली कर्मियों के विरुद्ध कानूनी कारवाई की जावे। उसके उपरान्त उनके द्वारा इस्पात मंत्रालय एवं माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह कहा गया कि कर्मचारियों द्वारा 15ः एमजीबी और 35ः पर्क्स की मांग पूर्णतः गलत है क्योंकि कर्मचारी केवल आठ घंटे ड्यूटी करते हैं जबकि कानूनी तौर पर अधिकारीयों की ड्यूटी 24 घंटे रहती है।
संघ ने सेफी अध्यक्ष के इस कृत्य की निंदा करते हुए उनसे पुछा है कि ऐसा कौन सा अधिकारी है जो पूरे 24 घंटे ड्यूटी करता है? और ऐसा कौन सा कर्मचारी है जो मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर अपने आठ घंटे के ड्यूटी के बाद भी काम करने से इंकार करता है? सेफी अध्यक्ष का यह कहना दुर्भाग्यपूर्ण है और अधिकारिओं एवं कर्मचारियों के बीच नफरत की दीवार खड़ा करने का एक कुत्सित प्रयास है। इसके अलावा सेफी अध्यक्ष का यह कहना कि अधिकारी होने के नाते उनपर कंपनी के उत्थान की अधिक जवाबदारी है अतएव उन्हें केक का बड़ा हिस्सा दिया जावे एक हास्यास्पद कथन है। इस सम्बन्ध में संघ के तरफ से दोनों पदाधिकारियों ने यह सवाल पुछा कि अगर सचमुच में अधिकारी यह सोचते हैं कि उनके ऊपर सेल को लाभ में लाने की जिम्मेदारी अधिक है तो क्यों सेफी अध्यक्ष के नाक के नीचे बीएसपी प्रबंधन के कुछ अधिकारी खुले आम भ्रष्टाचार कर रहे हैं? क्यों सेल का एक्सपेंशन प्रोग्राम अभी तक पूर्ण रूप से पूरा नहीं हो पाया है? इससे साफ हो जाता है कि अधिकारीयों की जिम्मेदारी केवल भ्रष्टाचार बढा़ने और उसके मार्फत अपनी कमाई करने की है और इस लिहाज से सभी दोषी अधिकारी कर्मियों के गुनहगार हैं क्योंकि उनके द्वारा की जा रही काली कमाई उनकी अपनी निजी संपत्ति नहीं है बल्कि अधिकारियों की काली कमाई की एक एक पाई कर्मचारियों के मेहनत की गाढ़ी कमाई है जिसे ये अधिकारी अपना मानकर भ्रष्ट तरीके से गबन करने में लगे हुए हैं। जिसका ताजा उदाहरण बोकारो, भिलाई और राजहरा खदान में देखने को मिला है। ऐसे में सेफी अध्यक्ष का कथन यह साबित करता है कि सेल में अधिकारियों की जवाबदारी भ्रष्टाचार को संरक्षण देना है जिसे अधिकारीगण पूरे तन्मयता के साथ निभा रहे हैं और सेफी अध्यक्ष अपने इस दुर्भाग्यपूर्ण कथन से अधिकारियों के इस भ्रष्ट आचरण का समर्थन करते हैं।
पदाधिकारीद्वय ने कहा कि उनके पास ऐसे कई सबूत हैं जो यह साबित करते हैं कि बीएसपी प्रबंधन के अधिकारीगण भ्रष्ट तरीके से कमाई करने और भ्रष्टाचार करने वाले को पूर्ण संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि अगर सेफी अध्यक्ष यह मानते हैं कि कंपनी के उत्थान में केवल अधिकारियों का ही हाथ है तो वे इस बात का जवाब देवें कि 30 जून को हड़ताल में अधिकारियों द्वारा प्लांट अथवा खदान में उत्पादन क्यों नहीं किया गया? क्यों अधिकांश इकाइयों में महत्वपूर्ण यूनिट्स को केवल जिन्दा रखा गया और उत्पादन नहीं किया गया? इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि काम कर्मचारी करता है और कर्मचारियों के मेहनत के बदौलत ही कंपनी लाभ अर्जित करती है। विगत दो दशकों में मैनपावर में निरंतर कमी के बावजूद सेल के उत्पादन और उत्पादकता में जो वृद्धि हुई है वह केवल कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है वर्ना अधिकारियों के भ्रष्टाचार से सेल कंपनी कब का बीआईएफआर घोषित हो चुकी होती। अंत में उन्होंने पुनः सेफी अध्यक्ष के प्रयास को कुत्सित करार देते हुए कहा कि अब संघ भी सेल में हो रहे भ्रष्टाचार को सबूतों के साथ माननीय इस्पात मंत्री एवं माननीय प्रधानमंत्री के सामने रखते हुए दोषी अधिकारियों पर समुचित कारवाई करने की मांग करेगा और साथ ही कुछ अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच की मांग करेगा, क्योंकि संघ को ऐसी जानकारी मिली है कि सेल के कुछ अधिकारी सेल से निकाले जाने वाले ठेकों में ठेकेदार के साथ मिलकर खुद पैसा लगा रहे हैं और खुल कर भ्रष्टाचार करने में लगे हैं।साथ ही सेल के सभी अधिकारियों की जवाबदारी लिखित रूप से तय करने की मांग करेगा ताकि किसी भी तरह की भ्रष्टाचार होने पर सम्बंधित अधिकारी पर समुचित कानूनी कारवाई की जा सके।
जगदलपुर। खरीफ सीजन के लिए बस्तर अंचल में जितनी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता है उसकी तुलना में 50 फीसदी उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पाया है। खाद की किल्लत से किसान हलाकान है और दर्जनों ऐसे किसान है जो दिगर प्रांतों से खाद की व्यवस्था कर कृषि कार्य करने में जुट गये है।
ज्ञातव्य हो कि बस्तर अंचल में खरीफ सीजन के लिए प्रयाप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसान हलकान परेशान है। संयुक्त संचालक बस्तर संभाग के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यूरिया का 50 हजार 8 सौ मिट्रीक टन की आवश्यकता है जिसके एवज में जून तक बस्तर के विभिन्न जिलों में सहकारी एवं निजी खाद विक्रेता के माध्यम से 14 हजार 5 सौ मिट्रीक टन खाद उपलब्ध कराया जा सका है जिसमें सहकारिता के माध्यम से 8170 टन तो वही निजी विक्रेता से 6335 टन उपलब्ध हो पाया है। युरिया औसतन 30 फिसदी ही किसानों को उपलब्ध हो सका है।
डीएसपी 35 हजार 7 सौ टन की आवश्यकता की तुलना में 10 हजार 5 सौ मिट्रीक टन ही उपलब्ध कराया गया है जिसमें सहकारिता के माध्यम से 7274 टन निजी विक्रेताओं के द्वारा 3323 जो महज 32 फीसदी उपलब्ध कराया जा सका है। एएसपी की जहां 9 हजार मेट्रिक टन की आवश्यकता है वहां 4 हजार 9 सौ टन उपलब्ध कराया जा सका हे। एओपी 11680 टन की आवश्यकता की तुलना में 4156 टन उपलब्ध हो सका है।
बस्तर अंचल के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर कांकर कोण्डागांव एवं नारायणपुर जिले में उर्वरक की किल्लत से किसान हलाकान परेशान है। रोजाना लेम्पस के चक्कर लगाते फिर रहे है लेकिन किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
उर्वरक उपलब्ध कराने का प्रयास जारी: बस्तर संभाग के कृषि विभाग के संयुक्त संचालक एमएस ध्रुव ने भी उर्वरक की कमी होने की बात स्वीकारी है। उन्होंने कहा कि उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद विक्रेता के बड़े कारोबायों को भी हिदायत दी गई है कि बिना लायसेंसधारको को खाद न बेंचे अगर ऐसा पाया जाता है तो कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी।
जनसंपर्क के दूसरे दिन विधानसभा क्षेत्र के आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में जनसंपर्क कर लाखों रुपए के कार्यों का शिलान्यास किया |
ग्राम पंचायत बिरिंगपाल में मां हिंगलाज की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की जहां ग्रामीणों द्वारा उनसे माता हिंगलाज के मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग की गई जिसपर उन्होंने अतिशिध्र जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया |
ग्राम पंचायत आसना के जलनी माता मंदिर में माता के दर्शन कर कोरोना वायरस महामारी से क्षेत्र की रक्षा करने की कामना की |
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन अपने जनसंपर्क अभियान के दूसरे दिन भी आज लगातार आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का दौरा किया जिसमें उन्होंने ग्राम बिरिंगपाल ,घाटपदमूर,कालीपुर,तितिरगांव,बालीकोंटा एवं आसाना ग्राम पंचायतों में जनसंपर्क किया एवं ग्राम पंचायत घाटपदमूर में छात्रावास से जोगा घर तक 200 मीटर नाली निर्माण लागत 5 लाख , प्राथमिक शाला से हरिवंश घर तक 300 मीटर नाली निर्माण लागत 6.65 लाख एवं मुख्य मार्ग से कमलु दुकान तक 200 मीटर नाली निर्माण लागत 4.45 लाख इसके अलावा ग्राम पंचायत आसना के छेपडागुडा पारा के मुख्य मार्ग से बाबूलाल के घर तक सीसी रोड निर्माण लागत 7 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया |
ग्राम पंचायत बालीकोंटा में राशन दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया एवं शासन द्वारा दी जा रही राहत सामग्री को नियमित तथा बिना किसी अनियमितता के प्रदान करने के निर्देश दिए एवं मितानिनों से भेंट कर वर्तमान कोरोनावायरस संक्रमण काल में अधिक से अधिक लोगों की जांच कर संक्रमण की रोकथाम के निर्देश दिए एवं उनके कार्य की सराहना की |
अपने जनसंपर्क अभियान के तहत लोगों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की मंशा अनुरूप अंतिम से अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहा हूं तथा आपके सुख दुख में लगातार सम्मिलित हूं मैं आपके लिए सदैव उपलब्ध हूं तथा जब भी आपको कोई भी परेशानी हो आप मुझसे आधी रात को भी संपर्क कर सकते हैं |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमु उपाध्याय,घाटपदमूर सरपंच लखीधर बघेल,उमेश सेठिया,तिलक यादव ,अस्ता राम,सचिव रतन कश्यप, कुमारी अनिता ,कालिपुर में सरपंच खगेश्वर गोयल,त्रीनाथ बेलसरिया,खीरमनी कश्यप तितिरगांव में खीरमनी उपेन्द्र जोशी एवं भोजराज ग्राम बालीकोंटा में फूलमती कश्यप,दलो बघेल,दयालू,खगेश्वरी,जानकी,श्रीधर बघेल एवं ग्राम पंचायत आसना में जनपद सदस्य रितु पाढी सरपंच प्रवीण देहारी,कुंज बिहारी पानीग्राही,उप सरपंच रामनाथ रोहित पानीग्राही,कुशल ठाकुर,विशाल खंबारी हरीकिशन पानीग्राही,दिनेश यादव, शैलेन्द्र जोशी, बसंती देहारी सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वाय के पटेल उपस्थित रहे |
आज जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा के कांग्रेस भवन में प्रभारी मंत्री कवासी लखमा जी के आगमन पर बैठक रखा गया जहाँ बस्तर सांसद दीपक बैज व विधायक देवती कर्मा व विधायक विक्रम मंडावी के मौजूदगी में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व समस्त मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्षों का शाल व श्रीफल से सम्मान किया गया |
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा,औषधि बोर्ड के उपाध्यक्ष छविंद्र कर्मा,जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अवधेश गौतम,वरिष्ठ कांग्रेसी व पूर्व अध्यक्ष विमल सुराना,जिला पंचायत सदस्य नीना रावतीया,वरिष्ठ कांग्रेसी शकील रिजवी,सत्तार अली,के पी पापाचन्द,सुलोचना वट्टी,युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विमल सलाम,साँसद प्रतिनिधि वीरेंद्र ठाकुर,प्रवीण राणा उपस्थित रहे।
जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा,घुरवा व बाड़ी योजना के प्रचार-प्रसार शासन स्तर पर किये जा रहे है। इन दिनों खेती-किसानी का समय चल रहा है किंतु कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी व कर्मचारीगण खेतों तक नहीं पहुंच रहें हैं जिसके कारण किसानों को कई प्रकार की समस्यायों से जुझना पड़ रहा है। बारिश के शुरुआत में बाड़ी योजना अंतर्गत उधान विभाग द्वारा फलदार पौधा वितरित करते हैं और साथ ही सब्जी कीट दिया जाता है किन्तु यह विभाग उदासीन बना हुआ है। वहीं कृषि विभाग द्वारा खाद,बीज की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं। इस कारण किसानों को बाड़ी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है और इसके साथ ही कृषि विभाग की तकनीकी जानकारियां भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। कृषि व उधानिकी विभाग ने ग्रामीण विस्तार अधिकारियों की नियुक्ति की है किंतु लालटेन लेकर ढुंढना किसानों की मजबूरी बन गई है।
यू तो नारायणपुर का स्वास्थ्य विभाग हमेशा सुर्खियों में रहता है अपनी लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पर इस बार अपनी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सुर्खियां बटोर रहा है ज्ञात हो कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा पदों की भर्ती हेतु जुलाई 2019 को 36 विभिन्न विभिन्न पदों पर वाक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से चयन हेतु विभाग द्वारा विज्ञापन जारी किया गया था और अगस्त एवं सितंबर माह में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई थी पर जब भर्ती प्रक्रिया को लेकर कुछ अभ्यर्थियों में असंतोष था उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत विभाग से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजो की जानकारी मांगी गई जब विभाग द्वारा दिए गए दस्तावेजों का अध्ययन किया गया तो पता चला की विभाग में कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों की पत्नियों को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के माध्यम से पात्र कर चयन सूची में डाला गया और भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण की गई है अधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को भर्ती करने सभी नियमों को ताक में रख कर फायदा पहुचाया गया है। विभाग के अधिकारियों एवं चयन समिति के सदस्यों ने भ्रष्टाचार करके जो पात्र अभ्यर्थी थे उनको अपात्र करके और जो अपात्र अभ्यर्थियों को धांधली कर नौकरी दी गई है।भर्ती प्रक्रिया में खुल के भ्रष्टाचार का खेल चला है विभाग में पहले से सेवा दे रहे कर्मचारियों के परिजनों को फर्जी तरीके से भर्ती करने का खेल खेला गया है स्थानीय लोगो को दर किनार कर फर्जी दस्तावेज के जरिये स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के परिजनों को नॉकरी दी जा रही हैं। अब आगे देखना है कि प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।
नारायणपुर जिले के अतिसंवेदनशील क्षेत्र सोनपुर में शिक्षा की अलख जगाने वाले प्राथमिक शाला सोनपुर में 37 वर्षो से पदस्थ शिक्षक रंजीत धनेलिया के सेवानिवृत होने पर पूर्व शिक्षामंत्री केदार कश्यप ने उनका साल श्रीफल भेट कर सम्मान किया।इस दौरान केदार कश्यप ने कहा की जिन विपरीत परिस्थितियो मे आपने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया वो सराहनीय है। बच्चो को शिक्षा के प्रति जागरूक कर उन्हें पढ़-लिखकर अच्छा इंसान बनाने का ज्ञान देने के साथ ही खेल व संगीत के क्षेत्र मे भी आपने लगातार मेहनत की जिसका परिणाम है की यंहा के पढ़ने वाले बच्चे आज शासकीय सेवा सहित अन्य क्षेत्र मे भी अपनी सेवायें दे रहे है। वही धनेलिया सर ने भी अपने अनुभव को साझा करते हुये कहा की सोनपुर में पदस्थापना हुई तब मेरे सामने कई चुनौतिया थी उसके बावजूद मैने गांव वालो के सहयोग से शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर जारी रखने के लिए एक शिक्षक के नाते कार्य किया और आज 37 साल की सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुआ आगे भी मै निरंतर शिक्षा के साथ साथ खेल व संगीत को आगे बढ़ाने के लिए अपना योगदान देता रहूंगा ।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष बृजमोहन देवांगन,जिलापंचायत सदस्य प्रताप मंडावी,मंगडू नूरेटी,संदीप झा,संतोष नूरेटी,सुरेश वड्ड़े सहित ग्रामिणजन मौजूद थे।