रायपुर मई की तपती दोपहरी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब राज्यभर में 90 विधानसभा क्षेत्रों में दौरे के लिए जाएंगे तो वे पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। सबसे पहले वे राज्य सरकार की योजनाओं और कियान्वयन के बारे में विधानसभावार जानकारी जुटाएंगे। स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों से पूरा फीडबैक लेने के बाद विधानसभा क्षेत्र में जाकर हालात देखेंगे। जनता से सीधे संपर्क करेंगे और संबंधित जिला मुख्यालय में समीक्षा करेंगे।
छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्याें का फीडबैक लेने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिलाें और विधानसभावार समीक्षा की रणनीति बनाई है। वे मंत्रियों के विभागों के कामकाज और विधायकों के साथ बैठक कर उनके क्षेत्र में विकास कार्याें और परफार्मेंस की जानकारी लेंगे। राज्य में 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। गर्मी के दौरान मुख्यमंत्री जिलों का दौरा कर वहां पर सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में कमी, स्थिति और वहां की समस्याओं के बारे में जानकारी लेंगे। यह दौरा पहले अप्रैल माह के अंत में होना था। अब मुख्यमंत्री इसे मई माह के आरंभ से शुरू करेंगे। जिला स्तर पर हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुंचकर वहां पर योजनाओं की समीक्षा और किए जा रहे कार्यों के अलावा आम जनता से भी रूबरू होंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर उनके क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की जानकारी लेंगे। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री बस्तर क्षेत्र से इस दौरे की शुरुआत कर सकते हैं।
विधायकों की लेंगे बैठक
मुख्यमंत्री अपने प्रदेशव्यापी दौरे से पूर्व कांग्रेस विधायक दल की बैठक में योजनाओं को लेकर चल रहे कार्याें का फीडबैक लेंगे। उन क्षेत्रों में स्वीकृत कार्य की प्रगति को लेकर चर्चा की जाएगी। वहां स्वीकृत किए जाने वाले कार्याें का लोकार्पण और अन्य कार्यक्रम तय किए जाएंगे। जिले के प्रभारी मंत्री भी इस दौरान वहां रहेंगे।
इन योजनाओं की होगी समीक्षा
सरकार की प्राथमिकता वाली सभी योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी ली जाएगी। जल जीवन मिशन, सी-मार्ट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शालाओं में शौचालयों का निर्माण, ग्रामीण औद्योगिक पार्क, ग्रामीण आजीविका मिशन, गोधन न्याय योजना, ग्रामीण हाट-बाजार क्लीनिक सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की फील्ड में जानकारी लेंगे।
नारायणपुर– नगर के हृदय स्थल में स्थित शहर के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान मानसरोवर में आज अचानक भरी दोपहर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिसके बाद दुकान में काम करने वाले लगभग 70 कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और काफी जद्दोजहद के बाद कर्मचारियों को बाहर निकाला जा सका। वही मानसरोवर के संचालक विनोद बाफना को उनके तीन साथियों के साथ बिल्डिंग के पीछे से शहर वासियों के द्वारा सीढ़ी लगाकर किसी तरह नीचे उतारा गया, परंतु मानसरोवर के मैनेजर जिनका नाम ज्ञानेंद्र बताया जा रहा है,उन्हें खबर लिखे जाने तक घटना के 5 घंटे के बाद भी नहीं निकाला जा सका। इस अग्निकांड में करोड़ों का माल जलकर खाक हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो अग्निशमन की पूरी टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में लगभग 1 घंटे का समय लग गया, तब तक पूरे प्रतिष्ठान में आग फैल चुकी थी। अग्निशमन गाड़ियों के पहुंचने के बाद जब आग पर काबू पाने की कोशिश की जाने लगी, तब एक अग्निशमन यंत्र खराब निकला। जिससे आग में काबू पाने में और देरी हुई। कोंडागांव जिले से मंगाई गई अग्निशमन टीम के काफी प्रयास के बाद आग पर बमुश्किल काबू पाया गया। इस घटना के बाद नगर की जनता में प्रशासन के सुस्त रवैये को लेकर रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है,कि इतने बड़े शहर में मात्र दो ही अग्निशमन यंत्र हैं और इन दोनों में से एक का खराब होना नारायणपुर की प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
भारी मतदान पर मुख्यमंत्री ने जताई खुशी, सरकार के कार्य और जिला बनाने के मुद्दा प्रमुख
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खैरागढ़ उपचुनाव को लेकर जीत का दावा किया है। उन्होंने भारी मतदान पर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग बढ़-चढ़ कर मतदान कर रहे हैं। परिणाम बेहतर होंगे। सरकार के कार्य और जिला बनाने के मुद्दे है। उन्होंने कहा, कांग्रेस भारी बहुमत से जीत रही है। शाम होते-होते 80 प्रतिशत से ऊपर मतदान के आंकड़े सामने आएंगे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज सूरजपुर जिले के दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से खैरागढ़ में चुनावी मुद्दे पर कहा, हमने तो केवल अपील की है। आप लोगों ने तो चर्चा की है। फीडबैक जो सामने आ रहे हैं, उससे काफी उत्साह है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मतदान केंद्र पहुंच रहे हैं। मेहनत करना हमारा काम और समीक्षा करना आपका काम है। 2023 में भी इसका परिणाम दिखेगा। जो कार्य किए जा रहे हैं उस पर परिणाम मिलेगा। कार्यकर्ता की ओर से मेहनत किया गया है, परिणाम जरूर हमारे पक्ष में आएंगे।
न्यायालय का आदेश स्वागत योग्य
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह को आय से अधिक संपत्ति के मामले पर नोटिस दिए जाने पर कहा, हम लोग लगातार आरोप लगाते रहे है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जो आदेश दिया है वह स्वागत योग्य है।
बिजली के आंकड़े की जानकारी नहीं
नीति आयोग के रिपोर्ट में बिजली व्यवस्था में छत्तीसगढ़ के पीछे रहने पर कहा, पता नहीं यह आंकड़े किस प्रकार के हैं। भारत सरकार के आंकड़े में हमें पहले ही सम्मान मिला है, इन आंकड़ों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
हाथियों से बचने मुनादी
धमतरी में हाथियों गांवों में आने के बाद हुई मौत पर मुख्यमंत्री ने कहा, गर्मी के दिन में महुआ का सीजन होता है। हाथी महुआ खाने के पश्चात मदमस्त हो जाता है। मदमस्त होने के बाद ऐसी घटना हो जाती है। लोगों से तो यही अपील की गई है कि जिधर से हाथी गुजर रहे है, उधर न जाए्ं। उनके भ्रमण वाले क्षेत्रों में पहले ही हम लोग मुनादी करा देते हैं। फिर भी लोग लापरवाही करते है लोग उससे बचना चाहिए।
दल्ली राजहरा नगर के वार्ड क्रमांक-25 सब्जी मार्केट निवासी दिनेश चिकवा,मनोज पिपरे और वार्ड क्रमांक-20 निवासी खिलावन दास नामक व्यक्ति दल्ली राजहरा नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है इनके द्वारा धड़ल्ले से सट्टे का अवैध कारोबार किया जा रहा है। उक्त मामले पर हिन्द सेना(युवा ब्रिगेड) के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष रामटेके ने जिला पुलिस अधीक्षक गोवर्धन ठाकुर से मुलाकात कर लिखित शिकायत किया है।
सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि दल्ली राजहरा शहर के दिनेश चिकवा,खिलावन दास,मनोज पिपरे के द्वारा कई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं तथा उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध थाना राजहरा द्वारा कई आपराधिक गतिविधियों को विराम ना देकर राजहरा शहर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अशांति का माहौल उत्पन्न कर दिये हैं। दिनेश चिकवा,खिलावन दास और मनोज पिपरे के भय के कारण शहरी और ग्रामीणों के द्वारा कोई रिपोर्ट थाना में दर्ज नही करते हैं जिससे उक्त क्षेत्रों में शांति का माहौल नहीं बन पा रहा है।
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दिनेश चिकवा के द्वारा दल्ली राजहरा क्षेत्र औऱ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को डराया और धमकाया जाता है कि मेरा कोई कुछ नही कर सकता है मेरा पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों और बड़े नेताओं से जान पहचान है। दल्ली राजहरा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र खलारी,घोटिया,बम्हनी,चिखली,पचेड़ा में अंको का खेल सट्टे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है इस सामाजिक बुराई वाले धंधे में बुजुर्ग सहित युवा वर्ग अपनी मेहनत की सारी कमाई को दांव पर लगा रहे हैं जिसके कारण घर मे पारिवारिक कलह बढ़ गई है इन तीनो बड़े खाईवालों के संरक्षण में खुलेआम सट्टा का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। इन तीनो खाईवालों को कानून का कोई ख़ौफ़ नही है इसलिए दल्ली राजहरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सट्टा का कारोबार खुलेआम चल रहा है और ये तीनो खाईवाल दल्ली राजहरा में खुलेआम घूम रहे है जिनपर कोई कानूनी कार्यवाही नही किया जा रहा है। इन तीनों खाईवालों दिनेश लाला, खिलावन दास और मनोज पिपरे पर उचित कार्यवाही किये जाने का मांग किया गया है।
न्यायालय मुकेश कुमार पात्रे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), बालोद (छ.ग.) द्वारा आरोपी नीलकरण टण्डन उर्फ चिंगु पिता बद्री टण्डन, उम्र 20 वर्ष, निवासी रनचिरई थाना रनचिरई, जिला बालोद (छ.ग.) को भा.द.सं. की धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास, भा.दं.सं. की धारा 366 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व भा.दं.सं. की धारा 376 एवं पॉक्सो की धारा 6 के आरोप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 6,500 /- रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो), छन्नू लाल साहू के अनुसार शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता – पीड़िता की माता है,
जो एक गांव में अपने परिवार के साथ निवास करती है, जिसकी नाबालिग पुत्री 14 जून .2019 को शाम के करीब 6:30 बजे घर से बिना बताये कहीं चली गई, किंतु वापस नहीं आयी, जिसे वह आस-पड़ोस एवं रिश्तेदारों के घर पीड़िता की पता तलाश की, किंतु कोई पता नहीं चला, कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया।. जिसके संबंध में थाना रनचिरई में जाकर पीड़िता के गुम जाने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। मौखिक रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क. 38 / 2019 अंतर्गत धारा 363 के तहत् प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। 18 जून.2019 को 5 बजे पीड़िता को उसके पिता द्वारा थाना रनचिरई लाने पर उसका बरामदगी पंचनामा गवाहों के समक्ष तैयार किया गया। पीड़िता द्वारा यह कथन किया गया कि नीलकरण उसे धमकी देकर अंकसूची, आधार कार्ड व ए. टी.एम. को लाने कहा था,
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तब पीड़िता डर के कारण अंकसूची आधार कार्ड व ए.टी.एम. लेकर ग्राम भांठा गई जहां पर अभियुक्त अपने मोटर सायकल से उसे उतई ले गया, जहां पर एक होटल मे एक रात रूके और उसके साथ बलात्कार किया। दूसरे दिन बस में दुर्ग रेल्वे स्टेशन ले गया, जहां पर भी अभियुक्त एक होटल में उसके साथ बलात्कार किया। 16 जून.2019 अभियुक्त उसे दुर्ग से डोंगरगढ ट्रेन से ले गया, जहां किराये से घर लेकर उसे एक दिन एक रात रखा और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया था तथा 17 जून 2019 को वापस दुर्ग लाये। फिर 18 जून 2019 को दुर्ग से सेलूद लेकर आया, जहां पर होटल में नाश्ता कर रहे थे तभी अभियुक्त के पिता ने उन लोगों को साथ में देख लिया। उसके बाद अभियुक्त उसे वहां छोड़कर भाग गया। उसके बाद उसे अभियुक्त के पिता थाना रनचिरई लेकर लाये हैं। तत्पश्चात् सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां पर विचारण न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के कथनों के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।न्यायालय मुकेश कुमार पात्रे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), बालोद (छ.ग.) द्वारा आरोपी नीलकरण टण्डन उर्फ चिंगु पिता बद्री टण्डन, उम्र 20 वर्ष, निवासी रनचिरई थाना रनचिरई, जिला बालोद (छ.ग.) को भा.द.सं. की धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास, भा.दं.सं. की धारा 366 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व भा.दं.सं. की धारा 376 एवं पॉक्सो की धारा 6 के आरोप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 6,500 /- रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो), छन्नू लाल साहू के अनुसार शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता – पीड़िता की माता है, जो एक गांव में अपने परिवार के साथ निवास करती है, जिसकी नाबालिग पुत्री 14 जून .2019 को शाम के करीब 6:30 बजे घर से बिना बताये कहीं चली गई, किंतु वापस नहीं आयी,
जिसे वह आस-पड़ोस एवं रिश्तेदारों के घर पीड़िता की पता तलाश की, किंतु कोई पता नहीं चला, कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया।. जिसके संबंध में थाना रनचिरई में जाकर पीड़िता के गुम जाने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। मौखिक रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क. 38 / 2019 अंतर्गत धारा 363 के तहत् प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। 18 जून.2019 को 5 बजे पीड़िता को उसके पिता द्वारा थाना रनचिरई लाने पर उसका बरामदगी पंचनामा गवाहों के समक्ष तैयार किया गया। पीड़िता द्वारा यह कथन किया गया कि नीलकरण उसे धमकी देकर अंकसूची, आधार कार्ड व ए. टी.एम. को लाने कहा था, तब पीड़िता डर के कारण अंकसूची आधार कार्ड व ए.टी.एम. लेकर ग्राम भांठा गई जहां पर अभियुक्त अपने मोटर सायकल से उसे उतई ले गया, जहां पर एक होटल मे एक रात रूके और उसके साथ बलात्कार किया। दूसरे दिन बस में दुर्ग रेल्वे स्टेशन ले गया, जहां पर भी अभियुक्त एक होटल में उसके साथ बलात्कार किया। 16 जून.2019 अभियुक्त उसे दुर्ग से डोंगरगढ ट्रेन से ले गया, जहां किराये से घर लेकर उसे एक दिन एक रात रखा और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया था तथा 17 जून 2019 को वापस दुर्ग लाये। फिर 18 जून 2019 को दुर्ग से सेलूद लेकर आया, जहां पर होटल में नाश्ता कर रहे थे तभी अभियुक्त के पिता ने उन लोगों को साथ में देख लिया। उसके बाद अभियुक्त उसे वहां छोड़कर भाग गया। उसके बाद उसे अभियुक्त के पिता थाना रनचिरई लेकर लाये हैं। तत्पश्चात् सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां पर विचारण न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के कथनों के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
जगदलपुर 11/04/22 संयुक्त मोर्चा के बैनर तले लंबित मांगो के समर्थन में तीन दिवसीय अवकाश लेकर कर्मचारी पुराने मंडी प्रांगन में आज दुसरे दिन भी धरने पर डटे रहे | पहले दिन से अधिक कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई | कर्मचारियों के आन्दोलन से कार्यालय एवं स्कूलों में उपस्थिति हो रहा है वहीँ जिले भर के अस्पतालों के व्यवस्था चरमरा गई है | अपनी दो प्रमुख मांगों जिसके DA का बकाया 17% एवं नए वेतनमान के अनुसार HRA देने के साथ अन्य 28 मांगो के समर्थन में कर्मचारी आन्दोलनरत है |
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी महासंघ बस्तर जिले का संयुक्त मोर्चा तीन दिवसीय आन्दोलन के उपरांत भी शासन द्वारा मांग नहीं मानने पर आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन आन्दोलन की रुपरेखा भी बनाई जा रही है |
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी महासंघ बस्तर जिला संयुक्त मोर्चा के संयोजक अजय प्रताप सिंह परिहार ने बताया कि इस आन्दोलन में शिक्षक कांग्रेस, वन कर्मचारी संघ, पेंशन कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, लघुवेतन कर्मचारी संघ, वाहन चालक संघ, लिपिक वर्गीय अधिकारी संघ एवं चिकित्सक एसोसिएशन आदि है |
आज के धरना प्रदर्शन में सतपाल शर्मा, सत्यप्रकाश बाघ, डॉ हर्ष द्विवेदी, रमेश उपाध्याय, भागेन्द्र पाणिग्रही, दिनेश, लक्ष्मी शांडिल्य, राजेंद्र नाथ, रीता ईक्का, बसंत राजपूत, हनुमंत राव, अनिल बडकस, शकील खान, गीतांजलि, कल्याण सिंह, रोजलिन, सावित्री नाग, भिखम लाल साहू, गुजराल, शाहिल, सुनील कश्यप, राजेश, निर्मला ठाकुर, हेमलता साहू आदि उपस्थित थे | कार्यक्रम का सञ्चालन महेंद्र पाण्डेय के द्वारा किया गया |
जनपद सीईओ तोकापाल को नही है जनता के समस्या से सरोकार
तोकापाल जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत 52 ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के साथ जनसभा अध्यक्ष ने घेरा जनपद पंचायत कार्यालय, 52 पंचायतों में पेयजल सेम्पलिंग की मांग
छत्तीसगढ़ / जगदलपुर । तोकापाल विकासखंड के विभिन्न पंचायतों में पेयजल समस्या के निराकरण हेतु जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय् के नेतृत्व में तोकापाल जनपद पंचायत सीईओ की अनुपस्थिति में प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन देकर पेयजल समस्या के निराकरण की मांग की गई है।
गौरतलब है कि देश को स्वतंत्र हुए 75 वर्ष हो चुके हैं, इसी प्रकार पृथक छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 21 वर्ष भी पूर्ण हो चुके हैं। उक्त अवधि में अनेकों प्रशासनिक अधिकारियों / कर्मचारियों को बस्तर ज़िला व वर्तमान तोकापाल विकासखंड में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की जिम्मेदारी रही है। आज पर्यंत तक विकासखंड तोकापाल अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों के मूल निवासी ग्रामीणों को पेय जल की समस्या व्याप्त है। उक्त बातें ग्रामीणों ने जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् को बताई।
52 ग्राम पंचायत के ग्रामीण बोतल में गंदा पानी लेकर पहुंचे जनपद पंचायत
अरुण पाण्डेय् ने मीडिया को बताया कि पेय जल आपूर्ति या तो हैंडपंप के माध्यम से होती है, जिससे अत्यधिक आयरन व अन्य रसायन युक्त लाल पानी निकलती है जोकि स्वाद में प्रतिकूल होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी उचित नही है। विकासखंड तोकापाल अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में जहां मोटर पंप या अन्य माध्यम से पाइपलाइन द्वारा जल आपूर्ति की व्यवस्था है वहां के अनेकों मौहल्ले तक पाइपलाइन नही होने के कारण ग्रामीण दूसरे मौहल्ले से पानी एकत्रित करते आ रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विकासखंड तोकापाल के कई ग्राम पंचायत ऐसे भी हैं जहां वर्तमान समय में भी ग्रामीण झरिया का पानी इस्तेमाल करने मज़बूर हैं।
प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय् के नेतृत्व में सैकड़ो ग्रामीणों ने अलग अलग पंचायत से पानी का सैंपल बोतल में भर कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी तोकापाल से मिलने पहुंचे और शुध्द पेयजल की समस्या के निराकरण के साथ ही साथ सैम्पल की जांच की मांग की।
पंचायतों के पानी की सेम्पलिंग करके प्रशासन बताये पाइन योग्य है या नही – डॉ. अरुण पाण्डेय्
जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आगामी 15 कार्यदिवस के भीतर विकासखंड तोकापाल अंतर्गत आने वाले समस्त ग्राम पंचायतों में पेयजल की समस्त समस्यायों पर ग्राम सचिवों के माध्यम से सर्वे कराकर व्याप्त समस्या के स्थाई निराकरण हेतु प्रयास आरंभ किया नही गया तो समस्त ग्रामीणों के साथ मिल कर बड़ी आंदोलन पेयजल के लिए होगी।
ज्ञापन देने के दौरान जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय् के साथ क्षितज़ छुट्टानी अशरफ़ खान, अजय शेट्टी, सलीम खान, बुधराम बघेल, मोनो सोनी, गितेश्वरी ठाकुर सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहें।
केशकाल तहसील के ग्राम सिंगनपुर निवासी पियाराम पिता-जयलाल हैरान परेशान है बिजली विभाग के द्वारा “एक घर – एक मीटर” का 6 वर्ष पूर्व मृत पिता जयलाल पिता कारिया के नाम से और अपने पियाराम पिता-जयलाल के नाम से आने वाले बिल से पियाराम अपने नाम से आने वाले बिल को दिखाते बताता है कि पिछले छै वर्ष से मै अपने नाम से आने वाले बिल का पैसा पटाते आ रहा हूं ।जिस बिल मे सर्विस क्र 049040 और उपभोक्ता क्र 1002891430 अंकित है।
अपने नाम के बिल के साथ 6वर्ष पहले मुत्यु हो चुके जयलाल पिता कारिया के नाम से अप्रेल 2022 को दिये गये बिल को दिखाते हुऐ बताता है की अभी तक मै अपने नाम से बिल पटा रहा था ,अब बिजली वाले कहते है ये मीटर तुम्हारे पिता के नाम से है और वो ही पूछते है की तुम्हारे नाम का मीटर कंहा है-? तब मै बिजली वालो को बताया की मेरा एक घर और एक ही मीटर है ।जब मीटर मेरे बाप के नाम से था तो मेरे नाम से कैसे बिल बजे भेजकर बिल पैसा लेते रहे और जब मेरे बाप जयलाल को मरे 6साल बीत गया तब अब अचानक उनके नाम से कैसे बिल भेज दिये– ??
इस सवाल का संतोषजनक जवाब बिजली वाले न देकर कहते है कि तूम तो फिलहाल बिल पटा दो नही तो (अर्थात तूम मुसीबत मे आ जाओगे) बिजली विभाग वालों का अजीबोगरीब कारनामा और फिर तुगलकी फरमान समझ से परे है |
बस्तर ब्लॉक के ग्राम करन्दोला (भानपुरी) मे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गरीब परिवार के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्रदाय करने हेतु प्रारम्भ की गयी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम शाला खोलने के लिए छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड एवं नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर जल्द ही करन्दोला मे भी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम शाला प्रारम्भ करने का अनुरोध किया है। बता दें कि बस्तर विकासखण्ड क्षेत्रफल एवं जनसँख्या की दृष्टिकोण से काफी बड़ा है। जिसमें दो विधानसभा बस्तर एवं नारायणपुर शामिल हैं। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँवों की दूरी विकासखण्ड मुख्यालय से 20 से 30 किलोमीटर होता है। जिससे वहां संचालित अंग्रेजी माध्यम शाला मे अपने बच्चों को पढ़ाने मे काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के मांग पर विधायक चंदन कश्यप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अंग्रेज़ी माध्यम शाला प्रारम्भ करने का अनुरोध किया है ताकि इस क्षेत्र के आदिवासी एवं गरीब परिवार के बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम शाला मे पढ़ने का अवसर मिल सके और उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।
रायपुर। विभिन्न विभागों में संचालित होने वाली विवेकाधीन योजनाओं की स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया कोरोनाकाल के समय से बदले जाने के कारण इन योजनाओं के लिए जारी फंड का उपयोग नहीं हो पा रहा है। विवेकाधीन योजनाओं से पंचायतों में सीसी रोड़, निर्मलाघाट, नाली और कई अन्य निर्माण कार्यों की स्वीकृति विभागों द्वारा सीधे दी जाती थी। कोरोना संक्रमण के समय इस प्रक्रिया को बदलकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी की स्वीकृति से ऐसे अति आवश्यक कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि हर साल इसके अंतर्गत 200 करोड़ की राशि मिलती है। पिछले तीन सालों से इसकी स्वीकृति नहीं मिलने से यह राशि लेप्स हो जा रही है।
बताया जाता है कि विवेकाधीन योजनाओं की राशि से विभिन्न विभागों जिनमें आदिम जाति कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत गठित सभी क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, नगरीय अधोसंरचना विकास, श्रम विभाग के अंतर्गत गठित असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण मंडल, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल एवं अन्य मंडलों द्वारा संचालित योजनाओं में कार्य की स्वीकृति नहीं मिल रही है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए वर्ष 2020-21 में प्रशासकीय विभागों द्वारा स्वीकृति देने की नियम प्रक्रिया को बदलकर इसे वित्त विभाग के अधीन करते हुए एक समिति बना दिया गया। समिति द्वारा पिछले तीन सालों से इस मद से एक भी कार्य की स्वीकृति नहीं देने के कारण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। हर साल इस मद से करीब 200 करोड़ की राशि का प्रावधान होता है। वर्ष 2019-20, 2020-21 के दौरान इस मद से कार्य स्वीकृति नहीं हुई। वर्ष 2021-22 में केवल 80 लाख रुपए के कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई।
पंचायतों में नहीं हो रहे कार्य
विवेकाधीन योजनाओं को लेकर जिला पंचायत, जनपद पंचायत और सरपंचों को पंचायत विभाग सीधे राशि स्वीकृत कर फंड जारी कर देते थे। पिछले तीन सालों के दाैरान यहां पर कार्य नहीं हाेने से पंचायत प्रतिनिधियों में भी नाराजगी है। बताया जाता है कि विभागवार अन्य मदों में मिलने वाली राशि हर साल काम नहीं होने के कारण लेप्स हो रही है।
इस साल भी समिति के हवाले
वित्त विभाग ने एक आदेश जारी कर विवेकाधीन योजनाओं की स्वीकृति मुख्य सचिव की अध्यक्षता बनी तीन सदस्यीय कमेटी के हवाले कर दिया है। इसमें वित्त विभाग के एक सदस्य और प्रशासकीय विभाग के सचिव को सदस्य के रूप में रखा गया है। आदेश जारी होने के बाद ऐसे कार्य जिन विभागों में होते हैं वहां अतिआवश्यक होने पर ही कार्य की स्वीकृति मिल सकेगी।